राजस्थान में कार चिपककर हो गई गोल, टुकड़ों में मिली 6 लाशें

जयपुर : राजस्थान के बूंदी जिले में भीषण सड़क हादसा हुआ है। हादसे में अब तक छह लोगों की जान जा चुकी है और तीन अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है।  हादसा तड़के करीब साढ़े चार बजे हुआ। हादसे में कार पूरी तरह से नष्ट हो गई है। कार में सवार लोगों के शव कार को काटकर निकाले गए हैं। मध्यप्रदेश में रहने वाले परिवार को सूचित कर दिया गया है।

बूंदी जिले के हिंडौली मेंं हुए हादसे के बारे में पुलिस ने बताया कि घटना बूंदी टनल से करीब आधा किलोमीटर दूरी पर घटित हुई। एमपी के देवास से नौ लोग खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए आ रहे थे। लेकिन तड़के करीब साढ़े चार बजे कार को ट्रक ने जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार में ही चार लोगों ने दम तोड़ दिया। दो अन्य की बाहर निकालने के दौरान जान चली गई। तीन की हालत बेहद गंभीर है।

मौके पर पहुंची पुलिस ने बताया कि टक्कर के बाद ट्रक चालक फरार है। जिन लोगों की मौत हुई है उनके शव कई हिस्सों में बंट गए हैं। उनके परिवार के लोगों से संपर्क किया गया है। अस्पताल में इलाज चल रहे तीनों की हालत गंभीर है। उल्लेखनीय है कि प्रियदर्शनी एकादशी 14 सितंबर यानी कल थी, साल में एक बार आने वाली इस एकादशी पर खाटू में बड़ा मेला लगता है।

‘भारतीय साहित्य में लोकतंत्र – एक संवाद’ भारतीय भाषा परिषद में आयोजित

कोलकाता : भारतीय भाषा परिषद में ‘भारतीय साहित्य में लोकतंत्र’ – विषय पर एक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन भारतीय भाषा परिषद और सदीनामा प्रकाशन के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय भाषा परिषद की अध्यक्ष डॉ. कुसुम खेमानी के वक्तव्य के साथ हुआ।

उन्होंने कहा कि आज के समय में लोकतंत्र को बचाने के लिए ऐसे लोकतांत्रिक कार्यक्रमों की बहुत ही ज्यादा जरूरत है। इस संवाद कार्यक्रम में शहर के बहुभाषी बुद्धिजीवियों ने शिरकत की। कार्यक्रम में हिंदी, उर्दू, बांग्ला,पंजाबी, गुजराती, राजस्थानी, मैथिली, उड़िया, नेपाली और मगही , दस भाषाओं के वक्ताओं ने अपनी बातें रखीं तदुपरान्त श्रोताओं ने भी उनसे खूब प्रश्न किये।

पंजाबी साहित्य पर बोलते हुए महेंद्र सिंह पुनिया ने कहा कि गुरुनानक, बुल्लेशाह से लेकर पाश तक पंजाबी में लोकतंत्र की लंबी परम्परा रही है। इस परंपरा को उन्होंने कवियों की कविताओं से उदाहरण देकर प्रमाणित किया। गुरदीप सिंह संघा ने पंजाबी में लोकतांत्रिक कविता सुनायी। हिंदी पर पर बोलीं अल्पना सिंह एवं जीतेंद्र जीतांशु।

अजय तिरहुतिया ने मैथिली भाषा पर बोलते हुए ज्योतिश्वर ठाकुर और विधापति के साहित्य से लोकतंत्र के उदाहरण दिए। मैथिली के एक और विद्वान अशोक झा ने कहा कि मैथिल प्रदेश में मनाया जाने वाला छठ पर्व लोकतंत्र का अद्भुत उदाहरण है क्योंकि बांस को काटने और उससे डोरी बनाने वाले लोग निम्न जाति के हैं। उनके हाथ का बना समान छठ करने वाले सभी जातियों (निम्न और उच्च) के लोगों द्वारा उपयोग किया जाता है। उन्होंने विधापति और नागार्जुन की कविताओं के माध्यम से दिखलाया कि किस तरह आज भी मिथिलांचल में लोकतंत्र मौजूद है।
राजस्थानी पर बात करते हुए हिंगलाज दान रतनू ने कहा कि राजस्थानी भाषा के अनेक रूप हैं लेकिन उनके बीच अद्भुद लोकतंत्र स्थापित है।

सौरभ गुप्ता ने ओड़िया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि यहाँ तो लोकतंत्र की इतनी सुंदर व्यवस्था है कि भगवान को भी बुखार लगता है और उनका इलाज भी कई दिनों तक चलता है। कुमार सुशान्त ने मगही भाषा पर बात रखते हुए कहा कि मगही भाषा में लोकतंत्र सदैव विद्यमान रहा है । उन्होंने मगही के कबीर मथुरा प्रसाद नवीन की कविताओं को सुनाते हुए कहा कि कवि को सूखा चना खाना पसंद है, लेकिन संघर्ष छोड़ना नहीं। कवि क्रांति के लिए संघर्ष लोकतंत्र को बचाने के लिए करता है। गुजराती भाषा पर बोलते हुए केयूर मजमुआदार ने कई आयाम खोले।

उर्दू भाषा पर अपनी बात रखते हुए शाहिद फिरोगी ने कहा कि उर्दू तो हमेशा से ही लोकतांत्रिक भाषा रही है। उन्होंने कुछ शेरों-शायरी का उदाहरण देकर अपनी बात को और पुष्ट किया। नेपाली भाषा में नीमा निष्कर्ष ने नेपाली लेखन पर लोकतांत्रिक चर्चा की ।

अंत में भारतीय भाषा परिषद की तरफ से धन्यवाद ज्ञापन अमृता चतुर्वेदी ने दिया और सदीनामा के मुख्य सम्पादक जितेंद्र जितांशु बुद्धिजीवियों को कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए शुक्रिया कहा। इस अवसर पर अनेक प्रतिष्ठित बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।

शिवकुमार लोहिया अखिल भारतीय मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष, प्रकाश किल्ला, प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन से जुड़े हुए, एजाज हसन, हलीम साबिर, शीन एजाज , परवेज, विनीत शर्मा, संपादक राजस्थान पत्रिका, विमला पोद्दार,जगमोहन सिंह खोखर , विनोद यादव, रंजीत भारती , सीताराम अग्रवाल, संजीव गुरुंग ,गोपाल भीत्रकोटि, रामायण धमला ,सुरेश शॉ, देवेंदर कौर ,दिव्या प्रसाद, अज्येंद्र नाथ त्रिवेदी, शकुन त्रिवेदी, अल्पना सिंह, केयूर मजूमुआदार, अहमद रशीद, शंकर जालान,प्रदीप कुमार धानुक, सीमा भावसिहंका, उषा जैन, सरोज झुनझुनवाला,डॉ विभा द्विवेदी, राम नारायण झा, राज जायसवाल, मीनाक्षी सांगानेरिया, सुशीलकांति, मीनाक्षी दत्ताराय आदि।

पानी के लिए जाना पड़ता था कई किलोमीटर दूर, तंग आकर बुजुर्ग ने दे दी जान

जयपुर : राजस्थान के अलवर में पानी कि किल्लत से परेशान होकर बुजुर्ग द्वारा आत्महत्या खबर समाने आई है। मरने वाला रिटायर्ड सीनियर एडवोकेट थे। उनकी उम्र 75 साल थी। रोजाना उन्हें कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा था। पानी की समस्या को लेकर उन्होंने संबंधित विभाग से कई बार शिकायत भी की। आरोप है कि जब कोई समाधान न निकला तो थक-हारकर वकील ने आत्महत्या कर ली।

भारत के कई राज्य इस समय भीषण गर्मी की चपेट में हैं। बीच-बीच में नाममात्र के लिए बारिश जरूर हो रही है। लेकिन गर्मी दोबारा लौट आ रही है। राजस्थान के अलवर में तो गर्मी के साथ-साथ लोग पानी कि किल्लत से भी जूझ रहे हैं।

पानी की किल्लत ऐसी कि एक बुजुर्ग ने इस समस्या का समाधान न मिलने पर सुसाइड ही कर लिया। वह रोजाना दूर-दराज से पानी ला रहे थे ताकि प्यास बुझाई जा सके। लेकिन जब पानी ढोते-ढोते वह परेशान हो गए तो उन्होंने मौत को गले लगा लिया।

नॉनवेज खाने से बीमार हुए लोग, 4 की मौत

उदयपुर : इंगेजमेंट के एक कार्यक्रम में नॉनवेज खाने से राजस्थान के उदयपुर में चार लोगों की मौत हो गई है। हैरानी की बात है कि इनमें से अधिकतर की उम्र 30 से 40 साल है। वहीं करीब 50 से ​अधिक लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। जहां कई लोगों की अभी भी गंभीर स्थिति बताई जा रही है।

राजस्थान के उदयपुर जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है । मंत्री बाबूलाल मरांडी समेत प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी सरकारी अस्पताल में पहुंचे हैं। वहां हेल्थ सिस्टम को अपडेट किया जा रहा है। गंभीर घायलों का इलाज अन्य सीनियर डॉक्टर से करवाया जा रहा है। नजदीक के अस्पतालों से भी डॉक्टर बुलाए गए हैं।

जिले की कोटड़ा थाना पुलिस ने बताया कि सावन क्यारा कस्बे में रहने वाले चतरा राम पारगी कि कल सगाई थी। वधू पक्ष के करीब 100 लोग इस सगाई समारोह में शामिल हुए थे । उसके अलावा वर पक्ष के करीब 100 लोग इस सगाई में मौजूद थे। कल रात को सभी ने साथ में खाना खाया था। उसके बाद वधू पक्ष के लोग उदयपुर में ही स्थित अपने घर चले गए थे।

लेकिन देर रात को उनमें से कई लोगों की तबीयत बिगड़ता शुरू हो गई । उदयपुर से सटे गुजरात राज्य मैं स्थित अस्पतालों में करीब 20 लोग भर्ती हुए हैं । इसके अलावा वर पक्ष के करीब 30 लोग उदयपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं । इनमें से पांच लोगों को गुजरात से उदयपुर लेकर आया गया है।

30 लोगों में से वधू पक्ष के दो लोग जिनमें बाबूलाल और मसरु शामिल है , दोनों की मौत हो गई । इसके अलावा वधू पक्ष में अमिया देवी नाम की एक महिला की जान जा चुकी है। वहीं अभी अभी एक और व्यक्ति की मौत हुई है। इस प्रकार अब तक कुल चार लोगों की मौत हो चुकी है। चूंकि गर्मी अधिक है ऐसे में मौत का आंकड़ा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। अस्पताल में 22 लोगों को गंभीर हालत में भर्ती किया गया है। वधू पक्ष के करीब 20 लोगों का गुजरात में इलाज चल रहा है।

पुलिस ने बताया वधू पक्ष उदयपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में बोरड़ी कला गांव का रहने वाला है । वधू पक्ष के सवा लाल गेमार ने पुलिस को बताया कि खाना खाने के बाद जब परिवार के लोग घर पहुंचे तो उन्हें उल्टी और चक्कर आने की शिकायत हुई। उसके बाद नजदीक के अस्पतालों में भर्ती कराया गया वहां से बड़े अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया गया।