जमाई षष्ठी पर ममता ने जमाईयों को दी छुट्टी

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में 12 जून यानी बुधवार को जमाई षष्ठी का त्यौहार है. परंपरानुसार इस दिन जमाइयों के आदर-सत्कार करने की परंपरा है. जमाई षष्ठी पर्व के मद्देनजर ममता बनर्जी की सरकार ने राज्य सरकार के सभी कार्यालय, शहरी और ग्रामीण निकाय, निगम और शैक्षिणक संस्थानाओं और पश्चिम बंगाल सरकार के नियंत्रण वाले संस्थानों में बुधवार को आधे समय से अवकाश की घोषणा की है.

राज्य सरकार 12 जून यानि जमाई षष्ठी को आधे दिन की छुट्टी दे रही है. इसके चलते सरकारी स्कूलों, दफ्तरों में ‘आधी छुट्टी’ हो जाएगी. ऐसे में बता दें कि सरकार ने 2021 में जमाई षष्ठी के मौके पर पूरे दिन की छुट्टी दी थी. लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है. इस बार राज्य सरकार ने आधे दिन की छुट्टी की घोषणा की है.

अक्षया तृतीया के बाद जमाई षष्ठी मनाई जाती है. सास दामाद की आवभगत में व्यस्त हो गई. इस दिन जमाई की सेवा और खातिरदारी की जाती है. परंपरा के अनुसार सास सुबह जल्दी नहाकर षष्ठी देवी की पूजा करती हैं और दामाद के लिये खाना बनाती है. लेकिन अगर दामाद को ऑफिस से छुट्टी न मिले तो सारी व्यवस्था चौपट हो जाती है. इसलिए दामाद को पहले ही छुट्टी लेनी पड़ती है. अन्यथा ‘आपातकाल’ का हवाला देकर छुट्टी लेनी पड़ेगी. इसके चलते कार्यालय में सार्वजनिक अवकाश की स्थिति है.राज्य सरकार ने ‘जमाईयों’ के बारे में सोचकर नया फैसला लिया है. सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी ‘आधी’ छुट्टी तो प्राइवेट नौकरी करने वाले दामादों का क्या होगा?

आईसीडीएस केंद्र के खिचड़ी में छिपकली, कोई बीमार

बांकुड़ा :आईसीडीएस केंद्र द्वारा उपलब्ध करायी गयी पकी हुई खिचड़ी में छिपकली निकली। घटना बांकुड़ा के इंदपुर ब्लॉक के पुआरा आईसीडीएस केंद्र में घटी। उस खिचड़ी को खाने के बाद तबीयत खराब होने पर बच्चों और गर्भवती महिलाओं सहित कुल 54 लोगों को स्थानीय इंदपुर ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

डॉक्टरों ने कहा है कि उन्हें अभी निगरानी में रखा गया है। हालांकि आईसीडीएस केंद्र पर भोजन में छिपकली मिलने के आरोप से आईसीडीएस कर्मियों ने इनकार किया है। बांकुड़ा के इंदपुर ब्लॉक के पुअरा गांव में आईसीडीएस केंद्र की हालत काफी समय से खराब है। बदहाल इस केंद्र पर अन्य दिनों की तरह गुरुवार को भी स्थानीय बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पकाई हुई खिचड़ी दी गई। बच्चे और माताएं पकी हुई खिचड़ी लेकर घर ले गए। घर में खाना खाते समय एक माता-पिता ने भोजन में पड़ी एक छिपकली को देखा। घटना की खबर फैलते ही इलाके में दहशत मच गयी।

स्थानीय निवासियों ने पेट ऐंठन से पीड़ित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को इंदपुर ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों ने उन सभी को छह घंटे तक निगरानी में रखने का फैसला किया, भले ही कोई भी बच्चा या मां गंभीर रूप से बीमार नहीं थी। आईसीडीएस कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि जब आईसीडीएस केंद्र का निरीक्षण किया गया तो वहां कोई छिपकलियां नहीं थीं। 

Omicron: সংক্রমণ ঠেকাতে কড়া নির্দেশিকা নবান্নের

Covid 19: 6 thousand infected in one day in the country, 351 deaths in Corona

News Desk: বিশ্বজুড়ে দাপট দেখাচ্ছে করোনাভাইরাসের নতুন ভ্যারিয়েন্ট ওমিক্রন। ব্রিটেনে একদিনে আক্রান্তের সংখ্যা ১ লাখের গণ্ডি পেরিয়েছে। ভারতেও লাফিয়ে লাফিয়ে বাড়ছে আক্রান্তের সংখ্যা। রাজ্যেও‌ বিদেশ ফেরত দুজনের শরীরে মিলেছে ওমিক্রনের হদিশ। রাজ্যে ওমিক্রনের সংক্রমণ ঠেকাতে নয়া নির্দেশিকা জারি করল নবান্ন। পরিস্থিতির নাগালের মধ্যে রাখতে করা গাইডলাইন প্রকাশ রাজ্য সরকারের। গোটা দেশজুড়ে ওমিক্রন সংক্রমণ ঠেকাতে ছটি আন্তর্জাতিক বিমানবন্দরে কড়া ব্যবস্থা নেওয়া হয়েছে।

 

রাজ্য সরকারের প্রকাশিত নয়া নির্দেশিকা অনুযায়ী, বিদেশ থেকে এরাজ্যে এলে ১৪ দিনের আইসোলেশনে থাকতেই হবে যাত্রীদের। বিমান যাত্রীদের ক্ষেত্রে rt-pcr টেস্ট বাধ্যতামূলক। এই টেস্টের জন্য প্রি বুকিং করতে হবে যাত্রীদের। দিল্লি, কলকাতা, মুম্বই, চেন্নাই, হায়দরাবাদ এবং বেঙ্গালুরুতে সোমবার থেকেই যাত্রীদের সুবিধার্থে সরকারের তরফ থেকে “এয়ার সুবিধা” নামে অনলাইন পোর্টালে প্রি-বুকিংয়ের ব্যবস্থা করা হয়েছে। বর্তমানে করোনায় আক্রান্ত রোগীদের আইসোলেশনে রাখার ক্ষেত্রেও বেশ কিছু নয়া নিয়মের কথা বলা রয়েছে এই গাইডলাইনে।

 

রাজ্য স্বাস্থ্য দপ্তরের তরফ থেকে জানানো হয়েছে, বিদেশ ফেরত যাত্রীদের rt-pcr টেস্ট করাতে হবে এবং রিপোর্ট পজিটিভ হলে ১৪ দিনের কোয়ারেন্টাইনে থাকতে হবে। এক্ষেত্রে বিভিন্ন প্রোটোকল মেনে চিকিৎসা হবে সেখানে এবং তাদের জন্য আলাদা আইসোলেশন ওয়ার্ডের ব্যবস্থাও করা হবে। বিদেশ ফেরত যাত্রীদের নমুনা সংগ্রহ করে জিনোম সিকোয়েন্সিংয়ের জন্য পাঠানো হবে। রিপোর্ট আসা পর্যন্ত যাত্রীদের আলাদা ঘর বা আইসোলেশন ওয়ার্ডে থাকতে হবে। সংক্রমনের সামান্য উপসর্গ থাকলেও একই নিয়ম লাগু হবে। করোনাই আক্রান্ত যাত্রীদের জন্য আইসোলেশন ওয়ার্ড থেকে শুরু করে টয়লেট ও বাথরুম সবই থাকবে আলাদা। পিপিই কি করে তবেই আইসোলেশন ওয়ার্ডে ঢুকতে পারবেন চিকিৎসক ও কেয়ারগিভাররা।

 

কোনভাবেই যাতে সংক্রমণ না ছড়ায় তার জন্য প্রয়োজনীয় পদক্ষেপ আগেভাগেই গ্রহণ করতে হবে। ১৪ দিন আইসোলেশনের থাকার পর ফের নমুনা সংগ্রহ করে করোনা পরীক্ষা করা হবে রিপোর্ট নেগেটিভ আসলেই তবে রোগীকে তার গন্তব্যস্থানে যাওয়ার অনুমতি দেওয়া হবে। অমিক্রণ এ আক্রান্ত ব্যক্তিদের সম্পূর্ণ আলাদা ভাবে চিকিৎসার ব্যবস্থা করা হবে। সেক্ষেত্রে সংক্রমণ কমে গেলে ৪৮ ঘণ্টার ব্যবধানে দুটি রিয়েল টাইম rt-pcr টেস্ট করা হবে এবং রিপোর্ট নেগেটিভ আসলে তবেই যাত্রীকে যাওয়ার অনুমতি প্রদান করা হবে।