आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी रोकने का क्या है सही तरीक़ा?

नई दिल्ली:  दुनियाभर में रेबीज़ का ख़तरा बढ़ता जा रहा है। हर साल रेबीज़ से क़रीब 60 हज़ार लोगों की जान जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक़ इनमें से 99 फ़ीसद मामले कुत्ते के काटने और खरोंच के हैं। रेबीज़ से बचाव के लिए एक वैक्सीन है, जिसे कुत्ते के काटने के बाद लिया जाता है। हालांकि, जब कुत्ता किसी व्यक्ति के चेहरे या किसी नर्व के नज़दीक काटता है तो ये वैक्सीन हमेशा कारगर साबित नहीं होती।

जुलाई में तमिलनाडु के अरक्कोणम में चार साल के निर्मल पर उनके घर के बाहर खेलते समय एक आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया। जब कुत्ते ने निर्मल के मुंह पर हमला किया, उससे थोड़ी देर पहले ही निर्मल के पिता घर के अंदर गए थे। निर्मल के पिता बालाजी के अनुसार, “मैं उसी वक्त घर के अंदर पानी लेने गया था। जब मैं वापस आया तो उसके चेहरे पर चोट लगी थी।” इसके बाद परिवार उन्हें लेकर अस्पताल गया, जहां उन्हें 15 दिनों तक कड़ी देखरेख में रखा गया।

इसके बाद हालत स्थिर हो गई और उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। लेकिन, घर आने के कुछ दिनों के बाद निर्मल में रेबीज़ के लक्षण दिखने लगे। उनका परिवार उन्हें लेकर फिर अस्पताल गया, जहां पता चला कि वायरस की वजह से तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) में इनफेक्शन हो गया है। दो दिनों के बाद निर्मल की मौत हो गई।

कभी-कभी बच्चे अपने घर में ये बताने से डरते हैं कि उन्हें कुत्ते ने काटा है. जिसकी वजह से उन्हें रेबीज़ की वैक्सीन लगाने में बहुत देर हो जाती है। साल 1994 से 2015 के बीच मुंबई में करीब 13 लाख लोगों को कुत्ते ने काटा और 434 लोगों की रेबीज़ से मौत हुई है।

इंटरनेशनल कंपेनियन एनिमल मैनेजमेंट कोलिज़न (आईसीएएम) के मुताबिक़ आवारा कुत्तों से होने वाले अन्य ख़तरों में अव्यवस्थित आवारा कुत्तों की आबादी, सड़क हादसे और मवेशियों के लिए ख़तरा शामिल हैं। इसके अलावा लोगों को सड़क पर पैदल चलने से रोका जा रहा है।

चांदीपुरा वायरस से अब तक 51 लोगों की मौत, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की सलाह

गुजरात : चांदीपुरा वायरस और एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के मामलों से अब तक 51 मरीजों की मौत हो गई है। एईएस के 31 जुलाई तक 148 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 140 गुजरात, मध्य प्रदेश से 4, राजस्थान से 3 और महाराष्ट्र से 1 से हैं। इनमें से 59 मामलों में मौत हो चुकी है जबकि 51 मामलों में चांदीपुरा वायरस की पुष्टि हुई है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक 19 जुलाई से एईएस के नए मामलों में गिरावट देखी जा रही है।

एईएस मामलों की रिपोर्ट करने वाले पड़ोसी राज्यों का मार्गदर्शन करने के लिए राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) और राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र के संकाय (एनसीवीबीडीसी) ने एक संयुक्त सलाह जारी की है। केंद्रीय टीम ने पड़ोसी राज्यों को सलाह में बताया कि वे वेक्टर नियंत्रण के लिए कीटनाशक स्प्रे, शिक्षा और संचार (आईईसी), चिकित्सा कर्मियों का संवेदीकरण और सुविधाओं के लिए मामलों को समय पर रेफर करना शामिल करें।

इस स्थिति से निपटने के लिए  स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) और निदेशक, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) और महानिदेशक, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने मौजूदा हालात की समीक्षा भी की। केन्द्र सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय करने और प्रकोप की विस्तृत महामारी की जांच के लिए गुजरात राज्य सरकार की सहायता के लिए एक राष्ट्रीय संयुक्त प्रकोप प्रतिक्रिया टीम (एनजेओआरटी) को तैनात किया गया है।

चांदीपुरा वायरस (सीएचपीवी) रबडोविरिडे परिवार का सदस्य है और देश के पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी भागों में विशेष रूप से मानसून के मौसम में प्रकोप ​​​​का कारण बनता है। यह बीमारी अधिकतर 15 साल से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करती है। इसमें बुखार हो सकता है, जिसके कारण शरीर में ऐंठन, कोमा की स्थिति और कुछ मामलों में मृत्यु तक हो सकती है। इसका उपचार लक्षणों के आधार पर किया जाता है। संदिग्ध एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम मामलों को समय पर सुविधाओं से लैस अस्पतालों में रेफर करने से परिणामों में सुधार देखने को मिलते हैं।

Paris Olympics 2024 शुरू होने से पहले ही दो एथलीट हुए कोरोना पॉजिटिव

नई दिल्ली :  पेरिस ओलंपिक का आगाज 26 जुलाई से हो रहा है।  26 जुलाई से 11 अगस्त तक इस खेल का महाकुंभ चलेगा। इस बार भारत के तरफ से खेले जा रहे ओलंपिक में कुल 117 एथलीटों ने हिस्सा लिया है। सभी भारतीयों को इन खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद है। वहीं अब ओलंपिक पर कोरोना का खतरा मंडरा रहा है।

जानकारी के लिए बता दें, ऑस्ट्रेलियाई टीम की दो महिला खिलाड़ी कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं। ये खिलाड़ी ओलंपिक में वाटर पोलो खेल में भाग लेने के लिए आई थी। पॉजिटिव पाए जाने के बाद उसे अलग कर आइसोलेट कर दिया गया है. कोरोना के कारण ही 2020 टोक्यो ओलंपिक को एक साल के स्थगित कर दिया गया था।

ऑस्ट्रेलिया की ओलंपिक टीम की प्रमुख एना मेयर्स ने कहा, साथी खिलाड़ी मास्क पहनेंगे और सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करेंगे। उसके साथ सभी साथियों का भी परीक्षण किया गया। खिलाड़ी के अंदर कई लक्षण दिखाई दिए थे और अच्छी बात यह है कि हमारे पास अपने परीक्षण उपकरण थे जिससे जांच का पता चल सका। वहीं ऑस्ट्रेलियाई ओलंपिक समिति ने कहा कि एक दूसरे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी का भी कोविड परीक्षण पॉजिटिव आया जो उसके निकट संपर्क में था, लेकिन देश की टीम में किसी अन्य एथलीट का कोविड टेस्ट पॉजिटिव नहीं आया।

कोविड पॉजिटिव एथलीट ने मंगलवार दोपहर को अपने साथियों के साथ अभ्यास नहीं किया, लेकिन दूसरी खिलाड़ी भाग लेने के लिए स्वस्थ थी। कोविड पॉजिटिव हुई दोनों ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के नाम नहीं बनाए गए हैं।

वहीं, रिपोर्ट के जरिए फ्रांस सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि हां ये सच है कि देश में कोविड मामलों में मामूली वृद्धि हुई है। स्वास्थ्य मंत्री फ्रेडरिक वैलेटौक्स ने कहा, कोई बड़ा जोखिम नहीं है। अभी भी यहां पर कई जगहों पर कोरोना के लक्षण देखने को मिलते हैं. मगर ये भी सच है कि हमने 2020, 2021, 2022 में जो देखा, उससे अब हम सभी बहुत दूर हैं।

बंगाल में बर्ड फ्लू से 4 साल का बच्चा पीड़ित, WHO ने जताई चिंता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में अब बर्ड फ्लू ने दस्तक दी है। 4 साल के बच्चे के शरीर में H9N2 बर्ड फ्लू का वायरस पाया गया है। जिसके चलते बच्चे को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। खुद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यह जानकारी सार्वजनिक कर चिंता जताई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बच्चे को सांस लेने में तेज तकलीफ, बुखार और पेट दर्द के कारण पिछले फरवरी में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद पता चला कि बच्चा बर्ड फ्लू से पीड़ित है।

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, मरीज के घर पर पोल्ट्री फार्म था। शायद वहीं से बच्चा बर्ड फ्लू वायरस से संक्रमित हुआ होगा। गंभीर रूप से बीमार होने के बाद बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। करीब 3 महीने के इलाज के बाद बच्चा ठीक हो गया। हालांकि, यह बताया गया है कि बच्चे के परिवार के किसी अन्य सदस्य में बीमारी के कोई लक्षण नहीं दिखे। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) इस बात से इनकार नहीं कर रहा है कि मामला काफी चिंताजनक है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट सामने आने के बाद यह दूसरी बार है जब भारत में H9N2 बर्ड फ्लू वायरस का मानव संक्रमण पाया गया है। इससे पहले 2019 में एक भारतीय के शरीर में इस बर्ड फ्लू वायरस का संक्रमण देखा गया था। पहली बार मामला सामने आते ही पूरे देश में सनसनी फैल गई थी। 5 साल बाद इस घटना के फिर से सामने आने की चिंता बढ़ रही है।

बता दें कि इसी महीने मेक्सिको में बर्ड फ्लू से पहली मौत हुई थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, 59 वर्षीय व्यक्ति को पिछले अप्रैल में बुखार हुआ था। कुछ ही दिनों में दस्त, सांस लेने में तकलीफ और उल्टी होने लगी थी, तीन सप्ताह तक गंभीर रूप से बीमार रहने के बाद 24 अप्रैल को वृद्ध की मृत्यु हो गई।

Covid19: ওমিক্রন, ইহু…আশঙ্কিত হু

করোনার (Covid19) নতুন ভেরিয়েন্ট ‘ওমিক্রন’কে ঘিরে আতঙ্কের শেষ নেই মানুষের। দক্ষিণ আফ্রিকা থেকে মাসখানেক আগে আসা এই ভেরিয়েন্টটি বিশ্ব স্বাস্থ্য সংস্থা (WHO) থেকে শুরু করে তাবড় তাবড় দেশের রাজনেতাদের রাতের ঘুম কেড়ে নিয়েছে।

করোনার সঙ্গে পাল্লা দিয়ে হু হু করে বাড়ছে ওমিক্রনে সংক্রমিতের সংখ্যা। এদিকে ইউরোপের বিশ্ব স্বাস্থ্য সংস্থা সতর্ক করে দিয়েছে, বিশ্বজুড়ে ওমিক্রনের ঘটনা বেড়ে যাওয়ার ফলে করোনার একটি নতুন রূপ বিপজ্জনক চেহারা ধারণ করতে পারে। ওমিক্রন বিশ্বজুড়ে দাবানলের মতো ছড়িয়ে পড়ছে, এটি প্রাথমিকভাবে আশঙ্কার চেয়ে অনেক কম গুরুতর বলে মনে হচ্ছে এবং আশা জাগিয়ে তুলেছে যে মহামারিটি থেকে দ্রুত সকলে কাটিয়ে উঠতে পারবেন এবং জীবন আরও স্বাভাবিক ছন্দে ফিরে আসতে পারে।

করোনাভাইরাসের পরপর ধরণ ডেল্টা, ডেল্টা প্লাস, ওমিক্রন, ডেলমিক্রন এবং নবতম সংযোজন ইহু যেমন এসেছে, তেমনই এসেছে ভিন্ন জীবাণু ফ্লোরনা। কর্পোরেট প্রচার সমালোচক বিশেষজ্ঞরা বলছেন জীবাণু আগেও ছিল ভবিষ্যতেও থাকবে। বিশ্ব স্বাস্থ্য সংস্থার সিনিয়র ইমার্জেন্সি অফিসার ক্যাথরিন স্মলউড সতর্কবার্তা দেন।

এক সংবাদমাধ্যমকে দেওয়া সাক্ষাৎকারে তিনি জানান, উর্ধ্বমুখী সংক্রমণের হার বিপরীত প্রভাব ফেলতে পারে। যত বেশি ওমিক্রন ছড়িয়ে পড়বে, তত বেশি সংক্রামিত হবেন মানুষ। এছাড়া সংক্রমণের হাড় উত্তরোত্তর বৃদ্ধি পেলে আরও একটি নতুন ভেরিয়েন্টের জন্ম হতে পারে। তিনি জানান, ওমিক্রন মারাত্মক, এটি মৃত্যুর কারণ হতে পারে। ওমিক্রনের প্রভাব হয়তো ডেল্টার চেয়ে কিছুটা কম, কিন্তু পরবর্তী ভেরিয়েন্টটি কী করতে পারে তা কে বলতে পারে।

প্রসঙ্গত, মহামারির শুরু থেকে ইউরোপে ১০০ মিলিয়নেরও বেশি কোভিড মামলা রেকর্ড করা হয়েছে এবং ২০২১ সালের শেষ সপ্তাহে ৫ মিলিয়নেরও বেশি ঘটনা সামনে এসেছে। এ বিষয়ে স্মলউড বলেন, “অতীতে আমরা যা দেখেছি তা এখনকার তুলনায় কম ছিল।” তাহলে প্রশ্ন উঠছে, আরও কোনও ভয়ঙ্কর মহামারী বা অতিমারীর সাক্ষী থাকতে চলেছে বিশ্ব?

Omicron: লকডাউন? বিপর্যয়ের মুখে স্তব্ধ হতে পারে বিশ্ব

Complete lockdown in Kerala today and tomorrow

News Desk: করোনা ভাইরাসের নতুন ধরন ওমিক্রনের সংক্রমণে ফের কি বিশ্ব স্তব্ধ হতে চলেছে? এমনই সম্ভাবনা তৈরি হচ্ছে দ্রুত। বিভিন্ন দেশে হু হু করে বাড়ছে ওমিক্রন সংক্রমণ।

বিশ্ব স্বাস্থ্য সংস্থা (হু) সতর্কবার্তা দিয়েছে, ওমিক্রনে বিশ্ব স্বাস্থ্যব্যবস্থা বিপর্যস্ত হতে পারে।ইউরোপের ডব্লিউএইচও কোভিড ইনসিডেন্ট ম্যানেজার ক্যাথরিন স্মলউড সতর্ক করেছেন, ওমিক্রনের ব্যাপক সংক্রমণে বহু সংখ্যক মানুষকে হাসপাতালে ভর্তি করাতে হতে পারে। বিশেষ করে যারা করোনার টিকা নেননি। এতে বিশ্বব্যাপী স্বাস্থ্য ব্যবস্থা ভেঙ্গে পড়তে পারে।

পড়ুন: Omicron: বাড়ছে সংক্রমণ, শীঘ্রই কঠোর লকডাউনের পথে বাংলা!

আন্তর্জাতিক বিমান চলাচলে পড়েছে বড় প্রভাব।করোনার নতুন করে সংক্রমণ বেড়ে যাওয়ায় এরই মধ্যে সাত হাজারের বেশি ফ্লাইট বাতিল হয়েছে।

মার্কিন যুক্তরাষ্ট্রেও থেমে নেই করোনা সংক্রমণ। সোমবার যুক্তরাষ্ট্রে রেকর্ড ৪ লাখ ৪০ হাজারের বেশি রোগী করোনায় শনাক্ত হয়েছে। 

ইউরোপে হু হু করে ছড়িয়েছে করোনা।ফ্রান্সে নতুন করে ১ লাখ ৮০ হাজার করোনা রোগী শনাক্ত হয়েছে যা করোনা প্রাদুর্ভাব শুরু পর দেশটিতে সর্বোচ্চ আক্রান্তের রেকর্ড। এছাড়া ইটালি, গ্রিস, পর্তুগাল, এবং ইংল্যান্ডে ঊর্ধমুখী করোনার সংক্রমণ।

দক্ষিণ এশিয়াতে চিনে ফের করোনার প্রকোপ মারাত্মক। লাখ লাখ মানুষকে ঘরবন্দি থাকার নির্দেশ দেওয়া হয়েছে। ভারতে রাজধানী দিল্লিতে জারি করা হয়েছে ইয়োলো অ্যালার্ট। বিভিন্ন রাজ্যে বেড়েই চলেছে করোনার সংক্রমণ।

Covid 19: শীতে নয় করোনায় কাঁপছে ফ্রান্স, একদিনে লক্ষাধিক সংক্রমণ

corona vaccine

News Desk: বড়দিন পার হতেই আশঙ্কা সত্যি। করোনা আক্রমণে কাবু ফরাসি জনজীবন। বিবিসি জানাচ্ছে, ফ্রান্সে একদিনে লক্ষাধিক করোনা সংক্রমণ নথিভুক্ত হয়েছে।

মঙ্গলবার ইউরোপীয় দেশ ফ্রান্স মহামারি শুরু হওয়ার পর রেকর্ড সংখ্যক আক্রান্ত দেখল। এদিন দেশটিতে করোনা শনাক্ত হয়েছে ১ লাখ ৭৯ হাজার ৮০৭ জনের। ফ্রান্সে একদিনে এত সংখ্যক সংক্রমণ এবারই প্রথম। ইটালি, গ্রিস, পর্তুগাল ও ইংল্যান্ডেও সংক্রমণের ঊর্ধ্বগতি দেখা গিয়েছে।

সোমবার ফ্রান্সের স্বাস্থ্যমন্ত্রী অলিভার ভেরান দেশবাসীকে সতর্ক করে বলেছেন, সবকিছু দেখে মনে হচ্ছে জানুয়ারির শুরুর দিকে ফ্রান্সের দৈনিক সংক্রমণ আড়াই লাখ ছাড়িয়ে যেতে পারে। আর ফ্রান্সের হাসপাতাল ফেডারেশন সতর্ক করে বলেছে, সবচেয়ে কঠিন সপ্তাহগুলো এখনো আসেনি।

ওয়ার্ল্ডোমিটার জানাচ্ছে, এক দিনের ব্যবধানে ইউরোপীয় অঞ্চলে সংক্রমণ দ্বিগুণ হয়েছে। গত সোমবার সংক্রমণ শনাক্ত হয়েছিল ৩ লাখ ৫৯ হাজারের বেশি। ওই দিন মারা গিয়েছিলেন প্রায় ২ হাজার ৮০০ করোনা রোগী। এর আগের দিন মৃত্যু ছিল প্রায় ২ হাজার। আক্রান্ত হয়েছিলেন ৩ লাখ ২৮ হাজার মানুষ।

বিবিসির খবরে বলা হয়েছে, গতকাল ফ্রান্সে যে সংক্রমণ শনাক্ত হয়েছে, তা ইউরোপের ইতিহাসে সবচেয়ে বেশি। এর আগে এক দিনের ব্যবধানে কোনো দেশেই এত বেশি রোগী শনাক্ত হয়নি।

WHO: বুস্টার ডোজ নিলেই ওমিক্রন থেকে বাঁচবেন, এমনটা নয় 

News Desk: বুস্টার ডোজ নিলেই যে ওমিক্রনের (omicron) হাত থেকে রক্ষা পাওয়া যাবে তা মোটেই নয়। কেউ যদি মনে করেন, তিনি বুস্টার ডোজ (buster dose) নিয়েছেন তাই তাঁর ভয় পাওয়ার কিছু নেই। তিনি অনায়াসেই উৎসবের আনন্দে মেতে উঠতে পারেন। তবে সংশ্লিষ্ট ব্যক্তি বড় ধরনের ভুল করবেন। বুধবার এই মন্তব্য করলেন বিশ্ব স্বাস্থ্য সংস্থার (world health organisation) প্রধান।

সাংবাদিক সম্মেলনে অ্যাডহোম (adhome) বলেন, গুরুতর অসুস্থতা ও মৃত্যু প্রতিরোধ করতে করোনা টিকা দেওয়া হচ্ছে। বর্তমানে বিশ্বে প্রতিদিন যে পরিমাণ টিকা দেওয়া হচ্ছে তার মধ্যে ২০ শতাংশ বুস্টার ডোজ। অভিজ্ঞতা বলছে, প্রথম বিশ্বের শক্তিশালী দেশগুলির কাছে প্রয়োজনের তুলনায় অনেক বাড়তি টিকা আছে। কিন্ত গরিব ও অনুন্নত দেশগুলিতে বেশিরভাগ মানুষই এখনও টিকার একটি ডোজও পাননি। উন্নত দেশগুলি যদি মনে করে, বুস্টার ডোজ দিলেই তারা করোনার হাত থেকে রেহাই পাবে তবে তারা ভুল করছে। বরং সেক্ষেত্রে করোনার সংক্রমণ আরও দ্রুত ছড়াবে।

তাই যে সমস্ত দেশের বেশিরভাগ মানুষ এখনও টিকা পায়নি সবার আগে সেই সমস্ত দেশগুলিতে টিকা পৌঁছে দেওয়া দরকার। অভিজ্ঞতা থেকে দেখা যাচ্ছে, করোনার কারণে যে সমস্ত মানুষ হাসপাতালে ভর্তি হচ্ছেন বা প্রাণ হারাচ্ছেন তাঁদের অধিকাংশই টিকা পাননি। তাই বুস্টার ডোজ নিয়ে মাতামাতি না করে বরং যারা করোনা টিকার একটি ডোজও পাননি তাঁদের টিকাকরণের উপর জোর দেওয়া দরকার। 

হু প্রধান আরও বলেন, বর্তমানে করোনার যে টিকাগুলি চালু আছে সেগুলি ওমিক্রন ও ডেল্টার বিরুদ্ধে প্রতিরোধ গড়ে তুলতে পারে। তাই ওমিক্রন ঠেকাতে যে বুস্টার ডোজ দিতেই হবে তার কোন অর্থ নেই। বরং যত শীঘ্র সম্ভব বিশ্বের অন্ততপক্ষে ৪০ শতাংশ মানুষকে টিকা দেওয়া দরকার। আগামী বছরের মাঝামাঝি নাগাদ বিশ্বের কমপক্ষে ৭০ শতাংশ মানুষকে যাতে টিকা দেওয়া যায় সে বিষয়টিও নিশ্চিত করতে হবে। গোটা বিশ্বের ৭০ শতাংশ মানুষ টিকা পেলে তবেই এই ভাইরাস প্রতিরোধের কাজ অনেকটাই এগিয়ে যাবে।

একাধিকবার টিকা বৈষম্যের বিরুদ্ধে মুখ খুলেছেন হু প্রধান। বুধবার তিনি বলেছেন, আর এক সপ্তাহের মধ্যেই বড়দিন ও নববর্ষের মত দুটি বড় ধরনের উৎসব রয়েছে। কিন্তু মানুষ যেন উৎসবে অবাধ মেলামেশা না করেন। বরং বাড়ি থেকেই উৎসব পালন করতে মানুষকে পরামর্শ দিয়েছেন অ্যাডহোম। 

যারা ওমিক্রন আক্রান্ত বা সন্দেহজনক আক্রান্তের কাছাকাছি যাবেন তাঁরা যেন অবশ্যই সবধরনের স্বাস্থ্যবিধি মেনে চলেন। বিশেষ করে তাঁদের অবশ্যই মেডিকেল মাস্ক পড়তে হবে। বদ্ধ জায়গায় এন-৯৫ জাতীয় মাস্ক পড়লে অনেকটাই নিরাপদ থাকা যাবে।

WHO: দ্রুতগতিতে ছড়িয়ে পড়েছে ওমিক্রন

Omicron spreading rapidly in many country

News Desk: মহামারি করোনাভাইরাসের নতুন ভ্যারিয়েন্ট ওমিক্রন (Omicron) আতঙ্কে পুরো বিশ্ব। এই ধরনটি অধিকাংশ দেশে ছড়িয়ে পড়েছে বলে আশঙ্কা প্রকাশ করল বিশ্ব স্বাস্থ্য সংস্থা (WHO)। জেনেভায় সাংবাদিক সম্মেলনে এই কথা জানিয়েছেন হু প্রধান তেদরোস আধানম গেব্রেয়াসুস।

বিবিসি জানিয়েছে মঙ্গলবার পর্যন্ত ৭৭টি দেশে ওমিক্রন শনাক্ত হওয়ার খবর পাওয়া গেছে। তবে হু প্রধান বলছেন, এই সংখ্যাটা আরও বেশি হতে পারে এবং তা নজিরবিহীন হারে ছড়িয়ে পড়েছে।

ওমিক্রনের সংক্রমণের ঊর্ধ্ব হারের কারণে বিশ্বজুড়ে স্বাস্থ্য ব্যবস্থা বড় চাপের মুখে পড়বে বলে আশঙ্কা। যদি ধরনটি শরীরে মারাত্মক জটিলতা সৃষ্টি নাও করে, তবু এমনটা হবে।

হু প্রধান বলেন, করোনা আক্রান্ত হওয়ার পর মারাত্মক শারীরিক জটিলতা বা মৃত্যুর কম ঝুঁকিতে রয়েছেন এমন ব্যক্তিদের বুস্টার ডোজ আপাতত না দেওয়াটাই উচিত। নয়তো যারা সরবরাহের ঘাটতির কারণে এখনো প্রাথমিক ডোজ পাননি তাদের জীবন হুমকির মুখে পড়বে।

Omicron: ওমিক্রন তৃতীয় ঢেউ আনবে কিনা তা এখনও স্পষ্ট নয়: হু বিশেষজ্ঞ

omicron india

নিউজ ডেস্ক, নয়াদিল্লি: দেশে করোনা আক্রান্তের সংখ্যা ক্রমশ বেড়েই চলেছে। রবিবার অন্ধপ্রদেশ ও (andhrapradesh and chandigarh) চণ্ডীগড়ে আরও দু’জনের করোনার নতুন ভেরিয়েন্ট ওমিক্রনে (omicron) আক্রান্ত হওয়ার খবর মিলেছে। ফলে দেশে ওমিক্রন আক্রান্তের সংখ্যা বেড়ে হল ৩৫। অন্ধ্রপ্রদেশ এবং চণ্ডীগডে় আক্রান্ত দুই ব্যক্তিই সম্প্রতি বিদেশ থেকে ফিরেছেন।

অন্ধপ্রদেশের স্বাস্থ্য দফতর জানিয়েছে, ৩৪ বছরের ওমিক্রন আক্রান্ত ব্যক্তি ২৭ নভেম্বর আয়ারল্যান্ড (ireland) থেকে দেশে ফেরেন। মুম্বই বিমানবন্দরে (mumbai airport) তাঁর করোনা পরীক্ষা হলে পজিটিভ রিপোর্ট আসে। মুম্বই থেকে বিশাখাপত্তনম ফেরার পর ওই ব্যক্তির আবার করোনা পরীক্ষা করা হয়। দ্বিতীয়বারের রিপোর্টও পজিটিভ হয়। এর পরই ওই ব্যক্তির নমুনা জিনোম সিকোয়েন্সিংয়ের জন্য হায়দরাবাদে পাঠানো হলে সেখান থেকেই জানা যায় ওই ব্যক্তি ওমিক্রন আক্রান্ত হয়েছেন। অন্ধপ্রদেশে এই প্রথম কোনও ব্যক্তির ওমিক্রন আক্রান্ত হলেন। তবে স্বাস্থ্য দফতরের দাবি, ১১ ডিসেম্বরের সর্বশেষ রিপোর্টে জানা গিয়েছে, আক্রান্ত ব্যক্তির রিপোর্ট নেগেটিভ হয়েছে।

অন্যদিকে চণ্ডীগড় প্রশাসনের তরফে জানানো হয়েছে, ২২ নভেম্বর ইতালি থেকে দেশে ফেরা এক যুবক করোনা আক্রান্ত হয়েছেন। বিদেশ থেকে ফেরার কারণে ২২ বছরের ওই যুবকের নমুনা জিনোম সিকোয়েন্সিংয়ের জন্য পাঠানো হয়। রবিবার সকালে জানা গিয়েছে ওই যুবক ওমিক্রন ভেরিয়েন্টে আক্রান্ত।

মাত্র দিন ১৫ আগে করোনার এই নতুন ভেরিয়েন্ট ওমিক্রনকে চিহ্নিত করা হয়েছে। কিন্তু অতি সংক্রামক এই ভেরিয়েন্ট ইতিমধ্যেই ৫৯ টি দেশে ছড়িয়ে পড়েছে। ভারতেও আক্রান্তের সংখ্যা ক্রমশ বাড়ছে। অনেকেই জানতে চাইছেন, ওমিক্রনের হাত ধরেই কি দেশে করোনার তৃতীয় ঢেউ আছড়ে পড়বে?

এই প্রশ্নের উত্তরে বিশ্ব স্বাস্থ্য সংস্থার দক্ষিণ-পূর্ব এশিয়ার রিজিওনাল ডিরেক্টর ডক্টর পুনম ক্ষেত্রপাল জানিয়েছেন, ওমিক্রনের হাত ধরেই যে করোনার তৃতীয় ঢেউ আছড়ে পড়বে এমনটা মনে করার কোনও যুক্তি নেই। কারণ নতুন ভেরিয়েন্টের মাধ্যমেই যে পরিস্থিতির অবনতি হবে তা নাও হতে পারে। তবে এটা ঠিক যে, আমরা এক অনিশ্চিত পরিস্থিতির মুখোমুখি হতে যাচ্ছি। একইসঙ্গে ডক্টর ক্ষেত্রপাল বলেন, নতুন এই ভেরিয়েন্ট নিয়ে এখনও অনেক প্রশ্ন অজানা রয়ে গিয়েছে। এমনিতেই করোনা এখনও পর্যন্ত পুরোপুরি নিয়ন্ত্রণে আসেনি। তার ওপর এই নতুন ভেরিয়েন্ট এসে পড়ায় আমাদের আতঙ্ক আরও বেড়েছে।

সংক্রমণ প্রতিরোধ প্রসঙ্গে ডক্টর ক্ষেত্রপাল বলেন, মানুষকে আরও বেশি করে সব ধরনের সর্তকতা মেনে চলতে হবে। মানতে হবে জনসাস্থ্য ও সামাজিক দূরত্ব বিধি। বাড়াতে হবে টিকাকরণের হার।

ওমিক্রন নিয়ে হু-র এই বিশেষজ্ঞ আরও বলেন, ওমিক্রনের বেশ কিছু বৈশিষ্ট আছে। এই ভেরিয়েন্ট সবচেয়ে দ্রুত ছড়িয়ে পড়ছে। যেভাবে ওমিক্রন ছড়াচ্ছে তাতে পরিস্থিতির অনেক পরিবর্তন হবে। ওমিক্রন জনজীবনে কতটা প্রভাব ফেলবে তা অবশ্য এখনই বলা যাচ্ছে না। সব দেশকেই ওমিক্রনের বিষয়ে তথ্য সংগ্রহ করতে বলা হয়েছে। নতুন এই ভেরিয়েন্ট রুখতে আলাদা কোনও পরীক্ষা বা সতর্কতার প্রয়োজন আছে কিনা জানতে চাওয়া হলে ডক্টর ক্ষেত্রপাল বলেন, আক্রান্তদের প্রাথমিক তথ্য ও সমস্যা সম্পর্কে আরও তথ্য সংগ্রহ করতে হবে। সেই তথ্য পেলেই এ বিষয়ে চূড়ান্ত সিদ্ধান্ত নেওয়া যাবে। তবে আক্রান্তদের চিকিৎসার জন্য সব ধরনের পরিকাঠামো তৈরি রাখতে হবে। দেখা যাচ্ছে টিকা নেওয়ার পরেও বহু মানুষ ওমিক্রন আক্রান্ত হচ্ছেন। তাই সচেতনতা মেনে চলা ছাড়া ওমিক্রনের হাত থেকে বাঁচার দ্বিতীয় কোনও পথ নেই।

Afghanistan: তালিবান জঙ্গি শাসনে করুণ অবস্থা, ভারত পাঠাল ওষুধ

medicines-to-afghanistan

News Desk: কূটনৈতিক স্বীকৃতি দেয়নি কোনও দেশই। এমনকি বন্ধু বলে পরিচিত পাকিস্তানও। ফলে তালিবান জঙ্গিদের দখল করা আফগানিস্তানে (Afghanistan) অর্থনৈতিক বিপর্যয় চলছে। তেমনই চলছে ওষুধ বিপর্যয়। বিদেশ থেকে আসা ওষুধের উপর ভরসা করা আফগানিদের চরম বিপদ। এই প্রেক্ষিতে মানবিক কারণে আফগানিস্তানে ওষুধ পাঠাল ভারত সরকার।

সরাসরি তালিবান জঙ্গি সরকারকে না দিয়ে বিশ্ব সাস্থ্য সংস্থা (হু) মাধ্যমে ওষুধ পাঠিয়েছে ভারত সরকার।

বিদেশ মন্ত্রকের তরফে জানানো হয়েছে, বিশেষ বিমানে করে এই চিকিৎসা সামগ্রী পাঠানো হয়। বিমানটি ফেরার পথে১০ জন ভারতীয় ও ৯৪ জন আফগানকে দিল্লিতে এনেছে। বিশ্ব স্বাস্থ্য সংস্থার কাবুলের প্রতিনিধিদের কাছে এই ওষুধ সামগ্রী পৌঁছে দেওয়া হয়েছে বলে বিদেশ মন্ত্রক জানিয়েছে।

গত ১৫ আগস্ট আমেরিকা পুরোপুরি নিয়ন্ত্রণ ছেড়ে দিতেই নির্বাচিত সরকারকে হটিয়ে দ্বিতীয়বার ক্ষমতা দখল করেছে তালিবান জঙ্গিরা। এর পর বারবার তালিবান জঙ্গিদের পরিচালিত সরকার আন্তর্জাতিক স্বীকৃতি চেয়েছে। কেউ সাড়া দেয়নি।

এরমধ্যে শুরু হয়েছে খাদ্য সংকট। পরিস্থিতি দেখে ভারত ঘোষণা করেছে পাকিস্তানের মধ্য দিয়ে সড়ক পথে আফগানিস্তানে ৫০,০০০ টন গম এবং ওষুধ পাঠাবে। মানবিক কারণে পাকিস্তানের সড়পথ ব্যবহার করার জন্য অনুমতি চায় ভারত। পাকিস্তান সরকার ভারতের আবেদনে সাড়া দেয়।

গত ১০ নভেম্বর আফগানিস্তানের বর্তমান পরিস্থিতির উপর একটি বৈঠকের আয়োজন করেছিল ভারত সরকার। যেখানে আফগানিস্তানের সীমান্তবর্তী দেশগুলি যথা রাশিয়া, ইরান, কাজাখস্তান, কিরগিজস্তান, তাজিকিস্তান, তুর্কমেনিস্তান এবং উজবেকিস্তান অংশগ্রহণ করে। তবে পাকিস্তান ও চিন এই বৈঠকে আসেনি। বৈঠকে আফগানিস্তান যাতে সন্ত্রাসবাদের আঁতুড়ঘরে যাতে পরিনত না হয়, সেই ব্যাপারে সব দেশ কার্যকরী পদক্ষেপ নেবে বলে একমত হয়।

Who is the new CDS: নতুন সেনা সর্বাধিনায়ক কে? চলছে জল্পনা, এই পদের দায়িত্ব জানুন

Who is the new chief of defence staff

News Desk: শেষকৃত্য সম্পন্ন হয়েছে জেনারেল বিপিন রা়ওয়াতের। বুধবার দুপুরে তামিলনাড়ুর কুন্নুরে কপ্টার দুর্ঘটনায় প্রাণ হারিয়েছেন দেশের প্রথম সেনা সর্বাধিনায়ক (Chief of Defence Staff) বিপিন রাওয়াত ও তাঁর স্ত্রী সহ অফিসার, জওয়ানরা। কে হবেন পরবর্তী সেনা সর্বাধিনায়ক?

দেশে প্রথম সেনা সর্বাধিনায়কের পদটি তৈরি করে নরেন্দ্র মোদীর সরকার। ১৯৯৯ সালে কারগিল রিভিউ কমিটির রিপোর্ট খতিয়ে দেখার পর এই পদটি তৈরির সিদ্ধান্ত নিয়েছিল এনডিএ সরকার। প্রতিরক্ষা ব্যবস্থাকে আরও মজবুত ও পরিস্থিতি অনুযায়ী যাতে দ্রুত সিদ্ধান্ত নেওয়া যায় সেজন্যই এই সেনা সর্বাধিনায়ক পদটি তৈরি করার পরামর্শ দিয়েছিল কারগিল রিভিউ কমিটি। সেই পদে প্রথম বসানো হয় জেনারেল বিপিন রাওয়াতকে।

এই পদের দাবিদার হিসেবে মূল আলোচনার কেন্দ্রে উঠে এসেছে বর্তমান সেনাপ্রধান মনোজ মুকুন্দ নারাভানে ও অবসরপ্রাপ্ত বায়ুসেনা প্রধান আর কে এস ভাদুরিয়ার নাম। শেষ পর্যন্ত সেনা সর্বাধিনায়ক পদে কে আসবেন প্রধানমন্ত্রী, কেন্দ্রীয় স্বরাষ্ট্রমন্ত্রী ও প্রতিরক্ষামন্ত্রী মিলে চূড়ান্ত সিদ্ধান্ত নেবেন।

চিফ অফ ডিফেন্স স্টাফ বা সেনা সর্বাধিনায়ককে কী কাজ করতে হয়?
খাতায়-কলমে সেনা সর্বাধিনায়কের দায়িত্ব স্থল সেনা, নৌসেনা,বায়ুসেনা অর্থাৎ তিন বাহিনীর মধ্যে সমন্বয় করে পরামর্শ দেওয়া।

সেনাবাহিনীর সুপ্রিম কমান্ডার রাষ্ট্রপতি। তাঁর ও তিন বাহিনীর প্রধানের মধ্যে গুরুত্বপূর্ণ পদ হলো সেনা সর্বাধিনায়ক। এই পদাধিকারীকে কেন্দ্রীয় প্রতিরক্ষা মন্ত্রী ও তিন বাহিনীর প্রধান উপদেষ্টা হিসেবে কাজ করেন সেনা সর্বাধিনায়ক।

এছাড়া সিডিএসকে পালন করতে হয় একাধিক গুরুত্বপূর্ণ দায়িত্ব।
১. পদাধিকার বলে সিডিএস চিফ ও স্টাফ কমিটির স্থায়ী চেয়ারম্যান। কেন্দ্রীয় প্রতিরক্ষা মন্ত্রীর আওতাধীন প্রতিরক্ষা বিষয়ক পরিষদের স্থায়ী সদস্য সিডিএস।
২. সেনাবাহিনীর উপদেষ্টা হিসেবে পরমাণু কমান্ড অথোরিটির দায়িত্ব থাকে সিডিএসের কাঁধে।

৩. সেনার তিন শাখার অপারেশন, সরবরাহ, প্রশিক্ষণ, পরিবহণ, যোগাযোগ, সহায়তা পরিষেবা, মেরামতের মতো বিভিন্ন গুরুত্বপূর্ণ কাজের নজরদারি ও প্রয়োজনীয় সিদ্ধান্ত নেওয়ার দায়িত্ব সিডিএসের ঘাড়ে।

৪ সেনাবাহিনীর তিন শাখার দক্ষতা বৃদ্ধি করা, যুদ্ধের সক্ষমতা বাড়িয়ে তোলা এবং তিন বাহিনীর পরিকাঠামোগত গুরুত্বপূর্ণ সংস্কার করার দায়িত্বও থাকে সিডিএস পালন করেন।

সেনা সর্বাধিনায়ককে চারতারা পদমর্যাদার জেনারেল হিসেবে সম্মানিত। সেনাবাহিনীর তিন শাখার প্রধানরা যে বেতন পান সিডিএস সেই পরিমাণ বেতন পান।

Khudiram: ফাঁসির মঞ্চে ক্ষুদিরামের কথা চমকে দিয়েছিল জহ্লাদকে!

Khudiram

Khudiram: An 18-year-old martyr who smiled at death
বিশেষ প্রতিবেদন: জন্মদিন তবু এমন সুখের দিনেও ঘুরে ফিরে আসে তাঁর মৃত্যু কাহিনী। ফাঁসির মঞ্চে যথারীতি এক কথায় জহ্লাদকেও অবাক করে দিয়েছিলেন আঠেরোর বালক। তাঁর মৃত্যুবরণ দেখে হয়তো ভয় পেয়েছিলেন স্বয়ং যমরাজও। এমনই ছিলেন মেদিনীপুরের বিষ্ময় বালক ক্ষুদিরাম বসু।

জহ্লাদকে কি এমন কথা বলেছিলেন ক্ষুদিরাম বসু? তাঁর ফাঁসির আগের মুহূর্তগুলিও অবাক করে দেওয়া। কথোপকথন এবং আচার ব্যবহারে একবারও মনে হয়নি ওঁকে মৃত্যু ভয় কোনও কথা রয়েছে। সতীশ চন্দ্র চক্রবর্তী ছিলেন ক্ষুদিরামের পক্ষে সওয়ালকারী তিন আইনজীবীর একজন। এদিক সেদিক বহু কথার পর তিনি ক্ষুদিরামকে জিজ্ঞাসা করেন “তুমি কি জান রংপুর হইতে আমরা কয়েকজন উকিল তোমাকে বাঁচাইতে আসিয়াছি? তুমি তো নিজেই আপন কৃতকর্ম স্বীকার করিয়াছ।” ক্ষুদিরামের উত্তর ছিল “কেন স্বীকার করব না?”। এমনই ছিল তাঁর শেষ প্রশ্নটিও।

১১ আগস্ট, জেলের ভিতরে ডানদিকে একটু দূরে প্রায় ১৫ ফুট উঁচুতে ফাঁসির মঞ্চ। দুই দিকে দুই খুঁটি আর একটি মোটা লোহার রড যা আড়াআড়িভাবে যুক্ত তারই মাঝখানে বাঁধা মোটা একগাছি দড়ি ঝুলিয়া আছে। তাহার শেষ প্রান্তে একটি ফাঁস। এরপরেই ক্ষুদিরামকে নিয়ে আসে চারজন পুলিশ। তথ্য বলছে, ক্ষুদিরামই হাঁটছিলেন আগে। যেন তিনিই সেপাইদের টেনে আনছেন। এরপর সে উপস্থিত আইনজীবীদের দিকে তাকিয়ে হাসে। এরপর ফাঁসির মঞ্চে উপস্থিত হলে তার হাত দু’টি পিছন দিকে এনে বেঁধে দেওয়া হয়। জহ্লাদ তখন শেষ মুহূর্তের কাজ করছিল। গলায় ফাঁসির দড়ি পড়ানো মাত্রই দামাল ছেলের প্রশ্ন “ফাঁসির দড়িতে মোম দেওয়া হয় কেন?” – এটাই তার শেষ কথা। চমকে দিয়েছিল জহ্লাদকে।

এরপরের ঘটনা ইতিহাস। একটি সবুজ রঙের পাতলা টুপি দিয়ে গলা পর্যন্ত ঢেকে গলায় ফাঁস দেওয়া হয়। ক্ষুদিরাম সোজা হয়ে দাঁড়িইয়ে ছিলেন। যেন শেষ মুহূর্তটিকে তিনি প্রাণভরে উপভোগ করছেন। এরপর উডম্যান সাহেব ঘড়ি দেখে একটি রুমাল উড়িয়ে দেন। জহ্লাদ মঞ্চের অন্য প্রান্তে হ্যান্ডেল টেনে দেয়। কেবল কয়েক সেকেন্ড ধরে উপরের দড়িটি নড়তে থাকে। তারপর সব স্থির। আধঘন্টা পর দুজন বাঙালি ডাক্তার এসে খাটিয়া ও নতুন বস্ত্র নিয়ে যায়। নিয়ম অনুসারে ফাঁসির পর গ্রীবার পশ্চাদদিক অস্ত্রপচার করে দেখা হয়, পড়বার পর মৃত্যু হয়েছে কিনা। ডাক্তার সেই অস্ত্রপচার করা স্থান সেলাই করে, ঠেলে বাইরে চলে আসা জিভও চোখ যথাস্থানে বসিয়ে দেন। পরিয়ে দেন নতুন কাপড়। এরপর দেহ আসে জেলের বাইরে।

অন্তিম সময়ে ক্ষুদিরাম ম্যাৎসিনী, গ্যারিবল্ডি ও রবীন্দ্ররচনাবলী পড়তে চেয়েছিলেন। অন্তিম দিনে আইনজীবী কালিদাসবাবুকে বলেছিলেন , “রাজপুত নারীরা যেমন নির্ভয়ে আগুনে ঝাঁপ দিয়া জওহরব্রত উদযাপন করত , আমিও তেমন নির্ভয়ে প্রাণ দিব।” ১০ আগস্ট সে বলেছিল, “আগামীকাল আমি ফাঁসির আগে চতুর্ভুজার প্রসাদ খাইয়া বধ্যভূমিতে যাইতে চাই”ফাঁসির আগে ক্ষুদিরামের শেষ ইচ্ছা প্রথমে ছিল এই যে – তিনি বোমা বানাতে পারেন, অনুমতি পেলে ওটা সবাইকে শিখিয়ে যেতে চান!

Omicron: টিকা নিতে নারাজ ইউরোপবাসীকে বাগে আনতে কড়া হুঁশিয়ারি

vaccination incentives

News Desk: নভেল করোনাভাইরাসের নতুন ভ্যারিয়েন্ট ওমিক্রন ছড়াচ্ছে হু হু করে। করোনার মৃত্যু আহ্বানের আমন্ত্রণ এসেছে। অথচ প্রচলিত টিকাগুলি নিতে অস্বীকার করছেন ইউরোপের বেশ কিছু দেশের বাসিন্দারা। শিল্পন্নোত পশ্চিম ইউরোপের ধনী দেশগুলির এই চরম অবৈজ্ঞানিক মানসিকতার কারণে বিশ্ব বিপদের মুখে। বিশ্ব স্বাস্থ্য সংস্থার হুঁশিয়ারি কমপক্ষে ৫ লক্ষ মানুষের মৃত্যু হতে পারে।

করোনা প্রতিরোধের টিকা নিতে নারাজ বেশকিছু দেশের বাসিন্দারা। হচ্ছে জ্বলন্ত প্রতিবাদ। এই অবস্থায় ইউরোপীয় ইউনিয়নভুক্ত (ইইউ) দেশগুলোকে কোভিড টিকা বাধ্যতামূলক করার প্রস্তাবে শোরোগোল পড়ল। টিকা বিরোধী জনতার বিক্ষোভ আরও জ্বলন্ত হবে বলেই আশঙ্কা।

বিবিসি জানাচ্ছে, টিকা নেওয়ার প্রস্তাব বিবেচনার আহ্বান জানিয়েছেন ইউরোপীয় কমিশনের প্রধান উরসুলা ভন ডার লেয়েন। বেলজিয়ামের রাজধানী
ব্রাসেলসে সাংবাদিকের সম্মেলনে তিনি বলেন, টিকা বাধ্যতামূলক করা নিয়ে ঠিক কী পদক্ষেপ নেওয়া যায় সে বিষয়ে আলোচনা জরুরি। এ ক্ষেত্রে অবশ্যই যৌথ উদ্যোগ প্রয়োজন। আমি মনে করি আলোচনাটা শুরু হওয়া দরকার।

ইউরোপীয় কমিশনের প্রধান বলেছেন, ব্যাপক মাত্রায় সংক্রমণে সক্ষম ওমিক্রন ভ্যারিয়েন্ট রুখতে টিকা গুরুত্বপূর্ণ ভূমিকা রাখতে পারে।

এদিকে ওমিক্রন ভয়ে ভীত হয়ে কড়া অবস্থান নিলঅস্ট্রিয়া সরকার। ফেব্রুয়ারি থেকে কোভিড টিকা বাধ্যতামূলক হবে এমন ঘোষণা করেছে দেশটির সরকার। গ্রিসে টিকা না নেওয়া ষাটোর্ধ্বদের প্রতি মাসে ১০০ ইউরো করে জরিমানা গুনতে হচ্ছে।

টিকা গ্রহণের শতাংশে জার্মানির অবস্থান নিম্ন সারিতে। দেশটিক পরবর্তী চ্যান্সেলর হতে যাওয়া ওলাফ শলজ জানিয়েছেন, তিনি টিকা বাধ্যতামূলক করার পক্ষে। তিনি বলেন, গত মার্চ থেকেই টিকা বাধ্যতামূলক চেয়ে আসছি। একই সঙ্গে দ্রুতগতির বুস্টার ডোজ প্রদান কার্যক্রম জরুরি।

বিবিসি জানাচ্ছে, গত ২২ নভেম্বর প্রথম দক্ষিণ আফ্রিকায় ওমিক্রন শনাক্ত হয়। ২৪ নভেম্বর বিশ্ব স্বাস্থ্য সংস্থা (হু) একে ভ্যারিয়েন্ট অফ কনসার্ন বা উদ্বেগজনক ভ্যারিয়েন্ট হিসেবে চিহ্নিত করে। এর নামকরন করে ওমিক্রন।

Bhutan: করোনায় মৃত ৩ জন ! ওমিক্রন রুখতে নামলেন ড্রাগন রাজা

Bhutan government starting to prevent covid 19

প্রসেনজিৎ চৌধুরী: শুরু হয়ে গিয়েছে যুদ্ধ প্রস্তুতি। রক্ষা করতে হবে করোনা বিরোধী শক্তিশালী দুর্গকে। যে দুর্গের বিখ্যাত ড্রাগন দরজা পেরিয়ে অদৃশ্য জীবাণু ঘাতক হামলা করলেও গত দু বছরে তেমন কিছু ক্ষতি করতে পারেনি। এমনই দুর্গ-ভুটান (Bhutan) ফের তৈরি। রাজধানী থেকে প্রত্যন্ত জেলা, মফস্বল, প্রবল ঠান্ডায় কুঁকড়ে থাকা গ্রামাঞ্চলেও চলছে প্রতিরোধের ছক চলছে।

বিশ্ব কাঁপতে শুরু করেছে করোনাভাইরাসের নতুন ভ্যারিয়েন্ট ওমিক্রন আতঙ্কে। দক্ষিণ আফ্রিকা থেকে দ্রুত ছড়িয়ে পড়ছে সেটি। বিশেষজ্ঞেররা বলছেন, এই ভ্যারিয়েন্ট ডেল্টার থেকেও ভয়াবহ। করোনাভাইরাস হামলা রুখেছে গুটিকয়েক দেশ। তাদের অন্যতম লাওস, ভিয়েতনাম। তাদেরই সঙ্গে এক সারিতে এসেছে পশ্চিমবঙ্গের প্রতিবেশি দেশ ভুটান।

ভুটানের সংবাদ সংস্থা ও স্থানীয় সংবাদ মাধ্যমগুলি জানাচ্ছে, রাজা জিগমে খেসর নামগিয়াল ওয়াংচুকের নির্দেশে সরকার সংগ্রহ করছে ওমিক্রন ভ্যারিয়েন্টের সর্বশেষ তথ্য। চিকিৎসক প্রধানমন্ত্রী লোটে শেরিং ও তাঁর সরকারের স্বাস্থ্যমন্ত্রী দেচেন ওয়াংমোর আধুনিক জনস্বাস্থ্য বিজ্ঞানের ব্যবহারিক প্রয়োগ নিয়ে বিশ্বজোড়া প্রশংসিত।

ড্রাগন রাজার ফরমান সরকারের মাধ্যমে ‘ড্রাগনভূমি’র সর্বত্র ছড়িয়েছে। এই ফরমানে বলা হয়েছে, যে অরেঞ্জ ফাইটাররা কোভিড লকডাউন পর্যায়ে জনস্বাস্থ্য রক্ষা করেছিলেন তাদের পরবর্তী যুদ্ধের জন্য প্রস্তুত হতে হবে। কারণ, ওমিক্রন ভ্যারিয়েন্ট আরও ভয়াবহ আকার নিতে চলেছে বলেই বিশেষজ্ঞরা মনে করছেন।

থিম্পুর রাজবাড়ি থেকে নির্দেশ আসতেই ভুটান জুড়ে শুরু হয়েছে তুমুল ব্যস্ততা। নির্দেশ এসেছে, করোনা মোকাবিলায় বিখ্যাত কমলা যোদ্ধাদের (ডি সুং বা ডি সুপ) পরবর্তী ব্যাচগুলিকে দেশের ২০টি জেলাতেই নতুন করে কাজ শুরু করতে হবে। বিশেষত ভারত লাগোয়া জেলাগুলিতে নজর দিতে বলা হয়েছে।

ভারত ও চিনের মাঝে ছোট দেশ ভুটান। উত্তরে চিনের সঙ্গে সীমান্ত এলাকা থেকে দক্ষিণ ও পূর্ব দিকে ভারত লাগোয়া এলাকা নিয়েই চিন্তা ভুটান সরকারের। সড়কপথে বিশ্বের সঙ্গে এদিক দিয়েই সংযোগ রক্ষা করে ভুটান সরকার। ভারত সংলগ্ন ভুটানের জনবহুল জেলাগুলির অন্যতম চুখা, সমদ্রুপ জংখার।

পশ্চিমবঙ্গ, সিকিম, অসম, অরুণাচল প্রদেশের সঙ্গে ভুটানের সীমান্ত। পশ্চিমবঙ্গের তিনটি জেলা জলপাইগুড়ি, কালিম্পং, আলিপুরদুয়ারের সঙ্গে ভুটান সংলগ্ন। এখানেই আছে দক্ষিণ এশিয়ার অন্যতম স্থলপথ বাণিজ্যকেন্দ্র ফুন্টশোলিং-জয়গাঁ সীমান্ত। ভুটানের চুখা জেলার ফুন্টশোলিং ও ভারতের দিকে আলিপুরদুয়ার জেলার জয়গাঁর মাঝে বিখ্যাত ‘ভুটান গেট’।

করোনা লকডাউন পর্বে এই বিখ্যাত ভুটান গেট বন্ধ করে বিশ্ব থেকে স্থলপথে বিচ্ছিন্ন হয়েছিল ভুটান। এরপর দেশব্যাপী শুরু হয়েছিল করোনা প্রতিরোধ। সীমান্তের এপারে যখন পশ্চিমবঙ্গে করোনায় মৃত্যু মিছিল চলছিল তখন ওপারে ভুটানের এলাকায় সংক্রমণ রুখতে মরণপণ চেষ্টা চালায় দেশটির সরকার। সেই কাজে তাদের সফলতা দেখে চমকে গিয়েছে দুনিয়া। অদৃশ্য জীবাণু ঘাতকদের হামলা রুখে বিশ্ব স্বাস্থ্য সংস্থার কাছে বিস্ময় নাম এখন ভুটান। তারা ফের তৈরি।

Covid 19: আতঙ্কের নতুন নাম omicron কেমন ‘খতরনাক’, জেনে নিন

omicron is dangerous

News Desk: বিশ্বজুড়ে উদ্বেগের কারণ,করোনাভাইরাসের নতুন ভ্যারিয়েন্ট – ওমিক্রন (omicron)। বিশ্ব স্বাস্থ্য সংস্থা (WHO) জানিয়েছে সতর্কতা নিতেই হবে।

করোনার সর্বশেষ ‌এই ভ্যারিয়েন্ট কোভিড জীবাণুর সবচেয়ে বেশি মিউটেট হওয়া সংস্করণ। এর মিউেটশনের তালিকা এত দীর্ঘ যে কিছু বিশেষজ্ঞ বিজ্ঞানী একে ‘ভয়াবহ’ বলে বর্ণনা করেছেন। বিবিসি জানাচ্ছে এই খবর। ওমিক্রন তার যাত্রা শুরু করেছে দক্ষিণ আফ্রিকা থেকে।ধারণা করা হচ্ছে এটি অন্য জায়গায় ছড়িয়ে পড়বে।

Experts,  suggestions,  central government, Omicron

বিশ্বজুড়ে মূলত তিনটি প্রশ্ন,
(১)ওমিক্রন ভ্যারিয়েন্ট কত দ্রুত ছড়াতে পারবে?
(২)ভ্যাকসিনের সুরক্ষাকে ভেদ করতে পারবে?
(৩)এর বিরুদ্ধে কি ব্যবস্থা নেওয়া যাবে?

বিশ্ব স্বাস্থ্য সংস্থা (হু) নতুন এই করোনা ভ্যারিয়েন্টের নাম দিয়েছে ওমিক্রন। বিবিসি প্রতিবেদনে বলা হয়েছে, এই ভ্যারিয়েন্টটি তার রূপ পরিবর্তন করেছে অনেকভাবে।

দক্ষিণ আফ্রিকার সেন্টার ফর এপিডেমিক রেসপন্স অ্যান্ড ইনোভেশনের পরিচালক অধ্যাপক টুলিও ডি অলিভিয়েরা বলছেন, এই ভ্যারিয়েন্টটি অনেক অস্বাভাবিকভাবে মিউটেট করেছে এবং এখন পর্যন্ত অন্য যেসব ভ্যারিয়েন্ট ছড়িয়েছে তার চেয়ে এটি অনেকখানিই আলাদা। তিনি বলেছেন, বিবর্তনের জন্য এটা বড় বড় ধাপ পার হয়েছে। কোভিড জীবাণুতে আমরা সাধারণত যে ধরণের মিউটেশন দেখি এর মধ্যে সেটা অনেক বেশি।

বিবিসি জানাচ্ছে, কোভিডের অনেক ভ্যারিয়েন্ট গবেষণাগারে বিপজ্জনক বলে মনে হলেও পরে তা ভুল প্রমাণিত হয়। চলতি বছরের শুরুর দিকে বেটা ভ্যারিয়েন্ট নিয়ে সবাই দুর্ভাবনায় ছিলেন। কারণ মানুষের রোগ প্রতিরোধ ক্ষমতা ভেদ করতে এর কোনও জুড়ি ছিল না। কিন্তু পরে দেখা গেছে ডেল্টা ভ্যারিয়েন্ট এর চেয়েও দ্রুত গতিতে সারা বিশ্বে ছড়িয়ে পড়েছে।

বিশেষজ্ঞরা বলছেন, বেটা ভ্যারিয়েন্ট শুধু রোগ প্রতিরোধ ক্ষমতাকে ভেদ করতে পারতো। আর কিছু না। ডেল্টার সংক্রমণ ক্ষমতা ছিল বেশি। কেমব্রিজ বিশ্ববিদ্যালয়ের গবেষকরা বলছেন, ওমিক্রন দুই দিক থেকেই সমান পারদর্শী।

Omicron: পিসিআর পরীক্ষাতেও ধরা পড়ছে ওমিক্রনের সংক্রমণ, জানাল বিশ্ব স্বাস্থ্য সংস্থা

Omicron infection

News Desk: করোনার সংক্রমণ চিহ্নিত করতে গোটা বিশ্বেই পিসিআর পরীক্ষাকে (PCR test) সর্বাধিক গুরুত্ব দেওয়া হয়। করোনার অন্যান্য ভ্যারিয়েন্টের মত পিসিআর পরীক্ষার মাধ্যমে ওমিক্রনের (Omicron) সংক্রমণও চিহ্নিত করে যাচ্ছে বলে জানাল বিশ্ব স্বাস্থ্য সংস্থা (World Health Organisation)। পিসিআর টেস্ট ছাড়াও অন্যান্য ধরনের পরীক্ষা বিশেষ করে র্যাপিড অ্যান্টিজেন পরীক্ষার মাধ্যমে ওমিক্রনের সংক্রমণ ধরা পড়ে কি না তা নিয়ে এই মুহূর্তে গবেষণা চলছে।

মাত্র কয়েকদিন আগে দক্ষিণ আফ্রিকায় (south africa) প্রথম করোনার এই নতুন প্রজাতি ওমিক্রনের সন্ধান মিলেছে। ইতিমধ্যেই ওমিক্রন ভাইরাসকে অত্যন্ত উদ্বেগজনক বলে চিহ্নিত করেছে হু। ওমিক্রনের হাত থেকে রক্ষা পেতে ইতিমধ্যেই বিশ্বের বেশ কয়েকটি দেশ দক্ষিণ আফ্রিকার সঙ্গে বিমান যোগাযোগ বন্ধ করে দিয়েছে। নতুন এই ভাইরাসটির চরিত্র সম্পর্কে বিশেষজ্ঞরাও খুব একটা পরিচিত নন। যে কারণে কিভাবে এই ভাইরাসকে প্রতিরোধ করা যাবে তা নিয়েও উদ্বেগ বেড়েছে। এই ভাইরাসটির বৈশিষ্ট্য সম্পর্কে জানতে গবেষকরা নিরন্তর পরিশ্রম করে চলেছেন। করোনার অন্য প্রজাতিগুলির তুলনায় ওমিক্রন আরও বেশি মারাত্মক কিনা সেটাও এখনও হুর বিজ্ঞানীদের কাছে স্পষ্ট নয়।

রবিবার বিশ্ব স্বাস্থ্য সংস্থার বিশেষজ্ঞরা বলেছেন, এই মুহূর্তে তাঁদের হাতে এমন কোনও তথ্য নেই যার মাধ্যমে ওমিক্রনের উপসর্গকে করোনার অন্য প্রজাতির ভাইরাসের উপসর্গ থেকে আলাদা হিসেবে চিহ্নিত করা যায়। তবে যারা আগে করোনা আক্রান্ত হয়েছিলেন তারাও নতুন করে ওমিক্রন ভাইরাসে সংক্রামিত হতে পারেন। ওমিক্রনের প্রভাব কতটা সুদুরপ্রসারী তা জানতে নিরন্তর গবেষণা চালাচ্ছেন বিজ্ঞানীরা। অভিজ্ঞতা বলছে, ভ্যাকসিন এই নতুন প্রজাতিকে ঠেকাতে পারছে না। তাই কীভাবে ওমিক্রনের হাত থেকে রক্ষা পাওয়া যায় তা নিয়ে গবেষণা শুরু হয়েছে।

সাধারণত করোনার সংক্রমণে গুরুতর অসুস্থ হয়ে পড়া মানুষের চিকিৎসায় ব্যবহার করা হয় কর্টিকস্টেরয়েড ও আইএল-৬ রিসেপটর ব্লকার। বিজ্ঞানীরা আশা করছেন, ওমিক্রন আক্রান্তদের চিকিৎসাতেও এই দুই ওষুধ কাজ দেবে। করোনা রুখতে বর্তমানে বাজারে যে সমস্ত ওষুধ চালু রয়েছে সেগুলি ওমিক্রনকে ঠেকাতে পারে কিনা তা নিয়েও গবেষণা চলছে। বিশ্ব স্বাস্থ্য সংস্থার প্রধান বিজ্ঞানী সৌম্যা স্বামীনাথন জানিয়েছেন, তাঁরা এখনও পর্যন্ত নতুন এই ভেরিয়েন্টের বৈশিষ্ট্য সম্পর্কে বুঝে উঠতে পারেননি। ওমিক্রন সম্পর্কে বিস্তারিত জানতে তাঁদের আরও কিছুটা সময় লাগবে। এই ভাইরাসের বৈশিষ্ট্য বা চরিত্রগত গুণাবলী একবার জানা গেলে সে ক্ষেত্রে রোগ প্রতিরোধ করার বিষয়টি কিছুটা সহজ হবে।

Covid 19: করোনার নতুন মুখোশ ওমিক্রন ভয়ে স্থগিত WTO সম্মেলন

Covid 19

News Desk: করোনাভাইরাসের (Covid 19) নতুন ধরণ ধরা পড়েছে দক্ষিণ আফ্রিকায়। এর নাম ওমিক্রন। এই ধরণটি ইন্ডিয়ান ভ্যারিয়েন্ট বা ডেল্টা ভ্যারিয়েন্টের চেয়ে বিপজ্জনক। ফলে বাতিল হয়ে গেল বিশ্ব বাণিজ্য সংস্থার মন্ত্রী পর্যায়ের বৈঠক।

আগামী সপ্তাহে হতে চলা সুইজারল্যান্ডের জেনেভায় বিশ্ব বাণিজ্য সংস্থার (ডব্লিউটিও) মন্ত্রী পর্যায়ের সম্মেলন শেষ মুহূর্তে স্থগিত করা হয়েছে। বিজ্ঞপ্তিতে জানানো হয়েছে। আগামী ৩০ নভেম্বর এই সম্মেলন শুরুর কথা ছিল।

ডব্লিউটিএর মহাপরিচালক নোজি ওকোনজো ইওয়েল বলেন, দ্রুত কোনো পদক্ষেপ নেওয়া খুব সহজ বিষয় ছিল না। কিন্তু সংস্থার মহাপরিচালক হিসেবে সব অংশগ্রহণকারী, মন্ত্রী, প্রতিনিধিদের স্বাস্থ্য এবং নিরাপত্তাই আমার কাছে প্রধান অগ্রাধিকার।

দক্ষিণ আফ্রিকায় প্রথম শনাক্ত হওয়া করোনাভাইরাসের নতুন ধরন ‘ওমিক্রন’কে ইতোমধ্যে ‘উদ্বেগজনক’ বলেছে বিশ্ব স্বাস্থ্য সংস্থা (হু)। ‘ওমিক্রন’কে এখন পর্যন্ত পাওয়া করোনার ভয়াবহ ধরনগুলোর মধ্যে একটি হিসেবে ধরা হচ্ছে। প্রাথমিকভাবে করোনার এই ধরণটির নাম রাখা হয়েছিল বি.১.১.৫২৯।

দক্ষিণ আফ্রিকা ছাড়াও বতসোয়ানা, ইজরায়েল ও হংকং, বেলজিয়ামে ওমিক্রন শনাক্ত হয়েছে। এই পরিস্থিতিতে আফ্রিকার দক্ষিণাঞ্চলের কয়েকটি দেশের ওপর ফ্লাইট চলাচলে জরুরিভিত্তিতে নিষেধাজ্ঞা দিয়েছে ইউরোপীয় ইউনিয়নের দেশগুলি। নিষেধাজ্ঞা আরোপ করেছে মার্কিন যুক্তরাষ্ট্র, কানাডা ও ব্রিটেন।

Covid 19: এশিয়া ও ইউরোপের ৫৩টি দেশকে করোনা সতর্কতা দিল হু

covid-19-who-alert-on-europe-and-asia

News Desk: করোনা (coronavirus) মহামারি এখনও শেষ হয়ে যায়নি বরং ভাইরাস নতুন করে আঘাত হানার জন্য প্রস্তুতি শুরু করেছে। এভাবেই এশিয়া ও ইউরোপে সতর্কতা দিল বিশ্ব স্বাস্থ্য সংস্থা (হু)। 

হু জানাচ্ছে,গত বছর যে সময় করোনার (coronavirus) দ্বিতীয় ঢেউ গোটা বিশ্বে আছড়ে পড়েছিল, ঠিক তেমনই এক সময়ের সামনে এসে দাঁড়িয়ে আছি। বিশেষ করে ইউরোপ (europe) ও এশিয়ার (asia) কমপক্ষে ৫৩ টি দেশ এক ভয়াবহ সন্ধিক্ষণে এসে দাঁড়িয়েছে। এই দেশগুলিতে করোনাভাইরাস যে কোন সময় মহামারীর রূপ নিতে পারে।

শুক্রবার বিশ্ব স্বাস্থ্য সংস্থার ইউরোপের ডিরেক্টর হ্যান্স ক্রুজ (Hans cruz) বলেন, এই মুহূর্তে ইউরোপ এবং এশিয়ার ৫৩টি দেশে সংক্রমণের হার অত্যন্ত উদ্বেগজনক। ওই সমস্ত দেশগুলির বাস্তব পরিস্থিতি বিচার করে আশঙ্কা করা হচ্ছে, ২০২২-এর ফেব্রুয়ারির মধ্যে আরও অন্তত পাঁচ লক্ষ মানুষ করোনায় প্রাণ হারাতে পারেন। করোনার নতুন স্ট্রেন যেভাবে সংক্রমণ ছড়াচ্ছে তা অত্যন্ত ভয়াবহ। এই গতিতে সংক্রমণ ছড়িয়ে পড়তে থাকলে কয়েক মাসের মধ্যেই নতুন করে ভয়াবহ আকার ধারণ করবে করোনা।

ক্রুজ আরও বলেন গোটা বিশ্ব এক ভয়াবহ সন্ধিক্ষণের সামনে এসে দাঁড়িয়েছে। অনেক দেশেই সংক্রমণের হার ফের রেকর্ড স্তরে পৌঁছেছে। এই অবস্থা থেকে বাঁচতে হলে ইউরোপের একাধিক দেশকে আরও অনেক সতর্ক হতে হবে। হতে হবে পরিশ্রমী। একই কথা প্রযোজ্য এশিয়ার কয়েকটি দেশের ক্ষেত্রেও। এশিয়া ও ইউরোপের ওই সব দেশ যদি সংক্রমণে রোধে অবিলম্বে উপযুক্ত ব্যবস্থা না নেয় তবে সভ্যতা এক চরম বিপদের সামনে গিয়ে পৌঁছবে।

হু-র এই আশঙ্কা যে আদৌ অমূলক নয়, ইতিমধ্যেই তার প্রমাণ মিলেছে। রাশিয়া-সহ একাধিক দেশে সংক্রমণ হু হু করে বাড়ছে। এই অবস্থা থেকে মুক্তি পেতে নিষেধাজ্ঞা মেনে চলাই একমাত্র পথ। মানুষ যদি সেই নিষেধাজ্ঞা না মানে তবে নিজেরাই নিজেদের বিপদ ডেকে আনবে।

ইউরোপ ও আমেরিকায় শীত আসছে। এই শীতে সংক্রমণ আরও দ্রুত ছড়ায়। তাই মানুষকেও আরও অনেক বেশি সতর্ক থাকতে হবে। অন্যথায় করোনা মানুষের জীবনে এক দুর্বিষহ অভিশাপ হিসেবে দেখা দেবে।

Covid 19 : ইউরোপে ফের করোনা মহামারির আশঙ্কা করছে হু

modi-mask

News Desk: ইউরোপ আবারও করোনাভাইরাস মহামারির কেন্দ্র হতে পারে বলে সতর্ক করেছে বিশ্ব স্বাস্থ্য সংস্থা (WHO) বা হু। ইউরোপ জুড়ে সংক্রমণ বেড়ে যাওয়ার পরিপ্রেক্ষিতে এমন আশঙ্কা করা হয়েছে। বিবিসি জানাচ্ছে এই খবর।

সাংবাদিক সম্মেলনে হু ইউরোপ বিষয়ক প্রধান হ্যান্স ক্লুজ জানান, আসন্ন ফেব্রুয়ারির মধ্যে ইউরোপে আরও ৫ লক্ষ মানুষের মৃত্যুর আশঙ্কা করা হচ্ছে। তিনি বলেন বিভিন্ন দেশে টিকার ব্যবহার সমান নয়। হ্যান্স ক্লুজ বলেছেন, করোনা সংক্রমণ রোধে অবশ্যই কৌশল পরিবর্তন করতে হবে।

বিবিসি জানাচ্ছে, সাম্প্রতিক মাসগুলোতে ইউরোপ জুড়ে টিকা দেওয়ার হারে গতি কমেছে। অবশ্য স্পেনের প্রায় ৮০ শতাংশ মানুষকে ২ ডোজ টিকা দেওয়া হয়েছে। ফ্রান্স ও জার্মানিতে এই সংখ্যা যথাক্রমে ৬৮ ও ৬৬ শতাংশ। তবে মধ্য ও পূর্ব ইউরোপের দেশে এ হার এখনো অনেক কম।

হু জানাচ্ছে, গত চার সপ্তাহে ইউরোপ জুড়ে ৫৫ শতাংশ সংক্রমণ বেড়েছে। পর্যাপ্ত টিকা ও করোনাভাইরাসের চিকিৎসাসামগ্রী থাকা সত্ত্বেও এমন পরিস্থিতি দেখা দিয়েছে।

আন্তর্জাতিক বিভিন্ন সংবাদ সংস্থা জানাচ্ছে, রাশিয়ার করোনা সংত্রমণের গতি চিন্তার। তবে রুশ সরকার প্রয়োজনী পদক্ষেপ নিয়েছে।

বিশেষজ্ঞদের অভিযোগ, ধনী দেশগুলি যে পরিমাণ টিকা কিনে মজুত করেছে তাতে অনেক গরিব দেশ পর্যাপ্ত টিকা পায়নি। টিকা গ্রহীতার করোনা সংক্রমণে মৃত্যুর আশঙ্কা খুবই কম। কিন্তু ইউরোপের কিছু অংশে টিকা নেওয়ার হার তেমন উল্লেখযোগ্য নয়। একইভাবে আফ্রিকার বিভিন্ন দেশেও টিকা বিহীন মানুষের সংখ্যা বেশি