मक्के का आटा खाने से 400 कुत्ते की मौत,देश में हुआ अलर्ट जारी

लुसाका: ज़ाम्बिया में दूषित मक्के का आटा खाने से 400 से ज़्यादा पालतू कुत्तों की मौत हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और लोगों को मक्के का आटा खाने से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी है। एक महीने के अंदर इतनी बड़ी संख्या में कुत्तों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू की।

जांच के दौरान मक्के के आटे के 25 नमूनों में खतरनाक फफूंद की मौजूदगी पाई गई है, जिसके बाद सरकार ने लोगों को अलर्ट रहने को कहा है। मक्के के आटे में पाया जाने वाला यह फफूंद अफ्लाटॉक्सिन नामक जहरीला पदार्थ पैदा करता है, जो इंसानों और जानवरों दोनों के लिए खतरनाक होता है।

स्वास्थ्य मंत्री एलिजा मुचिमा ने बताया कि ज़ाम्बिया में मक्का लोगों का मुख्य आहार है, इसलिए यह चिंता का विषय है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, अफ्लाटॉक्सिन एक जहरीला पदार्थ है जो लीवर कैंसर का कारण बन सकता है।

इस घटना के बाद से मक्के की प्रोडक्शन सप्लाई की कड़ी निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मक्के के आटे से बने कुत्ते के भोजन को खाने से कुत्तों की मौत हुई है। ऐसा माना जा रहा है कि मक्के को पीसने के दौरान निकलने वाले पदार्थों से कुत्तों का भोजन बनाया जाता है।

स्वास्थ्य विभाग अब दूषित मक्के को खोजकर उसे नष्ट करने का काम कर रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के कारण मक्के की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। देश की 60 प्रतिशत आबादी का मुख्य भोजन मक्का है। भीषण सूखे ने मक्के की फसल को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसके बाद अब फफूंद का कहर देखने को मिल रहा है। विपक्ष के नेता संडे चांदा ने एक्स पर बताया कि उनके 6 कुत्तों की मौत दूषित मक्के का आटा खाने से हुई है।

एयर इंडिया की फ्लाइट में बम की धमकी, तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर फुल इमरजेंसी

मुंबई :  मुंबई से तिरुवनंतपुरम जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट में बम की धमकी के बाद उसे आइसोलेशन बे में ले जाकर सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया। प्लेन में बम होने की धमकी सुबह 7.30 बजे दी गई थी। इसके छह मिनट बाद पूरे एयरपोर्ट में आपातकाल का ऐलान कर दिया गया। प्लेन को सुरक्षित तरीके से लैंड कराया गया और आइसोलेशन बे में ले जाया गया।

इसके बाद सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया और प्लेन की जांच की गई, जिसमें कुछ नहीं मिला। इस दौरान किसी को भी कोई चोट नहीं आई या किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। एयरपोर्ट पर सभी सेवाएं पहले की तरह सामान्य रूप से चल रही हैं।

एयरपोर्ट प्रबंधन का मानना है कि ये एक हॉक्स कॉल है, लेकिन सुरक्षा के सभी प्रोटोकॉल फॉलो किए जा रहे हैं। एयरक्राफ्ट को आइसोलेशन बे में ले जाकर सुरक्षा जांच की गई और सभी यात्रियों को सुरक्षित उतारा गया। विमान के तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे के पास पहुंचने पर पायलट ने बम की धमकी मिलने की जानकारी दी।

विमान में 135 यात्री सवार थे। विमान के पायलट को शौचालय में टिसू पेपर में धमकी भरा संदेश लिखा मिला था। इसके बाद उसने एयरपोर्ट तक इसकी जानकारी पहुंचाई और प्लेन को आइसोलेशन बे में ले जाया गया।

 

आरजी कर अस्पताल कांड के विरोध में सौरभ गांगुली आज उतरेंगे सड़क पर

कोलकाता : कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ हुए रेप और मर्डर के मामले में पूरे देश हंगामा मचा हुआ है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले पर सुनवाई की है। अब इस बीच भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने भी इस घटना के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। सौरव गांगुली अपनी पत्नी के साथ कोलकाता की सड़कों पर उतरेंगे और पीड़िता के लिए न्याय की मांग करेंगे।

अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली अपनी पत्नी डोना गांगुली के साथ बुधवार को कोलकाता रेप-मर्डर केस की पीड़िता डॉक्टर के लिए न्याय की मांग को लेकर कोलकाता की सड़कों पर चलेंगे। सौरव गांगुली के पत्नी डोना एक डान्स स्कूल चलाती हैं और उसमें सैकड़ों लड़कियों को नृत्य सिखाती हैं।

कुछ ही दिनों पहले सौरव गांगुली ने कोलकाता के एक अस्पताल में एक युवा चिकित्सक के साथ रेप और हत्या की रविवार को निंदा की थी। उन्होंने कहा था कि एक बेटी का पिता होने के नाते वह इस घटना से बहुत दुखी हैं। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा था कि पश्चिम बंगाल और भारत को सुरक्षित माना जाता है और किसी एक घटना के आधार पर पूरी व्यवस्था पर कोई फैसला नहीं किया जाना चाहिए।

सौरव गांगुली ने कहा था कि यह एक जघन्य घटना है। इस तरह के अपराध के लिए कोई माफी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा था कि मामले में तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने कहा था कि ऐसी घटनाएं कहीं भी हो सकती हैं, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह विशेष मामला एक अस्पताल के अंदर हुआ। पूर्व क्रिकेटर ने चिकित्सा प्रतिष्ठानों में मजबूत सुरक्षा उपायों का आह्वान किया था।

राजस्थान-बिहार और झारखंड के गिरिडीह में भारत बंद का असर

नई दिल्ली :  आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने SC-ST आरक्षण में क्रीमी लेयर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में आज भारत बंद के पक्ष में प्रदर्शन किया।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखती हैं, “ बीएसपी का भारत बंद को समर्थन, क्योंकि भाजपा व कांग्रेस आदि पार्टियों के आरक्षण विरोधी षडयंत्र एवं इसे निष्प्रभावी बनाकर अन्ततः खत्म करने की मिलीभगत के कारण 1 अगस्त 2024 को SC/ST के उपवर्गीकरण व इनमें क्रीमीलेयर सम्बंधी मा. सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के विरुद्ध इनमें रोष व आक्रोश।”

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भारत बंद का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखते हैं, “आरक्षण की रक्षा के लिए जन-आंदोलन एक सकारात्मक प्रयास है। ये शोषित-वंचित के बीच चेतना का नया संचार करेगा और आरक्षण से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ के ख़िलाफ़ जन शक्ति का एक कवच साबित होगा। शांतिपूर्ण आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकार होता है। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी ने पहले ही आगाह किया था कि संविधान तभी कारगर साबित होगा जब उसको लागू करनेवालों की मंशा सही होगी। सत्तासीन सरकारें ही जब धोखाधड़ी, घपलों-घोटालों से संविधान और संविधान द्वारा दिये गये अधिकारों के साथ खिलवाड़ करेंगी तो जनता को सड़कों पर उतरना ही होगा. जन-आंदोलन बेलगाम सरकार पर लगाम लगाते हैं।”

दिल्ली में भारत बंद का कोई खास असर नहीं दिखेगा। दिल्ली के व्यापारियों और फैक्ट्री मालिकों के प्रमुख संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के अनुसार, राजधानी के सभी 700 बाजार खुले रहेंगे। CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल और अध्यक्ष सुभाष खंडेलवाल ने बताया कि कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, खारी बावली, नया बाजार, चावड़ी बाजार, सदर बाजार, करोल बाग, कमला नगर, कनॉट प्लेस, लाजपत नगर, सरोजिनी नगर समेत 100 से अधिक बाजारों के एसोसिएशनों से बातचीत की गई है। सभी ने स्पष्ट किया कि 21 अगस्त को होने वाले भारत बंद के संबंध में किसी भी व्यापारी संगठन से संपर्क नहीं किया गया है और न ही समर्थन मांगा गया है। इसलिए दिल्ली के सभी बाजार पूरी तरह खुले रहेंगे। साथ ही, सभी 56 औद्योगिक क्षेत्र भी सामान्य रूप से कार्य करेंगे।

भारत बंद का असर रामगढ़ में व्यापक रूप से देखा जा रहा है। नेशनल हाईवे 33 रांची-पटना मुख्य मार्ग जाम कर दिया है। भारत बंद के समर्थक सड़क पर लेटकर प्रदर्शन कर रहे हैं। SC-ST आरक्षण में क्रीमी लेयर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में दलित और बहुजन संगठनों द्वारा आज भारत बंद का आह्वान किया गया है। भारत बंद का असर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में ज्यादा दिख सकता है। भारत बंद का सबसे ज्यादा असर राजस्थान में दिखाई देने की उम्मीद की जा रही है।

भारत बंद के दौरान देश में क्या-क्या बंद रहेगा और क्या-क्या खुला रहेगा। इसे लेकर किसी भी प्रकार की कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं हुई है। लेकिन भारत बंद के दौरान कई जगहों पर सार्वजनिक परिवहन सेवा प्रभावित हो सकती है। हालांकि एंबुलेंस, हॉस्पिटल सहित इमरजेंसी सेवाएं खुली रहेंगी। इसके साथ ही सरकारी कार्यालय, बैंक, पेट्रोल पंप, स्कूल और कॉलेज में सामान्य रूप से काम-काज होंगे। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो भारत बंद के आह्वान के बावजूद सार्वजनिक परिवहन के साथ ही रेल सेवाएं चालू रहेंगी।

BSP, RJD ने आरक्षण के मुद्दे पर भारत बंद का समर्थन किया है। इसके साथ ही चिराग पासवान की पार्टी ने भी भारत बंद को समर्थन दिया है। भीम आर्मी चीफ और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी इंस बंद का सपोर्ट किया है।भारत बंद के ऐलान को देखते हुए आज राजस्थान में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुसूचित जाति (SC) और जनजाति (ST) आरक्षण में क्रीमीलेयर पर दिए गए फैसले के विरोध में आज कई सामाजिक संगठनों ने भारत बंद का ऐलान किया है। वहीं बहुजन समाज पार्टी (BSP) और आरजेडी जैसी राजनीतिक दलों ने भी भारत बंद का समर्थन किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने CISF को सौंपी आरजी कर मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा

कोलकाता: आरजी कर मेडिकल कॉलेज में लेडी डॉक्टर से दरिंदगी की घटना के बाद पश्चिम बंगाल सरकार को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने आरजी कर हॉस्पिटल एंड मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा सीआईएसएफ को सौंपने का आदेश दिया है। अभी तक सुरक्षा कोलकाता पुलिस के हाथों में थी।

सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेने के बाद मंगलवार को पहली सुनवाई की थी। इसमें चीफ जस्टिस की बेंच ने पश्चिम बंगाल सरकार से कड़े सवाल पूछे थे। सीजेआई ने पूछा था कि हॉस्पिटल में 7000 लोग कैसे घुस गए? कोलकाता पुलिस क्या कर रही थी?

आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में 8-9 अगस्त की रात को लेडी डॉक्टर से दरिंदगी की घटना के बाद स्टॉफ ने केंद्रीय सुरक्षा की मांग की थी। 14 अगस्त की रात को हॉस्पिटल पर भीड़ के हमले ने कोलकाता पुलिस की लापरवाही को उजागर कर दिया था। जब भीड़ इमरजेंसी वार्ड को तोड़ा डाला था और सेमिनार हॉल तक पहुंचने की कोशिश की।

 

सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टर्स से हड़ताल से वापस लेने का आह्वान किया

नई दिल्ली :  सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक डॉक्टर से कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में स्वत: संज्ञान लिया। इस मामले में शीर्ष कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि ज्यादातर युवा डॉक्टर 36 घंटे काम करते हैं, हमें काम करने की सुरक्षित स्थितियां सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय प्रोटोकॉल बनाने की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों के लिए सुरक्षा, सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए नेशनल टास्क फोर्स बनाने की बात कही और इसके लिए 10 सदस्यीय कार्य बल गठित किया। कोर्ट में अब 22 अगस्त को मामले की सुनवाई होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि जब आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्राचार्य का आचरण जांच के घेरे में है तो उन्हें कैसे तुरंत किसी दूसरे कॉलेज में नियुक्त कर दिया गया। कोर्ट ने मामले में प्राथमिकी दर्ज करने में देरी को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार को फटकार लगायी और पूछा कि अस्पताल के प्राधिकारी क्या कर रहे थे। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में कहा पश्चिम बंगाल को चीजों को नकारने की स्थिति में न रहने दें, राज्य में कानून एवं व्यवस्था पूरी तरह से विफल हो गयी है। सात हजार लोगों की भीड़ कोलकाता पुलिस की जानकारी के बिना आर जी कर अस्पताल में नहीं घुस सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- पीड़िता के परिवार को बॉडी नहीं देखने दिया गया। 7000 लोग अस्पताल में घुसे, पुलिस क्या कर रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा- अस्पताल में बहुत ही गंभीर वारदार हुई। हम एक नेशनल टास्क फोर्स बनाने जा रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई कि सोशल मीडिया पर पीड़िता की पहचान उजागर की गई। सीजेआई ने कहा कि हर जगह हमने देखा कि पीड़िता की पहचान सामने आ गई, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि प्रिंसिपल ने हत्या को शुरुआत में आत्महत्या क्यों बताया?

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से स्टेटस रिपोर्ट तलब किया है। जांच एजेंसी को गुरुवार तक का समय दिया गया है। सीबीआई से पूछा गया कि उसने अब तक क्या कदम उठाए और जांच कहां तक पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टर्स से हड़ताल से वापस लेने का भी आह्वान किया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसने स्वत: संज्ञान लिया है क्योंकि यह मामला देशभर में डॉक्टरों की सुरक्षा से जुड़े व्यवस्थागत मुद्दे को उठाता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि महिलाएं काम पर नहीं जा पा रही हैं और काम करने की स्थितियां सुरक्षित नहीं हैं तो हम उन्हें समानता से वंचित कर रहे हैं।  सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार को प्रदर्शनकारियों पर बल का प्रयोग नहीं करना चाहिए । सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डॉक्टरों से आग्रह है कि वे काम पर लौट जाएं। हम उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यहां हैं। हम इसे हाईकोर्ट के लिए नहीं छोड़ सकते हैं. ये बड़ा राष्ट्रहित का मामला है।

सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता में डॉक्टर से दुष्कर्म-हत्या की घटना पर कहा कि ऐसा लगता है कि अपराध का पता सुबह-सुबह ही चल गया था लेकिन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने इसे आत्महत्या बताने की कोशिश की. कोर्ट ने कोलकाता पुलिस को फटकार लगाते हुए पूछा कि हजारों लोगों की भीड़ आरजी कर मेडिकल कॉलेज में कैसे घुसी.

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को मामले में जांच पर 22 अगस्त तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को आरजी कर अस्पताल पर भीड़ के हमले की जांच की प्रगति पर 22 अगस्त तक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार यह सुनिश्चित करे कि आरजी कर अस्पताल पर हमला करने वाले उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने हाल ही में मामले की जांच कोलकाता पुलिस से सीबीआई को ट्रांसफर किया था। कोलकाता में सरकारी अस्पताल के ‘सेमिनार हॉल’ में ‘जूनियर डॉक्टर’ से कथित दुष्कर्म और हत्या की वारदात के बाद देशभर में व्यापक स्तर पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं।

मृतक डॉक्टर के पिता का खुलासा- श्मशान घाट पर पहले जला दिया गया बेटी का शव

कोलकाता: आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में दुष्कर्म-मृत्यु मामले में मृत डॉक्टर के पिता और मां ने कई राज खोले हैं। डॉक्टर के पिता ने कहा, जांच चल रही है, उसका कोई नतीजा नहीं निकला है। हमें उम्मीद है कि हमें नतीजे मिलेंगे।

विभाग या कॉलेज से किसी ने भी हमारा सहयोग नहीं किया। पूरा विभाग इसमें शामिल है। श्मशान घाट पर तीन शव थे, लेकिन हमारी बेटी का शव पहले जला दिया गया। मुख्यमंत्री न्याय दिलाने की बात कर रही हैं, लेकिन फिर न्याय मांगने वाले आम लोगों को जेल में डालने की कोशिश की जा रही है। हम सीएम से संतुष्ट नहीं हैं। हमने कोई भी मुआवजा लेने से इनकार कर दिया है।

अस्पताल से फोन पर मां को बताया गया डॉक्टर बेटी ने कर ली आत्महत्या, शव को नहीं देखने दिया गया
आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में दुष्कर्म-हत्या मामले में मृत डॉक्टर की मां ने कहा, पहले हमें अस्पताल से फोन आया कि आपकी बेटी बीमार है, फिर फोन कट गया।

उसके बाद जब मैंने फोन करके पूछा कि क्या हुआ, तो उन्होंने मुझे अस्पताल आने को कहा। जब हमने दोबारा फोन किया, तो फोन करने वाले ने खुद को असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट बताया और कहा कि आपकी बेटी ने आत्महत्या कर ली है।

वह गुरुवार को ड्यूटी पर गई थी, हमें शुक्रवार को सुबह 10:53 बजे यह फोन आया। जब हम वहां पहुंचे, तो हमें उसे देखने नहीं दिया गया, हमें उसे 3 बजे देखने दिया गया। उसकी पैंट खुली हुई थी, उसके शरीर पर केवल एक कपड़ा था।

उसका हाथ टूटा हुआ था, उसकी आंखों, मुंह से खून निकल रहा था। उसे देखकर ही लग रहा था कि किसी ने उसकी हत्या कर दी है। मैंने उनसे कहा कि यह आत्महत्या नहीं, हत्या है। हमने अपनी बेटी को डॉक्टर बनाने के लिए बहुत मेहनत की, लेकिन उसकी हत्या कर दी गई।

मृतक डॉक्टर की मां ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर कहा, उन्होंने कहा था कि अपराधी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। मुझे यकीन है कि इस घटना में और भी कई लोग शामिल हैं। मुझे लगता है कि इस घटना के लिए पूरा विभाग जिम्मेदार है। पुलिस ने बिल्कुल भी अच्छा काम नहीं किया। मुझे लगता है कि मुख्यमंत्री विरोध को रोकने की कोशिश कर रही हैं, आज उन्होंने धारा 144 लगा दी है ताकि लोग विरोध न कर सकें।

पीड़िता की फोटो सोशल मीडिया से हटाने की मांग, SC में 20 अगस्त को सुनवाई

कोलकाता : आरजी कर मेडिकल हॉस्पिटल में महिला डॉक्टर से रेप और हत्या के मामले में मृतक की तस्वीर, नाम और पहचान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स से हटाने की गुहार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।

याचिका में कहा गया है कि मृत डॉक्टर की तस्वीर और उसके परिवार की पहचान उजागर करने से परिवार की प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है. याचिका में सोशल मीडिया के लगभग सभी बड़े प्लेटफॉर्म्स को पक्षकार बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट में 20 अगस्त को इस अर्जी पर सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट में यह अर्जी किन्नरी घोष और तुषार रॉय ने अपने वकील ऋषि कुमार सिंह गौतम के जरिए दाखिल की है।

इसमें भारत सरकार  के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव, पश्चिम बंगाल सरकार के महिला और बाल विकास मंत्रालय, फेसबुक, इंस्टाग्राम, गूगल, यूट्यूब, X (पूर्व में ट्विटर) और msn.com को भी पक्षकार बनाया गया है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति धनंजय यशवंत चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ इस याचिका पर सुनवाई करेगी।

महिलाकर्मियों की सुरक्षा के लिए बंगाल सरकार ला रही ‘रात्तिरेर साथी’ योजना

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में युवा डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के बाद राज्य सरकार की ‘नींद’ टूट चुकी है। राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सों सहित महिला स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई उपायों की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार अलापन बंद्योपाध्याय ने नबान्न में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई निर्णय लिये गये है। मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार ने आश्वासन दिया है कि नियमों को जल्द से जल्द राज्य के हर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में लागू किया जाएगा।

मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के लिए ‘रात्रिरेर साथी ऐप’ की शुरूआत की गई है। इस ऐप के जरिये महिलाओं को कोलकाता पुलिस से मदद असानी से मिल सकती है। एक विशेष मोबाइल फोन ऐप को स्थानीय पुलिस स्टेशन या पुलिस नियंत्रण कक्ष से जोड़ा जाएगा। सभी कामकाजी महिलाओं के फोन में ऐप डाउनलोड करना अनिवार्य होगा।
अस्पताल में नाइट शिफ्ट करने वाली महिलाओं के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

कामकाजी महिलाओं के लिए अलग रेस्ट रुम होगा। सभी मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों और महिला छात्रावासों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की रात में तैनाती रहेगी। राज्य सरकार ने यह भी सुझाव दिया है कि जितना संभव हो उतनी महिलाओं को रात्रि ड्यूटी पर नहीं लगाया जाना चाहिए। यह भी देखा जाएगा कि महिला डॉक्टरों और नर्सों की ड्यूटी का शेड्यूल 12 घंटे से ज्यादा का न हो।

डॉक्टर की हत्या मामले में गृह मंत्रालय ने लॉ एंड ऑर्डर पर हर 2 घंटे में मांगी रिपोर्ट

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक महिला डॉक्टर के साथ कथित बलात्कार और फिर उसकी हत्या के मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय एक्टिव हो गया है। मंत्रालय ने घटना के विरोध में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य लोगों के प्रदर्शनों के मद्देनजर सभी राज्यों के पुलिस बलों को ‘हर दो घंटे’ में स्थिति रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा राज्य पुलिस बलों को भेजे गए मैसेज में कहा गया है कि प्रदर्शनों के मद्देनजर सभी राज्यों की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखी जानी चाहिए। पुलिस बलों को शुक्रवार को यह मैसेज भेजा गया जिसमें कहा गया- कृपया इस संबंध में कानून और व्यवस्था की स्थिति की हर दो घंटे की रिपोर्ट फैक्स/ ईमेल/ व्हाट्सऐप द्वारा गृह मंत्रालय कंट्रोल रूम (नयी दिल्ली) को भेजी जाए। मंत्रालय ने राज्य पुलिस बलों को फैक्स और व्हाट्सऐप नंबर तथा ईमेल आईडी भी उपलब्ध कराई, जिस पर हर दो घंटे में स्थिति रिपोर्ट भेजी जानी है।

देश के विभिन्न हिस्सों में डॉक्टर और अन्य चिकित्सा कर्मचारी महिला डॉक्टर की हत्या मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे है। इससे स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित हुईं। प्रदर्शनकारी स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा की जांच के लिए एक केंद्रीय कानून बनाने, अन्य मांगों के अलावा जरूरी सुरक्षा अधिकारों के साथ अस्पतालों को सुरक्षित क्षेत्र घोषित करने पर जोर दे रहे हैं।

बहन का बलिदान बना भाई का जीवनदान: रक्षाबंधन पर हृदयस्पर्शी कहानी

कोलकाता: रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के बीच गहरे स्नेह और सुरक्षा के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों को राखी बांधती हैं और उनके सुरक्षित जीवन की कामना करती हैं। लेकिन, अनीरबान सेन (नाम परिवर्तित) के लिए यह रक्षाबंधन खास है। इस बार उसकी बहन ने अपने भाई को जीवन का तोहफा दिया है। अनीरबान, पश्चिम बंगाल के खानाकुल के एक छोटा सा लड़का, चार महीने की उम्र से ही बीटा थैलेसीमिया मेजर से जूझ रहा था।

लेकिन उसकी बड़ी बहन सरस्वती (नाम परिवर्तित), जो सिर्फ 15 साल की है, आगे आई। उसने प्यार से प्रेरित होकर एचएलए परीक्षण करवाया, ताकि वह अपने भाई के लिए उपयुक्त दाता हो सके। अंततः अनीरबान का नारायणा अस्पताल, हावड़ा में सफलतापूर्वक बोन मैरो प्रत्यारोपण (स्टेम सेल प्रत्यारोपण) हुआ। अब वह पूरी ऊर्जा के साथ इस रक्षाबंधन को उत्साहपूर्वक मनाने के लिए तैयार है।

यह प्रत्यारोपण की कहानी बलिदान और साहस को दर्शाती है। यह न केवल भाई-बहन के अटूट बंधन को उजागर करती है बल्कि बोन मैरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी) की जीवन बचाने की क्षमता को भी दर्शाती है।

अनीरबान की बीमारी ने उसके छोटे से जीवन को हर पखवाड़े रक्ताधान की आवश्यकता में डाल दिया था, जिससे वह कमजोर और अनिश्चित भविष्य के सामने था। उसके माता-पिता, जो इलाज की तलाश में थे, नारायणा अस्पताल, हावड़ा पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने बीएमटी को स्थायी समाधान के रूप में सुझाया।

भाई के प्रति स्नेह और प्रेम से प्रेरित होकर सरस्वती ने एचएलए परीक्षण करवाया। जब परिणाम एकदम सही 10/10 निकले, तो परिवार की चिंता के आँसू आशा में बदल गए। बिना किसी हिचकिचाहट के, सरस्वती ने अपना बोन मैरो दान करने का निर्णय लिया ताकि वह अपने भाई को न केवल जीवनदान दे सके, बल्कि उसे एक नया भविष्य भी दे सके।

नारायणा अस्पताल हावड़ा में अनुभवी विशेषज्ञों की एक टीम के नेतृत्व में प्रत्यारोपण किया गया। यह प्रक्रिया डॉ. सिसिर कुमार पात्रा (कंसल्टेंट, हेमेटोलॉजी, हेमेटो ऑन्कोलॉजी और बीएमटी) द्वारा की गई और इसमें प्रोफेसर (डॉ.) राजीव डे, डॉ. विवेक अग्रवाला, डॉ. चंद्रकांत एमवी, डॉ. सौम्य मुखर्जी, डॉ. बिप्लाबेंदु तालुकदार और डॉ. रुपाश्री चक्रवर्ती जैसे विशेषज्ञों का समर्थन मिला। सावधानीपूर्वक निगरानी और रिकवरी के बाद, अनीरबान को खुशी और ऊर्जा से भरे हुए डिस्चार्ज कर दिया गया — उसकी बहन का प्रेम अब उसकी नसों में बह रहा था।

नारायणा अस्पताल, हावड़ा के सुविधा निदेशक, तपानी घोष ने कहा, “हम अनीरबान की रिकवरी का हिस्सा बनकर गहराई से सम्मानित महसूस कर रहे हैं। यह सफल बीएमटी उन्नत चिकित्सा देखभाल और परिवार के अटूट प्रेम की शक्ति का प्रतीक है। हम सरस्वती की साहस को सलाम करते हैं और परिवार को रक्षाबंधन की बहुत शुभकामनाएँ देते हैं।”

रक्षाबंधन के इस पर्व के साथ, अनीरबान और सरस्वती की कहानी यह सिखाती है कि भाई-बहन एक-दूसरे की रक्षा और समर्थन के लिए किस हद तक जा सकते हैं।

पश्चिम बंगाल में Gen Z के लिए सोशिएटल सपोर्ट नेशनल एवरेज से ज्यादा मजबूत

• पश्चिम बंगाल में 75% जेन जी (Gen Z) प्रसिद्धि और पहचान की चाहत से होते हैं मोटिवेट

• पश्चिम बंगाल में, परफोर्मिंग आर्ट को आगे बढ़ाने के इच्छुक लोगों की संख्या नेशनल एवरेज से 3 गुना अधिक

कोलकाता : वीवो ग्रुप के सब-स्मार्टफोन ब्रांड आईकू(iQOO) ने साइबरमीडिया रिसर्च (CMR) के साथ अपनी पहली द आईकू(iQOO) क्वेस्ट रिपोर्ट 2024 जारी की की है, जो जेन जी (Gen Z) (Gen Z) के सपनों, करियर और आकांक्षाओं के ट्रेट्स और ट्रेंड्स पर आधारित है। रिपोर्ट इस आशावादी पीढ़ी के सपनों और जुनून की यात्रा को सामने लेकर है, जो दुनिया भर में सबसे बड़ी पीढ़ी में से एक है। इसमें 20-24 साल की उम्र के 6,700 रेस्पोंडेंट्स के इनसाइट्स शामिल हैं, जो भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, ब्राजील, मलेशिया, थाईलैंड और इंडोनेशिया जैसे 7 देशों से हैं। रिपोर्ट में तीन क्षेत्रों को शामिल किया गया है: जेन जी (Gen Z) क्वेस्टर्स की भावना और अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा, उनके जुनून की खोज में आने वाली बाधाएं और रुकावटें, और उनके हितों को आगे बढ़ाने वाले करियर आप्शन शामिल है।

आज के युग में प्रसिद्धि और सफलता ने एक नया आयाम ले लिया है, जिसे अब आपकी ऑनलाइन लोकप्रियता से मापा जाता है। सोशल मीडिया और प्रभावित करने वाले संस्कृति की तेज़ गति वाली दुनिया में यह पलक झपकते ही गायब हो जाती है। जेन जी (Gen Z) (Gen Z) जनरेशन के लोगों को 15 मिनट की प्रसिद्धि का स्वाद चखने की लालसा होने के साथ, यह विषय भी सवाल उठाता है कि क्या यह करियर केवल आकर्षक है या नैतिक भी है।

रिपोर्ट में जेन जी (Gen Z) (Gen Z) के लिए सफलता का क्या अर्थ है, इसके विभिन्न पहलुओं की गहराई से पड़ताल की गई है। इसमें क्वेस्टर्स की ड्राइव, जुनून और महत्वाकांक्षा को एक क्वांटिटी मीट्रिक – क्वेस्ट इंडेक्स या “QI” से समझाया गया है। परिणामों से पता चलता है कि भारत का QI 9.1 है, इसके बाद मलेशिया 8.7 QI, थाईलैंड और अमेरिका 8.2 QI, इंडोनेशिया 8.1 QI, यूनाइटेड किंगडम 8 QI और ब्राजील 7.8 QI के साथ आता है।

रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल से संबंधित कुछ प्रमुख बातें

● पश्चिम बंगाल में 98% जेन जी (Gen Z)(Gen Z) सोशल मीडिया स्टार बनने का सपना देखते हैं।

● पश्चिम बंगाल में 75% जेन जी (Gen Z) प्रसिद्धि और पहचान की इच्छा से प्रेरित होते हैं।

● पश्चिम बंगाल में 88% जेन जी (Gen Z) का अंतिम लक्ष्य एक नेटवर्थ हासिल करना है।

● पश्चिम बंगाल में जेन जी (Gen Z) अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय औसत की तुलना में दोगुनी पहल करते हैं।

● पश्चिम बंगाल में जेन जी (Gen Z) को मिलने वाला सामाजिक समर्थन राष्ट्रीय औसत से अधिक है, जबकि सामाजिक दबाव केवल 50% है, जो राष्ट्रीय स्तर पर 62% है।

● पश्चिम बंगाल में परफोर्मिंग आर्ट के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले लोगों की संख्या राष्ट्रीय औसत से तीन गुनी है।

● पश्चिम बंगाल में जेन जी (Gen Z) के बीच वैज्ञानिक क्षेत्र में रुझान राष्ट्रीय औसत से 3.5 गुना अधिक है।

● पश्चिम बंगाल में 87% लोग अपनी विरासत छोड़ना चाहते हैं, जबकि 81% दूसरों के लिए प्रेरणा बनना चाहते हैं।

● पश्चिम बंगाल में 80% लोगों ने अपने सपनों को पूरा करने के लिए नौकरी या करियर बदला है, जबकि 76% ने आगे बढ़ने के लिए छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया है।

● पश्चिम बंगाल में 78% लोगों का मानना है कि उनका व्यक्तिगत जुनून और रुचि उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है।

● 97% लोगों को लगता है कि असफलता उन्हें काफी हद तक हतोत्साहित करती है। हालांकि, 95% यह भी महसूस करते हैं कि असफलता उन्हें सीखने के अवसर प्रदान करती है।

रिपोर्ट के कुछ प्रमुख ‘वैश्विक और भारतीय’ हाईलाइट 

• भारत में 43% और विश्व स्तर पर 46% रेस्पोंडेंट्स अपने करियर में सफल होने के लिए वर्क-लाइफ बैलेंस छोड़ने को तैयार हैं।

• पुरुषों की तुलना में महिलाओं में से दोगुनी संख्या में यह महसूस होता है कि लिंग उनके सपनों को पूरा करने में बाधा डालता है।

• भारतीय जेन जेड में से केवल 9% ही उद्यमिता अपनाना चाहते हैं क्योंकि वे कार्य जीवन में स्थिरता और सुरक्षा चाहते हैं।

• 19% भारतीय बड़ी कंपनियों में करियर की उन्नति को स्टार्टअप्स के बजाय पसंद करते हैं।

• चार में से एक भारतीय उत्तरदाता नए युग के जॉब क्षेत्र जैसे कंटेंट क्रिएशन, डेटा विश्लेषण, एआई और साइबर सुरक्षा की ओर अधिक इच्छुक हैं।

• भारतीय युवा मेहनती हैं, वे अपने वैश्विक साथियों की तुलना में दोगुनी पहल करते हैं।

• 84% भारतीय क्वेस्टर्स का मानना है कि उनकी नौकरी उनके लक्ष्यों के अनुरूप है, जबकि विश्व स्तर पर यह संख्या 72% है।

• 91% भारतीय उत्तरदाताओं का मानना है कि गैप ईयर उनके सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने में उनकी मदद कर सकता है।

• 46% लोगों को अपने पसंद के करियर को आगे बढ़ाने में वित्तीय बाधाओं का सामना करना पड़ता है। हालांकि, 90% से अधिक लोगों को बाधाओं के बावजूद अपने सपने को पूरा करने का विश्वास है।

• 65% असफलता को एक सीखने के अवसर के रूप में देखते हैं, और 60% का मानना है कि यह उन्हें उनके सपनों की ओर धकेलता है।

• 51% क्वेस्टर्स ने कहा कि वे अपनी खोज का समर्थन करने के लिए उच्च शिक्षा ग्रहण करेंगे, जबकि 32% का मानना है कि उन्हें अपने सपनों का समर्थन करने के लिए प्रासंगिक नौकरियां करनी चाहिए।

आईकू(iQOO) और CyberMedia Research (CMR) द्वारा संयुक्त रूप से किए गए एक अध्ययन में 7 देशों – भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, ब्राजील, मलेशिया, थाईलैंड और इंडोनेशिया के 20 से 24 साल के 6700 युवाओं के विचारों को शामिल किया गया है। इस प्राथमिक शोध से पता चलता है कि 62% भारतीय युवा अपने सपनों को पूरा करने के लिए अपने शौक और अन्य रुचियों को छोड़ने को तैयार हैं। रिपोर्ट के सभी निष्कर्ष इस बात पर केंद्रित हैं कि कैसे आज की स्नैप सेवी जेन जी (Gen Z) अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की तीव्र इच्छा से प्रेरित है।

रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए, आईकू इंडिया के सीईओ निपुण मार्या ने कहा, “आईकू(iQOO) में क्वेस्ट की स्पिरिट है, जो हर कम्युनिकेशन में जेन जी (Gen Z) के साथ । सीमाओं को आगे बढ़ाने और अधिक प्रयास करने के लिए समर्पित ब्रांड के रूप में, आईकू इन मूल्यों को अपने जेन जी (Gen Z) दर्शकों तक पहुंचाता है। सपनों का समर्थन करने की हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए, पिछले साल, आईकू(iQOO) ने कानपुर से भारत के पहले 23 साल के एक चीफ गेमिंग ऑफिसर को शामिल किया। हम युवाओं को अपने जुनून को आगे बढ़ाने के अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ब्रांड सक्रिय रूप से उन पहलों में शामिल होता है जो व्यक्तियों को अपनी क्षमता का एहसास करने में मदद करते हैं और यह रिपोर्ट उस दिशा में एक प्रयास है। इसका उद्देश्य जेन जी (Gen Z) को कई चुनौतियों के बावजूद अपने खुद की खोज पर निकलने और अपने सपनों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना है। रिपोर्ट के निष्कर्ष जेन जी (Gen Z) को बेहतर ढंग से समझने में महत्वपूर्ण इनसाइट प्रदान करते हैं, जिससे हम उनकी जरूरतों को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा कर सकते हैं।”

रिपोर्ट पर अपने विचार साझा करते हुए, साइबर मीडिया रिसर्च (सीएमआर) के इंडस्ट्री रिसर्च ग्रुप के वाईस प्रेसिडेंट प्रभु राम ने कहा, “”आज की जटिल और डिजिटल दुनिया में, आज के युवा अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। साइबर मीडिया रिसर्च (सीएमआर) इन बदलते उपभोक्ता पैटर्न को समझने में अग्रणी रहा है। आईकू द्वारा कमीशन किए गए द क्वेस्ट रिपोर्ट के लिए सीएमआर के रिसर्च ने एशिया, यूरोप, उत्तरी अमेरिका और दक्षिण अमेरिका के युवाओं के दृष्टिकोण को खोजा है, जिससे उनके मनोदशा और उनकी खोजों में जरुरी इनसाइट मिले हैं। बड़े सपनों के साथ स्पष्टता और फोकस के उच्च स्तर और एक हसलर माइंडसेट भारत के आज के युवाओं की स्थिति को रेखांकित करते हैं।”

आज दुनिया मना रही विश्व अंगदान दिवस

कोलकाता: आज विश्व अंगदान दिवस के अवसर पर जब पूरी दुनिया इस महत्वपूर्ण दिन को मना रही है, तो यह हमें याद दिलाता है कि अंगदान कितने लोगों के जीवन को गहराई से प्रभावित करता है। यह दिन न केवल अंग दानकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता देता है, बल्कि अंग प्रत्यारोपण में की गई प्रगति को भी उजागर करता है। इस दिन का उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित करना है।

इस अवसर पर, नारायणा हॉस्पिटल, हावड़ा की नेफ्रोलॉजिस्ट और ट्रांसप्लांट फिजिशियन एमडी डीएम, नेफ्रोलॉजी, कंसल्टेंट, डॉ. तनिमा दास भट्टाचार्य ने कहा, “हर साल 13 अगस्त को विश्व अंगदान दिवस मनाया जाता है। यह दिन अंगदान की आवश्यकता के प्रति जागरूकता फैलाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। हमारा दायित्व है कि हम दूसरे मनुष्यों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें और जीवनदान करने की प्रतिज्ञा लें, जिससे हम 8 अन्य लोगों के जीवन को बचा सकते हैं।”

नारायणा अस्पताल आर. एन. टैगोर, मुकुंदपुर के कार्डियोलॉजी (एडल्ट) कंसल्टेंट डॉ. अयान कर ने कहा, “अपने नश्वर जीवन से परे एक विरासत छोड़ना अमरता से कम नहीं है। अंगदान के माध्यम से किसी और के जीवन को बचाना, और उसके माध्यम से जीवित रहना, एक चमत्कार जैसा है। यह प्रक्रिया कई लोगों के जीवन में आशा और खुशी लाती है।”

विश्व अंगदान दिवस एक आह्वान है, जो लोगों से अंगदान के लिए पंजीकरण करने और अपने परिवार को अपनी इच्छाओं के बारे में बताने का आग्रह करता है। चिकित्सा समुदाय और संगठन इस प्रयास में जागरूकता बढ़ाने और अधिक जीवन बचाने के लिए समर्पित हैं।

कोलकाता में लेडी डॉक्टर के साथ हुए हैवानियत के बाद दिल्ली के 10 सरकारी अस्पतालों में हड़ताल

नई दिल्ली: कोलकाता में  रेजिडेंट डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार और हत्या की प्रतिक्रिया में, दिल्ली के दस सरकारी अस्पतालों ने सोमवार को सभी वैकल्पिक सेवाओं को रोकते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज, आरएमएल अस्पताल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल, दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल, जीटीबी, आईएचबीएएस, डॉ बाबा साहेब अंबेडकर मेडिकल कॉलेज और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टीबी एंड रेस्पिरेटरी डिजीज हॉस्पिटल हड़ताल में भाग ले रहे हैं। रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के एक बयान के अनुसार, जो सुबह 9 बजे शुरू हुआ।

आरडीए के अनुसार, अनिश्चितकालीन हड़ताल के दौरान, सभी बाह्य रोगी विभाग, ऑपरेशन थिएटर, और वार्ड ड्यूटी बंद रहेंगे, लेकिन आपातकालीन सेवाएं हमेशा की तरह चालू रहेंगी, यह सुनिश्चित करते हुए कि तत्काल रोगी देखभाल अप्रभावित रहेगी।

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी के दौरान एक स्नातकोत्तर प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के बाद फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के आह्वान के जवाब में उठाया गया है। पश्चिम बंगाल की राजधानी में गुरुवार रात सरकारी अस्पताल के सेमिनार हॉल में 32 वर्षीय महिला का अर्धनग्न शव मिला।

“आरजी कार में अपने सहयोगियों के साथ एकजुटता के प्रतीक के रूप में, हम सोमवार, 12 अगस्त से अस्पतालों में वैकल्पिक सेवाओं के राष्ट्रव्यापी निलंबन की घोषणा करते हैं। यह निर्णय हल्के ढंग से नहीं लिया गया है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि हमारी आवाज सुनी जाए और हमारी मांगें पूरी हों।” न्याय और सुरक्षा पर बिना किसी देरी के ध्यान दिया जाता है,”

अगर रविवार तक नहीं सुलझा केस तो, ममता बनर्जी ने बंगाल पुलिस को दिया अल्टीमेटम

कोलकाता : कोलकाता के आरजी कर सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुए जूनियर डॉक्टर की हत्या के मामले में अब बंगाल सीएम ममता बनर्जी ने बड़ा ऐलान किया है। ममत बनर्जी ने पश्चिम बंगाल पुलिस को अल्टीमेटम दिया है और कहा है कि अगर बंगाल पुलिस रविवार तक गुनहगार को गिरफ्तार नहीं करती है तो यह केस सीबीआई को सौंप देगी।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि कोलकाता पुलिस कमिश्नर ने मुझे जिस दिन से केस के बारे में बताया उसी समय मैंने उनसे कहा कि यह दुखद घटना है और इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करने का निर्देश दिया. इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट जल्द बनाए जाएंगे जिससे कि आरोपियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके।

सीएम ममता ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में इतने चिकित्सक, नर्सेस और सुरक्षाकर्मी हैं लेकिन ताज्जुब की बात है कि यह घटना कैसे हो गई। मैं हैरान हूं और अबतक समझ नहीं पा रही हूं कि यह घटना कैसे घटी। उन्होंने आगे कहा कि पुलिस ने मुझे बताया है कि अस्पताल के अंदर का कोई हो सकता है।

रक्षाबंधन से पहले सोना-चांदी की भाव में स्थिरता, खरीदारी का अच्छा मौका

नई दिल्ली :  रक्षा बंधन करीब है ऐसे में  बाजार में सोने और चांदी से बनी हुई राखियों की काफी डिमांड है। भाई-बहन के इस पवित्र त्योहार पर सोने और चांदी की राखियों का उपहार देना शुभ माना जाता है। अच्छी बात ये है कि लगातार छठे दिन भी सोने और चांदी की कीमत में कोई बदलाव नहीं आया है।

बाजार विश्लेषकों की मानें तो यह स्थिरता उन लोगों के लिए बहुत अच्छी खबर है जो सोने और चांदी की खरीदारी का सोच रहे हैं। मालूम हो कि बजट 2024 के बाद सोने और चांदी की कीमतों में भारी कमी दर्ज की गई थी। लेकिन उसके बाद कुछ दिनों तक सोने और चांदी में मामूली उछाल भी देखने को मिली।

पटना सर्राफा बाजार में रविवार को 22 कैरेट सोने का भाव प्रति 10 ग्राम 64,400 रुपए ही चल रहा है। वहीं, 24 कैरेट सोने का भाव आज भी प्रति 10 ग्राम 70,000 रुपए है. जबकि, इससे पहले तक 24 कैरेट सोने का भाव 73,000 रुपए प्रति 10 ग्राम चल रहा था और 22 कैरेट सोने का भाव 65,500 रुपए प्रति 10 ग्राम के हिसाब से चल रहा था। वहीं, आज 18 कैरेट सोने का भाव 54,500 रुपए है।

वहीं, चांदी की बात करें तो इसकी कीमतों में भी कल के वनिस्पत आज कोई बदलाव दर्ज नहीं किया जा रहा है। इसी के साथ आज भी चांदी 81,000 रुपए प्रति किलोग्राम के हिसाब से ही बिक रही है. जबकि, इससे पहले तक चांदी की कीमत 82,000 रुपए प्रति किलोग्राम चल रही थी।

वहीं, दूसरी ओर सोना बेचने या फिर उसे एक्सचेंज करना चाह रहे हैं, तो आज पटना सर्राफा बाजार में 10 ग्राम 22 कैरेट सोने का एक्सचेंज रेट 64,000 रुपए चल रहा है और 18 कैरेट सोने का एक्सचेंज रेट 53,700 रुपए प्रति 10 ग्राम है. जबकि, चांदी बेचने का रेट आज भी 79,000 रुपए प्रति किलोग्राम ही है।

बांग्लादेश में अब सेना के काफिले पर भीड़ का हमला

कोलकाता: बांग्लादेश में हालात अब तक सामान्य नहीं हुए हैं। इस बीच एक बड़ी खबर गोपालगंज इलाके से आ रही है. जानकारी के अनुसार, सेना के जवानों और अवामी लीग के समर्थकों के बीच झड़प के बाद भीड़ ने सेना की गाड़ी में आग लगा दी।  इस घटना में सेना के जवानों, पत्रकारों और स्थानीय लोगों समेत 15 लोग घायल लोग घायल हो गए हैं। घायलों में से दो को गोली लगी है।

बताया जा रहा है कि घटना शनिवार को शाम करीब 4 बजे हुई। सदर उपजिला के गोपीनाथपुर बस स्टैंड के पास हिंसा ने भयानक रूप ले लिया। हजारों की संख्या में अवामी लीग के नेता, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की देश वापसी की मांग कर रहे थे। ढाका-खुलना हाईवे पर प्रदर्शन करने और जाम लगाने के लिए प्रदर्शनकारी जमा हुए थे। इसके बाद सेना के जवानों ने हस्तक्षेप किया और प्रदर्शनकारियों को सड़क खाली करने का आदेश दिया, लेकिन भीड़ ने उन पर पत्थरबाजी कर दी।

पत्थरबाजी के बाद, सेना के जवानों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठी चार्ज कर दिया। जवाब में, प्रदर्शनकारियों ने सेना के वाहन में तोड़फोड़ की और उसे आग के हवाले कर दिया। गोपालगंज कैंप के लेफ्टिनेंट कर्नल मकसुदुर रहमान ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि करीब 3,000 से 4,000 लोग सड़क को जाम करने के लिए जमा हुए थे. हमले में सेना के चार जवान घायल हो गए हैं।

गोपीनाथपुर यूनियन के पूर्व अध्यक्ष लच्छू शरीफ ने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना के जवानों ने फायरिंग भी की। एक बच्चे सहित दो लोगों को गोली लगी है। घटना में किसी की जान नहीं गई है. शाम करीब 6 बजे इलाके में स्थिति शांत हो गई।

मां फ्लाईओवर रंगाई के लिए रात को रहेगा बंद रहेगा!

कोलकाता :  कोलकाता में  सबसे लंबे मां फ्लाईओवर पर केएमडीए काम करने जा रहा है। इस फ्लाईओवर में रंगाई  का काम होने जा रहा है, साथ ही  कुछ अन्य काम भी होंगे।

जिस वजह से मां फ्लाईओवर का एक तरफ का लेन रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक बंद रहेगा। जिसके लिए ट्रैफिक को नियंत्रण किया जायेगा। केएमडीए के एक अधिकारी से मिली जानकाकरी के अनुसार मां फ्लाईओवर के निर्माण के बाद यहां पहली बार रंगाई का काम होगा।

केएमडीए फ्लाईओवर के टॉप पर संख्या 4 पर सुरक्षात्मक पेंटिंग और संबंधित कार्यों को पूरा करने के लिए काम करेगा। उत्तर और दक्षिण दिशा का दोनों फ्लाईओवरों पर रंगाई का काम होंगा। इस काम को पूरा करने में लगभग  60 दिनों का समय लगने का आनुमान लगाया जा रहा है।

अनंतनाग में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़, 2 जवान शहीद, 3 घायल

 श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में दो जवान शहीद हो गए. जबकि तीन अन्य घायल हो गए. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

तलाशी अभियान के दौरान आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू की
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद दक्षिण कश्मीर जिले के कोकेरनाग इलाके के अहलान गडोले में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया. आतंकवादियों द्वारा तलाशी दल पर गोलीबारी करने पर सुरक्षा बलों ने जवाब में गोलीबारी की, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई.

कठुआ हमले में शामिल चार आतंकियों के स्केच जारी
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कठुआ जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में ‘ढोक’ (मिट्टी के घर) में देखे गए चार आतंकवादियों के स्केच शनिवार को जारी किए और उनके बारे में पुख्ता जानकारी देने वाले को 20 लाख रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की. इसके साथ ही आतंकियों की धरपकड़ के लिए जिले के वन क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया. कठुआ में आठ जुलाई को माछेड़ी के सुदूर वन क्षेत्र में सेना के गश्ती दल पर आतंकवादियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में एक जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) सहित पांच सैनिक शहीद हो गए थे. बड़े पैमाने पर तलाश अभियान के बावजूद पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक छद्म समूह ‘कश्मीर टाइगर्स’ से जुड़े आतंकवादियों का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है. इन आतंकवादियों ने हाल ही में भारत में घुसपैठ की थी.

कोलकाता में जूनियर महिला डॉक्टर की हत्या मामले में संजय रॉय गिरफ्तार

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल  की जूनियर महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में गिरफ्तार संजय रॉय को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गिरफ्तारी के बाद उसे सियालदाह की अदालत में पेश किया गया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (बलात्कार) और 103 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

लेडी डॉक्टर से दरिंदगी मामले में पुलिस ने संजय रॉय को गिरफ्तार किया था और लालबाजार स्थित पुलिस मुख्यालाय  ले जाकर आरोपी से पूछताछ की  गई थी। संजय अस्पताल का ड्यूटी होम गार्ड है। हादसे की रात जूनियर महिला डॉक्टर ड्यूटी पर थी। रात करीब दो बजे भोजन करने के बाद वह सेमिनार हॉल गयी थी। उसके बाद से ही उसे नहीं देखा गया था। इसके बाद उसका शव बरामद हुआ था।

पश्चिम बंगाल के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की इमरजेंसी बिल्डिंग के चौथे तल पर सेमिनार हॉल से एक जूनियर महिला डॉक्टर का शव अर्धनग्न अवस्था में बरामद होने के बाद बवाल मचा है। बंगाल के विभिन्न अस्पतालों में जूनियर डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन किया। सभी महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में न्याय की मांग कर रहे थे।

आंदोलन कर रहे डॉक्टरों ने मांग की है कि लेडी डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या करने के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। आरजी कर अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि हालात इस कदर हो गए हैं कि वे अस्पताल में भी सुरक्षित नहीं हैं। नाराज जूनियर डॉक्टरों ने सिर्फ आरजी कर अस्पताल में ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल के कई अस्पतालों में जमकर हंगामा किया।