बंगाल के तट पर बन रहा है निम्न दबाव, भारी बारिश का अलर्ट!

कोलकाता : कोलकाता और पश्चिम बंगाल के लिए मौसम की ताजा अपडेट चिंता बढ़ाने वाली है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया और शक्तिशाली डिप्रेशन बन रहा है, जो अगले कुछ दिनों में भयानक रूप ले सकता है। इस डिप्रेशन के प्रभाव से क्षेत्र में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर और मध्य बंगाल की खाड़ी पर तेज हवाओं की रफ्तार 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। हवा की गति 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ने का अनुमान है। पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तट पर समुद्री हालात 31 अगस्त तक असामान्य बने रहेंगे।

गुजरात में पहले से ही भारी बारिश हो रही है, जो हाल के दिनों में अप्रत्याशित रही है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि बारिश का पैटर्न बदल रहा है, जिससे तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में भी भारी से अत्यधिक बारिश हो चुकी है, और अब सूखे क्षेत्रों में भी बारिश का सिलसिला जारी है। राजस्थान के एक जिले और गुजरात के तटीय जिलों में पानी भर गया है

सामान्यतः बंगाल के तट पर बने निम्न दबाव उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हैं, लेकिन इस बार यह दिशा बदल गई है। अब यह डिप्रेशन मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र की ओर बढ़ रहा है। जलवायु परिवर्तन इस दिशा में बदलाव का मुख्य कारण माना जा रहा है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन ने वर्षा के पैटर्न को प्रभावित किया है। पिछले चार-पांच वर्षों से बारिश पश्चिमी मार्ग पर होने लगी है, जिससे शुष्क क्षेत्रों में भी सामान्य से अधिक वर्षा हो रही है। पश्चिम बंगाल में कई डिप्रेशन बनने से भी बेतरतीब बारिश हो रही है। मौसम वैज्ञानिक सोमा सेन रॉय का कहना है कि अगस्त में सामान्य से अधिक वर्षा होती है, जो इस बार भी देखने को मिल रही है।

आधी रात को सागर से टकराएगा ‘रेमल’ चक्रवात

कोलकाता :बंगाल की खाड़ी के ऊपर बनी निम्न दबाव प्रणाली चक्रवाती तूफान ‘रेमाल’ में तब्दील हो गया है। इसके रविवार आधी रात को पश्चिम बंगाल के सागरद्वीप तथा बांग्लादेश के खेपुपारा के बीच समुद्र तट से टकराने की आशंका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) ने इस बात की जानकारी दी।

रेमाल के चलते कोलकाता एयरपोर्ट प्रबंधन ने रविवार दोपहर से 21 घंटे के लिए उड़ानों का परिचालन निलंबित करने का फैसला किया है। वहीं  कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर रविवार शाम छह बजे से 12 घंटे के लिए सभी ‘कार्गो और कंटेनर हैंडलिंग’ कार्य निलंबित रहेंगे।

रेमाल से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने 12 टीमों को तैनात किया है।पांच टीमें स्टैंडबाय पर रखी गयी हैं। जहाजों और विमानों के साथ सेना, नौसेना और तटरक्षक बल बचाव और राहत के लिए तैयार
विद्युत विभाग द्वारा तत्काल बिजली बहाली के लिए आपातकालीन टीमों को तैनात किया गया है।

इस मानसून पूर्व सीजन में बंगाल की खाड़ी में यह पहला चक्रवाती तूफान है। मौसम विभाग ने बताया कि तूफान खेपुपारा से लगभग 360 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व और सागरद्वीप से 350 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में केंद्रित है।

राजधानी कोलकाता के अलीपुर मौसम कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि चक्रवाती तूफान 110-120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तटों पर दस्तक दे सकता है। यह 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार पकड़ सकता है।

मौसम विभाग ने 26-27 मई को पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओड़िशा के तटीय जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में 27-28 मई को अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है।

तूफान के दस्तक देने के समय समुद्र में 1.5 मीटर ऊंची लहरें उठने की आशंका है, जिससे तटीय पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के निचले इलाके डूब सकते हैं। मौसम विभाग ने मछुआरों को 27 मई की सुबह तक बंगाल की खाड़ी के उत्तरी भाग में समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने 26 और 27 मई को पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों (दक्षिण और उत्तर 24 परगना) के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. यहां कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।

इस बीच चक्रवात के दौरान तटवर्ती क्षेत्र में रहने वाले लोगों को संबंधित जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं, चक्रवात से निबटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति के कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में बैठक हुई है. कैबिनेट सचिव ने पश्चिम बंगाल सरकार को आश्वासन देते हुए कहा कि इस स्थिति से निपटने के लिए सभी केंद्रीय एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं और सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगी।

इस बीच, मुख्य सचिव ने तटवर्ती जिलों के जिलाधिकारियों से लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का आदेश दिया। साथ ही पर्याप्त मात्रा में राहत सामग्री भी एकत्रित रखने को कहा है, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।

बंगाल की खाड़ी में बन रहा तूफान, बंगाल में सतर्कता

कोलकाता : बंगाल की खाड़ी में बन रहे एक तूफान के भीषण चक्रवात में तब्दील होकर 26 मई को बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश के तट पर पहुंचने की संभावना है। रविवार की शाम से लेकर देर रात तक तूफान बंगाल से टकराने की संभावना है। जानकारी के अनुसार 102 की स्पीड में हवा चलेगी।

बंगाल में छठे दौर के चुनाव के अगले दिन यानी रविवार को बेहद शक्तिशाली चक्रवात ‘रिमल’ के टकराने की आशंका है। तूफान की दिशा ओडिशा से बांग्लादेश तक हो सकती है, संकेत मिल रहा है कि रुझान पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के सुंदरबन तट की ओर होने की अधिक संभावना है। 

मौसम विभाग की माने तो चक्रवात के कारण पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, पूर्वी मिदनापुर के कई इलाकों में भारी बारिश होगी।रविवार को 110 की रफ्तार से हवा चलेगी,  शनिवार से ही तूफानी बारिश का शुरू हो सकती है।  हवा की रफ्तार 110 माना जा रहा है। पूर्व मेदिनीपुर, उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना में बारिश हो सकती है। तीनों जिलों में बिजली गिरने के साथ 50 किमी की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। कोलकाता के साथ-साथ दक्षिण बंगाल के सभी जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की काफी संभावना भी है।

Odisha: জাওয়াদের হামলা হবে সৈকত শহর পুরীতে, ফেনিল ঢেউয়ে দুলছে সাগর

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News Desk: পশ্চিম-মধ্য বঙ্গোপসাগরে ঘনীভূত গভীর নিম্নচাপ সামুদ্রিক ঘূর্ণিঝড়ে পরিণত হয়ে ওডিশা (Odisha)ও অন্ধ্রপ্রদেশের দিকে অগ্রসর হচ্ছে।

পিআইবি জানাচ্ছে, উত্তর-পশ্চিম দিকে অগ্রসর হয়ে জাওয়াদ নামে এই ঘূর্ণিঝড়টি উত্তর অন্ধ্রপ্রদেশ ও দক্ষিণ ওডিশা উপকূলের কাছাকাছি গিয়ে পৌঁছবে। উত্তর ও উত্তর-পূর্ব দিকে বাঁক নিয়ে, ওডিশা উপকূল বরাবর বাঁক নিয়ে, রবিবার দুপুর নাগাদ এটি পুরীর কাছে গিয়ে পৌঁছবে বলে, আবহাওয়া বিভাগের পূর্বাভাস।

জাওয়াদ হামলার কারণে ৪ ডিসেম্বর থেকে ৬ ডিসেম্বর পর্যন্ত বঙ্গোপসাগর উপকূলের পশ্চিমবঙ্গের জেলাগুলিতে জারি সতর্কতা। দক্ষিণবঙ্গের জেলাগুলিতে মাঝারি থেকে ভারী বৃষ্টির পূর্বাভাস দেওয়া হয়েছে। উপকূলবর্তী জেলাগুলিতে ভারী থেকে অতিভারী বৃষ্টি হতে পারে।

পড়ুন: Asani cyclone: জাওয়াদের পর জন্ম নেবে অশনি, সাগর দানবের মরণ নেই

পিআইবি জানাচ্ছে, ঘূর্ণিঝড়-জাওয়াদ উপকূলের দিকে এগিয়ে আসার সঙ্গে সঙ্গে ঝোড়ো হাওয়ার পাশাপাশি সমুদ্র উত্তাল হতে পারে। ঝড়ের গতি ঘণ্টায় ৮০ কিলোমিটার পর্যন্ত হতে পারে। মৎস্যজীবীদের ৫ তারিখ পর্যন্ত সমুদ্রে যেতে নিষেধ করা হয়েছে। যারা গেছেন, তাঁদের দ্রুত ফেরার নির্দেশ দেওয়া হয়েছে।

সাইক্লোন জাওয়াদ সতর্কতার প্রেক্ষিতে দক্ষিণ পূর্ব এবং দক্ষিণ মধ্য রেলের বেশ কিছু এক্সপ্রেস ও সুপার ফাস্ট ট্রেন শনিবার থেকে সোমবার পর্যন্ত বাতিল থাকবে। দক্ষিণ পূর্ব রেল সূত্রে এই খবর।

Cyclone Jawad: লাল চোখে জাওয়াদ দানব তাকিয়ে ভারতের দিকে, বাংলাদেশ উপকূলেও সতর্কতা

Cyclone Jawad

News Desk: বঙ্গোপসাগরের দানব (Cyclone Jawad) ফের নতুন নাম নিয়ে হামলা করতে তৈরি। ধীরে ধীরে তার শক্তি বাড়ছে। উপগ্রহ চিত্র থেকে ভারত ও বাংলাদেশের আবহাওয়ার বিভাগ জানাচ্ছে, শনিবার সকাল জাওয়াদ ঢুকবে ভারতের উপকূলে।

দুটি উপকূলীয় রাজ্য অন্ধ্রপ্রদেশ ও ওডিশা সরকার ইতিমধ্যেই ঘূর্নি ঝড় মোকাবিলা করতে প্রস্তুতি নিয়েছে। ঝড়ের ঝাপটা আসবে পশ্চিমবঙ্গের দিকে।

তবে আবহাওয়াবিদরা মনে করছেন গতিপথ পাল্টে নিলে জাওয়াদের হামলা হতে পারে পশ্চিমবঙ্গ ও বাংলাদেশ উপকূল এলাকা।জাওয়াদের দাপটে সামুদ্রিক জলোচ্ছাস হবে। ফলে ভারতীয় ও বাংলাদেশ উপকূল এলাকায় জারি হয়েছে সতর্কতা।

ভারতের দিকে উত্তর অন্ধ্রপ্রদেশ, ওডিশা হয়ে পশ্চিমবঙ্গের দুটি উপকূলীয় জেলা দক্ষিণ ২৪ পরগনা, পূর্ব মেদিনীপুরে সতর্রকতা জারি। তেমনই বাংলাদেশের খুলনা, বরিশাল ও চট্টগ্রামের উপকূল এলাকায় সতর্ক সংকেত দেখানো শুরু হয়েছে।

বাংলাদেশ আবহাওয়া অধিদফতর জানাচ্ছে, ঘূর্ণিঝড়ের কারণে বাংলাদেশের সব সমুদ্রবন্দরে ১নং দূরবর্তী হুঁশিয়ারি সংকেত দেখিয়ে যেতে বলা হয়েছে যা পরবর্তীতে আরও বৃদ্ধি পেতে পারে। সাগরে মাছ ধরার ক্ষেত্রে জারি হয়েছে নিষেধাজ্ঞা।

ভারতের আবহাওয়া দফতর জানিয়েছে, বৃহস্পতিবার গভীর রাতে বিশাখাপত্তনম থেকে ৭৭০ কিলোমিটার দক্ষিণ-দক্ষিণপশ্চিমে নিম্নচাপটি তৈরি হয়। এটি উত্তর পশ্চিম দিকে অগ্রসর হচ্ছে। শনিবার উপকূলে পৌঁছানোর সময় তীব্র ঝড়ের গতিবেগ নিয়ে আসতে পারে ঘূর্ণিঝড় জাওয়াদ।

জাওয়াদের প্রভাবে ওডিশা, অন্ধ্রপ্রদেশ এবং গাঙ্গেয় পশ্চিমবঙ্গের বিভিন্ন এলাকায় ভারি থেকে অতি ভারি বৃষ্টিপাত হতে পারে। এতে এসব এলাকার নিম্নাঞ্চল প্লাবিত হওয়ার পাশাপাশি ফসলের ক্ষতি হতে পারে।

Cyclone Jawad: সপ্তাহান্তে ধেয়ে আসছে ঘূর্ণিঝড় জাওয়াদ

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নিউজ ডেস্ক: ইয়াসের পর এবার ধেয়ে আসছে ঘূর্ণিঝড় জাওয়াদ (Cyclone Jawad)। সপ্তাহের শেষে কলকাতা সহ উপকূল সংলগ্ন জেলায় ঝোড়ো হাওয়ার সঙ্গে অতিভারী বৃষ্টির সর্তকতা জারি করা হয়েছে।

আবহাওয়া দফতর সূত্রের খবর, দক্ষিণ থাইল্যান্ডের ঘূর্ণাবর্ত নিম্নচাপে পরিণত হয়েছে। সেটি ক্রমশ দক্ষিণ আন্দামান সাগরের দিকে ঢুকবে। শক্তি সঞ্চয় করে এই গভীর নিম্নচাপ সেখানেই ঘূর্ণিঝড়ে পরিণত হবে। নাম হবে জাওয়াদ।

শনিবার সকালে এটির উত্তর অন্ধ্রপ্রদেশ অথবা ওড়িশা উপকূলে আছড়ে পড়ার সম্ভাবনা রয়েছে। এর প্রভাবে শনিবার সকালে পশ্চিমবঙ্গের সমুদ্র উপকূলে বাতাসের গতিবেগ ৬৫ থেকে ৮০ কিলোমিটার হতে পারে। আবহাওয়া দফতর শুক্রবার থেকে রবিবার পর্যন্ত মৎস্যজীবীদের সমুদ্রে মাছ ধরতে যেতে নিষেধ করেছে। যারা সমুদ্রের রয়েছেন তাঁদের বৃহস্পতিবার সন্ধ্যার মধ্যে ফিরে আসতে বলা হয়েছে।

এই ঘূর্ণিঝড়ের প্রভাবে কলকাতা সহ দক্ষিণবঙ্গের একাধিক জেলায় বৃষ্টি, উপকূল ও সংলগ্ন জেলাগুলিতে ঝড়বৃষ্টির সম্ভাবনা রয়েছে। শনি ও রবিবার ঝোড়ো হাওয়ার সঙ্গে ভারী থেকে অতি ভারী বৃষ্টি হতে পারে। শুক্রবার উপকূলের দুই জেলা দুই মেদিনীপুরে ও দক্ষিণ ২৪ পরগনার কিছু অংশে হালকা বৃষ্টির সম্ভাবনা রয়েছে। শনিবার বৃষ্টির সঙ্গে ঝোড়ো হাওয়ার দাপট বাড়বে।

শুক্রবার থেকে কলকাতাতেও আবহাওয়ার পরিবর্তন হবে। মেঘলা আকাশ সঙ্গে হালকা পূবালী বাতাস থাকবে। বজ্রগর্ভ মেঘ থেকে হালকা বৃষ্টির সম্ভাবনা রয়েছে। রবিবার কলকাতায় বৃষ্টি ও ঝড়ের ব্যাপকতা বাড়বে। উল্লেখ্য, বুধবার কলকাতায় সর্বনিম্ন তাপমাত্রা ১৭.৭ ডিগ্রি।

 

 

Bay of Bengal: বঙ্গোপসাগরের বুকে তৈরি নিম্নচাপে ডিসেম্বরের শুরুতেই বাংলায় ভারী বৃষ্টিপাতের সম্ভাবনা

low pressure in the Bay of Bengal

নিউজ ডেস্ক, কলকাতা: চলতি বছরে বৃষ্টি যেন শেষ হয়েও শেষ হচ্ছে না। এবার বৃষ্টির অন্যতম কারণ নিম্নচাপ (Depression)। সোমবার মৌসম ভবন (Mousom Bhaban) জানিয়েছে, বঙ্গোপসাগরের (Bay of Bengal) বুকে ফের একটি নিম্নচাপ তৈরি হচ্ছে। ডিসেম্বর (December) শুরুতেই এই নিম্নচাপ ঘূর্ণাবর্তে পরিবর্তিত হবে। যার প্রভাব পড়বে গুজরাত, আন্দামান নিকোবর দ্বীপপুঞ্জ, অন্ধপ্রদেশ, ওড়িশা, ও পশ্চিমবঙ্গে।

সোমবার মৌসম ভবন জানিয়েছে, দক্ষিণ আন্দামান সাগর ও বঙ্গোপসাগরের বুকে সোমবার থেকেই এই নিম্নচাপটি ঘনীভূত হচ্ছে। ডিসেম্বরের শুরুতেই যা ঘূর্ণাবর্তে পরিবর্তিত হবে। নিম্নচাপ তৈরি হওয়ার ৪৮ ঘণ্টার মধ্যেই সেটি শক্তিশালী আকার নিয়ে উত্তর-পশ্চিম দিকে এগিয়ে যাবে। এই নিম্নচাপের প্রভাবে মঙ্গল ও বুধবার গুজরাত এবং আন্দামান ও নিকোবর দ্বীপপুঞ্জে প্রবল বৃষ্টিপাত হতে পারে। একইসঙ্গে ৪০ থেকে ৬০ কিলোমিটার বেগে বইবে ঝোড়ো হওয়া। ১ ডিসেম্বর থেকে এই হওয়ার গতিবেগ আরও বাড়বে।

মৌসম ভবন জানিয়েছে, ঘূর্ণাবর্তের জেরে মঙ্গল ও বুধবার গুজরাতের একাধিক জেলায় অতিভারী বৃষ্টি হবে। এ জন্য ইতিমধ্যেই রাজ্যের একাধিক জেলায় মঙ্গলবারের জন্য কমলা সর্তকতা এবং বুধবারের জন্য হলুদ সর্তকতা জারি করা হয়েছে। মৌসম ভবন তার সতর্কবার্তায় গুজরাত উপকূলে মৎস্যজীবীদের ৩০ নভেম্বর থেকে ২ ডিসেম্বর পর্যন্ত সমুদ্রের না যাওয়ার কথা জানিয়েছে। এই ঘূর্ণাবর্তের জেরে পশ্চিমবঙ্গ, অন্ধপ্রদেশ এবং উড়িশাতেও ভারী বৃষ্টিপাতের সম্ভাবনা রয়েছে। মৌসম ভবন তাদের সতর্কবার্তায় প্রতিটি রাজ্যের কৃষকদের সতর্ক থাকার পরামর্শ দিয়েছে।

সাধারণত প্রতি বছরই অক্টোবর, নভেম্বরে বঙ্গোপসাগরে ঘূর্ণিঝড়ের প্রকোপ দেখা যায়। তবে এবার তেমন কোনও ঘূর্ণি ঝড় দেখা যায়নি। দেখা গিয়েছে একের পর এক নিম্নচাপ।

মৌসম ভবনের এই সতর্কবার্তায় ভাঁজ পড়েছে বাংলার কৃষকদের কপালে। কারণ আমন ধান উঠার পর এখন চলছে আলু বীজ বসানোর ভরা মরসুম। কিন্তু এই মুহুর্তে যদি নতুন করে আবার বৃষ্টিপাত হয় তবে আলু বসানোর কাজ অনেকটাই পিছিয়ে যাবে। এমনিতেই অক্টোবরের প্রবল বৃষ্টিতে ধান ও আলু চাষের যথেষ্ট ক্ষতি হয়েছে। ডিসেম্বরে যদি ফের বৃষ্টি হয় তবে কৃষকদের ক্ষতি আরও বাড়বে। তাই মৌসম ভবনের পূর্বাভাস বাংলার চাষীদের এক অজানা আশঙ্কার মধ্যে ফেলেছে। কারণ আলু চাষ করতে দেরি হলে একদিকে যেমন খরচ বাড়বে তেমনি কমবে ফলনও।

Bangladesh: বঙ্গোপসাগরে বর্মী নৌবাহিনীর হামলা, মৎস্যজীবীদের অপহরণ

Myanmar navy

News Desk: বঙ্গোপসাগরের মাছ ধরছিলেন বাংলাদেশের মৎস্যজীবীরা। তাদের ঘিরে ধরে অপহরণ করে নিয়ে যাওয়ার অভিযোগ উঠেছে বর্মী নৌবাহিনীর বিরুদ্ধে। চাঞ্চল্যকর এই ঘটনা ঘটেছে বিখ্যাত সেন্টমার্টিন দ্বীপের কাছে (নারিকেল জিঞ্জিরা দ্বীপ)।

মায়ানমারে সেনা শাসন শুরুর পর বর্মী সেনার বিরুদ্ধে গণহত্যার লাগাতার অভিযোগ উঠেছে। গত ফেব্রুয়ারিতে নির্বাচিত সরকার সরিয়ে দিয়ে ফের ক্ষমতা দখল করেছে দেশটির সেনা। বন্দি হয়েছেন অপসারিত সরকারের নেত্রী আউং সান সু কি। এবার বর্মী সেনার বিরুদ্ধে প্রতিবেশি বাংলাদেশের নাগরিকদের অপহরণের অভিযোগ উঠল।

জানা গিয়েছে বঙ্গোপসাগরে মাছ ধরার সময় সেন্টমার্টিন দ্বীপের কাছে ২২ মৎস্যজীবী সহ বাংলাদেশি চারটি ট্রলার মায়ানমারের নৌবাহিনী আটক করে। দুই দফায় চারটি ট্রলার জোর করে নিয়ে যাওয়ার তথ্য জানিয়েছেন সেন্টমার্টিন ইউনিয়ন পরিষদের চেয়ারম্যান নুর আহমদ। স্থানীয় জেলেরা জানান, সকালে দ্বীপের পূর্বদিকে বর্মী নৌবাহিনীর সেনারা এসে বন্দুক তুলে ভয় দেখা। তারা ট্রলারসহ জেলেদের তুলে নিয়ে যায়। কিছু পরে ফের হানা দেয় তারা।

Myanmar army

বাংলাদেশি মৎস্যজীবীদের অপহরণের সংবাদ সেন্ট মার্টিন দ্বীপের স্থানীয় প্রশাসন মারফত বর্ডার গার্ড বাংলাদেশ (বিজিবি) ও উপকূলরক্ষীরা পেয়েছেন।সেন্টমার্টিন দ্বীপের উপকূলরক্ষীরা জানান, মাঝিমাল্লাসহ ট্রলার ধরে নিয়ে যাওয়ার খবর এসেছে। তারা রোহিঙ্গা নাকি বাংলাদেশি তা খতিয়ে দেখা হচ্ছে।

Bangladesh: বঙ্গোপসাগরে নিম্নচাপে ঘূর্ণিঝড় জাওয়াদ জন্মের আশঙ্কা

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News Desk: আসবে কি তেড়ে ঘূর্ণিঝড়? বঙ্গোপসাগরে তৈরি হওয়া নিম্নচাপ শক্তিশালী হওয়ার একটা আশঙ্কা করছে বাংলাদেশ আবহাওয়া অধিদফতর।

বাংলাদেশের আবহাওয়া অধিদফতরের দীর্ঘমেয়াদি পূর্বাভাস অনুযায়ী আগামী ১৫ থেকে ১৬ নভেম্বরের ভেতর বঙ্গোপসাগরে এই ঘূর্ণিঝড় সৃষ্টি হওয়ার আশঙ্কা রয়েছে। যদি তেমন হয়, সেক্ষেত্রে আগামী ১৮ থেকে ১৯ নভেম্বর ভারতের উপকূলে সেই ঝড় আঘাত হানতে পারে।

পরবর্তী ঘূর্ণিঝড়ের নাম ঠিক করা আছে জাওয়াদ। এটি সৌদি আরবের দেওয়া নাম। চলতি বছর সেপ্টেম্বরে ভারতের ওডিশা উপকূলে আঘাত হানে ঘূর্ণঝড় ‘গুলাব’। আর মে মাসে ‘ইয়াস’ হামলা করেছিল।

বাংলাদেশ ও ভারতের উপকূল থেকে দুই দেশের উপকূলরক্ষী বাহিনীর দেওয়া তথ্য, উপগ্রহ ছবি বিশ্লেষণ করছেন আবহাওয়া বিশেষজ্ঞরা।

বাংলাদেশের আবহাওয়াবিদরা ঢাকার সংবাদ মাধ্যমে জানাচ্ছেন, বঙ্গোপসাগরে যদি শক্তিশালী হয়ে নিম্নচাপ তৈরি হয় তাহলে একটি ঘূর্ণিঝড়ে রূপ নেওয়ার আশঙ্কাও রয়েছে।

দুই দেশের আবহাওয়া বিভাগ জানাচ্ছে, ভারতের উত্তর তামিলনাড়ু ও আশেপাশের এলাকায় অবস্থারত নিম্নচাপটি দুর্বল হয়েছে। একটি নিম্নচাপ রেখা হিমালয় সংলগ্ন পশ্চিমবঙ্গ ও আশেপাশের এলাকা পর্যন্ত বিস্তৃত রয়েছে।

বাংলাদেশ আবহাওয়া অধিদফতর জানাচ্ছে, দক্ষিণ পশ্চিম বঙ্গোপসাগর থেকে আগত নিম্নচাপটির বর্ধিতাংশ উত্তর বঙ্গোপসাগর পর্যন্ত বিস্তৃত রয়েছে। দক্ষিণ আন্দামান সাগর এবং এর আশেপাশের এলাকায় একটি নিম্নচাপ বলয় সৃষ্টি হয়েছে। এর প্রভাবে রাজশাহী, খুলনা, বরিশাল, চট্টগ্রাম, ময়মনসিংহ, ঢাকা ও সিলেট বিভাগের দু’এক জায়গায় হালকা থেকে মাঝারী ধরনের বৃষ্টি হতে পারে।

Cyclone Gulab Live Updates: ৯৫-১০০ কিমি গতি নিয়ে গুলাব ঢুকছে রাতেই

Cyclone Gulab

নিউজ ডেস্ক: পশ্চিম- মধ্য বঙ্গোপসাগরের ওপর সৃষ্ট ঘূর্ণিঝড় গুলাব (Cyclone Gulab) অন্ধ্রপ্রদেশের কলিঙ্গপত্তনম উপকূলের দিকে তীব্র গতিতে আসছে। উপকূলের মাটি ছোঁয়ার সময় এই ঘূর্নিঝড়ের গতিবেগ ঘন্টায় ৯৫ কিমি থেকে ১০০ কিলোমিটার পর্যন্ত হওয়ার আশঙ্কা। অন্ধ্রপ্রদেশের কলিঙ্গপত্তনমের উপরেই আছড়ে পড়বে গুলাব।

পিআইবি জানাচ্ছে, এই ঝড় ঘণ্টায় ৭৫ থেকে ৮৫ কিলোমিটার বেগে ওডিশার গোপালপুর ও অন্ধ্রের কলিঙ্গপত্তনমের মাঝামাঝি স্থলভাগে প্রবেশ করবে। সেই সময় ঝড়ের গতি ৯৫ কিলোমিটার পর্যন্ত হতে পারে।

গুলাবের প্রত্যক্ষ প্রভাব গাঙ্গেয় পশ্চিমবঙ্গে না পড়লেও উপকূল এলাকায় ভারী বৃষ্টির সম্ভাবনা। আলিপুর আবহাওয়া দফতরের পূর্বাঞ্চলীয় উপ মহানির্দেশক ডক্টর সঞ্জীব বন্দ্যোপাধ্যায় জানিয়েছেন, ২৮ তারিখ মঙ্গলবার কলকাতা, সহ দক্ষিণবঙ্গের বিভিন্ন জেলায় ভারি বৃষ্টি হতে পারে।

ঘূর্ণিঝড় গুলাবের প্রভাবে বঙ্গোপসাগর উপকূলের ওডিশা, অন্ধ্রপ্রদেশ এবং তেলেঙ্গানার বিভিন্ন অংশে ভারি থেকে অতি ভারি বৃষ্টির সতর্কতা জারি করা হয়েছে। প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদী অন্ধ্রপ্রদেশের মুখ্যমন্ত্রী জগনমোহন রেড্ডির সঙ্গে দুর্যোগ মোকাবিলার বিষয়ে কথা বলেন। কেন্দ্রের তরফে সবরকম সাহায্যের আশ্বাস দেন। পিআইবি জানাচ্ছে, ওডিশার মুখ্যমন্ত্রী নবীন পট্টনায়ক বিপর্যয় মোকাবিলার প্রস্তুতি খতিয়ে দেখেছেন।

অন্যদিকে গুলাব ঝড়ের দাপটে বঙ্গোপসাগর উত্তাল। সাগরের বাংলাদেশ উপকূলে জারি হয়েছে সতর্কতা। বাংলাদেশ আবহাওয়া অধিদফতর জানাচ্ছে, খুলনা ও বরিশাল বিভাগের উপকূলীয় এলাকায় বিশেষ নজরদারি চলছে। চট্টগ্রাম বিভাগেও সতর্কতা আছে। তবে গুলাব ঘূর্ণিঝড়ের মুখ ভারতীয় উপকূলের দিকে থাকায় বাংলাদেশের উপকূল এলাকায় তেমন বিপদ নেই।

ALERT: রাতেই তৈরি হবে ঘূর্ণিঝড় গুলাবের শক্তি, সতর্কতা বাংলাদেশের

indian coastal side

নিউজ ডেস্ক: বঙ্গোপসাগরে তৈরি হওয়া নিম্নচাপ থেকে ঘূর্ণিঝড় গুলাব জন্ম নিতে চলেছে। এর মুখ ভারতীয় উপকূলের দিকে। তবে লেজের ঝাপটা লাগবে বাংলাদেশ উপকূল এলাকায়। বিবিসি জানাচ্ছে, বঙ্গোপসাগরে সৃষ্ট একটি গভীর নিম্নচাপ ঘূর্ণিঝড়ে পরিণত হতে যাচ্ছে বলে সতর্ক করে দিচ্ছে বাংলাদেশ সরকার।

ঢাকায় আবহাওয়া অধিদফতরের তরফে বলা হয়, তারা মোটামুটি নিশ্চিত যে নিম্নচাপটি ঘূর্ণিঝড়ে পরিণত হতে যাচ্ছে। শনিবার রাতেই এর আকার ধারণ করবে। ইতিমধ্যেই বাংলাদেশের বিস্তির্ণ অংশে শুরু হয়েছে বৃষ্টিপাত। উপকূলবর্তী তিনটি বিভাগ খুলনা, বরিশাল ও চট্টগ্রামে জারি হয়েছে সতর্কতা। কারণ, সাগর ফুঁসে উঠবে। বাংলাদেশ আবহাওয়া বিভাগের দাবি, গুলাব হবে একটি স্বল্প শক্তির ঘূর্ণিঝড়, যার গতিবেগ হবে ঘণ্টায় ৬০ থেকে ৭০ কিলোমিটার পর্যন্ত। ঝড়ের গতি প্রকৃতি ভারতের দিকে।

অন্যদিকে ভারতের আবহাওয়া বিভাগ এরই মধ্যে ঘূর্ণিঝড়ের আগমন সম্পর্কে সতর্ক করেছে। বলা হয়েছে শনিবারের মধ্যেই নিম্নচাপটির ঘূর্ণিঝড়ে পরিণত হওয়ার আশঙ্কা রয়েছে। ঘূর্ণিঝড়টির গতি-প্রকৃতি দেখে মনে হচ্ছে, রবিবার রাত নাগাদ এটি অন্ধ্র প্রদেশের উত্তরাঞ্চল এবং ওডিশার দক্ষিণাঞ্চল অতিক্রম করবে।

গভীর নিম্নচাপের কারণে বাংলাদেশের আবহাওয়া অধিদফতর চট্টগ্রাম, কক্সবাজার, মংলা ও পায়রা সমুদ্রবন্দরকে সতর্ক সঙ্কেত দেখিয়ে যেতে বলেছে।
এর আগে বঙ্গোপসাগরে সবশেষ যে ঘূর্ণিঝড়টি তৈরি হয়েছিল, সেটির নাম ইয়াস। গত মে মাসে এটি ব্যাপক ক্ষয়ক্ষতি করেছিল ভারতের উপকূলে।