जूनियर डॉक्टरों ने उड़ाई ममता की नींद, पहुंची डॉक्टरों का धरना मंच

कोलकाता : महिला जूनियर डॉक्टर से दरिंदगी के बाद से लगातार प्रदर्शन कर रहे डॉक्टर से शनिवार को राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद साल्टलेक स्थित स्वास्थय भवान से बहाह धरना मंच पहुंची।

इस दौरान ममता ने हड़ताल कर रहे डॉक्टरों से अपील करते हुए कहा कि मैं यहां सीएम नहीं बल्कि दीदी के हैसियत से आई हूं। आपसे अनुरोध कर रही हूं, काम पर लौट आइए। बारिश के बीच सड़क पर आप प्रदर्शन कर रहे हैं, इससे मेरी रातों की नींद उड़ गई है।

इससे पहले जैसे वह धरना स्थल पर पहुंची, चिकित्सकों ने हमें न्याय चाहिए के नारे लगाये। बता दें कि बीत कई दिनों से सीएम बनर्जी और धरने पर बैठे डॉक्टरों के बीच मीटिंग नहीं हो पा रही थी।जूनियर डॉक्टर अब भी मुख्यमंत्री से न्याय की उम्मीद में किसी भी समय  बैठक करना चाहते है।  जिससे वे अपनी पांच  वाजिब मांगों को पूरा कर सके।

 

कोलकाता में दो सप्ताह में कम हो जाएंगी सब्जियों की बढ़ी कीमतें

कोलकाता : 10 दिनों में किसी भी हाल में सब्ज़ियों की महंगाई कम करने का मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने निर्देश दिया। बाज़ार कमिटियों की बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आलू,प्याज़  समेत अन्य सब्जियों की  क़ीमत पर भड़कीं।

सरकार अब हर हाल में सभी बाज़ारों पर नज़र रखेगी।  सरकारी टीम का काम होगा बाजार में नजर रखना और उसकी तह तक जाकर जांच करना।

बाजर में बड़ी किमतों पर नजर रखने के लिए एसटीएफ़ का दल, सीआईडी का दल समते आईबी के अधिकारी भी लगातार दौरा करते रहेंगे।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि आलू की जमाखोरी करने वाले कुछ गिरोह सक्रिय हैं। बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में सभी संभावित जगहों  समते वाहनों की भी जांच की जाएगी।

 

 

ममता बनर्जी ने एग्जिट पोल का बताया फर्जी

कोलकाता: लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर जारी एग्जिट पोल मोदी सरकार के लिए अच्छी खबर लेकर आई है। एग्जिट पोल को लेकर अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बयान सामने आया है। उन्होंने सर्वे को फर्जी करार दिया। ममता ने पार्टी कार्यकर्ताओं को मजबूत रहने की सलाह दी। एक इंटरव्यू में तृणमूल सुप्रीमो ने कहा ‘हमारे राज्य के बारे में एग्जिट पोल में जो दिखाया जा रहा है, उस पर में विश्वास नहीं करती। यह बिल्कुल फर्जी है।

शनिवार को आखिरी दौर की वोटिंग के बाद कई एंग्जिट पोल सर्वे में बंगाल में बीजेपी को सबसे बड़ी पार्टी बताया गया है। ममता उन सारे सर्वे फर्जी बता दिया। उन्होने कहा कि मीडिया कैसे कह रहा है, किस सीट पर कौन जीतेगा, कितने पैसे में? में इस मीडिया के सर्वे को सवीकार नहीं करती। सीएम ने TMC कार्यकर्ताओं से कहा कि मजबूती के साथ रहें ओर काउंटिंग के दिन सतर्क रहे। ममता ने आगे कहा कि मीडिया ने जो दिखाया है, उससे दोगुनी सीटें TMC जीतेगी।

वहीं, राज्य में सत्तारूढ़ दल की संभाित सीटों की संख्या के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा, में किसी संख्या पर नहीं जाऊगी, तेकिन में आपको एक बात बता सकती हूं, जिस तरह से हमने जमीनी स्तर पर काम किया, लोगों से बातचीत की मेंने कभी नहीं सोचा है कि तोग हमें वोट नहीं देंगे। ममता ने आगे कहा, में पहले नतीजे देखूंगी। में रिजल्ट देखने के बाद हिसाब तगाऊंगी। हमारे पास भी एक आंकड़ा है। हम ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रीय दलों को अपने साध जोड़ने का प्रयास करेंगे। इस बीच में उन लोगों को बता दूँ जो इस बार मोदी जी को जिता रहे हैं वह इतनी आसानी से पास नहीं हो पाएंगे। यह सरकार कितने दिनों तक चलेगी, इसमें संदेह है।

इसके बाद ममता ने मीडिया पर ही सवाल उठा दिया। उन्होंने एग्जिट पोल को लेकर मीडिया पर निशाना साधा और कहा कि मैने इतनी बेशर्म मीडिया कभी नहीं देखी। वे यहां तक कह रहे हैं कि विपक्ष के लोग इस सीट पर हार रहे हैं, उस सीट पर हार रहे है। क्या इसका मतलब यह है कि उन्होंने बीजेपी से पेसा तिया है? रिजल्ट से पहले कैसे पता चलेगा कि किस सीट पर कौन जीत रहा है, कौन हार रहा है।’

OBC प्रमाणपत्रों को रद्द नहीं होने देंगे, ऊपरी कोर्ट जाएंगे : ममता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार 2010 के बाद से राज्य में जारी किए गए सभी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) प्रमाणपत्र रद्द करने के कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती देगी।

ममता बनर्जी ने दक्षिण 24 परगना जिले के सागर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए यह बात कही। ममता ने आगे कहा कि राज्य सरकार गर्मी की छुट्टियों के बाद आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत में अपील करेगी। हम ओबीसी प्रमाणपत्रों को रद्द करने संबंधी आदेश को नहीं मानते। हम ग्रीष्म अवकाश के बाद शीर्ष अदालत में अपील करेंगे। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में 2010 से कई वर्गों को दिया गया अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का दर्जा बुधवार को रद्द कर दिया था।

अदालत ने कहा था कि मुसलमानों के 77 वर्गों को पिछड़ा वर्ग श्रेणी की सूची में शामिल करना ‘उनके साथ वोट बैंक की तरह बर्ताव करना है।’ बनर्जी ने चुनावी रैली में अपने संबोधन में मतदाताओं से आग्रह किया कि वे ‘तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर भाजपा या किसी अन्य पार्टी को एक भी वोट न दें ताकि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ केंद्र में सरकार बना सके।’