Abhishek Banerjee: अभिषेक की नजर 9 लोकसभा क्षेत्रों पर है

Abhishek Banerjee

संख्या की लड़ाई में. अभिषेक (Abhishek Banerjee) की नजर डायमंड हार्बर समेत नौ लोकसभा क्षेत्रों पर है। इन लोकसभा क्षेत्रों की विधानसभा सीटों पर अभिषेक बनर्जी का कब्जा था. उन्होंने डायमंड हार्बर के सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त बढ़ाने का कड़ा संदेश दिया.

अभिषेक बनर्जी ने बुधवार से संगठनात्मक बैठक शुरू की. 9 लोकसभा सीटों पर अभिषेक का खास फोकस. डायमंड हार्बर, दार्जिलिंग, कूच बिहार, मालदा नॉर्थ, मालदा साउथ, घाटल, बोलपुर, बीरभूम और झाड़ग्राम। इन उन्नीस लोकसभा चुनावों में से भाजपा ने चार सीटें जीतीं। तृणमूल4. और एक में कांग्रेस.

पिछले बुधवार को अभिषेक कौशली-वैथक ने डायमंड हार्बर सेंटर में अपना केंद्र शुरू किया। डायमंड हार्बर लोकसभा में 7 विधानसभा क्षेत्र हैं। इक्कीस में से सात केंद्रों पर तृणमूल को जीत मिली. बीजेपी खोखली है.

चौबीसवें वोट में क्या होगा? अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को डायमंड हार्बर के 2 विधानसभा क्षेत्रों के साथ बैठक की. उस बैठक में उन्होंने अपने लोकसभा क्षेत्र की सभी सात विधानसभाओं में बढ़त बढ़ाने का कड़ा संदेश दिया था. जानना चाहते हैं कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव में विपक्ष को कई बूथों पर बढ़त क्यों मिली? अभिषेक ने निर्देश दिया कि उन बूथों पर अधिक समय बिताया जाये जहां पहले कम वोट पड़े थे. डायमंड हार्बर में जो किया गया है उसे बढ़ावा दिया जाना चाहिए। विकास को एक उपकरण के रूप में किया जाना चाहिए।

डायमंड हार्बर के अलावा आठ अन्य विधानसभा क्षेत्रों पर अभिषेक की खास नजर है. इनमें दार्जिलिंग, कूचबिहार, झाड़ग्राम, मालदा उत्तर और मालदा दक्षिण की उन्नीस लोकसभा सीटें तृणमूल हार गयीं. इनमें दार्जिलिंग लोकसभा क्षेत्र की 7 सीटों में से 6 पर बीजेपी ने 20 वोटों से जीत हासिल की. जमीनी स्तर पर एक में. कूचबिहार की भी यही तस्वीर थी. बीजेपी छह. घास की जड़ एक है. अभिषेक बनर्जी इस फिल्म को बदलना चाहते हैं. वह सभी विधानसभा सीटों से नेतृत्व करना चाहते हैं.

सोशल मीडिया पर नहीं जीते जाते चुनाव : मोदी

पीएम मोदी ने विकसित भारत संकल्प यात्रा के लाभार्थियों के साथ बातचीत के बाद अपनी टिप्पणी में कहा कि चुनाव जीतने से पहले लोगों का दिल जीतना जरूरी है और लोगों की बुद्धिमत्ता को कम आंकना उचित नहीं है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल यह नहीं समझते हैं कि “झूठी घोषणाएं” करने से कुछ हासिल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और देश की जनता के बीच अब एक सीधा रिश्ता है, एक भावनात्मक रिश्ता है। हमारी सरकार कोई ‘माई-बाप’ सरकार नहीं है; बल्कि, यह माताओं और पिताओं की सेवा करता है। जिस प्रकार एक बच्चा अपने माता-पिता की सेवा करता है, उसी प्रकार यह मोदी आपकी सेवा करने का काम करता है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मोदी गरीबों, वंचितों की परवाह करता है, जिनकी किसी को परवाह नहीं थी। जिनके लिए कार्यालयों के दरवाजे बंद कर दिए गए थे, मोदी न केवल उनकी देखभाल करता है, बल्कि वह उनकी पूजा करता है। मेरे लिए हर गरीब वीआईपी है, हर मां, बेटी, बहन वीआईपी है, हर किसान वीआईपी है, हर युवा वीआईपी है।’’ उन्होंने साफ तौर पर कहा कि हमारी सरकार माई-बाप सरकार नहीं है, बल्कि माता-पिता की सेवा करने वाली सरकार है। जिस तरह एक बच्चा अपने माता-पिता की सेवा करता है, उसी तरह यह मोदी आपकी सेवा के लिए काम करता है।

अब मध्य प्रदेश में कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार करेंगी ममता

mamata

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ बंगाल में भले ही कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी सबसे अधिक हमलावर रहते हैं। लेकिन नवंबर के मध्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में ममता कांग्रेस के लिए प्रचार करने जा रही हैं। पार्टी ने उन्हें मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार के लिए आमंत्रित किया है। तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया है कि इंदौर एक नंबर विधानसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार करने के लिए ममता बनर्जी को आमंत्रित किया गया है। यहां से कांग्रेस के उम्मीदवार संजय शुक्ला हैं जिनके विपरीत भारतीय जनता पार्टी ने कैलाश विजयवर्गीय को उम्मीदवार बनाया है।

विजयवर्गीय लंबे समय तक बंगाल के प्रभारी रहे हैं और यहां रहने के दौरान उन पर कई गंभीर आरोप लगे हैं। दुष्कर्म की कोशिश समेत अन्य गंभीर धाराओं में कोलकाता में उनके खिलाफ कई प्राथमिक की दर्ज है। इसलिए उनके खिलाफ ममता बनर्जी का चुनाव प्रचार बेहद खास होने जा रहा है।

Punjab: আসন্ন বিধানসভা নির্বাচনে পাঞ্জাবে কার সঙ্গে হাত মেলাল বিজেপি

BJP join hands with in the upcoming assembly elections in Punjab

নিউজ ডেস্ক, চণ্ডিগড়: আগামী বছরের শুরুতেই পাঞ্জাব বিধানসভার নির্বাচন (Punjab assembly election)। কৃষক আন্দোলনকে(farmers agitation) কেন্দ্র করে এই রাজ্যে যথেষ্টই কোণঠাসা বিজেপি (BJP)। এরইমধ্যে রাজ্যে ক্ষমতা দখলের লক্ষ্যে আনকোরা এক নতুন দলের সঙ্গে জোট করার কথা ঘোষণা করল গেরুয়া দল।

মাত্র মাস দু’য়েক আগে কংগ্রেস ছেড়ে নিজের নতুন দল গড়ার কথা ঘোষণা করেছিলেন রাজ্যের প্রাক্তন মুখ্যমন্ত্রী অমরিন্দর সিং(amrinder sing)। তৈরি করেছিলেন তাঁর নতুন দল পাঞ্জাব লোক কংগ্রেস(punjab lok congress)। অমরিন্দরের এই নতুন দলের সঙ্গেই জোট গড়ে আসন্ন বিধানসভা নির্বাচনে পাঞ্জাবে লড়াই করবে বিজেপি।

অমরিন্দর কংগ্রেস ছাড়ার পর জল্পনা চলছিল যে, হয় তিনি নতুন দল গঠন করবেন, নতুবা বিজেপিতে যোগ দেবেন। শেষ পর্যন্ত অমরিন্দর নতুন দল করেছেন। সেই দলই বিজেপির সঙ্গে জোট গড়ল।

শুক্রবার দিল্লিতে কেন্দ্রীয় মন্ত্রী গজেন্দ্র সিং শেখাওয়াতের সঙ্গে বৈঠক করেন অমরিন্দর। ওই বৈঠকের পরই আনুষ্ঠানিকভাবে জোটের কথা ঘোষণা করেন তিনি। এদিন দিল্লিতে শেখাওয়াতের সঙ্গে বৈঠকের ছবিও টুইট করেছেন অমরিন্দর।

এদিন সাংবাদিক বৈঠকে অমরিন্দর জানান, তাঁর দল পাঞ্জাব লোক কংগ্রেস এবং বিজেপির মধ্যে জোট চূড়ান্ত হয়েছে। এখন শুধু আসন বণ্টনের পালা। তাঁরা দেখতে চাইছেন, কোন দল কাকে কোথায় প্রার্থী করছে। সেই মতই তাঁরা নিজেদের প্রার্থী বাছাই করবেন। একই সঙ্গে অমরিন্দর বলেন, তাঁদের একমাত্র লক্ষ্য হল জয়।তাঁদের জোটই নির্বাচনে ক্ষমতায় আসছে বলেও দাবি করেন প্রাক্তন মুখ্যমন্ত্রী।

যদিও আসন্ন বিধানসভা নির্বাচনে এই জোটের সফল হওয়ার সম্ভাবনা কতটা সে বিষয়ে ইতিমধ্যেই সন্দেহ প্রকাশ করেছে রাজনৈতিক মহল। তার কারণ কৃষি আন্দোলনে মূলত পাঞ্জাবের কৃষকরাই সক্রিয় ভূমিকা নিয়েছিলেন। তাঁদের বিজেপি বিরোধী ভূমিকা যদি ভোটের বাক্সে প্রতিফলন ঘটলে বিজেপি ও পাঞ্জাব লোক কংগ্রেসের জোট বিধানসভা নির্বাচনে কিছুই করতে পারবে না বলেই বিশেষজ্ঞরা মনে করছেন।

Ghulam Nabi Azad: ২০২৪ লোকসভা নির্বাচনে কংগ্রেস কেমন ফল করবে জানালেন প্রবীণ নেতা

ghulam nabi azad

News Desk, New Delhi: তিনি কোন জ্যোতিষী (Astrologer) বা ভবিষ্যৎ বক্তা নন। তবুও আগামী লোকসভা নির্বাচনে (Lokshabha election) কংগ্রেস কেমন ফল করবে তা জানিয়ে দিলেন দলের প্রবীণ নেতা গুলাম নবি আজাদ (Ghulam Nabi Azad)।

এই প্রবীণ নেতা বলেন, ২০২৪-এর লোকসভা নির্বাচনে কংগ্রেস কোনওভাবেই সংখ্যাগরিষ্ঠতার (majority) ধারে-কাছে যেতে পারবে না। স্বাভাবিকভাবেই গুলামের এই বক্তব্য কংগ্রেসের কাছে বড় অস্বস্তির কারণ বলে মনে করছে রাজনৈতিক মহল।

বুধবার সন্ধ্যায় জম্মু ও কাশ্মীরের পুঞ্চে এক দলীয় বৈঠকে ভাষণ দিচ্ছিলেন গুলাম নবি। সেখানেই এই প্রবীণ নেতা বলেন, আমি সবসময়ই চাইব কংগ্রেস ৩০০ আসনে জয়ী হোক। কিন্তু আমার মনে হয় না, ২০২৪-এর লোকসভা নির্বাচনে কোনওভাবে সেটা হতে পারে। আগামী নির্বাচনও কেন্দ্রে কংগ্রেস সরকার গঠন করতে পারবে কিনা সে ব্যাপারে আমার ঘোরতর সন্দেহ আছে।

একই সঙ্গে কংগ্রেসের অন্যতম দাবি কাশ্মীর থেকে ৩৭০ ধারা প্রত্যাহার নিয়েও মুখ খুলেছেন তিনি। ৩৭০ ধারা প্রসঙ্গে গুলাম নবি বলেন, আমি দীর্ঘ দিন ধরেই বলে আসছি ৩৭০ ধারা নিয়ে বলার মত বিশেষ কিছু নেই। কারণ বিষয়টি আদালতের বিচারাধীন। যতক্ষণ না আদালতে বিষয়টির নিষ্পত্তি হচ্ছে ততক্ষণ এ বিষয়ে কথা বলা মানে সময়ের অপব্যবহার করা। উল্লেখ্য, দল হিসেবে কংগ্রেস প্রথম থেকেই ৩৭০ ধারা তুলে নেওয়া দাবি করে আসছে। কাজেই নবির এই বক্তব্য কার্যত দলের লাইনের বিরুদ্ধে।

জম্মু ও কাশ্মীরে নির্বাচন হলে তিনি কি মুখ্যমন্ত্রী হতে চান? এই প্রশ্নের উত্তরে নবি বলেন, মুখ্যমন্ত্রী হওয়ার কোনও ইচ্ছা তাঁর নেই। এই মুহূর্তে মুখ্যমন্ত্রীর পদ তাঁর কাছে একেবারেই অর্থহীন। সবার আগে কাশ্মীরের ভূখণ্ডকে রক্ষা করাই তাঁর একমাত্র লক্ষ্য। কাশ্মীরকে রক্ষা করার জন্য যে দায়িত্ব নেওয়া উচিত সেটুকু নিতে তিনি রাজি আছেন বলে নবি জানান।