J&K के बारामूला में तेज भूकंप के झटके

श्रीनगर: भारत और पाकिस्तान सीमा पर शुक्रवार दोपहर को भूकंप के झटके महसूस किए गए। कश्मीर के बारामुला के लोगों ने दोपहर लगभग 12:26 बजे भूकंप के झटके महसूस किए। भूकंप झटके लोग डर गए और घरों से बाहर आ गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.1 मापी गई। भूकंप का केंद्र सतह से 10 किलोमीटर नीचे रहा। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने इसकी जानकारी दी है। फिलहाल इससे किसी तरह के नुकसान की जानकारी नहीं मिली है।

मौसम विभाग के विज्ञान केंद्र के अनुसार, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.1 मापी गई है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, दोपहर करीब 12 बजकर 26 मिनट पर क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई पर था।

बता दें कि इसी साल फरवरी के महीने में कारगिल और लद्दाख में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.2 मापी गई थी। भूकंप के कारण जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ था। ।राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) ने जानकारी दी थी रात 9 बजकर 35 मिनट पर भूकंप आया। इससे पहले दिसंबर में भी भूकंप आया था।

धरती के अंदर कई तरह के प्लेट्स मौजूद हैं। पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स होते हैं। ये धरती के नीचे लगातार घूमती रहती है। जब ये आपस में टकराते हैं या इसमें हलचल होती है तो भूकंप आता है।

कठुआ में सेना की गाड़ी पर आतंकी हमला:5 जवान शहीद, 5 घायल

श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सोमवार को आतंकियों के हमले में जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) समेत 5 जवान शहीद हो गए। हमले में घायल 5 जवानों को कठुआ के बिलावर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से देर रात पठानकोट मिलिट्री हॉस्पिटल रेफर किया गया है।

सेना के सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षाबल कठुआ से करीब 123 किलोमीटर दूर लोहाई मल्हार ब्लॉक के माछेड़ी इलाके के बडनोटा में दोपहर 3.30 बजे पहाड़ी इलाके में पेट्रोलिंग के लिए निकले थे। रास्ता कच्चा था, गाड़ी की रफ्तार भी धीमी थी। एक तरफ ऊंची पहाड़ी और दूसरी तरफ खाई थी।

आतंकियों ने पहाड़ी से घात लगाकर सेना के ट्रक पर पहले ग्रेनेड फेंका, फिर स्नाइपर गन से फायरिंग की। सेना ने भी काउंटर फायरिंग की, लेकिन आतंकी जंगल में भाग गए। फिलहाल सेना, आतंकियों की तलाश में हेलिकॉप्टर, स्निफर डॉग्स, UAV और मेटल डिटेक्टर की मदद ले रही है।

जानकारी के मुताबिक, हमले में 3 से 4 आतंकियों के शामिल होने की बात सामने आ रही है। वे एडवांस हथियारों से लैस हैं। ये आतंकी हाल ही में सीमा पार से घुसपैठ करके आए हैं। आतंकियों को हमले में एक लोकल गाइड ने भी मदद पहुंचाई।

हमले की जिम्मेदारी कश्मीर टाइगर्स नाम के आतंकी संगठन ने ली है। यह संगठन प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की ही एक शाखा है। संगठन की ओर से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा गया कि यह हमला 26 जून को डोडा में मारे गए 3 आतंकियों की मौत का बदला है। साथ ही बताया कि आतंकियों ने हमला हैंड ग्रेनेड और स्नाइपर गन से किया।

KT-213 ने एक पोस्ट में लिखा- ‘कठुआ के बडनोटा में भारतीय सेना पर हैंड ग्रेनेड और स्नाइपर गन से हमला किया है। यह डोडा में मारे गए 3 मुजाहिदीन की मौत का बदला है। जल्द ही और ज्यादा हमले किए जाएंगे। ये लड़ाई कश्मीर की आजादी तक चलती रहेगी।’

सेना ने इस साल के अंत तक जम्मू रीजन से आतंक के सफाए का प्लान तैयार किया है। बीते दिनों गृह मंत्रालय में हुई बैठक के बाद पुंछ, राजौरी, रियासी, कठुआ में सक्रिय 30 आतंकियों की लिस्ट बनी है। तय हुआ है कि आतंकियों और इनके मददगारों के सफाए के लिए एनिमी एजेंट्स एक्ट अपने मूल रूप में फिर लागू किया जाएगा।

इस अधिनियम में मददगारों की संपत्ति जब्त करने से लेकर उम्र कैद और फांसी तक की सजा का प्रावधान है। इसे 1948 में विदेशी आतंकियों और घुसपैठियों के खात्मे के लिए बनाया गया था। बाद में इसे संशोधन कर कानूनी रूप दिया गया। सजा घटाकर 10 साल की गई। अभी UAPA भी लागू है, लेकिन एनिमी एक्ट इससे भी सख्त है।

यह 2 महीने में सेना के वाहन पर दूसरा आतंकी हमला है। इससे पहले 4 मई को पुंछ के शाहसितार इलाके में एयरफोर्स के काफिले पर हमला हुआ था, जिसमें कॉर्पोरल विक्की पहाड़े शहीद हो गए थे और 4 अन्य जवान घायल हो गए थे। आतंकियों ने सुरक्षाबलों के दो वाहनों पर भारी फायरिंग की। दोनों गाड़ियां सनाई टॉप जा रही थीं।

वहीं, दो दिन में यह सेना पर दूसरा हमला है। 7 जुलाई की सुबह आतंकियों ने राजौरी जिले के मंजाकोट इलाके में एक आर्मी कैंप पर हमला किया था। इसमें एक जवान घायल हो गया। जवानों की जवाबी कार्रवाई के बाद आतंकी घने जंगल में भाग गए। सेना और पुलिस सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।

सुरक्षा बलों ने उरी में पाकिस्तानी आतंकवादियों की घुसपैठ को नाकाम किया

श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के उरी में सुरक्षाबलों ने घुसपैठ की बड़ी कोशिश नाकामयाब की है। पाकिस्तान की तरफ से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारत में घुसने की कोशिश कर रहे घुसपैठियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई है। इसमें एक आतंकी को ढेर कर दिया गया है। चार से पांच आतंकियों ने भारत में घुसपैठ की कोशिश की थी, जिसके बाद सीमा सुरक्षा में तैनात जवानों की नजर उन पर पड़ी और एनकाउंटर शुरू हो गया।

मिली जानकारी के मुताबिक, सुरक्षाबलों ने चार से पांच आतंकियों को घेर लिया है, जबकि मुठभेड़ में एक आतंकी को मौत की नींद सुला दिया गया है। घुसपैठ की ये घटना ऐसे समय पर सामने आयी है, जब जम्मू-कश्मीर में पिछले 15 दिनों में चार बड़ी आतंकी घटनाएं सामने आई थीं। एक जगह श्रद्धालुओं से भरी अटैक पर हमला किया गया तो एक जगह गांव में आतंकियों ने दहशत फैलाई। सरकार ने कश्मीर में बिगड़े हालातों और बढ़ते आतंकवाद पर समीक्षा बैठक भी की थी।

जम्मू-कश्मीर में पिछले 15 दिनों में चार जगह बड़े आतंकी हमले देखने को मिले हैं. रियासी, कठुआ और डोडा जिले में आतंकियों ने अपनी कायराना हरकत को अंजाम दिया। सबसे पहले 9 जून को रियासी जिले में श्रद्धालुओं से भरी बस पर आतंकियों ने हमला किया, जिसकी वजह से ड्राइवर ने स्टीयरिंग पर से कंट्रोल खोल दिया और बस खाई में गिर गई। इस आतंकी घटना में 9 लोगों की मौत हुई, जबकि 30 लोग घायल हुए।

दूसरा आतंकी हमला 11 जून को कठुआ में हुआ । जिले के सायदा गांव में दो आतंकी घुस आए। सुरक्षाबलों को जब इसकी सूचना मिली तो वे सर्च ऑपरेशन के लिए वहां पहुंचे। इस दौरान मुठभेड़ शुरू हो गई, जिसमें सीआरपीएफ का एक जवान शरीद हो गया। आतंकियों के हमले में एक स्थानीय निवासी भी घायल हुआ। हालांकि, सुरक्षाबलों ने अंततः दोनों आतंकियों को मौत की नींद सुला दिया। दोनों आतंकी पाकिस्तान से आए थे।

11 जून को ही डोडा में आतंकी हमला देखने को मिला। भद्रवाह-पठानकोट मार्ग पर स्थित एक चेकपोस्ट पर आतंकियों ने हमला किया। इसमें राष्ट्रीय राइफल्स के पांच जवान और एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) घायल हुए। इसके बाद सुरक्षाबलों ने आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू किया. बुधवार यानी 12 जून की रात सुरक्षाबलों पर आतंकियों ने फिर से हमला किया। इस हमले में जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक कांस्टेबल घायल हो गए।

जम्मु कश्मीर में आतंकियों के सफाये के लिए एक्शन मोड में अमित शाह, सुरक्षा मुद्दों पर बैठक

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर में हाल के दिनों में हुई आतंकी वारदात को लेकर केंद्र सरकार अलर्ट हो गया है। आतंकियों के खिलाफ एक्शन प्लान और रणनीति को लेकर आज यानी रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समीक्षा बैठक करने वाले हैं। बैठक के दौरान अमित शाह जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति का जायजा लेंगे। उम्मीद की जा रही है कि आतंकियों के खिलाफ कड़े एक्शन को लेकर वो कई दिशा निर्देश देंगे। इसके अलावा गृह मंत्री 29 जून से शुरू होने वाली वार्षिक अमरनाथ तीर्थयात्रा की तैयारियों की भी समीक्षा करेंगे। गौरतलब है कि इससे दो दिन पहले शाह और पीएम मोदी ने भी कश्मीर को लेकर बैठक की थी।

अमित शाह की बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, अगले सेना प्रमुख के तौर पर नामित लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक अनीश दयाल सिंह, जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक आर आर स्वैन समेत अन्य शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों शामिल हो सकत हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज की बैठक में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति, अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा बलों की तैनाती, घुसपैठ रोधी कवायद, आतंकवाद रोधी अभियानों की स्थिति और केंद्र शासित प्रदेश में सक्रिय आतंकवादियों के बारे में चर्चा कर सकते हैं। इसके अलावा वो जम्मू कश्मीर की सुरक्षा को लेकर कई दिशा निर्देश भी दे सकते हैं।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में आतंकी वारदातों में काफी इजाफा हुआ है। आतंकवादियों ने चार दिनों में जम्मू-कश्मीर के रियासी, कठुआ और डोडा जिलों में चार स्थानों पर हमले किए थे। इन हमलों में नौ तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी। आतंकी हमलों में एक सीआरपीएफ का जवान भी शहीद हो गया था और सात सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे. हालांकि कठुआ में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी भी मारे गए थे। इनके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया था।

पहाड़ी में छिपे हैं रियासी आतंकी, ड्रोन की मदद से जंगल खंगाल रही सेना

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर आतंकवादियों के हमले के बाद सुरक्षा बलों ने सोमवार सुबह बड़े पैमाने पर तलाश अभियान शुरू कर लिया है। सुरक्षा टीम को इनपुट मिले हैं कि आतंकी रियासी की पहाड़ी में छिपे हैं। सेना की टीम पूरा जंगल खंगाल रही है। सेना की टीम ड्रोन की भी मदद ले रही है। इससे पहले यह जानकारी सामने आई थी कि इस आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर का हाथ है। आतंकियों ने हमले का समय जानबूझकर पीएम मोदी के शपथ ग्रहण के दौरान का रखा था।

रविवार शाम को शिव खोरी मंदिर से कटरा की ओर जा रही एक बस पर रविवार शाम को आतंकवादियों ने हमला कर दिया जिससे बस के रनसू के पास कांडा मोड़ पर एक खाई में गिर जाने से 10 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई और 33 घायल हो गए। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को कहा कि रियासी में आतंकवादियों के खिलाफ एक संयुक्त अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि बस हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारतीय सेना, पुलिस और विशेष अभियान समूह की संयुक्त टीम ने सूरज उगने के साथ ही आतंकवादियों का पता लगाने के लिए घटनास्थल और आसपास के इलाकों में तलाश अभियान शुरू कर दिया है। ऐसी जानकारी हाथ लगी है कि आतंकी रियासी की पहाड़ियों में छिपे हैं। उनकी खोजबीन के लिए जंगलों में ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हमले की निंदा की और इसके पीछे के लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति का जायजा लिया और मुझसे स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा है। इस जघन्य कृत्य के पीछे के सभी लोगों को जल्द ही दंडित किया जाएगा। पीएम मोदी ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी घायलों को सर्वोत्तम संभवृ चिकित्सा देखभाल और सहायता प्रदान की जाए।”

उपराज्यपाल सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के डीजीपी अपनी टीम के साथ मौके पर हैं। “पहली प्राथमिकता घायलों को बचाना है। मैंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से बात की है और मैं लोगों को आश्रस्त करता हूं कि हमले के लिए जो भी जिम्मेदार है, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रियासी आतंकवादी हमले में मारे गए तीर्थयात्रियों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की मंजूरी दी। सिन्हा ने ऐलान किया कि घायलों को 50-50 हजारॉ रुपये दिये जाएंगे।

दूसरी तरफ एनआईए की एक टीम ने जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में पहुंचकर बस पर हुए आतंकवादी हमले की जांच शुरू कर दी है। एनआईए की टीम स्थानीय पुलिस के साथ जांच कर रही है।

 

जम्मू-कश्मीर के रियासी में बस पर आतंकवादी हमला, 9 लोगों की मौत, कई जख्मी

श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस पर हुए घातक आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले नौ लोगों की सोमवार को अधिकारियों ने पहचान कर ली। हमले में जान गंवाने वाले लोगों में से चार राजस्थान के निवासी थे, जिनमें दो वर्ष का एक बच्चा भी शामिल है जबकि तीन लोग उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे।

अधिकारियों ने बताया कि हमले में घायल हुए 41 तीर्थयात्रियों में से 10 लोगों को गोली लगी है। उन्होंने बताया कि घायलों में अधिकतर उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। अधिकारियों के मुताबिक, घायलों का उपचार जम्मू और रियासी जिलों के तीन अस्पतालों में किया जा रहा है।

आतंकवादियों ने रविवार शाम करीब छह बजकर 10 मिनट पर रियासी जिले में तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर गोलियां बरसाईं, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गयी और कई लोग घायल हो गए। बस शिव खोड़ी मंदिर से कटरा स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर जा रही थी और इसी दौरान पोनी इलाके के तेरयाथ गांव के पास हमला किया गया और 53 सीट वाली बस गोलीबारी के बाद गहरी खाई में गिर गई।

पुलिस उपायुक्त (रियासी) विशेष पाल महाजन ने बताया कि बस के चालक और कंडक्टर समेत सभी नौ मृतकों की पहचान कर ली गयी। उन्होंने बताया कि बस चालक विजय कुमार दसानू राजबाग का रहने वाला था जबकि कंडक्टर अरुण कुमार कटरा के कान्देरा गांव का रहने वाला था। दोनों ही रियासी जिले के रहने वाले थे।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले अन्य लोगों में राजिंदर प्रसाद पांडे साहनी, ममता साहनी, पूजा साहनी और उसका दो वर्षीय बेटा टीटू साहनी शामिल हैं। ये चारों राजस्थान के जयपुर के रहने वाले थे। उन्होंने बताया कि हमले में मारे गए तीन अन्य लोग शिवम गुप्ता, रूबी और 14 वर्षीय अनुराग वर्मा उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे। महाजन ने बताया कि जिला प्रशासन शवों को उनके संबंधित राज्यों में भेज रहा है।

उन्होंने बताया कि हमले में तीन से 50 वर्ष की आयु के 41 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 10 को गोली लगी है और सर्जरी के बाद उनकी हालत स्थिर है। महाजन ने बताया कि 18 घायलों का जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज में, 14 का नारायणा अस्पताल में और नौ का रियासी के जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि घायलों में 34 उत्तर प्रदेश, पांच दिल्ली और दो राजस्थान के रहने वाले हैं।

ममता ने जम्मू-कश्मीर में तीर्थयात्रियों की बस पर हुए आतंकवादी हमले की जांच की मांग की

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को जम्मू-कश्मीर में तीर्थयात्रियों से भरी बस पर आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में नौ लोगों की मौत पर दुख जताया और घटना की जांच की मांग की।

एक्स पर एक पोस्ट में बनर्जी ने कहा, “मुझे पता चला है कि जम्मू-कश्मीर में कुछ तीर्थयात्रियों पर हमले की घटना हुई है और इसके परिणामस्वरूप नौ लोगों की मौत हो गई है। मामले की तुरंत जांच होनी चाहिए। मैं पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं।”

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में रविवार शाम आतंकवादियों ने उत्तर प्रदेश के तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस पर हमला कर दिया, जिसमें नौ लोग मारे गए और 33 घायल हो गए।
यह हमला पोनी के तेरयाथ गांव के पास कटरा में शिव खोरी मंदिर से माता वैष्णो देवी मंदिर जा रही बस पर हुआ।
शाम करीब 6:15 बजे गोलीबारी के बाद 53 सीटों वाली बस सड़क से उतरकर गहरी खाई में जा गिरी।