ठाणे के मुम्ब्रा में भीड़ के कारण हुआ भयानक हादसा, 5 यात्रियों की मौत

Mumbai Train Accident in Mumbra: 5 Killed Due to Overcrowding in Local Train Near Thane"

मुंबई (Mumbai) भारत का आर्थिक केंद्र और लाखों लोगों की रोजमर्रा की भागदौड़ का गवाह, एक बार फिर एक दुखद ट्रेन हादसे की खबर से सुर्खियों में है। 9 जून 2025 को ठाणे जिले के मुम्ब्रा रेलवे स्टेशन के पास एक स्थानीय ट्रेन से कई यात्री गिर गए, जिसमें कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यह हादसा छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) की ओर जा रही एक लोकल ट्रेन में अत्यधिक भीड़ के कारण हुआ। सेंट्रल रेलवे के अनुसार, भीड़भाड़ के चलते कुछ यात्रियों का संतुलन बिगड़ा और वे चलती ट्रेन से गिर गए। इस हादसे ने एक बार फिर मुंबई की उपनगरीय रेल प्रणाली में सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की कमियों को उजागर किया है।

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हादसे का विवरण
9 जून 2025 की सुबह, मुम्ब्रा रेलवे स्टेशन के पास एक लोकल ट्रेन में अत्यधिक भीड़ के कारण यह दुखद हादसा हुआ। सेंट्रल रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन CSMT की ओर जा रही थी, जब भारी भीड़ के कारण कुछ यात्री दरवाजे के पास खड़े थे। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ा और वे ट्रेन से गिर गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में पांच यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

हादसे की खबर फैलते ही रेलवे पुलिस और रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया गया। सेंट्रल रेलवे ने बयान जारी कर कहा कि हादसे की जांच शुरू कर दी गई है और भीड़भाड़ को इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है और रेलवे प्रशासन से सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग की है।

मुंबई की लोकल ट्रेनों में भीड़ और सुरक्षा की चुनौतियां
मुंबई की उपनगरीय रेल प्रणाली, जिसे शहर की “जीवनरेखा” कहा जाता है, प्रतिदिन लाखों यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती है। हालांकि, अत्यधिक भीड़ और अपर्याप्त बुनियादी ढांचा इस प्रणाली की सबसे बड़ी चुनौतियां हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट को हाल ही में दी गई एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 20 वर्षों में मुंबई की उपनगरीय ट्रेनों में 51,000 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें से अधिकांश मौतें ट्रैक पार करने, चलती ट्रेन से गिरने, और भीड़भाड़ के कारण हुई हैं।

2023 में मुंबई की उपनगरीय रेलवे में 2,590 मौतें दर्ज की गईं, जिसमें 1,277 लोग ट्रैक पार करते समय मारे गए और 590 लोग चलती ट्रेन से गिरने के कारण जान गंवा बैठे। इस तरह के हादसे मुंबई में आए दिन होते रहते हैं, जिसके लिए रेलवे की भीड़ प्रबंधन प्रणाली और सुरक्षा उपायों पर सवाल उठते हैं।

हादसे के कारण और जांच
मुम्ब्रा हादसे की प्रारंभिक जांच में अत्यधिक भीड़ को मुख्य कारण बताया गया है। सेंट्रल रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि सुबह के व्यस्त समय में ट्रेनों में यात्रियों की संख्या उनकी क्षमता से कहीं अधिक होती है। एक ट्रेन कोच, जिसकी क्षमता 100 यात्रियों की है, में पीक आवर्स के दौरान 450 तक यात्री सवार होते हैं। इस भीड़भाड़ के कारण यात्री अक्सर दरवाजे के पास लटकते हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है।

इसके अलावा, रेलवे ट्रैकों के पास बस्तियों का होना और कचरा जमा होने से भी समस्याएं बढ़ती हैं। बारिश के मौसम में जलभराव के कारण ट्रेनों का संचालन और प्रभावित होता है, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त जोखिम का सामना करना पड़ता है।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
इस हादसे के बाद राजनीतिक दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रेलवे प्रशासन पर निशाना साधा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में एक अन्य ट्रेन हादसे के संदर्भ में केंद्र सरकार की लापरवाही पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था, “रेलवे में बार-बार होने वाले हादसों को कब तक बर्दाश्त किया जाएगा? क्या सरकार इसकी गंभीरता को समझेगी?”

स्थानीय कार्यकर्ता और रेल यात्री संगठनों ने मांग की है कि रेलवे को बंद दरवाजों वाली ट्रेनें शुरू करनी चाहिए और प्लेटफॉर्म व ट्रैकों के बीच दीवारें और बाड़ बनाने चाहिए। इसके अलावा, ट्रेनों की संख्या बढ़ाने और भीड़ प्रबंधन के लिए तकनीकी उपायों को लागू करने की भी मांग उठ रही है।

रेलवे की प्रतिक्रिया और बचाव कार्य
सेंट्रल रेलवे ने हादसे के बाद तुरंत बचाव कार्य शुरू किए और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं ताकि प्रभावित यात्रियों के परिवारजन जानकारी प्राप्त कर सकें। इसके अलावा, मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की गई है। रेलवे ने कहा कि इस हादसे की गहन जांच की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

मुंबई की रेल प्रणाली में सुधार की जरूरत
मुंबई की उपनगरीय रेल प्रणाली में सुधार के लिए सरकार ने हाल के वर्षों में $30 बिलियन के आधुनिकीकरण कार्यक्रम की शुरुआत की है। इसके बावजूद, बार-बार होने वाले हादसे इस बात का संकेत हैं कि अभी और काम करने की जरूरत है। 2023 में ओडिशा में हुए तिहरे ट्रेन हादसे, जिसमें लगभग 300 लोग मारे गए थे, ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे को न केवल बुनियादी ढांचे में सुधार करना चाहिए, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए तकनीकी नवाचारों को भी अपनाना चाहिए। इसमें स्वचालित दरवाजे, उन्नत सिग्नलिंग सिस्टम, और भीड़ प्रबंधन के लिए डिजिटल समाधान शामिल हैं।

मुम्ब्रा रेलवे स्टेशन के पास हुआ यह हादसा मुंबई की रेल प्रणाली में मौजूद खामियों को फिर से उजागर करता है। अत्यधिक भीड़, अपर्याप्त बुनियादी ढांचा, और सुरक्षा उपायों की कमी इस तरह के हादसों के लिए जिम्मेदार हैं। इस दुखद घटना ने पांच परिवारों को असहनीय नुकसान पहुंचाया है और समाज से यह सवाल पूछा है कि आखिर कब तक ऐसी त्रासदियां सहन की जाएंगी। रेलवे प्रशासन और सरकार को तत्काल कदम उठाने होंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उपभोक्ताओं को भी सलाह दी जाती है कि वे यात्रा के दौरान सावधानी बरतें और भीड़भाड़ वाली ट्रेनों में दरवाजे के पास खड़े होने से बचें।

 

मुंबई की सभी लोकल ट्रेनें होंगी एसी

Mumbai Local Trains to Go Fully AC: Maharashtra Government's Vision for Modern Commuting

मुंबई (Mumbai) जिसे भारत की व्यावसायिक राजधानी कहा जाता है, वहां की परिवहन प्रणाली में बड़ा बदलाव आने वाला है। महाराष्ट्र सरकार ने निर्णय लिया है कि शहर की सभी लोकल ट्रेनों को जल्द ही शीतलन युक्त (एसी) ट्रेनों में बदला जाएगा। यह कदम मुंबई के लाखों यात्रियों को एक आरामदायक यात्रा का अनुभव देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

सरकार का लक्ष्य और योजना
मुंबई लोकल ट्रेनें शहर की जीवनरेखा मानी जाती हैं। रोजाना लाखों लोग इन ट्रेनों से यात्रा करते हैं। भीड़भाड़ और गर्मी के कारण यात्रियों को होने वाली समस्याओं को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने यह फैसला लिया है कि आने वाले समय में सभी लोकल ट्रेनों को पूरी तरह से एसी ट्रेनों में परिवर्तित किया जाएगा।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य है:

  1. यात्रियों को गर्मी और उमस से राहत देना।
  2. मुंबई की परिवहन प्रणाली को आधुनिक बनाना।
  3. यात्रियों के सफर को अधिक आरामदायक और कुशल बनाना।
  4. योजना कैसे लागू की जाएगी?
  5. यह बदलाव चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।

पुरानी ट्रेनों का स्थान: जिन लोकल ट्रेनों की उम्र पूरी हो चुकी है, उन्हें नई एसी ट्रेनों से बदल दिया जाएगा।
मौजूदा ट्रेनों का अपग्रेडेशन: मौजूदा ट्रेनों में भी एसी तकनीक लगाई जाएगी ताकि वे भी इस नई योजना का हिस्सा बन सकें।
नई ट्रेनें: अतिरिक्त ट्रेनों की जरूरत को देखते हुए, सरकार नई एसी ट्रेनों की खरीद करेगी।
लागत और समय सीमा

इस परियोजना के लिए सरकार को बड़े स्तर पर धनराशि का निवेश करना होगा। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि इसे धीरे-धीरे लागू किया जाएगा ताकि रेलवे और यात्री, दोनों को पर्याप्त समय मिल सके। यह परियोजना कई वर्षों में पूरी होगी, लेकिन सरकार इसे जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास कर रही है।

यात्रियों के लिए फायदे

  1. मुंबई की सभी लोकल ट्रेनों को एसी में बदलने से यात्रियों को निम्नलिखित लाभ होंगे:
  2. आरामदायक सफर: उमस और गर्मी से छुटकारा मिलेगा।
  3. सुविधाजनक यात्रा: भीड़भाड़ के बावजूद सफर अधिक आरामदायक होगा।
  4. आधुनिक अनुभव: यात्रियों को आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम का अनुभव मिलेगा।

चुनौतियां और आलोचना
हालांकि यह योजना सराहनीय है, इसके साथ कई चुनौतियां भी जुड़ी हैं:
भाड़ा वृद्धि: एसी ट्रेनों का किराया सामान्य ट्रेनों की तुलना में अधिक हो सकता है, जिससे निम्न वर्ग के यात्रियों पर असर पड़ सकता है।

बिजली की खपत: एसी ट्रेनों के कारण बिजली की मांग बढ़ेगी, जिससे पर्यावरणीय और आर्थिक प्रभाव पड़ सकता है।
व्यवधान का खतरा: मुंबई की व्यस्त लोकल ट्रेन सेवा में इस परिवर्तन को लागू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

सरकार का रुख
महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि यह योजना मुंबई की परिवहन प्रणाली को विश्वस्तरीय बनाने के लिए आवश्यक है। यह केवल यात्रा के अनुभव को बेहतर बनाएगी बल्कि शहर के विकास को भी गति देगी।

मुंबई की लोकल ट्रेनें केवल यातायात का साधन नहीं हैं, बल्कि शहर की धड़कन हैं। एसी ट्रेनों को लागू करने की योजना यात्रियों के लिए एक सकारात्मक बदलाव लाएगी। हालांकि, इसे सफल बनाने के लिए सरकार को वित्तीय और तकनीकी चुनौतियों का सामना करना होगा। अगर यह परियोजना सही तरीके से पूरी होती है, तो यह मुंबई के परिवहन प्रणाली में एक ऐतिहासिक बदलाव साबित होगी।

मुंबई बारिश से यातायात ठप, शहर में मची अफरा-तफरी

मुंबई: मुंबई में हालिया भारी बारिश के बाद, यातायात बृहस्पतिवार को धीरे-धीरे सामान्य हो गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इस दिन मुंबई और आसपास के क्षेत्रों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया था। बुधवार को हुई भारी बारिश के कारण मुंबई के निचले इलाकों में जलभराव हो गया था, जिससे लोकल ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ और कई उड़ानों के मार्ग में बदलाव किया गया। 

अंधेरी क्षेत्र में एक 45 वर्षीय महिला नाले में डूब गई। वहीं, एक गर्भवती महिला को पुलिस ने बारिश के कारण अस्पताल पहुंचाने में मदद की। बता दें क‌ि गुरूवार को अधिकांश क्षेत्रों में बारिश रुक गई, लेकिन बादल छाए रहे। लोकल ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से हो रहा है, हालांकि कुछ सेवाओं में थोड़ी देरी देखी गई।

बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगर निगम) ने सभी स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश की घोषणा की है।भारी बारिश के कारण भांडुप के सोनापुर क्षेत्र सहित कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गई थीं। कुछ स्थानों पर जलस्तर सीने तक पहुंच गया, जिससे स्थानीय निवासियों को समस्याओं का सामना करना पड़ा।

हावड़ा-मुंबई मेल के 20 डिब्बे पटरी से उतरी, दो की मौत

 रांची : झारखंड में एक बार फिर रेल हादसा हुआ है। चक्रधरपुर के पास बड़ाबंबू में मंगलवार तड़के हावड़ा-मुंबई मेल (12810) के 20 डिब्बे एक मालगाड़ी से टकराकर पटरी से उतर गए। यह हादसा राजखरसावां और बड़ाबंबू स्टेशनों के बीच हुआ। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई ।

यह घटना राज्य में पिछले छह महीनों में हुई तीसरी बड़ी रेल दुर्घटना है, जिसने रेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले 18 जनवरी 2024 को गम्हरिया रेलवे स्टेशन पर उत्कल एक्सप्रेस की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई थी।

वहीं 28 फ़रवरी 2024 को जामताड़ा और विद्यासागर स्टेशन के बीच भी ट्रेन हादसा हुआ था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर कार हादसे में जीजा-साले की मौत

जयपुर : राजस्थान के दौसा जिले के लालसोट में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर एक स्कॉर्पियो बेकाबू होकर पलट गई। हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं तीन लोग घायल हो गए। घायलों में से एक हालत गंभीर बनी हुई हैं। हादसा इतना भीषा था कि कार पूरी तरह से चकनाचूर हो गई। यह हादसा शनिवार सुबह करीब 4 बजे लालसोट (दौसा) के राहुवास थाना क्षेत्र में हुआ।

राहुवास पुलिस ने बताया कि कार में सवार सभी लोग दिल्ली से महाराष्ट्र के नांदेड़ जा रहे थे। इस दौरान राहुवास थाना क्षेत्र से गुजर रहे एक्सप्रेसवे पर पिलर नंबर 206 के समीप कार अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो गई। हादसे में कार सवार जीजा-साले की मौत हो गई। वहीं मृतक के भाई सहित 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंची राहुवास थाना पुलिस ने गंभीर रूप से तीन लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं मृतकों के शवों को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। इस दौरान एक गंभीर घायल को डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर कर दिया। वहीं दो घायलों का जिला अस्पताल दौसा में इलाज जारी है।

पुलिस ने बताया कि मृतकों में चरणवीर सिंह (36) पुत्र सुखदेव सिंह निवासी तंगभई सियारपुर पंजाब और सोनू (40) पुत्र जगजीत सिंह निवासी गुरुनानक कॉलोनी चंडीगढ़ पंजाब के रहने वाले है। मृतक सोनू और चरणवीर रिश्ते में जीजा-साले है।

वहीं गंभीर घायल जयदीप सिंह (32) पुत्र रूप सिंह निवासी शेरगढ़ भटिंडा पंजाब, सदीप (46) पुत्र करनाल सिंह और करमजीत सिंह (43) पुत्र जगजीत सिंह निवासी गुरुनानक कॉलोनी चंडीगढ़ पंजाब का उपचार जारी है। लेकिन मृतक सोनू के भाई करमजीत की हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे जयपुर रेफर कर दिया।

आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि हादसा इतना भीषण था कि हादसे में कार चकनाचूर हो गई। बताया जा रहा है कि एक्सप्रेसवे पर किसी जानवर के आने से कार हादसे का शिकार हुई है। थाना प्रभारी रघुवीर सिंह ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त कार को जब्त कर हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सुपुर्द किया जाएगा।

दो हिस्सों में बंटी पंचवटी एक्सप्रेस, घटना मुंबई के कसारा स्टेशन के पास

मुंबई :  शनिवार सुबह मुंबई जा रही पंचवटी एक्सप्रेस के दो डिब्बे कसारा स्टेशन के पास अलग हो गए। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार मुंबई की ओर आते समय सुबह 8 बजकर 40 मिनट पर कसारा स्टेशन के पास पंचवटी एक्सप्रेस के डिब्बे संख्या 3 और 4 अलग हो गए। मध्य रेलवे के अधिकारियों के अनुसार समस्या का तुरंत समाधान कर लिया गया।

अधिकारी ने कहा कि सुबह 9 बजे तक डिब्बों को सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया। ट्रेन की सुरक्षा और संरक्षा की पुष्टि करने के बाद, इसे मुंबई के लिए फिर से रवाना कर दिया गया।

रेलवे अधिकारियों ने कहा कि ट्रेन को लगभग 35 मिनट तक रोका गया। हालांकि, इस हादसे में किसी को कोई नुकसान या चोट नहीं आई। अब उक्त लाइन पर ट्रेनें सुचारू रूप से चल रही हैं।

मुंबई में चला अवैध पब-बार और ड्रग्स बिक्री के खिलाफ बुलडोजर

मुंबई: विधानसभा चुनावों ओर बढ़ रहे महाराष्ट्र में बुलडोजर एक्शन से हड़कंप की स्थिति है। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में अवैध पब, बार और ड्रग्स बिक्री के चिन्हित किए स्थानों पर बुलडोजर एक्शन में अब तक काफी सारे निर्माण ध्वस्त किए जा चुके हैं। राज्य में बुलडोजर एक्शन पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने साफ कर दिया है कि यह एक्शन पूरे महाराष्ट्र में होगा। राज्य में जहां-जहां पर ड्रग्स बेचा जाता है उन सभी जगहों पर कार्रवाई करने को कहा गया है। शिंदे ने कहा कि हम युवा पीढ़ी को बर्बाद नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि जो गुनहगार हैं उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। उन्हें जेल में डाला जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सिर्फ पुणे में ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र में ये ड्रग्स जहां-जहां है वहां हम ड्रग मुक्त कर देंगे।

सीएम के निर्देश के बाद सबसे पहले ठाणे में दो दिन पहले बुलडोजर एक्शन देखने को मिला था। तब स्थानीय नगर निगम ने काफी सारे अवैध पब और बार को निशाना बनाया था। ठाणे के साथ मीरा रोड इलाके में भी मीरा भाईंदर नगर पालिका की तरफ से एक्शन लिया गया था। पुणे के दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने वहां दाेहराया कि बुलडोजर एक्शन जारी रहेगी। हम ड्रग माफिया को उखाड़ फेकेंगे। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अकेले मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में 12 अवैध बार को गिराया गया है। इतना ही नहीं 40 अन्य को नोटिस दिया गया है। महाराष्ट्र के हाल के सालों में पब और बार के साथ ड्रग्स के खिलाफ यह बड़ा एक्शन है।

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देश के बाद बीएमसी भी एक्शन में आ गई है। सीएम ने सभी अवैध पब और बार के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए है। सीएम ने स्कूलों और कॉलेजों के पास बनाए गए निर्माण पर खासतौर से सख्ती के निर्देश दिए हैं। सीएम के निर्देश के बाद बीएमसी ने मुंबई दक्षिण में आर्यन और स्टर्लिंग नाम के दो बार पर कार्रवाई की थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उन पब और बार पर भी कार्रवाई की जा रही है तो स्कूल और कॉलेजों के 100 मीटर के दायरे में आते हैं। ठाणे में अभी 9 पब-बार ध्वस्त किए गए हैं। मीरा भाईयंदर नगर निगम में अभी तक तीन अवैध निर्माण पर कार्रवाई की है।

आइसक्रीम कोन में मिली कटी हुई उंगली, कंपनी के खिलाफ केस दर्ज

मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां आइसक्रीम में कटी हुए इंसानी उंगली मिली है। जानकारी के के मुताबिक मलाड में रहने वाले डॉक्टर ओरलेम ब्रैंडन सेराओ ने युम्मो आइसक्रीम से ऑनलाइन कोन आइसक्रीम मंगवाई थी। जब ही वह आइसक्रीम खा रहे थे, तभी उन्हें कोन में कुछ असामान्य चीज महसूस हुई।

उन्होंने देखा कि आइसक्रीम में इंसानी उंगली है। यह देखकर वह हैरान रह गए और उसकी फोटो क्लिक करके सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी। ऑनलाइन शेयर की गई तस्वीर में कोन आइसक्रीम में एक इंसानी उंगली देखी जा सकती है। डॉ. सेरा-ओ ने अपने भयावह अनुभव को शेयर करते हुए कहा कि पहले तो उन्हें लगा कि यह कोई अखरोट हो सकता है, लेकिन सौभाग्य से उन्होंने इसे निगला नहीं।

उन्होंने एक वीडियो में कहा, “मैंने एक ऐप से तीन कोन आइसक्रीम ऑर्डर की थीं. उनमें से एक यम्मो ब्रांड की बटरस्कॉच आइसक्रीम थी। इसका आधा हिस्सा खाने के बाद, मुझे लगा कि मेरे मुंह में एक ठोस टुकड़ा है। मुझे लगा कि यह कोई अखरोट या चॉकलेट का टुकड़ा हो सकता है, लेकिन फिर भी मैंने यह जांचने के लिए इसे थूक दिया कि आखिर यह है क्या?

उन्होंने आगे कहा, ‘मैं ठोस टुकड़े की जांच करने के बाद सदमे में आ गया। मैं एक डॉक्टर हूं इसलिए मुझे पता है कि शरीर के अंग कैसे दिखते हैं। जब मैंने ध्यान से इसकी जांच की, तो मैंने इसके नीचे नाखून और उंगलियों के निशान देखे. यह अंगूठे जैसा दिख रहा था. मैं सदमे में हूं।’

डॉक्टर ने तुरंत इसे आइस पैक में डाल दिया, ताकि वह इसे पुलिस को दिखा सकें और मलाड पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने यम्मो ब्रांड के खिलाफ खाद्य पदार्थों में मिलावट और मानव जीवन को खतरे में डालने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने उंगली को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस ने कहा कि खाद्य पदार्थ में शरीर के अंग की मौजूदगी से साजिश का संदेह पैदा होता है। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।

महाराष्ट्र के ठाणे में फैक्ट्री में लगी भीषण आग

मुंबई : महाराष्ट्र के ठाणे के भिवंडी तालुका के सरावली MIDC में एक फैक्ट्री में आग लग गई है। मौके पर दमकल की गाड़ियां पहुंच गई हैं। आग की खबर सुनते ही लोग इधर-उधर अपनी जान बचाकर भागने लगे. आग लगने की घटना एक वीडियो भी सामने आया है। आग की खबर सुनते ही लोग इधर-उधर अपनी जान बचाकर भागने लगे। 

एक नगर निगम अधिकारी ने बताया, जिले के भिवंडी इलाके में एक सैनिटरी नैपकिन फैक्ट्री में मंगलवार तड़के आग लग गई, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। भिवंडी-निजामपुर नगर निगम आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के अधिकारी राजू वारलीकर ने बताया कि सरावली औद्योगिक क्षेत्र में स्थित फैक्ट्री में आग तड़के करीब तीन बजे लगी।

उन्होंने बताया कि बीएनएमसी की दमकल टीमों के साथ-साथ ठाणे और कल्याण-डोंबिवली की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और सुबह साढ़े आठ बजे आग पर काबू पा लिया गया। उन्होंने बताया कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन फैक्ट्री में रखा कच्चा माल जल गया। उन्होंने बताया कि कूलिंग ऑपरेशन चल रहा है. आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि बीते शुक्रवार तड़के महाराष्ट्र के पुणे शहर के शनिपार इलाके में एक पांच मंजिला इमारत में आग लगने से एक चौकीदार की मौत हो गई और 40 से अधिक छात्राओं को बचा लिया गया. पुलिस के अनुसार, आग संस्थान की पहली मंजिल और दूसरी मंजिल पर लगी थी. पुणे नगर निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र पोटफोडे ने पीटीआई को बताया कि यह घटना देर रात करीब डेढ़ बजे हुई।

बम की धमकी मिलने के बाद चेन्नई-कोलकाता इंडिगो फ्लाइट में तीन घंटे की देरी

चेन्नई: चेन्नई से कोलकाता जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट में बम होने का दावा क‌िया गया है। बता दें क‌ि यह घटना अकासा एयर की दिल्ली-मुंबई फ्लाइट में बम की धमकी मिलने के कुछ घंटों बाद हुई है, जिसमें 186 यात्री सवार थे और फ्लाइट को अहमदाबाद का रूख करना पड़ा। इसके बाद अकासा फ्लाइट के सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया और फ्लाइट की जांच की गई।

अधिकारियों ने बताया कि सोमवार सुबह यहां से कोलकाता जाने वाली इंडिगो की एक फ्लाइट में दो घंटे की देरी हुई, क्योंकि एक कॉल में चेतावनी दी गई थी कि उस फ्लाइट में बम विस्फोट हो सकता है। यहां थुराईपक्कम स्थित इंडिगो कॉल सेंटर पर कॉल आने के बाद अधिकारियों ने फ्लाइट को एक अलग जगह पर ले जाकर सुरक्षा जांच की। सुरक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद फ्लाइट को सुबह 10.30 बजे रवाना होने की अनुमति दी गई।

दिन में ऐसी दूसरी घटनाइस से पहले आज 186 यात्रियों को लेकर जा रही अकासा एयर की दिल्ली-मुंबई फ्लाइट में बम की धमकी मिली थी। इसके बाद सुरक्षा कारणों से फ्लाइट को अहमदाबाद की ओर मोड़ दिया गया। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया. अकासा एयर के प्रवक्ता के अनुसार बम की धमकी मिलने के बाद कैप्टन ने सभी आवश्यक आपातकालीन प्रक्रियाओं का पालन किया और सुबह 10:13 बजे सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित रूप से उतर गए।

63 घंटे तक बाधित रहेंगी रेलवे की सेवाएं, लोकल ट्रेन में बढ़ी भीड़

पुणे: ठाणे में प्लेटफार्म को चौड़ा करने के लिए 63 घंटे तक उसे बंद रखने की शुरुआत होने के बाद शुक्रवार सुबह मध्य रेलवे की उपनगरीय सेवाओं के यात्रियों को देरी और भीड़भाड़ का सामना करना पड़ा। बृहस्पतिवार आधी रात से शुरू हुई इस बड़ी रुकावट ने मध्य रेलवे (सीआर) के मुख्य गलियारे पर उपनगरीय सेवाओं को प्रभावित किया है, जिससे कार्यालय जाने वाले लाखों लोगोंको असुविधा हुई।

यात्रियों ने शिकायत की कि ठाणे रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म संख्या पांच और छह को चौड़ा करने के लिए निर्धारित रुकावट के कारण आधे घंटे तक की देरी हुई, लोकल ट्रेन खचाखच भरी रहीं और बड़े स्टेशनों के प्लेटफॉर्म पर भीड़भाड़ रही। सीआर ने इस रुकावट के कारण शुक्रवार को कम से कम छह लंबी दूरी की ट्रेन और 161 स्थानीय ट्रेन रद्द रहने की पहले ही घोषणा कर दी है।

देरी और भीड़भाड़ की आशंका को देखते हुए, रेल अधिकारियों ने यात्रियों से आग्रह किया है कि यदि बहुत आवश्यक न हो तो उपनगरीय ट्रेन यात्रा से बचें। उन्होंने सार्वजनिक और निजी प्रतिष्ठानों से भी अपील की है कि वे अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दें या उन्हें इस अवधि के दौरान परिवहन के वैकल्पिक साधन प्रदान करें।

उन्होंने राज्य और नगर निगम परिवहन निकायों से से भी अतिरिक्त बसें चलाने का आग्रह किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा था कि शुक्रवार और रविवार के बीच इस बंद के दौरान लंबी दूरी की 72 ट्रेन और 930 उपनगरीय सेवाएं रद्द रहेंगी।

मुंबई में प्रवासी मजदूर की मौत, साथियों ने चंदा इकट्ठा कर शव भिजवाया बोकारो

रांची : बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड के चतरोचट्टी थाना क्षेत्र की लोधी पंचायत के तिसरी गांव के प्रवासी मजदूर भुनेश्वर यादव (42 वर्ष) की मुंबई में संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गयी है। साथियों ने चंदा जमा कर उसके शव को बोकारो स्थित उसके परिवार वालों तक भिजवाया। मौत की खबर सुनते ही गांव में शोक की लहर है। शव सोमवार को उसके गांव पहुंचा। 

मृतक की पत्नी सविता देवी ने बताया कि उसके पति पहले गांव में ही स्कूल वैन चलाते थे। इससे बहुत कम आमदनी होती थी। घर-परिवार ठीक से नहीं चल पाता था। अच्छी आय और रोजगार की तलाश में 15 दिन पहले मुंबई के वर्ली गये हुए थे। अचानक पति की मौत की खबर सुनकर दंग रह गयी। उनके घर में पति ही एकमात्र कमाऊ सदस्य थे।

बताया जा रहा है कि मुंबई में प्रवासी मजदूर की मौत के बाद आनन-फानन में उनके साथ मंबई में रहने वाले साथियों ने पुलिस को सूचना दी। स्थानीय पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराकर पार्थिव शरीर को साथियों को सौंप दिया। जिसके बाद मृतक के शव को घर भेजने का विचार किया गया। मृतक का परिवार काफी गरीब है। इस कारण मुंबई में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों ने चंदा इकट्ठा कर किसी तरह पार्थिव शरीर को फ्लाइट से रांची तक भिजवाया।

सामाजिक कार्यकर्ता लोधी व आजसू मीडिया प्रभारी (गोमिया) मनोज महतो ने घटना की जानकारी गोमिया विधायक डॉक्टर लम्बोदर महतो को दी। विधायक ने तत्परता दिखाते हुए एंबुलेंस का इंतजाम कर पार्थिव शरीर को घर तक भिजवाया। उन्होंने आश्वासन दिया है कि श्रम विभाग से मृतक परिवार को मुआवजा दिलाया जाएगा।

इस संबंध में गोमिया के बीडीओ महादेव कुमार ने कहा कि मृतक के आश्रित परिवार को पारिवारिक लाभ के अलावा विधवा पेंशन दिलायी जाएगी। श्रम विभाग से मिलने वाली राशि भी दिलायी जाएगी। पंचायत की मुखिया जुवैदा खातून के निर्देश पर मुखिया प्रतिनिधि राजू अंसारी ने पीड़ित परिवार से मिलकर सरकार से मिलने वाली सहायता राशि दिलाने और मदद का भरोसा दिया।

ISL: মুম্বই সিটি এফসি’র বিরুদ্ধে ড্র করল এসসি ইস্টবেঙ্গল

SC East Bengal drew against Mumbai City FC

চলতি আইএসএল (ISL) টুর্নামেন্টের ১১ তম রাউন্ডের শেষ ম্যাচ মুম্বই সিটি এফসি’র বিরুদ্ধে গোলশূন্য ড্র করলো এসসি ইস্টবেঙ্গল। ১০ ম্যাচ হয়ে যাওয়ার পরেও জয় অধরা লাল হলুদ বিগ্রেডের। হতশ্রী ফুটবল রেড এন্ড গোল্ড শিবিরের ফুটবলারদের,অথচ দলের অন্তবর্তীকালীন হেডকোচ রেনেডি সিং ম্যাচ চলাকালীন নিজের একশা শতাংশ এনার্জি নিঙড়ে দিলেন ‘গোল কানা’ লাল হলুদ ফুটবলারদের পিছনে। প্রাক্তন ভারত অধিনায়ক তথা হেডকোচ রেনেডি সিং’র এমন এনার্জি লেভেল এখন সোশাল মিডিয়াতে ভাইরাল।

প্রথমার্ধে শুধুই দুদলের সুযোগ নষ্টের প্রদর্শনী ম্যাচ উপহার।এসসি ইস্টবেঙ্গলের গোটা প্রথমার্ধের খেলার নির্যাস ৬ মিনিটে হীরা মণ্ডলের ৩৫ গজ দূর থেকে নেওয়া বা পায়ের শট লক্ষ্যভ্রষ্ট হয়।৮ মিনিটে সৌরভ দাসের ডান পায়ের শট বক্সের অনেক ওপর দিয়ে বেরিয়ে যাওয়া।১০ মিনিটে হীরা মণ্ডলের পাস থেকে ড্যানিয়েল চিমা চুকুউর হেডার সেভ হওয়া। ১৩ এবং ২১ মিনিটে চিমা চুকুউ ফের গোলের সুযোগ পেয়েও তা কাজে লাগাতে না পারা।চিমা চুকুউ’র পাস থেকে বিকাস জাইরুর বা পায়ের শট বক্সের বাইরে দিয়ে বেরিয়ে যাওয়া। ১৯ মিনিটে লাল হলুদ ডিফেন্ডার লৌরেনকো চোটের জন্য মাঠ ছাড়ে,বদলি হিসেবে মাঠে নামে অঙ্কিত মুখার্জী। ৩৬ মিনিটে মুম্বই সিটি এফসি’র ডিফেন্সিভ হাফ থেকে চিমা চুকুউ ফ্রিকিক পায়।৪০ মিনিটে হ্যান্ডবল হাওকিপের।

অন্যদিকে মুম্বই সিটি এফসিও গোল নষ্টের প্রতিযোগিতায় কম যায়নি,এসসি ইস্টবেঙ্গলের বিরুদ্ধে প্রথমার্ধে। ৯ মিনিটে ভিঙ্গনেসের পাস থেকে আঙ্গুলোর হেডার লাল হলুদ বক্সের ভিতর সেভ হয়ে যায়।২৩ মিনিটে আহমেদ জাহৌহ ডান পায়ের শট ৩৫ গজেরও বেশি দূর থেকে বাম দিকে মিস করেন।৩৩ মিনিটে রেনিয়ার ফার্নান্ডেজ ফ্রিকিক পায় ডান দিকের উইং থেকে।৩৯ মিনিটে রালতের ডান পায়ের শট বা দিক ঘেঁষে বক্সের বাইরে চলে যায়।৪৬ মিনিটে আহমেদ জাহৌহ ফের গোলের সুযোগ পায়,কিন্তু রেনিয়ার ফার্নান্ডেজের কাছ থেকে পাওয়া বলকে জাহৌহ ডান পায়ে শট নিলেও, বল বক্সের অনেক ওপর দিয়ে বেরিয়ে যায়।

গোটা প্রথমার্ধে এমন ছন্নছাড়া ফুটবল চলতি আইএসএলে লিগের সেকেন্ড বয় মুম্বই সিটি এফসি বনাম লাস্ট বয় এসসি ইস্টবেঙ্গল ম্যাচে। প্রথমার্ধ গোলশূন্যতে শেষ হয়।

বিরতির পর ৬৭ মিনিট সময় পেরিয়ে যাওয়ার পরেও কোনও দলই গোলের লকগেট খুলতে পারেনি। দ্বিতীয়ার্ধে দু’দলই আক্রমণাত্মক ভঙ্গিতে খেলতে থাকে, সঙ্গে গোলের সুযোগও হাতছাড়া করতে থাকে একের পর এক। গোল করার তাগিদ থাকলেও ৭১ মিনিটেও ম্যাচের ফলাফল ছিল গোলশূন্য।
পালা করে মুম্বই সিটি এফসির আঙ্গুলো,রেনিয়ার ফার্নান্ডেজ, মুর্তাদা ফল, ক্যাসিও গ্যাব্রিয়েল,আহমেদ জাহৌহ কেউই গোলের সুযোগ পেয়েও কাজে লাগাতে পারে নি।

অন্যদিকে, ৫০ মিনিটে হাওকিপ,৫৯ মিনিটে ড্যানিয়েল চিমা চুকুউ গোলের সুযোগ পেলেও মুম্বই’র রুক্ষণ বক্সের ভিতর আটোসাটো হওয়াতে তা কোনও বিপদ ঘটাতে পারেনি।

ম্যাচের ৮৪ মিনিট কেটে গেলেও গোল কানা দু’দল। ম্যাচের বয়স যত গড়িয়েছে অফসাইডের ফাঁদ, কর্ণার থেকে গোলের সুযোগ হাতছাড়া করা,চিমা চুকুউর হ্যান্ডবল সমান তালে চলেছে, রেফারির শেষ বাঁশি বেজে ওঠা পর্যন্ত। ১১ জানুয়ারি লাল হলুদ শিবিরের পরের ম্যাচ জামশেদপুর এফসি’র বিরুদ্ধে।

Omicron: সংক্রমণ রুখতে ফের জারি হতে পারে লকডাউন, ইঙ্গিত মুম্বইয়ের মেয়রের

Lockdown may resume to prevent infection, hints Mumbai mayor

মহারাষ্ট্রে ক্রমশ বাড়ছে করোনা সংক্রমণ। বাড়ছে ওমিক্রনও (omicron)। পরিস্থিতি সামাল দিতে মহারাষ্ট্রে কি আবার লকডাউন (lockdown) জারি হবে? মঙ্গলবার মুম্বইয়ের (mumbai) মেয়র কিশোরী পেডনেকর (kishori pednekar) কথায় কিন্তু লকডাউনের ইঙ্গিতই মিলেছে। মেয়র বলেছেন, রাজ্যে যদি করোনা সংক্রমণ বাড়তেই থাকে তবে লকডাউন জারি করা হতেই পারে। যদিও মঙ্গলবার সন্ধ্যা পর্যন্ত রাজ্যের কোনও এলাকাতেই লকডাউন ঘোষণা করা হয়নি।

মেয়র কিশোরী পেডনেকর এদিন বলেন, করোনা রুখতে এখনই লকডাউন জারি করার কোনও পরিকল্পনা নেই। কিন্তু মুম্বইয়ে দৈনিক আক্রান্তের সংখ্যা যদি ২০ হাজারের গণ্ডি অতিক্রম করে যায় সেক্ষেত্রে তো লকডাউন জারি হতেই পারে। মেয়র স্পষ্ট জানিয়েছেন, মুম্বইয়ে দৈনিক আক্রান্তের সংখ্যা প্রতিদিনই বাড়ছে। এভাবে আক্রান্তের হার বাড়তে থাকলে কয়েকদিনের মধ্যেই শহরে দৈনিক আক্রান্তের সংখ্যা ২০ হাজার ছাড়িয়ে যাবে। সেক্ষেত্রে মানুষের জীবন বাঁচাতে লকডাউন জারি করতেই হবে। একইসঙ্গে করোনা বিধি আরও কঠোর করতে হবে।”

করোনা সংক্রমণ বেড়ে চলা নিয়ে উদ্বেগ প্রকাশ করেছেন মুখ্যমন্ত্রী উদ্ধব ঠাকরে। রাজ্যের করোনা পরিস্থিতি নিয়ে আলাচনা করতে প্রশাসনের শীর্ষ আধিকারিকদের সঙ্গে তিনি একটি জরুরি বৈঠকও করেছেন। ওই বৈঠকে কঠোর লকডাউনের মতো বিধিনিষেধ ফের জারি করা যায় কিনা তা নিয়ে একপ্রস্থ আলোচনাও হয়েছে। সংক্রমণ ঠেকাতে মুখ্যমন্ত্রী মানুষকে সব ধরনের সতর্কতা মেনে চলতে পরামর্শ দিয়েছেন।

প্রশাসনিক কর্তাদের সঙ্গে বৈঠকে মুখ্যমন্ত্রী হাসপাতালগুলির পরিকাঠামো নিয়ে বিস্তারিত আলোচনা করেন। হাসপাতালগুলিতে কত বেড আছে, চাহিদা মতো ওষুধ ও অক্সিজেনের সরবরাহ আছে কিনা তা নিয়ে কথা বলেন। মেয়র এদিন জানিয়েছেন, ২-৩ দিনের মধ্যেই মুখ্যমন্ত্রী উদ্ধব ঠাকরে রাজ্যের সর্বশেষ করোনা পরিস্থিতি নিয়ে ফের আলেচনায় বসবেন। সেখানেই করোনা ঠেকানোর বিষয়ে বিশেষ কী ব্যবস্থা নেওয়া হবে সে বিষয়ে চূড়ান্ত সিদ্ধান্ত নেবেন মুখ্যমন্ত্রী।

Omicron: কলকাতায় এক লাফে দ্বিগুণ বাড়ল করোনা

third wave may not come: Experts

নিউজ ডেস্ক: কলকাতা, মুম্বই, দিল্লিতে দৈনিক করোনা আক্রান্তের সংখ্যা ক্রমশ বাড়ছে। দিল্লি, মুম্বইতে প্রায় ৪০% বৃদ্ধি পেয়েছে করোনা আক্রান্তের সংখ্যা। কলকাতায় ২৪ ঘণ্টায় দ্বিগুণ বেড়েছে কোভিড। ওমিক্রন দাপট বাড়তেই দেশের এই গুরুত্বপূর্ণ শহরে আক্রান্তের সংখ্যা বেড়েছে।

দিল্লির স্বাস্থ্যমন্ত্রী জানিয়েছেন, করোনার নমুনায় ৫৪% ক্ষেত্রে ওমিক্রন বাড়ছে। মুম্বইয়ে ৩৬৭১ জন নতুন করে করোনা আক্রান্ত হয়েছে। অর্থাৎ দৈনিক প্রায় ৪৬% সংক্রমণ বৃদ্ধি পেয়েছে। দিল্লিতে নতুন করে আক্রান্ত ১৩১৩ জন, অর্থাৎ আক্রান্ত ৪২% বৃদ্ধি পেয়েছে। কলকাতায় গত ২৪ ঘণ্টায় নতুন করে ১০৯০ জন নতুন করে আক্রান্ত হয়েছে। মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায় ইতিমধ্যেই ফ্লাইটে নিষেধাজ্ঞা আরোপ করেছেন। লোকাল ট্রেন এবং উড়ান পরিষেবার জেরে ফের বাড়ছে কোভিড, এমনটাই জানিয়েছেন তিনি। 

মুম্বইয়ের পরিসংখ্যান বলছে, এক সপ্তাহে প্রায় ৫ গুণ বৃদ্ধি পেয়েছে করোনা। গত শুক্রবার যেখানে আক্রান্তের সংখ্যা ছিল ৬৮৩। এ সপ্তাহে তা ৩৬৭১। যদিও মৃত্যুহার অনেকটাই কম। স্বাস্থ্যমন্ত্রক জানিয়েছে, শহরের পরিস্থিতি পর্যবেক্ষণে জোর দেওয়া হচ্ছে। মহারাষ্ট্র, পশ্চিমবঙ্গ, তামিলনাড়ু, দিল্লি, কর্ণাটক, গুজরাটের পরিস্থিতি ক্রমশই চিন্তিত করে তুলছে।

এদিকে, কলকাতায় ফের ওমিক্রন আক্রান্তের হদিশ মিলল। বৃহস্পতিবার নতুন করে ৫ জনের নমুনায় নয়া ভ্যারিয়েন্টের উপস্থিতি লক্ষ্য করা গিয়েছে। স্বাস্থ্য দফতরের তরফ থেকে জানানো হয়েছে, বিদেশ থেকে আসা ৬ জন করোনা আক্রান্তের নমুনা জিনোম সিকোয়েন্সিং করা হয়েছিল। তার মধ্যে ৫ জনই ওমিক্রন আক্রান্ত। এদের মধ্যে একটি পাঁচ বছরের শিশুও রয়েছে।

Omicron: ভারতে মৃত্যু শুরু, মহারাষ্ট্রে হাই এলার্ট

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News Desk: বছরের শেষেই মারণ হামলা। অবশেষে ওমিক্রন হানায় প্রথম মৃত্যু হলো দেশে। মহারাষ্ট্র স্বাস্থ্য বিভাগ জানাচ্ছে, নাইজেরিয়া থেকে ফিরে আসা ৫২ বছরের এক ব্যক্তি করোনাভাইরাসে সংক্রমিত হন। তাঁর দেহে করোনার নতুন ভ্যারিয়েন্ট ওমিক্রন শনাক্ত হয়েছিল। চিকিৎসাধীন অবস্থায় তাঁর মৃত্যু হয়েছে। মৃত ব্যক্তি ডায়াবেটিস রোগী ছিলেন।

দেশে ওমিক্রন হামলার প্রথম শিকার তিনিই। এমনই জানাচ্ছে মহারাষ্ট্র সরকার। সংক্রমণের গতি দেখে দেশজুড়ে সতর্কতা জারি হয়েছে। স্বাস্থ্য মন্ত্রকের তরফে বিভিন্ন রাজ্যের স্বাস্থ্য দফতরের কাছে বিশেষ সতর্কতার বার্তা দেওয়া হয়।

বেশ কয়েকটি রাজ্যে করোনা সংক্রমণের হার অনেকটাই বেড়েছে। ওমিক্রন আক্রান্তের সংখ্যাও প্রতিদিনই বাড়ছে। সংক্রমণ ছড়ানোর কারণে স্বাস্থ্যমন্ত্রক ৮ রাজ্যকে অবিলম্বে বিশেষ পদক্ষেপ নেওয়ার পরামর্শ দিয়েছে। প্রতিটি রাজ্যের হাসপাতালগুলিকে যাবতীয় প্রস্তুতি সেরে রাখার নির্দেশ দেওয়া হয়েছে। 

স্বাস্থ্য মন্ত্রকের পরিসংখ্যান থেকে জানা গিয়েছে, শেষ ২৪ ঘন্টায় দেশে করোনা আক্রান্তের হার ৪৩ শতাংশ বেড়েছে। স্বাভাবিকভাবেই বেড়েছে অ্যাক্টিভ কেসের সংখ্যা। চেন্নাই , গুরুগ্রাম, বেঙ্গালুরু , আমেদাবাদ, দিল্লি, মুম্বইয়ের মত শহরে আক্রান্তের সংখ্যা অনেকটাই বেড়েছে। এর মধ্যে এদিন সবথেকে উদ্বেগজনক খবরটি এসেছে দিল্লি থেকে। রাজধানী দিল্লিতে ও মহারাষ্ট্রের রাজধানী মুম্বইতে জারি হয়েছে সতর্কতা।

Covid 19: করোনা হামলায় ‘দিল্লি খতরে মে’, মুম্বইয়ে হাই এলার্ট

Covid 19: Corona attack threatens Delhi, high alert in Mumbai

News Desk: বেশ কয়েকটি রাজ্যে করোনা সংক্রমণের হার অনেকটাই বেড়েছে। ওমিক্রন আক্রান্তের সংখ্যাও প্রতিদিনই বাড়ছে। সংক্রমণ ছড়ানোর কারণে স্বাস্থ্যমন্ত্রক ৮ রাজ্যকে অবিলম্বে বিশেষ পদক্ষেপ নেওয়ার পরামর্শ দিল। প্রতিটি রাজ্যের হাসপাতালগুলিকে যাবতীয় প্রস্তুতি সেরে রাখার নির্দেশ দেওয়া হয়েছে। 

স্বাস্থ্য মন্ত্রকের পরিসংখ্যান থেকে জানা গিয়েছে, শেষ ২৪ ঘন্টায় দেশে করোনা আক্রান্তের হার ৪৩ শতাংশ বেড়েছে। স্বাভাবিকভাবেই বেড়েছে অ্যাক্টিভ কেসের সংখ্যা। চেন্নাই , গুরুগ্রাম, বেঙ্গালুরু , আমেদাবাদ, দিল্লি, মুম্বইয়ের মত শহরে আক্রান্তের সংখ্যা অনেকটাই বেড়েছে। এর মধ্যে এদিন সবথেকে উদ্বেগজনক খবরটি এসেছে দিল্লি থেকে।

দিল্লির স্বাস্থ্যমন্ত্রী সত্যেন্দ্র জৈন বৃহস্পতিবার বিকেলে জানিয়েছেন, দিল্লিতে গোষ্ঠী সংক্রমণ শুরু হয়েছে। দিল্লিতে নতুন করে যারা করোনা আক্রান্ত হয়েছেন তাদের মধ্যে ৪৬ শতাংশ ওমিক্রন আক্রান্ত।

বুধবার দিল্লিতে ৯২৩ জন আক্রান্ত হয়েছেন। তবে মৃত্যুর কোনও খবর নেই। করোনা আক্রান্তদের চিকিৎসায় প্রতিটি সরকারি ও বেসরকারি হাসপাতালকে সতর্ক থাকার পরামর্শ দিয়েছেন স্বাস্থ্যমন্ত্রী।

বাণিজ্যনগরী মুম্বইতেও করোনা আক্রান্তের সংখ্যা উল্লেখযোগ্য হারে বেড়েছে। মুম্বাইয়ে করোনা পজিটিভিটির হার ৪ শতাংশ। সংক্রমণের কারণে ইতিমধ্যেই মুম্বইয়ে জারি করা হয়েছে ১৪৪ ধারা। ৭ জানুয়ারি পর্যন্ত ১৪৪ ধারা জারি থাকবে। নববর্ষ উদযাপনের সমস্ত অনুষ্ঠানই বাতিল করা হয়েছে। রেস্তোরাঁ, হোটেল, পাব, বার-সহ প্রতিটি জায়গাতেই জমায়েত নিষিদ্ধ বলে ঘোষণা করেছে পুলিশ।

স্বাস্থ্য মন্ত্রকের পরিসংখ্যান থেকে জানা গিয়েছে মহারাষ্ট্র, গুজরাট, রাজস্থান, তেলেঙ্গানা, তামিলনাড়ু, কর্নাটক, অন্ধপ্রদেশ, হরিয়ানা প্রভৃতি রাজ্যে ওমিক্রন আক্রান্তের সংখ্যা উদ্বেগজনকভাবে বাড়ছে।

Bangabhaban: ক্যান্সার আক্রান্তদের চিকিৎসা জন্য মুম্বইয়ে বঙ্গভবন

Bangabhaban in Mumbai for the treatment of cancer patients

নিউজ ডেস্ক, কলকাতা: পশ্চিমবঙ্গ থেকে প্রতিবছর ক্যান্সার (cancer patient) আক্রান্ত বহু মানুষ চিকিৎসার জন্য মুম্বই (mumbai) গিয়ে থাকেন। চিকিৎসার জন্য দীর্ঘদিন সেখানেই থাকতে হয় আক্রান্ত রোগী ও তাঁর পরিবারের সদস্যদের। এজন্য তাঁদের অনেক টাকা দিয়ে ঘর ভাড়া নিতে হয়। সেই সমস্যা মেটাতে মুম্বইয়ে যাতে ক্যান্সার আক্রান্ত রোগী বা তাঁর পরিবারের লোকজন সস্তায় থাকতে পারেন সে জন্য বঙ্গভবন (Bangabhaban) তৈরির পরিকল্পনা নিয়েছেন মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায় (mamata banerjee)। বঙ্গভবন বানানোর জন্য তিনি মহারাষ্ট্রের মুখ্যমন্ত্রীর কাছ থেকে জমিও চেয়েছেন।

গত সপ্তাহে মমতা বন্দ্যোপাধ্যায় যখন মহারাষ্ট্র সফরে গিয়েছিলেন সে সময়ে মুখ্যমন্ত্রীর ছেলে আদিত্যের সঙ্গে তাঁর জমির বিষয়ে কথা হয়েছে। আদিত্য মহারাষ্ট্রের পরিবেশ মন্ত্রী। শিবসেনার মুখপাত্র সামনাতেই এই আলোচনার কথা তুলে ধরা হয়েছে। বৈঠকে উপস্থিত শিবসেনা নেতা তথা রাজ্যসভার সংসদ সঞ্জয় রাউত বলেছেন, মমতার জমির অনুরোধেই বোঝা যায় তিনি কতটা মানবিক।

সঞ্জয় বলেছেন, মমতার এই সফরে মহারাষ্ট্রের মুখ্যমন্ত্রী উদ্ধব ঠাকরের সঙ্গে তার দেখা হয়নি। কারণ মুখ্যমন্ত্রী অসুস্থ ছিলেন। তাই দেখা করেছিলেন তাঁর ছেলে আদিত্যর সঙ্গে। আদিত্যর সঙ্গে দেখা হতেই তিনি বাংলার ক্যান্সার আক্রান্তদের চিকিৎসার প্রয়োজনে বঙ্গভবন তৈরির জন্য জমি চেয়েছেন। মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের এই দাবি অত্যন্ত ন্যায়সঙ্গত। প্রতিবছর পশ্চিমবঙ্গ থেকে বেশ কিছু মানুষ চিকিৎসার প্রয়োজনে মুম্বই এসে থাকেন। তাছাড়া স্বাধীনতা আন্দোলনের সময় থেকেই মহারাষ্ট্র ও পশ্চিমবঙ্গ কাঁধে কাঁধ মিলিয়ে কাজ করছে। দুই রাজ্যের মধ্যে একটা দীর্ঘকালীন মানবিক সম্পর্ক আছে। উভয় রাজ্যকেই এটা রক্ষা করতে হবে।

উল্লেখ্য, মুম্বইয়ে উত্তরপ্রদেশ, মধ্যপ্রদেশ, অসম, মেঘালয় ও উত্তরাখণ্ড ভবন আছে। এই ভবনগুলি মুম্বইয়ের অভিজাত পারলে এলাকায় রয়েছে। এই এলাকায় জমি পাওয়া খুবই কঠিন। এখন দেখার উদ্ধব ঠাকরে সরকার বঙ্গভবন তৈরির জন্য মমতাকে কোথায় জমি দেয়।

Omicron: কোনও ভ্যাকসিন না নিয়েই বিদেশ সফর করেছেন মহারাষ্ট্রের ওমিক্রন আক্রান্ত ব্যক্তি  

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নিউজ ডেস্ক : শনিবার মহারাষ্ট্রের এক ব্যক্তির শরীরে ধরা পড়ে করোনার নয়া স্ট্রেন ওমিক্রন(Omicron)। সূত্রের খবর, আক্রান্ত ব্যক্তি মুম্বইয়ের খুব কাছেই থাকেন। এই ঘটনা সামনে আসার পরেই সে রাজ্যে আতঙ্ক ছড়িয়েছে। যদিও ওই ব্যক্তির দিনের পর দিন বিদেশে ঘোরার ইতিহাস রয়েছে।

গত মাসে দক্ষিণ আফ্রিকা থেকে দুবাই হয়ে দিল্লিতে ফিরে সেখান থেকে মুম্বইয়ে আসেন তিনি। এরপরেই জ্বর আসলে করোনা পরীক্ষা হলে রিপোর্ট পজিটিভ আসে। আর বিস্তারিত পরীক্ষার ফল সামনে আসার পরেই দেখা যায় ওই ব্যক্তি ওমিক্রনে আক্রান্ত। সঙ্গে সঙ্গে তাঁকে আইসোলেশনে পাঠানো হয়। পাশাপাশি ওই ব্যক্তি কোনও ভ্যাকসিনই নেননি।

এক সরকারি আধিকারিক জানিয়েছেন, ওই ব্যক্তি মেরিন ইঞ্জিনিয়ার হিসাবে কর্মরত। দিনের পর দিন সমুদ্রেই কাটাতে হয় তাঁকে। জানা যায়, গত ২৪ নভেম্বর ওই ব্যক্তির অল্প জ্বর আসে। মুম্বই বিমানবন্দরেই তাঁর চিকিত্‍সা করা হয়। নেওয়া হয় নমুনা। আর তাতেই জানা যায় তিনি করোনা পজিটিভ। এই ঘটনা সামনে আসতেই নড়েচড়ে বসেছে স্থানীয় প্রশাসন। কারা কারা ওঁর সংস্পর্শে এসেছে তাঁদের খোঁজ চলছে।

তবে এরমধ্যে যাদের খোঁজ পাওয়া গিয়েছে তাঁদের মধ্যে প্রত্যক্ষভাবে (high-risk contacts) সংস্পর্শে এসেছে এমন ১২ জনের এবং পরোক্ষ ভাবে ওই রোগীর কাছাকাছি এসেছেন এমন ২৩ জনের (low-risk contacts) করোনা পরীক্ষা করা হয়েছে। স্বস্তির খবর তাঁদের সবার করোনা রিপোর্ট নেগেটিভ এসেছে। শুধু তাই নয়, আরও ২৫ জনের করোনা পরীক্ষা করা হয়েছে। যারা ওই ব্যক্তির কো-প্যাসেঞ্জার হিসাবে দিল্লি থেকে মুম্বই এসেছেন। তাঁদেরও রিপোর্ট নেগেটিভ এসেছে। আরও বাকিদের খোঁজ চালানো হচ্ছে।

গত কয়েকদিনে মহারাষ্ট্রে বিদেশ থেকে বহু ব্যক্তি এসেছেন। তাঁদের প্রত্যেকের আরটিপিসিআর টেস্ট করা হচ্ছে। সম্প্রতি জিম্বাবয়ে থেকে আরও এক ব্যক্তি জ্বর নিয়ে আসে। তাঁর করোনার রিপোর্ট পজিটিভ। তবে মহারাষ্ট্র সরকারের তরফে জানানো হয়েছে, তাঁর শরীরে ওমিক্রন পাওয়া যায়নি। তবে সে রাজ্যে ওমিক্রন আক্রান্তের খবর সামনে আসতেই আরও সতর্ক হওয়ার নির্দেশ দিয়েছে সরকার।

পাওয়ার প্লে? প্যাঁচে পড়লেন মমতা! কংগ্রেসের সঙ্গে দূরত্বে নারাজ শিব সেনা

Shiv Sena slams Mamata’s no UPA remark

News Desk: দলীয় মুখপত্রে শিব সেনার হুঁশিয়ারি এমন, যদিও তিনি (মমতা) পশ্চিমবঙ্গ থেকে কংগ্রেস, বাম ও বিজেপিকে শেষ করেছেন, কিন্তু জাতীয় রাজনীতিতে কংগ্রেসের সঙ্গে দূরত্ব রাখলে ফ্যাসিস্ট শক্তিকে আরও বেশি শক্তিশালী করা হবে’। এই হুঁশিয়ারি আসলে ‘সামনা’ সংবাদপত্রের সম্পাদকীয়। সেটি প্রকাশ করা হলো, তৃণমূল কংগ্রেস নেত্রীর মহারাষ্ট্র সফরের পর।

রাজনৈতিক মহলের বিশ্লেষণ, মুম্বই থেকে খালি হাতেই ফিরতে হয়েছে মমতাকে। তিনি যে লক্ষ্য নিয়ে মম্বই গিয়েছিলেন তা সফল হলনা। কারণ ‘সামনা’ শিব সেনার মুখপত্র। তার সম্পাদকীয় মানে শিব সেনার অবস্থান।

তবে মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের বিজেপি বিরোধী ভূমিকার উচ্ছ্বসিত প্রশংসা করা হয়েছে শিব সেনা মুখপত্রে। তৃণমূল কংগ্রেস নেত্রীকে বাঘিনীর সঙ্গেও তুলনা করা হয়েছে। এতে মমতার প্রশংসা করে লেখা হয়েছে, বিজেপির বিরুদ্ধে মমতা যেভাবে তৃণমূল কংগ্রেসের নেতৃত্ব দিয়েছেন তাকে শিবসেনা কুর্ণিশ জানায়।

তবে বিশ্লেষণে এও উঠে আসছে, কংগ্রেসের কূটচালে পরাজিত হয়েছেন তৃণমূল কংগ্রেস নেত্রী। মহারাষ্ট্র বিধানসভায় যে অবিজেপি জোট সরকার ক্ষমতাসীন। তার মুখ্যমন্ত্রী শিব সেনা প্রতিষ্ঠাতা বালা সাহেব ঠাকরের পুত্র উদ্ভব ঠাকরে। সরকার চলছে এনসিপি ও কংগ্রেস সমর্থনে। তারাই সরকারের অন্যতম দুই বড় শরিক। কোনওভাবেই দুই শরিককে চটিয়ে মমতার পক্ষ নিতে চাইছেন না উদ্ভব।

মনে করা হচ্ছে, মমতাকে বার্তা দেওয়ার পিছনে কাজ করেছে পাওয়ার প্লে। প্রবীণ এনসিপি নেতা শারদ পাওয়ারের কূটনৈতিক চালেই মহারাষ্ট্রে সরকার গড়েছে অবিজেপি জোট। সেই জোটের কংগ্রেস ও এনসিপি ঘনিষ্ঠ। মমতার নো ইউপিএ অবস্থান মেনে নিতে পারেননি পাওয়ার।

রাজনৈতিক চাপের মুখে মুখ্যমন্ত্রী উদ্ভব ঠাকরে অসুস্থতার কারণে মমতা সাক্ষাৎ এড়িয়ে গিয়েছেন। এর পিছনেও পাওয়ার প্লে কাজ করেছে বলেই মনে করা হচ্ছে।

শিব সেনার মুখপত্রের সম্পাদকীয় হুঁশিয়ারি তৃণমূল কংগ্রেসের কাছে ঘুরপথে কংগ্রেসের বার্তা। আর এই বার্তার পিছনে আছে সোনিয়া গান্ধী ঘনিষ্ঠ শারদ পাওয়ার।