भीषण गर्मी से अलिपुरद्वार के स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति घटी, सुबह स्कूल चलाने की मांग

Scorching Heat Hits Alipurduar Schools: Parents Urge Shift to Morning Sessions

अयन दे, अलिपुरद्वार: उत्तर बंगाल के अलिपुरद्वार (Alipurduar) जिले में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप छाया हुआ है। पिछले कुछ दिनों से तापमान का पारा असामान्य रूप से बढ़ रहा है और कई इलाकों में यह 35 से 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है। नमी के कारण यह गर्मी और असहनीय हो गई है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। विशेष रूप से स्कूलों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में उल्लेखनीय कमी देखी जा रही है। अलिपुरद्वार कॉलेजिएट स्कूल की इंग्लिश मीडियम शाखा की एक शिक्षिका ने गुरुवार दोपहर करीब एक बजे बताया कि भीषण गर्मी के कारण कक्षाओं में छात्र-छात्राओं की संख्या काफी कम हो गई है। इस तीव्र गर्मी में छात्र बार-बार कक्षा छोड़कर ठंडा पानी पीने के लिए बाहर जा रहे हैं, जिससे पढ़ाई का माहौल भी प्रभावित हो रहा है।

जिले के अन्य स्कूलों में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। शिक्षक-शिक्षिकाओं और अभिभावकों का एक बड़ा वर्ग दावा कर रहा है कि इस भीषण गर्मी में दिन के समय स्कूल चलाना बच्चों के लिए कठिन है। उनका कहना है कि सुबह के समय स्कूल चलाने से छात्र-छात्राओं को तीव्र गर्मी और नमी से कुछ राहत मिल सकती है। एक अभिभावक ने कहा, “इस गर्मी में बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं। दोपहर की तेज धूप में स्कूल में रहना उनके लिए मुश्किल है। अगर स्कूल सुबह आयोजित हों तो बच्चों के लिए सुविधाजनक होगा।”

हालांकि, शिक्षकों ने बताया कि सरकारी निर्देश के बिना स्कूल का समय बदलना संभव नहीं है। अलिपुरद्वार जिले के कई स्कूलों के शिक्षकों से बात करने पर पता चला कि प्रशासनिक अधिकारियों से कोई आधिकारिक निर्देश न मिलने तक वे मौजूदा समय-सारिणी का पालन करने को मजबूर हैं। एक शिक्षक ने कहा, “हम समझ सकते हैं कि बच्चों को कितनी तकलीफ हो रही है। लेकिन सरकारी निर्देश के बिना हम समय में बदलाव नहीं कर सकते।”

इस तीव्र गर्मी ने न केवल छात्रों की उपस्थिति को प्रभावित किया है, बल्कि शिक्षकों पर भी अतिरिक्त दबाव डाला है। कक्षा में पढ़ाने के दौरान छात्रों का बार-बार पानी पीने के लिए बाहर जाना पढ़ाई की निरंतरता को बाधित कर रहा है। इसके अलावा, कई छात्र गर्मी के कारण अस्वस्थ हो रहे हैं, जिससे अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है।

अलिपुरद्वार के स्थानीय प्रशासन से अभिभावक और शिक्षक समुदाय ने जल्द से जल्द उपाय करने की अपील की है। कुछ लोगों ने सुझाव दिया है कि गर्मी की तीव्रता कम होने तक स्कूलों का समय सुबह कर दिया जाए या ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था की जाए। हालांकि, अभी तक कोई सरकारी घोषणा नहीं की गई है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक गर्मी की तीव्रता बनी रह सकती है। ऐसी स्थिति में स्कूलों में पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था और कक्षाओं में पंखे जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग भी उठ रही है। अभिभावक चाहते हैं कि उनके बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द ही कदम उठाए जाएं। इस गर्मी में स्कूलों में पढ़ाई एक चुनौती बन गई है, और सुबह स्कूल चलाने की मांग तेजी से जोर पकड़ रही है।

भीषण गर्मी में गन्ने का रस बना एकमात्र सहारा: जनजीवन को राहत, विक्रेताओं के चेहरे पर मुस्कान

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अयन दे, उत्तर बंगाल: उत्तर बंगाल (North Bengal) में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप छाया हुआ है। तापमान का पारा लगातार बढ़ता जा रहा है और कई जिलों में यह 34-35 डिग्री सेल्सियस से बढ़कर 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है। नमी के कारण यह गर्मी और असहनीय हो गई है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। सूरज निकलते ही लू के थपेड़े शुरू हो जाते हैं, जो दैनिक कार्यों में बाधा डाल रहे हैं। तेज धूप में बाहर निकलना लगभग असंभव हो गया है। ऐसे में आम लोग थोड़ी राहत के लिए ठंडे पेय पदार्थों की ओर रुख कर रहे हैं। इनमें गन्ने का रस एक प्राकृतिक और स्वस्थ विकल्प के रूप में सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है।

शहर की गलियों, सड़क के किनारे, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में गन्ने के रस की दुकानों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। यह प्राकृतिक पेय न केवल शरीर की थकान दूर करता है, बल्कि तुरंत ऊर्जा भी प्रदान करता है, जो इस भीषण गर्मी में बेहद जरूरी है। गन्ने का रस न केवल स्वास्थ्यवर्धक है, बल्कि यह किफायती भी है, जिसने इसे आम लोगों के बीच और लोकप्रिय बना दिया है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “इस गर्मी में गन्ने का रस पीने से तुरंत राहत मिलती है। बाजार में उपलब्ध अन्य पेय पदार्थों की तुलना में यह सस्ता और स्वास्थ्य के लिए अच्छा है।”

गर्मी के इस मौसम में गन्ने के रस की मांग इतनी बढ़ गई है कि इसे बेचने वालों के चेहरों पर मुस्कान छा गई है। जो लोग इस व्यवसाय से अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं, उनकी आय कई गुना बढ़ गई है। सुबह से रात तक गन्ने के रस की दुकानों पर भारी मात्रा में बिक्री हो रही है। एक विक्रेता ने बताया, “इस गर्मी में हमारी बिक्री तीन-चार गुना बढ़ गई है। लोग एक गिलास गन्ने का रस पीकर राहत पा रहे हैं और हमारी आय भी बढ़ रही है।” उन्होंने आगे कहा, “यह समय हमारे लिए स्वर्णिम है। जब तक यह गर्मी रहेगी, हमारा व्यवसाय अच्छा चलेगा।”

गन्ने के रस की इस बढ़ती मांग ने न केवल विक्रेताओं को आर्थिक राहत दी है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक प्रभाव डाला है। उत्तर बंगाल के विभिन्न जिलों में गन्ने की खेती भी बढ़ी है, जो किसानों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत बन गया है। हालांकि, कुछ विक्रेता बताते हैं कि भीषण गर्मी के कारण गन्ने के उत्पादन पर भी असर पड़ रहा है, जिससे कीमतों में मामूली वृद्धि हो सकती है।

इस भीषण गर्मी में गन्ने का रस न केवल जनजीवन के लिए राहत का स्रोत बन गया है, बल्कि स्थानीय विक्रेताओं के लिए भी एक लाभकारी अवसर बन गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में गर्मी की तीव्रता और बढ़ सकती है। ऐसे में गन्ने के रस की मांग में और इजाफा होने की उम्मीद है। आम लोग और विक्रेता दोनों ही इस प्राकृतिक पेय को अपनी गर्मी का साथी बना चुके हैं।

भीषण गर्मी से दक्षिण बंगाल में हालत पस्त, लोग परेशान

कोलकाता: दक्षिण बंगाल में गर्मी से हाल बेहाल है। जून का महीना लगभग खत्म होने जा रहा है बावूजद दक्षिण बंगाल में तापमान में कोई परिवर्तन नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में अलीपुर मौसम विभाग ने थोड़ी राहत दी है। अगले बुधवार तक कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल में तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है। वहीं, उत्तर बंगाल के जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग के सूत्रों के मुताबिक आज से 2 जुलाई तक कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के सभी जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। कुछ जिलों में बारिश के साथ-साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। अधिकतम हवा की गति 50 किमी प्रति घंटा हो सकती है। वहीं, उत्तर बंगाल के जिलों में भी आंधी तूफान का पूर्वानुमान जारी किया गया है। बंगाल की खाड़ी में चक्रवात के कारण भारी बारिश की आशंका जताई गई है।

यहां भी दो जुलाई तक बारिश हो सकती है। गुरुवार को दार्जिलिंग, कलिम्पोंग जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूचबिहार में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। जिले के बाकी हिस्सों में छिटपुट बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने कहा कि अगले 5 दिनों तक पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में तापमान में कोई बदलाव नहीं होगा। अगले 5 दिनों में उत्तर बंगाल के जिलों में भी तापमान में कोई बदलाव नहीं होगा।

पश्चिम बंगाल में 28 जून तक लगभग सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश

कोलकाता: बीते दो दिनों से दक्षिण बंगाल के लोगों ने तापमान गिरने से राहत की सांस ली है। बता दें कि ये मानसूनी नहीं बल्कि प्री-मानसून बारिश है। फिलहाल, कोलकाता समेत राज्य के कई जिलों में थोड़ी राहत है। अलीपुर मौसम विभाग ने बताया कि फिलहाल यही स्थिति बनी रहेगी। 28 जून तक लगभग सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। 15 जिलों में बारिश की ज्यादा संभावना है। इससे बाकी जिलों में तापमान गिरेगा। हालांकि, मौसम विभाग ने पूरी तरह से भीषण गर्मी खत्म होने को लेकर कुछ नहीं कह रहा है।

कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के लगभग सभी जिलों में शुक्रवार को भी बादल छाए हुए हैं। अलीपुर मौसम विभाग के अनुसार 31 मई को उत्तर बंगाल में मानसून प्रवेश कर चुका है लेकिन वहां से आगे नहीं बढ़ा। दक्षिण-पश्चिम मानसून गुरुवार को अब थोड़ा आगे बढ़ गया है। लेकिन अभी भी उत्तर बंगाल में इसका असर है। गुरुवार को दिनाजपुर और मालदा के बड़े हिस्से में मानसून ने दस्तक दी। मानसून की स्थिति बनने में अभी भी दो से तीन दिन लगेंगे। यह बात मौसम विभाग ने कही है।

मौसम विभाग ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून छत्तीसगढ़, ओडिशा, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, हिमालय से सटे पश्चिम बंगाल के अन्य हिस्सों और बिहार के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर चुका है। इसके अलावा अमरावती, गोंदिया, दुर्ग, रामपुर (कालाहांडी), मालदह, भागलपुर, रक्सौल से होकर आगे बढ़ चुका है। अगले तीन-चार दिनों में उत्तरी अरब सागर, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी और कुछ अन्य हिस्सों में मानसून के प्रवेश के लिए उपयुक्त परिस्थितियाँ विकसित हो सकती हैं।

इस बीच उत्तर बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। हालांकि गुरुवार दोपहर कोलकाता समेत कुछ दक्षिणी जिलों में छिटपुट बारिश हुई, लेकिन मिजाज कम नहीं हुआ। लोग सामान्य मानसूनी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि लगातार हल्की बारिश के बिना गर्मी कम नहीं होगी। किसान भी मानसून का इंतजार कर रहे हैं। अगर इस समय बारिश नहीं हुई तो फसल खराब होने का खतरा है।

उत्तर बंगाल में हाल बेहाल, दक्षिण बंगाल में आज से होगी मूसलाधार बारिश

कोलकाता: आज 14 जून है। कैलेंडर के मुताबिक मॉनसून आ चुका है, लेकिन मौसम में अभी कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा है। कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल में पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही है। कई जिलों में लू जैसी स्थिति है। तापमान 40 डिग्री के पार जा रहा है। ऐसे समय में, मौसम विभाग ने दक्षिण बंगाल में बारिश से राहत की उम्मीद जताई है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार(14 जून) से दक्षिण के कई इलाकों में बारिश की संभावना है।

अलीपुर मौसम विभाग के अनुसार कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के सभी जिलों में आज बारिश होने की संभावना है। साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा भी चल सकती है। हवा की गति 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है। लेकिन गर्मी से राहत पाने में अभी दो दिन और लगेंगे। क्योंकि, शुक्रवार को सात जिलों में बारिश के साथ-साथ लू चलने की भी आशंका है। पश्चिमी मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया, बांकुरा, पूर्वी बर्दवान, पश्चिमी बर्दवान और बीरभूम में लू चल सकती है। इनमें से कुछ जिलों में शनिवार को भी लू चल सकती है।

हालांकि, मौसम विभाग ने कहा कि दिन में लू चलने के बावजूद कुछ जगहों पर तेज हवाएं चलने और बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि शनिवार के बाद राज्य में कहीं और लू चलने की संभावना नहीं है। जबकि रविवार से उमस और गर्मी से राहत मिल सकती है।

एक तरफ दक्षिण बंगाल जहां गर्मी से बेहाल है, वहीं उत्तर बंगाल में बारिश से इलाके सराबोर हैं। वहां मॉनसून प्रवेश कर चुका है। उत्तरी जिलों में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है। कई जगहों पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने की भी आशंका है।

भारी बारिश के कारण पहाड़ों में भूस्खलन हुआ है। सिक्किम में कई पर्यटकों के तेज बारिश में फंसने की खबर आ रही है। तीस्ता नदी उफान पर है। इस बीच, मौसम विभाग के मुताबिक आज शुक्रवार को भी अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी और कलिम्पोंग में भारी बारिश होने की संभावना है। इन तीनों जिलों में बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।

इसके अलावा दार्जिलिंग और कूचबिहार में भी भारी बारिश का अनुमान है। अगले मंगलवार तक उत्तर बंगाल के इन पांच पहाड़ी जिलों में बारिश जारी रहेगी। हालांकि कई जिलों में 7 से 20 सेमी तक बारिश हो सकती है। ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने को कहा है।

बंगाल के कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

कोलकाता : जून की शुरुआत से ही बंगाल में मॉनसूनी बारिश का असर दिख रहा है। महीने की शुरुआत से ही राज्य में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर और दक्षिण बंगाल में लगातार अभी कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि किस जिले में बारिश होगी।

उत्तर बंगाल: आज यानी 02 जून, 2024 – उत्तर बंगाल के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
दक्षिण बंगाल: आज यानी 02 जून, 2024 – दक्षिण बंगाल के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

उत्तर बंगाल

कूच बिहार, अलीपुरद्वार जिला: आज यानी 02.06.2024 (ऑरेंज अलर्ट: सावधान रहें) एक या दो स्थानों पर भारी बारिश (7-20 सेमी) होने की संभावना है।
जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, उत्तरी दिनाजपुर जिला: आज यानी 02.06.2024 (येलो अलर्ट) एक या दो स्थानों पर लगातार भारी बारिश (7-11 सेमी) होने की संभावना है।

दक्षिण बंगाल

पूर्व और पश्चिम बर्दवान, बीरभूम, मुर्शिदाबाद, हुगली जिला: आज यानी 02.06.2024 (येलो अलर्ट): एक या दो स्थानों पर तेज हवाएं (गति 40-50 किमी प्रति घंटे) चलने की संभावना है।

अन्य जिलों में आज यानी 02.06.2024 (येलो अलर्ट) एक या दो स्थानों पर गरज के साथ तेज हवाएं (गति 30-40 किमी प्रति घंटे) चलने की संभावना है।

 

पेपर मिल में काम करने के दौरान मजदूर घायल, अस्पताल में मौत 

 सिलीगुड़ी: फांसीदेवा के घोषपुकुर स्थित एक निजी पेपर मिल में काम करने के दौरान एक मजदूर का हाथ मशीन के अंदर चला गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी। मृतक का नाम पारितोष सिंह है।

मालूम हो कि शुक्रवार की रात काम के दौरान परितोष सिंह का हाथ काम करने के दौरान मशीन में फंस गया. उसे तुरंत बचाया गया और उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई। 

पेपर  मिल के मैनेजर जुगल किशोर ने बताया कि काम करने के दौरान यह हादसा हुआ। घायल हालत में युवक को उपचार के लिए भेजा गया। बाद में उनकी वहीं मौत हो गई। घोषपुकुर चौकी की पुलिस घटना की जांच में जुट गयी है।

मंत्री अरूप विश्वास को बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़े रहने का निर्देश : ममता

रुद्र के प्रकोप से सिक्किम और कलिम्पोंग के बड़े क्षेत्र पूरी तरह से तबाह हो गए. एक के बाद एक शव बरामद किये जा रहे हैं.मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहाड़ की स्थिति को लेकर चिंतित हैं. मुख्यमंत्री ने अरूप विश्वास को उत्तर बंगाल की भीषण बाढ़ की स्थिति में आम लोगों के साथ खड़े रहने का निर्देश दिया. मंत्री अरूप शनिवार दोपहर बागडोगरा एयरपोर्ट से होते हुए कालिम्पोंग के लिए रवाना होंगे.

राज्य के मंत्री अरूप विश्वास भी आज उत्तर बंगाल जा रहे हैं. वह कलिम्पोंग में हरपा प्रतिबंध से तबाह हुए पीड़ित परिवारों से मिलेंगे इस बीच, जीटीए प्रमुख अनित थापा पहाड़ियों में इस आपदा की स्थिति पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार को नबन्ना आए. उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ वर्चुअल मीटिंग की. बैठक में राज्य के मुख्य सचिव हरिकृष्ण द्विवेदी भी मौजूद थे. बताया जाता है कि बैठक में तीस्ता के हार्पा बैन को हुए नुकसान पर चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जीटीए प्रमुख अनित थापा से फोन पर बात करने के बाद शनिवार मंत्री अरूप विश्वास को उत्तर बंगाल भेज रही हैं. वह शनिवार दोपहर बागडोगरा होते हुए कलिम्पोंग पहुंचेंगे.

North Bengal: আহত উত্তরবঙ্গের আইজি দেবেন্দ্র প্রকাশ সিং, ভর্তি হাসপাতালে

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দুর্ঘটনায় আহত উত্তরবঙ্গের(North bengal) আইজি দেবেন্দ্র প্রকাশ সিং। শুক্রবার শিলিগুড়ি থেকে আলিপুরদুয়ারে যাওয়ার সময় দুর্ঘটনার মুখোমুখি হন তিনি। সেই সময় তাঁর গাড়ির সঙ্গে ডাম্পারের সংঘর্ষ হয়। গুরুতর আহত হয়েছেন তিনি এবং তাঁর চালক। তাঁদেরকে গ্রীন করিডোর করে সেবক রোডের একটি হাসপাতালে ভর্তি করা হয়েছে।   ৩১ নম্বর জাতীয় সড়কে দুর্ঘটনার জেরে আতঙ্ক ছড়িয়েছে।আজ সকালে এই‌ ঘটনাটি […]

সংবাদটি বিস্তারিত পড়তে ক্লিক করুন North Bengal: আহত উত্তরবঙ্গের আইজি দেবেন্দ্র প্রকাশ সিং, ভর্তি হাসপাতালে

চারদিনের ছুটিতে কোচ রাজার দেশে

On a four-day vacation to Koch Raja's country

News Desk: শীতের এক লম্বা ছুটি পেলে অনেকেই চলে যান দার্জিলিং কিংবা গ্যাংটক। কিন্তু এমন অনেকেই আছে যারা বেশিদিনের ছুটি পায়না। তাঁরা হয়তো ভাবেন উত্তরবঙ্গ ঘোরা হলোনা। কিন্তু ব্যাপারটা এমন নয়। খুব বেশিদিনের না হলেও হাতে তিনচার দিনের ছুটি থাকলেই ঘুরে আসা যাবে উত্তরবঙ্গের কোচবিহার।

কোচবিহারের মূল আকর্ষণ রাজবাড়ি। এখন কোনো রাজা নেই তবে নিজের গরিমা বজায় রেখেছে ১৮৮৭ সালে নির্মিত এই প্রাসাদ। মহারাজা নৃপেন্দ্রনারায়ণের আমলে‌ এই রাজবাড়ি তৈরি হয়েছিল।‌

এখানে রয়েছে রাজা নৃপেন্দ্রনারায়ণের আমলেই তৈরি মদনমোহন মন্দির। এই মন্দিরের থেকেও পুরনো এক মন্দির রয়েছে বানেশ্বর মন্দির। রসিকবল নামের ছোটো চিড়িয়াখানা যা শীত আসলে পরিযায়ী পাখিদের ঠিকানা হয়ে ওঠে। এককথায়, অল্প কয়েকদিনের ছুটি পেলেই আপনার শীত জমজমাট।

Weather update: মেঘলা আকাশে উত্তরে ভারী, দক্ষিণে হালকা বৃষ্টির সম্ভাবনা

heavy rain in North bengal

নিউজ ডেস্ক: উত্তরবঙ্গে আজ সোমবারও ভারী বৃষ্টির হবে বলে জানিয়েছেন আলিপুর আবহাওয়া দফতর । ভারী বৃষ্টি হবে জলপাইগুড়ি, কোচবিহার ও আলিপুরদুয়ার জেলায়। বিক্ষিপ্ত ভারী বৃষ্টি হবে দার্জিলিং ও কালিম্পং জেলায়। পাহাড়ে বৃষ্টি কমতে পারে মঙ্গলবার থেকে। এমনটাই জানিয়েছে হাওয়া অফিস।

দক্ষিণবঙ্গে কেমন থাকবে আবহাওয়া? আবহাওয়াবিদরা জানাচ্ছেন আপাতত ভারী বৃষ্টির কোনও সর্তকতা নেই। তবে বিক্ষিপ্তভাবে দু-এক পশলা বৃষ্টিও হতে পারে । থাকবে আর্দ্রতা জনিত অস্বস্তিও।

কলকাতায় আজ, সোমবার আংশিক মেঘলা আকাশ থাকবে। দক্ষিণবঙ্গের অঙ্গ হিসাবে এখানেও বজ্রবিদ্যুৎ-সহ দু-এক পশলা বৃষ্টির হতে পারে। তাপমাত্রা থাকবে স্বাভাবিকের উপরে। আর্দ্রতাজনিত অস্বস্তিও বাড়বে। এটাই বাড়াবে বৃষ্টির সম্ভাবনা। সোমবার কলকাতার সর্বনিম্ন তাপমাত্রা ছিল ২৬.৬ ডিগ্রি সেলসিয়াস, যা স্বাভাবিকের থেকে যা ১ ডিগ্রি বেশি। আগামী কয়েকদিন বৃষ্টি হবে বিহার ও উত্তর-পূর্ব ভারতের রাজ্যগুলি-তে। অসম ও মেঘালয়ে ভারী থেকে অতি ভারী বর্ষণের পূর্বাভাস। ভারী বৃষ্টি হবে তামিলনাডু, কেরল, লাক্ষাদ্বীপ, কর্ণাটক, কোঙ্কন, গোয়া ও মহারাষ্ট্রে।

আবহাওয়া দফতর বলছে যে, অন্যান্য বছর সেপ্টেম্বরের তৃতীয় সপ্তাহেই বর্ষা বিদায়ের প্রক্রিয়া শুরু হয়। সে জায়গায় এবার অনেক দেরী করে বর্ষা বিদায়ের প্রক্রিয়া শুরু হচ্ছে।দিল্লির মৌসম ভবনের তরফে জানা গিয়েছে ৬ অক্টোবর মহালয়ার দিন থেকে থেকে, উত্তর পশ্চিম ভারতে বর্ষা বিদায়ের প্রক্রিয়া শুরু হচ্ছে। বাংলা থেকে তা কবে বিদায় নেবে তা এখনও জানা যায়নি।

প্রসঙ্গত এবারের বর্ষায় গাঙ্গেয় পশ্চিমবঙ্গে স্বাভাবিকের তুলনায় ৩১ শতাংশ বেশি বৃষ্টি হয়েছে। শুধু সেপ্টেম্বরেই কলকাতায় স্বাভাবিকের তুলনায় ৩১ শতাংশ বেশি বৃষ্টি হয়েছে বলে খবর।

Weather update: বহু দিন পর রোদের দেখা দক্ষিণে, ভাসবে উত্তরবঙ্গ

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নিউজ ডেস্ক: বহু দিন পর নির্মল রোদ যুক্ত সকাল দেখল শহর এবং দক্ষিণবঙ্গ। হ্যাঁ, এমনটা বললে খুব একটা ভুল হবে না কারণ দক্ষিণবঙ্গের মানুষ ভুলেই গিয়েছেন শেষ কবে সকাল।বেলা উঠে রোদ দেখতে পেয়েছেন। আজ তেমনটা হয়েছে। সৌজন্যে নিম্নচাপের উত্তরবঙ্গ গমন। এমনটাই জানাল আলিপুর আবহাওয়া দফতর।

তবে আজ শুক্রবারও কয়েক পশলা বৃষ্টির সম্ভাবনা থাকছে কারণ বর্ষার বিদায় এখনও শুরুই হয়নি সারা দেশে, বাংলা তো কোন ছাড়। তাই হঠাৎ করে বেশ কিছুক্ষণ বৃষ্টি হলে হতেই পারে।

যেমন বৃহস্পতিবার হঠাৎ করে দুপুরের দিকে তর্জন গর্জন শুরু হয় মেঘের এবং দুপুরবেলা হুড়মুড়িয়ে বেশ খানিকক্ষণ বৃষ্টি হয় দক্ষিণবঙ্গের বিভিন্ন জেলায়। আজ শুক্রবার কলকাতা ও দক্ষিণবঙ্গের জেলাগুলিতে হালকা বৃষ্টি হতে পারে তবে দুর্যোগের আবহ নেই বলেই জানিয়েছে আলিপুর আবহাওয়া দফতর।

এই বৃষ্টির জেরে তাপমাত্রা বেশ কিছুটা কমই রয়েছে।শুক্রবার সর্বনিম্ন তাপমাত্রা ২৬.২ ডিগ্রি সেলসিয়াস, যা স্বাভাবিক। সর্বোচ্চ তাপমাত্রা অনেকটা বেড়ে ৩২.৫ ডিগ্রি সেলসিয়াস হয়ে গিয়েছে , তবে তা এখনও স্বাভাবিকের থেকে এক ডিগ্রি কম রয়েছে। আর্দ্রতার পরিমাণ সর্বোচ্চ ৯৮ ও সর্বনিম্ন ৭০ শতাংশ। বৃহস্পতিবার সর্বনিম্ন তাপমাত্রা ছিল ২৫.৪ ডিগ্রি সেলসিয়াস, যা স্বাভাবিক। সর্বোচ্চ তাপমাত্রা ছিল ২৭.১ ডিগ্রি সেলসিয়াস, যা স্বাভাবিকের থেকে ছয় ডিগ্রি কম। আর্দ্রতার পরিমাণ ছিল সর্বোচ্চ ৯৮ ও সর্বনিম্ন ৯১ শতাংশ।

এদিকে আজ থেকে প্রবল বৃষ্টি হতে পারে ৪০ শতাংশ ঘাটতিতে চলা উত্তরবঙ্গে। আজ বেশি বৃষ্টি হবে মালদহ , উত্তর দিনাজপুর ও দক্ষিণ দিনাজপুরে। বৃষ্টি হতে পারে ৭০ থেকে ১১০ মিলিমিটার। এই জেলাগুলিতেই বৃষ্টি হতে পারে ২ অক্টোবরও। সর্বোচ্চ ২০০ মিলিমিটার বৃষ্টি হতে পারে। দার্জিলিং , কোচবিহার, কালিম্পঙ, জলপাইগুড়ি, আলিপুরদুয়ারে বৃষ্টি হতে পারে ৭০ থেকে ১১০ মিলিমিটার। ৩ অক্টোবর ৭০ থেকে ২০০ মিলিমিটার বৃষ্টি হতে পারে কোচবিহার, আলিপুরদুয়ারে। দার্জিলিং, কালিম্পঙ, জলপাইগুড়িতে ৭০ থেকে ১১০ মিলিমিটার বৃষ্টি হতে পারে।

Weather update: দক্ষিণে হালকা হয়ে এবার উত্তরে বাড়বে বৃষ্টি

কলকাতা: মঙ্গলবার সারাদিন বৃষ্টি হয়নি। তবে আজ বুধবারও আকাশ মেঘে ঢাকা রয়েছে দক্ষিণবঙ্গের। যার জেরে ভোররাত থেকে এদিন সকাল পর্যন্ত আরও একদফা বৃষ্টি হয়ে গেল। সবমিলিয়ে বৃষ্টি থেমেও পিছু ছাড়ছে না। নাগাড়ে বৃষ্টিতে বিপর্যস্ত অবস্থা শহর থেকে গ্রামের।

বুধবার থেকে আকাশ একটু পরিষ্কার হতে পারে বলে জানিয়েছিল হাওয়া অফিস। তা হয়েছে বটে তবে বৃষ্টির রেশ এখনও পুরোপুরি কাটেনি , সৌজন্যে মৌসুমি অক্ষরেখা।

বুধবার মূলত, পাহাড়ের সমস্ত জেলায় বেশি বৃষ্টির সম্ভাবনা রয়েছে বলে জানিয়েছে আবহাওয়া দফতর। হাওয়া অফিস জানিয়েছে, ঘূর্ণাবর্ত অন্য পথে সরেছে সঙ্গে মৌসুমী অক্ষরেখা ধীরে ধীরে সরে গিয়েছে উত্তরবঙ্গের দিকে। তাই হালকা থেকে মাঝারি ,কখনও ভারী বৃষ্টি হতে পারে দার্জিলিং, কার্শিয়াং, কালিম্পঙ, আলিপুরদুয়ার, শিলিগুড়ি, জলপাইগুড়ি, কোচবিহারে।

আবহাওয়াবিদ সঞ্জীব বন্দ্যোপাধ্যায় জানিয়েছেন, “উত্তর পশ্চিম বঙ্গোপসাগর থেকে গাঙ্গেয় পশ্চিমবঙ্গের উপরে থাকা ওই বিশাল ঘূর্ণাবর্ত এখন বাংলাদেশ উপকূলের দিকে বেশিরভাগটাই সরে গিয়েছে। তবে মৌসুমী অক্ষরেখা এখনও কিছুটা দক্ষিণবঙ্গের দিকে অবস্থান করছে তাই কলকাতায় বিক্ষিপ্ত বৃষ্টি হতে পারে”।

সোমবার দিনভর ৮৪.৯ মিলিমিটার বৃষ্টি হয়। মঙ্গলবার বৃষ্টির পরিমান ১.৫ মিলিমিটার। বুধবার সকাল পর্যন্ত বৃষ্টি হয়েছে ১.০ মিলিমিটার। টানা বৃষ্টিতে আজ বুধবার স্বাভাবিক রয়েছে কলকাতার তাপমাত্রা। এদিন কলকাতার সর্বনিম্ন তাপমাত্রা ২৪.৪ ডিগ্রি সেলসিয়াস, যা স্বাভাবিকের থেকে দুই ডিগ্রি কম। সর্বোচ্চ তাপমাত্রা ছিল ২৬.০ ডিগ্রি সেলসিয়াস, যা স্বাভাবিক। আর্দ্রতার পরিমান সর্বোচ্চ ৯৮ শতাংশ, সর্বনিম্ন ৮৩ শতাংশ। মঙ্গলবার কলকাতার সর্বনিম্ন তাপমাত্রা ছিল ২৪.৪ ডিগ্রি সেলসিয়াস, যা স্বাভাবিকের থেকে দুই ডিগ্রি কম। আর্দ্রতার পরিমান ছিল সর্বোচ্চ ৯৮ শতাংশ, সর্বনিম্ন ৯৬ শতাংশ।

Lungchu: মন ভালো করতে চলে যান পাহাড়ি গ্রামে

Lungchu

বিশেষ প্রতিবেদন: কাজ করতে করতে একঘেয়ে লাগছে। মনটা কোথাও ঘুরতে যেতে চাইছে? করোনা আবহে খুব দূরে না যেতে দিচ্ছে সবার। দূরে না যেতে পারি অন্তত কাছেপিঠেই কোথাও… এইভেবেই ঝোলা কাঁধে বেরিয়ে পড়ছেন অনেকেই।  সেরকমই একটি ছোট্ট কিন্তু সুন্দর জায়গা হল উত্তরবঙ্গের (North Bengal)  লুংচু (Lungchu)। এখন পর্যন্ত খুব বেশি পর্যটক লুংচুর কথা জানেন না। ফলে এখানে হইচই, ভিড়, কোলাহল কিছুই নেই বললেই চলে। চলে যান এই পাহাড়ি গ্রামে। মন ভালো হয়ে যাবে।

Lungchu

না সিকিম নয়, পশ্চিমবঙ্গেই রয়েছে এই পাহাড়ি গ্রাম। আবহাওয়া ভালো থাকলে এখানে পর্দা সরালেই দেখা যায় ঝকঝকে কাঞ্চনজঙ্ঘা। লুংচু একদমই অন্যরকমের গ্রাম।

কালিম্পং এর এক অচেনা পাহাড়ি গ্রাম এই লুংচু। লাভা থেকে মাত্র ১২ কিলোমিটার দূরে কোলাখাম এর একদম গায়ে অবস্থিত এই গ্রাম। এই লুংচুর বিশেষত্ব আছে অনেক। এখানে পাবেন পরিষ্কার নীল আকাশ, সামনে দাঁড়িয়ে থাকা কাঞ্চনজঙ্ঘার অপরূপ দৃশ্য, নানান চেনা-অচেনা পাখি, পাইন ওকের সমাগম, নাম না জানা পাহাড়ি ফুল আর পাবেন মনকে শান্ত করে দেওয়া নির্জনতা, যেখানে নতুন করে নিজেকে খুঁজে পাওয়া যায়।
কোথায় থাকবেন?

বলাই বাহুল্য এখানে কোন হোটেল পাবেন না। সর্বসাকুল্যে একটাই ভালো হোমস্টে রয়েছে নাম – “লুংচু নেচার স্টে”।

হোমস্টের খরচ সিজিনের ওপর কিছুটা নির্ভর করে তবে এখানকার খরচ ১৫০০ টাকা – ১৮০০ টাকার মধ্যে (মাথাপিছু) সমস্ত মিলসহ, অর্থাৎ ফুডিং এন্ড লজিং। বুকিংয়ের এর জন্য যোগাযোগ করতে পারেন – 9836749949 নম্বরে। কিভাবে যাবেন? এন.জে.পি থেকে গাড়ি ভাড়া করে এই হোমস্টে পর্যন্ত পৌঁছে যেতে পারবেন।।

কোথায় কোথায় ঘুরবেন?
ছাঙ্গি ফলস, কোলাখাম, লাভা মনেস্ট্রি, লোলেগাঁও ক্যানোপি ওয়াক, রিষিখোলা নদী, ডেলো পাহাড় ইত্যাদি এবং কালিম্পং এর আশেপাশে ঘোরার জায়গা গুলো।

তালিবান সরকারের অংশীদার হাক্কানি নেটওয়ার্ক সক্রিয় নেপাল থেকে উত্তরবঙ্গে

ISI backed afghan mikitant group Haqqani network

বিশেষ প্রতিবদেন: আফগানিস্তানে দ্বিতীয় তালিবান সরকারের অর্থমন্ত্রকের দায়িত্ব পেতে চলেছে হাক্কানি নেটওয়ার্ক জঙ্গি সংগঠন। এই সংগঠন পাকিস্তানের গুপ্তচর সংস্থা আইএসআই মদতপুষ্ট। কাবুলে তালিবান প্রতিনিধিদের সঙ্গে প্রাক্তন আফগান প্রেসিডেন্ট হামিদ কারজাইয়ের বৈঠকে হাক্কানি নেটওয়ার্কের প্রধান আনাস হাক্কানির ছবি দেখা গিয়েছে।

গোয়েন্দা কর্মকর্তাদের আশঙ্কা, যেহেতু হাক্কানি নেটওয়ার্ক দক্ষিণ এশিয়ার বিভিন্ন জঙ্গি ও বিচ্ছিন্নতাবাদী সংগঠনের সঙ্গে সংযোগ রাখে ফলে তাদের ততপরতা বাড়বে উত্তরবঙ্গে। সূত্র মারফত জানা যাচ্ছে নেপালে থাকা হাক্কানি এজেন্টরা ফের সক্রিয়। তারা পশ্চিমবঙ্গের বিচ্ছিন্নতাবাদী সংগঠনকে উস্কানি দিতে তৈরি। একইভাবে উত্তর পূর্ব ভারতের বিভিন্ন বিচ্ছিন্নতাবাদী সংগঠনের সঙ্গে হাক্কানি নেটওয়ার্কের যোগাযোগ আছে।
নেপালের সংলগ্ন উত্তরবঙ্গের দার্জিলিং জেলা। দার্জিলিং সংলগ্ন কালিম্পং, জলপাইগুড়ি, কোচবিহার, আলিপুরদুয়ার জেলার স্থানীয় বিচ্ছিন্নতাবাদী গোষ্ঠীর সাম্প্রতিক ততপরতা লক্ষ্য করা যাচ্ছে বলেই গোয়েন্দা বিভাগের অনুমান।

তাৎপর্যপূর্ন দুটি ঘটনা,
প্রথমত, ফের সক্রিয় হতে দেখা গিয়েছে কামতাপুর লিবারেশন অর্গানাইজেশন (KLO) সংগঠনকে। আত্মগোপনে থাকা বিচ্ছিন্নতাবাদী নেতা জীবন সিংহ সরাসরি ভিডিও বার্তায় পশ্চিমবঙ্গ সরকারকে হুমকি দিয়েছে। কেএলও এমন সময়ে হুমকি দেয় যখম তালিবান ও আফগান সরকারের মধ্যে সংঘর্ষ চলছিল।

দ্বিতীয়ত, অনেকটা কাকতালীয় হলেও গত রবিবার যখন কাবুল দখল করছিল তালিবান জঙ্গিরা, ঠিক সেই সময় মেঘালয়ের রাজধানী শিলং ছিল বিচ্ছিন্নতাবাদী এইচএনএলসি (HNLC) সংগঠনের হামলায় বিপর্যস্ত। নিরাপত্তারক্ষী ও পুলিশ ছিল অসহায়। তবে সংগঠনটির অভিযোগ তাদের নেতা অসুস্থ চেস্টারফিল্ডকে ঠান্ডা মাথায় এনকউন্টার করা হয়েছে। তারই প্রতিবাদ হয়েছে।

গোয়েন্দা কর্মকর্তারা দুটি ঘটনাকে তলিয়ে দেখছেন। তাঁদের অনেকের আশঙ্কা, উত্তরবঙ্গ ও উত্তর পূর্ব ভারতের বিচ্ছিন্নতাবাদী গোষ্ঠিগুলির সঙ্গে হাক্কানি নেটওয়ার্কের একটা সংযোগ আগে থেকেই রয়েছে। আফগানিস্তানের ক্ষমতা তাদের হাতে চলে গিয়েছে। স্বাভাবিকভাবেই এই সংগঠন ভারতের বিচ্ছিন্নতাবাদী সংগঠনগুলিকে উস্কানি দেবে।

উত্তর পূর্বাঞ্চলের সবকটি রাজ্যের বিচ্ছিন্নতাবাদী সংগঠনগুলি গত কয়েকমাসে বিশেষ সক্রিয়। দীর্ঘ দেড় দশক বাদে ত্রিপুরার বিচ্ছিন্নতাবাদী সংগঠন ন্যাশনাল লিবারেশন ফ্রন্ট অফ ত্রিপুরা (NLFT) গুলি চালিয়েছে। তাদের গুলিতে দুই বিএসএফ জওয়ানের মৃত্যু হয়। গত কয়েকমাস ধরেই উত্তরপূর্বের বিভিন্ন বিচ্ছিন্নতাবাদী গোষ্ঠির ততপরতা বেশি। ত্রিপুরা ও মিজোরা সীমানায় বিরাট আগ্নেয়াস্ত্র চালান ধরা পড়ে। বাংলাদেশের অতি নিকটে এই চোরাচালান চলছিল। হাক্কানি নেট ওয়ার্ক বাংলাদেশে সক্রিয়।

গোয়েন্দা কর্মকর্তাদের বিশ্লেষণে উঠে এসেছে যেহেতু উত্তর পূর্বের প্রথম সারির বিচ্ছিন্নতাবাদী নেতৃত্ব চিন ও মায়ানমারে থাকে, ফলে হাক্কানির পক্ষে তাদের সঙ্গে ‘কনটাক্ট’ করা সহজ। নেপাল সরকারের কাছে হাক্কানি নেটওয়ার্ক বিষয়ে সতর্কবার্তা রয়েছে। কিন্তু নেপালেও রাজনৈতিক টালমাটাল পরিস্থিতি। এই সুযোগ নেবে আফগানিস্তান সরকারের শরিক হাক্কানি নেটওয়ার্ক জঙ্গি গোষ্ঠী।

সম্প্রতি সরকার বদল হয়েছে নেপালে। নেপালি কমিউনিস্ট পার্টির নির্বাচিত সাংসদদের বড় অংশ সমর্থন হারান ওলি। আস্থাভোটে পরাজিত হন। সরকারে এসেছে নেপালি কংগ্রেস। তবে এই সরকার নড়বড়ে। নেপালের প্রধানমন্ত্রী থাকাকালীন কে পি ওলির সঙ্গে চিনের অতিরিক্ত সখ্যতা নিয়ে কাঠমাণ্ডু ও নয়াদিল্লির মধ্যে সম্পর্ক বারে বারে গরম হয়। একইভাবে নেপালের অভ্যন্তরে চিনা কূটনীতিকর বড়সড় প্রভাব পড়ে। চিন এখন আফগানিস্তানের তালিবান সরকারের প্রতি নরম।

নেপালে বরাবর সক্রিয় পাক গুপ্তচর সংস্থা আইএসআই। তাদের মদত পায় হাক্কানি নেটওয়ার্ক। নেপাল থেকে তারা নাশকতার পরিকল্পনা করবে বলেই আশঙ্কা। আফগানিস্তানে প্রথম তালিবান সরকারের (১৯৯৬-২০০১) আমলে ইন্ডিয়ান এয়ারলাইন্সের IC814 বিমান অপহরণ কাঠমাণ্ডু থেকেই হয়েছিল। কান্দাহারে সেই বিমান নামায় পাক জঙ্গিরা। মাসুদ আজাহারের মুক্তির বিনিময়ে যাত্রীদের ছাড়ায় ভারত সরকার।