जितिया पर्व के दिन मचा हाहाकार, 30 से अधिक महिलाओं और बच्चों की डूबने से मौत

पटना : बिहार की नदियों का जलस्तर इन दिनों बढ़ा हुआ है। मौसम का मिजाज बदला और बारिश ने दस्तक दी तो तालाब व अन्य जलाशयों का भी पेट भर गया। इधर, प्रदेश में डूबने की घटनाएं भी तेजी से बढ़ी हैं। बीते कुछ दिनों में अलग-अलग जिलों में डूबने से मौत की संख्या तेजी से बढ़ी। बुधवार को जितिया व्रत के लिए नहाने गये 30 से अधिक लोगों की मौत डूबने से हो गयी। करीब आधा दर्जन जिलों में ये हादसे हुए हैं। बच्चे व महिलाओं की मौत इन हादसों में हुए हैं। सबसे अधिक औरंगाबाद से मौत के मामले सामने आये। यहां आठ बच्चों की मौत डूबने से हो गयी।

बिहार में डूबने से 30 से अधिक लोगों की मौत बुधवार को हुई। औरंगाबाद में 8, कैमूर में 7, सारण, पटना व पूर्वी चंपारण में 5-5, पश्चिमी चंपारण में 3 समेत मधेपुरा व अन्य जिलों में भी डूबने से लोगों की मौत हुई. औरंगाबाद के मदनपुर और बारूण प्रखंड में आठ बच्चों की मौत डूबने से हो गयी। सभी मृतक बच्चे 8 से 14 साल के बीच के हैं। कैमूर में अलग-अलग जगहों में हादसे हुए। पूर्वी चंपारण के हादसे में मां-बेटी समेत पांच लोगों की जान गयी। पटना में जितिया पर्व के दौरान नहाने गयी चार महिलाएं डूब गयीं जिनमें केवल एक ही महिला का शव मिल सका।

कैमूर के कुदरा थाना क्षेत्र के सकरी बांध के पास बुधवार की शाम जिउतिया पर्व पर अपनी माता व परिजनों के साथ स्नान करने के दौरान एक पांच वर्षीय बच्चे की नहर में डूबने से मौत हो गयी. मृतक बच्चा सकरी गांव के संतोष खरवार का पुत्र बताया जाता है। जानकारी के अनुसार, सकरी गांव की दर्जनों महिलाएं अपने बच्चों के साथ बांध पर स्नान करने गयी थीं। उसी क्रम में बच्चों के साथ स्नान करने के दौरान बच्चा गहरे पानी में चला गया। इससे बच्चे की मौत हो गयी।

रामगढ़ थाना क्षेत्र में भी बुधवार की शाम हादसा हुआ। थाना क्षेत्र के अभैदे गांव में जिउतिया स्नान के दौरान मां के साथ सरोवर गये 17 वर्षीय किशोर की तालाब में डूबकर मौत हो गयी। मृतक विनोद सिंह का पुत्र सुमित कुमार बताया गया है। अभैदे गांव से सटे सरोवर में जिउतिया पर्व को लेकर बुधवार की देर शाम व्रती माताएं तालाब घाट पर पूजा कर रही थीं। इसी दोरान जीर्णोद्घार हुए सरोवर में स्नान के दौरान सुमित अचानक गहरे पानी में डूबने लगा। यह देख ग्रामीणों ने उसे बचाने का भरपूर प्रयास किया, किंतु वह गहरे पानी में चला गया. जिले में कई अन्य हादसे हुए।

औरंगाबाद जिले के मदनपुर और बारुण प्रखंड में हुई हृदयविदारक घटना में आठ बच्चों की मौत हो गयी। सभी की उम्र आठ से 14 साल के बीच की है। मदनपुर प्रखंड के कुशा गांव स्थित खजूर आहर में जिउतिया का स्नान करने गये महिलाओं के साथ पांच बच्चे डूबने लगे, जिसमें एक बच्ची को बचा लिया गया. जबकि, चार बच्चों की मौत हो गयी। दो सगी बहनें भी हादसे का शिकार बनीं।

जानकारी के अनुसार, बिहार में जीतिया त्योहार के दौरान अलग-अलग घटनाओं में नदियों और तालाबों में स्नान करते समय 37 बच्चों समेत 43 लोगों की डूबने से मौत हुई है। जबकि तीन अन्य लापता हो गए। राज्य सरकार ने बृहस्पतिवार को एक बयान में यह जानकारी दी। ये घटनाएं बुधवार को त्योहार के दौरान राज्य के 15 जिलों में हुईं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने औरंगाबाद जिला अंतर्गत मदनपुर प्रखंड के कुशहा गांव में चार बच्चों सहित बारूण प्रखंड के इटहट गांव में तीन बच्चों की नहाने के दौरान डूबने से मौत पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने बुधवार को कहा कि यह दुर्घटना काफी दुखद है और वे इस घटना से मर्माहत हैं।

मुख्यमंत्री ने मृतकों के आश्रितों को चार–चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि अविलंब उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। साथ ही मृतकों के परिजनों को दुख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

दो लाख देकर “IPS” बनने वाले की इच्छा है “डॉक्टर” बन लोगों की करे सेवा

पटना :10वीं पास मिथिलेश कुमार फर्जी तरीके से आईपीएस अधिकारी बन चुके हैं। अब उनकी आगे इच्छा डॉक्टर बनने की है। दो लाख रुपये देकर आईपीएस अधिकारी बनने वाले मिथिलेश कुमार अब डॉक्टर बनना चाहते हैं। अब उन्हें पुलिस वाला नहीं बनना है। डॉक्टर बनना है। डॉक्टर बनने के पीछे मिथिलेश ने जो कारण बताया वो भी बहुत खास है। एक साक्षात्कार में मिथिलेश ने कहा, “अब पुलिस वाला नहीं बनेंगे। उ सब नहीं बनना है। हां डॉक्टर बनना है। सबका इलाज करना है।” 19 साल के मिथिलेश कुमार लखीसराय जिले के हलसी थाना क्षेत्र के गोवर्धन बीघा गांव के निवासी हैं। आईपीएस की ड्रेस में घूमने के बाद मिथिलेश को पिछले दिनों गिरफ्तार कर लिया गया था।

उसने पुलिस को बताया कि खैरा इलाके के मनोज सिंह नाम के एक व्यक्ति ने उसे पुलिस में नौकरी लगाने का ऑफर दिया था और इसके लिए उससे दो लाख तीस हजार रुपये की मांग की गई थी। इसके लिए मिथिलेश ने अपने मामा से दो लाख रुपये लेकर मनोज सिंह को दिए, ताकि उसकी नौकरी पुलिस में लग जाए। दो लाख रुपये लेने के बाद मनोज सिंह ने उसके शरीर का नाप लिया और उसके दूसरे दिन बुलाकर उसे आईपीएस की वर्दी, आईपीएस का बैच और नकली पिस्टल दिया। मिथिलेश वर्दी पहनकर खुशी-खुशी अपने घर गया और अपनी मां से आशीर्वाद लेकर फिर मनोज सिंह से मिलने निकल पड़ा।

पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान मिथिलेश ने बताया कि मनोज सिंह ने उसे कहा कि उसकी आईपीएस में नौकरी लग गई है। वर्दी पहन कर हलसी थाने में अपना योगदान दे दे। मिथिलेश ने पुलिस को बताया कि वह वर्दी पहनकर और कमर में लाइटर पिस्तौल रख कर अपनी बाइक से हलसी थाना जा रहा था। मगर, इसी दौरान मनोज सिंह ने उसे अपने घर बुलाया बाकी के तीस हजार रुपये की मांग की। मिथिलेश उससे मिलने जा रहा था। रास्ते में कुछ देर के लिए सिकंदरा चौक पर रुका, तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में सिकंदरा थाने में पदस्थापित सब इंस्पेक्टर मोजम्मिल अंसारी के लिखित आवेदन के आधार पर मिथिलेश कुमार और मनोज सिंह को आरोपित बनाया गया है। जमुई के डीएसपी सतीश सुमन ने कहा, “सात या सात साल से कम सजा वाले मामले में गिरफ्तारी अनिवार्य नहीं है। फर्जी आईपीएस वाले मामले में आरोपी मिथिलेश कुमार को इसी के तहत बॉन्ड भरवा कर जेल न भेजते हुए छोड़ा जा रहा है।” पुलिस पूरे मामले की गंभीरतापूर्वक जांच कर रही है और जांच के दौरान जिन लोगों को भी इस मामले में संलिप्त पाया जाएगा, उन्हें आरोपी बनाकर कार्रवाई की जाएगी।

लखनऊ-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव

लखनऊ: उत्तरप्रदेश के वाराणसी में गुरुवार को लखनऊ-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव किया गया है। जिससे ट्रेन के एक कोच की खिड़की क्षतिग्रस्त बताई जा रही है। ट्रेन पर पथराव की इस घटना में अभी तक किसी यात्री के घायल होने की खबर नहीं है। पुलिस ने इस घटना के संबंध में जांच शुरू कर दी है।

घटना उस समय की बताई जा रही है जब ट्रेन वाराणसी से रवाना हो रही थी। घटना में C5 कोच की खिड़की क्षतिग्रस्त बताई जा रही है।

22345/22346 पटना-गोमती नगर (लखनऊ) वंदे भारत एक्सप्रेस भारत की 51वीं वंदे भारत एक्सप्रेस है, जो पटना से लखनऊ के बीच चलती है. इस सेमी हाई-स्पीड ट्रेन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी साल 12 मार्च को अहमदाबाद से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया था।

नेपाल में भारी बारिश, बिहार में हाइअलर्ट

पटना : नेपाल में हो रही जोरदार बारिश के कारण गंडक नदी का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है. नदी गोपालगंज में खतरे के निशान से 85 सेमी ऊपर बह रही है। गुरुवार की सुबह सात बजे वाल्मीकिनगर बराज से 1.80 लाख 600 क्यूसेक डिस्चार्ज रहा, जो शाम छह बजे 2.51 क्यूसेक हो गया है।

गंडक नदी का जल स्तर के तेजी से बढ़ने के कारण तटबंधों पर जहां दबाव बढ़ने लगा है। शुक्रवार को गांवों में पानी और बढ़ने की आशंका है. वहीं निचले इलाके के 43 गांवों के 65 लाख की आबादी के सामन बाढ़ की त्रासदी शुरू होने के आसार है। पिछले छह दिनों से नदी में आयी बाढ़ से गांव पहले से ही घिरे हुए हैं। जिले के छह प्रखंडों के 43 गांवों बाढ़ से घिर गये थे। अभी पानी सड़कों से पूरी तरह से हटा भी नहीं था कि शुक्रवार को पानी और बढ़ेगा। गांवों का संपर्क शहर से कट गया है।

जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख ने नेपाल के पोखरा में 174 एमएम बारिश होने से गंडक नदी में जल स्तर के बढ़ने से अलर्ट जारी किया है. इससे तटबंधों पर निगरानी को बढ़ाया गया है. डीएम मो मकसूद आलम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। बचाव कार्यों स्टाॅक की समीक्षा कर जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों को हाइअलर्ट मोड में संवेदकों के साथ मुस्तैद रहने का आदेश दिया।

मुख्य अभियंता संजय कुमार, बाढ़ संघर्षात्मक बल के अध्यक्ष नवल किशोर सिंह, कार्यपालक अभियंता प्रमोद कुमार, जबकि पतहरा में अभियंता ऋषभ कुमार, टंडसपुर में निगरानी में थे. बांध को सुरक्षित रखना विभाग की चुनौती है। पानी के घटते-बढ़ते रहने से बचाव कार्यों के भी नदी में समा जाने का खतरा बना है।

विभाग ने तटबंधों को पूरी तरह से सुरक्षित होने का दावा किया है. तटबंधों पर भी काफी दबाव बढ़ा हुआ है। जिले के निचले इलाके में रहने वाले 43 गांवों के लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गयी हैं। गांव चारों तरफ से घिरे हुए हैं। आने-जाने के सभी मार्ग ध्वस्त हो चुके है. स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र में भी पानी भर चुका है। अब नाव ही एकमात्र सहारा बची है।

घरों में राशन व सब्जियों के भी दिक्कत होने लगी है। बच्चों को लोग स्कूल जान को जोखिम में डालकर पहुंचा रहे है। खेतों में पानी लगने के कारण पशुओं को चारा लाना भी किसानों के लिए बड़ी चुनौती है. सदर प्रखंड के कटघटरवां, हीरापाकड़, मेहंदियां, रामपुर टेंगराही, बरइपट्टी, पतहरा, सेमराही, निरंजना,धूप सागर, धर्मपुर, भगवानपुर, रामनगर, मकसुदपुर कुचायकोट में सिपाया टोला वार्ड नं 7, भसही, मांझा प्रखंड के निमुइया, माघी, मगुरहां, भैंसही एवं पुरैना सिधवलिया के बंजरिया समेत जिले के 43 गांवों पानी से घिरा है।

गंडक नदी के बाढ़ से छह प्रखंडों के 3.64 लाख की आबादी हर साल पीड़ित होती है। नदी के जल स्तर दो लाख क्यूसेक पर पहुंचते ही 43 गांव जो बांध व नदी के बीच में बसा है, वे घिर जाता है। घरों में पानी की लहरें उठती हैं। लोगों को छतों व छप्परों पर गुजारा करना पड़ता है। जो गांव से निकल गये, तो बांध पर चार माह काटने को मजबूर होते हैं। पिछले चार दशक से यह सिलसिला जारी है। इसका स्थायी समाधान नहीं होने के कारण लोगों के सामने इस वर्ष फिर नदी तबाही मचाने को आतुर है। लोग चार माह के लिए खानाबदोश की जिंदगी जीने को मजबूर हैं।

महिला चिकित्सक ने वार्ड पार्षद का काटा गुप्तांग काट नाले में बहाया

पटना: सारण जिले के मढ़ौरा में एक निजी अस्पताल की कथित महिला चिकित्सक ने सोमवार को नगर पंचायत वार्ड संख्या- 12 के पार्षद प्रेमी वेद प्रकाश का गुप्तांग काटकर बाथरूम के नाले में बहा दिया। घटना की जानकारी मिलते हीं पुलिस मौके पर पहुंची। फिर, जख्मी वार्ड पार्षद को इलाज के लिए छपरा सदर अस्पताल भेजा गया।

वहीं, महिला चिकित्सक को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। महिला चिकित्सक का कहना है कि वार्ड पार्षद वेद प्रकाश से उसका पिछले दो सालों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस दौरान, वह कई बार शादी करने का झूठा आश्वासन देकर यौन संबंध बनाता था और फरार हो जाता था। दो बार गर्भपात भी करना पड़ा, लेकिन इसके बाद भी उसने शादी नहीं की।

महिला चिकित्सक ने पुलिस से बताया कि कोर्ट मैरिज के लिए कागज तैयार हो गया था उसके बाद भी वह नहीं पहुंचा। मैं अपने भाई राहुल कुमार से भी उसको मिलवाई शादी की बात बन गई थी। इसके बाद वार्ड पार्षद वेद प्रकाश 30 जून को शादी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन शादी नहीं की।

प्रेमी मिलने पहुंचा तो महिला चिकित्सक ने उसका गुप्तांग काट के बाथरूम के नाले में बहा दिया। महिला चिकित्सक ने पुलिस को बताया कि करीब वार्ड पार्षद ने तीन-चार बार शादी का डेट फिक्स किया और पहुंचा नहीं। इसलिए मैंने यह कदम उठाया. सारण के मढ़ौरा में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

पटना में गंगा दशहरा के दिन बाढ़ में पलटी नाव, 16 लोग लपता

पटना : पटना के बाढ़ क्षेत्र में गंगा दशहरा के दिन बड़ा हादसा हुआ है। गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ हर जगह रविवार को उमड़ी रही। वहीं बाढ़ क्षेत्र में गंगा में एक नाव पलटने की जानकारी सामने आयी है। घटना उमानाथ घाट के पास घटित हुई है। घाट पर मौजूद लोगों का कहना है कि बड़ी संख्या में लोग उस नाव में सवार थे।

मिल रही जानकारी के अनुसार, गंगा दशहरा के दिन श्रद्धालु बड़ी तादाद में गंगा स्नान करने के लिए यहां जुटे थे। गंगा के दोनों तरफ श्रद्धालुओं का तांता यहां लगा हुआ था। गंगा में कई नावें भी चल रही थीं और लोग इसपार से उसपार आ-जा रहे थे। इसी दौरान एक नाव अनियंत्रित हो गयी और बीच गंगा में डूब गयी. उमानाथ घाट के पास इस हादसे की सूचना है।

घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों का कहना है कि नाव पर करीब 25 लोग चढ़े हुए थे। बीच धार में जाकर नाव पलट गयी। इस दौरान कई लोगों ने तैरकर अपनी जान भी बचायी। हालांकि अपुष्ट जानकारी ये भी दी जा रही है कि कई लोग गंगा में डूबकर लापता हो गये हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गयी है।

वहीं नाव पलटने की खबर से घाट किनारे स्नान कर रहे श्रद्धालुओं में भी हड़कंप मच गया. इधर प्रशासन को इस घटना की जानकारी मिली तो टीम एक्शन में आयी। मिली जानकारी के अनुसार, गंगा में लापता हुए लोगों की खोज जारी है। 

चकाई-देवघर मार्ग पर भीषण सड़क हादसा,तीन लोगों की मौत

जमुई:  बिहार के जमुई जिले के चंद्रमंडीह थाना क्षेत्र के चकाई-देवघर मुख्य मार्ग पर चंद्रमंडीह थाना क्षेत्र के अंडीडीह गांव के समीप मंगलवार की अहले सुबह एक अनियंत्रित कार के सड़क किनारे पलट जाने से उसपर सवार सभी तीन लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। सभी मृतक पटना के गर्दनीबाग मुहल्ले के निवासी बताए जाते हैं।

वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद चंद्रमंडीह पुलिस मौके पर पहुंची एवं तीनों को कार से बाहर निकालकर चकाई रेफरल अस्पताल लेकर आई। जहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। इधर, पुलिस द्वारा घटना की जानकारी मोबाइल के माध्यम से परिजनों को दी गई है।

पिछले माह भी इस मार्ग पर ऐसा ही एक भीषण हादसा हुआ था। बसबुटिया गांव के पास एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से बुरी तरह से टकरा गई थी। इस हादसे में कार में सवार दो जुड़वा भाई-बहन और एक बुजुर्ग महिला सहित तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का चकाई और देवघर अस्पताल में इलाज हुआ। मृतकों की पहचान आरा जिला के चरपोखरी थाना क्षेत्र के नवादा गांव निवासी नरेंद्र कुमार के बेटे अभिनंदन कुमार (5) और बेटी नंदनी कुमारी (5) के रूप में हुई, जबकि घायलों में मृत बच्चों की मां नेहा कुमारी, कार चालक रोहित कुमार, मीना कुमारी, आनंद कुमार ग्राम मानिनी थाना चरवापुरी जिला आरा और रोहतास की बभनी देवी पति रामप्रवेश यादव के रूप में हुई।

इस हादसे का चश्मदीद राधा कृष्ण ढाबा के संचालक जामुन यादव ने बताया कि वह अपने होटल के सामने सड़क किनारे सोए हुए थे। तभी अचानक तेज आवाज हुई तो देखा कि यूकेलिप्टस (सफेदा) के पेड़ से एक कार टकरा गई है और उस पर सवार लोग अंदर फंसकर चीख-चिल्ला रहे हैं। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई और स्थानीय लोगों के सहयोग से कार में फंसे घायलों को निकाला गया। इसमें एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बच्चे और एक महिला की देवघर सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। सभी मुंडन में शामिल होकर लौट रहे थे।

4 जून के बाद नीतीश कुमार का बड़ा फैसला, तेजस्वी यादव के नए दावे से हलचल तेज

पटना : तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी पार्टी को बचाने के लिए 4 जून के बाद कोई भी बड़ा फैसला ले सकते हैं। इस बयान के बाद बिहार में सियासी हलचल तेज हो गई है। पूर्व डिप्टी सीएम और राष्ट्रीय जनता दल  के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा दावा किया है।

तेजस्वी ने कहा कि उनके चाचा यानी सीएम नीतीश 4 जून के बाद कोई भी बड़ा फैसला ले सकते हैं। नीतीश अपनी पार्टी बचाने और पिछड़ों की राजनीति के लिए कोई भी कदम उठा सकते हैं। तेजस्वी के इस बयान के बाद बिहार में सियासी हलचल तेज हो गई है। उनके दावे से बिहार में सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट भी बढ़ने लगी है, हालांकि, सीएम नीतीश कुमार कई बार कह चुके हैं कि वह बीजेपी का साथ छोड़कर कहीं नहीं जाने वाले हैं।

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान मंगलवार को बड़ा दावा किया। तेजस्वी से पत्रकारों ने पूछा कि क्या नीतीश उनके साथ आएंगे? इस पर उन्होंने जवाब दिया कि 4 जून तक इंतजार कीजिए। जब सीएम नीतीश कुमार कोई बड़ा फैसला लेंगे, तब देखेंगे।

आप को बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने इसी साल लोकसभा चुनाव से पहले आरजेडी का साथ छोड़कर एनडीए में वापसी की थी। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कई रैलियां कीं। इन सभाओं में नीतीश कुमार ने पीएम मोदी को भरोसा दिलाया कि वह बीच में दो बार भटक गए थे, अब बीजेपी का साथ छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे।

वहीं, दूसरी ओर इंडिया गठबंधन के कर्ता-धर्ता रहे नीतीश कुमार के जाने के बाद भी तेजस्वी ने उनके लिए आरजेडी के दरवाजे खुले रखे। तेजस्वी अक्सर अपने बयानों में कहते हैं कि उनके चाचा नीतीश कुमार अभिभावक जैसे हैं। वह पहले भी उनका सम्मान करते थे और आगे भी करते रहेंगे। पिछले दिनों पटना में पीएम नरेंद्र मोदी के रोड शो के दौरान सीएम नीतीश द्वारा बीजेपी का सिंबल थामे जाने पर भी तेजस्वी ने कहा था कि बीजेपी ने मुख्यमंत्री को हाइजैक कर लिया है।

রাজনৈতিক চমকের অপেক্ষায় বিহার, তিন বছর পর পাটনায় ফিরছেন লালুপ্রসাদ

Lalu Prasad

News Desk: দীর্ঘ তিন বছর পর পাটনায় ফিরছেন প্রাক্তন রেলমন্ত্রী তথা আরজেডি নেতা লালু প্রসাদ যাদব। পশুখাদ্য কেলেঙ্কারিতে দোষী সাব্যস্ত হয়ে দীর্ঘদিন জেলবন্দি ছিলেন তিনি। জামিনে মুক্তি মিললেও শারীরিক অসুস্থতার কারণে দীর্ঘদিন ভর্তি ছিলেন দিল্লির এইমসে।

এসব কারণে টানা তিন বছর লালু বিহারের বাইরে ছিলেন। রবিবার সন্ধ্যায় স্ত্রী তথা রাজ্যের প্রাক্তন মুখ্যমন্ত্রী রাবড়ি দেবী এবং মেয়ে মিশাকে নিয়ে দিল্লি থেকে পাটনায় ফিরবেন তিনি। লালুর ফেরার অপেক্ষায় টানটান উত্তেজনা পাটনায়। একই সঙ্গে আরজেডির সদর দফতরেও।

রাজনৈতিক মহল মনে করছে, রাজ্যে ফিরে ফিরে বড় কোনও চমক দিতে পারেন লালু। এই মুহূর্তে নীতীশ কুমারের নেতৃত্বাধীন জেডিইউ ও বিজেপি জোট রাজ্যে ক্ষমতায় থাকলেও সরকারের হাতে প্রয়োজনীয় বিধায়ক সংখ্যা খুব বেশি নেই। একটু এদিক ওদিক হলে অর্থাৎ কয়েক জন বিধায়ক এই জোট ছেড়ে বেরিয়ে এলেই নীতীশ সরকারের পতন হতে পারে।

এরই মধ্যে রাজ্যের দুটি বিধানসভা কেন্দ্রে উপ নির্বাচন হচ্ছে। লালুপ্রসাদের মহাজোট ছেড়ে ইতিমধ্যেই বেরিয়ে গিয়েছে কংগ্রেস। এই দুই উপনির্বাচনে কংগ্রেস আলাদা করে লড়াইও করছে। এই অবস্থায় বহু যুদ্ধের নায়ক লালু কতটা চমক দিতে পারেন তার অপেক্ষায় প্রহর গুনছে রাজনৈতিক মহল। তাদের অনুমান, লালুপ্রসাদ রাজ্যে ফিরলে ঘোড়া কেনাবেচা শুরু হতে পারে। সেক্ষেত্রে জেডিইউ- বিজেপি সরকার ভেঙে গেলে ক্ষমতা দখল করতে পারে লালুপ্রসাদের আরজেডি। তবে শেষ পর্যন্ত কি হয় তা দেখার অপেক্ষায় রয়েছে গোটা দেশ।

দীর্ঘদিন জেলে কাটানো এবং বিভিন্ন রোগের কারণে লালুর শারীরিক অবস্থা অবশ্য বেশ দুর্বল। যদিও এইমসের চিকিৎসকরা লালুকে পাটনা ফিরে যাওয়ার অনুমতি দিয়েছেন। লালুপ্রসাদ বিজেপি- জেডিইউ জোটে ফাটল ধরাতে পারেন এমন আশঙ্কা থাকলেও, তাঁর নিজের সংসারেও চলছে ক্ষমতার দ্বন্দ্ব। লালুপ্রসাদ বরাবরই তাঁর ছোট ছেলে তেজস্বী যাদবকে গুরুত্ব দিয়ে থাকেন। অন্যদিকে তাঁর স্ত্রী রাবড়ি দেবী বড় ছেলে তেজপ্রতাপকে আলাদা গুরুত্ব দেন।

লালুপ্রসাদের এই দুই ছেলের দ্বন্দ্ব আরজেডিতে প্রবল। কয়েকদিন আগে লালুর বড় ছেলে তেজপ্রতাপ অভিযোগ করেছিলেন, ভাই তেজস্বী তাঁর বাবা লালুকে দিল্লিতে গৃহবন্দী করে রেখেছেন। তবে এখন দেখার লালু রাজ্যে ফিরলে নীতীশ কুমার কী ভূমিকা নেন। রাজনৈতিক মারপ্যাঁচ বা কূটকৌশলের ক্ষেত্রে নীতিশের থেকে লালু অনেকটাই এগিয়ে। মুখ্যমন্ত্রী পদে থাকলেও বিজেপির সঙ্গে নীতীশের সম্পর্ক আদৌ ভাল নয়। লালু সম্পর্কের এই রসায়ন কতটা কাজে লাগাতে পারবেন তা নিয়ে কৌতুহলী হয়ে আছে রাজনৈতিক মহল। লালুপ্রসাদ দুই কেন্দ্রের উপনির্বাচনের প্রচার করবেন বলেও খবর। এখন দেখার রাজ্যে ফিরে লালু এবার কি চমক দেন।

Bihar: কানহাইয়াকে নিয়ে ‘ক্রাইসিস’, তীব্র শোরগোল কংগ্রেস ভবনে

kanhiya kumar

নিউজ ডেস্ক: পাটনায় সিপিআই (CPI) বিহার রাজ্য দফতর থেকে যে ছেলে এসি মেশিন খুলে আনতে পারে, সে ‘ডেঞ্জারাস’। তাকে কংগ্রেসের (INC) দায়িত্ব দেওয়া হলে বিদ্রোহ তুঙ্গে উঠবে এমনই বার্তা আসছে রাহুল গান্ধীর (Rahul Gandhi) কাছে। সবের মূলে সদ্য সিপিআই (CPI) ত্যাগ করে কংগ্রেসে (INC) যোগ দেওয়া কানহাইয়া কুমার (Kanhiya Kumar)। সূত্রের খবর, তাঁকেই বিহার প্রদেশ কংগ্রেসের বড় দায়িত্ব দিতে চলেছেন রাহুল গান্ধী।

কানহাইয়া কুমার বিহার প্রদেশ কংগ্রেসের সভাপতি হতে পারেন এমনই গুঞ্জন রটেছে পাটনার রাজনৈতিক মহলে। এর পর থেকেই বিদ্রোহের আগুন ধিকি ধিকি করে জ্বলতে শুরু করেছে। যদিও বিহার ও কেন্দ্রীয় সিপিআই নেতারা মনে করছেন, কংগ্রেসে যোগ দিয়ে রাজ্যসভায় যেতে চান কানহাইয়া। তাঁর পক্ষে কমিউনিস্ট পার্টির হয়ে দীর্ঘ সময় রাজনীতি চালানোর ধৈর্য্য নেই।

লোকসভা ভোটের আগে বিজেপি ছেড়ে কংগ্রেসে যোগ দেওয়া অভিনেতা ও প্রাক্তন সাংসদ শত্রুঘ্ন সিনহা দলকে আক্রমণ করতে শুরু করেছেন। তাঁর দাবি, কী করে কানহাইয়াকে কংগ্রেসে স্থান দিলেন রাহুল গান্ধী। অভিযোগ, কানহাইয়াকে বিহার প্রদেশ কংগ্রেসের সভাপতি পদ দেওয়া হলে অনেকেই মানতে পারবেন না।

 kanhiya kumar with Rahul gandhi

এমনিতেই কংগ্রেসের অভ্যন্তরীণ জট বিহারে প্রবল। বিধানসভা ভোটে আরজেডি (RJD) ও বামেদের সঙ্গে মহাজোট করেও তেমন কিছু সুবিধা হয়নি। বরং মহাজোটের দ্বিতীয় বৃহত্তম দল হিসেবে সিপিআই (এম-এল) লিবারেশন (CPIML) বিরাট সফল হয়েছে। লিবারেশেনের অভিযোগ, কংগ্রেসকে বেশি আসন দেওয়ার থেকে বামেদের আসন দিলে মহাজোট সরকার গড়তে পারত। নির্বাচনে বিহারে বাম দলগুলি বিশেষ করে সিপিআই (এম-এল) একশ শতাংশের বেশি স্ট্রাইক রেট নিয়ে দেশে নজির গড়ে। বাকি দুই বাম দল সিপিআই (CPI) সিপিআইএম (CPIM) কিছু আসন পায়। মহাজোটের স্টার প্রচারক ছিলেন ততকালীন সিপিআই নেতা কানহাইয়া কুমার।

নির্বাচন পরবর্তী বিহারে মহাজোটের কংগ্রেস ম্রিয়মান। কোনঠাসা কংগ্রেসকে চাঙ্গা করতে সদ্য দলে আসা কানহাইয়া কুমারের মতো জনপ্রিয় মুখ ও বক্তাকে হাতিয়ার করতে চাইছেন রাহুল গান্ধী। মনে করা হচ্ছে তাঁর মূল লক্ষ্য আসন্ন উত্তর প্রদেশ বিধানসভা ভোটে কানহাইয়াকে দিয়ে প্রচার। সূত্রের খবর, এআইসিসি ঠিক করেছে, পাটনার প্রদেশ কংগ্রেস ভবনে বড় পোর্টফোলিও দেওয়া হবে কানহাইয়া কুমারকে।

কানহাইয়া কংগ্রেসে সামিল হতেই কংগ্রেসের হয়ে জবরদস্ত ভাষণ দেওয়া শত্রুঘ্ন সিনহার হুঙ্কার শুরু হয়েছে। এর জেরে বিহার প্রদেশ কংগ্রেসে এখন পাঞ্জাবের মতো বিদ্রোহ পরিস্থিতি। পাটনা কংগ্রেস কার্যালয়ে বিদ্রোহী নেতাদের দাবি ‘নেহি চলেগা কানহাইয়া’। যাঁকে নিয়ে বিতর্ক সেই তুখোর বক্তা নীরব। তেমনই নীরব রাহুল গান্ধী।