कहा- जीतें या हारें, हमें आपसे प्यार है : राहुल

Team India defeated in ICC World Cup 2023

आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2023 का खिताब भारतीय टीम अपने नाम करने में सफल नहीं हो सकी है। भारत की हार के साथ ही करोड़ों भारतीय के दिल भी टूट गए है। भारत ने जैसे ही मैच गंवाया तो मैदान पर खिलाड़ी भी अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और उनकी आंखों से भी आंसू छलक आए।ऑस्ट्रेलिया की टीम की जीत के साथ ही करोड़ों भारतीयों का दिल और चैंपियन बनने का सपना भी टूट गया। इस हार के बाद कांग्रेस पार्टी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ऑस्ट्रेलिया को बधाई। हम नीली जर्सी वाले अपने खिलाड़ियों से कहना चाहेंगे कि फाइनल में हार पूरे टूर्नामेंट में दिखाए गए दबदबे को कम नहीं कर सकती। आपने सच्चे विजेता की भावना का प्रदर्शन किया है। एक अविश्वसनीय यात्रा के लिए धन्यवाद।

भारतीय टीम ने हमारा दिल जीत लिया।कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने टीम ऑस्ट्रेलिया को बधाई देते हुए कहा कि भारत ने अच्छा खेला और दिल जीते। मुकाबले में आपकी प्रतिभा और खेल भावना दिखी। खरगे ने ‘एक्स’ पर लिखा कि पूरे विश्व कप में आपके उल्लेखनीय प्रदर्शन पर हर भारतीय को गर्व है। हम हमेशा आपका उत्साहवर्धन करेंगे और आपकी उपलब्धियों को संजोकर रखेंगे।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया टीम बहुत अच्छा खेली। टीम इंडिया ने पूरी श्रृंखला में शानदार क्रिकेट खेला।’’ ऑस्ट्रेलिया ने भारत के 241 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए मात्र 43 ओवर में चार विकेट पर 241 रन बनाकर जीत दर्ज की।

वे अडानी की जेब में पैसा डालते हैं, हम जनता को देते हैं : राहुल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को कोविड-19 महामारी के दौरान प्रतिक्रिया को लेकर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधा। विधानसभा चुनाव से पहले राजस्थान के चुरू में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए वायनाड सांसद ने कहा कि जब लोग बीमारी से मर रहे थे तो पीएम ने लोगों से बर्तन बजाने के लिए कहा। राहुल ने दावा किया कि नरेंद्र मोदी ने कहा था- कालाधन नहीं मिटा तो मुझे फांसी दे दो…कोरोना के दौरान नरेंद्र मोदी ने कहा था- मोबाइल फोन का टॉर्च जलाओ, बर्तन बजाओ।राहुल ने साफ तौर पर कहा कि कांग्रेस को वोट देंगे तो गरीबों, किसानों और छोटे व्यापारियों को फायदा होगा।उन्होंने नोटबंदी कर सभी छोटे व्यापारियों को खत्म कर दिया। जिधर देखो अडानी जी कोई न कोई बिजनेस कर रहे हैं- एयरपोर्ट, बंदरगाह, सीमेंट प्लांट, सड़कें सब उन्हीं की हैं।वे अडानी की मदद करते हैं, अडानी पैसा कमाते हैं और उस पैसे को विदेश में इस्तेमाल करते हैं। कांग्रेस नेता ने साफ तौर पर कहा कि हम यहां गरीबों की सरकार चलाते हैं, आपकी रक्षा करते हैं। नरेंद्र मोदी जी ने जीएसटी लागू किया। भारत में पहली बार किसानों को टैक्स देना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि किसानों ने कहा- यह हमारा नहीं, अडानी-अंबानी का कानून है। अंत में किसानों के साथ कांग्रेस ने मिलकर इस काले कानून को खत्म किया।

अरे मूर्खों के सरदार, किस दुनिया में रहते हो : मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मौजूदा चुनावी मौसम में कांग्रेस पर अपना सबसे जोरदार हमला बोला। उन्होंने बिना नाम लिए राहुल गांधी पर वार किया। प्रधानमंत्री ने राहुल के ‘मेड इन चाइना फोन’ वाले बयान पर कहा, कल कांग्रेस के एक महाज्ञानी कह रहे थे कि भारत में सब लोगों के पास मेड इन चाइना मोबाइल फोन होता है। अरे मूर्खों के सरदार, किस दुनिया में रहते हो!

नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब तक कांग्रेस सत्ता में थी, तब तक आदिवासी क्षेत्रों से, पिछड़े क्षेत्रों से केवल भुखमरी की खबरें आती थीं, कुपोषित बच्चों की तस्वीरें आती थीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता गरीबों की झोपड़ी में जाकर फोटो खिचवाते थे, उनकी गरीबी व बेहाली दिखाते थे और एक बार उनकी तस्वीर चमक गई तो गरीबों को भूल जाते थे। ये ड्रामा नाना ने भी किया, दादी ने भी किया और पिता ने भी किया।

मोदी ने कहा कि मैं पूरे मध्य प्रदेश में देख रहा हूं और साफ नजर आ रहा है कि जनता जनार्दन की गारंटी है, कमल खिलने वाला है। कांग्रेस इस चुनाव में कहीं टक्कर में ही नहीं नजर नहीं आ रही है। इसलिए कांग्रेस मध्य प्रदेश में बहुत बड़ी शर्मनाक हार की तरफ बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि 17 नवंबर को मध्य प्रदेश के लोग विकास को चुनेंगे, भाजपा को चुनेंगे।

पूरे भारत में आम लोगों के केंद्रित शासन के युग की शुरुआत : राहुल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि यह पूरे भारत में आम लोगों के केंद्रित शासन के युग की शुरुआत करने का समय है।उन्होंने कहा कि हमारी गारंटी तेलंगाना में हमारे लोगों को न्यूनतम मंजिल प्रदान करने के लिए तैयार की गई है। कुम्मारी तिरुपथम्मा ने मुझे बताया कि उनका परिवार ऋण के बोझ तले संघर्ष कर रहा है। यह बहुत जल्द बदल जाएगा।

राहुल गांधी ने कहा कि महात्मा गांधी ने एक बार कहा था कि सबसे महत्वपूर्ण आवाज पंक्ति में आखिरी आवाज होती है। कुम्मारी चंद्रय्या की आवाज ऐसी ही एक आवाज थी और ‘दोराला’ बीआरएस सरकार ने उन्हें विफल कर दिया। वह तेलंगाना के एक छोटे किसान थे, जो अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे थे और कर्ज के बोझ तले दबे हुए थे।राहुल गांधी ने सवाल किया,क्या कांग्रेस सरकार से कोई फर्क पड़ेगा? उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई अब अपने सभी लोगों के लिए न्याय सुनिश्चित करने की है। यह पूरे भारत में जन-केंद्रित शासन के युग की शुरुआत करने का समय है।

मोदी लाखों का सूट पहनते हैं, मैं सिर्फ सफेद टी-शर्ट में हूं : राहुल

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार करने के लिए आज राहुल गांधी पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि नोटबंदी, जीएसटी ने छोटे-मध्यम व्यवसाइयों और व्यापारियों को नुकसान पहुंचाया जिससे देश में भारी बेरोजगारी पैदा हुई। उन्होंने दावा किया कि मध्य प्रदेश में कर्ज के कारण 18 साल में करीब 18,000 किसानों ने आत्महत्या की।राहुल ने कहा कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान मैं युवाओं से पूछता था कि आपने क्या पढ़ाई की है और क्या कर रहे हो? वे कहते थे- इंजीनियरिंग की है, मेडिकल किया है, लीगल स्ट्डीज की है, लेकिन बेरोजगार हैं। जहां भी BJP की सरकार है, वहां युवा बेरोजगार हैं।

उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन पर मुझे एक युवा कुली मिला।राहुल ने कहा कि भाजपा की सरकार आई और उन्होंने छोटे व्यापारियों पर आक्रमण शुरू कर दिया। GST टैक्स नहीं है बल्कि ये छोटे व्यापारियों, किसानों के खिलाफ हथियार है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में पहली बार किसान टैक्स दे रहा है।राहुल ने कहा कि मैंने पीएम मोदी का भाषण सुना, वह हर भाषण में हर जगह कहते थे कि मैं ओबीसी समुदाय से हूं, वह बार-बार यह कहकर प्रधानमंत्री बन गए। वह एक दिन में कम से कम 1 सूट पहनते हैं लाखों रुपये की कीमत। उन्होंने कहा कि देश के दलित, आदिवासी, OBC और सामान्य वर्ग के गरीब लोग GST देते हैं। मोदी सरकार गरीबों से GST लेकर बैंक का पूरा पैसा 3-4 उद्योगपतियों को सौंप देती है।

भाजपा के नेता आदिवासियों को वनवासी कहते हैं: राहुल

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस नेता और वायनाड सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को राज्य के बस्तर जिले के जगदलपुर में रैली की. राहुल ने यहां बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी के नेता आदिवासियों को वनवासी कहते हैं.

उन्होंने कहा कि आदिवासी का मतलब देश के पहले और असली मालिक से है. यानी इस देश की जमीन जंगल जो कभी आपकी हुआ करती थी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी और आरएसएस के लोगों ने एक नया शब्द निकाला है.वनवासी यानी जानवरों की तरह वन में रहने वाला. ये शब्द अपमानजनक है, कांग्रेस इसे स्वीकार नहीं करती है.

सरकार में अदाणी नंबर-एक, पीएम मोदी नंबर-दो : राहुल

विपक्षी नेताओं की तरफ से मंगलवार सुबह दावा किया गया कि उनके फोन में सरकार-प्रायोजित हैकिंग से जुड़े चेतावनी संदेश आए। इस पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कई लोगों को ऐसे संदेश आए हैं। इनमें केसी वेणुगोपा, सुप्रिया श्रीनेत, पवन खेड़ा शामिल हैं।राहुल ने कहा पहले मैं सोचता था कि सरकार में नंबर-1 प्रधानमंत्री हैं, दूसरे पर अदाणी और तीसरे पर अमित शाह हैं, लेकिन ये गलत है। सरकार में नंबर-1 अदाणी हैं, पीएम मोदी दूसरे नंबर पर हैं और अमित शाह तीसरे पर।राहुल गांधी ने आगे कहा कि जितनी टैपिंग करनी हो कर लो। मुझे फर्क नहीं पड़ता। अगर आपको मेरा फोन चाहिए तो मैं अपना फोन दे देता हूं आपको।

देश में बीजेपी को सिर्फ मैं ही रोक सकता हूं: राहुल

उनकी ‘भारत जोरो’ यात्रा के बाद से ही उनके अनुयायी उन्हें ‘चेहरे’ के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन उस वक्त राहुल गांधी ने बार-बार समझाया कि बीजेपी के खिलाफ लड़ाई वैचारिक है. वह वहां ‘चेहरे’ के तौर पर अकेले नहीं हैं. यह पूरे देश की लड़ाई है. संविधान बचाने की लड़ाई. लेकिन जैसे ही लोकसभा चुनाव से पहले , पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को कई लोग देश के चुनावों के ‘सेमीफाइनल’ के रूप में देख रहे हैं, राहुल के एक भाषण पर चर्चा शुरू हो गई है। भाषण सुनकर, कोई भी सोच सकता है कि वह बीजेपी विरोधी लड़ाई का ‘चेहरा’, उजागर करना चाहते हैं राहुल

तेलंगाना चुनाव के लिए प्रचार करते हुए राहुल ने कहा कि पूरा देश जानता है कि अगर कोई बीजेपी के खिलाफ लड़ता है तो वह राहुल गांधी हैं। यह मेरे खून और डीएनए की लड़ाई है।

पूरे राज्य का नियंत्रण एक परिवार के पास : राहुल

राहुल गांधी तेलंगाना दौरे पर हैं। आज उन्होंने तेलंगाना के भुपालपल्ली इलाके में विजयभेरी यात्रा निकाली। इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने बीआरएस सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि जातीय सर्वे देश के लिए एक एक्स-रे की तरह काम करेगा। जब मैं जातीय सर्वे की बात करता हूं तो ना तो पीएम और ना ही तेलंगाना सीएम इस पर कुछ बोल रहे हैं। तेलंगाना राज्य का पूरा कंट्रोल एक परिवार के हाथ में है और देश में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार इसी राज्य में है।

भाजपा-बीआरएस और एआईएमआईएम जैसी पार्टियां कांग्रेस पर हमला कर रही हैं।राहुल गांधी के भ्रष्टाचार के आरोपों पर बीआरएस नेता और सीएम के चंद्रशेखर राव की बेटी के कविता ने कहा कि ‘कांग्रेस नेता राहुल गांधी तेलंगाना में हैं और वह तेलंगाना सरकार पर एक लाख करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं लेकिन उनकी स्क्रिप्ट लिखने वाले ने ही उन्हें गुमराह किया है।

विधानसभा चुनाव से पहले राहुल-प्रियंका का बस यात्रा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा 30 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार को बस यात्रा के साथ पार्टी के अभियान की शुरुआत करेंगे। दोनों कांग्रेसी नेता विशेष विमान से दोपहर के साढ़े तीन बजे बेगमपेट एयरपोर्ट पहुंचेगें। वहां से दोनो हेलीकॉप्टर से रमन्ना मंदिर जाएंगे। दर्शन के बाद राहुल और प्रियंका बस यात्रा लॉन्च करेंगे। बाद में वे एक रैली में भी शामिल होंगे और महिलाओं से भी मिलेगें। पार्टी के सूत्र ने बताया कि प्रियंका गांधी रैली के बाद नई दिल्ली वापस लौट जाएंगी, लेकिन राहुल राज्य में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। कांग्रेस विधायक दानसारी अनसूया ने मीडिया को बताया कि राहुल गांधी आज रात भुपलपल्ली में रुकेंगे।

भाजपा चाहती है हर फैसला दिल्ली में हो, हम इसके खिलाफ :राहुल गांधी

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी मिजोरम के आइजोल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अधिकतर भाजपा नेताओं के बच्चे वंशवादी हैं। अमित शाह का बेटा तो क्रिकेट चला रहा है। वहीं, उन्होंने कहा कि वह विकेंद्रीकरण चाहते हैं, लेकिन भाजपा इसके खिलाफ है। कांग्रेस नेता ने कहा कि वह मिजोरम के लोगों को संदेश देना चाहते हैं, वो बहुत स्पष्ट है कि कांग्रेस पार्टी के पास एक कार्यक्रम है, एक रिकॉर्ड है।

राहुल गांधी ने आइजोल में कहा कि इंडिया गठबंधन देश के 60 फीसदी हिस्से का प्रतिनिधित्व कर रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि हम विकेंद्रीकरण में विश्वास करते हैं। जबकि भाजपा का मानना है कि सभी फैसले दिल्ली में होने चाहिए।

यह आत्महत्या नहीं, सपनों की मौत है: राहुल

कांग्रेस ने शनिवार को तेलंगाना की बीआरएस सरकार पर जमकर हमला बोला। राज्य में 23 साल की एक महिला द्वारा आत्महत्या करने को लेकर राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि युवाओं के सपनों की हत्या है। राहुल गांधी ने कहा कि बीते 10 सालों में बीजेपी रिश्तेदार समिति बीआरएस और भाजपा ने मिलकर अपनी अयोग्यता के चलते राज्य को बर्बाद कर दिया है।

राहुल गांधी ने लिखा कि ‘यह आत्महत्या नहीं है बल्कि यह सपनों, उम्मीदों और युवाओं की आकांक्षाओं की मौत है।’ बता दें कि हैदराबाद के अशोक नगर में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही एक 23 वर्षीय महिला ने अपने हॉस्टल में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। इसे लेकर तेलंगाना में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में खरगे ने लिखा कि ‘तेलंगाना में 23 वर्षीय महिला की आत्महत्या से हैरान और नाराज हूं, जो रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्य प्रशासनिक सेवा आयोग की परीक्षाओं के बार-बार टलने से परेशान थी।

कांग्रेस शासित राज्यों में जातीय जनगणना करवाई जाएगी : राहुल

लोकसभा चुनाव 2024 से पहले कांग्रेस पार्टी ने मोदी सरकार के सामने जातीय गणना का कार्ड फेंका है। सोमवार को सीडब्ल्यूसी की मीटिंग के बाद मीडिया से बातचीत में कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा शासित राज्यों में जातीय जनगणना होगी। उन्होंने कहा कि सीडब्ल्यूसी में इस बारे में सर्वसम्मति से फैसला होगा। राहुल गांधी ने कहा कि सीडब्ल्यूसी ने एकजुट होकर देश में जातीय गणना करवाने के समर्थन में फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि यह एक प्रोग्रेसिव स्टेप है। हमारे मुख्यमंत्री भी इस बारे में विचार कर रहे हैं और एक्शन ले रहे हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि सीडब्ल्यूसी की 4 घंटे तक जातिगत जनगणना पर चर्चा हुई। सीडब्ल्यूसी ने एक निर्णय लिया है, हमारे मुख्यमंत्रियों ने भी निर्णय लिया है कि वे भी अपने राज्यों में जातिगत जनगणना को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने, हमारी सबसे बड़ी निर्णय लेने वाली कार्य समिति ने निर्णय लिया है कि हम जातिगत जनगणना करवाएंगे और भाजपा को इसे करवाने पर भी ज़ोर डालेंगे और अगर वे नहीं करते हैं तो उन्हें पीछे हट जाना चाहिए क्योंकि देश जातिगत जनगणना चाहता है। इन्डिया गठबंधन इसका समर्थन करेगी।

Farm Laws: ‘কৃষি আইন ফের হবে কখনই বলিনি,’ কৃষিমন্ত্রীর ডিগবাজি!

Farm Laws Repeal

News Desk: যত দোষ নন্দঘোষ! মানে সংবাদ মাধ্যমের। নিজের পক্ষে সাফাই দিতে গিয়ে চাপের মুখে কেন্দ্রীয় কৃষিমন্ত্রীর এবার দাবি, আমি কখনই বলিনি ফের কৃষি আইন লাগু হবে। সবই সংবাদমাধ্যমে বিকৃত করে প্রকাশিত হয়েছে।

২৪ ঘন্টাও কাটল না, তার আগেই ডিগবাজি খেলেন কেন্দ্রীয় কৃষিমন্ত্রী নরেন্দ্র সিং তোমর। এবার স্পষ্টভাবেই জানালেন, নতুন করে কৃষি আইন কার্যকর করার কোনও প্রশ্নই ওঠে না। কৃষি চালু করার কোনও কথাই নাকি তিনি বলেননি।

শুক্রবার মহারাষ্ট্রের এক অনুষ্ঠানে কেন্দ্রীয় কৃষিমন্ত্রী বলেছিলেন, আপাতত তাঁরা কৃষি আইন নিয়ে পিছিয়ে গিয়েছেন অর্থাৎ আইন বাতিল করা হয়েছে। কিন্তু আগামী দিনে ফের এই আইন সামনে আনা হতে পারে। তোমরের এই মন্তব্য নিয়ে যথারীতি গোটা দেশে তৈরি হয় তীব্র চাঞ্চল্য। অনেকেই বলতে থাকেন, মোদী সরকার সময় ও সুযোগ পেলে এই কৃষি আইন কার্যকর করবে। কৃষি মন্ত্রীর বক্তব্যেই সেটা স্পষ্ট হয়ে গিয়েছে।

তোমরের ওই মন্তব্য নিয়ে আসরে ঝাঁপিয়ে পড়তে দেরি করেনি কংগ্রেস। কংগ্রেসের পক্ষ থেকে দাবি করা হয়, আগামী বছরের শুরুতে পাঁচ রাজ্যের বিধানসভা নির্বাচন মিটে গেলেই সংশোধনী-সহ নতুন করে তিন কৃষি আইন কার্যকর করার পরিকল্পনা রয়েছে মোদী সরকারের।

কংগ্রেস-সহ বিরোধী শিবিরের রাজনৈতিক চাপ তো ছিলই পাশাপাশি বিভিন্ন কৃষক সংগঠনও নতুন করে মোদী সরকারের বিরুদ্ধে সক্রিয় হয়ে ওঠে। এই খবর কেন্দ্রীয় কৃষি মন্ত্রীর কানে পৌঁছতেই ডিগবাজি খেলেন মন্ত্রী।

বক্তব্য থেকে সরে এসে মন্ত্রী বললেন, কৃষি আইন নিয়ে আমি এ ধরনের কোনও কথাই বলিনি। কৃষি আইন ফের সামনে আনা হবে, এটা তো একটা কল্পনা। আমি বলেছিলাম, সরকার স্বাধীনতার পর একটা বড়সড় পদক্ষেপ করেছিল। কৃষি ব্যবস্থায় একটা সংস্কার আনতে চেয়েছিল সরকার। কিন্তু ওই আইন যে যথেষ্ট ভাল ছিল সেটা আমরা সকলকে বোঝাতে পারিনি। বিশেষ করে যাদের কল্যাণ ও উন্নয়নের জন্য এই আইন তাদেরকেই আমরা বোঝাতে ব্যর্থ হয়েছি। ব্যর্থতার কারণেই আমরা ওই আইন ফিরিয়ে নিয়েছি। কিন্তু সংবাদমাধ্যম আমার এই মন্তব্যকে বিকৃত করেছে।

তোমরের কৃষি আইন ফের সামনে আনার মন্তব্যের তীব্র সমালোচনা করেন কংগ্রেস নেতা রাহুল গান্ধী। তিনি বলেছিলেন, মোদি সরকার কৃষকদের অসম্মান করছে।

তিন কৃষি আইন বাতিলের দাবিতে দীর্ঘ এক বছরেরও বেশি সময় ধরে আন্দোলন করছিল কৃষক সংগঠনগুলি। আন্দোলনের চাপে পড়ে গুরু নানকের জন্মদিনে প্রধানমন্ত্রী এই তিন আইন বাতিল করার কথা ঘোষণা করেন। সংসদের শীতকালীন অধিবেশনে কৃষি আইন প্রত্যাহার বিল পাশ করে সাংবিধানিকভাবেই আইন প্রত্যাহার করে নেওয়া হয়েছে।

আইন প্রত্যাহারের পরেও কৃষিমন্ত্রী তোমরের ওই মন্তব্য জল্পনা উস্কে দেয় যে, পাঞ্জাব ও উত্তরপ্রদেশ-সহ বিভিন্ন রাজ্যের বিধানসভা নির্বাচন মিটে গেলেই মোদী সরকার তিন কৃষি আইন সামনে আনতে পারে। ঘরে-বাইরে চাপের মুখে পড়ে শেষ পর্যন্ত তোমর তাঁর বক্তব্য প্রত্যাহার করলেন।

Farm Laws: ‘কৃষি আইন ফের হবে কখনই বলিনি,’ কৃষিমন্ত্রীর ডিগবাজি!

Farm Laws Repeal

News Desk: যত দোষ নন্দঘোষ! মানে সংবাদ মাধ্যমের। নিজের পক্ষে সাফাই দিতে গিয়ে চাপের মুখে কেন্দ্রীয় কৃষিমন্ত্রীর এবার দাবি, আমি কখনই বলিনি ফের কৃষি আইন লাগু হবে। সবই সংবাদমাধ্যমে বিকৃত করে প্রকাশিত হয়েছে।

২৪ ঘন্টাও কাটল না, তার আগেই ডিগবাজি খেলেন কেন্দ্রীয় কৃষিমন্ত্রী নরেন্দ্র সিং তোমর। এবার স্পষ্টভাবেই জানালেন, নতুন করে কৃষি আইন কার্যকর করার কোনও প্রশ্নই ওঠে না। কৃষি চালু করার কোনও কথাই নাকি তিনি বলেননি।

শুক্রবার মহারাষ্ট্রের এক অনুষ্ঠানে কেন্দ্রীয় কৃষিমন্ত্রী বলেছিলেন, আপাতত তাঁরা কৃষি আইন নিয়ে পিছিয়ে গিয়েছেন অর্থাৎ আইন বাতিল করা হয়েছে। কিন্তু আগামী দিনে ফের এই আইন সামনে আনা হতে পারে। তোমরের এই মন্তব্য নিয়ে যথারীতি গোটা দেশে তৈরি হয় তীব্র চাঞ্চল্য। অনেকেই বলতে থাকেন, মোদী সরকার সময় ও সুযোগ পেলে এই কৃষি আইন কার্যকর করবে। কৃষি মন্ত্রীর বক্তব্যেই সেটা স্পষ্ট হয়ে গিয়েছে।

তোমরের ওই মন্তব্য নিয়ে আসরে ঝাঁপিয়ে পড়তে দেরি করেনি কংগ্রেস। কংগ্রেসের পক্ষ থেকে দাবি করা হয়, আগামী বছরের শুরুতে পাঁচ রাজ্যের বিধানসভা নির্বাচন মিটে গেলেই সংশোধনী-সহ নতুন করে তিন কৃষি আইন কার্যকর করার পরিকল্পনা রয়েছে মোদী সরকারের।

কংগ্রেস-সহ বিরোধী শিবিরের রাজনৈতিক চাপ তো ছিলই পাশাপাশি বিভিন্ন কৃষক সংগঠনও নতুন করে মোদী সরকারের বিরুদ্ধে সক্রিয় হয়ে ওঠে। এই খবর কেন্দ্রীয় কৃষি মন্ত্রীর কানে পৌঁছতেই ডিগবাজি খেলেন মন্ত্রী।

বক্তব্য থেকে সরে এসে মন্ত্রী বললেন, কৃষি আইন নিয়ে আমি এ ধরনের কোনও কথাই বলিনি। কৃষি আইন ফের সামনে আনা হবে, এটা তো একটা কল্পনা। আমি বলেছিলাম, সরকার স্বাধীনতার পর একটা বড়সড় পদক্ষেপ করেছিল। কৃষি ব্যবস্থায় একটা সংস্কার আনতে চেয়েছিল সরকার। কিন্তু ওই আইন যে যথেষ্ট ভাল ছিল সেটা আমরা সকলকে বোঝাতে পারিনি। বিশেষ করে যাদের কল্যাণ ও উন্নয়নের জন্য এই আইন তাদেরকেই আমরা বোঝাতে ব্যর্থ হয়েছি। ব্যর্থতার কারণেই আমরা ওই আইন ফিরিয়ে নিয়েছি। কিন্তু সংবাদমাধ্যম আমার এই মন্তব্যকে বিকৃত করেছে।

তোমরের কৃষি আইন ফের সামনে আনার মন্তব্যের তীব্র সমালোচনা করেন কংগ্রেস নেতা রাহুল গান্ধী। তিনি বলেছিলেন, মোদি সরকার কৃষকদের অসম্মান করছে।

তিন কৃষি আইন বাতিলের দাবিতে দীর্ঘ এক বছরেরও বেশি সময় ধরে আন্দোলন করছিল কৃষক সংগঠনগুলি। আন্দোলনের চাপে পড়ে গুরু নানকের জন্মদিনে প্রধানমন্ত্রী এই তিন আইন বাতিল করার কথা ঘোষণা করেন। সংসদের শীতকালীন অধিবেশনে কৃষি আইন প্রত্যাহার বিল পাশ করে সাংবিধানিকভাবেই আইন প্রত্যাহার করে নেওয়া হয়েছে।

আইন প্রত্যাহারের পরেও কৃষিমন্ত্রী তোমরের ওই মন্তব্য জল্পনা উস্কে দেয় যে, পাঞ্জাব ও উত্তরপ্রদেশ-সহ বিভিন্ন রাজ্যের বিধানসভা নির্বাচন মিটে গেলেই মোদী সরকার তিন কৃষি আইন সামনে আনতে পারে। ঘরে-বাইরে চাপের মুখে পড়ে শেষ পর্যন্ত তোমর তাঁর বক্তব্য প্রত্যাহার করলেন।

Punjab: কংগ্রেসের ঘরে ‘উড়তা’ ভাজ্জি, সিধুর সঙ্গে ঘনিষ্ঠতা

Harbhajan Singh says goodbye to international cricket

News Desk: একজন ছিলেন ভারতীয় ক্রিকেট দলের নিয়মিত ওপেনার। অন্যজন ছিলেন ভারতীয় বোলিং বিভাগের অন্যতম স্তম্ভ। এই দুই বিখ্যাত ব্যক্তি এবার জোট বেঁধে নামতে পারেন রাজনীতির ময়দানে। এই দুইজন হলেন পাঞ্জাব প্রদেশ কংগ্রেস সভাপতি নভজ্যোত সিং সিধু এবং অন্যজন হলেন সদ্য ক্রিকেটকে বিদায় জানানো স্পিনার ভজন সিং।

অবসর নিয়ে তিনি কি রাজনীতিতে যোগ দিচ্ছেন? এই প্রশ্নের উত্তরে হরভজন বলেছেন, আমি পাঞ্জাবের মানুষের সেবা করতে চাই। রাজনীতির মাধ্যমে হোক বা অন্য কোনওভাবে, আমি শুধু মানুষের সেবা করতে চাই। আমি এ রাজ্যের সব রাজনৈতিক দলের নেতাদের চিনি। তাই আমি যদি কোন রাজনৈতিক দলে যোগ দিই তাহলে সেটা জানিয়ে দেব। এখনই রাজনীতিতে যোগ দেওয়ার ব্যাপারে আমি কোনও সিদ্ধান্ত নিইনি।
সম্প্রতি হরভজনকে সিধুর সঙ্গে বেশি ঘনিষ্ঠভাবে দেখা গিয়েছে সোশ্যাল মিডিয়ায় তাঁদের একটি ছবিও ভাইরাল হয়েছে। হরভজনের কংগ্রেসে যোগ দেওয়ার ব্যাপারে জানতে চাওয়া হলে সিধু সরাসরি কোনও উত্তর দেননি। তিনি হেসে বলেন, এই ছবিটাই তো সবকিছু বলে দিচ্ছে।

রাজনৈতিক মহল মনে করছে, সিধু চাইছেন পাঞ্জাব বিধানসভা নির্বাচনের আগে হরভজন যেন কংগ্রেসে যোগ দেন। কারণ হরভজন কংগ্রেসে যোগ দিলে দোয়াবা অঞ্চলে কংগ্রেসের শক্তি নিশ্চিতভাবেই বাড়বে। তাঁর বিজেপিতে যোগদানের খবরকে ভিত্তিহীন ও গুজব বলে উল্লেখ করেছেন হরভজন।

এর আগে মহম্মদ আজহারউদ্দিন, কীর্তি আজাদের মত প্রাক্তন ক্রিকেটাররা যোগ দিয়েছেন রাজনীতিতে। সিধু প্রথমে বিজেপিতে পরে কংগ্রেসে যোগ দেন। আগামী বছরের শুরুতেই পাঞ্জাব বিধানসভা নির্বাচন। কিন্তু নির্বাচনের আগে রাজ্যের শাসক দল কংগ্রেস অভ্যন্তরীণ কোন্দলে জর্জরিত।

কৃষি আইনকে কেন্দ্র করে পাঞ্জাবে বিজেপি ব্যাকফুটে চলে গেলেও দলীয় কোন্দলের কারণে কংগ্রেস পাঞ্জাবে ক্ষমতা ধরে রাখতে পারবে কিনা তা নিয়ে প্রশ্ন উঠেছে। প্রদেশ কংগ্রেস সভাপতি হিসেবে সিধু কংগ্রেসকে রাজ্যে ক্ষমতায় ফেরতে চাইছেন। সে কারণেই তিনি তড়িঘড়ি হরভজনের সঙ্গে যোগাযোগ করেছেন। কারণ পাঞ্জাবে হরভজনের বিশেষ জনপ্রিয়তা আছে।

কিছুদিন আগে শোনা যাচ্ছিল হরভজন বিজেপিতে যোগ দিতে পারেন। তিনি বলেছেন, বিজেপিতে যোগ দেওয়ার বিষয়টি নিছকই কল্পনা এবং গুজব।

সদ্য অবসর নেওয়া হরভজন সিং দীর্ঘ ১৮ বছর ভারতীয় দলের হয়ে ক্রিকেট খেলেছেন। ২০০১ সালে ইডেনে অস্ট্রেলিয়ার বিরুদ্ধে সিরিজের দ্বিতীয় টেস্টে তাঁর হ্যাটট্রিক ক্রিকেট ইতিহাসে স্বর্ণাক্ষরে লেখা থাকবে। ২০০৭ সালে প্রথম টি-২০ টোয়েন্টি বিশ্বকাপ এবং ২০১১ সালে ওয়ানডে বিশ্বকাপ জয়ী ভারতীয় দলের সদস্য ছিলেন হরভজন। শুক্রবার তিনি সব ধরনের ক্রিকেট থেকে অবসর নিয়েছেন।

Srinagar Terror Attack: শ্রীনগরে হামলার রিপোর্ট তলব প্রধানমন্ত্রীর, শোকপ্রকাশ মমতা-রাহুলের

Srinagar Terror Attack

নিউজ ডেস্ক, শ্রীনগর: সোমবার সন্ধ্যায় শ্রীনগরের জিওয়ানে সশস্ত্র পুলিশের বাসে এলোপাথাড়ি গুলি চালায় জঙ্গিরা (Srinagar Terror Attack)। ঘটনায় নিহত হন ৩ জন পুলিশকর্মী। আহত ১৮ জন পুলিশকর্মী। শ্রীনগরে হামলার রিপোর্ট তলব করলেন প্রধানমন্ত্রী  নরেন্দ্র মোদী (PM Narendra Modi)। মৃত নিরাপত্তারক্ষীদের পরিবারের প্রতি সমবেদনা প্রকাশ করেন তিনি।

এদিন প্রধানমন্ত্রীর দফতর (PMO) থেকে টুইটে জানানো হয়, প্রধানমন্ত্রী জম্মু ও কাশ্মীরে জঙ্গি হামলার বিস্তারিত তথ্য চেয়েছেন। হামলায় মৃত নিরাপত্তারক্ষীদের পরিবারের প্রতিও তিনি সমবেদনা জানিয়েছেন।

এই ঘটনায় শোকপ্রকাশ করেছেন পশ্চিমবঙ্গের মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায় (CM Mamata Banerjee) সহ কংগ্রেস সাংসদ রাহুল গান্ধী (Rahul Gandhi)। এদিন মমতা বন্দ্যোপাধ্যায় টুইটে লেখেন, ‘শ্রীনগরে জঙ্গি হামলার খবর শুনে হতবাক। পরিবারের প্রতি গভীর সমবেদনা জানাই। যাঁরা প্রাণ হারালেন তাঁদের আত্মত্যাগকে সেলাম জানাই। এই দেশ কখনও আপনাদের ভুলবে না।’

কংগ্রেস সাংসদ রাহুল গান্ধী লেখেন, ‘দেশ শান্তি চায়। আতঙ্কের হোক অবসান। শ্রীনগরে শহিদ জওয়ানদের পরিবারের প্রতি সমবেদনা। আহতরা দ্রুত সুস্থ হয়ে উঠুন।’

সূত্রের খবর, হামলার দায়স্বীকার করেছে কাশ্মীর টাইগার্স নামে এক জঙ্গি সংগঠন। আহতদের হাসপাতালে নিয়ে যাওয়া হয়েছে।আরও কয়েকজনের অবস্থা আশঙ্কাজনক।  ঘটনার পর পুলিশ এলাকাটি ঘিরে ফেলে তল্লাশি শুরু করে। আশপাশের এলাকায় কোন জঙ্গি লুকিয়ে আছে কিনা তা জানতে চিরুনি তল্লাশি চলে। তবে শেষ পাওয়া খবরে কোনও জঙ্গির ধরা পড়ার খবর মেলেনি।

<

p style=”text-align: justify;”>সোমবার সকালেই শ্রীনগরের রণগ্রেট এলাকায় সেনা ও জঙ্গির মধ্যে গুলির লড়াই শুরু হয়। গোপন সূত্রে খবর পেয়ে সোমবার সকালে পুলিশ ও নিরাপত্তা রক্ষী বাহিনীর একটি দল তল্লাশি অভিযান শুরু করে এলাকায়। বাহিনীর উপস্থিতি টের পাওয়ার সঙ্গে সঙ্গেই জঙ্গিরা গুলি চালাতে শুরু করে। সঙ্গে সঙ্গেই জবাব দেয় বাহিনীও। এইগুলির লড়াইয়ে ২ জঙ্গি খতম হয়েছে। উল্লেখ্য, রবিবার জম্মু-কাশ্মীরের অবন্তীপুরায় নিরাপত্তা বাহিনীর উপর গুলি চালায় জঙ্গিরা। বাহিনী পাল্টা গুলি চালালে এক জঙ্গি খতম হয়। ওই ঘটনার কয়েক ঘণ্টা পরেই পুলিশের উপর পাল্টা হামলা চালাল জঙ্গিরা।

Rahul Gandhi: জওয়ান-জনতা কেউই আর মোদী সরকারের আমলে দেশের মাটিতেও নিরাপদ নন

Rahul Gandhi slams Modi govt over Nagaland civilians' deaths

নিউজ ডেস্ক, নয়াদিল্লি: নিরাপত্তা বাহিনীর জওয়ান (Army) হোক বা দেশের সাধারণ নাগরিক (Common People) কেউই আর নিজের দেশের মাটিতেও নিরাপদ ও সুরক্ষিত নয়। সব দেখেও দেশের স্বরাষ্ট্রমন্ত্রক (Home Ministry) নীরব দর্শক হয়ে বসে আছে। কোনও সভ্য দেশের (Civilized Government) সরকার যে এভাবে পথ চলতে পারে তার নরেন্দ্র মোদী সরকারকে না দেখলে বিশ্বাস করা যেত না। নাগাল্যান্ডে নিরাপত্তা বাহিনীর গুলিতে ১৩ জন নিরাপরাধ মানুষের মৃত্যুর ঘটনার প্রতিক্রিয়া জানাতে গিয়ে এই মন্তব্য করলেন কংগ্রেস সাংসদ রাহুল গান্ধী (Rahul Gandhi)।

নাগাল্যান্ডের ঘটনা সম্পর্কে জানা গিয়েছে, অনুপ্রবেশ বিরোধী অভিযান চালাতে গিয়ে এই ঘটনা ঘটে। শনিবার রাতের এই ঘটনাকে কেন্দ্র করে তীব্র উত্তেজনা ও চাঞ্চল্য ছড়িয়েছে গোটা দেশে। শনিবারের এই ঘটনায় ১৩ জনের মৃত্যু হয়েছে। মৃতদের মধ্যে এক জওয়ান আছেন। আহতদের মধ্যে যেমন বেশ কয়েকজন গ্রামবাসী আছেন, তেমনই আছেন একাধিক জওয়ান।

এই ঘটনার তীব্র সমালোচনা করে রাহুল টুইট করেন, নাগাল্যান্ডের ঘটনা অত্যন্ত বেদনাদায়ক। কী কারণে এই ঘটনা ঘটল মোদী সরকারকে তার জবাব দিতে হবে। কী করছিল স্বরাষ্ট্রমন্ত্রক? দেখা যাচ্ছে, সাধারণ মানুষ বা নিরাপত্তা বাহিনীর সদস্য কেউই আর দেশের মাটিতে নিরাপদ নয়।

রাহুল ছাড়াও পশ্চিমবঙ্গের মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ও এই ঘটনায় গভীর শোক প্রকাশ করেছেন। একইসঙ্গে ঘটনার প্রকৃত তদন্তের দাবি তুলেছেন মমতা। অসমের কংগ্রেস সাংসদ গৌরব গগৈ মৃতদের পরিবারের প্রতি সমবেদনা জানিয়েছেন। একই সঙ্গে এই ঘটনার পিছনে প্রকৃত সত্যটা কী তার সামনে আনার দাবিও জানিয়েছেন গগৈ।

অন্যদিকে নাগাল্যান্ডের ঘটনায় শোক জ্ঞাপন করেছেন কেন্দ্রীয় স্বরাষ্ট্রমন্ত্রী অমিত শাহ, প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদী। শাহ জানিয়েছেন, এই ঘটনার পূর্ণাঙ্গ তদন্ত হবে। রাজ্য সরকার এই ঘটনার তদন্তে বিশেষ তদন্তকারী দল গঠন করে তদন্ত চালাবে। মৃতদের পরিবার অবশ্যই উপযুক্ত বিচার পাবে।

জানা গিয়েছে বেশ কয়েকদিন ধরেই নাগাল্যান্ড- মায়ানমার সীমান্ত সংলগ্ন গ্রামে জঙ্গিদের অনুপ্রবেশ চলছিল। গোপন সূত্রে পাওয়া খবরের ভিত্তিতে শনিবার রাতে সীমান্ত এলাকায় অভিযান চালায় সেনা। সেই অভিযানেই সীমান্ত সংলগ্ন তিরু গ্রামে সেনাবাহিনী সন্দেহভাজন অনুপ্রবেশকারীদের বিরুদ্ধে গুলি চালালে ১৩ জনের মৃত্যু হয়। মৃতদের মধ্যে ১২ জন গ্রামবাসী একজন জওয়ান। জখম হয়েছেন বহু মানুষ। স্থানীয় বাসিন্দাদের দাবি, একটি মিনিট্রাকে করে গ্রামবাসীরা ওটিং গ্রাম থেকে খনির কাজ করে ফিরছিলেন। সে সময় রাতের অন্ধকারে জঙ্গি সন্দেহে ওই মিনিট্রাকটি লক্ষ্য করেই গুলি চালায় নিরাপত্তা বাহিনী।

গতকালের এই ঘটনায় সেনাবাহিনীর পক্ষ থেকেও ভুল স্বীকার করা হয়েছে। সেনাবাহিনী জানিয়েছে, শনিবার রাতের ঘটনা অত্যন্ত দুর্ভাগ্যজনক। গোয়েন্দাদের রিপোর্টের ভিত্তিতেই এই অভিযান হয়েছিল। কিভাবে এটা ঘটল তা জানতে উচ্চ পর্যায়ের তদন্ত করা হবে। শনিবার রাতের ঘটনায় বেশ কয়েকজন জওয়ান জখম হয়েছেন বলে সেনাবাহিনীর দাবি।

Mamata Banerjee: আরব সাগর তীরে ডুবলেন মমতা ? ক্ষণিকের বন্ধু ‘বিশ্বাসঘাতক’

mamata banerjee in mumbai

News Desk: মহারাষ্ট্রে তেমন সাড়া মিলছে না। সিদ্ধিবিনায়ক আশীর্বাদ পেতে পুজো দিলেও ঈশ্বর কি মু়খ ফিরিয়েছেন তৃণমূল কংগ্রেস নেত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের (Mamata Banerjee) দিক থেকে এমনই আলোচনা মুম্বই থেকে জাতীয়স্তরে। গোদের উপর বিষফোঁড়া হয়ে ক্ষণিকের বন্ধু গোয়া ফরওয়ার্ড পার্টি টিএমসির ছায়া পরিত্যাগ করেছে। আপাতত তারা কংগ্রেসের দিকে।

পশ্চিমবঙ্গে তিনবার জয়ী হয়ে পশ্চিম ভারতের গোয়া বিধায়নসভা যুদ্ধে নেমেছেন তৃণমূল কংগ্রেস নেত্রী। তাঁর সঙ্গে এসেছেন গোয়ার প্রাক্তন মুখ্যমন্ত্রী। তবে যাকে নিয়ে বিরাট আশা ছিল টিএমসির সেই গোয়া ফরওয়ার্ড পার্টির ঘোষণা, কংগ্রেসের সঙ্গেই তারা আছে। গোয়া ফরওয়ার্ড পার্টি প্রধান বিজয় সরদেশাই সম্প্রতি তৃণমূল নেত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের তুমুল প্রশংসা করেন।

টিএমসির ভোটকুশলীরা গোয়ার সমীকরণে নিজেদের তুলে ধরতে গোয়া ফরওয়ার্ড পার্টির সঙ্গে বিস্তর যোগাযোগ করেন। তবে সব আশায় জল ঢেলে দিয়েছে দলটি। ফলে টিএমসির তরফে দলটিকে এখন বিশ্বাসঘাতক বলেই চিহ্নিত করা হচ্ছে।

এদিকে মুম্বইতেও ক্ষমতাসীন শিবসেনা জোট সরকারের মুখ্যমন্ত্রী উদ্ভব ঠাকরে অসুস্থ তাই তিনি দেখা করেননি মমতার সঙ্গে। মুম্বই রাজনৈতিক মহলে খবর, গোপনে আড়কাঠি চেলেছেন প্রবীণ এনসিপি নেতা শারদ পাওয়ার। তিনিই বিজেপি বিরোধী পাওয়ার প্নে জনক।

গোটা দেশ আপনার পাশেই আছে, শাহরুখকে চিঠি দিয়ে জানালেন রাহুল

Rahul Gandhi

News Desk: মুম্বইয়ের প্রমোদতরীর মাদক মামলায় শাহরুখ পুত্র আরিয়ানকে গ্রেফতার করেছিল নারকোটিকস কন্ট্রোল ব্যুরো। আরিয়ান গ্রেফতার হওয়ার পর বলিউডের একাধিক তারকা শাহরুখের পাশে দাঁড়িয়েছিলেন।

একইভাবে শাহরুখের প্রতি সমবেদনা প্রকাশ করেছিলেন কংগ্রেসের প্রাক্তন সভাপতি রাহুল গান্ধীও। শাহরুখকে দেওয়া এক চিঠিতে রাহুল লিখেছেন, গোটা দেশ আপনার পাশে আছে। আপনি ধৈর্য হারাবেন না। প্রকৃত সত্য একদিন সামনে আসবেই। তবে রাহুল ওই চিঠিটি লিখেছিলেন ১৪ অক্টোবর। কিন্তু বৃহস্পতিবার এই চিঠির কথা প্রকাশ্যে এসেছে।

আরিয়ান খান মামলার তদন্তের দায়িত্বে রয়েছেন নারকোটিকস কন্ট্রোল ব্যুরোর জোনাল ডিরেক্টর সমীর ওয়াংখেড়ে। আরিয়ানের গ্রেফতারির পরই এনসিবি অফিসারের বিরুদ্ধে একের পর এক চাঞ্চল্যকর অভিযোগ করেছেন মহারাষ্ট্রের মন্ত্রী তথা এনসিপি নেতা নবাব মালিক। নবাব কখনও সমীরের বিরুদ্ধে জালিয়াতির, কখনও ভুয়ো শংসাপত্র পেশ, কখনওবা তোলাবাজির অভিযোগ করেছেন। নবাবের ওই সমস্ত অভিযোগ নিয়ে সমীর মুখ না খুললেও বৃহস্পতিবার নবাবকে কড়া ভাষায় আক্রমণ করেছেন এনসিবি অফিসারের বোন ইয়াসমিন। এদিন ইয়াসমিন বলেছেন, মন্ত্রীর জামাইকে গ্রেফতার করেছিল তাঁর দাদা সমীর। জামাইয়ের গ্রেফতারের বদলা নিতেই এ ধরনের ভিত্তিহীন অভিযোগ করে চলেছেন মন্ত্রী।

জানা গিয়েছে, আরিয়ান আর্থার রোড জেলে থাকার সময় ১৪ অক্টোবর শাহরুখকে ওই চিঠিটি পাঠিয়েছিলেন রাহুল। ওই চিঠিতে তিনি কিং খানকে ধৈর্য না হারানোর পরামর্শ দিয়েছিলেন। একই সঙ্গে গোটা দেশ তাঁর পাশে আছে বলেও শাহরুখকে আশ্বস্ত করেছিলেন রাহুল। তবে এতদিন এই চিঠির বিষয়ে কিং খানের পরিবার কিছু জানায়নি। বৃহস্পতিবারই এই চিঠির কথা প্রকাশ্যে আসে। একটি সূত্রের খবর, ওই চিঠিতে রাহুল শাহরুখকে জানিয়েছেন আরিয়ানের গ্রেফতারের পিছনেও রয়েছে কেন্দ্রের বিজেপি সরকারের অঙ্গুলিহেলন। কেন্দ্রের নির্দেশে কাজ করে চলেছে বিভিন্ন কেন্দ্রীয় সংস্থা। বিজেপির ইশারাতেই আরিয়ানকে জড়ানো হয়েছে মাদক মামলায়।

অন্যদিকে সমীরের বোন ইয়াসমিন দাউদ ওয়াংখেড়ে এদিন নবাবের বিরুদ্ধে পাল্টা অভিযোগ করেছেন। ইয়াসমিন বলেছেন, নবাব মানুষকে সম্মান দেওয়ার সৌজন্যটুকুও জানেন না। সে কারণেই তিনি আমাদের পরিবারিক বিষয়েও নাক গলাচ্ছেন। সোশ্যাল মিডিয়া থেকে আমাদের ব্যক্তিগত ছবি কোনওরকম অনুমতি না নিয়েই ব্যবহার করছেন, যা অনৈতিক। আসলে নবাব এসব করছেন তাঁর জামাইয়ের গ্রেফতারের বদলা হিসাবে। এক সময় মাদক কাণ্ডে জড়িত থাকার কারণে সমীর নবাবের জামাইকে গ্রেফতার করেছিল। সে কারণেই নবাবের রাগ রয়েছে সমীরের উপর। তবে একটু শিক্ষা থাকলেই মন্ত্রী বুঝতেন, আইন আইনের পথেই চলে। একই সঙ্গে ইয়াসমিন নবাব মালিকের পরিবারের মহিলাদের অনুরোধ করেছেন, নারীদের কীভাবে সম্মান জানাতে হয় সে বিষয়টি আপনারা নবাবকে শেখান। কারণ মহিলাদের কিভাবে সম্মান করতে হয় উনি সেটা জানেন না।