डोडा हमले में शामिल तीन आतंकियों के स्केच जारी, सूचना देने पर 5 लाख का इनाम

श्रीनगर :  जम्मू-कश्मीर के डोडा में हाल ही में हुए आतंकी हमले में शामिल तीन संदिग्ध आतंकियों के स्केच पुलिस ने जारी किए हैं। माना जा रहा है कि यह तीनों आतंकी डोडा और देसा के ऊपरी इलाकों में सक्रिय हैं। उनके बारे में सूचना देने पर 5 लाख रुपये का इनाम रखा गया है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक ये लोग देसा के उरार बागी इलाके में हाल ही में हुए हमलों में शामिल थे। जनता से उनके ठिकाने या मूवमेंट के बारे में कोई भी जानकारी देने के लिए आगे आने का आग्रह है। क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जनता का सहयोग महत्वपूर्ण है।

पुलिस ने संपर्क के लिए कई संपर्क नंबर जारी किए हैं जिसमें एसएसपी डोडा 9541904201, एसपी मुख्यालय डोडा 9797649362, 9541904202, एसपी ओपीएस डोडा 9541904203, डीवाईएसपी डीएआर डोडा 9541904205, डीवाईएसपी मुख्यालय डोडा 9541904207, एसएचओ पीएस डोडा 9419163516, 9 541904211 आदि शामिल हैं। इन पर आम जनता सूचना देने के लिए संपर्क कर सकती है।

मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा रूट पर एटीएस कमांडो तैनात, आतंकी हमले की आशंका

लखनऊ: मुजफ्फर नगर में कांवड़ यात्रा मार्ग पर एटीएस के कमांडो तैनात किए गए हैं। कांवड़ियों पर आतंकी हमले की संभावना को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। एटीएस के कमांडो ने शनिवार को शिव चौक पर पैदल मार्च करके सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके अलावा ड्रोन से भी कांवड़ यात्रा मार्ग की निगरानी की जा रही है।

मुजफ्फर नगर के एसएसपी अभिषेक सिंह के अनुसार पुलिस मुख्यालय से पत्र मिलने के बाद एटीएस कमांडों की तैनाती की गई है। शिव चौक, मीनाक्षी चौक, अस्पताल तिराहा सहित अन्य संवेदनशील मार्गों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है।

शिव चौक से दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान व यूपी के कांवड़िया निकलते हैं। यहां रात को झांकी देखने के लिए भी भीड़ लगती है। इसी को देखते हुए एक कंपनी रैपिड एक्शन फोर्स, छह कंपनी पीएसी, फ्लड यूनिट, एंटी सबोटॉज टीम, बम डिस्पोजल स्क्वायड की भी तैनाती की गई है।

जम्मु कश्मीर में आतंकियों के सफाये के लिए एक्शन मोड में अमित शाह, सुरक्षा मुद्दों पर बैठक

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर में हाल के दिनों में हुई आतंकी वारदात को लेकर केंद्र सरकार अलर्ट हो गया है। आतंकियों के खिलाफ एक्शन प्लान और रणनीति को लेकर आज यानी रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समीक्षा बैठक करने वाले हैं। बैठक के दौरान अमित शाह जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति का जायजा लेंगे। उम्मीद की जा रही है कि आतंकियों के खिलाफ कड़े एक्शन को लेकर वो कई दिशा निर्देश देंगे। इसके अलावा गृह मंत्री 29 जून से शुरू होने वाली वार्षिक अमरनाथ तीर्थयात्रा की तैयारियों की भी समीक्षा करेंगे। गौरतलब है कि इससे दो दिन पहले शाह और पीएम मोदी ने भी कश्मीर को लेकर बैठक की थी।

अमित शाह की बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, अगले सेना प्रमुख के तौर पर नामित लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक अनीश दयाल सिंह, जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक आर आर स्वैन समेत अन्य शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों शामिल हो सकत हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज की बैठक में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति, अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा बलों की तैनाती, घुसपैठ रोधी कवायद, आतंकवाद रोधी अभियानों की स्थिति और केंद्र शासित प्रदेश में सक्रिय आतंकवादियों के बारे में चर्चा कर सकते हैं। इसके अलावा वो जम्मू कश्मीर की सुरक्षा को लेकर कई दिशा निर्देश भी दे सकते हैं।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में आतंकी वारदातों में काफी इजाफा हुआ है। आतंकवादियों ने चार दिनों में जम्मू-कश्मीर के रियासी, कठुआ और डोडा जिलों में चार स्थानों पर हमले किए थे। इन हमलों में नौ तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी। आतंकी हमलों में एक सीआरपीएफ का जवान भी शहीद हो गया था और सात सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे. हालांकि कठुआ में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी भी मारे गए थे। इनके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया था।

पहाड़ी में छिपे हैं रियासी आतंकी, ड्रोन की मदद से जंगल खंगाल रही सेना

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर आतंकवादियों के हमले के बाद सुरक्षा बलों ने सोमवार सुबह बड़े पैमाने पर तलाश अभियान शुरू कर लिया है। सुरक्षा टीम को इनपुट मिले हैं कि आतंकी रियासी की पहाड़ी में छिपे हैं। सेना की टीम पूरा जंगल खंगाल रही है। सेना की टीम ड्रोन की भी मदद ले रही है। इससे पहले यह जानकारी सामने आई थी कि इस आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर का हाथ है। आतंकियों ने हमले का समय जानबूझकर पीएम मोदी के शपथ ग्रहण के दौरान का रखा था।

रविवार शाम को शिव खोरी मंदिर से कटरा की ओर जा रही एक बस पर रविवार शाम को आतंकवादियों ने हमला कर दिया जिससे बस के रनसू के पास कांडा मोड़ पर एक खाई में गिर जाने से 10 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई और 33 घायल हो गए। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को कहा कि रियासी में आतंकवादियों के खिलाफ एक संयुक्त अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि बस हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारतीय सेना, पुलिस और विशेष अभियान समूह की संयुक्त टीम ने सूरज उगने के साथ ही आतंकवादियों का पता लगाने के लिए घटनास्थल और आसपास के इलाकों में तलाश अभियान शुरू कर दिया है। ऐसी जानकारी हाथ लगी है कि आतंकी रियासी की पहाड़ियों में छिपे हैं। उनकी खोजबीन के लिए जंगलों में ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हमले की निंदा की और इसके पीछे के लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति का जायजा लिया और मुझसे स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा है। इस जघन्य कृत्य के पीछे के सभी लोगों को जल्द ही दंडित किया जाएगा। पीएम मोदी ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी घायलों को सर्वोत्तम संभवृ चिकित्सा देखभाल और सहायता प्रदान की जाए।”

उपराज्यपाल सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के डीजीपी अपनी टीम के साथ मौके पर हैं। “पहली प्राथमिकता घायलों को बचाना है। मैंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से बात की है और मैं लोगों को आश्रस्त करता हूं कि हमले के लिए जो भी जिम्मेदार है, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रियासी आतंकवादी हमले में मारे गए तीर्थयात्रियों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की मंजूरी दी। सिन्हा ने ऐलान किया कि घायलों को 50-50 हजारॉ रुपये दिये जाएंगे।

दूसरी तरफ एनआईए की एक टीम ने जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में पहुंचकर बस पर हुए आतंकवादी हमले की जांच शुरू कर दी है। एनआईए की टीम स्थानीय पुलिस के साथ जांच कर रही है।

 

ममता ने जम्मू-कश्मीर में तीर्थयात्रियों की बस पर हुए आतंकवादी हमले की जांच की मांग की

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को जम्मू-कश्मीर में तीर्थयात्रियों से भरी बस पर आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में नौ लोगों की मौत पर दुख जताया और घटना की जांच की मांग की।

एक्स पर एक पोस्ट में बनर्जी ने कहा, “मुझे पता चला है कि जम्मू-कश्मीर में कुछ तीर्थयात्रियों पर हमले की घटना हुई है और इसके परिणामस्वरूप नौ लोगों की मौत हो गई है। मामले की तुरंत जांच होनी चाहिए। मैं पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं।”

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में रविवार शाम आतंकवादियों ने उत्तर प्रदेश के तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस पर हमला कर दिया, जिसमें नौ लोग मारे गए और 33 घायल हो गए।
यह हमला पोनी के तेरयाथ गांव के पास कटरा में शिव खोरी मंदिर से माता वैष्णो देवी मंदिर जा रही बस पर हुआ।
शाम करीब 6:15 बजे गोलीबारी के बाद 53 सीटों वाली बस सड़क से उतरकर गहरी खाई में जा गिरी।

Kashmir Terror Attack: কাশ্মীরে জোড়া জঙ্গি হামলায় নিহত ২

kashmir army

নিউজ ডেস্ক: জম্মু ও কাশ্মীরে (Jammu and Kashmir) সন্ত্রাসবাদীদের গুলিতে শহিদ হয়েছেন এক পুলিশকর্মী। প্রাণ হারিয়েছেন একজন সাধারণ মানুষও। হামলাকারীদের খোঁজে তল্লাশি শুরু করেছে সেনা ও পুলিশের যৌথবাহিনী।

কাশ্মীর পুলিশ জানিয়েছে, বুধবার অনন্তনাগ জেলায় বিজবেহারা থানার পুলিশ আধিকারিক মহম্মদ আশরফের উপর জঙ্গিরা হামলা চালায়। তাঁর শরীরে একাধিক গুলি লাগে। এরপরই ঘটনাস্থল থেকে সন্ত্রাসবাদীরা পালিয়ে যায়। তড়িঘড়ি ওই পুলিশকর্মীকে শ্রীনগর হাসপাতালে নিয়ে যাওয়া হলেও তাঁকে বাঁচানো যায়নি।

এদিকে, শ্রীনগরেও হানা দেয় জেহাদিরা। শহরের সফকদল থানার অন্তর্গত ইদগাহ এলাকার মেরজনপোরায় এক ব্যক্তির উপর এলোপাথাড়ি গুলিবৃষ্টি করে সন্ত্রাসবাদীরা। ঘটনাস্থলেই মৃত্যু হয় রউফ আহমেদ নামের ওই ব্যক্তির। হামলাকারীদের সন্ধানে পুলিশ অভিযান শুরু করেছে।

উল্লেখ্য, দিনকয়েক আগে জঙ্গিহানায় শহিদ হয়েছেন ২ পুলিশ কর্মী। জখম হন অন্তত ১২ জন। এরপর থেকেই আরও জোরদার হয়েছে কাশ্মীরের জঙ্গিদমন অভিযান।