Airtel ने Jio से भी सस्ता लॉन्च किया 26 रुपये का रिचार्ज प्लान

नई दिल्ली :  एयरटेल देश की जानी-मानी टेलीकॉम कंपनी है। Jio के बाद Airtel ही देश में दूसरा सबसे बड़ा यूजर बेस रखता है। एयरटेल ने एक नया किफायती रिचार्ज प्लान पेश किया है जिसकी कीमत 26 रुपये है। इस नए रिचार्ज प्लान में यूजर्स को इंटरनेट यूज के लिए 1.5GB हाई-स्पीड डेटा मिलता है। एयरटेल ने अब अपने लाखों सब्सक्राइबर्स के लिए यह किफायती पैक पेश किया है, जो उन्हें बेहद कम कीमत में 1.5GB डेटा के साथ कई बेनिफिट्स प्रदान करता है।

1. यह नया Airtel रिचार्ज प्लान 26 रुपये का है और इसे डेटा पैक के रूप में कैटेगराइज किया गया है। कंपनी पहले से ही 22 रुपये का डेटा पैक प्रदान करती है, जो यूजर्स को रोजाना 1GB डेटा प्रदान करता है। दोनों नए और मौजूदा प्लान की वैलिडिटी एक दिन की है। इस नए प्लान में यूजर्स को 1.5GB डेटा मिलेगा।

2. यूजर्स के पास इस एयरटेल प्लान को चल रहे Truly Unlimited प्लान के साथ चुनने का ऑप्शन है। इस प्लान में फ्री कॉलिंग की सुविधा नहीं है। एयरटेल ने यह प्लान विशेष रूप से आपातकालीन डेटा की आवश्यकता वाले यूजर्स के लिए पेश किया है।

3. Rs 22 और Rs 26 प्लान के अलावा कंपनी अन्य 1 दिन की वैलिटिडी वाले डेटा पैक भी प्रदान करती है। इनमें 2GB डेटा की पेशकश करने वाला Rs 33 प्लान और अनलिमिटेड डेटा (20GB के फेयर यूसेज पॉलिसी के साथ) की पेशकश करने वाला Rs 49 प्लान शामिल है।

एयरटेल पहले से ही एक्सटेंडेट वैलिडिटी के साथ कई डेटा प्लान ऑफर करता है। कंपनी का 77 रुपये वाला प्लान 5GB डेटा ऑफर करता है, जबकि 121 रुपये वाला प्लान 6GB डेटा प्रदान करता है। ये दोनों डेटा पैक यूजर्स के मौजूदा प्लान तक वैलिड हैं।

एयरटेल का 979 रुपये वाले रिचार्ज प्लान में Airtel Xstream Play सर्विस शामिल है, जो यूजर्स को Sony LIV, Lionsgate Play, Aha, Chaupal, Hoichoi और SunNxt जैसे कई ऐप्स तक पहुंच प्रदान करता है। ऐप सब्सक्रिप्शन के साथ यूजर्स भारत में किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉलिंग, डेली 2GB डेटा अलाउंस (कुल 168GB), फ्री रोमिंग और रोजाना 100 एसएमएस का आनंद ले सकते हैं. इसके अलावा 5G स्मार्टफोन वाले यूजर्स अनलिमिटेड 5G डेटा का उपयोग कर सकते हैं।

फ्लाईओवर के पिलर पर स्कूटी सहित अटकी लड़की

लखनऊ : उत्तर प्रदेश  में नोएडा सेक्टर 25 के सामने एलिवेटेड रोड पर एक बड़ा हादसा होने से बच गया। नोएडा के डीएनडी फ्लाईओवर पर एक खतरनाक हादसे में एक महिला बाल-बाल बच गई। यह घटना तब हुई जब महिला स्कूटी पर सवार थी और तभी उसके वाहन पर किसी कार ने टक्कर मार दी। टक्कर लगने से स्कूटी अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया। टकराव के बाद महिला फ्लाईओवर के दो लेन के बीच स्थित पोल पर गिरकर फंस गई। पिलर होने की वजह से हादसे के बाद लड़की नीचे नहीं गिरी, वरना बड़ा गंभीर हादसा हो सकता था। नोएडा पुलिस ने लड़की को बचाया, जो अब सुरक्षित है।

हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और तुरंत पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। उन्होंने सावधानीपूर्वक महिला को पोल से सुरक्षित उतारा और चिकित्सा सहायता के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा। महिला की पहचान और उसकी वर्तमान स्थिति के बारे में अभी अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन पुलिस ने बताया कि वह हादसे में बाल-बाल बच गई है और उसकी स्थिति स्थिर है।

डीएनडी फ्लाईओवर पर यह हादसा एक गंभीर चेतावनी है। यहां गाड़ी चलाते समय सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद महत्वपूर्ण है। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे स्पीड लिमिट का पालन करें और अपनी तथा अन्य यात्रियों की सुरक्षा का ध्यान रखें। घटना की जांच अभी जारी है और पुलिस फ्लाईओवर के CCTV फुटेज की सहायता से हादसे के सही कारणों का पता लगा रही है।

Aishwarya Rai की वो 8 बड़ी गलतियां! जिसके लिए करती होंगी आज भी अफसोस

नई दिल्ली : हिंदी सिनेमा से लेकर साउथ सिनेमा तक अपनी अदाकारी से सभी के दिलों पर राज करने वाली ऐश्वर्या राय  इन दिनों काफी सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर ये चर्चा है कि ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन तलाक लेने जा रहे हैं। दोनों के रिश्ते को लेकर तरह-तरह की खबरें आ रही हैं। दोनों को एक साथ भी स्पॉट नहीं किया जा रहा है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस कपल की निजी जिंदगी में काफी उथल-पुथल मची हुई है।

हालांकि ऐश्वर्या-अभिषेक इन सभी खबरों पर चुप्पी साधे हुए नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ ऐश्वर्या एक बार फिर से अपने एक्टिंग करियर पर फोकस करती हुई नजर आ रही हैं। ऐश्वर्या राय की उन गलतियों जो उन्होंने अपने सक्सेसफुल करियर के दौरान की थीं।

मॉडलिंग के बाद ऐश्वर्या ने बॉलीवुड की दुनिया में जब कदम रखा तो उनके हाथ निराशा लगी। उनकी बैक-टू-बैक दो फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रहीं। संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ से ऐश्वर्या ने इंडस्ट्री में अपने पैर जमाने शुरू किए। सलमान खान और ऐश्वर्या की इस फिल्म ने छप्परफाड़ कमाई की और इस जोड़ी को काफी पसंद भी किया गया। इस फिल्म के बाद उन्हें अपनी अगली बड़ी फिल्म शाहरुख खान के साथ काम करके मिली. फिल्म का नाम ‘मोहब्बतें’ था. ये एक बड़ी ब्लॉकबस्टर पिक्चर थी।

एक के बाद एक कई शानदार फिल्मों में काम करने के बाद एक वक्त तो ऐसा भी आया कि हर डायरेक्टर ऐश्वर्या राय के साथ काम करना चाहता था और वो इंडस्ट्री की हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस तक बन गई थीं। लेकिन उनके कुछ गलत फैसले उनके करियर पर काफी भारी पड़े। ऐश्वर्या ने कई बड़ी-बड़ी फिल्मों को ठोकर मार दी और कुछ फिल्में उनके फैसलों के चलते हाथ से निकल गईं। ऐश्वर्या ने करियर के पीक पर 8 ऐसी फिल्मों को ठोकर मारी, जो उनके लिए बड़ी गलती साबित हुईं। इन 8 फिल्मों में शाहरुख खान, आमिर खान, संजय दत्त, अक्षय कुमार जैसे बड़े-बड़े एक्टर्स के नाम तक शामिल थे।

आमिर खान इंडस्ट्री के बड़े स्टार थे उनके साथ काम करने के लिए एक्ट्रेसेस बेसब्री से इंतजार किया करती थीं। खबरों की मानें तो ऐश्वर्या राय को आमिर खान की दो फिल्में ऑफर हुई थीं। एक ‘राजा हिंदुस्तानी’ और दूसरी ‘गजनी’. इन दोनों फिल्मों के लिए ऐश मेकर्स की पहली पसंद थीं। आमिर की ये दोनों ही पिक्चर सुपरहिट हैं और बॉक्स ऑफिस पर इन फिल्मों ने खूब कमाई की थी। ऐश्वर्या खुद भी इस बात का खुलासा कर चुकी हैं कि उन्हें धर्मेश दर्शन ने ‘राजा हिंदुस्तानी’ के लिए अप्रोच किया था। लेकिन उस वक्त वो मॉडलिंग कर रही थीं, इसलिए उन्होंने इसे करने से इनकार कर दिया।

‘मोहब्बतें’ और ‘देवदास’ के बाद ऐश्वर्या राय और शाहरुख खान की जोड़ी को काफी पसंद किया जाने लगा था। दोनों की ये फिल्में ब्लॉकबस्टर भी रही हैं। लेकिन आगे चलकर जब ऐश्वर्या को शाहरुख की फिल्में ऑफर हुईं, तो उन्होंने उन्हें रिजेक्ट कर दिया। ऐश ने किंग खान की 3-3 फिल्मों को ठोकर मारी है। फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ के लिए ऐश्वर्या को रानी मुखर्जी वाला रोल ऑफर हुआ था। इस बात का खुलासा भी ऐश ने ही किया था। इसके बाद उन्हें सुपरहिट फिल्म ‘दिल तो पागल है’ और ‘वीर-जारा’ के लिए भी अप्रोच किया गया था। लेकिन उन्होंने इन फिल्मों को करने से मना कर दिया।

‘दोस्ताना’ में प्रियंका चोपड़ा वाले किरदार के लिए मेकर्स की पहली पसंद ऐश्वर्या राय थीं। फिल्म में जॉन अब्राहम और अभिषेक बच्चन भी लीड रोल थे। हालांकि कहा जाता है कि उस वक्त ऐश अपनी वर्क कमीटमेंट्स को लेकर काफी बिजी चल रही थीं। एक रिपोर्ट की मानें तो संजय लीला भंसाली ने दीपिका पादुकोण से पहले ‘बाजीराव मस्तानी’ के लिए ऐश्वर्या राय को कास्ट करने का मन बनाया था।

खबरों की मानें तो डायरेक्टर ऐश को लीड रोल में लेना चाहते थे, लेकिन उन्होंने इस रोल के लिए इनकार कर दिया। इसके अलावा उन्होंने ‘भूल भुलैया’ में मंजुलिका का रोल ठुकराया और ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ करने से भी साफ मना कर दिया था।

ध्रुवी पटेल के सिर सजा ‘मिस इंडिया वर्ल्डवाइड 2024’ का ताज

नई दिल्ली :  अमेरिका की कंप्यूटर इनफार्मेशन सिस्टम की छात्रा ध्रुवी पटेल ने ‘मिस इंडिया वर्ल्डवाइड 2024’ का ताज अपने नाम कर लिया है। वह इस उपलब्धि से बहुत खुश और उत्साहित हैं। ‘मिस इंडिया वर्ल्डवाइड 2024’ भारत के बाहर सबसे लंबे समय तक चलने वाली भारतीय प्रतियोगिता है। इस प्रतियोगिता को जीतने के बाद ध्रुवी ने बॉलीवुड अभिनेत्री और यूनिसेफ की राजदूत बनने की इच्छा जाहिर की है।

ध्रुवी ने एडिसन, न्यू जर्सी में ताज पहनने के बाद अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, ‘मिस इंडिया वर्ल्डवाइड जीतना एक अविश्वसनीय सम्मान है। यह एक ताज से कहीं बढ़कर है – यह मेरी विरासत, मेरे मूल्यों और वैश्विक स्तर पर दूसरों को प्रेरित करने के अवसर का प्रतिनिधित्व करता है।’

किसी भी प्रतियोगिता की सबसे सामान्य चीज होती है कि उसका एक ही विजेता। ‘मिस इंडिया वर्ल्डवाइड 2024’ की इस प्रतियोगिता में सूरीनाम की लिसा अब्दोएलहक को प्रथम रनर-अप घोषित किया गया, जबकि नीदरलैंड की मालविका शर्मा को इस दौड़ में दूसरा रनर-अप घोषित किया गया। मिसेज श्रेणी में त्रिनिदाद और टोबैगो की सुआन मौटेट विजेता रहीं, स्नेहा नांबियार प्रथम और यूनाइटेड किंगडम की पवनदीप कौर द्वितीय रनर-अप रहीं। किशोर श्रेणी में ग्वाडेलोप की सिएरा सुरेट को ‘मिस टीन इंडिया वर्ल्डवाइड’ का ताज पहनाया गया। नीदरलैंड की श्रेया सिंह और सूरीनाम की श्रद्धा टेडजो को प्रथम और द्वितीय रनर-अप घोषित किया गया।

इस सौंदर्य प्रतियोगिता का आयोजन न्यूयॉर्क स्थित ‘इंडिया फेस्टिवल कमेटी’ द्वारा किया जाता है और इसकी अध्यक्षता भारतीय-अमेरिकी नीलम और धर्मात्मा सरन करते हैं। बता दें कि इस साल यह प्रतियोगिता अपनी 31वीं वर्षगांठ मना रही है।

सर्वोच्च न्यायालय का यूट्यूब चैनल हैक, नजर आया अमेरिकी क्रिप्टोकरेंसी का ऐड

नई दिल्ली : भारत के सर्वोच्च न्यायालय यानी सुप्रीम कोर्ट के YouTube चैनल को हैक कर लिया गया और उस पर XRP को बढ़ावा देने वाले वीडियो दिखाए जाने लगे। यह अमेरिका स्थित कंपनी रिपल लैब्स द्वारा विकसित एक क्रिप्टोकरेंसी है। शीर्ष न्यायालय इस चैनल का उपयोग संविधान पीठ के समक्ष सूचीबद्ध मामलों और जनहित से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए करता है। शीर्ष अदालत ने 2018 में संविधान पीठ के समक्ष सभी मामलों की सुनवाई का सीधा प्रसारण करने का निर्णय लिया था।

जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के यूट्यूब चैनल पर अपलोड पिछली सुनवाई के वीडियो को हैकर्स ने प्राइवेट कर दिया। इसके बाद ‘ब्रैड गारलिंगहाउस: रिपल रिस्पॉन्ड्स टू द एसईसी $2 बिलियन फाइन! एक्सआरपी प्राइस प्रीडिक्शन’ शीर्षक वाला एक ब्लैंक वीडियो वर्तमान में हैक किए गए चैनल पर लाइव किया गया।

यूट्यूब चैनल शुक्रवार को ‘हैक’ हो गया और उसपर अमेरिकी कंपनी ‘रिपल लैब्स’ निर्मित ‘क्रिप्टोकरंसी’ के प्रचार वाला एक वीडियो दिखाई देने लगा। हालांकि वीडियो को खोलने पर उसपर कुछ दिखाई नहीं दिया।

ऐश्वर्या राय का के भाषण ने जीता दिल: बेटी आराध्या के लिए भावुक संदेश

नई दिल्ली: आराध्या, जो हमेशा सार्वजनिक आयोजनों में अपनी मां ऐश्वर्या का समर्थन करती नजर आती हैं, इस खास मौके को भी मिस नहीं किया। वो ऐश्वर्या की “प्लस वन” बनीं, और उनकी मां के इस सम्मानित पल में साथ रहीं। ऐश्वर्या ने अपने स्वीकृति भाषण में आराध्या के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “और धन्यवाद आराध्या, मेरे साथ यहां होने के लिए। तुम्हारे यहां होने से यह मेरे लिए बेहद खास हो गया है। आई लव यू। थैंक यू SIIMA।”

इस इवेंट का सबसे भावुक पल तब आया जब आराध्या अपनी मां को गले लगाने दौड़ी। इस दिल छू लेने वाले पल का वीडियो वायरल हो गया, और सोशल मीडिया पर फैंस आराध्या की उत्सुकता और अपनी मां के प्रति उनके प्रेम की तारीफ कर रहे थे।

आराध्या को अपनी मां की जीत के पल की फोटो खींचते हुए भी देखा गया, जिससे यह यादगार पल हमेशा के लिए कैद हो गया। सोशल मीडिया पर फैंस ने मां-बेटी के इस खास बॉन्ड की जमकर सराहना की। रात का एक और खास पल तब देखने को मिला जब ऐश्वर्या ने साउथ इंडियन एक्टर शिवराजकुमार से मुलाकात की। अपनी जीत के बाद, ऐश्वर्या ने हाथ जोड़कर और मुस्कुराते हुए शिवराजकुमार का अभिवादन किया। फिर उन्होंने आराध्या को शिवराजकुमार से मिलवाया, और यह पल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

आराध्या ने शिवराजकुमार का हाथ जोड़कर अभिवादन किया और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस भावनात्मक पल ने दर्शकों का दिल जीत लिया और सोशल मीडिया पर आराध्या की संस्कारी छवि की जमकर तारीफ हुई। शिवराजकुमार ने भी आराध्या को आशीर्वाद दिया और हाथ जोड़कर उनका सम्मान किया। यह प्यारा पल वीडियो में कैद हुआ और सोशल मीडिया पर खूब साझा किया गया, जहां फैंस ने आराध्या की संस्कारों और संस्कृति की तारीफ की।

प्यार और आकर्षण के बीच अंतर कैसे पहचानें

कोलकाता : आज की युवा पीढ़ी प्यार के मामले में काफी कंफ्यूज रहती है। काफी लोग नहीं जानते कि प्यार क्या है? सिर्फ इसलिए कि कोई कहता है कि मैं तुमसे प्यार करता हूं या करती हूं, यह साबित नहीं करता कि वह व्यक्ति या नारी वास्तव में आपसे प्यार करता या करती है क्योंकि प्यार उन तीन शब्दों से कहीं अधिक है।

प्यार और आकर्षण के बीच के अंतर को समझने समझे, प्यार सबसे पवित्र एहसास है जिसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। यह शारीरिक संपर्क से स्वतंत्र, दो आत्माओं के बीच का संबंध है। इसे प्यार में पड़कर ही समझा जा सकता है।

आज की इस भागती-दौड़ती दुनिया में भरोसा करना काफी मुश्किल हो गया है, लेकिन प्यार में आप आंख मूंदकर भरोसा करेंगे और अपने प्रेमी या प्रेमिका के लिए खड़े होंगे। आप अपने पार्टनर के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते। माँ का प्यार पवित्र प्रेम का एक सर्वोत्तम उदाहरणों में से एक है।

सैन्य अधिकारी की Girlfriend ने ओडिशा पुलिस पर लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

भुवनेश्वर: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में पुलिस के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार के कारण गिरफ्तार किए गए आर्मी अफसर की महिला मित्र ने गुरुवार को दावा किया कि हिरासत में लिए जाने के बाद उनके साथ यौन उत्पीड़न हुआ। रविवार रात को भरतपुर थाने के पुलिसकर्मियों द्वारा गिरफ्तार की गई महिला को हाई कोर्ट ने जमानत पर रिहा कर दिया। महिला ने कहा कि वह अपने दोस्त, आर्मी अफसर के साथ देर रात करीब एक बजे अपना रेस्तरां बंद कर घर लौट रही थी तभी कुछ युवकों ने उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया। उसने कहा कि इसके बाद वे मदद मांगने के लिए भरतपुर थाने गए।

महिला ने आरोप लगाया, ‘जब हम FIR दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचे तो वहां एक महिला सिपाही सादी वर्दी में थी। हमने उनसे FIR दर्ज करने और बदमाशों को पकड़ने के लिए एक गश्ती वाहन भेजने के लिए कहा। मेरी मदद करने के बजाय, उसने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया।’ वर्तमान में भुवनेश्वर स्थित एम्स में इलाज करा रही महिला ने कहा कि कुछ देर बाद और पुलिसकर्मी थाने पहुंचे और उनके दोस्त से शिकायत लिखने को कहा। महिला ने आरोप लगाया, ‘मुझे नहीं पता कि क्या हुआ, उन्होंने उसको (सैन्य अधिकारी को) हवालात में डाल दिया।’

महिला ने आगे कहा, ‘जब मैंने अपनी आवाज तेज करते हुए कहा कि वे (पुलिस) सेना के अधिकारी को हिरासत में नहीं रख सकते तो दो महिला अधिकारियों ने मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी।’ महिला ने कहा कि उसने जवाबी कार्रवाई करने की कोशिश की और जब महिला पुलिसकर्मियों ने उसकी गर्दन पकड़ने की कोशिश की तो उसने एक महिला पुलिसकर्मी के हाथ पर काट लिया। महिला ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसके हाथ और पैर बांधकर उसे एक कमरे में बैठा दिया।

महिला के मुताबिक, ‘कुछ समय बाद एक पुरुष अधिकारी ने दरवाजा खोला और मेरी छाती पर कई बार लात मारी।’ राष्ट्रीय महिला आयोग ने घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिदेशक से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। बता दें कि इस मामले में भरतपुर पुलिस स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक (IIC) सहित कुल 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। एक आधिकारिक बयान में, ओडिशा पुलिस ने IIC दीनाकृष्ण मिश्रा, सब-इंस्पेक्टर बैसालिनी पांडा, ASI सलिलामयी साहू और सागरिका रथ, और कॉन्स्टेबल बलराम हांडा के निलंबन की पुष्टि की।

सौरव गांगुली ने साइबर पुलिस थाने में दर्ज कराई शिकायत

कोलकाता : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष, सौरभ गांगुली, ने कोलकाता पुलिस के पास साइबर धमकी और मानहानि की एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। उनकी सचिव ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा है कि मृण्मय दास नामक एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें गांगुली के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि गांगुली की सचिव ने मंगलवार रात कोलकाता पुलिस के साइबर विभाग को एक ईमेल भेजकर इस मामले की शिकायत की है। ईमेल के साथ उन्होंने वीडियो लिंक भी साझा किया है, जिसमें गांगुली को अपमानित करने वाले बयान दिए गए हैं।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिकायत में कहा गया है कि ये टिप्पणियां सौरभ गांगुली की प्रतिष्ठा के लिए हानिकारक हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोलकाता पुलिस ने बुधवार को इस मामले की जांच शुरू कर दी है।

आर.जी.कर अस्पताल मामले में मीनाक्षी मुखर्जी सीबीआई के समक्ष पेश हुईं

कोलकाता : आर जी कर अस्पताल में महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले की जांच के सिलसिले में डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन आफ इंडिया (डीवाईएफआई) की पश्चिम बंगाल राज्य सचिव मीनाक्षी मुखर्जी गुरुवार को सीबीआई के साल्टलेक स्थित कार्यालय में पेश हुई। डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन आफ इंडिया, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की युवा शाखा है।

उत्तर बंगाल के रायगंज से लौटने के बाद गुरुवार की सुबह सीबीआई (एजेंसी) के कार्यालय पहुंचीं। मीनाक्षी मुखर्जी ने कहा, मैं हर तरह से सीबीआई अधिकारियों के साथ सहयोग करुंगी। महिला चिकित्सक का शव अस्पताल के सेमिनार हॉल से बरामद होने के कुछ घंटे बाद मुखर्जी ने नौ अगस्त को पीड़िता के माता-पिता से मुलाकात की थी।

माकपा कई बार यह दावा कर चुकी है कि वामपंथी युवा नेता के प्रयासों के चलते ही चिकित्सक के शव के शीघ्र अंतिम संस्कार का विरोध किया गया। उसी रात मीनाक्षी मुखर्जी को आर.जी.कर अस्पताल से पीड़ित महिला चिकित्सक का शव ले जा रहे पुलिस के शव वाहन का रास्ता रोकते हुए देखा गया था।

IPS शिवदीप लांडे ने दिया इस्तीफा

पटना: चर्चित आइपीएस शिवदीप लांडे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वे वर्तमान में पूर्णिया में आइजी के पद पर तैनात थे। 2006 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी शिवदीप लांडे ने कहा है कि वो बिहार में ही रहेंगे और यहां के लोगों की सेवा करते रहेंगे। अपने इस्तीफे की जानकारी उन्होंने खुद दी है। इस संबंध में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी किया है। पोस्ट के जरिए उन्होंने यह भी बताया है कि उनकी आगे की क्या प्लानिंग है।

बिहार के सिंघम के रूप में चर्चित शिवदीप लांडे के वेरीफाइड सोशल मीडिया एकाउंट से यह घोषणा सार्वजनिक की गयी है। दो हफ्ते पहले पूर्णिया आईजी के रूप में उन्होंने योगदान दिया था। तिरहुत जैसे बड़े इलाके से पूर्णिया भेजे जाने पर उनकी नाराजगी की बात फिज़ा में थी और दो हफ्ते बाद ही उनका इस्तीफा सामने आ गया है। बिहार में एक माह के अंदर यह दूसरा मामला है जब कोई आइपीएस अधिकारी ने नौकरी से इस्तीफा दिया है। कुछ दिन पहले लेडी सिंघम के नाम से चर्चित आईपीएस अधिकारी काम्या मिश्रा ने भी निजी कारणों से इस्तीफा सौंप दिया था।

गुरुवार दोपहर सोशल मीडिया पर वर्दी में तिरंगे को सलामी देते हुए तस्वीर शेयर करते हुए आईपीएस शिवदीप लांडे ने लिखा कि शिवदीप लांडे ने लिखा- “मेरे प्रिय बिहार, पिछले 18 वर्षो से सरकारी पद पर अपनी सेवा प्रदान करने के बाद आज मैंने इस पद से इस्तीफा दे दिया है. इन सभी वर्षो में मैंने बिहार को ख़ुद से और अपने परिवार से भी ऊपर माना है। अगर मेरे बतौर सरकारी सेवक के कार्यकाल में कोई त्रुटि हुई हो तो मैं उसके लिए क्षमाप्रार्थी हूं। मैंने आज भारतीय पुलिस सर्विस (IPS) से त्यागपत्र दिया है, परन्तु मैं बिहार में ही रहूंगा और आगे भी बिहार मेरी कर्मभूमि रहेगी।” शिवदीप लांडे के इस्तीफा के बाद अब उनकी आगे की योजना पर चर्चा शुरू हो गयी है।

 

 

पेजर बना हिजबुल्लाह के लड़ाकों के लिए विस्फोटक

बेरूत: ईरान से समर्थित लेबनान के चरमपंथी गुट हिजबुल्लाह के ऊपर मंगलवार को बहुत बड़ा हमला हुआ। मंगलवार दोपहर लेबनान में हजारों पेजर में एक साथ ब्लास्ट होने लगा। लेबनानी स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया है कि इस हमले में अब तक 9 लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 3000 लोग घायल हैं। घायलों में अधिकांश हिजबुल्लाह के लड़ाके हैं, जो इजरायल के हमले से बचने के लिए आज भी मोबाइल फोन की जगह पेजर का इस्तेमाल करते हैं।

अल हदाथ टीवी ने बताया है कि हमले में हिजबुल्लाह के 500 से ज्यादा सदस्यों ने अपनी आंख गंवाई है। हमले में घायल ईरान के राजदूत मोजतबा अमानी की भी एक आंख चली गई है। विस्फोट दोपहर लगभग 3:30 बजे बेरूत के दक्षिणी इलाके दहियाह और पूर्वी बेका घाटी में शुरू हुए। इसे हिजबुल्लाह का गढ़ माना जाता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन पेजर में विस्फोट हुए हैं, हिजबुल्लाह ने उन्हें हाल ही में मंगवाया था।

 रिपोर्ट में बताया है कि एक नष्ट हुए पेजर की तस्वीर में ऐसा स्टिकर दिखाई दिया है जो गोल्ड अपोलो के पेजर के अनुरूप था। लेबनान के वरिष्ठ सुरक्षा सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि हिजबुल्लाह ने ताइवान स्थित गोल्ड अपोलो से 5000 पेजर मंगवाए थे। हिजबुल्लाह को भरोसा था कि सेलफोन के मुकाबले पुरानी तकनीक वाले ये पेजर संचार के दौरान इजरायली ट्रैकिंग सिस्टम की पकड़ में नहीं आएंगे। लेकिन इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के जासूस हिजबुल्लाह की सप्लाई चेन में घुस चुके थे।

हिजबुल्लाह तक सप्लाई से पहले ये पेजर मोसाद के हाथों में पहुंच गए। लेबनान में हिजबुल्लाह के पास भेजे जाने से पहले इजरायली जासूसों ने इन पेजर के अंदर छोटे विस्फोटक प्लांट कर दिए। मंगलवार को बाहर से कमांड भेजकर एक साथ पेजरों में ब्लास्ट कर दिया गया। ऐसा मालूम होता है कि हिजबुल्लाह ने हाल ही में मंगाए पेजर को देश से बाहर भी अपने लड़ाकों को पहुंचाए थे। सीरिया से भी पेजर के विस्फोट की खबरें आई हैं। सीरिया में हिजबुल्लाह के लड़ाके मौजूद हैं।

इस बीच ताइवान की गोल्ड अपोलो ने 17 सितम्बर को लेबनान में विस्फोट लेकर बयान दिया है। गोल्ड अपोलो के संस्थापक सू चिंग-कुआंग ने 18 सितम्बर को संवाददाताओं को बताया कि कंपनी ने वो पेजर नहीं बनाए हैं, जिनका विस्फोटों में इस्तेमाल किया गया है। कुआंग ने बुधवार को न्यू ताइपे में संवाददाताओं से कहा, ‘यह उत्पाद हमारा नहीं था। इसमें सिर्फ हमारा ब्रांड था।’ कंपनी ने एक बयान में कहा कि AR-924 मॉडल का उत्पादन और बिक्री BAC द्वारा की गई थी। बयान में कहा गया, टहम सिर्फ़ ब्रांड ट्रेडमार्क प्राधिकरण प्रदान करते हैं और इस उत्पाद के डिज़ाइन या निर्माण में हमारी कोई भागीदारी नहीं है।

मनोज वर्मा बने कोलकाता पुलिस के नए कमिश्नर

कोलकाता : कोलकाता पुलिस को एक नई दिशा देने के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी मनोज वर्मा ने  कोलकाता पुलिस के नए कमिश्नर के रूप में पदभार संभाला। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा नियुक्त किए गए मनोज वर्मा की इस महत्वपूर्ण नियुक्ति से पुलिस विभाग में नई ऊर्जा और दिशा की उम्मीद की जा रही है।

मनोज वर्मा 1998 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उन्होंने पुलिस सेवा में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। इससे पहले, वे राज्य पुलिस के एडीजी (कानून व्यवस्था) के पद पर तैनात थे और उन्होंने कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त के रूप में भी कार्य किया है। उनके पास कोलकाता पुलिस में डीसी डीडी (विशेष), डीसी (यातायात) जैसे महत्वपूर्ण पदों का अनुभव है।

मनोज वर्मा ने पश्चिम मेदिनीपुर में पुलिस अधीक्षक के रूप में माओवादी गतिविधियों को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने दार्जिलिंग के आईजी के रूप में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के आंदोलन को कुशलता से संभाला। बैरकपुर औद्योगिक क्षेत्र में, उन्होंने स्थानीय हिंसा और दंगों की स्थिति को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया, जिससे उनकी क्षमताओं की प्रशंसा हुई।

मनोज वर्मा ने कोलकाता पुलिस के कमिश्नर के रूप में कार्यभार संभालते ही विभाग में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई योजनाओं की घोषणा की है। उनके नेतृत्व में कोलकाता पुलिस की प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण, और समग्र कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करना होगी।

रनवे को छूते हुए दिल्ली एयरपोर्ट पर फिर टेक-ऑफ कर गई फ्लाइट

नई दिल्ली : दिल्ली एयरपोर्ट पर इंडिगो एयरलाइंस के एक विमान की री अप्रोच लैंडिंग कराई गई। क्योंकि अहमदाबाद से दिल्ली आ रहे इंडिगो एयरलाइंस का विमान एक बार में लैंड नहीं कर पाया। इस दौरान फ्लाइट में मौजूद सभी यात्री कुछ देर के लिए डर गए। यह री अप्रोच लैंडिंग क्यों कराई गई। इस बात की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

दिल्ली एयरपोर्ट पर अहमदाबाद से दिल्ली आ रहे एक विमान की री अप्रोच लैंडिंग कराई गई। क्योंकि विमान एक बार में लैंड नहीं कर पाया। T3 के रनवे पर विमान ने लैंडिंग के वक्त टच अप रनवे करके फिर से टेक ऑफ कर लिया, जिसके बाद करीब 20 मिनट तक विमान ने आसमान में राउंड लगाए और उसके बाद री अप्रोच लैंडिंग कराई गई, जिसकी वजह से विमान में मौजूद सभी यात्री सहम गए।

दिल्ली एयरलाइन के विमान ने ऐसा क्यों किया और अहमदाबाद से दिल्ली आ रहे इंडिगो विमान की रि अप्रोच लैंडिंग किस वजह से कराई गई। इस बात की जानकारी अभी सामने नहीं आई है और इसके बारे में अभी तक एयरलाइंस की तरफ से भी कुछ नहीं कहा गया है लेकिन इस घटना की वजह कुछ देर के लिए विमान के अंदर मौजूद यात्रियों में भय पैदा हो गया था और सभी यात्री डर गए थे।

इससे पहले इंडिगो के एक विमान का रूट डायवर्ट किया गया था. जहां हाल ही में मध्य-प्रदेश के जबलपुर से हैदराबाद जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट बम की धमकी मिली थी, जिसके बाद फ्लाइट को डायवर्ट कर दिया गया था। इसके बाद सभी यात्रियों को फ्लाइट से उतारा गया था। फ्लाइट की लैंडिंग नागपुर में कराई गई. फ्लाइट में सफर कर रहे सभी यात्री सुरक्षित थे।

कई बार फ्लाइट्स को बम की झूठी धमकियां दी जा चुकी हैं, जिसकी वजह से यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ी है और फ्लाइट का शेड्यूल भी बाधित होता है। ऐसे में सभी यात्रियों, उनके सामान और पूरी फ्लाइट को चेक करना जरूरी हो जाता है। यह धमकी अक्सर किसी अज्ञात ई-मेल की जरिए ही दी जाती है। यहीं नहीं फ्लाइट्स के अलावा कई बार अस्पतालों को भी इस तरह से बम की धमकियां देकर खौफ पैदा करने की कोशिश की गई है।

बोर हुआ बीवी से तो फंसा ली साली, साली को ले भागा दिल्ली

लखनऊ:  उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में एक बुजुर्ग ने अपने ही दामाद के खिलाफ बेटी की किडनैपिंग का मामला दर्ज करवाया। बुजुर्ग ने पुलिस को कहा- साहब मेरा दामाद मेरी छोटी बेटी को लेकर कहीं भाग गया है। उसने उसे प्रेम जाल में फंसाया और फिर दोनों 24 अगस्त को कहीं भाग गए। हमने उन्हें कई जगह तलाशा मगर कुछ पता नहीं लगा। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की। अब आरोपी की लोकेशन पुलिस को पता चल गई है।

आरोपी इस समय दिल्ली में है। पुलिस ने कहा कि जल्द ही आरोपी दामाद को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। नाबालिग लड़की को परिजनों को सौंपा जाएगा। मामला सोनौली कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। जानकारी के मुताबिक, यहां एक जीजा अपनी ही नाबालिग साली को लेकर दिल्ली भाग गया है। लड़की के पिता ने पुलिस को बताया- मेरी बड़ी बेटी की शादी सिद्धार्थनगर के नौडिहवा के ग्राम तखवा में हुई है।

पीड़ित के मुताबिक- दामाद गौतम अक्सर हमारे घर आता-जाता रहता था। कुछ दिनों से उसकी अपनी बीवी से नही बन रही थी। इस बीच 24 अगस्त से हमारी छोटी बेटी अचानक गायब हो गई। पता चला कि गौतम उसे बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया है। लेकिन दोनों कहां हैं ये नहीं पता चल रहा। न ही गौतम हमारा फोन उठा रहा है।

बुजुर्ग की तहरीर पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। इसके बाद पता चला कि आरोपी दिल्ली में अपनी बहन के यहां है। लड़की कहां है ये अभी तक नहीं पता लग पाया है। फिलहाल पुलिस दिल्ली की तरफ रवाना हो गई है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। लड़की को भी जल्द ही ढूंढकर परिजनों को सौंप दिया जाएगा। मामले में आगामी कार्रवाई जारी है। उधर, लड़की की बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। उसने तो सपने में भी नहीं सोचा होगा कि पति ऐसी हरकत करेगा। उसी की बहन को भगा ले जाएगा।

कोलकाता रेप मर्डर केस में CBI जांच से सुप्रीम कोर्ट संतुष्ट

कोलकाता : आरजी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया, जिसके बाद आज भी इस मामले की फिर से सुनवाई हुई. इस याचिका पर चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जज मनोज मिश्रा की बेंच सुनवाई कर रही है।

वहीं कोलकाता रेप-मर्डर केस को लेकर जूनियर डॉक्टर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में डॉक्टर्स से कहा था कि वो काम पर वापस चले जाए। साथ ही कोर्ट ने सीबीआई से केस को लेकर नई रिपोर्ट भी मांगी थी। बेंच ने पश्चिम बंगाल पुलिस से ऑटोप्सी के दस्तावेज भी मांगे थे।

सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में सीबीआई से इस केस को लेकर नई रिपोर्ट मांगी थी, जिसके चलते आज सीबीआई कोर्ट में सीलकवर में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी। सीबीआई ने स्टेटस रिपोर्ट सीजेआई की बेंच के सामने पेश की। सीजेआई ने सीबीआई की पेश की हुई रिपोर्ट पर संतोष जताया। कोर्ट ने कहा, सीबीआई जो जांच कर रही है उसका आज खुलासा करने से प्रक्रिया खतरे में पड़ जाएगी। सीबीआई ने जो लाइन अपनाई है वह सच्चाई सामने लाने के लिए है। एसएचओ को खुद ही गिरफ्तार कर लिया गया है। हमने स्टेटस रिपोर्ट देखी है। हमारे द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी गई, जिसमें शामिल है कि क्या चालान दिया गया था, पोस्ट मार्टम की प्रक्रिया क्या थी? क्या सबूत नष्ट कर दिए गए थे? क्या किसी अन्य व्यक्ति की कोई मिलीभगत थी ?

एसजी ने कहा कि मेरी चिंता यह है कि खुलासे आदि से आरोपी व्यक्तियों को मदद नहीं मिलेगी, आरोप पत्र में भी हम बहुत सावधान हैं. कुछ भी हो, उसका लाभ आरोपी व्यक्तियों को नहीं जाना चाहिए।

वहीं पश्चिम बंगाल सरकार के वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग बंद करने की मांग की है। सिब्बल ने कहा कि मेरे मुवक्किल और मेरी साख को खराब किया जा रहा है। उन्होंने कहा, मैं सुनवाई के दौरान कब हंस रहा था, सीजेआई ने कहा कि हम देखेंगे। सिब्बल ने कहा, मेरी 50 साल में कमाई इज्जत धूमिल की जा रही है, जैसे मैं पश्चिम बंगाल सरकार नहीं, बल्कि गुनाहगारों की पैरवी कर रहा हूं। सोशल मीडिया पर साख को तबाह किया जा रहा है। सीजेआई ने कहा कि हम ऐसे लाइव स्ट्रीमिंग नहीं रोक सकते।

वकीोल इंदिरा जयसिंह ने कहा, मैं जूनियर डॉक्टरों की ओर से पेश हुई हूं, हमारे पास ऐसे लोगों के नाम हैं जो घटना स्थल पर थे, जबकि उनका वहां होना जरूरी नहीं था। हम सीलबंद लिफाफे में नाम सीबीआई को सौंप सकते हैं, अदालत ने जो चिंता सामने रखी हैं, उसके तहत मैं इन नामों को सामने नहीं रख रही हूं।

सीजेआई ने कहा कि मृतक के पिता ने उन सुरागों पर कुछ सुझाव दिए हैं जिन्हें जांच लिया जाना चाहिए। हम इसे सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं, हम कहेंगे कि ये मूल्यवान इनपुट हैं और सीबीआई को इस पर गौर करना चाहिए, 5 दिन की देरी के चलते सीबीआई खुद हैंडीकैप्ट है।

वकील वृंदा ग्रोवर ने कहा कि माता-पिता जांच करने के लिए सीबीआई के साथ आए थे, बहुत सारी जानकारी सब जगह घूम रही है, उन्हें नहीं पता कि किस पर विश्वास किया जाए। एसजी ने कहा कि मैं सुझाव स्वीकार करता हूं और उन्हें सूचित किया जाना चाहिए, यह न्यूनतम मांग है जो एक जांच एजेंसी को उस लड़की के लिए करना चाहिए, जिसका बलात्कार और हत्या कर दी गई है।

एसजी ने कहा कि विकिपीडिया में पीड़िता की फोटो और नाम अभी भी है, सीजेआई ने कहा कि हम पहले आदेश दे चुके हैं, हम इस पर आदेश देंगे। सीनियर एडवोकेट गुरुस्वामी ने कहा कि विकिपीडिया ने कहा था कि हम सेंसर होने से इनकार करते हैं। सीजेआई, लेकिन यह कानून द्वारा अनिवार्य है, हम अपने आदेश में उल्लेख करेंगे। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िता की पहचान से संबंधित सभी फोटोग्राफ को सोशल मीडिया से हटाने का आदेश दिया।

एक वकील ने बेंच से कहा कि कोलकाता पुलिस ने 27 मिनट की फुटेज दी, अब क्या उन्होंने किसी उपकरण को ब्लॉक करने के लिए किसी उपकरण का इस्तेमाल किया, ताकि हैश वैल्यू में बदलाव न हो और पीड़िता की जींस आदि को पोस्टमार्टम के दौरान क्यों नहीं भेजा गया?

सीजेआई ने कहा कि सीबीआई ने स्टेटस रिपोर्ट में जो खुलासा किया है, वह काफी दुखद है, हमने जो पढ़ा है उससे हम खुद परेशान हैं, सीबीआई ने खुद हमें बताया है।

सीजेआई ने कहा कि एसजी क्या आप कोलकाता पुलिस को नहीं बुला सकते और फुटेज प्राप्त नहीं कर सकते और आपको यह देखने की ज़रूरत है कि हैश वैल्यू बदल गई है या नहीं। सीबीआई को यह सुनिश्चित करना होगा, आपके जांच अधिकारी को यह सुनिश्चित करना होगा। वकील ने कहा कि यह देखना होगा कि फुटेज को ओवरराइट किया गया है या नहीं, सेमिनार रूम की एंट्री पर कैमरा भी नहीं लगाया गया था, हो सकता है कि कोई दूसरी तरफ से जाकर चला गया हो।

सीजेआई ने कहा कि कृपया एक संदेश भेजें कि हम कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं कर रहे हैं ताकि इससे किसी ऐसे व्यक्ति पर असर न पड़े जो संदेह में है और खुद की रक्षा कर रहा है, कृपया आश्वस्त रहें कि सीबीआई ने स्टेटस रिपोर्ट में यह सब चिह्नित कर दिया है।

सिब्बल ने कहा कि डीवीआर सौंपे जाने का वीडियो है. सीजेआई ने कहा कि वे कहते हैं कि इसमें केवल 27 मिनट हैं, सिब्बल ने कहा कि सील करके दे दिया, सीजेआई ने कहा कि कोई यह नहीं कह रहा कि सीबीआई ने सबूत नष्ट कर दिए. सिब्बल ने कहा लेकिन, ये गलत है, पूरी बात बता दी गई थी. वकील गुरुस्वामी ने कहा कि स्पॉट मैप, मांग पर्ची, सब जांच एजेंसी को सौंप दिया गया।

सीजेआई ने कहा कि एक तलाशी और जब्ती का वीडियो फुटेज है और सेमिनार रूम के सामने सीसीटीवी का कैमरा फुटेज है, क्या वह डीवीआर सौंपा गया है? सीबीआई का कहना है कि 27 मिनट की तलाशी और जब्ती दी गई। सिब्बल ने कहा कि पेनड्राइव 32 जीबी सौंपा गया है. एसजी ने कहा कि यह सेमिनार रूम के बारे में है,सिब्बल ने कहा कि मुझे बाकी पढ़ने की इजाजत दीजिए. सिब्बल ने कहा कि एक और 32 जीबी पेनड्राइव दी गई जिसमें फुटेज थे। सीजेआई ने कहा, क्या यहआपका बयान है कि कलकत्ता पुलिस के पास कोई और फुटेज नहीं है, सिब्बल ने कहा जी हां, बिल्कुल नहीं, सभी कैमरे के फुटेज दे दिए गए हैं।

पश्चिम बंगाल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ 9 अगस्त को हुए दुष्कर्म के बाद से ही जूनियर डॉक्टर्स काम पर नहीं जा रहे हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसके चलते अब तक राज्य में 9 सितंबर तक 23 मरीजों की मौत हो गई हैं। इसी के चलते सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों को राज्य सरकार की कार्रवाई से बचने के लिए 10 सितंबर को शाम पांच बजे तक काम पर लौटने का निर्देश दिया था, लेकिन कोर्ट के निर्देश के बाद भी डॉक्टर काम पर नहीं लौटे और उनका विरोध-प्रदर्शन जारी है।

SC कोलकाता डाॅक्टर हत्याकांड मामले में अगले सप्ताह करेगा सुनवाई

नई दिल्ली:  उच्चतम न्यायालय ने कोलकाता दुष्कर्म-हत्या मामले में सुनवाई स्थगित करते हुए कहा कि वह एक सप्ताह बाद मामले पर सुनवाई करेगा।

गौरतलब है कि शीर्ष न्यायालय ने दुष्कर्म तथा हत्या की घटना के संबंध में सीबीआई द्वारा दाखिल वस्तु स्थिति रिपोर्ट पर भी गौर किया।

अदालत ने आगे कहा कि स्थिति का खुलासा करने से आगे की जांच खतरे में पड़ जाएगी। घटना से संबंधित स्वत: सज्ञान मामले में सुनवाई के सीधे प्रसारण पर रोक लगाने से इनकार करते हुए न्यायालय ने कहा कि यह जनहित का मामला है और जनता को पता होना चाहिए कि अदालत कक्ष में क्या हो रहा है।

 

दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री होंगी आतिशी मार्लेना

नई दिल्ली :  दिल्ली में विधायक दल की बैठक के बाद अब मुख्यमंत्री के तौर पर जल्द ही आतिशी मार्लेना के नाम की पुष्टि होने वाली है। विधायक दल की मीटिंग में अरविंद केजरीवाल ने आतिशी के नाम पर प्रस्ताव रखा है। जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया। इसी के साथ अब आतिशी दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री होगी। इससे पहले स्वर्गीय सुषमा स्वराज ने 52 दिन तक सीएम के तौर पर दिल्ली की सत्ता संभाली थी। उसके बाद स्वर्गीय शीला दीक्षित 15 साल तक मुख्यमंत्री रही।

पहली बार 2020 में दिल्ली की कालकाजी सीट से चुनाव जीतकर विधायक बनी आतिशी आज दिल्ली की मुख्यमंत्री बन गयी है। उनका ये सफर यूं तो काफी उतार चढ़ाव वाला रहा लेकिन आतिशी ने पार्टी के लिए हर संभव काम किया। हालांकि विधायक बनने से पहले आतिशी ने जुलाई 2015 से 17 अप्रैल 2018 तक तत्कालीन शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के सलाहकार के तौर पर काम किया है। इसके अलावा साल 2013 के विधानसभा चुनाव के दौरान आतिशी पार्टी का घोषणापत्र तैयार करने वाली मसौदा समिति की प्रमुख सदस्य रह चुकी है। आतिशी ने आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई है।

बीते दिनों जब केजरीवाल और सिसोदिया को शराब नीति घोटाला मामले में जेल में जाना पड़ा तो आतिशी ने अपनी पार्टी की साख बचाई। उन्होंने सरकार के अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी उठाने के साथ ही पार्टी पर उठे हर सवालों का सहजता से जवाब भी दिया। इसी तरह तेज तर्रार आतिशी ने अपनी पार्टी के साथ ही केजरीवाल का भी भरोसा जीता। यही वजह है कि स्वतंत्रता दिवस पर केजरीवाल ने ध्वजारोहण के लिए आतिशी के नाम का प्रस्ताव रखा था। अब आतिशी दिल्ली सरकार में मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी निभाने जा रही है।

स्वर्गीय सुषमा स्वराज के बाद शीला दीक्षित के हाथों में दिल्ली की सत्ता सौंपी गई। 1998 में कांग्रेस से चुनाव जीतकर आई शीला दीक्षित को इसके बाद 2003 और 2008 के चुनाव में भी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला। इस तरह उन्होनें 15 साल 25 दिन तक तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री का पद संभाला। हालांकि 2013 में उन्हें हार माननी पड़ी और केजरीवाल दिल्ली के सीएम बने।

दिल्ली में सबसे कम मुख्यमंत्री का सफर स्वर्गीय सुषमा स्वराज का रहा। सुषमा स्वराज दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री रही। सीएम के तौर पर उनका कार्यकाल 12 अक्टूबर 1998 से 2 दिसंबर 1998 तक रहा। दरअसल जब दिल्ली में प्याज की कीमतें बढ़ी तो विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले ही तत्कालीन मुख्यमंत्री साहिब सिंग वर्मा को इस्तीफा देना पड़ा था। इसी के बाद सुषमा स्वराज को पार्टी ने मुख्यमंत्री का पद दिया। हालांकि कुछ दिनों बाद जब विधानसभा चुनाव हुए तो बीजेपी की बुरी हार हुई। जिसके बाद कांग्रेस की शीला दीक्षित को ये पद मिला।

KISNA डायमंड एंड गोल्ड ज्वैलरी ने कोलकाता में अपना दूसरा शोरूम लॉन्च किया

कोलकाता :  भारतीय ज्वेलरी इंडस्ट्री में जाने-माने नाम, किसना डायमंड एंड गोल्ड ज्वेलरी ने, कोलकाता, कंकुरगाछी में अपने दूसरे एक्सक्लूसिव शोरूम शोरूम का शुभारंभ किया। यह वेस्ट बंगाल का तीसरा और भारत का 39वाँ एक्सक्लूसिव शोरूम है। उद्घाटन के अवसर पर हरि कृष्णा ग्रुप के संस्थापक और एमडी घनश्याम ढोलकिया और किसना डायमंड एंड गोल्ड ज्वैलरी के निदेशक पराग शाह उपस्थित थे।

भव्य शुभारंभ के अवसर पर किसना, ग्राहकों को डायमंड ज्वेलरी के मेकिंग चार्ज पर 100% तक और गोल्ड ज्वेलरी के मेकिंग चार्ज पर 20% तक की छूट दे रहा है। इसके अतिरिक्त, सितंबर माह के लिए किसना #अबकी_बार_आपके_लिए_शॉपिंग करों और जीतो कार के नाम से एक लकी ड्रॉ भी चला रहा है। ग्राहकों को इसमें हिस्सा लेने के लिए 20,000 रुपए या अधिक की डायमंड / प्लैटिनम / सॉलिटेयर ज्वेलरी, या फिर 50,000 रुपए तक की गोल्ड ज्वेलरी खरीदनी होगी। चुने गए भाग्यशाली विजेताओं को किसना की ओर से एक शानदार कार उपहार में दी जाएगी।

उद्घाटन के अवसर पर घनश्याम ढोलकिया, संस्थापक और प्रबंध निदेशक, हरी कृष्णा ग्रुप, ने कहा, “कोलकाता में अपने दूसरे एक्सक्लूसिव शोरूम के साथ, हमारा लक्ष्य ऐसे आभूषण पेश करना है जो शहर की अनूठी पसंद को दर्शाते हों, जिसमें परंपरा और आधुनिक शान का मिश्रण हो। यह विस्तार हमारे ‘हर घर किसना’ के विज़न के अनुरूप है, जहाँ हमारा लक्ष्य भारत का सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला आभूषण ब्रांड बनना है, जिससे हर महिला का हीरे के आभूषण खरीदने का सपना साकार हो सके।”

पराग शाह, निदेशक, किसना डायमंड और गोल्ड ज्वेलरी, ने कहा, “कोलकाता में हमारा दूसरा शोरूम स्थानीय पसंदों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जो पारंपरिक और आधुनिक दोनों तरह के डिज़ाइनों की एक विस्तृत श्रृंखला पेश करता है। इस त्योहारी सीज़न में, हम अपने ग्राहकों के लिए रोमांचक ऑफ़र लेकर आए हैं, जिनमें खरीदारी पर कार जीतने का अवसर भी शामिल है। इसके माध्यम से, हम हर उत्सव में खुशी और उमंग जोड़ने में विश्वास करते हैं।”

अनीस अहमद बैग, सचिन सिंह और  अविनाश सिंह , फ्रेंचाइज़ी पार्टनर, किसना, ने कहा, “हम किसना के साथ इस रोमांचक यात्रा पर साझेदारी करने को लेकर बेहद उत्साहित हैं और कोलकाता के लोगों के लिए उनकी शानदार ज्वेलरी कलेक्शन लाने पर गर्व महसूस कर रहे हैं। किसना की गुणवत्ता और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता के साथ, हम अपने ग्राहकों को एक अद्वितीय और यादगार खरीदारी अनुभव प्रदान करने में विश्वास रखते हैं।”

ट्रक पर चढ़ ड्राइवर का कॉलर पकड़ा, साथियों सुनाया गंभीर का किस्सा

नई दिल्ली : पूर्व भारतीय बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने उस घटना को याद किया, जब भारत के मौजूदा मुख्य कोच गौतम गंभीर ने एक ट्रक ड्राइवर से झगड़ा किया था। घरेलू सर्किट में अपने खेल के दिनों में चोपड़ा और गंभीर दोनों दिल्ली के लिए खेलते थे. हालांकि, वे अक्सर राज्य और भारतीय क्रिकेट टीम में ओपनिंग स्पॉट के लिए संघर्ष करते थे।

राज शामानी के पॉडकास्ट पर बात करते हुए, आकाश चोपड़ा ने दिल्ली के ड्रेसिंग रूम की घटना को याद किया। यह सुझाव देते हुए कि बाएं हाथ के इस खिलाड़ी की आक्रामकता ही उन्हें अन्य क्रिकेटरों से अलग बनाती है, चोपड़ा ने एक घटना को भी याद किया।

आकाश चोपड़ा ने कहा, ‘जुनूनी व्यक्ति. अपने काम के मामले में बहुत मेहनती. थोड़ा गंभीर, लेकिन बहुत रन बनाए। वह हमेशा अपनी दिल की बात खुलकर कहता था। स्वभाव से वह बहुत जल्दी गुस्सा हो सकता है। लेकिन हर किसी का चरित्र अलग होता है। गौतम एक ऐसा व्यक्ति है जिसने एक बार दिल्ली में एक ट्रक ड्राइवर से लड़ाई की थी। वह अपनी कार से उतरा और ट्रक पर चढ़कर ड्राइवर का कॉलर पकड़ लिया क्योंकि उसने गलत मोड़ लिया था और गाली दे रहा था। इसलिए उसे गौतम कहा जाता है’।

भारत के लिए 10 टेस्ट खेलने वाले चोपड़ा ने स्वीकार किया कि वह और गंभीर अच्छे दोस्त नहीं थे क्योंकि टीम में ओपनिंग स्पॉट के लिए शुरुआत में प्रतिस्पर्धा थी। चोपड़ा ने कहा, ‘हम शुरू से ही प्रतिस्पर्धी थे। ईमानदारी से कहूं तो वह दोस्त नहीं था। हम प्रतिस्पर्धी हैं क्योंकि हम एक स्थान के लिए लड़ रहे थे। हमारी टीम बहुत अच्छी थी। जब हम खेल रहे थे, तो कोहली और धवन में से केवल एक को ही खेलने का मौका मिला। टीम ऐसी ही थी। वास्तव में, वीरू के लिए भी बल्लेबाजी की शुरुआत करने की जगह नहीं थी। वीरू ने चार नंबर पर बल्लेबाजी की ताकि हम शिखर और विराट में से एक को 3 नंबर पर रख सकें’।

बता दें कि, गंभीर 19 सितंबर से बांग्लादेश के खिलाफ शुरू होने वाले पहले टेस्ट में भारतीय टीम के मुख्य कोच के रूप में अपना पहला टेस्ट मैच खेलने के लिए तैयार हैं।