पश्चिम बंगाल राशन घोटाला मामले में ईडी की छापेमारी

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महामारी के दौरान पूरे राज्य में राशन वितरण में कथित अनियमितताओं के संबंध में शुक्रवार को कोलकाता और पड़ोसी जिलों के सात स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को दी। सूत्रों के अनुसार, संघीय एजेंसी की ताजा छापेमारी से
एक दिन पहले गुरुवार को ईडी अधिकारियों ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में कथित वित्तीय
घोटाले के संबंध में कई स्थानों पर छापेमारी की और गिरफ्तार पूर्व प्राचार्य संदीप घोष के घर से मेडिकल छात्रों द्वारा ली गई परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं सहित कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए।

महिला अधिकारियों सहित ईडी के लगभग 40-50 अधिकारियों ने टीम बनाकार कोलकाता, कल्याणी, मेदिनीपुर,
बारासात, सोनाखली और अन्य स्थानों पर परिसरों और कार्यालयों में छापेमारी शुरू की, विशेष रूप से खाद्य विभाग
के कर्मचारियों और खाद्य निरीक्षकों से संबंधित स्थानों पर।

सूत्रों ने कहा कि एजेंसी को जांच के दौरान पता चला कि कुछ खाद्य निरीक्षक और खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी
महामारी के दौरान राशन का वितरण निर्दिष्ट राशन की दुकानों के बजाय कहीं और कर रहे थे।
सूत्रों ने कहा कि एजेंसी ने मामले में राज्य के पूर्व खाद्य मंत्री ज्योतिर्मय मलिक और कई अन्य अधिकारियों तथा चावल
मिल मालिकों को गिरफ्तार किया है और एजेंसी ने मामले में आरोपपत्र दायर किया है।

SC से अरविंद केजरीवाल को बेल, दफ्तर जाने पर पाबंदी

नई दिल्ली:  शराब नीति मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार 13 सितंबर को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका पर फैसला सुनाते हुए उन्हें बेल दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने शर्त के साथ केजरीवाल को जमानत दी है। इसके तहत अरविंद केजरीवाल अपने दफ्तर नहीं जा सकेंगे। इसी के साथ उन्हें ट्रायल के दौरान कोर्ट में पेश होना होगा। केजरीवाल सरकारी फाइलों पर दस्तखत भी नहीं कर सकते।

गौरतलब है कि सीबीआई द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में अपनी गिरफ्तारी और जमानत से इनकार किए जाने को चुनौती देते हुए अरविंद केजरीवाल ने दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की थी। इसी पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है।

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की जमानत पर वकील संजीव नासियार का कहना है, “सीबीआई मामले में जमानत मिल गई है। यह राहत का बड़ा दिन है। सीएम पिछले 5 महीने से जेल में बंद थे। जहां तक ​​गिरफ्तारी का सवाल है, दोनों न्यायाधीशों की राय अलग-अलग है। आदेश आने के बाद मैं इस पर टिप्पणी कर पाऊंगा। कुछ नियमित शर्तें हैं। वह संबंधित मामलों पर कोई सामान्य टिप्पणी नहीं कर पाएंगे। सीबीआई को क्योंकि मामला अदालत में विचाराधीन है। जब भी बुलाया जाएगा उन्हें अदालत में उपस्थित रहना होगा। हम जल्द ही उन्हें दिल्ली और फिर हरियाणा में देख सकेंगे।”

पीठ ने पांच सितंबर को न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइंया की बेंच ने केजरीवाल की याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। सीबीआई ने इस मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल को 26 जून को गिरफ्तार किया था। उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट के 5 अगस्त के उस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जिसमें हाई कोर्ट ने भ्रष्टाचार के इस मामले में उनकी गिरफ्तारी को बरकरार रखा था। हाई कोर्ट ने कहा था कि सीबीआई द्वारा केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद अब उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं और संबंधित साक्ष्यों को देखकर यह नहीं कहा जा सकता है कि गिरफ्तारी अकारण या अवैध थी। हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत संबंधी याचिका पर निचली अदालत से संपर्क करने की भी अनुमति दी थी।

यह मामला दिल्ली सरकार की शराब नीति 2021-22 के निर्माण और क्रियान्वयन में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है। इस नीति को बाद में निरस्त कर दिया गया था। ईडी ने कथित घोटाले के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग का एक अलग मामला दर्ज किया था। सीबीआई और ईडी के अनुसार, शराब नीति में संशोधन करके अनियमितताएं की गईं और लाइसेंसधारकों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।

शीर्ष अदालत ने 12 जुलाई को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी थी। शीर्ष अदालत ने धनशोधन (रोकथाम) अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ‘गिरफ्तारी की आवश्यकता और अनिवार्यता’ के पहलू पर तीन सवालों के संदर्भ में गहन विचार के लिए इसे एक बड़ी पीठ (पांच-सदस्यीय संविधान पीठ) को भेज दिया। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 21 मार्च को केजरीवाल को गिरफ्तार किया था।

भ्रष्टाचार मामले में अपनी याचिका पर 5 सितंबर को सुनवाई के दौरान अरविंद केजरीवाल ने सीबीआई की उस दलील का जोरदार विरोध किया था कि उन्हें जमानत के लिए सबसे पहले निचली अदालत जाना चाहिए। सीबीआई की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस. वी. राजू ने केजरीवाल की याचिकाओं के गुण-दोष पर सवाल करते हुए सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया था कि ईडी की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका के संबंध में भी शीर्ष अदालत को उन्हें (केजरीवाल को) निचली अदालत जाने के लिए कहना चाहिए।

सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी का दिल्ली एम्स में निधन

नई दिल्ली : माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी का निधन हो गया है। सीपीएम नेता ने 72 वर्ष की उम्र में दिल्ली के एम्स में अंतिम सांस ली। सीपीएम के अखिल भारतीय महासचिव को गंभीर श्वसन संक्रमण का पता चलने के बाद 19 अगस्त को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था। उन्हें शुरू से ही आईसीयू में रखा गया था। सोमवार की उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई. डॉक्टरों को कृत्रिम सांस की मदद लेनी पड़ रही थी। आखिरकार गुरुवार को उन्होंने आखिरी सांस ली।

येचुरी की 8 अगस्त को दिल्ली में मोतियाबिंद की सर्जरी हुई थी। इसी दिन पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य का निधन हो गया था। वामपंथी नेता के निधन से देश के राजनीतिक गलियारों में शोक का माहौल है। कहने की जरूरत नहीं है कि थोड़े ही समय में बुद्धदेव भट्टाचार्य और येचुरी की मृत्यु ने भारत के वामपंथी राजनीतिक हलकों में एक बड़ा शून्य पैदा कर दिया है। 72 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। इसके साथ ही एक युग का अंत हो गया।

सीताराम येचुरी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव और पार्टी के संसदीय समूह के नेता थे। उनका जन्म 12 अगस्त 1952 को चेन्नई में एक तेलुगु भाषी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। वह 2016 में राज्यसभा में सर्वश्रेष्ठ सांसद पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। आपातकाल में जेएनयू में रहते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद वह लगातार तीन बार जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए। 1984 में उनको सीपीआई एम की केंद्रीय समिति में शामिल किया गया था। 2015 में उनको पार्टी का महासचिव चुना गया।

स्टर्न कैरियर्स (इंडिया) लिमिटेड का आईपीओ शुक्रवार, 13 सितंबर, 2024 को खुलेगा

कोलकाता : वेस्टर्न कैरियर्स (इंडिया) लिमिटेड का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) शुक्रवार, 13 सितंबर, 2024 को खुलेगा। इस ऑफर में 400 करोड़ तक के इक्विटी शेयरों का एक फ्रेश इश्यू और राजेंद्र सेठिया द्वारा कुल 54 लाख इक्विटी शेयरों की बिक्री का प्रस्ताव शामिल है।

एंकर निवेशक गुरुवार, 12 सितंबर, 2024 को पैसा लगा सकेंगे। आईपीओ बुधवार, 18 सितंबर, 2024 को बंद हो जाएगा। आईपीओ में शेयरों का भाव 163 से 172 रुपये प्रति इक्विटी शेयर तय किया गया है। बोली न्यूनतम 87 इक्विटी शेयरों के लिए और उसके बाद 87 इक्विटी शेयरों के गुणकों में लगाई जा सकती है।

फ्रेश इश्यू से शुद्ध आय में से 163.5 करोड़ रुपये तक का उपयोग कुछ बकाया उधारों के एक हिस्से के पूर्व भुगतान या निर्धारित पुनर्भुगतान के लिए करने का कंपनी का प्रस्ताव है। इसके अलावा, 151.7 करोड़ रुपये तक का उपयोग पूंजीगत खर्च जरूरतों – वाणिज्यिक वाहनों, 40 फीट विशेष कंटेनरों और 20 फीट सामान्य शिपिंग कंटेनरों और रीच स्टेकरों की खरीद के लिए तथा शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए खर्च की जाएगी।

इक्विटी शेयरों का ऑफर 7 सितंबर, 2024 को कंपनी के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज, पश्चिम बंगाल, कोलकाता, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड, बीएसई लिमिटेड और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड के पास दायर किए गए कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के माध्यम से किया जा रहा है।

रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के माध्यम से पेश किए गए इक्विटी शेयरों को स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है। ऑफर के प्रयोजनों के लिए, नामित स्टॉक एक्सचेंज एनएसई होगा।

जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड और कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी लिमिटेड ऑफर के बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं।

तिहाड़ में केष्टो व सुकन्या का तृणमूल ने नहीं जाना हाल, सुकन्या मंडल के मामा ने विस्फोटक बयान

कोलकाता :  धनशोधन के मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल से तृणमूल कांग्रेस नेता अनुब्रत मंडल उर्फ केष्टो की बेटी सुकन्या को सशर्त जमानत मिली है। उसके बाद से यहां बीरभूम के नीचूपट्टी स्थित मंडल परिवार में बेटी के स्वागत के लिए उत्साह देखा जा रहा है। इस बीच, सुकन्या के मामा आनंद गोपाल घोष ने विस्फोटक बयान देते हुए कहा कि तृणमूल नेता अनुब्रत मंडल व उनकी बेटी सुकन्या के दिल्ली की तिहाड़ जेल में रहते हुए पार्टी नेताओं ने उनकी कोई खबर नहीं ली। इधर, बोलपुर नगरपालिका ने अतिक्रमण रोधी अभियान के तहत फुटपाथ साफ करने के नाम पर आनंद गोपाल की दुकान का ही साइनबोर्ड तोड़ दिया है।

सुकन्या के मामा के मुताबिक यदि केष्टो होते, तो ऐसा नहीं होता। हालांकि पशु तस्करी के मामले में अनुब्रत की बेटी सुकन्या को मंगलवार को सशर्त जमानत मिल गयी। बुधवार को जेल से सुकन्या रिहा हो सकती है. जेल से रिहाई के बावजूद सुकन्या का जीवन सामान्य नहीं होगा। उसे अदालत की कई शर्तें माननी होंगी।

ध्यान रहे कि अप्रैल 2023 में प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने पशु तस्करी के धनशोधन पहलू की जांच के तहत सुकन्या मंडल को गिरफ्तार किया था। करीब डेढ़ साल की गिरफ्तारी के बाद आखिर सुकन्या को दिल्ली हाइकोर्ट की जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने सशर्त जमानत मंजूर कर ली। कई शर्तें लगायी गयी हैं। किसी भी शर्त की अनदेखी पर कड़ी सजा का प्रावधान है। कोर्ट ने सुकन्या को 10 लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी।

शर्तों में है कि जब भी मामले की सुनवाई हो, तो सुकन्या को अदालत में पेश होना पड़ेगा। वह जो मोबाइल फोन इस्तेमाल करती हैं, वो जांच अधिकारियों को दिया जाये। मोबाइल फोन कभी बंद नहीं रह सकता। कॉल करके सुनिश्चित करें कि वह उपलब्ध हैं। सुकन्या को विदेश जाने के लिए अदालत की अनुमति लेनी जरूरी होगी। निचली अदालत की सहमति के बिना वह देश से बाहर नहीं जा सकतीं। वह दिल्ली में जहां रह रही हैं, उसका पता जांच अधिकारियों को दिया जाये, ताकि किसी भी वक्त उन्हें ढूंढा जा सके। सुकन्या मामले में किसी भी गवाह से संपर्क या ऐसा करने का प्रयास नहीं कर सकतीं।

मालूम रहे कि अनुब्रत मंडल की गिरफ्तारी के बाद सीबीआइ ने दावा किया था कि उनकी बेटी सुकन्या के पास अकूत संपत्ति का पूरा ब्योरा मिला है। इसलिए सुकन्या से भी पूछताछ जरूरी है। पर सुकन्या को सीबीआइ ने नहीं, बल्कि इडी ने गिरफ्तार किया है। तब से वह तिहाड़ जेल में थीं।

सुकन्या शुरू से ही दावा करती रही है कि जो जानकारी उससे मांगी गयी थी, वो उसके पास नहीं थी। आरोपी पिता-पुत्री को आमने-सामने बैठा कर पूछताछ की गयी थी। मगर जांच अधिकारियों को कोई बड़ी जानकारी नहीं मिली। इस बीच, सुकन्या की तिहाड़ जेल से रिहाई की खबर से बोलपुर में तृणमूल नेताओं और मंडल परिवार व करीबियों में उत्साह देखा जा रहा है।

ओलंपिक खिलाड़ी को जिंदा जलाने वाले की भी हुई मौत

युगांडा : एथलीट रेबेका चेप्टेगी को इस महीने की शुरुआत में उनके एक्स बॉयफ्रेंड डिक्सन नडिएमा ने पेट्रोल छिड़क कर जिंदा जला दिया था। जिसके बाद उनका शरीर 75 प्रतिशत से अधिक जल गया था और इलाज के दौरान उनकी मौत भी हो गई थी। रेबेका चेप्टेगी लॉन्ग डिस्टेंस और मैराथन एथलीट थीं। रेबेका चेप्टेगी ने पेरिस ओलंपिक में भी हिस्सा लिया था। अब रेबेका के मामले से जुड़ी एक और खबर सामने आई है. उनके एक्स बॉयफ्रेंड डिक्सन नडिएमा की भी मौत हो गई है।

एथलीट रेबेका चेप्टेगी और उनके एक्स बॉयफ्रेंड डिक्सन नडिएमा के बीच पिछले कुछ समय से जमीन के टुकड़े को लेकर झगड़ा चल रहा था। जिसके बाद डिक्सन ने केन्या के पश्चिमी ट्रांस-नोजिया काउंटी में रेबेका चेप्टेगी पर घर में घुसकर हमला कर दिया था। डिक्सन ने पेट्रोल से भरा एक जरीकेन खरीदा, उसे चेप्टेगी पर डाला और विवाद के दौरान आग लगा दी थी। इस घटना में डिक्सन भी जल गया था। जिसके बाद दोनों का केन्या के एल्डोरेट शहर के मोई टीचिंग एंड रेफरल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां इलाज के दौरान डिक्सन की भी मौत हो गई है।

डिक्सन नडिएमा भी इस घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। बताया जा रहा है कि उसका शरीर लगभग 30 प्रतिशत तक जल गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इलाज के दौरान डिक्सन ने सोमवार को मोई टीचिंग एंड रेफरल अस्पताल में आखिरी सांस ली।

रेबेका चेप्टेगी का जन्म 22 फरवरी 1991 को युगांडा में हुआ था. रेबेका चेप्टेगी एथलीट कोड 14413309 वाली एथलीट थीं। चेप्टेगी 2010 से रेसिंग कर रही थीं। रेबेका 2022 में थाईलैंड के चियांग माई में वर्ल्ड माउंटेन और ट्रेल रनिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। रेबेका चेप्टेगी ने हाल ही में पेरिस ओलंपिक में हिस्सा लिया था। पेरिस ओलंपिक में मैराथन में चेप्टेगी 44वें स्थान पर रहीं थीं।

बता दें, केन्या में किसी खिलाड़ी की हत्या का ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले अप्रैल 2022 में महिला धावक डामारिस मुटुआ की एक घर में उसके चेहरे पर तकिया रखकर गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। वहीं, इससे कुछ महीने पहले एग्नेस टिरोप की उसी शहर में चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई थी। वहीं, 2022 के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 15-49 वर्ष की आयु की लगभग 34% केन्याई लड़कियों और महिलाओं को शारीरिक हिंसा का सामना करना पड़ा है। पिछले कुछ समय में केन्या में खिलाड़ियों के साथ भी ऐसे कई मामले देखने को मिले हैं।

 

जुनियार डॉक्टरों का कहना है कि अगर ममता बनर्जी सभी पांच शर्तें मान लें तो वे एक घंटे में काम पर लौट आएंगे

कोलकाता :  कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए रेप और मर्डर केस के एक महीने के बाद भी विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच कोलकाता में डॉक्टर्स पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बातचीत करने के लिए तैयार हो गए हैं। प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने ममता बनर्जी से मुलाकात करने के लिए समय मांगा है। हालांकि, बैठक का लाइव प्रसारण करने की शर्त रखी है।

एक डॉक्टर ने बताया कि अपने मेल में डॉक्टरों ने कहा कि वे किसी भी समय और कहीं भी बैठक के लिए तैयार हैं, बशर्ते कि पूरी चर्चा का सीधा प्रसारण किया जाए। डॉक्टर ने कहा, ”हमने मुख्यमंत्री को बैठक के लिए पत्र लिखा है, जो आज या कल कभी भी और उनकी पसंद के अनुसार कहीं भी आयोजित की जा सकती है। लेकिन, बैठक का सीधा प्रसारण किया जाना चाहिए।”

लंबे समय से डॉक्टर्स कोलकाता में स्वास्थ्य भवन, राज्य सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। डॉक्टर्स की मांग है कि 9 अगस्त को ट्रेनी डॉक्टर्स के साथ हुए रेप और मर्डर केस के आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। इसके साथ ही, स्वास्थ्य सचिव समेत, कोलकाता पुलिस कमिश्नर आदि के इस्तीफे की भी मांग की गई है।

पश्चिम बंगाल में प्रदर्शनकारी जूनियर डॉक्टरों ने 10 सितंबर की शाम तक काम पर लौटने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की अवहेलना करते हुए बुधवार को 33 वें दिन भी हड़ताल जारी रखी। प्रदर्शनकारी चिकित्सक पिछले महीने एक सरकारी अस्पताल में कथित तौर पर दुष्कर्म और हत्या की शिकार एक चिकित्सक को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। शीर्ष अदालत ने सोमवार को प्रदर्शनकारी ‘रेजिडेंट डॉक्टरों’ को मंगलवार शाम पांच बजे तक काम पर लौटने का निर्देश देते हुए कहा था कि काम पर लौटने पर उनके खिलाफ कोई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं की जाएगी।

अदालत ने यह निर्देश तब दिया जब पश्चिम बंगाल सरकार ने उसे आश्वासन दिया कि काम पर लौटने पर प्रदर्शनकारी चिकित्सकों के खिलाफ दंडात्मक तबादलों सहित कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। राज्य सरकार ने कहा कि उसने प्रदर्शनकारियों को पत्र लिखकर घटना पर गतिरोध को सुलझाने के लिए राज्य सचिवालय नबन्ना में एक बैठक के लिए आमंत्रित किया है। हालांकि, प्रदर्शनकारी चिकित्सकों ने कहा कि बैठक के लिए पत्र राज्य के स्वास्थ्य सचिव का था, जिनका वे इस्तीफा मांग रहे थे और उन्होंने इसे अपमानजनक बताया।

उन्होंने यह भी कहा कि बैठक में हिस्सा लेने के लिए प्रतिनिधियों की संख्या को 10 तक सीमित करना भी अपमानजनक था। कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) महिला चिकित्सक के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की जांच कर रही है।

मलाइका अरोड़ा के पिता ने किया सुसाइड

 मुंबई : बॉलीवुड एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा पर दुखों का पहाड़ टूटा है। एक्ट्रेस के पिता अनिल अरोड़ा की मौत हो गई है। मलाइका अरोड़ा के पिता को लेकर खबर आ रही है कि उन्होंने अपने बांद्रा में मौजूद घर की तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। माना जा रहा है कि ये पूरी घटना आज सुबह 9 बजे के करीब की है. एक्ट्रेस पुणे में थीं, जैसे ही उन्हें ये शॉकिंग खबर मिली वो अस्पताल के लिए रवाना हो गईं. एक्ट्रेस के पिता के शव को अस्पताल में रखा गया है।

जैसे ही ये खबर अरबाज खान को मिली वो परिवार के साथ मौके पर पहुंचे हैं। मलाइका के पिता के घर की दूरी सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट से महज 5 मिनट की दूरी पर है। अभी तक आत्महत्या करने के पीछे की वजह साफ नहीं हो पाई है। अरबाज खान के साथ-साथ मौके पर सीनियर इंस्पेक्टर मराठे और डीसीपी सहित वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे हैं।

बॉडी को पोस्ट मार्टम के लिए भेजा गया है। इतना ही नहीं अभी तक किसी तरह के सुसाइड नोट की बात भी सामने नही आई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मिली जानकारी के अनुसार अनिल अरोड़ा पिछले साल बीमार हुए थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।

वहीं माना ये भी जा रहे है कि पिछले कुछ वक्त भी अनिल अरोड़ा लगातार बीमार चल रहे थे। अनिल अरोड़ा की सुसाइड की खबर मिलते ही सितारे उनके घर पहुंच रहे हैं। मलाइका और उनके परिवार के लिए ये वक्त बहुत मुश्किल है। इस मुश्किल घड़ी में एक्ट्रेस के एक्स-हसबैंड अरबाज खान उनके साथ खड़े नजर आ रहे हैं। अरबाज मौके पर सबसे पहले पहुंचने वाले लोगों में से एक हैं। वो लगातार पुलिस से भी बातचीत कर रहे हैं। मलाइका अरोड़ा के पिता अनिल अरोड़ा पंजाबी हिंदू परिवार से थे। अनिल अरोड़ा का परिवार बॉर्डर पर बसे फाजिल्का जिले का रहने वाला था। अनिल ने भारतीय मर्चेंट नेवी में जॉब कर चुके हैं।

अनिल अरोड़ा ने मलयाली क्रिश्चियन परिवार से आने वाली जॉयस पोलीकार्प से शादी की थी। मलाइका और उनके परिवार का अरबाज खान साथ देते हुए नजर आ रहे हैं। इस मुश्किल वक्त में हर कोई मलाइका के पहुंचने का इंतजार कर रहे है।

शिमला में मस्जिद की तरफ बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

शिमला : हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में संजौली मस्जिद को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच हिंदू संगठनों ने आज बड़ा विरोध प्रदर्शन बुलाया और प्रदर्शनकारियों ने इकट्ठा होकर ढली टनल पर लगी बैरिकेडिंग को तोड़ दिया। पुलिस उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन उसके पसीने छूट गए. आखिरकार प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी।

प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा है और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया है। प्रदर्शनकारी मस्जिद की तरफ बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस उन्हें नियंत्रित करने में कुछ हद तक कामयाब हुई है। प्रदर्शनकारियों को मौके से खदेड़ा गया है, लेकिन कुछ ही दूर पर उनका विरोध प्रदर्शन जारी है।

दरअसल, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर टनल में चेकिंग के बाद केवल आम लोगों को पैदल आने जाने की अनुमति दी थी। संजौली की ढली टनल को पूरी तरह बंद कर दिया गया था, ताकि कोई भी प्रदर्शनकारी अंदर न जा सके। वहीं, टनल के पास पेट्रोल पंप के सामने प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया है।
मामले में बीती सुनवाई के बाद 5 अक्टूबर की तारीख मिली है। संजौली में शांति व्यवस्था के मद्देनजर पूरे इलाके में बुधवार की सुबह 7 बजे से धारा 163 लागू कर दी गई, जिसके बाद पांच या उससे ज्यादा लोगों के एक साथ इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई थी।

संजौली इलाके में मस्जिद के कथित अवैध निर्माण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पर हिमाचल प्रदेश के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा, ‘स्थिति बिल्कुल साफ है। सभी को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का अधिकार है और सरकार ने भी यह कहा है, लेकिन ऐसी स्थिति नहीं आनी चाहिए जिससे वहां की शांतिपूर्ण स्थिति प्रभावित हो। इसलिए पुलिस ने एहतियाती कदम उठाए हैं। इलाके में धारा 163 लगा दी गई है और इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है, ताकि ऐसी कोई स्थिति न आए जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठें।

जहां तक ​​उस अवैध ढांचे के निर्माण का सवाल है, मामला न्यायालय में विचाराधीन है, सुनवाई के बाद सरकार फैसला लेगी। हमने साफ तौर पर कहा है कि अगर यह अवैध पाया गया तो निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी और इसे गिराया जाएगा, लेकिन यह ऐसा कदम है जो नगर आयुक्त का आदेश आने के बाद उठाया जाएगा, उससे पहले कार्रवाई करना ठीक नहीं होगा।’

इससे पहले हिंदू संगठनों ने बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। प्रदर्शन को लेकर शिमला एसपी ने कहा था, ‘हमने BNSS 163 के तहत प्रक्रियाओं को लागू किया है। सब कुछ नॉर्मल है और लोग अपने स्कूलों और ऑफिस जा रहे हैं। एहतियात के तौर पर पुलिस तैनात कर दी गई है। हम ड्रोन से भी निगरानी कर रहे हैं। अगर कोई कानून का उल्लंघन करता है तो हम ऐसे लोगों के खिलाफ सबूत जुटाएंगे। हिमाचल के लोग शांतिप्रिय लोग हैं। इसलिए अगर लोग जुटते भी हैं तो यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन होगा।’

वहीं, आज सदन के अंदर कानून व्यवस्था को लेकर शिमला शहरी विधायक हरीश जनार्दन ने इस पॉइंट ऑफ ऑर्डर के तहत चर्चा मांगी और सदन में प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाने रखने के निर्देश दिए. जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के ही मंत्री ने अपनी जन्म भावनाएं सदन में उठाई थी और उसके बाद कांग्रेस हाई कमान के पास ही मामला पहुंचा तो अब मंत्री को हटाने की बात कर रहे हैं इस पर मुख्यमंत्री भी गोलमोल जवाब दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला जन भावनाओं से जुड़ा है और इसको लेकर कल शिमला में हिंदू समाज के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं ऐसे में सरकार को भी इसे शांतिपूर्ण तरीके से हैंडल करना चाहिए. उन्होंने लोगों से भी प्रदर्शन शांतिपूर्ण करने की अपील की। साथ ही जो अवैध निर्माण हुआ है उसे भी तोड़ने को लेकर कार्रवाई करने की सरकार से मांग उठाई।

प्रदेश सरकार में मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सभी काम कानून के दायरे में रहकर ही होंगे। उन्होंने कहा कि यह मामला किसी एक खास भवन से जुड़ा हुआ नहीं है. पूरे प्रदेश में अवैध निर्माण पर सख्ती से कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि संजौली मस्जिद का मामला संवेदनशील है. मामला अभी नगर निगम अदालत में चल रहा है दोनों पक्षों ने जवाब दिए हैं मामले पर जल्द फैसला आएगा।

अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि यह मामला स्ट्रीट वेंडर के मामले से शुरू हुआ था। इस बारे में पार्षद और कई संगठनों के लोग मुख्यमंत्री से भी मिले थे और प्रदेश में स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी में संशोधन की मांग की थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पूरे मामले पर गंभीर है। बाहर से आना वाला व्यक्ति हो या प्रदेश का ही किसी भी घर दुकान में काम करने वाले व्यक्ति का वेरिफिकेशन जरूरी है। इसको लेकर सब कमेटी भी बनाई गई है। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी सरकार की है। प्रदेश में सभी काम कानून के दायरे में रहकर ही किए जाने चाहिए।

‘दिल्ली में भूलकर भी न करें ये चीजें’, सिंगापुर की लड़की का VIDEO इंटनेट पर वायरल

नई दिल्ली:  दिल्ली घूमने आई सिंगापुर की एक महिला टूरिस्ट ने अपने एक्सपीरियंस को लेकर एक एडवाइजरी वीडियो बनाया, जिसमें उसने बताया कि उसकी ट्रिप वैसी नहीं रही, जैसी उसने उम्मीद की थी। महिला ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उसे दिल्ली में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिससे उसकी यात्रा पूरी तरह से सुखद नहीं रही।

महिला टूरिस्ट ने इस वीडियो के जरिए अन्य पर्यटकों को आगाह करने की कोशिश की है, ताकि वे दिल्ली आते समय सतर्क रहें और कुछ विशेष बातों का ध्यान रखें। इस तरह के वीडियो कभी-कभी पर्यटकों द्वारा अपने अनुभव साझा करने के लिए बनाए जाते हैं, ताकि दूसरों को उन चुनौतियों से बचाया जा सके, जिनसे वे खुद गुजरे हों।@travelswithsyl इंस्टाग्राम हैंडल से सिंगापुर की ट्रैवल व्लॉगर सिल ने दिल्ली आने वाले विदेशी पर्यटकों को शहर में ठगी से बचने के लिए तीन सलाह दी है।

सिल ने कहा कि आधी रात में टैक्सी न लें। उन्होंने बताया कि कैसे वह और उनकी दोस्त देर रात एयरपोर्ट पर पहुंचीं और उबर कैब बुक करने में नाकाम रहने के बाद प्रीपेड टैक्सी में चली गईं। दुर्भाग्य से उनकी परेशानी तब शुरू हुई, जब ड्राइवर ने ट्रिप के अंत में उनसे 200 एक्स्ट्रा मांगे और उन्हें गलत लोकेशन पर उतार दिया।

उन्होंने आगे कहा, दूसरी बात ये कि किसी भी रिक्शाचालक को अपना कॉन्टैक्ट नंबर न दें। वीडियो में महिला को रिक्शाचालक की ओर से लगातार मिले वॉयस मैसेज दिखाते हुए देखा जा सकता है। महिला ने कहा कि जामा मस्जिद देखने के क्रम में एक रिक्शावाले ने उनसे ठगी की। सिंगापुर की टूरिस्ट के मुताबिक, उन्हें लगा कि किराया लगभग 1,000 रुपये हुआ होगा, जो उबर राइड से दोगुना था, पर रिक्शावाले ने उनसे 6,000 रुपये ऐंठ लिए।

तीसरी सलाह के तौर पर महिला ने कहा कि भारत जैसे देशों में नकद भुगतान का चलन अधिक है, खासकर छोटी दुकानों और स्ट्रीट वेंडर्स के बीच। इसलिए यहां केवल क्रेडिट कार्ड लेकर न घूमें।

Gaya में पिंडदान की परंपरा और पितृपक्ष के धार्मिक महत्व

पटना: बिहार का एक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल गया है, जहां पिंडदान की परंपरा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. पिंडदान एक ऐसा अनुष्ठान है, जिसे अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए किया जाता है। यह विशेष रूप से पितृपक्ष के दौरान, जो हर साल भाद्रपद माह की पूर्णिमा से अमावस्या तक होता है, इस समय, लोग अपने पूर्वजों की आत्मा को शांति देने के लिए खास पूजा और तर्पण करते हैं।

गया का पिंडदान एक ऐसी परंपरा है, जो न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि परिवार और समाज के बीच की सांस्कृतिक कड़ी को भी मजबूत करती है। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि गया में पिंडदान क्यों इतना खास है और इस परंपरा का क्या महत्व है।

पितृपक्ष का समय भाद्रपद मास की पूर्णिमा से शुरू होता है और अमावस्या तक चलता है। इस दौरान, लोग अपने पूर्वजों को याद करते हैं और उनके लिए पूजा अर्चना करते हैं। इस समय को पितृपक्ष या श्राद्ध पक्ष कहा जाता है। मान्यता है कि इस अवधि में पूर्वज धरती पर आते हैं और उनके लिए किए गए तर्पण से उन्हें शांति मिलती है।

गया में पिंडदान करने का बहुत खास महत्व है। गया में भगवान विष्णु के चरण चिन्ह हैं, इसलिए यहां पर पिंडदान करने से बहुत पुण्य मिलता है। पिंडदान का मतलब होता है कि हम अपने पूर्वजों के लिए खास पूजा करते हैं ताकि उनकी आत्मा को शांति मिले। इसे हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है और इसे सबसे अच्छा तरीका माना जाता है पूर्वजों को मोक्ष देने का।

गया में पिंडदान करने की एक खास विधि होती है। इसमें पंडित की मदद से पूजा की जाती है। इसमें लोग तिल, जल और आटे की गोलियां (पिंड) का उपयोग करते हैं। पंडित मंत्र पढ़ते हैं और परिवार के सदस्य पिंडदान करते हैं। इसके बाद लोग विष्णुपद मंदिर जाकर भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। ऐसा मानते हैं कि इस पूजा से पूर्वजों को मोक्ष मिलता है।

पुरानी किताबों और धार्मिक ग्रंथों में गया का नाम और इसके महत्व का उल्लेख मिलता है। यह माना जाता है कि भगवान राम ने भी अपने पिता के लिए गया में पिंडदान किया था। यही वजह है कि गया का पिंडदान धार्मिक दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

आज के समय में भी लाखों लोग पितृपक्ष के दौरान गया आते हैं। हालांकि, अब तकनीकी सुविधाओं की मदद से पिंडदान की प्रक्रिया आसान हो गई है, लेकिन इसका धार्मिक महत्व उतना ही बड़ा है। लोग आज भी इस परंपरा को पूरी श्रद्धा के साथ निभाते हैं।

गया में पिंडदान हिन्दू धर्म की एक महत्वपूर्ण परंपरा है जो पितरों की आत्मा की शांति के लिए की जाती है। पितृपक्ष के दौरान, यह परंपरा विशेष महत्व रखती है क्योंकि यह पितरों को समर्पित श्रद्धांजलि और उनके लिए मोक्ष की कामना का एक महत्वपूर्ण साधन है।

उत्तर: गया में पिंडदान की परंपरा पितृपक्ष के दौरान अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि यह पितरों की आत्मा को शांति और मोक्ष प्रदान करने का एक पवित्र तरीका है। यह धार्मिक क्रिया पितरों के प्रति सम्मान और श्रद्धा व्यक्त करती है।

SC का अल्टिमेटम बेअसर, डॉक्टर्स ने और तेज किया आंदोलन, स्वास्थ्य भवन घेरकर बैठे

कोलकाता : सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद डॉक्टर्स का प्रदर्शन जारी है। 5 बजे तक काम पर लौटने की चेतावनी के बावजूद प्रदर्शन और उग्र हो गया है। पश्चिम बंगाल में प्रदर्शनकारी जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि वे आरजी कर अस्पताल की उस डॉक्टर के लिए न्याय की मांग को लेकर ‘काम बंद’ करना जारी रखेंगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद काम पर न लौटने को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट से भी न्याय चाहिए। अब डॉक्टर्स स्वास्थ्य भवन का घेराव करके बैठ गए हैं और कहा है कि मांगे पूरी होने तक वे वहीं डटे रहेंगे। 

प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने राज्य के स्वास्थ्य सचिव के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने मंगलवार दोपहर को साल्ट लेक में स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय स्वास्थ्य भवन तक रैली निकाली। इस दौरान हजारों डॉक्टर्स शामिल हुए। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों में से एक ने कहा कि हमारी मांगें पूरी नहीं हुई हैं और पीड़िता को न्याय नहीं मिला है। हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे और साथ ही ‘काम बंद’ भी करेंगे। हम चाहते हैं कि स्वास्थ्य सचिव और डीएचई इस्तीफा दें।

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में 9 अगस्त को एक ट्रेनी डॉक्टर की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। घटना के समय डॉक्टर ड्यूटी पर थी। अस्पताल परिसर में हुई इस भयावह घटना को लेकर पूरे देश में गुस्सा फैल गया। घटना के कारण पूरे देश में आक्रोश और विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। जूनियर डॉक्टर करीब एक महीने से सरकारी अस्पतालों में ‘काम बंद’ करके हड़ताल पर हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को प्रदर्शनकारी चिकित्सा पेशेवरों को राज्य सरकार की कार्रवाई से बचने के लिए मंगलवार शाम 5 बजे तक अपनी ड्यूटी पर लौटने का निर्देश दिया। अदालत ने डॉक्टरों को यह निर्देश तब दिया जब पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा कि प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के खिलाफ स्थानांतरण जैसे दंडात्मक उपाय नहीं किए जाएंगे।

कोलकाता में दिनदहाड़े चलती बस में हुई महिला से छेड़छाड़

कोलकाता :  पश्चिम बंगाल के आरजी कर अस्पताल में युवा डॉक्टर के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले से राज्य का माहौल काफी गरमाया हुआ है। ऐसे में सड़कों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस माहौल में कोलकाता की सड़कों पर छेड़छाड़ को लेकर नया बवाल मच गया।

मंगलवार सुबह दिन के व्यस्त समय में रूबी जंक्शन के पास चलती बस में एक युवती से कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई। यह भी आरोप है कि आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा गया था। इसके बाद लड़की ने इसकी शिकायत कसबा थाने में ड्यूटी पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस से की।

प्रताड़ना की शिकार पीड़िता के परिजनों के मुताबिक वह मंगलवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे रूबी से बस में चढ़ी थी। चलती बस में उसे अचानक एहसास हुआ कि कोई उसके साथ गलत हरकत कर रहा है। मामला ठीक से समझ में आने से पहले ही व्यक्ति का व्यवहार उत्पीड़न के स्तर तक चला गया था। तभी वह महिला चिल्लाने लगी। आरोपी ने भागने की कोशिश की। पर यात्रियों ने उसे पकड़ लिया और जमकर पिटाई कर दी।

मामले की जानकारी रुबी मोड़ के पास ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिस को दी गई। वह युवती और आरोपी युवक को लेकर कसबा थाने गये. घटना की जानकारी मिलने पर लड़की का भाई थाने पहुंचा. इसके बाद युवक के खिलाफ छेड़छाड़ के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है. खबर है कि आरोपी को फिलहाल थाने में ही रखा गया है. इस घटना के बाद युवती स्वाभाविक रूप से डरी हुई है. उसके भाई का कहना है कि वह सड़क पर निकलने से डर रही है. आरजी कर अस्पताल में चल रहे आंदोलन के बीच चलती बस में छेड़छाड़ की घटना ने सुरक्षा पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं.

रिलायंस जियो के हैप्पी बर्थडे पर मुकेश अंबानी लाये जियो यूजर्स के लिए खास ऑफर्स

  मुंबई : रिलायंस जियो अपनी 8वीं सालगिरह पर जियो यूजर्स के लिए एनिवर्सरी ऑफर  लेकर आया है। मोबाइल यूजर्स कुछ चुनिंदा रिचार्ज प्लान  पर इस खास ऑफर का फायदा उठा सकते हैं। ₹899 और ₹999 के तिमाही प्लान और ₹3599 के वार्षिक प्लान के साथ यूजर्स को ₹700 के फायदे मिलेंगे।

ऑफर में ₹175 की कीमत वाले 10 OTT ऐप्स की सदस्यता के साथ 10 GB का डेटा पैक मिलेगा। इसकी वैधता 28 दिन की होगी। साथ ही, जोमैटो की 3 महीने की गोल्ड सदस्यता भी फ्री दी जाएगी। ₹2999 से अधिक की खरीदारी पर ₹500 के AJIO वाउचर भी मिलेंगे। ऑफर 5 सितंबर से 10 सितंबर के बीच रीचार्ज करने वाले सब्सक्राइबर्स को ही मिलेगा।

जियो को लॉन्च हुए 8 साल हो गए हैं। इन 8 वर्षों में जियो वायरलेस और वायरलाइन दोनों ही क्षेत्रों में मार्केट लीडर बन गया है। 13 करोड़ 5जी उपभोक्ताओं समेत आज जियो के 49 करोड़ से ज़्यादा सब्सक्राइबर हैं। जियो ने दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे तेज स्टैंड-अलोन 5G नेटवर्क रोलआउट किया है। देश में जितने भी 5जी बीटीएस लगे हैं उनमें से 85% से अधिक जियो के हैं।

लखनऊ-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव

लखनऊ: उत्तरप्रदेश के वाराणसी में गुरुवार को लखनऊ-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव किया गया है। जिससे ट्रेन के एक कोच की खिड़की क्षतिग्रस्त बताई जा रही है। ट्रेन पर पथराव की इस घटना में अभी तक किसी यात्री के घायल होने की खबर नहीं है। पुलिस ने इस घटना के संबंध में जांच शुरू कर दी है।

घटना उस समय की बताई जा रही है जब ट्रेन वाराणसी से रवाना हो रही थी। घटना में C5 कोच की खिड़की क्षतिग्रस्त बताई जा रही है।

22345/22346 पटना-गोमती नगर (लखनऊ) वंदे भारत एक्सप्रेस भारत की 51वीं वंदे भारत एक्सप्रेस है, जो पटना से लखनऊ के बीच चलती है. इस सेमी हाई-स्पीड ट्रेन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी साल 12 मार्च को अहमदाबाद से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया था।

‘केजरीवाल ने ईडी मामले में जमानत के बाद CBI की कार्रवाई को ‘इंश्योरेंस गिरफ्तारी’ बताया, कोर्ट में दी दलील

नई दिल्ली :  दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। दिल्ली शराब नीति घोटाले में जेल में बंद केजरीवाल ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ दिल्ली सीएम की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही है। वहीं वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी, केजरीवाल का पक्ष रख रहे हैं।

जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि ‘सीबीआई ने आबकारी नीति मामले में जो एफआईआर दर्ज की है, उसमें केजरीवाल का नाम नहीं है। साथ ही केजरीवाल को बीते दिनों अंतरिम जमानत देते हुए भी सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली सीएम समाज के लिए खतरा नहीं हैं।’ सिंघवी ने ये भी कहा कि दो बार सुप्रीम कोर्ट और एक बार ट्रायल कोर्ट केजरीवाल को जमानत पर रिहा करने का आदेश दे चुका है।

सिंघवी के अनुसार, एक बार सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को चुनाव प्रचार के लिए जमानत पर रिहा किया था और एक बार ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी केजरीवाल को जमानत मिल चुकी है। सिंघवी ने दलील दी कि केजरीवाल एक संवैधानिक पद पर हैं और समाज के लिए खतरा नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ‘सीबीआई ने दो वर्षों में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई थी, लेकिन फिर बीती 26 जून को केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया गया। केजरीवाल की गिरफ्तारी एक तरह से इंश्योरेंस गिरफ्तारी थी।’ सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल की जमानत पर 23 अगस्त को सीबीआई से हलफनामा देने को कहा था। साथ ही केजरीवाल को दो दिनों के भीतर सीबीआई के हलफनामे पर जवाब देने का निर्देश दिया था।

सिंघवी की दलीलों पर सीबीआई का पक्ष रख रहे एडिश्नल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने केजरीवाल की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि पहली आपत्ति तो ये है कि केजरीवाल को जमानत के लिए पहले ट्रायल कोर्ट जाना चाहिए न कि सीधे सुप्रीम कोर्ट में अपील करनी चाहिए। राजू ने कहा कि ऐसा लगता है कि केजरीवाल कोई खास व्यक्ति हैं, जिनके लिए अलग तरीका अपनाया जा रहा है।

अरविंद केजरीवाल ने दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं, जिन पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है। एक याचिका में केजरीवाल ने सीबीआई द्वारा अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है। वहीं दूसरी याचिका में केजरीवाल ने जमानत देने की अपील की है। इससे पहले 5 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल की जमानत याचिका खारिज कर दी थी और उन्हें ट्रायल कोर्ट जाने को कहा था। हाईकोर्ट ने केजरीवाल की जमानत का विरोध करते हुए सीबीआई ने दलील दी थी कि दिल्ली सीएम जमानत पर बाहर आने के बाद गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।

कोलकाता में हजारों महिलाओं ने ‘रिक्लेम दी नाइट’ अभियान में लिया हिस्सा

कोलकाता : कोलकाता के सरकारी अस्पताल में कथित बलात्कार और हत्या की घटना के खिलाफ न्याय की मांग को लेकर पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों से हजारों महिलाओं ने ‘रिक्लेम दी नाइट’ अभियान के तहत मध्यरात्रि में मार्च निकाला। यह अभियान पहली बार 14 अगस्त को शुरू हुआ था, और दूसरी बार बुधवार रात को इसका आयोजन हुआ।

मार्च के दौरान कोलकाता के विभिन्न क्षेत्रों में कुछ अवांछित घटनाएं भी सामने आईं, जिसमें पुलिस ने महिलाओं से दुर्व्यवहार के आरोप में दो लोगों को हिरासत में लिया। इस रैली में समाज के हर वर्ग की महिलाएं, अभिनेता, छात्र, पेशेवर और गृहणियां शामिल हुईं। रैली में राजनीतिक झंडे नहीं दिखे, बल्कि प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए न्याय की मांग की।

कोलकाता के सियालदह स्टेशन पर रैली के दौरान कुछ महिलाओं द्वारा किए गए शंखनाद ने प्रदर्शन को एक नया जोश दिया। पैदल यात्री भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए, जिससे स्टेशन पर अनोखा और भावुक दृश्य उत्पन्न हुआ।

यह आंदोलन बरहामपुर, चिनसुराह, शांतिनिकेतन, कृष्णानगर, बर्धमान, सिलीगुड़ी, बारासात, बैरकपुर, राजारहाट-न्यूटाउन, कूचबिहार, माथाभांगा और जलपाईगुड़ी जैसे शहरों में भी देखने को मिला, जहाँ लोग एकजुट होकर पीड़िता के लिए न्याय की मांग कर रहे थे।

कोलकाता के यादवपुर में 8बी बस स्टैंड पर एक महिला से छेड़छाड़ के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया , जो शराब के नशे में था। वहीं, गरिया में एक अन्य घटना के दौरान महिलाओं से दुर्व्यवहार के आरोप में एक युवक को पकड़ा गया।

कूचबिहार जिले के माथाभंगा शहर में माकपा के शाखा सचिव प्रद्युत साहा पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सदस्यों द्वारा कथित तौर पर हमला किया गया। माकपा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जबकि टीएमसी ने किसी भी संलिप्तता से इनकार किया है।

श्यामबाजार में प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने के बाद अभिनेत्री ऋतुपर्णा सेनगुप्ता को प्रदर्शनकारियों के एक समूह के विरोध का सामना करना पड़ा। स्थिति बिगड़ने पर उन्हें पुलिस सुरक्षा के तहत वहां से ले जाया गया। इस प्रदर्शन ने न केवल न्याय की मांग को और बल दिया बल्कि राज्यभर में महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाने का नया संदेश दिया।

कोलकाता के उत्तमकुमार-दक्षिणेश्वर मेट्रो के समय में बदलाव

कोलकाता: कोलकाता के मेट्रो यात्रियों के लिए एक नई सुविधा शुरू हो रही है। पांच सितंबर से महानायक उत्तमकुमार से दक्षिणेश्वर तक पहली मेट्रो सेवा सुबह 6:55 बजे शुरू होगी। यह नई सेवा गुरुवार से लागू की जाएगी। इसके साथ ही, दक्षिणेश्वर से कवि सुभाष के लिए भी सुबह एक नई सेवा शुरू की जाएगी।

मेट्रो रेलवे ने घोषणा की है कि इस बदलाव के बाद महानायक उत्तमकुमार से दक्षिणेश्वर मार्ग पर सोमवार से शुक्रवार तक कुल 290 अप और डाउन सेवाएं चलेंगी, जो पहले 288 थीं। इस नए शेड्यूल के तहत, दमदम से कवि सुभाष तक पहली मेट्रो सुबह 6:50 बजे और कवि सुभाष से दक्षिणेश्वर के लिए भी पहली मेट्रो सुबह 6:50 बजे रवाना होगी।

हालांकि, शेष सेवाओं के शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं हुआ है और वे सप्ताह भर सामान्य रूप से चलती रहेंगी। यात्रियों की बढ़ती मांग और सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेट्रो ने यह समय परिवर्तन किया है।इसके अलावा, हावड़ा मैदान-एस्प्लेनेड शाखा पर मेट्रो सेवा 1 सितंबर से शुरू हो चुकी है और यात्रियों के लिए अब मेट्रो की सेवाएं और भी अधिक सुगम होंगी।

संदीप घोष ने सुप्रीम कोर्ट में रखी अपनी याचिका

कोलकाता : आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया हैं। इस याचिका में कहा गया है कि कलकत्ता हाई कोर्ट ने भ्रष्टाचार केस में जांच सीबीआई को सौंपने से पहले उनका पक्ष नहीं सुना। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के मामले को अस्पताल में युवा डॉक्टर के दुष्कर्म और हत्या के साथ अनावश्यक रूप से जोड़ा गया है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर 6 सितंबर को सुनवाई कर सकता है।

गौरतलब है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के अधिकारियों ने सोमवार को संदीप घोष सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार अपराह्न यहां निजाम पैलेस स्थित सीबीआइ दफ्तर से डॉ संदीप घोष को जब बाहर लाया गया, तब उनके खिलाफ लोगों ने जमकर नारेबाजी की।

घोष को कड़ी सजा देने की मांग की गयी। कड़ी सुरक्षा के बीच घोष और अन्य आरोपियों को अलीपुर अदालत लाया गया, जहां अधिवक्ताओं के एक वर्ग ने भी घोष को लेकर नारेबाजी की। उनके समक्ष ‘चोर-चोर’ व ‘धिक्कार’ के नारे लगाये गये। इतना ही नहीं, अदालत से जब घोष को वापस सीबीआइ कार्यालय ले जाया जा रहा था, तभी अदालत परिसर में मौजूद लोगों की भीड़ में किसी शख्स ने उसे थप्पड़ जड़ दिया।

Volkswagen 87 साल में पहली बार जर्मनी के प्‍लांट बंद करने की कर रही तैयारी

नई दिल्‍ली :  दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी वाहन निर्माता Volkswagen यूरोप में ही एशियाई वाहन निर्माताओं से कड़ी चुनौती का सामना कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी जर्मनी में अपने कुछ प्‍लांट बंद करने की तैयारी कर रही है। ऐसा किन कारणों से किया जा रहा है। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।

यूरोपियन वाहन निर्माता फॉक्‍सवैगन अपने प्‍लांट्स को बंद करने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जर्मनी में कंपनी अपने कुछ प्‍लांट्स को बंद कर सकती है। खास बात यह है कि 87 सालों में ऐसा पहली बार हो सकता है जब फॉक्‍सवैगन के प्‍लांट को बंद किया जाएगा। इसके साथ ही कंपनी अन्‍य उपायों को भी अपना सकती है।

कंपनी के ग्रुप सीईओ ओलिवर ब्‍लूम ने कहा है कि यूरोप की ऑटोमोटिव इंडस्‍ट्री गंभीर स्थिति में है। यूरोपियन बाजार में लगातार नए वाहन निर्माताओं के आने के कारण प्रतिस्‍पर्धा बढ़ रही है। जिसका नुकसान मैन्‍युफैक्‍चरिंग हब के तौर पर जर्मनी को हो रहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक यूरोपियन वाहन निर्माताओं को एशियाई वाहन निर्माताओं से लगातार कड़ी चुनौती मिल रही है। बाजार में चीन की इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता BYD के साथ प्रतिस्‍पर्धा बढ़ रही है। वहीं फॉक्‍सवैगन की अपने सबसे बड़े बाजार चीन में भी लगातार हिस्‍सेदारी कम हो रही है। 2024 की पहली छमाही के दौरान चीन की डिलीवरी सात फीसदी तक कम हो गई और मुनाफा भी 93600 करोड़ रुपये रह गया है।

फॉक्‍सवैगन के पास दुनियाभर में 6.83 लाख कर्मचारी हैं और इनमें से अकेले 2.95 लाख कर्मचारी जर्मनी में हैं। ऐसे में अगर कंपनी जर्मनी में अपने कुछ प्‍लांट्स को बंद करती है तो इन कर्मचारियों को भी नुकसान होगा। कर्मचारियों के अलावा कंपनी की क्षमता हर साल 1.4 करोड़ वाहन की है, लेकिन बीते साल 90 लाख वाहनों का ही उत्‍पादन किया गया था।