संजय से रूपाणी तक: बार-बार चर्चा में क्यों आती हैं विमान दुर्घटनाएं?

plane-crashes deaths for veterans

आज अहमदाबाद में हुई विमान दुर्घटना (plane-crashes) में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का निधन हो गया। वे अपनी बेटी से मिलने लंदन जा रहे थे। यह केवल विजय रूपाणी की बात नहीं है; भारत के इतिहास में कई विख्यात हस्तियों की विमान दुर्घटनाओं में दुखद मृत्यु हुई है, जिसने पूरे राष्ट्र को गहरे शोक में डुबो दिया।

इस सूची में सबसे पहले हैं कांग्रेस नेता संजय गांधी, (plane-crashes) भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, और अब गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी। ये दुर्घटनाएं न केवल व्यक्तिगत क्षति हैं, बल्कि भारतीय राजनीति और समाज पर गहरा प्रभाव डालती हैं। हैरानी की बात यह है कि इन दुर्घटनाओं पर विशेष चर्चा नहीं हुई। इस रिपोर्ट में हम इन तीन उल्लेखनीय विमान दुर्घटनाओं का विवरण और उनके पीछे के कारणों पर चर्चा करेंगे।

संजय गांधी: एक राजनीतिक उत्तराधिकार का असमय अंत (plane-crashes)

23 जून 1980 को (plane-crashes) भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे और कांग्रेस नेता संजय गांधी एक विमान दुर्घटना में मारे गए। वे दिल्ली के सफदरजंग हवाई अड्डे के पास एक पिट्स एस-2ए ग्लाइडर को उड़ा रहे थे। संजय, जो एक प्रशिक्षित पायलट थे, ने विमान का नियंत्रण खो दिया, संभवतः खतरनाक युद्धाभ्यास (एक्रोबैटिक मैन्युवर) करते समय।

यह दुर्घटना भारतीय राजनीति के लिए एक बड़ा झटका मानी जाती है, क्योंकि संजय को गांधी परिवार के राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता था। इस घटना के पीछे प्रारंभिक कारण के रूप में पायलट की गलती और संभवतः विमान में यांत्रिक खराबी को चिह्नित किया गया। यहां यह सवाल उठाया जा सकता है कि संजय गांधी जैसे व्यक्तित्व द्वारा उड़ाए जा रहे विमान में खराबी कैसे नहीं पकड़ी गई।

 

जनरल बिपिन रावत: सैन्य नेतृत्व की अपूरणीय क्षति

8 दिसंबर 2021 को (plane-crashes) भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत तमिलनाडु के कुन्नूर में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए। वे भारतीय वायुसेना के एमआई-17वी5 हेलीकॉप्टर से सुलूर से कुन्नूर जा रहे थे। इस दुर्घटना में उनकी पत्नी मधुलिका रावत सहित 14 में से 13 लोग मारे गए।

जांच में पाया गया कि प्रतिकूल मौसम और संभवतः कोहरे के कारण पायलट का दृष्टिभ्रम (स्पेशियल डिसोरिएंटेशन) इस दुर्घटना का कारण हो सकता है। जनरल रावत की मृत्यु भारतीय सशस्त्र बलों के लिए एक बड़ा नुकसान थी, क्योंकि उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और म्यांमार मिशन जैसे महत्वपूर्ण अभियानों का नेतृत्व किया था। इस दुर्घटना ने भारत के सैन्य विमानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।

विजय रूपाणी: गुजरात के एक राजनीतिक नक्षत्र का पतन

पिछली इन दो घटनाओं को साक्षी मानते हुए आज गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी अहमदाबाद से लंदन जाने वाली एयर इंडिया की उड़ान एआई171 के दुर्घटनाग्रस्त होने से मारे गए। यह बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान टेकऑफ के कुछ मिनट बाद अहमदाबाद के मेघानी नगर क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

विमान में 242 यात्री (plane-crashes) और चालक दल के सदस्य थे, जिनमें 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे। विजय रूपाणी, जो 2016 से 2021 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे, अपनी बेटी से मिलने लंदन जा रहे थे। दुर्घटना का कारण अभी जांच के अधीन है, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट में फ्लैप की खराबी या यांत्रिक समस्या की संभावना जताई जा रही है। इस दुर्घटना में केवल एक भारतीय नागरिक जीवित बचा है। गुजरात बीजेपी अध्यक्ष सीआर पाटिल ने इस घटना को पार्टी के लिए “बड़ा नुकसान” बताया।

विमान दुर्घटना के कारण: शक्ति और उन्नति की हानि

विमान दुर्घटनाओं के पीछे मुख्य रूप से दो कारण होते हैं: शक्ति की हानि (लॉस ऑफ पावर) और उन्नति की हानि (लॉस ऑफ लिफ्ट)। (plane-crashes) शक्ति की हानि आमतौर पर इंजन की विफलता के कारण होती है, जैसे ईंधन आपूर्ति में समस्या, यांत्रिक खराबी या पक्षी टक्कर। उन्नति की हानि स्टॉल, पंखों पर बर्फ जमना, फ्लैप की गलत कॉन्फिगरेशन या विंड शीयर के कारण हो सकती है।

उदाहरण के लिए, संजय गांधी के मामले में पायलट की गलती और बिपिन रावत की दुर्घटना में मौसम और दृष्टिभ्रम संभावित कारण थे। विजय रूपाणी की दुर्घटना में यांत्रिक खराबी की संभावना सामने आई है। इसके अलावा, भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के परिप्रेक्ष्य में तोड़फोड़ की साजिश को भी नकारा नहीं जा सकता।
रोकथाम के उपाय

ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विमानों का नियमित रखरखाव, पायलटों के लिए उन्नत प्रशिक्षण और आधुनिक सुरक्षा प्रणालियां अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। स्टॉल चेतावनी प्रणाली, विंड शीयर डिटेक्शन और मौसम पूर्वानुमान पर निर्भरता जरूरी है। अहमदाबाद दुर्घटना के बाद डीजीसीए और बोइंग ने जांच शुरू की है, और ब्लैक बॉक्स के डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है।

Cooch Behar: मेखलीगंज में पिस्तौल के साथ दो युवक गिरफ्तार

संजय गांधी, (plane-crashes) बिपिन रावत और विजय रूपाणी जैसे विख्यात व्यक्तियों की विमान दुर्घटनाओं में मृत्यु भारत के लिए बड़ा नुकसान है। ये घटनाएं विमानन सुरक्षा प्रणालियों को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल देती हैं। एक पूर्व एयरलाइन कैप्टन के रूप में मैं कह सकता हूं कि प्रौद्योगिकी, प्रशिक्षण और सतर्कता के समन्वय से ऐसी दुर्घटनाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है। शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और आशा करता हूं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।

 

 

ठाणे के मुम्ब्रा में भीड़ के कारण हुआ भयानक हादसा, 5 यात्रियों की मौत

Mumbai Train Accident in Mumbra: 5 Killed Due to Overcrowding in Local Train Near Thane"

मुंबई (Mumbai) भारत का आर्थिक केंद्र और लाखों लोगों की रोजमर्रा की भागदौड़ का गवाह, एक बार फिर एक दुखद ट्रेन हादसे की खबर से सुर्खियों में है। 9 जून 2025 को ठाणे जिले के मुम्ब्रा रेलवे स्टेशन के पास एक स्थानीय ट्रेन से कई यात्री गिर गए, जिसमें कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यह हादसा छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) की ओर जा रही एक लोकल ट्रेन में अत्यधिक भीड़ के कारण हुआ। सेंट्रल रेलवे के अनुसार, भीड़भाड़ के चलते कुछ यात्रियों का संतुलन बिगड़ा और वे चलती ट्रेन से गिर गए। इस हादसे ने एक बार फिर मुंबई की उपनगरीय रेल प्रणाली में सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की कमियों को उजागर किया है।

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हादसे का विवरण
9 जून 2025 की सुबह, मुम्ब्रा रेलवे स्टेशन के पास एक लोकल ट्रेन में अत्यधिक भीड़ के कारण यह दुखद हादसा हुआ। सेंट्रल रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन CSMT की ओर जा रही थी, जब भारी भीड़ के कारण कुछ यात्री दरवाजे के पास खड़े थे। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ा और वे ट्रेन से गिर गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में पांच यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

हादसे की खबर फैलते ही रेलवे पुलिस और रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया गया। सेंट्रल रेलवे ने बयान जारी कर कहा कि हादसे की जांच शुरू कर दी गई है और भीड़भाड़ को इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है और रेलवे प्रशासन से सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग की है।

मुंबई की लोकल ट्रेनों में भीड़ और सुरक्षा की चुनौतियां
मुंबई की उपनगरीय रेल प्रणाली, जिसे शहर की “जीवनरेखा” कहा जाता है, प्रतिदिन लाखों यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती है। हालांकि, अत्यधिक भीड़ और अपर्याप्त बुनियादी ढांचा इस प्रणाली की सबसे बड़ी चुनौतियां हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट को हाल ही में दी गई एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 20 वर्षों में मुंबई की उपनगरीय ट्रेनों में 51,000 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें से अधिकांश मौतें ट्रैक पार करने, चलती ट्रेन से गिरने, और भीड़भाड़ के कारण हुई हैं।

2023 में मुंबई की उपनगरीय रेलवे में 2,590 मौतें दर्ज की गईं, जिसमें 1,277 लोग ट्रैक पार करते समय मारे गए और 590 लोग चलती ट्रेन से गिरने के कारण जान गंवा बैठे। इस तरह के हादसे मुंबई में आए दिन होते रहते हैं, जिसके लिए रेलवे की भीड़ प्रबंधन प्रणाली और सुरक्षा उपायों पर सवाल उठते हैं।

हादसे के कारण और जांच
मुम्ब्रा हादसे की प्रारंभिक जांच में अत्यधिक भीड़ को मुख्य कारण बताया गया है। सेंट्रल रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि सुबह के व्यस्त समय में ट्रेनों में यात्रियों की संख्या उनकी क्षमता से कहीं अधिक होती है। एक ट्रेन कोच, जिसकी क्षमता 100 यात्रियों की है, में पीक आवर्स के दौरान 450 तक यात्री सवार होते हैं। इस भीड़भाड़ के कारण यात्री अक्सर दरवाजे के पास लटकते हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है।

इसके अलावा, रेलवे ट्रैकों के पास बस्तियों का होना और कचरा जमा होने से भी समस्याएं बढ़ती हैं। बारिश के मौसम में जलभराव के कारण ट्रेनों का संचालन और प्रभावित होता है, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त जोखिम का सामना करना पड़ता है।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
इस हादसे के बाद राजनीतिक दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रेलवे प्रशासन पर निशाना साधा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में एक अन्य ट्रेन हादसे के संदर्भ में केंद्र सरकार की लापरवाही पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था, “रेलवे में बार-बार होने वाले हादसों को कब तक बर्दाश्त किया जाएगा? क्या सरकार इसकी गंभीरता को समझेगी?”

स्थानीय कार्यकर्ता और रेल यात्री संगठनों ने मांग की है कि रेलवे को बंद दरवाजों वाली ट्रेनें शुरू करनी चाहिए और प्लेटफॉर्म व ट्रैकों के बीच दीवारें और बाड़ बनाने चाहिए। इसके अलावा, ट्रेनों की संख्या बढ़ाने और भीड़ प्रबंधन के लिए तकनीकी उपायों को लागू करने की भी मांग उठ रही है।

रेलवे की प्रतिक्रिया और बचाव कार्य
सेंट्रल रेलवे ने हादसे के बाद तुरंत बचाव कार्य शुरू किए और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं ताकि प्रभावित यात्रियों के परिवारजन जानकारी प्राप्त कर सकें। इसके अलावा, मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की गई है। रेलवे ने कहा कि इस हादसे की गहन जांच की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

मुंबई की रेल प्रणाली में सुधार की जरूरत
मुंबई की उपनगरीय रेल प्रणाली में सुधार के लिए सरकार ने हाल के वर्षों में $30 बिलियन के आधुनिकीकरण कार्यक्रम की शुरुआत की है। इसके बावजूद, बार-बार होने वाले हादसे इस बात का संकेत हैं कि अभी और काम करने की जरूरत है। 2023 में ओडिशा में हुए तिहरे ट्रेन हादसे, जिसमें लगभग 300 लोग मारे गए थे, ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे को न केवल बुनियादी ढांचे में सुधार करना चाहिए, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए तकनीकी नवाचारों को भी अपनाना चाहिए। इसमें स्वचालित दरवाजे, उन्नत सिग्नलिंग सिस्टम, और भीड़ प्रबंधन के लिए डिजिटल समाधान शामिल हैं।

मुम्ब्रा रेलवे स्टेशन के पास हुआ यह हादसा मुंबई की रेल प्रणाली में मौजूद खामियों को फिर से उजागर करता है। अत्यधिक भीड़, अपर्याप्त बुनियादी ढांचा, और सुरक्षा उपायों की कमी इस तरह के हादसों के लिए जिम्मेदार हैं। इस दुखद घटना ने पांच परिवारों को असहनीय नुकसान पहुंचाया है और समाज से यह सवाल पूछा है कि आखिर कब तक ऐसी त्रासदियां सहन की जाएंगी। रेलवे प्रशासन और सरकार को तत्काल कदम उठाने होंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उपभोक्ताओं को भी सलाह दी जाती है कि वे यात्रा के दौरान सावधानी बरतें और भीड़भाड़ वाली ट्रेनों में दरवाजे के पास खड़े होने से बचें।

 

छत्तीसगढ़ में अपराध का बोलबाला: Narendra Modi

Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) मंगलवार सुबह 11 बजे जगदलपुर पहुंचे. इसके बाद पीएम मोदी ने मां दंतेश्वरी मंदिर के दर्शन किए और फिर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे. पीएम मोदी ने 26 हजार करोड़ रुपये के विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया.

अब पीएम मोदी जगदलपुर के लालबाग मैदान में परिवर्तन महासंकल्प रैली को संबोधित करेंगे.इसके अलावा पीएम मोदी एक बार फिर तेलंगाना का दौरा करेंगे. दोपहर तीन बजे के करीब पीएम मोदी तेलंगाना के निजामाबाद पहुंचेंगे. जहां वे बिजली, रेल व स्वास्थ्य जैसे अहम विभागों की लगभग 8000 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. साथ ही पीएम मोदी भाजपा की बैठक को भी संबोधित करेंगे. बता दें कि बीते 1 अक्टूबर को भी पीएम मोदी तेलंगाना पहुंचे थे.

पीएम मोदी तेलंगाना के महबूबनगर में जनसभा को संबोधित करके चुनावी बिगुल फूंक दिया था.लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ का कोई भी मंत्री, मुख्यमंत्री और ना ही उप मुख्यमंत्री पहुंचे. इस बात पर पीएम मोदी ने जगदलपुर के लालबाग में आयोजित परिवर्तन महासंकल्प रैली को संबोधित करते हुए बघेल सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘छत्तीसगढ़ का एक मंत्री नहीं आया, सीएम नहीं आया, डिप्टी सीएम नहीं आया. ये आपका भला ताहते हैं तो कार्यक्रम में बैठना चाहिए की नहीं. सरकार बचान में लगे हुए हैं. अगर मोदी के सामने जाना है तो कोई भ्रष्टाचारी आंख नहीं मिला सकता है, इसलिए वो आने से डरते हैं

করোনার জেরে স্থগিত হয়ে গেল কোচবিহার ট্রফি

কোভিড ১৯-এর নতুন প্রজাতি ওমিক্রনের থাবায় বোর্ড অফ কন্ট্রোল ফর ক্রিকেট ইন ইন্ডিয়া (BCCI) ঘরোয়া ক্রিকেটের ২০২১-২২ মরসুমে রঞ্জি ট্রফি, কর্নেল সিকে নাইডু ট্রফি এবং সিনিয়র উইমেনস টি ২০ লিগ সাময়িকভাবে স্থগিত করে দিয়েছে প্রেস বিবৃতি প্রকাশ করে।

সোমবার কোচবিহার ট্রফির নকআউট ম্যাচ স্থগিতের সিদ্ধান্ত প্রেস বিবৃতি আকারে প্রকাশ করেছে। বোর্ড অফ কন্ট্রোল ফর ক্রিকেট ইন ইন্ডিয়া (BCCI) সোমবার টুর্নামেন্টে অংশগ্রহণকারী দলের মধ্যে কিছু কোভিড ১৯ পজিটিভ রিপোর্ট আসার পরে পরে কোচবিহার ট্রফির নকআউট পর্বের ম্যাচগুলি স্থগিত করার ঘোষণা করেছে।

ক্রিকেটার, কোচ, সার্পোট স্টাফ সকলের স্বাস্থ্য ও নিরাপত্তার কথা মাথায় রেখে, পুনেতে অনুষ্ঠিত নকআউট ম্যাচগুলি পরবর্তী নির্দেশ না দেওয়া পর্যন্ত স্থগিত রাখা হয়েছে, তা ওই প্রেস বিবৃতিতে বলা হয়েছে। বিসিসিআই লিগ পর্বে ২০টি ভেন্যুতে ৯৩টি ম্যাচ পরিচালনা করেছিল। ওই প্রেস বিবৃতিতে আরও বলা হয়েছে, বোর্ড পরিস্থিতি পর্যবেক্ষণ করতে থাকবে এবং পরিস্থিতির উন্নতি হলে একটি নতুন উইন্ডো (ক্রীড়াসূচি) নির্ধারণ করবে।

‘বিষপান’ কাণ্ডের পাঁচ শিক্ষিকার বদলির নির্দেশ বাতিল

বদলির নির্দেশ বাতিলের দাবিতে বিকাশ ভবনের সামনে বিষপান করে আলোড়ন সৃষ্টি করে দিয়েছিল বাংলার পাঁচ এসএসকে শিক্ষিকা। অবশেষে তাদের মুখে হাসি ফুটল। ওই পাঁচ শিক্ষিকার বদলির নির্দেশ বাতিল করা হল। সোমবার বিকাশ ভবন বিজ্ঞপ্তি জারি করে এই কথা জানায়।

গত বছরের আগস্ট মাসে বদলির নির্দেশের প্রতিবাদে শিক্ষক ঐক্য মুক্ত মঞ্চের পাঁচ শিক্ষিকা বিকাশ ভবনের সামনে বিষ পান করে আত্মহত্যার চেষ্টা করে। তাঁদের অভিযোগ ছিল, প্রত্যেককেই উত্তরবঙ্গ থেকে দক্ষিণবঙ্গে বদলি করা হচ্ছে। কিন্তু শিক্ষা দফতর বদলির নির্দেশ বাতিলের আর্জিতে কর্ণপাত করছে না। এই ঘটনায় সাড়া বাংলা উত্তাল হয়ে পড়েছিল। প্রত্যেককে হাসপাতালে ভর্তি করা হয়। বিরোধী দল থেকে শুরু করে ওয়াকিবহাল মহল সকলেই রাজ্য সরকারের দিকে আঙুল তোলে। এই ঘটনার কিছুদিন পরই গত ১ সেপ্টেম্বর রাজ্যপালের সঙ্গে দেখা করে সমস্ত ঘটনার দোষী হিসেবে শিক্ষামন্ত্রী ব্রাত্য বসুর নাম তুলে ধরে ওই পাঁচ শিক্ষিকা। তাঁরা রাজ্যপালের কাছেও একই দাবি জানান।

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p style=”text-align: justify;”>তবে তিন মাসের মাথায় গত ২১ নভেম্বর ওই পাঁচ শিক্ষিকাই ব্রাত্য বসুর হাত থেকে দলীয় পতাকা নিয়ে রাজ্যের শাসক দল তৃণমূল কংগ্রেসে যোগ দেন। তার প্রায় দেড় মাস পর ওই পাঁচ শিক্ষিকার বদলির নির্দেশ বাতিলের বিজ্ঞপ্তি জারি করে বিকাশ ভবন।

Covid 19: লকডাউনের পথে না হেটে কড়া বিধি দিল্লির

arvind kejriwal covid

সংক্রমণের জেরে বিধ্বস্ত গোটা দেশ। সংক্রমণ বাড়ছে দেশের রাজধানীতেও। দিল্লির মুখ্যমন্ত্রী অরবিন্দ কেজরিওয়াল খোদ করোনা আক্রান্ত। তবুও লকডাউনের পথে হাঁটতে চাইছে না রাজ্য। যদিও বিধিনিষেধের দিক থেকে আরও কড়াকড়ি করছে সরকার।

এবার রেস্তোরাঁর ক্ষেত্রে জারি হল নিষেধাজ্ঞা। দিল্লি সরকার নির্দেশিকা জারি করে জানিয়েছে, এখন থেকে রেস্তোরাঁয় বসে খাওয়া যাবেনা। চালু থাকবে ফুড অ্যাপগুলি। সেখান থেকে অর্ডার করে বাড়িতে বড় বসে রেস্তোরাঁর খাবার খাওয়া যাবে। সরাসরি রেস্তোরাঁ থেকেও খাবার হোম ডেলিভারি করা যাবে।

করোনার নতুন ভ্যারিয়েন্ট ওমিক্রন আতঙ্কেও কাঁপছে দিল্লি। ওমিক্রন সংক্রমণের নিরিখে তৃতীয় স্থানে রয়েছে দিল্লি। রাজ্যে এখনও পর্যন্ত ওমিক্রন আক্রান্তের সংখ্যা ৫০০-র গণ্ডি পার করেছে। গত ২৪ ঘন্টায় রাজধানীতে নতুন করে করোনা আক্রান্ত হয়েছেন ২২, ৭৫১ জন।

Covid 19: আংশিক লকডাউনকে তুড়ি মেরে বাংলায় বাড়ছে করোনা সংক্রমণ

আংশিক লকডাউন জারি হওয়ার পরও সংক্রমণ (Covid 19) যেন কমতে চাইছেনা।  বরং প্রতিদিন লাফিয়ে বাড়ছে দৈনিক আক্রান্তের সংখ্যা। রাজ্য স্বাস্থ্য দফতরের রবিবারের বুলেটিন অনুযায়ী, গত ২৪ ঘন্টায় বাংলায় নতুন করে করোনা আক্রান্ত হয়েছেন ২৪,২৮৭। করোনায় প্রাণ হারিয়েছেন ১৮ জন।

গত ২৪ ঘন্টায় করোনা থেকে সুস্থ হয়েছেন ৮,২১৩ জন। সক্রিয় রোগীর সংখ্যা একদিনে হয়েছে ১৬,০৫৬। দৈনিক পজিটিভিটি রেট একলাফে বেড়ে দাঁড়িয়েছে ৩৩.৮৯ শতাংশ।

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রাজ্যে মোট করোনা আক্রান্তের সংখ্যা ১৭,৫৫,০৪৬। করোনায় মোট মৃতের সংখ্যা ১৯,৯০১। এখনও পর্যন্ত সুস্থ হয়ে উঠেছেন ১৬,৫৭,০৩৪।‌ বাংলায় মোট সক্রিয় রোগীর সংখ্যা বেড়ে দাঁড়িয়েছে ৭৮,১১১। সুস্থতার হার ৯৪.৪২ শতাংশ।

রাজ্যের মোট সংক্রমণের প্রায় এক তৃতীয়াংশ কলকাতায়। এই জেলায় গত ২৪ ঘন্টায় করোনা আক্রান্ত হয়েছেন ৮,৭১২ জন। এরপরই রয়েছে একদিনে উত্তর ২৪ পরগনা। এই জেলায় করোনা আক্রান্তের সংখ্যা ৫,০৫৩। এছাড়া গত ২৪ ঘন্টায় পশ্চিম বর্ধমানে ১,০০৭ জন হাওড়ায় ১,৭৪২ জন, হুগলীতে ১,২৭৬ জন, দক্ষিণ ২৪ পরগনায় ১,০৩৪ জন করোনায় আক্রান্ত হয়েছেন।

Gangasagar: করোনা আক্রান্ত পূণ্যার্থীরা, সংক্রান্তির আগেই মেলা বন্ধের দাবি

Gangasagar: Corona-affected pilgrims demand closure of fair before Sankranti

গঙ্গাসাগর (Gangasagar) মেলা শুরুর মুখেই করোনার প্রকোপ বাড়ছে। আক্রান্ত হচ্ছেন একের পর এক তীর্থযাত্রী। জানা গিয়েছে, বাবুঘাট ট্রানজিট ক্যাম্প ও শিয়ালদহ শিবিরের মোট ৩১ জনের শরীরে করোনা ভাইরাসের হদিশ মিলেছে। এই সংখ্যাটা আরও বাড়তে পারে বলে আশঙ্কা করা হচ্ছে। কিন্তু তীর্থযাত্রীদের মধ্য করোনা সংক্রমণ বাড়তেই মেলা বন্ধ করার পক্ষে প্রশ্ন তুলছে ওয়াকিবহাল মহল।

প্রশ্ন উঠছে, সংক্রমণ বাড়লেও রাজ্য কেন মেলা বন্ধ করতে চাইছেনা? মেলায় সংক্রমণ বাড়লে ফল ভুগতে হবে গোটা রাজ্যকেই। কেন সকলের জীবনকে বিপদের মুখে ফেলা হবে?

কলকাতা হাইকোর্ট শর্তসাপেক্ষে গঙ্গাসাগর মেলা করার অনুমতি দিয়েছে। তবুও সংক্রমণে রাশ‌‌ টানা যাচ্ছেনা। চিকিৎসক মহলের মতে, করোনা বিধি মেনে মেলা করলেও সংক্রমণ আটকানো সম্ভব নয়। গঙ্গাসাগর মেলা ‘সুপার স্প্রেডার’ হয়ে উঠতে পারে বলে আশঙ্কা জানিয়েছেন তাঁরা।

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গত শুক্রবার হাইকোর্টের অনুমতি মেলে। ওইদিনই বাবুঘাট ট্রানজিট ক্যাম্পের ২ জন করোনা আক্রান্ত হন। গঙ্গাসাগর মেলার পরিস্থিতিতে নজর রাখার জন্য তিন কমিটির সদস্য তৈরি করার নির্দেশ দিয়েছে আদালত। ওয়াকিবহাল মহলের মতে, মেলায় সংক্রমণ বাড়লে কমিটিকেই তীব্র প্রশ্নের মুখে পড়তে হবে।’

স্বাস্থ্য দফতরের শনিবারের বুলেটিন অনুযায়ী, রাজ্যে দৈনিক আক্রান্তের সংখ্যা ১৮,৮০২। পজিটিভিটি রেট ২৯.৬০ শতাংশ। দৈনিক মৃতের সংখ্যা ১৯ এবং মৃত্যুহার ১.১৯ শতাংশ।

‘টেগোর টপ’-এ তৈরি হচ্ছে দ্বিতীয় বিশ্বভারতী, জুলাই থেকেই শুরু পঠন-পাঠন

The second Visva-Bharati is being made in 'Tagore Top', reading has started from July

পশ্চিমবঙ্গ তথা দেশের মধ্যে অন্যতম বিখ্যাত শিক্ষা প্রতিষ্ঠান বিশ্বভারতী বিশ্ব বিদ্যালয়। রাজ্যের অন্যতম পরিচিতি এই শিক্ষা প্রতিষ্ঠান। এবার বাংলার বাইরেও গড়ে উঠবে বিশ্বভারতী।

সূত্রের খবর, উত্তরাখণ্ড সরকার প্রায় ৪৫ একর জমি দিচ্ছে বিশ্বভারতীর দ্বিতীয় ক্যাম্পাস নির্মাণ করার জন্য। এমনকি চলতি বছরের জুলাই থেকেই পঠন পাঠন শুরু হয়ে যাবে।

বিশ্বভারতী কর্তৃপক্ষের তরফে ক্যাম্পাস তৈরি করার জন্য কেন্দ্রীয় সরকারের কাছে ১৫০ কোটি টাকার অনুদান চাওয়া হয়েছে। তার মধ্যে ১২৫ কোটি টাকা ক্যাম্পাস নির্মাণে খরচ হবে। কিছুদিনের মধ্যেই এই অনুদান চলে আসবে। ২০১৯ সালে দ্বিতীয় ক্যাম্পাস তৈরি করার উদ্যোগ নেয় কর্তৃপক্ষ। অবশেষে সরকারি জমির অনুমোদন পাওয়া গেল। উত্তরাখণ্ডের নৈনিতালের রামগড় গ্রামে নতুন ক্যাম্পাস তৈরির জন্য বিনা শুল্কে ৪৪.৪৬ একর জমি দেওয়া হয়েছে। জানা যায়, বিশ্বকবি রবীন্দ্রনাথ ঠাকুর রামগড়ে বসেই গীতাঞ্জলী লিখেছিলেন। সেই জায়গাটি ‘টেগোর টপ’ নামেও পরিচিত।

কর্তৃপক্ষ উত্তরাখণ্ড সরকারের কাছে রামগড়ের জমির জন্য আবেদন করে। শুক্রবার ওই রাজ্য চিঠি দিয়ে বিশ্বভারতীর নতুন ক্যাম্পাস তৈরি করতে জমির অনুদানে সম্মতি দেয়।

কর্তৃপক্ষ জানিয়েছে, ২০২২-এর জুলাইয়ের বিশ্বভারতীর নতুন ক্যাম্পাস তৈরি করার পরিকল্পনা চলছে। সেইমত যাবতীয় ব্যবস্থা নেওয়া হচ্ছে। ক্যাম্পাস শুরুর প্রথম পর্যায়ে স্নাতক ও স্নাতকোত্তর স্তর মিলিয়ে ৬৫০ পড়ুয়া ভর্তি করা হবে এবং তৈরি করা হবে পাঁচটি স্কুল। এই ক্যাম্পাসটির তত্ত্বাবধানে থাকবে বিশ্বভারতী বিশ্ববিদ্যালয়।

বাংলায় ৩ টি নতুন ক্যান্সার হাসপাতাল তৈরি হবে, ঘোষণা কেন্দ্রীয় মন্ত্রীর

3 new cancer hospitals will be built in Bengal, announced the Union Minister

শুক্রবার ভার্চুয়ালি চিত্তরঞ্জন ন্যাশানাল কান্সার হাসপাতালের দ্বিতীয় ক্যাম্পাসের উদ্বোধন করেন প্রধানমন্ত্রী। তবে কলকাতায় উদ্বোধনী অনুষ্ঠানে হাসপাতালে উপস্থিত ছিলেন কেন্দ্রীয় স্বাস্থ্য মন্ত্রী মানসুখ মান্ডাভিয়া। উদ্বোধনের পর আরও একটি বড় খবর সামনে আনলেন তিনি।

নতুন হাসপাতাল উদ্বোধনের পর ভাষণ দিতে গিয়ে মান্ডাভিয়া বলেন, এই হাসপাতাল ক্যান্সার চিকিৎসায় নতুন আলোর সঞ্চার করবে। পশ্চিমবঙ্গের বাইরে থেকেও ক্যান্সার রোগীরা চিকিৎসা করাতে আসতে পারবে। বিশেষ করে পূর্ব ভারত ও উত্তর-পূর্ব ভারত থেকে বহু ক্যান্সার রোগী বাংলায় এসে চিকিৎসা করিয়ে সুস্থ হয়ে ওঠার সুযোগ পাবে। আগামীদিনে বর্ধমান, কলকাতা এবং মুর্শিদাবাদে আরও তিনটি ক্যান্সার হাসপাতাল খোলা হবে। রাজ্য ও কেন্দ্রীয় সরকার একযোগে এই কাজ করবে।

স্বাস্থ্যমন্ত্রী বলেন, ক্যান্সারে আক্রান্ত শুনলেই অনেক রোগী টাকার অভাবে চিকিৎসা করাতে চান না। কিন্তু ক্যান্সার এখন আর কোনও মারণ রোগ নয়। চিত্তরঞ্জনের দ্বিতীয় ক্যাম্পাসে তুলনামূলক কম খরচে সেইসমস্ত রোগী চিকিৎসা করাতে পারবেন। নতুন এই হাসপাতালে সাড়ে চারশোর বেশী বেডের ব্যবস্থা করা হয়েছে। এর পাশাপাশি, অত্যাধুনিক যন্ত্রপাতিও রয়েছে। অন্যদিকে, হাজরা মোড়ে অবস্থিত চিত্তরঞ্জনের প্রথম ক্যাম্পাসে রয়েছে দুশোর কিছু বেশী বেড।

আজ উদ্বোধনী অনুষ্ঠানে ভার্চুয়ালি উপস্থিত ছিলেন মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়। হাসপাতাল তৈরিতে রাজ্যে ২৫ শতাংশ খরচ দিয়েছে বলে জানান তিনি।

জেলাশাসকের দফতরে চাকরি! আবেদন করুন আজই…

Job in the district governor's office! Apply today ...

কম্পিউটারে দক্ষতা এবং আপনার বয়স চল্লিশের মধ্যে হলে,নতুন বছরের শুরুতেই সরকারি চাকরির আবেদন করতে পারেন ।রাজ্য সরকারের তরফে বিজ্ঞপ্তি প্রকাশিত হয়েছে ডিস্ট্রিক্ট ম্যাজিস্ট্রেটের অফিসে বিভিন্ন পদে কর্মী নিয়োগের জন্য। এই কর্মী নিয়োগ করা হবে উত্তর ২৪ পরগনা জেলার বারাসাত ডিস্ট্রিক্ট ম্যাজিস্ট্রেটের অফিসে।

কোন পদে নিয়োগ, বেতন কত?

অ্যাকাউন্টেন্ট : এই পদে মোট শূন্য পদের সংখ্যা ৩টি। এর মধ্যে ইউআর-১টি, এসসি-১টি, এসটি-১টি। এই পদে নির্বাচিত প্রার্থীদের বাণিজ্য বিভাগে অনার্স সহ স্নাতক হতে হবে। পাশাপাশি দক্ষতা থাকতে হবে কম্পিউটারে এমএস অফিসে । এর পাশাপাশি প্রার্থীদের কমপক্ষে ৩ বছরের কাজের অভিজ্ঞতা থাকতে হবে সরকারি বা বেসরকারি অফিসে সংশ্লিষ্ট বিষয়ে । এই পদে আবেদন করার জন্য প্রার্থীদের ০১.০১.২০২২ তারিখের মধ্যে বয়স হতে হবে ৪০ বছর। তবে সংরক্ষিত প্রার্থীরা বয়সের ক্ষেত্রে নির্দিষ্ট ছাড় পাবেন। প্রতি মাসে বেতন হিসেবে ১৬,০০০ টাকা দেওয়া হবে এই পদে নির্বাচিত প্রার্থীদের ।

ডাটা এন্ট্রি অপারেটর : এই পদে মোট শূন্য পদের সংখ্যা ১৬টি। এই পদে আবেদন করার জন্য প্রার্থীদের যে কোনও শাখায় স্নাতক হওয়ার পাশাপাশি কম্পিউটারে এমএস অফিসে দক্ষ হতে হবে। তাছাড়া এই বিষয়ে এক বছরের কাজেরও অভিজ্ঞতা থাকতে হবে প্রার্থীদের। এই পদে নির্বাচিত প্রার্থীদের বয়স ০১.০১.২০২২ এর মধ্যে ৪০ বছর হতে হবে। তবে সংরক্ষিত প্রার্থীরা সরকারি নিয়ম অনুযায়ী বয়সের ক্ষেত্রে নির্দিষ্ট ছাড় পাবেন। এই পদে নির্বাচিত প্রার্থীরা প্রতি মাসে বেতন হিসেবে ১১,০০০ টাকা পাবেন।

এই পদে প্রার্থীদের আবেদন করতে হবে অনলাইনের মাধ্যমে। প্রার্থীদের উত্তর ২৪ পরগনা জেলার সরকারি ওয়েবসাইটে গিয়ে আবেদন করতে হবে। এই পদের জন্য ০৪.০১.২০২২ তারিখ থেকে আবেদন প্রক্রিয়া শুরু হয়ে গেছে। এই পদগুলিতে আবেদনের শেষ তারিখ আগামী ১৮ জানুয়ারি ২০২২।

আপনি কি তুষারপ্রেমী ? তুষারপাতের আনন্দ মিলবে এই পাঁচটি স্থানেই

Are you a snow lover? The joy of snowfall will be found in these five places

ঠান্ডা পড়তে না পড়তেই বেশির ভাগ মানুষ লেপ-কাঁথা মুড়ি দিয়ে ঘরে থাকতে পছন্দ করেন । কিন্তু পাশাপাশি এমন অনেকেই রয়েছেন যাঁদের একেবারেই কম ঠান্ডায় মন ভরে না । অথচ অনেকেই মনে করেন যে তুষারপাত উপভোগ করার জন্য দেশের বাইরে ব্যয়সাপেক্ষ ভ্রমণের কথা ভাবা ছাড়া গতি নেই। আগাগোড়াই ভুল এই ধারণা ।

শীতকালে দরজার বাইরে পা দিয়েই যাঁরা হারিয়ে যেতে চান বরফের রাজ্যে, তাঁদের জন্য রইল এই দেশেই কিছু মনোরম গন্তব্যের সন্ধান।

পরাশর হ্রদ
হিমালয় পর্বতমালার কাছে শীতকালে বরফ পড়ার দৃশ্য দেখতে চাইলে পরাশর হ্রদ সংলগ্ন এলাকায় যেতে পারেন। হিমাচল প্রদেশের মান্ডি থেকে ৫০ কিলোমিটার দূরে সমুদ্রপৃষ্ঠ থেকে যথেষ্ট উচ্চতায় অবস্থিত এই হ্রদ এবং এইখান থেকে আশেপাশের পর্বতশ্রেণির সৌন্দর্যও হয় দেখার মতো।

তাওয়াং
ষষ্ঠ দালাই লামার জন্মস্থান অরুণাচল প্রদেশের তাওয়াং একটি বিখ্যাত পর্যটন কেন্দ্রও বটে। এই অঞ্চল ঘুরে দেখার সেরা সময় ডিসেম্বর-জানুয়ারি। বিশেষ করে যদি আপনি তুষারপাত উপভোগ করতে চান।

কিন্নর
সিমলা থেকে ২৩৫ কিলোমিটার দূরে এই অঞ্চলের প্রকৃতিক সৌন্দর্য সারা বছরই পর্যটকদের সারা পৃথিবী থেকে টেনে আনে। শীতকালে তো বটেই, এমনকি গ্রীষ্মকালেও এই এলাকায় পর্বতশৃঙ্গে বরফের দেখা মিলবে।

গুলমার্গ
গুলমার্গ মন্ত্রমুগ্ধ করে দিতে পারে আপনাকে ডিসেম্বর-জানুয়ারি মাসে । হিমালয়ের পশ্চিমাংশের পীর পাঞ্জাল পর্বতশ্রেণির কাছে অবস্থিত গুলমার্গে সর্বোচ্চ তাপমাত্রা মাঝেমাঝে থাকে ১০ ডিগ্রি সেলসিয়াস। আর ডিসেম্বরের পর থেকে সর্বনিম্ন তাপমাত্রা -৮ ডিগ্রি সেলসিয়াসে নেমে আসে। এই অঞ্চলে বরফের মধ্যে স্কিয়িং করার ভরপুর আনন্দ আপনার অভিজ্ঞতা স্মরণীয় করে রাখতে পারে।

আলমোড়া
উত্তরাখণ্ডের একটি সেনাছাউনিপ্রধান শহর আলমোড়া। অভিজ্ঞ মানুষজন বলেন এই অঞ্চল থেকে নাকি শীতকালে তুষারাবৃত হিমালয়ের অনন্য এক রূপ দেখা যায়। পাইন এবং ওক গাছ দিয়ে ঘেরা এই শহর সমৃদ্ধ সাংস্কৃতিক বৈচিত্রের জন্য বিখ্যাত। চিতুই এবং নন্দাদেবীর মতো মন্দিরগুলি আলমোড়ার বিখ্যাত পর্যটনকেন্দ্র।

ফিরে দেখা ‘ইরফান’

Looking back 'Irfan'

তিনি নিজেই ছিলেন নিজের প্রতিযোগী। প্রতিটি চরিত্রেই নতুন ভাবে নিজেকে প্রমাণ করেছেন। তিনি নেই কিন্তু থেকে গিয়েছেন তাঁর কাজ, তাঁর সৃষ্টি। তিনি বলিউডের বিখ্যাত অভিনেতা ইরফান খান। আজ তাঁর জন্মদিন। ইরফান খানের সেরা ৫ ছবি বেছে নেওয়া খুব একটা সহজ নয়। তিনি অসামান্য প্রতিটি ছবিতেই। তবু জন্মদিনে রইল ইরফানের ৫ ছবির তালিকা যা এখনও পর্যন্ত আপনার দেখা না থাকলে দেখে নিন আজই

পান সিং টোমার: ২০১১ সালে মুক্তি পেয়েছিল । আর ২০১২ সালে এই ছবির জন্য অভিনেতার ঘরে এসেছিল জাতীয় পুরস্কার। তিগমাংশু ধুলিয়া ছিলেন পরিচালক। এক জাতীয় স্টিপলিচেস খেলোয়াড়ের চম্বলের অরণ্যের ডাকাত হয়ে ওঠার গল্প ফুটে উঠেছিল এই ছবির মধ্যে দিয়ে। শুধুমাত্র ইরফানকে দেখার জন্য এই ছবি আপনার দেখা উচিত।

দ্য লাঞ্চবক্স: লাঞ্চবক্সকে কেন্দ্র করে এক ভালবাসার গল্প, এক মধ্যবয়সের বন্ধুত্বের গল্প। হিন্দি সিনেমায় এই কনসেপ্টে ছবি যে ওই প্রথম। ইরফানের ইচ্ছাকৃত ‘ম্যানারিজম’, চাহনি, সব কিছু উপলব্ধি করার জন্য দেখে ফেলতেই পারেন এই ছবি।

মকবুল: শেক্সপিয়ারের উপন্যাস ম্যাকবেথের হিন্দি সংস্করণ ‘মকবুল’। পরিচালনায় ছিলেন বিশাল ভরদ্বাজ। বলিউডের একগুচ্ছ প্রথম সারির দক্ষ অভিনেতা অভিনয় করেছিলেন । ২০০৪ সালে মুক্তিপ্রাপ্ত এই ছবিতে টাব্বু থেকে শুরু করে ওম পুরি, নাসিরুদ্দিন শাহ, পঙ্কজ কাপুর কে ছিলেন না! ম্যাকবেথ নিয়ে বিভিন্ন ভাষায় হয়েছে নানা ছবি। তবে ইরফানের অভিনয় মকবুলের ইউএসপি, ঘোর কাটতে বেশ কয়েক দিন সময় লাগবে আপনার।

লাইফ অব পাই: এই ছবিতে গোটা ছবি জুড়ে তিনি ছিলেন এমনটা নয়। ছবিতে সূরজ শর্মা যদি হন নায়ক। ইরফান ছিলেন ছবির প্রধান চালিকাশক্তি। অ্যাং লি পরিচালিত এই হলিউড সিনেমা মুক্তি পেয়েছিল ২০১২ সালে। বিশ্বের দরবারে ‘হিরো’ হয়ে উঠেছিলেন ইরফান খান।

তলোয়ার: ইরফান এই ছবির প্রাণকেন্দ্র। সত্য ঘটনা অবলম্বনে তৈরি ছবিটি আপনাকে সরাসরি দাঁড় করাবে বেশ কিছু প্রশ্নের সম্মুখে যার উত্তর হয়তো আপনার কাছেও নেই

কোষাগারে হাঁড়ির হাল, খরচ কমাতে নির্দেশ মমতা সরকারের

Mamata Sarkar instructs to reduce the cost of pots in the treasury

করোনার জেরে ফের আংশিক লকডাউন শুরু হয়েছে রাজ্যজুড়ে। এই পরিস্থিতিতে খরচ কমাতে রাজ্যের বিভিন্ন সরকারি দফতরগুলিকে নির্দেশিকা দিল নবান্ন। এই নিয়ে দ্বিতীয়বার নির্দেশ দিল রাজ্য সরকার।

করোনার কোপ পড়েছে রাজ্যের কোষাগারে। করোনা নিয়ন্ত্রণে প্রচুর খরচ হচ্ছে। তাই নবান্ন নির্দেশিকা দিয়ে জানিয়েছে, কোনও সরকারি দফতর পরবর্তী নির্দেশিকা না আসা পর্যন্ত গাড়ি, টিভি, পর্দা বা কোনও দামি সরঞ্জাম কিনতে পারবে না। জরুরী কারণে কোনও জিনিস কিনতে হলে প্রথমে অর্থ দফতরের অনুমতি নিতে হবে। অনুমতি ছাড়া একটি জিনিসও কেনা যাবেনা।

গত বছর দ্বিতীয় ঢেউয়ের সময় জুন মাসে খরচ কমানোর নির্দেশিকা দিয়েছিল রাজ্য সরকার। সেই সময় অর্থমন্ত্রী ছিলেন অমিত মিত্র। কিন্তু তিনি বিধানসভা নির্বাচনে লড়াই করেননি। এরপর কয়েকমাস আগে অর্থমন্ত্রী হিসেবে তাঁর মেয়াদ ফুরোলে অর্থ দফতরের দায়িত্ব নিজের হাতে নেন বাংলার মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়।

রাজ্য সরকার এই মুহূর্তে বেশ কয়েকটি প্রকল্প চালাচ্ছে। এর মধ্যে লক্ষ্মীর ভাণ্ডার প্রকল্পের টাকা জোগাতে রাজ্যকে যে সমস্যার সম্মুখীন হতে হচ্ছে সেকথা আগেই জানিয়েছেন মুখ্যমন্ত্রী। এর মধ্যেই করোনার বেলাগাম সংক্রমণ খরচে রাশ টানতে বাধ্য করছে।

উল্লেখ্য, বৃহস্পতিবার সাংবাদিক বৈঠকে মুখ্যমন্ত্রী হাত জোর করে সকলকে মাস্ক পড়ার অনুরোধ জানিয়েছেন। তিনি বলেন, আগামী ১৫ দিন যথেষ্ট গুরুত্বপূর্ণ। করোনার বিধিনিষেধ না মানলে কড়া ব্যবস্থা নেওয়া হবে বলেও হুঁশিয়ারি দেন তিনি।

ড্রিম ডেস্টিনেশনের তালিকায় রাখুন এই পাঁচটি শহরকে

Put these five cities on the Dream Destination list

ছুটির দিনে বাড়িতে বসে থাকতে কে চায়! করোনা সঙ্গী হলেও মনের বাসনাকে তো আর দূরে সরিয়ে রাখা যায় না!সকলেরই ড্রিম ডেস্টিনেশন রয়েছে ভ্রমণের তালিকায় । আর সেই স্বপ্নপূরণের জন্য এই নতুন বছরের শুরুতেই বানিয়ে ফেলুন একটা লিস্ট ।
আজ রইল বিদেশের পাঁচটি ড্রিম ডেস্টিনেশনের তালিকা

১) কাঠমান্ডুর কাছে পোখারা শহর প্রতিটি ভ্রমণকারীর কাছে যেন পৃথিবীর বুকে একটুকরো স্বর্গ। সবুজ বন, মনোরম প্রাকৃতিক দৃশ্য এবং শান্ত হ্রদে ঘেরা নয়নাভিরাম পোখারা নেপালের অন্যতম জনপ্রিয় পর্যটন স্থান। প্রতিবছর প্রকৃতির টানে আচ্ছন্ন হয়ে নৈসর্গিক সৌন্দর্য উপভোগ করতে হাজারও দেশী-বিদেশী পর্যটকদের ভিড় জমে এই শহরে।

২) ক্যাপাডোসিয়ায় হট এয়ার বেলুনিং। এই ক্যাপাডোসিয়া হল তুরস্কের প্রাণকেন্দ্র। এই রোমাঞ্চকর ভ্রমণের অভিজ্ঞতা তুরস্কে গেলে নিশ্চয় ট্রাই করা চাই-ই চাই। খরচ পড়বে ১৩০-১৪০ইউরোর মধ্যে।

৩) ব্যাংককের ফ্লোটিং মার্কেটে প্যাডলিং করা। এই বাজারের সঙ্গে একাত্ম ব্যাংককের স্থানীয়রা। এমন ভাসমান বাজার ব্যাংককে বেশ কয়েকটি রয়েছে। তার মধ্যে সবচেয়ে বিখ্যাত ড্যামনোয়েন সাদুয়াক । শুধু খাওয়া দাওয়াই নয়, এখানে পাবেন ভেষজ সাবান, নানান হস্তশিল্প, থাই সাজসজ্জা সহ অরগ্যানিক জিনিসপত্র।

৪) ইরানের মসজিদ পরিদর্শন করা। শেখ লোতফোল্লা মসজিদ, নাসির ওল-মোলক মসজিদ, শাহ চেরাঘ, ব্লু মসজিদ এবং আগা বোজোর্গ মসজিদ এখানে অবশ্যই দেখার মতো মসজিদ। মসজিদে প্রবেশের জন্য আপনাকে ধর্মের উপর নয়, বরং মানুষের বিশ্বাস ও আত্মার উপর ভরসা রাখা প্রয়োজন।

৫) আন্টার্কটিকায় পেঙ্গুনের সঙ্গে সময় কাটানো। এমন অসাধারণ অ্যাডভেঞ্চারের কথা অনেকেই ভাবেন। অত্যাধিক ঠান্ডার মধ্যে দাঁড়িয়ে চারিদিকে কালো কোট পরা পেঙ্গুইনদের হেঁটে চলা, শিশুকে আদর করা, জলে সাঁতার দিয়ে মাছ ধরার মতো দৃশ্য নিজের চোখে দেখা, এ এক স্বপ্ন। মেরু অভিযানে যেতে গেলে অক্টোবর ও নভেম্বর মাসকে মাথায় রেখে ভ্রমণের প্ল্যান করতে পারেন।

Lifestyle: জানেন কি দুপুরে খাওয়ার পর কোন কাজ করলে প্রাণনাশের আশঙ্কা থাকে?

Did you know that there is a risk of death if you do any work after lunch?

আমরা যা খাই, আমাদের শরীরে পড়ে তার প্রভাব। ঠিক তেমনই ভাবে দৈনন্দিন জীবনচর্চা (lifestyle), অভ্যাসের সঙ্গেও ওতপ্রোতভাবে জড়িত শারীরিক সুস্থতা । তাই, সঠিক নিয়ম মেনে সঠিক খাবার খেলে যেমন উন্নতি হয় স্বাস্থ্যের, তেমন ভাবেই নিয়ম না মেনে ভুলভাল খাদ্যাভ্যাস (Food habits) এমনকি দৈনন্দিন কিছু অভ্যাস স্বাস্থ্যের অবনতি ঘটায় মারাত্মকভাবে।

রোজকার জীবনের কিছু ভুল অভ্যাস আপনার জীবনে চরমতম বিপদ ডেকে আনতে পারে। ভুল অভ্যাস দীর্ঘদিন ধরে চলতে থাকার কারণে আপনার প্রাণহানির পর্যন্ত আশঙ্কা থাকতে পারে। আসুন জেনে নেওয়া যাক খাওয়ার পর কোন কাজগুলো করা কখনোই উচিত নয়-

১) ‘ভরা পেটে ফল’ এমন মিথ থাকলেও ভরা পেটে কখনোই ফল (Fruits) খাবেন না। খালি পেটে ফল খেলে তবেই তার খাদ্যগুণ শোষিত হয় আমাদের শরীরে। তাই খাওয়ার বেশ কিছুটা সময় পরে ফল খান। খাবার খেয়েই ফল খেলে অবধারিত হজমের সমস্যা।

২) একেবারেই ঠিক নয় খেয়ে উঠেই শয্যাগ্রহন।খেয়ে উঠেই শুয়ে পড়লে ওজন তো বাড়বেই উপরন্তু দেখা দেবে হজমের (Indigestion) সমস্যাও। তাই খেয়ে উঠে শুতে যান অন্তত এক ঘণ্টা পরে ।

৩) খাবার পরেই অনেকে ধূমপান (Smoking) করেন। ভরা পেটে ধূমপান করলে ক্ষুদ্রান্ত্র মারাত্মক ক্ষতিগ্রস্ত হয়।এমনকি, নিয়মিত খেয়ে উঠেই ধূমপানের অভ্যাস থাকলে তা ক্যানসারের ঝুঁকিও বাড়িয়ে তুলতে পারে।

৪) পেটভর্তি করে খেয়ে অনেকেই কোমরের বেল্ট একটু হালকা করে নেন। এটিও কিন্তু খারাপ অভ্যেস। কখনোই পেট এতটা ভর্তি করে খাওয়া উচিত নয়, যাতে কোমরের বেল্ট হালকা করতে হয়।

৫) খাবার খেয়েই জল (Water) খেলে তা খাবার ঠিকমতো হজম হতে চায় না। এর ফলে গ্যাস-অম্বলের (Acidity) সমস্যা দেখা দিতে পারে। তাই খেয়ে উঠেই জল খাওয়া একেবারেই উচিত। খাওয়ার অন্তত আধঘন্টা পর জল খেলে তবেই শরীর সুস্থ থাকে।

Kolkata: করোনা রুখতে দোকানে একবারে একজন ক্রেতা নিয়ম

Kolkata: A one-time buyer rule at the store to stop corona

রাজ্যে করোনা আক্রান্তের সংখ্যা বাড়ছে। জেলাগুলির মধ্যে কলকাতায় সর্বাধিক করোনা আক্রান্তের খোঁজ মিলছে। সংক্রমণ নিয়ন্ত্রণে শহরে মাইক্রো কনটেইনমেন্ট জোনের সংখ্যা ২৫ থেকে বেড়ে দাঁড়িয়েছে ৪৫। এবার এক নয়া নিয়ম জারি করল প্রশাসন। এখন থেকে দোকান বাজারে বিক্রেতা পিছু একজন করে ক্রেতাকেই প্রবেশের অনুমতি দেওয়া হবে। অর্থাৎ, একসাথে একের বেশী লোক কেনাকাটা করতে পারবে না।

বৃহস্পতিবার কলকাতা পুরসভার মেয়র ফিরহাদ হাকিম ও রাজ্যের মুখ্যসচিব হরে কৃষ্ণ দ্বিবেদির একটি বৈঠকের পর এই সিদ্ধান্ত নেওয়া হয়েছে।

এদিনের বৈঠকে করোনা পরিস্থিতি সংক্রান্ত একটি বৈঠক হয়। বৈঠকে ফিরহাদ হাকিম, দ্বিবেদি ছাড়াও উপস্থিত ছিলেন কলকাতা পুলিশের উচ্চ আধিকারিক, স্বাস্থ্যদফতরের কর্তারা।

বৈঠকে ঠিক করা হয়, সংক্রমণ রুখতে বাজারে ভিড় কমাতে হবে। তাই এখন থেকে বিক্রেতা পিছু একজন ক্রেতা থাকবে। অর্থাৎ বাজারে যতসংখ্যক বিক্রেতা হয়েছেন, ঠিক তত সংখ্যক ক্রেতাই বাজারে ঢুকতে পারবেন। দ্রুতই সিদ্ধান্ত কার্যকর করা হবে এবং এই নিয়ম সঠিকভাবে পালন হচ্ছে কিনা তা দেখার দায়িত্ব দেওয়া হয়েছে কলকাতা পুলিশকে।

বৃহস্পতিবার ভার্চুয়াল সাংবাদিক বৈঠকে রাজ্যের করোনা পরিস্থিতি নিয়ে উদ্বেগ প্রকাশ করেন মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়। তিনি আরও কড়াভাবে বিধিনিষেধ পালন করার কথা জানান। সংক্রমণ যাতে ছড়িয়ে না পড়ে তার জন্য সকলকে সচেতন হতে অনুরোধ জানিয়েছেন।

কিছুদিন আগেই মেয়র তথা রাজ্যের মন্ত্রী ফিরহাদ হাকিম ঘোষণা করেন কোনও এলাকায় ৪-৫ জন ব্যক্তি করোনা আক্রান্ত হলেই সেখানে মাইক্রো কনটেইনমেন্ট জোন তৈরি করা হবে। মাইক্রো কনটেইনমেন্ট জোনের এলাকাগুলিকে ব্যারিকেড করে দেওয়া হয়েছে। ছোট ছোট আবসনগুলিতে করোনার সংক্রমণ ছড়িয়ে পড়ার আশঙ্কা বেশী, তাই আগামী দিনে এগুলিকেও মাইক্রো কনটেইনমেন্ট জোনে রূপান্তরিত করা হতে পারে বলে জানা গিয়েছে।

সপরিবারে কোভিডের কবলে জনপ্রিয় গায়ক সোনু নিগম

Sonu Nigam, a popular singer with Kovid and his family

করোনা অতিমারীর তৃতীয় ঢেউ দেশ জুড়ে আছড়ে পড়তে চলেছে। ইতিমধ্যেই, বলিউড-টলিউডের বহু তারকা সংক্রমিত হয়েছেন। এবার সেই তালিকায় যুক্ত হল বলিউডের জনপ্রিয় গায়ক সোনু নিগমের নাম। সপরিবারেই করোনা আক্রান্ত হলেন সোনু নিগম (Sonu Nigam)। তিনি, তাঁর স্ত্রী মধুরিমা এবং ছেলে নিভানের কোভিড টেস্টের রিপোর্ট ‘পজিটিভ’ আসে। নিজের সোশ্যাল মিডিয়া হ্যান্ডলে একটি ভিডিও শেয়ার তিনি করোনায় আক্রান্ত হওয়ার খবর অনুরাগীদের সঙ্গে ভাগ করে নিয়েছেন।

ভ্লগের জন্য তৈরী করা সেই ভিডিওতে সোনু নিগম জানান, বর্তমানে তিনি দুবাইতে আছেন। বেশ কিছু রিয়েলিটি শোয়ের শ্যুটিংয়ের জন্য এবং বিভিন্ন জায়গায় অনুষ্ঠানের জন্য তার দেশে ফেরার কথা ছিল। কিন্তু করোনা আক্রান্ত হওয়ায় তিনি আর ভারতে ফিরতে পারেননি। তবে, কিছুদিন আগে তার গলার অবস্থা বেশ খারাপ হলেও বর্তমানে তার গলা অনেকটাই ভালো আছে আগের থেকে । বিখ্যাত এই গায়কের কথায়, “আমার তাঁদের কথা ভেবে খুব খারাপ লাগছে, আমার জন্য যাঁদের অনেক ক্ষতি হয়ে গেল।” সোনু নিগম আরও বলেন, “খুবই দ্রুত ছড়িয়ে পড়ছে করোনাভাইরাস । আমার খারাপ লাগছে এটা ভেবে যে আমরা কিছু কাজ সবে শুরু করেছিলাম। যাঁরা জড়িয়ে রয়েছেন ছবির জগতের সঙ্গে , তাঁদের জন্যও খুব খারাপ লাগছে।”

বিগত দুটো বছর ধরে এই করোনা পরিস্থিতির জেরে বিধ্বস্ত গোটা দেশ। এর আগেও সিনেমাহল, অনুষ্ঠানের আয়োজন বন্ধ ছিল দীর্ঘদিন ধরে। ফের সংক্রমণ বাড়ায় নানা জায়গায় সিনেমাহল বন্ধ হচ্ছে। তবে, এই অতিমারীর ভয়ঙ্কর পরিস্থিতি কাটিয়ে তারপরও সবকিছু আবার একদিন ঠিক হয়ে যাবে বলেই আশাবাদী সোনু।

নাগরিক ব্যস্ততা থেকে মুক্তি মিলবে তাজপুরেই

Tajpur will be freed from the busyness of the citizens

শীতের ছুটি মানেই বেড়িয়ে পড়ার আনন্দ। নাগরিক ব্যস্ততা থেকে মুক্তি পেতে দুদিনের ছুটিতেই শান্ত প্রকৃতির ছোঁয়া পেতে আদর্শ গন্তব্য হতে পারে তাজপুরের সমুদ্র সৈকত। তাজপুর অবস্থিত মন্দারমণি ও শঙ্করপুরের মাঝামাঝি জায়গায়। দিঘার ভিড় বা মন্দারমণির কৃত্তিমতা ছাড়াই এখানে রয়েছে বালিয়াড়ি, ঝাউবন আর নির্জন সমুদ্রের অসীমতার অনাবিল আকর্ষণ।

কী ভাবে যাবেন:
হাওড়া থেকে ট্রেনে করে যেতে হলে রামনগর স্টেশনে নামতে হবে । রামনগর থেকে সড়ক পথে প্রায় চল্লিশ মিনিট সময় লাগে তাজপুর যেতে। রামনগর স্টেশনের বাইরে গাড়ির স্ট্যান্ড রয়েছে ।
ট্রেন ছাড়াও গাড়িতে করে যেতে চাইলে ৬ নম্বর জাতীয় সড়ক ধরে পৌঁছতে হবে কোলাঘাট। কোলাঘাট থেকে নন্দকুমারের দিকে যেতে হবে । নন্দকুমার থেকে কাঁথি বা রামনগরের রাস্তায় গেলে চাউলখোলা। বাসে এলে এই চাউলখোলাতেই নামতে হবে । এখান থেকে তাজপুর যাওয়ার ভ্যান বা অটো পেয়ে যাবেন।

কোথায় থাকবেন:
জনসমাগম খুব বেশি না হলেও তাজপুরে থাকার জায়গার অভাব নেই । এখানে সাধারণ থেকে দামি প্রায় সব ধরনের থাকার জায়গাই পাওয়া যায়। সাধারণত থাকার জায়গাতেই মেলে খাওয়াদাওয়ার বন্দোবস্তও। আপনি চাইলে অনলাইনে আগে থেকেই পছন্দের রিসর্ট বুক করে নিতে পারেন।

কী দেখবেন:
তাজপুরে সাধারণত তাঁরাই যান যাঁরা ব্যস্ত জীবনের থেকে কিছুটা বিরতি চান। কাজেই কিছু না করে শুধু ঝাউবন আর সমুদ্র দেখেই কাটিয়ে দেওয়া যেতে পারে দু’-তিনটি দিন। তবে এখন দিঘার মতোই তাজপুরের সমুদ্রে বিভিন্ন ধরনের খেলাধুলার সুযোগ সুবিধা হয়েছে। চাইলে এই সুযোগে ঘুরে নিতেন পারেন দিঘা, শঙ্করপুর, মন্দারমণিও।