पश्चिम बंगाल राशन घोटाला मामले में ईडी की छापेमारी

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महामारी के दौरान पूरे राज्य में राशन वितरण में कथित अनियमितताओं के संबंध में शुक्रवार को कोलकाता और पड़ोसी जिलों के सात स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को दी। सूत्रों के अनुसार, संघीय एजेंसी की ताजा छापेमारी से
एक दिन पहले गुरुवार को ईडी अधिकारियों ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में कथित वित्तीय
घोटाले के संबंध में कई स्थानों पर छापेमारी की और गिरफ्तार पूर्व प्राचार्य संदीप घोष के घर से मेडिकल छात्रों द्वारा ली गई परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं सहित कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए।

महिला अधिकारियों सहित ईडी के लगभग 40-50 अधिकारियों ने टीम बनाकार कोलकाता, कल्याणी, मेदिनीपुर,
बारासात, सोनाखली और अन्य स्थानों पर परिसरों और कार्यालयों में छापेमारी शुरू की, विशेष रूप से खाद्य विभाग
के कर्मचारियों और खाद्य निरीक्षकों से संबंधित स्थानों पर।

सूत्रों ने कहा कि एजेंसी को जांच के दौरान पता चला कि कुछ खाद्य निरीक्षक और खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी
महामारी के दौरान राशन का वितरण निर्दिष्ट राशन की दुकानों के बजाय कहीं और कर रहे थे।
सूत्रों ने कहा कि एजेंसी ने मामले में राज्य के पूर्व खाद्य मंत्री ज्योतिर्मय मलिक और कई अन्य अधिकारियों तथा चावल
मिल मालिकों को गिरफ्तार किया है और एजेंसी ने मामले में आरोपपत्र दायर किया है।

ED दफ्तर पहुंची अभिनेत्री रितुपर्णा सेनगुप्ता

कोलकाता : बंगाल की मशहूर अभिनेत्री रितुपर्णा सेनगुप्ता ईडी के सवालों का जवाब देने के लिए बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय के कोलकाता स्थित दफ्तर पहुंची। जहां राशन घोटाले मामले में उनसे पूछताछ की जा रही है। इस मामले में उसे दूसरी बार समन किया गया था। बता दें कि इस अभिनेत्री का नाम उस वक्त सामने आया जब ईडी अधिकारी राशन भ्रष्टाचार मामले के दस्तावेज की जांच कर रहे थे।

बता दें कि ईडी ने दूसरी बार अभिनेत्री रितुपर्णा सेन गुप्ता को समन भेजा था। जहां पूछताछ के लिए आज की तिथि निर्धारित की गयी थी। जांच एजेंसी के सवालों का जबाव देने के लिए ही यह अभिनेत्री बुधवार को प्रर्वतन निदेशालय के कोलकाता स्थित दफ्तर पहुंची। जहां उनसे जांच के दौरान राशन घोटाले मामले से संबंधित हुए लेनदेन पर पूछताछ कर रही है।

बता दें कि रितुपर्णा सेनगुप्ता ईडी के पहले समन पर प्रर्वतन निदेशालय के सामने हाजिर नहीं हो सकी थी। उन्होंने ईमेल के जरिये कहा था कि वह देश से बाहर है। इसलिए वे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकती। उन्होंने जांच एजेंसियों को पत्र लिखकर दूसरी तारीख निर्धारित करने को कहा था। ईडी अधिकारियों ने उनके इस अनुरोध को स्वीकार किया और 19 जून यानी आज की तिथि दी।

ईडी की टीम इससे पहले भी अभिनेत्री से पूछताछ कर चुकी है। वैली चिटफंड घोटाले की जांच के सिलसिले में वर्ष 2019 में उनसे पूछताछ हो चुकी है। उन्हें रोज वैली समूह की कुछ फिल्म प्रोजेक्ट में शामिल होने की वजह से तलब किया गया था। बता दें कि इस अभिनेत्री का नाम बंगाली सिनेमा की सबसे सफल अभिनेत्रियों में गिना जाता है।

शाहजहां के घर पर मौजूद थे हथियार, दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए हुआ था ED पर हुआ था हमला

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में पांच जनवरी को उत्तर 24 परगना के संदेशखाली  में प्रवर्तन निदेशालय  की टीम पर हुए हमले के सिलसिले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो तृणमूल कांग्रेस के निलंबित नेता शेख शाहजहां और छह अन्य के खिलाफ पहली चार्जशीट स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पहले ही दायर कर चुकी है।

सूत्रों की माने, तो केंद्रीय जांच एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में यह आरोप लगाया है कि शाहजहां के आवास में हथियारों का जखीरा छिपाकर कर रखा गया था। इसी बीच ईडी ने वहां अभियान चलाया और सीबीआई को अंदेशा है कि हथियारों को दूसरी जगह शिफ्ट करने के इरादे से केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों पर हमला व लूटपाट की घटना को अंजाम दिया गया।

आरोप यह भी है कि शाहजहां के भाई शेख आलमगीर व उसके साथियों ने हथियार अबू तालेब नामक शख्स के ठिकाने पर रखवाया था। वह भी शाहजहां के करीबी माने जाने वालों में से एक है। उक्त मामले को लेकर सीबीआई की जांच जारी है। सीबीआई ने अप्रैल में संदेशखाली के सड़बेड़िया में अलग-अलग जगहों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। छापेमारी में विदेश निर्मित पिस्तौल सहित कई हथियार, बम और गोला-बारूद बरामद किये गये। शाहजहां के करीबी माने जाने वाले हफीजुल खान के रिश्तेदारों के ठिकानों पर भी अभियान चलाया गया था।

इनमें अबू तालेब मोल्ला के ठिकानों से तीन विदेशी रिवॉल्वर, एक देशी आग्नेयास्त्र, एक सरकारी रिवॉल्वर, एक विदेशी पिस्तौल, एक देशी पिस्तौल, 9 एमएम के 120 कारतूस, .45 कैलिबर के 50 कारतूस, 9 एमएम कैलिबर के 120 कारतूस, .380 कैलिबर के 50 कारतूस, .32 कैलिबर के आठ कारतूस जब्त किये गये। साथ ही शेख शाहजहां से संबंधित कुछ दस्तावेज व अन्य सामान भी बरामद हुए थे. इडी की टीम पर पांच जनवरी को संदेशखाली में उस समय हमला किया गया था, जब वह कथित राशन घोटाले के सिलसिले में शाहजहां के परिसर पर छापा मारने गयी थी। उस दिन करीब एक हजार लोगों की भीड़ ने टीम पर हमला कर दिया था, जिसमें इडी के तीन अधिकारी घायल हो गये थे।

रितुपर्णा सेनगुप्ता को फिर ईडी ने किया अगले सप्ताह तलब

कोलकाता: राशन वितरण भ्रष्टाचार मामले में ईडी ने अभिनेत्री रितुपर्णा सेनगुप्ता को फिर तलब किया है। ईडी ने एक्ट्रेस को पिछले बुधवार सुबह 11 बजे सीजीओ कॉम्प्लेक्स में बुलाया था. लेकिन एक्ट्रेस के विदेश में होने के कारण वह शामिल नहीं हो सकीं। उन्होंने एक मेल भेजकर बताया कि अभी उनके लिए सीजीओ कॉम्प्लेक्स जाना संभव नहीं है। रितुपर्णा ने देश लौटने पर उनसे संपर्क करने का आश्वासन भी दिया था। सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने उस ईमेल के आधार पर एक्ट्रेस को अगले हफ्ते दोबारा सीजीओ कॉम्प्लेक्स आने का आदेश दिया है।

ईडी के एक अधिकारी ने दावा किया कि जांचकर्ताओं को राशन भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार एक आरोपी के साथ रितुपर्णा के वित्तीय लेनदेन की जानकारी मिली है। हालांकि ईडी ने आधिकारिक तौर पर इस बारे में कुछ नहीं कहा है। इस पर रिएक्ट करते हुए रितुपर्णा ने पहले ही कहा था, ”मैं यह सुनकर बहुत हैरान हूं, मैं सचमुच इस बारे में कुछ नहीं जानता. राशन भ्रष्टाचार क्या है? मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।

इसके बाद रितुपर्णा ने फिर कहा, मेरी कई फिल्में रिलीज होनी हैं। ऐसी खबरें मेरे लिए बिल्कुल भी अच्छी नहीं हैं। मैं जीवन भर काम करती रही हूं, मेरे नाम पर अचानक ऐसा कहना बहुत अनुचित है। उन्होंने कहा कि वह वकील से सलाह लेने के बाद फैसला लेंगे कि उन्हें ईडी के समक्ष पेश होना है या नहीं। गौरतलब है कि इससे पहले जुलाई 2019 में अभिनेत्री रितुपर्णा सेनगुप्ता से जांच एजेंसी ईडी ने रोज वैली मामले में पूछताछ की थी. अब राशन भ्रष्टाचार मामले में उनका नाम सामने आने लगा है।

तेजस्वी यादव को ईडी ने फिर जारी किया समन

Tejashwi Yadav

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को शनिवार को एक नया समन भेजा है। उन्हें रेलवे में नौकरी के बदले जमीन घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया है।तेजस्वी यादव को पांच जनवरी को एजेंसी के सामने पेश होने को कहा गया है। वहीं, दूसरी ओर दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने उनकी विदेश यात्रा करने की मांग वाली याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार कर ली है। गौरतलब है, अक्तूबर में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद प्रमुख लालू यादव, बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी, बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और राजद सांसद मीसा भारती को राहत मिली है। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कथित जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में चारों को जमानत दे दी थी। तेजस्वी यादव ने अदालत से अगले साल छह से 18 जनवरी तक ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा करने की अनुमति मांगी है। बता दें, इससे पहले ईडी ने तेजस्वी यादव को 22 दिसंबर और उनके पिता आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव को 27 दिसंबर को एजेंसी के सामने पेश होने का आदेश दिया था। हालांकि, 22 दिसंबर के समन को तेजस्वी ने नजरअंदाज कर दिया और एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए।तेजस्वी यादव ने अदालत से अगले साल छह से 18 जनवरी तक ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा करने की अनुमति मांगी है। बता दें, इससे पहले ईडी ने तेजस्वी यादव को 22 दिसंबर और उनके पिता आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव को 27 दिसंबर को एजेंसी के सामने पेश होने का आदेश दिया था। हालांकि, 22 दिसंबर के समन को तेजस्वी ने नजरअंदाज कर दिया और एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए।

ममता के दरवाजे पर जल्द दस्तक देंगी सीबीआई और ईडी: शुभेंदु

suvendu adhikari

दुर्गापुर में जगद्धात्री पूजा के उद्घाटन के दौरान बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना की. अधिकारी ने संकेत दिया कि राज्य में टीएमसी सरकार के मंत्रियों और नेताओं के भ्रष्टाचार के कारण जल्द ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केंद्रीय जांच एजेंसियों को अपने दरवाजे पर दस्तक देते हुए पा सकती हैं. शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियां दिसंबर में मुख्यमंत्री के दरवाजे तक पहुंच सकती हैं. उन्होंने बंगाल के पूर्व बीजेपी चीफ के बयान की पुष्टि करते हुए कहा, ‘दिलीप के पास सटीक जानकारी है’. शुभेंदु अधिकारी ने टीम इंडिया की पोशाक को लेकर विवादित टिप्पणी करने के लिए बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना की। शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि राज्य में भ्रष्टाचार के लिए ममता बनर्जी का पूरा मंत्रिमंडल जिम्मेदार है. उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी नेताओं का करप्शन केवल जिला स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राज्य में व्यापक रूप से फैला है. भाजपा नेता ने कहा कि भ्रष्टाचार की आंच मुख्यमंत्री तक पहुंच सकती है, इस डर से वह कांप रही हैं.

ईडी ने लालू परिवार के करीबी व्यक्ति को गिरफ्तार

ईडी ने ‘नौकरी के बदले भूमि घोटाले’ से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद और उनके बेटे तेजस्वी यादव के कथित सहयोगी अमित कात्याल को शुक्रवार को हिरासत में ले लिया। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। ईडी के अनुसार, कात्याल राजद प्रमुख के करीबी सहयोगी होने के साथ-साथ एके इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व निदेशक भी हैं।2004 से 2009 तक, भारतीय रेलवे के विभिन्न जोन में ‘ग्रुप डी’ के पदों पर कई लोगों को नियुक्त किया गया था और इसके बदले में, इन लोगों ने अपनी जमीन तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों और एके इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड को हस्तांतरित की थी।

सीबीआई के आरोप के अनुसार, इसके एवज में, उम्मीदवारों ने सीधे या अपने परिवार के सदस्यों के माध्यम से, लालू परिवार के सदस्यों को मौजूदा बाजार मूल्य से काफी कम दर पर कथित तौर पर जमीन बेची थी। सीबीआई के अनुसार, नियुक्ति के लिए कोई विज्ञापन या सार्वजनिक नोटिस जारी नहीं किया गया था, लेकिन पटना में रहने वाले कुछ लोगों को मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर में विभिन्न ‘जोनल रेलवे’ में स्थानापन्न के रूप में नियुक्त किया गया था।एजेंसी द्वारा पूछताछ के लिए जारी किए गए समन से कात्याल करीब दो महीनों से बच रहे थे। ईडी के अधिकारियों ने उन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत दिल्ली से हिरासत में लिया। कात्याल के परिसरों पर संघीय एजेंसी ने मार्च में छापा मारा था, जब लालू, बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, उनकी बहनों और अन्य के परिसरों में तलाशी ली गई थी।

ईडी जब चाहें मुझे बुला सकते हैं। सारी बातें लोगों के सामने हैं : अभिषेक

तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल में कथित स्कूल नौकरियों घोटाले की जांच के संबंध में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश हुए। ईडी कार्यालय से बाहर आने के तुरंत बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने संवाददाताओं से कहा कि अगर जांच एजेंसी उन्हें दोबारा बुलाती है तो वह जांच एजेंसी के साथ सहयोग करेंगे। बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बनर्जी सुबह करीब 11.10 बजे कोलकाता में ईडी कार्यालय पहुंचे। मेरे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। ईडी जब चाहें मुझे बुला सकते हैं।

सारी बातें लोगों के सामने हैं ।अभिषेक बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा और कैश-फॉर-क्वेरी मामले में उनके खिलाफ आरोपों पर भी बात की। समझा जाता है कि मोइत्रा के खिलाफ कैश-फॉर-क्वेरी के आरोपों की जांच कर रही लोकसभा की आचार समिति ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रभाव डालने वाले अनैतिक आचरण के आधार पर उन्हें संसद के निचले सदन से निष्कासित करने की सिफारिश की है।

ईडी : मंत्री ज्योतिप्रिय ने भ्रष्टाचार का पैसा फिल्मों में लगाया

पश्चिम बंगाल के पुर्व खाद्य मंत्री एवं वन मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक की गिरफ्तारी के एक दिन बाद शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय ने उनके पूर्व निजी सहायक अमित डे को तलब किया। उनसे पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। इस बीच, ईडी ने यह दावा भी किया है कि मल्लिक ने भ्रष्टाचार का पैसा फिल्मों में भी लगाया था। जांच एजेंसी मल्लिक और उनके परिवार के संपत्ति कुर्क करने की तैयारी कर रही है।ईडी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी को एक डायरी मिली है, जिसकी जांच की जा रही है। इसमें घोटाले से जुड़े कई राज दर्ज हैं और अधिकारी इसके तारों को जोड़ने की कोशिश में लगे हैं। डायरी मिलने से घोटाले में कई और नेता ईडी के रडार पर आ गए हैं। ईडी सूत्रों के मुताबिक 2014 में ज्योतिप्रिय के करीबी कारोबारी बाकिबुर रहमान ने एक बांग्ला फिल्म का निर्माण किया था।

मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक को अदालत ने छह नवंबर तक ईडी की हिरासत में भेजा

पश्चिम बंगाल में कथित करोड़ों रुपये के राशन वितरण घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पश्चिम बंगाल के मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक को शुक्रवार गिरफ्तार किया गया। उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पेश किया गया तो वह अदालत में बेहोश हो गए। अधिकारी ने बताया कि राज्य के वन मंत्री अदालत के अंदर सुनवाई के दौरान बेहोश होकर गिर पड़े। उन्होंने कहा, इसके बाद मलिक को अदालत कक्ष से बाहर बालकनी में ले जाया गया और पीने के लिए पानी दिया गया और अस्पताल ले जाया गया। हालांकि उन्हें अदालत ने छह नवंबर तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है।

ईडी ने धन शोधन मामले में मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक को गिरफ्तार किया

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल में कई करोड़ रुपये के कथित राशन वितरण घोटाले से संबंधित धन शोधन मामले में राज्य के मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक को गिरफ्तार कर लिया है। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंत्री को 17-18 घंटे से अधिक की पूछताछ के बाद शुक्रवार को तड़के धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया। ईडी अधिकारियों ने कहा कि मलिक को तड़के साढ़े तीन बजे कोलकाता के बाहरी इलाके में स्थित सॉल्ट लेक में उनके आवास से यहां केंद्रीय एजेंसी के कार्यालय लाया गया।तृणमूल कांग्रेस के मंत्री ने कहा कि मैं बहुत बड़ी साजिश का शिकार हुआ हूं। मलिक ने यह भी आरोप लगाया कि यह साजिश भारतीय जनता पार्टी और उसके नेता शुभेंदु अधिकारी ने रची है जो पहले तृणमूल कांग्रेस पार्टी में पूर्व सहयोगी थे।

मलिक को एक स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा जहां ईडी उनकी हिरासत का अनुरोध करेगा।

राशन वितरण भ्रष्टाचार: ईडी ने पूर्व खाद्य मंत्री ज्योतिप्री के घर पर छापा मारा

गुरुवार सुबह 6:30 बजे से लगभग साढ़े 7 घंटे बीत चुके हैं. केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारी अभी भी पूर्व खाद्य मंत्री और उनके सहयोगी के घर की तलाशी ले रहे हैं. राशन वितरण ‘भ्रष्टाचार’ मामले में वन मंत्री एवं पूर्व खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक का नाम सामने आया है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने गुरुवार सुबह सात बजे साल्ट लेक स्थित मंत्री के घर पर छापेमारी की. ईडी सूत्रों के मुताबिक, राशन ‘भ्रष्टाचार’ मामले में बकीबुर रहमान की गिरफ्तारी के बाद ज्योतिप्री का नाम सामने आया था. ईडी गुरुवार सुबह से दो घरों (बीसी 244 और बीसी 245) के साथ-साथ साल्ट लेक के बीसी ब्लॉक में तलाशी अभियान चला रही है।

ज्योतिप्री के घर के अलावा ईडी उनके असिस्टेंट अमित के नागेरबाजार स्थित फ्लैट पर भी पहुंची है. केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे वहां पहुंची. ईडी ने नागरबाजार में दो फ्लैटों का दौरा किया. एक फ्लैट भगवती पार्क इलाके में और दूसरा फ्लैट स्वामी विवेकानन्द रोड में है. सूत्रों के मुताबिक अमित दोनों फ्लैट में बारी-बारी से रहते हैं। हालांकि, दोनों फ्लैट पर ताला लगा हुआ है। सुबह जब यह रिपोर्ट पहली बार प्रकाशित हुई तब भी केंद्रीय जांच एजेंसी फ्लैट के अंदर प्रवेश नहीं कर पाई.

ईडी के अधिकारियों ने सुबह से आठ जगहों पर तलाशी अभियान चलाया है. ईडी इस बात की जांच कर रही है कि क्या ज्योतिप्री का मंत्री के करीबी व्यवसायी बाकिबुर से कोई संबंध है।

ईडी, सीबीआई और आइटी आदि भाजपा के असली ‘पन्ना प्रमुख’ बन गए हैं : खड़गे

राजस्थान में प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी को बीजेपी का राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि चुनाव आते ही केंद्रीय एजेंसियां बीजेपी की असली ‘पन्ना प्रमुख’ बन जाती हैं। परीक्षा पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय राजस्थान में लगभग एक दर्जन स्थानों पर तलाशी ले रहा है।

इसी को लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पोस्ट में लिखा कि चुनाव आते ही ईडी, सीबीआई और आई टी आदि भाजपा के असली ‘पन्ना प्रमुख’ बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान में अपनी निश्चित हार को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने चला अपना आख़िरी दाँव।

ईडी ने अभिषेक बनर्जी के पीए को बुलाया

Abhishek Banerjee

ईडी ने अभिषेक बनर्जी के पीए (पर्सनल असिस्टेंस) को तलब किया. सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक भर्ती भ्रष्टाचार मामले में अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय ने ईडी के नोटिस को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. ईडी ने स्कूल भर्ती भ्रष्टाचार मामले में अभिषेक और उनकी पत्नी समेत उनके माता-पिता को समन भेजा था लेकिन अभिषेक बनर्जी ईडी के आखिरी समन में पेश नहीं हुए थे. हालांकि, हाई कोर्ट की चेतावनी के बाद अभिषेक बनर्जी, उनके पिता अमित बनर्जी और मां लता बनर्जी ने अपने दस्तावेज केंद्रीय एजेंसी को भेज दिए. वहीं अभिषेक की पत्नी रुजिरा बनर्जी ने शिरकत की. ईडी सूत्रों का दावा है, उन्होंने लीप्स एंड बाउंड्स के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए अभिषेक के पीए सुमित रॉय को भी बुलाया है। जिसके खिलाफ सुमित रॉय पहले ही हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं.

Abhishek Banerjee: आमने-सामने ईडी और अभिषेक बनर्जी

Abhishek Banerjee

राजधानी दिल्ली में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस शक्ति प्रदर्शन करने जा रही है. मनरेगा और आवास योजना पर टीएमसी के नेता जंतर-मंतर पर केंद्र सरकार के खिलाफ धरना देंगे. दूसरी ओर आज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सांसद भतीजे अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूछताछ के लिए बुलाया है.

हालांकि उन्होंने एजेंसी के सामने पेश होने से साफ इनकार कर दिया है, जिसके बाद भारी बवाल होना तय है.टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को ईडी ने पश्चिम बंगाल में स्कूल में नौकरी के लिए करोड़ों रुपए के नकद लेन देने के केस में तीन अक्टूबर यानी आज पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन अभिषेक बनर्जी ने स्पष्ट कर दिया है कि मैं दिल्ली में पार्टी के कार्यक्रम में व्यस्त होने की वजह से ईडी के कोलकाता कार्यालय में पेश नहीं होऊंगा.

अभिषेक बनर्जी ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, ”दुनिया की कोई भी ताकत बंगाल के लोगों और उनके मौलिक अधिकारों के लिए लड़ने के मेरे समर्पण में बाधा नहीं बन सकती. मैं दो और तीन अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली जाऊंगा, अगर रोक सको तो मुझे रोक लो.

Job scam case: नौकरी घोटाला मामले में अभिषेक बनर्जी हुए तलब

Abhishek Banerjee

कोलकाता. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता में स्कूल नौकरी घोटाला मामले (Job scam) में पूछताछ के लिए तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी को तीन अक्टूबर को तलब किया है. बनर्जी ने बृहस्पतिवार को कहा कि संयोग से इसी दिन महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना (मनरेगा) के तहत राज्य का बकाया रोकने के केंद्र के फैसले के खिलाफ दिल्ली में पार्टी विरोध प्रर्दशन करने वाली है जिसका नेतृत्व उन्हें करना है.

टीएमसी नेता ने दावा किया कि इससे भाजपा का डर उजागर हो गया है. टीएमसी सांसद ने केंद्रीय एजेंसी द्वारा उन्हें भेजे गए पत्र को ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किया. अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘इस महीने की शुरुआत में, ईडी ने मुझे दिल्ली में विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ की एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक के दिन तलब किया था. मैंने समन का पालन किया और उपस्थित हुआ था.’

Money Laundering Case: দেশে-বিদেশে মোট ৮৮১ কোটি টাকার সম্পত্তি বাজেয়াপ্ত করেছে ইডি

State Minister for Home Affairs Nityananda Rai

News Desk, New Delhi: দেশের কাছে সন্ত্রাসবাদ (terrorism) এক বড় সমস্যা হয়ে দাঁড়িয়েছে। শেষ তিন বছরে দেশে সন্ত্রাসবাদীদের অর্থ সাহায্যের (financial help) কতগুলি ঘটনা জানা গিয়েছে? সন্ত্রাসবাদীদের অর্থ সাহায্য বন্ধ করার লক্ষ্যে কেন্দ্র কি কোনও ব্যবস্থা নিয়েছে? ফিনান্সিয়াল অ্যাকশন টাস্ক ফোর্সের (financial action task force) সদস্য পদ পাওয়ার জন্য সরকার কী ব্যবস্থা নিয়েছে? আর্থিক তছরুপ দমন (Money Laundering Case) আইন বা পিএমএলএ (pmla act) আইনে সরকার দেশে এবং বিদেশে কতগুলি ক্ষেত্রে সম্পত্তি বাজেয়াপ্ত এবং জরিমানা আদায় করতে পেরেছে? এই সময়ের মধ্যে বিভিন্ন তদন্তকারী সংস্থা কতগুলি চার্জশিট পেশ করেছে? মঙ্গলবার সংসদে কেন্দ্রীয় স্বরাষ্ট্র মন্ত্রীর কাছে এই প্রশ্নগুলি জানতে চান তৃণমূল কংগ্রেসের সদস্য সাজদা আহমেদ।

তৃণমূল কংগ্রেস সাংসদের ওই প্রশ্নের উত্তরে স্বরাষ্ট্র দফতরের প্রতিমন্ত্রী নিত্যানন্দ রাই বলেন, সন্ত্রাসবাদী কার্যকলাপ দমন এবং তাদের আর্থিক যোগান বন্ধের বিষয়টি প্রাথমিক পর্যায়ে রাজ্য পুলিশের আওতায় মধ্যে পড়ে। তবে জাতীয় তদন্তকারী সংস্থা যে সমস্ত ঘটনার তদন্ত করছে সেগুলির দেখভাল করে কেন্দ্র। ২০১৮ সালে ১৮ টি, ২০১৯ সালে ১৪ টি, ২০২০ সালে ২৩ টি এবং চলতি বছরের নভেম্বর পর্যন্ত ৯ টি সন্ত্রাসবাদী কার্যকলাপের তদন্ত করছে এনআইএ।

মন্ত্রী এদিন আরও জানান, আর্থিক তছরুপের অভিযোগগুলির তদন্ত করে এনফোর্সমেন্ট ডিরেক্টরেট বা ইডি। এই তদন্ত করতে গিয়ে ইডি প্রায় ২৫০ টি ক্ষেত্রে স্থাবর ও অস্থাবর সম্পত্তি বাজেয়াপ্ত করেছে। যার মূল্য প্রায় ৮৮১ কোটি টাকা। যার মধ্যে ৬৭৭.৭৩ কোটি টাকা দেশে এবং ২০৩.২৭ কোটি টাকার সম্পত্তি বিদেশে বাজেয়াপ্ত করা হয়েছে। ২৪ টি ক্ষেত্রে চার্জশিট দাখিল করা হয়েছে। সন্ত্রাসবাদীদের আর্থিক মদত বন্ধ করার উদ্দেশ্যে স্বরাষ্ট্রমন্ত্রক একটি নতুন শাখা খুলেছে। জঙ্গিদের অর্থ সাহায্য এবং জাল নোটের কারবার বন্ধ করার জন্য জাতীয় তদন্তকারী সংস্থাও তদন্তের জন্য বিশেষ শাখা তৈরি করেছে। সন্ত্রাসবাদী কার্যকলাপ দমনের উদ্দেশ্যে বেআইনি কার্যকলাপ প্রতিরোধ আইন ১৯৬৭ আরও কড়া করা হয়েছে।

মন্ত্রী আরও জানিয়েছেন, ভারত ২০১০ সালের ২৫ জুন থেকেই ফিনান্সিয়াল অ্যাকশন টাস্ক ফোর্সের সদস্য। তাই নতুন করে সদস্য পদ নেওয়ার কোনও প্রশ্ন নেই।

CBI-ED ডিরেক্টরের মেয়াদ বৃদ্ধির অর্ডিন্যান্সকে চ্যালেঞ্জ

mahua moitra

নিউজ ডেস্ক, নয়াদিল্লি: সিবিআই এবং ইডির মেয়াদ বৃদ্ধির সিদ্ধান্তকে চ্যালেঞ্জ করে সুপ্রিম কোর্টে আবেদন করলেন তৃণমূল কংগ্রেস সাংসদ মহুয়া মৈত্র (mahua moitra)। নিজের টুইটার হ্যান্ডলে মহুয়া সুপ্রিম কোর্টে আর্জি জানানোর কথা জানিয়েছেন।

তিনি লিখেছেন, সিবিআই (cbi) এবং ইডির (ed) ডিরেক্টরের মেয়াদ বৃদ্ধি করতে নরেন্দ্র মোদি সরকার যে অর্ডিন্যান্স জারি করেছে সেই অর্ডিন্যান্সকে চ্যালেঞ্জ করে আমি সুপ্রিম কোর্টে একটি আবেদন করেছি। কারণ মোদি সরকারের এই সিদ্ধান্ত সুপ্রিম কোর্টের একটি রায়ের পরিপন্থী।

চলতি সপ্তাহের শুরুতেই সিবিআই এবং ইডির ডিরেক্টরের কার্যকালের মেয়াদ দুই বছর থেকে বাড়িয়ে পাঁচ বছর করেছে মোদি সরকার।

দিল্লি স্পেশাল পুলিশ এস্টাবলিশমেন্ট অ্যাক্ট এবং সেন্ট্রাল ভিজিলান্স কমিশন অ্যাক্ট অনুযায়ী সিবিআই ও ইডির আধিকারিকদের কার্যকালের মেয়াদ ছিল দু’বছর। তাই ওই আইন সংশোধন করতেই মোদি সরকার অধ্যাদেশ জারি করে। কিন্তু সেই অধ্যাদেশকে সুপ্রিম কোর্টে (supreme court) চ্যালেঞ্জ জানালেন তৃণমূল সাংসদ মহুয়া। এ ব্যাপারে তিনি শীর্ষ আদালতের পূর্ববর্তী একটি রায়কে হাতিয়ার করেছেন।

D Director Sanjay Kumar Mishra

মহুয়া বলেন, ২০১৯ সালে ইডির ডিরেক্টর সঞ্জয় কুমার (sanjay kumar mishra) মিশ্রের দু’বছরের কার্যকালের মেয়াদ শেষ হয়েছিল। ওই মেয়াদ শেষ হওয়ার পর সঞ্জয়ের কার্যকালের মেয়াদ আরও একবছর বাড়ানো হয়েছিল। সে সময় কেন্দ্রের ওই সিদ্ধান্তকে চ্যালেঞ্জ করে দায়ের হওয়া এক মামলায় শীর্ষ আদালত রায় দিয়েছিল, নতুন করে আর সঞ্জয় কুমারের মেয়াদ বাড়ানো যাবে না। কিন্তু সুপ্রিম কোর্টের সেই নির্দেশকে বুড়ো আঙুল দেখিয়ে নতুন করে ফের সিবিআই ও ইডি আধিকারিকর মেয়াদ বাড়ানোর ব্যবস্থা করেছে মোদি সরকার।

যা কার্যত আদালত অবমাননার সামিল। অর্থাৎ মোদি সরকার সুপ্রিম কোর্টকেও গ্রাহ্য করছে না। সে কারণেই মহুয়া কেন্দ্রের ওই অর্ডিন্যান্সকে চ্যালেঞ্জ জানিয়ে সুপ্রিম কোর্টে গিয়েছেন। মহুয়া তথা তৃণমূল শিবিরের অভিযোগ, মোদি সরকার নিজেদের রাজনৈতিক আখের গোছাতেই সিবিআই, ইডি-সহ অন্য কেন্দ্রীয় সংস্থার ডিরেক্টরদের কার্যকালের মেয়াদ বাড়িয়েছে। যদিও রাজনৈতিক হস্তক্ষেপ এড়াতে সিবিআই, ইডির মত কেন্দ্রীয় সংস্থাগুলির প্রধানদের কার্যকালের মেয়াদ দু’বছর করা হয়েছিল। কিন্তু মোদি সরকার তা মানতে রাজি নয়। উল্লেখ্য, শুধু সিবিআই ডিরেক্টর নয় গোয়েন্দা বিভাগ বা আইবির প্রধান, র এর প্রধানের কার্যকালের মেয়াদও বাড়ানো হয়েছে। মেয়াদ বাড়ানো হয়েছে কেন্দ্রীয় স্বরাষ্ট্র সচিব ও প্রতিরক্ষা সচিবেরও।

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p style=”text-align: justify;”>এরই মধ্যে অর্ডিন্যান্স জারির তিনদিনের মধ্যেই বিতর্কিত আধিকারিক সঞ্জয় কুমারের চাকরির মেয়াদ আরও এক বছর বাড়িয়ে দিল মোদি সরকার। বৃহস্পতিবারই ইডির ডিরেক্টর পদে সঞ্জয় কুমার মিশ্রের চাকরির মেয়াদ শেষ হওয়ার কথা ছিল। গত বছরও একইভাবে তাঁর চাকরির মেয়াদ বাড়ানো হয়েছিল।

সিবিআই ও ইডির শীর্ষ আধিকারিকদের চাকরির মেয়াদ বাড়ল

D Director Sanjay Kumar Mishra

News Desk: চাকরির মেয়াদ বাড়ল সিবিআই ও ইডির শীর্ষ আধিকারিকদের। এতদিন সিবিআই বা ইডির মতো কেন্দ্রীয় তদন্তকারী সংস্থার ডিরেক্টরদের চাকরির মেয়াদ ছিল ২ বছর। নরেন্দ্র মোদি (narendra modi) সরকার একধাক্কায় সেই মেয়াদ বাড়িয়ে করল ৫ বছর। রবিবার কেন্দ্র এই সিদ্ধান্তের কথা জানিয়েছে। চাকরির মেয়াদ বৃদ্ধির বিষয়ে দুটি আলাদা আলাদা অর্ডিন্যান্সও জারি করা হয়েছে। দুটি অর্ডিন্যান্সেই রাষ্ট্রপতি রামনাথ কোবিন্দ সই করেছেন।

রবিবার কেন্দ্রের জারি করা অধ্যাদেশে বলা হয়েছে, সিবিআই (cbi) এবং ইডির (ed)আধিকারিকদের নির্ধারিত দু’বছরের মেয়াদ শেষে তা আরও একবছর করে তিনবার বাড়ানো যেতে পারে। অর্থাৎ সবচেয়ে বেশি পাঁচ বছর সিবিআই এবং ইডির আধিকারিকরা ওই পদে থাকতে পারবেন। তবে, ওই দুই তদন্তকারী সংস্থার শীর্ষপদে কারও মেয়াদ পাঁচ বছর পূর্ণ হয়ে গেলে তা কোনওভাবেই আর বাড়ানো হবে না। তবে ওই অধ্যাদেশে (ordinance) বলা হয়েছে, একমাত্র জনস্বার্থে ইডি এবং সিবিআইয়ের শীর্ষ আধিকারিকদের মেয়াদ বাড়ানো যেতে পারে। কেন কারণ বাড়ানো হল, তাও লিখিতভাবে জানিয়ে দেওয়া হবে।

CBI-Office

সম্প্রতি ইডির ডিরেক্টর সঞ্জয়কুমার মিশ্রর (sanjay kumar mishra) মেয়াদ বাড়ানো নিয়ে বিতর্ক তৈরি হয়েছিল। ২০১৮ সালে সঞ্জয়কে দু’বছরের জন্য নিয়োগ করেছিল মোদি সরকার। ২০২০-র নভেম্বরে তাঁর মেয়াদ একবছর বাড়িয়ে দেয় মোদি সরকার। যা নিয়ে সুপ্রিম কোর্টে মামলাও হয়। মামলাকারীরা প্রশ্ন তোলেন কেন এভাবে সঞ্জয় মিশ্রর মেয়াদ বাড়ানো হল?

ওই প্রশ্নের জবাবে কেন্দ্র জানায়, একাধিক গুরুত্বপূর্ণ তদন্ত শেষ করতেই মিশ্রর মেয়াদ বাড়ানো হয়েছে। কেন্দ্রের বক্তব্য মেনে নিয়ে শীর্ষ আদালতও (Supreme Court) জানায়, বিরল এবং ব্যতিক্রমী ঘটনার ক্ষেত্রে সিবিআই বা ইডির আধিকারিকদের মেয়াদ বাড়ানো যেতেই পারে। তবে, সেটা শুধু বিরল এবং ব্যতিক্রমী ক্ষেত্রেই প্রযোজ্য হবে। তবে ব্যতিক্রমী ঘটনা হলেও কোনও আধিকারিকের মেয়াদ ১ বছরের বেশি বাড়ানো যাবে না। শীর্ষ আদালতের সেই রায়ের পর এবার কেন্দ্র সরাসরি অর্ডিন্যান্স জারি করে দুই কেন্দ্রীয় তদন্তকারী সংস্থার আধিকারিকদের মেয়াদ বাড়িয়ে দিল।

রাজনৈতিক মহল মনে করছে ইডির ডিরেক্টর সঞ্জয়কুমার মিশ্রর মেয়াদ বাড়াতেই এই অর্ডিন্যান্স জারি করা হয়েছে। সঞ্জয় কুমার মোদির কাছের লোক বলেই পরিচিত। এখন দেখার সঞ্জয়কুমারের মেয়াদ বাড়ানো হয় কিনা। ১৭ নভেম্বর সঞ্জয় কুমার মিশ্র-র মেয়াদ পূর্ণ হওয়ার আগে এই অধ্যাদেশ আনা হল। মনে করা হচ্ছে সঞ্জয় কুমারকে যাতে তাকে আরো এক বছর ওই পদে রাখা যায় তার জন্যই এই সিদ্ধান্ত।

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p style=”text-align: justify;”>প্রসঙ্গত, বিরোধীরা একাধিকবার নরেন্দ্র মোদি সরকারের বিরুদ্ধে ইডি এবং সিবিআইকে রাজনৈতিক উদ্দেশে ব্যবহার করার অভিযোগ তুলছে। বিরোধীদের দাবি, মোদি সরকার রাজনৈতিক প্রতিহংসা মেটাতেই সিবিআই, ইডির মতো বিভিন্ন কেন্দ্রীয় সংস্থাকে ব্যবহার করে। এরই মধ্যে হঠাৎই এই দুই সংস্থার শীর্ষ আধিকারিকদের মেয়াদ বৃদ্ধির সিদ্ধান্ত বিরোধীদের হাতে নতুন অস্ত্র তুলে দিল বলেই মনে করছে রাজনৈতিক মহল। প্রসঙ্গত, ১৯৯৭ সালের আগে সিবিআই ডিরেক্টরদের মেয়াদ নির্ধারিত ছিল না এবং সরকার যে কোনও কারণে তাঁদের অপসারণ করতে পারতো। ভিনীত নারায়ন বনাম ভারত সরকারের মামলার রায়ে সুপ্রিম কোর্ট সিবিআই ডিরেক্টরকে স্বাধীনভাবে কাজ করার অনুমতি দেওয়ার জন্য ন্যূনতম দুই বছরের মেয়াদ নির্ধারণ করেছিল।

Anil Deshmukh: দীর্ঘ ১২ ঘণ্টা জেরার পর মহারাষ্ট্রের প্রাক্তন স্বরাষ্ট্রমন্ত্রীকে গ্রেফতার করল ইডি

Ex-Home Minister Anil Deshmukh

News Desk, New Delhi: একটানা ১২ ঘণ্টা জেরা করার পর মহারাষ্ট্রের প্রাক্তন স্বরাষ্ট্রমন্ত্রী অনিল দেশমুখকে গ্রেফতার করল এনফোর্সমেন্ট ডিরেক্টরেট বা ইডি। এর আগে অনিলকে জিজ্ঞাসাবাদের জন্য চার বার সমন পাঠিয়েছিল ইডি। কিন্তু তিনি সেই সমন এড়িয়ে গিয়েছিলেন। শুধু তাই নয়, ওই সমন খারিজ করার জন্য বম্বে হাইকোর্টে আবেদনও করেছিলেন এই এনসিপি নেতা। যদিও শুক্রবার হাইকোর্ট সেই আরজি নাকচ করে দেয়।

হাইকোর্টের নির্দেশের প্রেক্ষিতে সোমবার দেশমুখ ইডির দফতরে হাজির হন। ইডির তদন্তকারী আধিকারিকরা তাঁকে দীর্ঘ ১২ ঘন্টা ধরে জিজ্ঞাসাবাদ করেন। কিন্তু তদন্তে সেভাবে সহযোগিতা না করার কারণে শেষ পর্যন্ত সোমবার রাতেই গ্রেফতার করা হয় অনিলকে। দেশমুখের বিরুদ্ধে মুম্বইয়ের পদস্থ পুলিশ কর্মীদের মাধ্যমে তোলা আদায়ের অভিযোগ রয়েছে। এছাড়াও অবৈধ আর্থিক লেনদেন এবং অর্থ তছরুপের অভিযোগও রয়েছে এই এনসিপি নেতার বিরুদ্ধে। উল্লেখ্য, একের পর এক দুর্নীতির অভিযোগ ওঠার কারণেই চলতি বছরের শুরুতে মন্ত্রী পদ থেকে ইস্তফা দিতে বাধ্য হয়েছিলেন দেশমুখ। যদিও তোলা আদায় এবং অবৈধ লেনদেনের সঙ্গে জড়িত থাকার অভিযোগ অস্বীকার করেছিলেন তিনি। দেশমুখ এক ভিডিও বার্তায় পাল্টা দাবি করেছিলেন, তার বিরুদ্ধে আর্থিক দুর্নীতির যে সমস্ত অভিযোগ করা হয়েছে তার কোনও ভিত্তি নেই।

একই সঙ্গে প্রাক্তন মন্ত্রী দাবি করেছিলেন, তিনি ইডির সঙ্গে অসহযোগিতা করছেন বলে যে অভিযোগ উঠেছে তা ভিত্তিহীন। বরং তিনি তদন্তে সব ধরনের সহযোগিতা করছেন। তদন্তে সহযোগিতা করলে কেন তিনি বারবার ইডির সমন এড়িয়ে যাচ্ছেন এই প্রশ্ন করা হলে অবশ্য রাজ্যের প্রাক্তন মন্ত্রী কোনও উত্তর দেননি।

উল্লেখ্য, শিল্পপতি মুকেশ আম্বানির বাড়ির কাছেই বোমাতঙ্কের ঘটনায় তদন্ত করছিলেন পুলিশ কর্তা পরমবীর সিং। পরমবীর অভিযোগ করেছিলেন, পুলিশের মাধ্যমে প্রতি মাসে দেশমুখ প্রায় ১০০ কোটি টাকা তোলা আদায় করতেন। দেশমুখের বিরুদ্ধে অভিযোগ জানিয়ে রাজ্যের মুখ্যমন্ত্রী উদ্ধব ঠাকরেকে চিঠি দিয়েছিলেন পরমবীর। উল্লেখ্য, অনিল আম্বানির বাড়ির সামনে বোমাতঙ্কের ঘটনার তদন্তভার পরমবীরের হাত থেকে সরিয়ে দেওয়া হয়েছিল।

তার পরই পরমবীর তৎকালীন মন্ত্রী দেশমুখের বিরুদ্ধে ওই অভিযোগ তোলেন। গ্রেফতারের আগে দেশমুখ বলেন, তিনি নির্দোষ। কিন্তু যারা প্রকৃত দোষী তারা অবাধে বুক ফুলিয়ে ঘুরে বেড়াচ্ছে। যারা প্রকৃতই খুন-জখম, তোলাবাজির সঙ্গে যুক্ত তাদের বিরুদ্ধে কোনও পদক্ষেপ পুলিশ করছে না। তবে আদালত ও বিচার ব্যবস্থার প্রতি তাঁর পুরোদস্তুর আস্থা আছে। প্রকৃত সত্য একদিন অবশ্যই সামনে আসবে।