चाय बेल्ट में एक नाव पर वाम, कांग्रेस और बीजेपी! तृणमूल हुई गायब

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पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी (Jalpaiguri) जिले के माटियाली सहकारी समिति में अनोखा राजनीतिक समीकरण सामने आया है। रविवार को आयोजित आम सभा में वाम दल (CPI-M), कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थित 6 सदस्यीय पैनल ने बिना किसी विरोध के बोर्ड का गठन कर लिया। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ओर से कोई उम्मीदवार नहीं उतारे जाने के कारण चुनाव की आवश्यकता ही नहीं पड़ी।

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उत्तर धूपझोड़ कार्यालय में जब बोर्ड का गठन हुआ, तो इलाके में जश्न का माहौल छा गया। समर्थक लाल और भगवा गुलाल लगाकर खुशी जाहिर करते नजर आए।

भाजपा के पूर्व समतल मंडल अध्यक्ष मजनुल हक ने कहा, “यह बोर्ड तृणमूल सरकार के खिलाफ जनता की भावना और विपक्ष की एकजुटता का प्रतीक है। तृणमूल कोई पैनल नहीं दे सकी, इसका मतलब है जनता अब बदलाव चाहती है।”

वाम नेता दिनेश राय और कांग्रेस समर्थित सदस्य सफिरउद्दीन अहमद ने संयुक्त रूप से कहा, “यह केवल राजनीतिक गठजोड़ नहीं है, बल्कि किसानों के हित में उठाया गया कदम है। सभी फैसले सामूहिक रूप से लिए जाएंगे।”

हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने इस पूरी प्रक्रिया को अवैध करार दिया है। पार्टी की माटियाली ब्लॉक अध्यक्ष स्नोमिता कालांदी ने आरोप लगाया, “इस आम सभा की जानकारी अधिकतर सदस्यों को नहीं दी गई थी। यह पूरा बोर्ड गठन नियमों के खिलाफ है। हम इसे उच्च सहकारिता विभाग के संज्ञान में ला रहे हैं।”

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि माटियाली का यह उदाहरण बताता है कि अगर विपक्ष मिलकर लड़े तो तृणमूल जैसे मजबूत किले में भी सेंध लगाई जा सकती है।

वरिष्ठ पत्रकार सौरभ मुखर्जी के अनुसार, “तृणमूल के गढ़ में विपक्ष की यह चुपचाप जीत एक बड़ा संकेत है। आने वाले पंचायत या सहकारी चुनावों में ऐसे गठबंधन और मजबूत हो सकते हैं।”

माटियाली में तृणमूल की अनुपस्थिति और विपक्षी गठबंधन की सफलता राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकती है। अब देखना होगा कि यह प्रयोग कितना दूर तक असर डालता है।

Jalpaiguri: नाबालिग के यौन उत्पीड़न का आरोप, ट्यूशन शिक्षक गिरफ्तार

Outrage in Jalpaiguri: Tuition Teacher Held for Alleged Sexual Assault on Class 7 Student

जलपाईगुड़ी, 13 जून 2025: उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी (Jalpaiguri) जिले के भक्तिनगर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग के यौन उत्पीड़न के आरोप ने गुरुवार रात को तनाव पैदा कर दिया। आरोप है कि 44 नंबर वार्ड में एक ट्यूशन शिक्षक, अमर दास ने सातवीं कक्षा की एक छात्रा के साथ ट्यूशन के बहाने यौन उत्पीड़न किया। घटना सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों और पीड़िता के परिवार ने उग्र होकर शिक्षक के घर पर हमला बोल दिया। भक्तिनगर थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और आरोपी अमर दास को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को उसे जलपाईगुड़ी जिला अदालत में पेश किया गया।

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परिवार के अनुसार, पीड़िता का परिवार डेढ़ साल पहले 44 नंबर वार्ड के एक इलाके में किराए के मकान में रहने आया था। स्थानीय स्तर पर अमर दास के ट्यूशन की जानकारी मिलने पर उन्होंने अपनी बेटी को वहां पढ़ने के लिए भेजा। आरोप है कि गुरुवार दोपहर ट्यूशन के लिए नाबालिग अमर दास के घर गई। ट्यूशन खत्म होने के बाद अन्य छात्रों को छुट्टी देने के बाद, अमर दास ने नाबालिग को अकेले रखकर उसके कपड़े उतारकर यौन उत्पीड़न किया। पीड़िता घर लौटने पर रोते हुए परिवार को पूरी घटना बताई। परिवार का आरोप है कि यह पहली घटना नहीं थी; इससे पहले भी अमर दास ने नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न किया था और उसे चुप रहने के लिए हत्या की धमकी दी थी।

घटना की जानकारी मिलते ही पीड़िता का परिवार और स्थानीय लोग अमर दास के घर पहुंचे और उसकी पिटाई की। सूचना मिलने पर भक्तिनगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित कर आरोपी को हिरासत में लिया। परिवार की लिखित शिकायत के आधार पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अमर दास को गिरफ्तार किया गया। शुक्रवार को उसे जलपाईगुड़ी जिला अदालत में पेश किया गया, जहां जज ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख तय की।

पीड़िता के एक रिश्तेदार ने कहा, “हमने सोचा था कि शिक्षक के पास हमारी बेटी सुरक्षित रूप से पढ़ाई करेगी। लेकिन ऐसी जघन्य घटना की कल्पना भी नहीं की थी। हम कठोर सजा की मांग करते हैं।” स्थानीय निवासियों ने भी इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया और आरोपी के लिए कड़ी सजा की मांग की।

भक्तिनगर थाने की पुलिस ने बताया कि जांच शुरू हो चुकी है और पीड़िता को शारीरिक जांच के लिए जलपाईगुड़ी मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “हम इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रहे हैं। आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

इस घटना ने जलपाईगुड़ी जिले में व्यापक हड़कंप मचा दिया है। शिक्षक जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा किया गया यह कृत्य समाज में शिक्षा के प्रति विश्वास को कमजोर कर रहा है। स्थानीय लोग इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कड़े कदम और जागरूकता की मांग कर रहे हैं।

Jalpaiguri: बनारहाट में जल संकट! प्रशासन घेराव की चेतावनी

Jalpaiguri Banarhat Locals Demand Water, Threaten Administration Blockade

स्नेहा घोष, जलपाईगुड़ी: जलपाईगुड़ी (Jalpaiguri) जिले के बनारहाट शहर के सुकांतपल्ली और क्षुदिरामपल्ली इलाकों में पिछले दो सप्ताह से स्थानीय लोग गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच पेयजल की एक बूंद न मिलने से मंगलवार को स्थानीय लोग गुस्से में फट पड़े। उनका आरोप है कि पूरे दिन नल में एक बूंद पानी नहीं आ रहा है, और दिन में एक बार भी पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है। इस स्थिति में जल्द समाधान न होने पर पंचायत कार्यालय और बीडीओ कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी गई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बनारहाट बाजार के कुछ इलाकों में नल से पर्याप्त पानी की आपूर्ति हो रही है, लेकिन सुकांतपल्ली और क्षुदिरामपल्ली कॉलोनियों में नल पूरी तरह सूखे पड़े हैं। इस भेदभाव का कारण पूछ रहे हैं निवासी। एक निवासी, रमा दास, ने कहा, “इस गर्मी में पानी के बिना जीना असंभव है। हमारे इलाके में पानी क्यों नहीं आ रहा, क्या प्रशासन हमारी परवाह नहीं करता?” लोगों ने बताया कि इलाके के एक छोटे रिजर्वायर से किसी तरह पानी जुटाकर रोजमर्रा का काम चलाना पड़ रहा है, लेकिन इससे पेयजल की जरूरत पूरी नहीं हो रही।

बनारहाट शहर में पेयजल का कोई वैकल्पिक स्रोत नहीं होने के कारण जनस्वास्थ्य और अभियांत्रिकी विभाग (PHED) द्वारा आपूर्ति किया गया पानी ही लोगों की एकमात्र उम्मीद है। विभिन्न घरों में हाउस कनेक्शन के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाती है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से इन कनेक्शनों से पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद है। एक गृहिणी, मिता सरकार, ने कहा, “बच्चों के लिए पीने का पानी खरीदना पड़ रहा है। इतनी गर्मी में यह कब तक चलेगा?”

निवासियों का सवाल है कि आखिर क्यों इस बस्ती के एक बड़े हिस्से को पेयजल से वंचित रखा जा रहा है? उनका कहना है कि PHED को कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। इस स्थिति में लोग जनआंदोलन करने को मजबूर होंगे। एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, “यह लोगों के मूलभूत अधिकारों का सवाल है। पानी के बिना जीवन कैसे संभव है? प्रशासन की उदासीनता अब बर्दाश्त नहीं होगी।”

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पेयजल आपूर्ति में समस्या का कारण पाइपलाइन में क्षति और पंप में खराबी बताया जा रहा है। हालांकि, इस समस्या के समाधान के लिए काम कब शुरू होगा, इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। निवासी उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द हस्तक्षेप कर इस जल संकट का समाधान करेगा। यह घटना पेयजल जैसे बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाती है।

 

बानारहाट में विशालकाय अजगर की मौजूदगी से हड़कंप, स्थानीय लोगों ने किया रेस्क्यू

Banarhat in Shock: Huge Python Captured Near Berubag River by Locals

स्नेहा घोष, जलपाईगुड़ी: बुधवार की देर रात जलपाईगुड़ी जिले के बानारहाट (Banarhat) ब्लॉक के मध्य शालबाड़ी इलाके में बेरुबाग नदी के किनारे स्थानीय लोगों ने एक विशालकाय रॉक पायथन को देखा, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने मिलकर लगभग 12 फीट लंबे इस अजगर को पकड़ा और उसे प्राथमिक स्कूल के मैदान में बांधकर रखा। इसकी खबर फैलते ही आसपास के लोग भारी संख्या में वहां जमा हो गए। बाद में मरारघाट रेंज के खट्टिमारी बीट के वन कर्मियों को सूचना दी गई। वन कर्मी मौके पर पहुंचे और पायथन को अपने कब्जे में ले लिया। वन विभाग के सूत्रों के अनुसार, इस अजगर को जांच के बाद मरारघाट रेंज के जंगल में छोड़ दिया जाएगा।

इस घटना ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों का दावा है कि इससे पहले भी मध्य शालबाड़ी इलाके में कई बार पायथन देखे गए हैं। ये सांप मवेशियों, मुर्गियों और अन्य छोटे जानवरों का शिकार कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल है। उनकी आशंका है कि गांव के पास ही स्थित खट्टिमारी जंगल से भोजन की तलाश में ये पायथन बस्तियों में घुस रहे हैं। खासकर बारिश के मौसम में नदी और जंगल से सटे इलाकों में ऐसी घटनाएं बढ़ जाती हैं।

एक स्थानीय निवासी ने कहा, “ये पायथन हमारे मवेशियों और मुर्गियों के लिए खतरा बन गए हैं। रात में बच्चों को बाहर निकालने में डर लगता है। वन विभाग को जंगल की सीमा पर निगरानी बढ़ानी चाहिए।” एक अन्य ग्रामीण ने बताया, “बेरुबाग नदी के किनारे अक्सर सांप दिखाई देते हैं। बारिश में पानी बढ़ने पर ये सांप गांव में घुस आते हैं।”

मरारघाट रेंज के एक वन कर्मी ने बताया, “रॉक पायथन आमतौर पर इंसानों पर हमला नहीं करते, लेकिन भोजन की तलाश में बस्तियों में आ सकते हैं। बारिश के मौसम में जंगल के जानवर नदी और गांवों के पास आ जाते हैं। हम इस पायथन को सुरक्षित जंगल में छोड़ देंगे।” उन्होंने आगे कहा, “ग्रामीणों को सतर्क रहना होगा। अनजाने में सांप के पास जाना खतरनाक हो सकता है।”

वन विभाग ने बताया कि उत्तर बंगाल के जंगलों में रॉक पायथन की मौजूदगी सामान्य है। हालांकि, बारिश के मौसम में ये सांप अधिक सक्रिय हो जाते हैं। डुआर्स और तराई के चाय बागान क्षेत्रों में भी इस प्रजाति के पायथन अक्सर पकड़े जाते हैं। वन विभाग ने जंगल से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

इस घटना ने इलाके में खासी चर्चा पैदा कर दी है। स्थानीय लोग वन विभाग से जंगल की सीमा पर नियमित गश्त और जागरूकता कार्यक्रम चलाने की मांग कर रहे हैं। पायथन के हमले में मवेशी खोने वाले किसानों के लिए मुआवजे की व्यवस्था की भी मांग उठ रही है। यह घटना न केवल बानारहाट के लोगों में डर पैदा कर रही है, बल्कि जंगल और बस्तियों के सह-अस्तित्व पर भी सवाल उठा रही है। वन विभाग की तत्परता से इलाके में शांति बनी हुई है, लेकिन दीर्घकालिक समाधान के लिए और कदम उठाने की जरूरत है।

जलपाईगुड़ी में देवी चौधुरानी मंदिर में काली पूजा की तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं

Jalpaiguri Debi Choudhurani Temple

जलपाईगुड़ी (Jalpaiguri) के गोशाला मोड़ के निकट स्थित ऐतिहासिक देवी चौधुरानी मंदिर में काली पूजा की तैयारियाँ धूमधाम से चल रही हैं। यह मंदिर 300 वर्षों से अधिक पुराना है, जहाँ काली पूजा की रात में मंदिर के पुजारी स्वयं देवी काली को सजाते हैं। हर साल की तरह इस वर्ष भी रात 9 बजे से पूरी रात काली पूजा का आयोजन होगा। यहाँ के वातावरण में एक रहस्यमय एहसास है, जो भक्तों की भीड़ से और बढ़ जाता है।

काली पूजा की रात इस मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है। जलपाईगुड़ी के भक्तों का मानना है कि देवी यहाँ आकर उनकी इच्छाओं को पूरा करती हैं। यहाँ के प्राचीन रिवाजों और नियमों का सम्मान करते हुए, पुजारी देवी काली की सजावट का कार्य अपने हाथों से करते हैं। मंदिर के चारों ओर विशाल पीपल और लगभग 250 साल पुराने रुद्राक्ष के वृक्षों का होना इस स्थान को और भी आकर्षक बनाता है।

इस वर्ष काली पूजा के अवसर पर भक्तों के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की गई हैं। मंदिर के चारों ओर सुरक्षा और स्वच्छता की व्यवस्था की गई है। विशेष रूप से, दूर-दूर से आने वाले भक्तों के लिए काली पूजा की रात उचित इंतजाम किए जाएंगे। हालांकि, कुछ भक्तों को मंदिर आने से पहले पुजारी से विशेष निर्देश लेने की सलाह दी गई है।

देवी चौधुरानी मंदिर का इतिहास स्थानीय लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है। हर साल काली पूजा के दौरान भक्तों की संख्या में वृद्धि होती है। कहा जाता है कि इस मंदिर में काली माँ की मूर्ति कठोर पत्थर की बनी है। पूजा के दिन 171 प्रकार के भोग का अर्पण किया जाता है, जो यहाँ की एक विशेष परंपरा है।

मंदिर के पुजारी ने बताया, “इस साल हमने सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। काली पूजा में सभी भक्तों का स्वागत है। हमारा विश्वास है कि यहाँ आने से भक्त अपनी सभी इच्छाएँ पूरी करेंगे।” जलपाईगुड़ी के स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पड़ोसी जिलों के लोग भी इस पूजा में भाग लेने के लिए आते हैं।

मंदिर के चारों ओर का माहौल और पुरानी परंपरा भक्तों को आकर्षित करती है। काली पूजा की रात यहाँ जो भक्तों का जमावड़ा होता है, वह निश्चित रूप से एक दृश्य आनंद का अनुभव कराता है। काली पूजा के महत्व के बारे में स्थानीय एक निवासी ने कहा, “काली माँ के पास आने से शांति और समृद्धि मिलती है। हम इस मंदिर में आकर हमेशा माँ का आशीर्वाद लेना चाहते हैं।”

इसके अलावा, मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में पुजारी ने बताया, “हमने भक्तों के लिए विशेष सुरक्षा का इंतजाम किया है। कोई भी समस्या न हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है।” जलपाईगुड़ी के इस ऐतिहासिक मंदिर की ओर सभी का आकर्षण हमेशा से प्रबल रहा है। काली पूजा के अवसर पर भक्तों की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ, मंदिर की संस्कृति और परंपरा भी समृद्ध होती जा रही है।

बांग्लादेशी नागरिक भारत में घुसने कर रहे थे कोशिश, बीएसएफ ने रोका

जलपाईगुड़ी : पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में भारत के साथ लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बुधवार को सैकड़ों बांग्लादेशी नागरिक एकत्र हुए और दावा किया कि उनके देश में उन पर हमला हो रहा है। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना झापोर्टला सीमा चौकी क्षेत्र में दक्षिण बेरुबारी गांव के पास हुई। उन्होंने कहा कि अर्धसैनिक बल बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) बाद में उन्हें वापस ले गए।

इस विषय पर बीएसएफ का कहना है कि ये लोग बांग्लादेश के पंचगढ़ जिले के पांच गांवों के थे जिसकी सीमा जलपाईगुड़ी से लगती है। सीमा सुरक्षा बल के अधिकारी ने कहा कि बांग्लादेशी सीमा पर एकत्र हुए थे, लेकिन सीमा पूरी तरह सील होने के कारण कोई भी भारत में प्रवेश नहीं कर सका। बाद में, बीजीबी उन्हें वापस ले गया।

अधिकारियों ने बताया कि बीएसएफ के फील्ड कमांडरों ने बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश  के अपने समकक्षों से संपर्क किया और महिलाओं और बच्चों के साथ आए 120-140 लोगों के इस समूह को रोका गया तथा उन्हें वापस जाने को कहा गया। अधिकारियों ने बताया कि सीमा पर स्थिति नियंत्रण में है।

बीएसएफ पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और कूचबिहार जिलों समेत कुल 4,096 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के 932.39 किलोमीटर हिस्से की रक्षा करती है।

इस संबंध में एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि कंटीले तारों के पार इकट्ठा हुए लोग अंदर आने देने की गुहार लगा रहे थे। व्यक्ति ने कहा कि हम असहाय हैं। इस दौरान उन्होंने अपने भयावह अनुभव बताए। भीषण हिंसा के चलते शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद छोड़ने और भागने के लिए मजबूर होने के बाद बांग्लादेश में अनिश्चितता व्याप्त है। बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मंगलवार को संसद भंग कर दी और नोबेल पुरस्कार विजेता यूनुस को अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया।

 

भीषण गर्मी से दक्षिण बंगाल में हालत पस्त, लोग परेशान

कोलकाता: दक्षिण बंगाल में गर्मी से हाल बेहाल है। जून का महीना लगभग खत्म होने जा रहा है बावूजद दक्षिण बंगाल में तापमान में कोई परिवर्तन नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में अलीपुर मौसम विभाग ने थोड़ी राहत दी है। अगले बुधवार तक कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल में तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है। वहीं, उत्तर बंगाल के जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग के सूत्रों के मुताबिक आज से 2 जुलाई तक कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के सभी जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। कुछ जिलों में बारिश के साथ-साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। अधिकतम हवा की गति 50 किमी प्रति घंटा हो सकती है। वहीं, उत्तर बंगाल के जिलों में भी आंधी तूफान का पूर्वानुमान जारी किया गया है। बंगाल की खाड़ी में चक्रवात के कारण भारी बारिश की आशंका जताई गई है।

यहां भी दो जुलाई तक बारिश हो सकती है। गुरुवार को दार्जिलिंग, कलिम्पोंग जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूचबिहार में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। जिले के बाकी हिस्सों में छिटपुट बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने कहा कि अगले 5 दिनों तक पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में तापमान में कोई बदलाव नहीं होगा। अगले 5 दिनों में उत्तर बंगाल के जिलों में भी तापमान में कोई बदलाव नहीं होगा।

गले में लीची का बीज फंसने से ढाई साल के बच्चे के मौत

जलपाईगुड़ी : जिले के राजगंज ब्लॉक के मझियाली ग्राम पंचायत के बंधुनगर डांगापाड़ा निवासी अल्ताबुल रहमान के ढाई वर्षीय पुत्र शमीम अख्तर के गले में लीची का बीज फंसने से मौत हो गई है। बच्चे की मौत की खबर सुनते ही आसपास में मातम छा गया।

इस घटना के बाद बच्चे के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, राजगंज के डांगापाड़ा निवासी अल्ताबुल रहमान के दो बच्चे शनिवार रात घर के लीची पेड़ के नीचे खेल रहा था। उस समय उनके माता-पिता घर पर थे। तभी अल्ताबुल रहमान के छोटा लड़का शमीम लीची को बीज सहित खाने की कोशिश करने लगा। जिससे लीची का बीज श्वास नली में फंस गया।

बच्चे के रोने की आवाज सुनकर माता-पिता और पड़ोसी मौके पर पहुंचे। जिसके बाद शमीम को ग्रामीण अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, बच्चे के मौत के बाद से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार में मातम छा गया है।

पश्चिम बंगाल में नकली विदेशी शराब की फैक्ट्री का हुआ भंडाफोड़, 6 करोड़ का शराब जप्त

सिलीगुड़ी : पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के मैनागुडी ब्लॉक स्थित  रामशाई ग्राम पंचायत के काजलदिघी इलाके में में एक विदेशी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है | यहां से पुलिस और आबकारी विभाग ने करीब 6 करोड़  रुपए की नकली शराब बरामद किया है।

 गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी का आधार पर पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों ने मैनागुड़ी ब्लॉक के रामशाई ग्राम पंचायत के काजलदिघी इलाके में चल रही  अवैध कारखाने पर अचानक से हमला बोला और वहां से भारी मात्रा में शराब बरामद किया। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे ब्लॉक, पंचायत ही नहीं बल्कि पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

आम लोग भी सवाल उठा रहे थे आखिर पुलिस और नगर पालिका के निगरानी के बावजूद इतनी बड़ी शराब फैक्ट्री कैसे चल रही थी. आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उन लोगों को खबर मिली कि मैनागुड़ी ब्लॉक के रामशाई ग्राम पंचायत के काजलदिघी इलाके में नकली शराब की फैक्ट्री चल रही है।

इसके बाद पुलिस को लेकर वहां पर धावा बोला गया. यह फैक्ट्री निरंजन रॉय नाम नामक एक व्यक्ति के घर में चल रही थी. यहां से काफी मात्रा में विदेशी शराब जप्त की गई है, जिसकी कीमत करीब 6 करोड़ रूपया है।  आरोपी अभी भी फरार है उन्होंने बताया है कि काफी मात्रा में शराब बनाने का उपकरण और बर्तन भी बरामद किए गए है।

विभाग के जलपाईगुड़ी डिवीजन के डिप्टी कमिश्नर सुजीत दास ने कहा, ‘हमने हाल के दिनों में इतनी बड़ी नकली शराब बनाने वाली फैक्ट्री नहीं देखी है। करीब 6 करोड़ रूपये की शराब बरामद की गई. ऐसी शराब स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक होती है। इन शराबों के सेवन से मौत हो सकती है। लेकिन आरोपी फरार है. हम उसकी तलाश कर रहे हैं.

पेड़ की टहनी काटने से करंट लगा, व्यक्ति घायल

जलपाईगुड़ी : पेड़ की टहनी काटते समय बिजली के तार की चपेट में आने से एक व्यक्ति गंभीर रूप घायल हो गया। घटना गुरुवार को धुपगुड़ी शहर के वार्ड नंबर 15 के बस स्टैंड से सटे इलाके में घटी।

घायल व्यक्ति का नाम श्यामल सरकार (50) है, जो मैनागुड़ी ब्लॉक के धराईगुड़ी का रहने वाला है। पेशे से श्यामल राजमिस्त्री है। बताया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार श्यामल पेशे एक मजदूर है जो एक पेड़ की टहनी काटने के लिए काम पर आया था, लेकिन पेड़ की टहनी काटने के दौरान वह करंट की चपेट में आ गया।

खबर पाकर धुपगुड़ी फायर स्टेशन के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उस घायल हालत में धुपगुड़ी अस्पताल ले जाया गया। जहां उसकी हालत गंभीर होने के कारण जलपाईगुड़ी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती करवया गया है।

Jalpaiguri SuccessStory: भूमिका ने दी गरीबी और बदकिस्मती को मात, उच्च माध्यमिक परीक्षा में किया ऐसा प्रदर्शन की सबको इस पर नाज..

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जलपाईगुड़ी: जलपाईगुड़ी सदर ब्लॉक के पहाड़पुर ग्राम पंचायत के जमींदारपाड़ा की छात्रा भूमिका रॉय ने इस वर्ष उच्च माध्यमिक परीक्षा में जलपाईगुड़ी सेंट्रल गर्ल्स गर्ल्स स्कूल के हाईस्कूल में सर्वोत्तम (Jalpaiguri SuccessStory) अंक प्राप्त किया है. उसके इस प्रदर्शन पर सबको नाज है .उसका कुल नंबर 458 है.  बंगाली में 75, अंग्रेजी में 91, भूगोल में 96, दर्शनशास्त्र में 98, संस्कृत में 98 और राजनीति विज्ञान में 55 नंबर उसको आया है। भूमिका बड़ी होकर एक पुलिस ऑफिसर बनाना चाहती है। इसलिए कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ एसआई और सिविल सर्विसेज की भी तैयारी कर रही ।

भूमिका बताती हैं कि पढ़ाई के अलावा उसको चित्र बनाना और संगीत सुनना पसंद है। वहीं मां मनोबाला रॉय अपनी बेटी के इस रिजल्ट से बेहद खुश हैं। उन्होंने बताया कि बेटी में बचपन से ही शानदार शैक्षणिक क्षमता है। जब हम विभिन्न निमंत्रणों पर जाते हैं तो वह  हमलोगों के साथ नहीं जाती है  हमेशा घर पर ही पढ़ाई करती है। उन्होंने यह भी कहा कि पति छोटी सी चाय की दुकान चलाते हैं उस दुकान की थोड़ी सी कमाई से परिवार चलाने के बाद बचे हुए पैसे लड़कियों की शिक्षा पर खर्च करते है।

पैसे की कमी के कारण भूमिका को सिर्फ तीन ट्यूशन ही हमलोग दे पाए थे , अगर सभी विषयों में ट्यूशन हमलोग देने में सफल रहते, तो शायद लड़की का परीक्षा परिणाम और  बेहतर हो सकता था.वहीं, पिता हीरालाल रॉय कैमरे के सामने कुछ भी नहीं बोलना चाहते थे, लेकिन उन्होंने कह दिया कि टिन के एक छोटे से घर में तीन लड़कियों को बड़ी मुश्किल से रहना पड़ता है. मैं अपनी बेटी के नतीजों से बहुत खुश और गौरवान्वित हूं।

Loksabha Election2024: जलपाईगुड़ी – भाजपा से सीट छीन लेने को बेताब है तृणमूल, त्रिकोणीय मुकाबले के आसार

पूरे देश में लोकसभा चुनाव के लिए राजनीतिक रस्सा-कस्सी शुरू हो गई है। पश्चिम बंगाल में लड़ाई दिलचस्प है। खासतौर पर उत्तर बंगाल में क्योंकि 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां के अधिकतर इलाकों में भाजपा का दबदबा रहा है। इस बार कांग्रेस और वामदल एक साथ चुनाव लड़ रहे हैं और तृणमूल कांग्रेस भी अधिकतर सीटों पर थोड़ी बहुत मजबूत स्थिति में आई है।
ऐसी ही एक सीट है जलपाईगुड़ी जहां इस बार लड़ाई दिलचस्प होने वाली है। इसकी वजह है कि यहां इस बार भाजपा ने अपने मौजूदा सांसद जयंत राय को एक बार फिर चुनावी मैदान में उतारा है। उनके खिलाफ तृणमूल कांग्रेस ने स्थानीय नेता निर्मलचंद्र राय को उम्मीदवार बनाया है।
वामदलों की ओर से देवराज बर्मन को टिकट दिया गया है जबकि कांग्रेस ने उम्मीदवार नहीं उतारा है तो माना जा रहा है कि बर्मन को पार्टी का समर्थन मिलेगा इसलिए यहां त्रिकोणीय मुकाबले के आसार हैं।

শীতের পিচে কালিম্পংকে তাড়া পুরুলিয়ার, পিছনেই বর্ধমান

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News Desk: উত্তুরে কনকনি শীত নাকি দক্ষিণের হু হু ঠাণ্ডা কোনটা বেশি কাঁপায়? যার শীত যেমন সেই বোঝে তেমন। তবে হাওয়া অফিসের হিসেবে উঠে এসেছে মধ্য ডিসেম্বরের শীত হিসেব। এতে শৈলশহর কালিম্পংকে তাড়া করছে জঙ্গলমহল ঘেরা পুরুলিয়া।

সোমবারের তাপমাত্রা পরিসংখ্যানে দেখা গেছে কালিম্পং ও পুরুলিয়ায় তাপমাত্রা ৭.৫ ডিগ্রি সেলসিয়াস। এ যেন শীতের পিচে একে অপরের রান তাড়া করার দৌড়। ঠিক এক রান পিছনে পূর্ব বর্ধমানের বর্ধমান। এখানে তাপমাত্রা ৮.৬ ডিগ্রি সেলসিয়াস। এর গায়ে গায়ে দৌড়চ্ছে দার্জিলিং জেলার শিলিগুড়ি। তবে শীত রান রেটে সেরা দার্জিলিং শহর। এখানে তাপমাত্রা নেমেছে ৩.৫ ডিগ্রি সেলসিয়াসে।

আবহাওয়া দফতর সূত্রে খবর, সোমবার কলকাতায় সর্বনিম্ন তাপমাত্রা ১১.২ ডিগ্রি সেলসিয়াস। বাঁকুড়ায় সর্বনিম্ন তাপমাত্রা ৮.৯ ডিগ্রি সেলসিয়াস। মালদায় সর্বনিম্ন তাপমাত্রা ১১.৫ ডিগ্রি সেলসিয়াস। নদিয়ার কৃষ্ণনগরে সর্বনিম্ন তাপমাত্রা দেখা গিয়েছে ১০ ডিগ্রি সেলসিয়াস। পূর্ব মেদিনীপুরের দীঘায় সর্বনিম্ন তাপমাত্রা ৯.৬ ডিগ্রি সেলসিয়াস। পশ্চিম নবর্ধমানের আসানসোলে সর্বনিম্ন তাপমাত্রা ৯.৫ ডিগ্রি সেলসিয়াস। হুগলির তাপমাত্রা ১০.২ ডিগ্রি সেলসিয়াস রেকর্ড করা হয়েছে।

তাপমাত্রার নিম্নগামী স্রোতে হিমালয় সংলগ্ন দার্জিলিং, কালিম্পং, জলপাইগুড়ি, আলিপুরদুয়ারে কনকনিয়ে শীত পড়েছে। দক্ষিণের ছোটনাগপুর মালভূমির অন্তর্গত পুরুলিয়া, বাঁকুড়া, পশ্চিম মেদিনীপুর, ঝাড়গ্রামে হু হু করে তাপমাত্রা নামছে।

রাজ্যে শীত পড়ছে জাঁকিয়ে। বড় দিনের আগেই জবুথবু হবে বাঙালি জনজীবন।

Jalpaiguri: তৃণমূল নেতার সঙ্গে স্ত্রীর ঘনিষ্ট শর্ট ভিডিও দেখে তালাক দিল স্বামী

Trinamool leader wife

Jalpaiguri Desk: স্ত্রীর সঙ্গে পরপুরুষের শর্ট ভিডিও ভাইরাল। দেখেই চক্ষু চড়কগাছ হয়ে তৎক্ষণাত ২৫ বছরের দাম্পত্য সম্পর্ক চুকিয়ে স্ত্রীকে তিন তালাক দিল স্বামী। যদিও সুপ্রিম কোর্টের রায় অনুযায়ী তিন তালাকের আইনি বৈধতা নেই।

জানা গিয়েছে, পরপুরুষ যাকে বলা হচ্ছে,  তিনি ওই মহিলার মেসোশ্বশুর। তার আরেক পরিচয় তিনি এলাকার দাপুটে তৃণমূল নেতা এবং তার স্ত্রী বর্তমানে জলপাইগুড়ি জেলার ধূপগুড়ি ব্লকের গাদং ১ নম্বর গ্রাম পঞ্চায়েতের ভোটপাড়া এলাকার গ্রাম পঞ্চায়েত সদস্যা। ভিডিওয় ভাইরাল তৃণমূল নেতার বিবাহিত জীবনও প্রায় তিন দশকের। ভিডিওতে যে দুজনকে দেখা গেছে তাদের দুজনেরই তিনটে করে সন্তান রয়েছে যারা প্রায় সকলেই প্রাপ্ত বয়স্ক এবং বিবাহযোগ্যও।

জানা গেছে তিন সন্তানের জননী ঐ মহিলার সাথে তৃণমূল নেতার বিবাহ বর্হিভূত সম্পর্ক এক দশকের বেশি। মহিলার স্বামী জানান সম্ভবত তার স্ত্রী এবং ঐ তৃণমূল নেতা চলতি বছরের ডিসেম্বর মাসে রেজিষ্ট্রি বিয়েও করে নিয়েছে৷ মহিলার স্বামী জানান, মেসো শ্বশুরের সাথে স্ত্রীর মেলামেশা নিয়ে এর আগেও সামাজিক শালিশি হয়েছিল। সম্প্রতি মোবাইলে তাদের ঘনিষ্ট অবিস্থায় শ্যুট করা ভিডিও দেখে আর মাথা ঠিক ছিল না। তাই এলাকার লোকেদের ডেকে তালাক দিতে বাধ্য হই।

ঐ মহিলাও আর পুরোনো স্বামীর ঘর করতে নারাজ। তিনি জানান, ইসলামিক নিয়মে আমাদের তালাক হয়ে গেছে। নিয়ম অনুযায়ী একশো দিন পর আমি যাকে ইচ্ছে বিয়ে করতেই পারি৷ আমি প্রেমিকে বিয়ে করে তার কাছেই থাকতে চাই।

ঘটনায় নাম জড়ানো তৃণমূল নেতা অবশ্য পুরোটাকেই চক্রান্ত বলেছেন। তিনি বলেন, পুরোটাই আমার বিরুদ্ধে সুপরিকল্পিত রাজনৈতিক চক্রান্ত। যারা ভিডিও বিকৃত করেছে তাদের বিরুদ্ধে আইনি ব্যবস্থা নেবো। সময় সব মিথ্যের জবাব দেবে।

তবে স্বামীর সাথে পরস্ত্রীর ভিডিও ভাইরাল হওয়া নিয়ে তৃণমূল নেতার গ্রাম পঞ্চায়েত সদস্যা স্ত্রীর কোন প্রতিক্রিয়া মেলেনি। ঐ ব্যক্তি এবং মহিলার সন্তানদের বক্তব্যও মেলেনি বাবা মায়ের এই ভিডিও কান্ড এবং তাকে ঘিরে হওয়া তালাক কান্ড নিয়ে।

তবে ইতিমধ্যেই নেট দুনিয়ায় চুটিয়ে চলছে জনপ্রিয় চটুল গানের সাথে করা ঐ শর্ট ভিডিও গুলি। তৃণমূল নেতার ভিডিও ছড়িয়ে দিতে মাঠে নেমেছে বিরোধি বিজেপি সহ রাজনৈতিক দলগুলো। শাসকদলে ঐ নেতার বিরোধী গোষ্ঠীর লোকেরাও উৎসাহ নিয়েই নেট মাধ্যমে ছড়িয়ে দিচ্ছেন অন্তরঙ্গ শর্ট ভিডিও।

Jalpaiguri: তেড়ে এসে ছেলেটাকে খুবলে মারল ভাল্লুক, গণপ্রহারে মরতেও হলো

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News Desk: হাতি, বাইসন, চিতাবাঘের পর এবার ভাল্লুকের (bear) আক্রমণের শিকার হতে হলো ডুয়ার্সের এক কিশোরককে। বুধবার বিকেলে ভাল্লুকের আক্রমণে মৃত্যু হল জলপাইগুড়ি (Jalpaiguri) জেলার মেটেলি চা বাগানের জাহাদি লাইনের বাসিন্দা বিদেশ খালকো নামে আদিবাসী কিশোরের। ক্ষুদ্ধ স্থানীয় বাসিন্দারা ভাল্লুকটিকে পিটিয়ে মেরে ফেলে।

জানা গেছে, এদিন দুপুরে চা পাতা তোলার সময় বাগানের ১৩ নম্বর সেকশনে ভাল্লুকটিকে দেখতে পায় শ্রমিকেরা। খবর চাউর হতেই প্রচুর মানুষের সাথে ওই কিশোরও গিয়েছিল সেখানে। হুড়োহুড়িতে হঠাৎ ভাল্লুকের সামনে পড়ে গেলে কামড়ে নখ দিয়ে টেনে কিশোরকে চা বাগানের ভেতরে নিয়ে যায় ভাল্লুকটি।

আশেপাশের সকলে ভাল্লুক তাড়িয়ে সেখানে গেলে ক্ষতবিক্ষত মরদেহ উদ্ধার হয়। এরপরই স্থানীয় বাসিন্দারা ভাল্লুকটিকে খুঁজে বের করে পিটিয়ে মেরে ফেলে।

ভাল্লুকের আক্রমণের খবর পেয়ে ঘটনাস্থলে পৌছায় বন দপ্তরের খুনিয়া রেঞ্জ ও মাল বন্যপ্রাণী স্কোয়াডের কর্মীরা। ঘটনাস্থল থেকে মৃত ভাল্লুক এবং কিশোরের দেহ উদ্ধার করা হয়। মেটেলি থানার পুলিশ দুটি দেহ ময়নাতদন্তের জন্যে পাঠায়।

মৃত কিশোরের দেহ জলপাইগুড়ি পুলিশ মর্গে এবং ভাল্লুকের দেহ লাটাগুড়ি প্রকৃতি পর্যবেক্ষণ কেন্দ্রে ময়নাতদন্ত হবে বলে জানা গেছে।

এই ঘটনা নিয়ে বনমন্ত্রী জ্যোতিপ্রিয় মল্লিক বলেন, আমরা মৃত কিশোরের পরিবারের প্রতি সমব্যাথী। সরকারি নিয়ম অনুসারে মৃতে কিশোরের পরিবার ক্ষতিপূরণ পাবে। সেই সাথে ভাল্লুকের মৃত্যুরও তদন্ত হবে। বিভাগীয় আধিকারিকদের পুরো বিষয়টি তদন্ত করবার জন্য নির্দেশ দেওয়া হয়েছে।

Exclusive: স্ট্যাম্প পেপারে চুক্তি করে প্রেমিক-প্রেমিকার ব্রেক আপ

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News Desk, Jalpaiguri: ২০১৯ সালের ৩ জুন দিনটায় ধূপগুড়ির এক যুবক অনন্ত বর্মন উঠে এসেছিল সংবাদ শিরোনামে। দীর্ঘদিনের দিনের প্রেমিকা লিপিকাকে ফিরে পেতে তার বাড়ির সামনে তিরিশ ঘন্টা ধর্ণায় বসেছিল অনন্ত৷ শেষাবধি চারহাত এক হয়ে মধুরেণ সমাপয়েত হয়েছিল অনন্ত লিপিকার প্রেম কাহিনীর৷ নেট দুনিয়ায় ঝড় তুলেছিল এই ধর্ণা বিবাহের সাতকাহন৷ সোশ্যাল মিডিয়ার সৌজন্যে রাজ্য তথা দেশে ভাইরাল হয়েছিল ধূপগুড়ির নাম৷ 

তবে, সব গল্পের নটেগাছ যে মুড়োবেই তার তো মানে নেই। অনেক গল্প মাঝপথেই খেই হারিয়ে ফেলে। তবে গল্পের জগতে অন্তে মিল হলে যেমন কমেডি হয় তেমনি বিয়োগান্তক গল্প অর্থাৎ ট্রাজেডিরও কিন্তু প্রশংসক প্রচুর। তবে সব ট্র‍্যাজেডিই যে কষ্টের হবে এমনটা নাও হতে পারে। এমনই এক কমিক রিলিফ দেওয়া রিয়েল লাইফ ট্র‍্যাজেডিও ফের সংবাদ শিরোনামে। তাও আবার খোদ ধূপগুড়ির বুকেই।

জলপাইগুড়ি জেলার এই আপাত নিরীহ পুর শহরের ২ নম্বর ওয়ার্ডের কামাতপাড়া এলাকায় ঘটে গিয়েছে এমনই এক কমিক ট্র‍্যাজেডি। সত্যিকারের ট্র‍্যাজেডিই বটে। দীর্ঘদিনের প্রেম ভেঙে যাওয়ার ট্র‍্যাজেডি৷ তবে দুঃখের এই আবহেও কমিক রিলিফ রয়েছে পরতে পরতে ঠাসা। এলাকারই এক যুবক ও যুবতীর প্রেম দীর্ঘদিনের। ফেসবুক থেকে হোয়াটস অ্যাপ, তারপর টেলিকলের মাধ্যমে প্রেম গভীর থেকে গভীরতর হয়েছে অনেক আগেই। মুখোমুখি বসা, খুনসুটি, গল্পগাছা, আড্ডা সবই হয়েছে চুটিয়ে। সেই প্রেমকে পরিণতির মোহনায় নিয়ে যেতেই এরপর প্রেমিক পাড়ি দেয় কাজের খোঁজে অন্য শহরে। জুটে যায় চাকরি আর বেড়ে যায় ব্যস্ততা। কথায় বলে প্রকৃতি ও প্রেম শূন্যতাকে মান্যতা দেয় না। সেই সুত্রেই প্রেমিকের ব্যস্ততার ফাঁকে প্রেমিকার ফোনে ভাইরাসের মতো তৃতীয় পক্ষের প্রবেশ। মোবাইল থেকে জীবনেও। এদিকে পুরোনো প্রেমিক ধীরে ধীরে টের পায় পুরোটা। বাড়ি ফিরে নজরদারি চালিয়ে হাতেনাতে ধরে ফেলে প্রেমিকার দ্বিতীয় প্রেম। বাস যা হওয়ার তাই হলো। নেটিজেনদের ভাষায় বলল ব্রেক আপ আরকি৷

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তবে এখানেই গল্পের টুইস্ট। প্রেম আর প্রেমিকা হারানোর জ্বালায় জ্বলে মরা প্রেমিক কিন্তু স্যুইসাইড বা অ্যাসিড হামলার সেকেলে ক্লিশে পথে হাটল না। ধর্ণার দিকে তো একদমই গেল না সে। বরং শিক্ষিত এবং ম্যাচিওর ভাবেই পুরোটা ট্যাকেল করতে গিয়ে আখেড়ে এক অমোঘ ট্র‍্যাজেডি রূপ নিল নিখাদ কমেডির। নাছোড় প্রেমিক বায়না জুড়ে বসে ব্রেক আপ যখন হবেই তখন তাকে প্রাতিষ্ঠানিক রূপ দিতে হবে। কথা মতো সে কুড়ি টাকার নন জুডিশিয়াল স্ট্যাম্প পেপার নিয়ে হাজির হলো প্রেমিকার সামনে। চাইল ব্রেক আপের লিখিত হলফনামা।

উদ্দেশ্য একটাই, আর তা হল ভবিষ্যতে দ্বিতীয় প্রেমে ধোঁকা খেয়ে যেন আর ফিরে আসার সুযোগ না থাকে। প্রেমিক বলে, প্রেমিক আছে জেনেও যে ছেলে মেয়েটার ঘনিষ্ট হয়েছে সে আর যাই হোক ভালো ছেলে নয়৷ আমার প্রাক্তন প্রেমিকা হয়তো সেটা বোঝেনি৷ তবে আজ না হোক কাল ঐ প্রেমও ভাঙবেই। আমি কিন্তু আমার পেশায় প্রোমশন পেয়ে গেছি৷ ভয়টা হলো ঐ প্রেম ভাঙার পর আমার বাড়ির সামনে যদি ওই মেয়ে এসে ধর্ণায় বসে তাহলে আমার কি হবে৷ তাই কোন চান্স নেই নাই৷ স্ট্যাম্প পেপার ডিড করে নিয়েছি৷ ভবিষ্যতে ফেরার পথ চিরতরে বন্ধ ওর সামনে৷ প্রেমিকাও কিন্তু ছ্যাচকাদুনি গায়নি। সে বলে, সম্পর্কটাই যখন শেষ হয়ে গেল তখন একটা হলফনামা লিখে দিলে আর কি আসে যায়৷ তাই ওর দাবি মতো যা বলেছে লিখে দিয়েছি।

লেখা লিখি না হয় গেল। তবে প্রেম ভাঙার এই চুক্তি কিন্তু প্রেমের ইতিহাসে হয়ে রইল অমর। গল্পটা কিন্তু এখানেই শেষ হলো না। শেষটা জানতে অপেক্ষা আরো কিছুদিনের। প্রেমের নতুন মোড়কে। যেখানে আরও কোন নতুন পক্ষ জুড়ে যায় কিনা আর এই চুক্তিনামা ফের বেড়িয়ে আসে কিনা প্রামাণ্য দলিল হিসেবে।

আতঙ্কিত বাংলার মা: ২০০০ ছাড়িয়ে গেল জ্বরাক্রান্ত শিশুর সংখ্যা

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নিউজ ডেস্ক: দার্জিলিং থেকে ডায়মন্ডহারবার রাজ্যের সর্বত্র ‘অজানা জ্বর’ বা জলপাইগুড়ি জ্বর ছড়িয়েছে হু হু করে। যদিও সরকার ও স্বাস্থ্য দফতর এই জ্বরকে অজানা বলতে নারাজ। বলা হয়েছে, উদ্বেগের কারণ নেই। কিন্তু উদ্বেগ কমছে না বই বাড়ছে। জ্বর ছড়াচ্ছে হু হু করে, শিশু কোলে মায়েরা ভীত

শুক্রবার রাত পর্যন্ত রাজ্যে জ্বরাক্রান্ত ১১ শিশুর মৃত্যু হয়েছে। উত্তরবঙ্গের জলপাইগুড়ি থেকে এই জ্বর ছড়াতে শুরু করে। এখন উত্তর ছাড়িয়ে দক্ষিণবঙ্গের পুরুলিয়া, পশ্চিম বর্ধমান কলকাতা সংলগ্ন এলাকায় জ্বরের প্রকোপ বেড়েছে। পশ্চিম বর্ধমানের দুর্গাপুর, পুরুলিয়াতেও জ্বরাক্রান্ত শিশুদের নিয়ে ভীত মায়েদের ভিড় বাড়ছে।

পরিস্থিতি খতিয়ে দেখতে উত্তরবঙ্গে গিয়েছেন বিশেষ পরিদর্শকরা। যতই দিন যাচ্ছে ততই এবং তার সঙ্গে মৃত্যু হচ্ছে একের পর এক শিশুর। মালদহ মেডিক্যাল কলেজ ও হাসপাতাল, জলপাইগুড়ি জেলা হাসপাতাল, উত্তরবঙ্গ মেডিকেল কলেজ হাসপাতাল, শিলিগুড়ি মহকুমা হাসপাতালের বেডের অভাব। মালদহে জ্বরে আক্রান্ত এক শিশুর মৃত্যু হয়। তার বাড়ি ঝাড়খণ্ডে।

চিকিৎসকদের আশঙ্কা পশ্চিমবঙ্গ থেকে এই জ্বর প্রতিবেশি রাজ্যগুলিতে ছড়াবে। কারণ এই জ্বরের অন্যতম সংক্রমণ কেন্দ্র শিলিগুড়ি। এই শহরের সঙ্গে গোটা দেশের যোগাযোগ।

জলপাইগুড়ি জ্বর: এবার দক্ষিণমুখী, দুর্গাপুরে বহু শিশু আক্রান্ত

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নিউজ ডেস্ক: উত্তরবঙ্গ ছাড়িয়ে এবার জলপাইগুড়ির অজানা জ্বরের গতি দক্ষিণবঙ্গে। পশ্চিম বর্ধমানের দুর্গাপুরে কমপক্ষে ৪২ জন শিশু আক্রান্ত। তাদের চিকিৎসা চলছে দুর্গাপুর মহকুমা হাসপাতালে।

হাসপাতালের সুপার ধীমান মন্ডল জানিয়েছেন, শিশুদের ওয়ার্ডে মোট ৫৫ টি বেডের মধ্যে ৪২ টি ভর্তি। জ্বরে আক্রান্ত শিশুদের সর্দি, কাশি, জ্বর ও শ্বাসকষ্ট জনিত সমস্যা রয়েছে। তবে দুশ্চিন্তার কিছু নেই।

অজানা জ্বর জলপাইগুড়ি, কোচবিহারের পর এবার উত্তরবঙ্গের অন্যান্য জেলাতেও ছড়াচ্ছে। এবার হামলা উত্তর দিনাজপুরে। রায়গঞ্জ মেডিক্যাল কলেজ হাসপাতালে ইতিমধ্যেই ১৫ জন শিশু জ্বর সহ অন্যান্য উপসর্গ নিয়ে ভর্তি। কী কারণে জ্বর জানা যায়নি। হু হু করে ছড়াচ্ছে জলপাইগুড়ি জ্বরাতঙ্ক।

রায়গঞ্জ মেডিকেল কলেজ হাসপাতাল সূত্রে খবর, ১৫-১৬ জন শিশু এখনও চিকিৎসাধীন। মনে করা হচ্ছে ভাইরাল নিউমোনিয়া ফিভার ছড়িয়েছে। রায়গঞ্জ হাসপাতালে চিকিৎসা পর্যাপ্ত বলেই জানানো হয়েছে।

গত এক সপ্তাহ ধরে এই সংক্রামক অজানা জ্বর জলপাইগুড়িতে হামলা করছে। চিকিৎসকরা থই পাচ্ছেন না। উত্তরবঙ্গ মেডিকেল কলেজ হাসপাতালে শতাধিক শিশু চিকিৎসাধীন। অনেকের শ্বাসকষ্ট উপসর্গ আছে। ফলে করোনার কিছু লক্ষণের সঙ্গে মিল থাকলেও এটি করোনা সংক্রমণ নয় বলেই জানাচ্ছেন বিশেষজ্ঞ চিকিৎসকরা।
জলপাইগুড়ি ছাড়িয়ে কোচবিহার ও শিলিগুড়িতেও শিশুরা এই অজানা জ্বরের কবলে। আশঙ্কা উত্তরবঙ্গের রাজধানী শিলিগুড়িতে এই জ্বর ছড়াতে শুরু করলে, পরিস্থিতি আরও উদ্বেগজনক হবে। রোগীর দেহের নমুনা নিয়ে কলকাতায় পরীক্ষার জন্য পাঠানো হয়েছে। রিপোর্টের অপেক্ষায় চিকিৎসকরা।

করোনা এখনও যায়নি। সংক্রমণ কমলেও আছে চারপাশেই। আসন্ন শারদোৎসবের আগে করোনার দোসর হয়ে এসেছে এক অজানা জ্বর। সেই জ্বরে শয়ে শয়ে শিশু আক্রান্ত। জলপাইগুড়ি কাঁপছে জ্বরে। উত্তরবঙ্গ জুড়ে ভয়, কারণ জ্বর ছড়িয়েছে কোচবিহারেও। শিশু মৃত্যুর খবরে আতঙ্ক বাড়ছে।
অভিযোগ, করোনা পরিস্থিতিতে উপনির্বাচন নিয়ে রাজ্য সরকার যতটা চিন্তিত, তার কণামাত্র নেই অজানা জ্বরের প্রকোপ নিয়ে। উত্তরবঙ্গ মেডিকেল কলেজের চিকিৎসকদের একাংশ ক্ষুব্ধ। জলপাইগুড়ি জেলা হাসপাতালেও ক্ষোভ ছড়িয়েছে। কোচবিহারের মেখলিগঞ্জ এই অজানা জ্বরের দ্বিতীয় কেন্দ্র।
দার্জিলিং জেলার শিলিগুড়ির সঙ্গে পুরো উত্তর পূর্বাঞ্চলের ৮টি রাজ্য ও দেশের বাকি অংশের অনবরত যোগাযোগ। তেমনি উত্তরবঙ্গের সবকটি জেলার মূল যাতায়াত কেন্দ্র। শিলিগুড়িতে অজানা জ্বর ছড়ালে এর প্রভাব আরও চিন্তার বলে মনে করছেন বিশেষজ্ঞরা।

হু হু করে ছড়াচ্ছে ‘জলপাইগুড়ি জ্বর’, এবার উত্তর দিনাজপুরে শিশুরা আক্রান্ত

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নিউজ ডেস্ক: আশঙ্কা সত্যি হতে চলল। অজানা জ্বর জলপাইগুড়ি, কোচবিহারের পর এবার উত্তরবঙ্গের অন্যান্য জেলাতেও ছড়াচ্ছে। এবার হামলা উত্তর দিনাজপুরে। রায়গঞ্জ মেডিক্যাল কলেজ হাসপাতালে ইতিমধ্যেই ১৫ জন শিশু জ্বর সহ অন্যান্য উপসর্গ নিয়ে ভর্তি। কী কারণে জ্বর জানা যায়নি। হু হু করে ছড়াচ্ছে জলপাইগুড়ি জ্বরাতঙ্ক।

রায়গঞ্জ মেডিকেল কলেজ হাসপাতাল সূত্রে খবর, ১৫-১৬ জন শিশু এখনও চিকিৎসাধীন। মনে করা হচ্ছে ভাইরাল নিউমোনিয়া ফিভার ছড়িয়েছে। রায়গঞ্জ হাসপাতালে চিকিৎসা পর্যাপ্ত বলেই জানানো হয়েছে।

Read More: একে করোনায় রক্ষে নেই…! জ্বরের আতঙ্কে জলপাইগুড়ি, কাঁপছে উত্তরবঙ্গ

গত এক সপ্তাহ ধরে এই সংক্রামক অজানা জ্বর জলপাইগুড়িতে হামলা করছে। চিকিৎসকরা থই পাচ্ছেন না। উত্তরবঙ্গ মেডিকেল কলেজ হাসপাতালে শতাধিক শিশু চিকিৎসাধীন। অনেকের শ্বাসকষ্ট উপসর্গ আছে। ফলে করোনার কিছু লক্ষণের সঙ্গে মিল থাকলেও এটি করোনা সংক্রমণ নয় বলেই জানাচ্ছেন বিশেষজ্ঞ চিকিৎসকরা।
জলপাইগুড়ি ছাড়িয়ে কোচবিহার ও শিলিগুড়িতেও শিশুরা এই অজানা জ্বরের কবলে। আশঙ্কা উত্তরবঙ্গের রাজধানী শিলিগুড়িতে এই জ্বর ছড়াতে শুরু করলে, পরিস্থিতি আরও উদ্বেগজনক হবে।

রোগীর দেহের নমুনা নিয়ে কলকাতায় পরীক্ষার জন্য পাঠানো হয়েছে। রিপোর্টের অপেক্ষায় চিকিৎসকরা। করোনাএখনও যায়নি। সংক্রমণ কমলেও আছে চারপাশেই। আসন্ন শারদোৎসবের আগে করোনার দোসর হয়ে এসেছে এক অজানা জ্বর। সেই জ্বরে শয়ে শয়ে শিশু আক্রান্ত। জলপাইগুড়ি কাঁপছে জ্বরে। উত্তরবঙ্গ জুড়ে ভয়, কারণ জ্বর ছড়িয়েছে কোচবিহারেও। তিন শিশুর মৃত্যুর খবরে আতঙ্ক বাড়ছে।

অভিযোগ, করোনা পরিস্থিতিতে উপনির্বাচন নিয়ে রাজ্য সরকার যতটা চিন্তিত, তার কণামাত্র নেই অজানা জ্বরের প্রকোপ নিয়ে। উত্তরবঙ্গ মেডিকেল কলেজের চিকিৎসকদের একাংশ ক্ষুব্ধ। জলপাইগুড়ি জেলা হাসপাতালেও ক্ষোভ ছড়িয়েছে। কোচবিহারের মেখলিগঞ্জ এই অজানা জ্বরের দ্বিতীয় কেন্দ্র।

দার্জিলিং জেলার শিলিগুড়ির সঙ্গে পুরো উত্তর পূর্বাঞ্চলের ৮টি রাজ্য ও দেশের বাকি অংশের অনবরত যোগাযোগ। তেমনি উত্তরবঙ্গের সবকটি জেলার মূল যাতায়াত কেন্দ্র। শিলিগুড়িতে অজানা জ্বর ছড়ালে এর প্রভাব আরও চিন্তার বলে মনে করছেন বিশেষজ্ঞরা।

একে করোনায় রক্ষে নেই…! জ্বরের আতঙ্কে জলপাইগুড়ি, কাঁপছে উত্তরবঙ্গ

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নিউজ ডেস্ক: করোনা (Coronavirus) যায়নি। সংক্রমণ কমলেও আছে চারপাশেই। আসন্ন শারদোৎসবের আগে করোনার দোসর হয়ে এসেছে এক অজানা জ্বর। সেই জ্বরে শয়ে শয়ে শিশু আক্রান্ত। জলপাইগুড়ি কাঁপছে জ্বরে। উত্তরবঙ্গ জুড়ে ভয়, কারণ জ্বর ছড়িয়েছে কোচবিহারেও। তিন শিশুর মৃত্যুর খবরে আতঙ্ক বাড়ছে।

অভিযোগ, করোনা পরিস্থিতিতে উপনির্বাচন নিয়ে রাজ্য সরকার যতটা চিন্তিত, তার কণামাত্র নেই অজানা জ্বরের প্রকোপ নিয়ে। উত্তরবঙ্গ মেডিকেল কলেজের চিকিৎসকদের একাংশ ক্ষুব্ধ। জলপাইগুড়ি জেলা হাসপাতালেও ক্ষোভ ছড়িয়েছে। কোচবিহারের মেখলিগঞ্জ এই অজানা জ্বরের দ্বিতীয় কেন্দ্র।

গত এক সপ্তাহ ধরে এই সংক্রামক অজানা জ্বর জলপাইগুড়িতে হামলা করছে। চিকিৎসকরা থই পাচ্ছেন না। উত্তরবঙ্গ মেডিকেল কলেজ হাসপাতালে শতাধিক শিশু চিকিৎসাধীন। অনেকের শ্বাসকষ্ট উপসর্গ আছে। ফলে করোনার কিছু লক্ষণের সঙ্গে মিল থাকলেও এটি করোনা সংক্রমণ নয় বলেই জানাচ্ছেন বিশেষজ্ঞ চিকিৎসকরা।
রোগীর দেহের নমুনা নিয়ে কলকাতায় পরীক্ষার জন্য পাঠানো হয়েছে। রিপোর্টের অপেক্ষায় চিকিৎসকরা। তবে জলপাইগুড়ি ছাড়িয়ে কোচবিহার ও শিলিগুড়িতেও শিশুরা এই অজানা জ্বরের কবলে। আশঙ্কা উত্তরবঙ্গের রাজধানী শিলিগুড়িতে এই জ্বর ছড়াতে শুরু করলে, পরিস্থিতি আরও উদ্বেগজনক হবে।

দার্জিলিং জেলার শিলিগুড়ির সঙ্গে পুরো উত্তর পূর্বাঞ্চলের ৮টি রাজ্য ও দেশের বাকি অংশের অনবরত যোগাযোগ। তেমনি উত্তরবঙ্গের সবকটি জেলার মূল যাতায়াত কেন্দ্র। শিলিগুড়িতে অজানা জ্বর ছড়ালে এর প্রভাব আরও চিন্তার বলে মনে করছেন বিশেষজ্ঞরা।