तिरुपति प्रसाद विवाद के बाद यूपी में CM योगी का सख्त निर्देश

लखनऊ: आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी के प्रसाद में मिलावट का मामला देशभर में चर्चा में बना हुआ है। इस बीच यूपी की योगी सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। सीएम योगी ने कहा है कि जूस, दाल और रोटी जैसी खान-पान की वस्तुओं में मानव अपशिष्ट मिलाना वीभत्स है और यह सब स्वीकार नहीं है। उन्होंने निर्देश दिया है कि ऐसे ढाबों/रेस्टोरेंट आदि खान-पान के प्रतिष्ठानों की सघन जांच होगी। हर कर्मचारी का पुलिस वेरिफिकेशन होगा। खान-पान की चीजों की शुद्धता-पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में आवश्यक संशोधन के निर्देश दिए गए हैं।

सीएम योगी के निर्देशों के मुताबिक, खान-पान के केंद्रों पर संचालक, प्रोपराइटर, मैनेजर आदि का नाम और पता डिस्प्ले करना अनिवार्य होगा। शेफ हो या वेटर, उन्हें मास्क और ग्लव्स लगाना होगा। होटल/ रेस्टोरेंट में सीसीटीवी लगाना अनिवार्य होगा। अगर कोई अपशिष्ट या अन्य गंदी चीजों की मिलावट करता है तो संचालक/प्रोपराइटर पर भी कठोर कार्रवाई होगी।

देश के विभिन्न क्षेत्रों में घटीं ऐसी घटनाओं का संज्ञान लेते हुए मंगलवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी होटलों/ढाबों/रेस्टोरेंट आदि संबंधित प्रतिष्ठानों की गहन जांच, सत्यापन आदि के भी निर्देश दिए हैं साथ ही आम जन की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए नियमों में आवश्यकतानुसार संशोधन के भी निर्देश दिए।

प्वाइंटर्स में समझें सीएम योगी के निर्देश-

  • सीएम योगी ने कहा कि जूस, दाल और रोटी जैसी खान-पान की वस्तुओं में मानव अपशिष्ट मिलाना वीभत्स, यह सब स्वीकार नहीं है।
  • सीएम ने निर्देश दिया कि ऐसे ढाबों/रेस्टोरेंट आदि खान-पान के प्रतिष्ठानों की सघन जांच होगी। हर कर्मचारी का पुलिस वेरिफिकेशन होगा।
  • सीएम ने कहा कि खान-पान की चीजों की शुद्धता-पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में आवश्यक संशोधन के निर्देश दिए गए हैं।
  • सीएम ने कहा कि खान-पान के केंद्रों पर संचालक, प्रोपराइटर, मैनेजर आदि का नाम और पता डिस्प्ले करना अनिवार्य होगा।
  • सीएम ने कहा कि शेफ हो या वेटर, उन्हें मास्क और ग्लव्स लगाना होगा। होटल/ रेस्टोरेंट में सीसीटीवी लगाना अनिवार्य होगा।
  • सीएम ने कहा कि अपशिष्ट आदि गंदी चीजों की मिलावट की तो संचालक/प्रोपराइटर पर भी कठोर कार्रवाई होगी।

ट्रेन उड़ाने की एक और साजिश नाकाम, रेलवे ट्रैक पर मिला गैस सिलेंडर

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बड़ी खबर आ रही है। यहां एक बार फिर ट्रेन को पलटाने की साजिश देखने को मिली। जानकारी के अनुसार, कानपुर देहात जिले में रेलवे ट्रैक पर छोटा वाला एक गैस सिलेंडर पाया गया। इससे टकराने के बाद कोई भी बड़ा हादसा हो सकता था जो टल गया।

कुछ दिन पहले ही कानपुर में कालिंदी एक्सप्रेस को पलटाने की साजिश सामने आई थी। इस वक्त रेलवे ट्रैक पर एलपीजी सिलेंडर रखा गया था जिससे ट्रेन टकरा भी गई थी। रेलवे लाइन के पास पेट्रोल और बारूद भी बरामद किया गया था।

जानकारी के अनुसार नॉर्थर्न सेंट्रल रेलवे के प्रयागराज डिवीजन के पेरम्बूर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर एलपीजी का छोटा सिलेंडर मिला। इस ट्रेक से मालगाड़ी गुजरने वाली ही थी। लोको पायलट ने खतरे को देखते हुए पहले ही मालगाड़ी को रोक दिया। इस वजह से एक बड़ा हादसा टल गया।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मालगाड़ी के लोको-पायलट द्वारा आपातकालीन ब्रेक लगाने के बाद रविवार सुबह एक और ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिश नाकाम हो गयी। यह घटना तब हुई जब मालगाड़ी कानपुर से प्रयागराज की ओर जा रही थी। लगभग एक महीने के भीतर यह तीसरी घटना है, जब रेल सेवा को बाधित करने की कोशिश की गयी है।

रविवार को जारी एक बयान में कहा गया कि सुबह लगभग आठ बजकर 10 मिनट पर रेलवे सुरक्षा बल पुलिस ने सूचना दी कि प्रेमपुर स्टेशन से इलाहाबाद की तरफ जाने वाले रेलवे मार्ग पर लाल रंग का एक सिलेंडर पटरी पर रखा हुआ है। इस सूचना पर स्थानीय पुलिस ने तत्काल प्रेमपुर रेलवे स्टेशन पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया. यह पाया गया कि लाल रंग का खाली सिलेंडर पटरी पर रखा हुआ था।

कानपुर पूर्व के पुलिस उपायुक्त श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि लोको पायलट ने रेलवे अधिकारियों को सतर्क किया, जिन्होंने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और कानपुर पुलिस को सूचना दी और मामले की जांच शुरू की गयी। डीसीपी ने बताया कि मालगाड़ी के लोको पायलट ने पांच किलोग्राम वजन का एलपीजी सिलेंडर देखा, जिसके बाद आपातकालीन ब्रेक लगाकर कानपुर से प्रयागराज की ओर जा रही मालगाड़ी को रोक दिया गया। उन्होंने बताया कि खोजी कुत्तों को काम पर लगाया गया और फोरेंसिक विशेषज्ञों को भी बुलाया गया. उन्होंने पाया कि एलपीजी सिलेंडर खाली था।

राम मंदिर की सुरक्षा होगी दुरुस्त, अयोध्या में बनेगा NSG सेंटर

अयोध्या: राम मंदिर के चलते देश-दुनिया में अयोध्या का अपना अलग स्थान है। ऐसे में इसकी सुरक्षा के लिए तमाम तरह के प्रबंध किए गए हैं। इसी कड़ी में अब रामनगरी में एनएसजी हब बनेगा। आतंकी खतरे और उससे निपटने को लेकर केंद्र सरकार ने ये फैसला लिया है। एनएसजी के ब्लैक कैट कमांडो अयोध्या में बनने वाले NSG हब में तैनात होंगे।

गृह मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, NSG को अयोध्या में आतंकवाद विरोधी और अपहरण रोधी अभियानों का विशिष्ट दायित्व सौंपा जाएगा, जिसका काम NSG बखूबी कर रही है। सरकार अयोध्या में एनएसजी हब बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। वहीं, इस मामले में यूपी कांग्रेस चीफ अजय राय ने कहा कि अयोध्या भगवान का पवित्र स्थान है। इसकी पवित्रता बरकरार रखिए। अयोध्या के लोगों ने आपका (बीजेपी) साथ छोड़ दिया। आप वहां केवल मार्केटिंग और इवेंट करना चाहते हैं।

अयोध्या स्थित राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और चाक चौबंद करने की तैयारी की जा रही है। ऐसे में अब NSG की यूनिट अयोध्या में तैनात की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि अयोध्या की सुरक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए ब्लैक कैट कमांडो तैनात किए जाएंगे। मालूम हो कि अभी तक राम मंदिर की सुरक्षा में तैनात PAC के जवानों को हर दो महीने में बदल दिया जाता है। राम मंदिर की सुरक्षा में पीएसी की 8 कंपनी यूपी एसएसएफ को दी गई हैं। एटीएस (ATS) की यूनिट भी अयोध्या में मौजूद रहती है।

हमारा भारत हमेशा से नारीशक्ति का पूजन करने वाला देश रहा है : मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रहस्यवादी कवि और भगवान कृष्ण भक्त की 525वीं जयंती मनाने के लिए आयोजित ‘मीराबाई जन्मोत्सव’ में भाग लेने के लिए उत्तर प्रदेश के मथुरा पहुंचे। उन्होंने कृष्ण जन्मभूमि पर पूजा-अर्चना भी की और ऐसा करने वाले वह पहले प्रधानमंत्री बने। पीएम मोदी 32 साल के अंतराल के बाद भगवान कृष्ण के जन्मस्थान पहुंचे हैं।मोदी ने कहा कि हमारा भारत हमेशा से नारीशक्ति का पूजन करने वाला देश रहा है। ये बात ब्रजवासियों से बेहतर और कौन समझ सकता है। यहां कन्हैया के नगर में भी ‘लाडली सरकार’ की ही पहले चलती है। यहां सम्बोधन, संवाद, सम्मान, सब कुछ राधे-राधे कहकर ही होता है। कृष्ण के पहले भी जब राधा लगता है, तब उनका नाम पूरा होता है। इसलिए हमारे देश में महिलाओं ने हमेशा जिम्मेदारियां भी उठाई हैं, और समाज का लगातार मार्गदर्शन भी किया है।उन्होंने कहा कि मीराबाई का 525वां जन्मोत्सव केवल एक संत का जन्मोत्सव नहीं है। ये भारत की एक सम्पूर्ण संस्कृति का उत्सव है, ये प्रेम-परंपरा का उत्सव है, ये उत्सव नर और नारायण में, जीव और शिव में, भक्त और भगवान में, अभेद मानने वाले विचार का भी उत्सव है।

UP: পিসি-ভাইপো-যোগী কার দখলে লখনউ গদি

পশ্চিমবঙ্গের মতো উত্তর প্রদেশেও (UP) ‘পিসি-ভাইপো’ আছেন। এরা দুজনেই লখনউয়ের মসনদে বসেছেন। সেক্ষেত্রে বুয়াজি অর্থাৎ পিসির কেরিয়ার ঝলমলে। বুয়াজির রাজনৈতিক পোশাকি নাম ‘বহেনজি’। প্রাক্তন মুখ্যমন্ত্রী ও বিএসপি নেত্রী মায়াবতী বয়সজনিত কারণে অপর প্রাক্তন মুখ্যমন্ত্রী অখিলেশ যাদবের ‘বুয়াজি’। অখিলেশ হলেন এই নজরে ‘বাবুয়া’-ভাইপো!

সমাজবাদী পার্টির সঙ্গে বহুজন সমাজ পার্টির আদায় কাঁচকলা সম্পর্ক। তবে ভোটের স্বার্থে একও হয়েছেন। পশ্চিমবঙ্গে যেমন মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়কে হটাতে একসময়ের ‘কামড়া-কামড়ি’ করা সিপিআইএম ও কংগ্রেস এক হয়েছে। তবে গত ভোটগুলিতে দুই রাজ্যেই এমন জোট কাজে আসেনি। আসন্ন উত্তর প্রদেশ ভোটে আবার যুযুধান বুয়া-বাবুয়া।

রাজ্যে ক্ষমতাসীন বিজেপি বনাম সমাজবাদী পার্টির মূল লড়াই হিসেবে বিবেচ্য। বিএসপি ও কংগ্রেসও আছে লড়াইতে। কিছু পকেট এলাকা বাদ দিলে মূলত চতুর্মুখী ভোট হবে এই রাজ্যে।

নির্বাচন কমিশন ৫ রাজ্যে মোট ৭ দফায় হবে ভোট নির্ঘণ্ট ঘোষণা করেছে। গোয়া, উত্তরাখণ্ড, মণিপুর, পাঞ্জাবের থেকেও সর্বাধিক গুরুত্বপূর্ণ উত্তরপ্রদেশের ভোট। ৪০৩টি আসনের বিধানসভায় যার সরকার তার হাতেই ভারত শাসনের চাবিকাঠি থাকে। এখন যেমন বিজেপি।

বিজেপিরও চিন্তা সেই বুয়া-বাবুয়াকে নিয়েই। এদের পারস্পরিক ভোট কাটাকাটি, কংগ্রেসের ভোট সবমিলে জটিল অংক কষতে শুরু করেছেন বিজেপির ভোট কুশলীরা। সমাজবাদী পার্টির জনসমর্থন বাড়ছে ফের তা সমীক্ষা থেকে স্পষ্ট। বহুজন সমাজপার্টির সমর্থন কম নয়। একসঙ্গে মিশেছে কৃষক বিক্ষোভ। বিজেপির পক্ষে গতবারের মতো তরতর করে জয় সম্ভব নয় তা দলীয় নেতাদের ভাষণেই স্পষ্ট।

মায়াবতীর নিজস্ব জনপ্রিয়তা যেমন, তেমনই অখিলেশ সিং যাদবেরও। মুখ্যমন্ত্রী যোগী আদিত্যনাথের সূচক নিম্নমুখী। এই প্রেক্ষিতে দলিত ও সংখ্যালঘু ভোটের থেকে বিজেপির নজর উচ্চবর্ণ ও সাধারণ হিন্দু ভোট। অন্যদিকে লখিমপুর খেরিতে কৃষকদের পিষে দেওয়ার ঘটনা ভোটে প্রভাব ফেলবে। সমীক্ষাগুলি দেখাচ্ছে, বুয়ার থেকে বাবুয়া বেশি এগিয়ে ইস্যুভিত্তিক রাজনীতিতে।

UP: ভোটের আগে টুইট যুদ্ধে যোগী একাই ১৪ হাজার!

UP

সময়ের সঙ্গে বদলেছে রাজনীতির ধরণ। শুধুমাত্র মাঠে নেমে মিটিং, মিছিল, প্রচারেই আর থেমে নেয় রাজনৈতিক ব্যক্তিত্বরা। সোশ্যাল মিডিয়া বা সামাজিক মাধ্যমও যুক্ত হয়েছে প্রচার অভিযানের অংশ হিসেবে৷ ক্ষমতায় থাকা বিজেপি হোক কিংবা আঞ্চলিক কোনো দল, কম-বেশি সকলেই কাছেই এখন রয়েছে সোশ্যাল মিডিয়া হ্যান্ডেল সামলানোর টিম। সামনে উত্তর প্রদেশ (UP) নির্বাচন। উত্তেজনার পারদ বেড়েছে ইতিমধ্যে। নেতা-নেত্রীরাও সক্রিয় টুইটারে। কে ক’টা টুইট করেছেন আজ পর্যন্ত? দেখে নেওয়া যাক।

 

যোগী আদিত্যনাথ

উত্তর প্রদেশের মুখ্যমন্ত্রী। ২০১৫ সালে এসেছিলেন টুইটারে। এই ক’বছরে তিনি করেছে ১৪ হাজার ৬০০ টুইট৷ ১.৬৬ কোটি মানুষ টুইটারে তাঁকে ফলো করেছেন। যোগী নিজে ফলো করেন ৫০ জনকে। নিজের দলের হেভিওয়েট নেতা-মন্ত্রীদেরই বেশি ফলো করেন তিনি।

অখিলেশ যাদব

উত্তর প্রদেশের প্রাক্তন মুখ্যমন্ত্রী। ২০০৯ সাল থেকে টুইটারে রয়েছেন। সেই নিরিখে যোগীর তুলনায় করেছেন অনেক কম পোস্ট। প্রায় ১২ বছরে ৪ হাজার ৮৮১ টি টুইট করেছেন সমাজবাদী পার্টির প্রধান। ১.৫৩ কোটি মানুষ ফলো করেন তাঁকে। নিজে ফলো করেন ২৪ জনকে। ভারতীয় সেনা, নেভির পাশাপাশি বিদেশি রাষ্ট্রনেতারাও অখিলেশের পছন্দের তালিকায়।

মায়াবতী

ইনিও উত্তর প্রদেশের প্রাক্তন মুখ্যমন্ত্রী। সাবেকি ঘরানার রাজনীতিবিদ হিসেবেই তিনি পরিচিত। সামাজিক মাধ্যমে এসেছেন অনেক পরে। ২০১২ এবং ২০১৭ সালের নির্বাচনের পরাস্ত হওয়ার পর টুইটারে পদার্পণ। ২০১৮ সালে প্রোফাইল তৈরি করেছেন। ফলো করেন মাত্র একটি অ্যাকাউন্ট। তাও টুইটার সাপোর্টের। তিন বছরে করেছেন ১ হাজার ২৪৯ টি টুইট। নেত্রীকে ফলো করেন ২৩ লক্ষ ব্যক্তি।

প্রিয়াঙ্কা গান্ধী বঢরা

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p style=”text-align: justify;”>দু’বছর আগেই টুইটারে অ্যাকাউন্ট করেছেন প্রিয়াঙ্কা। যদিও পরিসংখ্যানের নিরিখে ইতিমধ্যে পিছনে ফেলে দিয়েছেন মায়াবতীকে। বর্তমানে তাঁর ফলোয়ার সংখ্যা ৪৩ লক্ষ। নিজে ফলো করেন ১৯১ জনকে। নিজের দলের নামকরা নেতা-নেত্রীর সঙ্গে তিনি ফলো করেন মার্কিন যুক্তরাষ্ট্রের প্রেসিডেন্ট জো বাইডেনকেও। ১ হাজার ৮২০ টি টুইট করেছেন প্রিয়াঙ্কা।

Modi in UP: আজ ফের উত্তরপ্রদেশে মোদীর সমাবেশ, লক্ষ্য মহিলা ভোট

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নিউজ ডেস্ক: আগামী বছরের শুরুতেই উত্তরপ্রদেশে ভোট। আর তার আগে মঙ্গলবার প্রয়াগরাজে ‘ঐতিহাসিক সমাবেশ’-এ (Historical Rally) যোগ দিতে যাবেন প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদী। গত এক মাসে এই নিয়ে ১০ বার তিনি ওই রাজ্যে যাবেন। মোদীর সমাবেশে উপস্থিত থাকবেন ২ লক্ষ মহিলা।

সংবাদপত্রে প্রথম পাতার বিজ্ঞাপন দিয়ে সরকার জানিয়েছে, প্রধানমন্ত্রী চান মহিলাদের ক্ষমতায়ন হোক। তিনি সেলফ হেলপ গ্রুপগুলির ব্যাঙ্ক অ্যাকাউন্টে ১ হাজার কোটি টাকা ট্রান্সফার করবেন। এর ফলে ১৬ লক্ষ মহিলা উপকৃত হবেন। এদিনের অনুষ্ঠানের উদ্যোক্তা উত্তরপ্রদেশ সরকার। এর আগেও মোদী সরকারি অনুষ্ঠান থেকে বিরোধীদের তীব্র আক্রমণ করেছিলেন। একটি অনুষ্ঠানে মোদী সমাজবাদী সুপ্রিমো অখিলেশ সিং যাদবকে ‘সন্ত্রাসবাদীদের সমর্থক’ বলে দাবি করেছিলেন।

অখিলেশও পালটা চ্যালেঞ্জ জানিয়ে বলেন, বিজেপি কোনও সরকারি পরিকাঠামো ব্যবহার না করে, নিজের শক্তিতে জনসভা করে দেখাক। এদিন প্রধানমন্ত্রীর অফিস থেকে প্রেস বিবৃতিতে বলা হয়, দীনদয়াল উপাধ্যায় অন্ত্যোদয় যোজনা-ন্যাশনাল রুরাল লাইভলিহুড মিশনের আওতায় ৮০ হাজার সেলফ হেলপ গ্রুপ কমিউনিটি ইনভেস্টমেন্ট ফান্ড থেকে ১ লক্ষ ১০ হাজার টাকা করে পাবে। এছাড়া ৬০ হাজার সেলফ হেলপ গ্রুপের প্রতিটি ১৫ হাজার টাকা পাবে।

উত্তরপ্রদেশে যাঁরা ডোরস্টেপ ফিনান্সিয়াল সার্ভিসের সঙ্গে যুক্ত, তাঁদেরও ওই জনসভা থেকে ভাতা দেওয়ার কথা ঘোষণা করবেন মোদী। এছাড়া মুখ্যমন্ত্রী কন্যা সুমঙ্গল প্রকল্পে ১ লক্ষ মানুষ ২০ কোটি টাকা পাবেন।

এছাড়াও এদিন প্রধানমন্ত্রী সাপ্লিমেন্টারি নিউট্রিশন ম্যানুফ্যাকচারিং ইউনিটের শিলান্যাস করবেন। এরকম মোট ২০২ টি ইউনিট গঠন করা হবে। তাতে ১ কোটি টাকা খরচ হবে।

Omicron: মোরাদাবাদে ১৩০ জন বিদেশ ফেরত যাত্রী নিখোঁজ

Omicron

নিউজ ডেস্ক, মোরাদাবাদ: ভারতে কোভিডের ওমিক্রন (Omicron) ভ্যারিয়েন্টে আক্রান্তের সংখ্যা ক্রমেই বাড়ছে। মহারাষ্ট্রে মঙ্গলবার আরও ৮ জনের দেহে করোনার এই নয়া ভ্যারিয়েন্টের হদিশ মেলে। আক্রান্তদের মধ্যে ৭জনই মুম্বইয়ের। রাজ্যের স্বাস্থ্য দফতরের স্বাস্থ্য বুলেটিনে এ কথা জানানো হয়েছে। আর ১ জন ভাসাই বিহারের। রাজ্য সরকারের স্বাস্থ্য বুলেটিনে এ কথা জানানো হয়েছে।

গুজরাতের সুরাতেও দক্ষিণ আফ্রিকা থেকে আসা ১ জন ওমিক্রন পজিটিভ। সবমিলিয়ে দেশে আক্রান্তর সংখ্যা বেড়ে হয়েছে ৬১। এরই মাঝে উত্তরপ্রদেশের (Uttarpradesh) মোরাদাবাদ (Moradabad) থেকে নিখোঁজ বিদেশ ফেরত ১৩০ জন যাত্রী মোরাদাবাদ স্বাস্থ্য দফতর সূত্রে খবর, কয়েকদিন আগে ৫১৯ জন যাত্রী বিদেশ থেকে ফেরেন। তাঁদের মধ্যে ১৩০ জনের খোঁজ মিলছে না।

সম্প্রতি মোরাদাবাদ ফেরত জম্মুর এক বাসিন্দা করোনা আক্রান্ত হওয়ায় বিষয়টি নজরে আসে। ওমিক্রন আবহে এরপরই আতঙ্ক ছড়ায়। জম্মু প্রশাসনের তরফে বিষয়টি উত্তরপ্রদেশ সরকারকে জানানো হয়। বিদেশ ফেরত ওই ১৩০ জন উত্তরপ্রদেশ ছাড়াও অন্য রাজ্যেও গিয়েছেন বলে মোরাদাবাদ স্বাস্থ্য দফতরের দাবি। 

এদিকে ওমিক্রন আতঙ্কের মধ্যে আজ থেকেই মুম্বইয়ে সমস্ত সরকারি ও বেসরকারি স্কুল খুলছে। আন্যদিকে, বিশ্বে ক্রমবর্ধমান ওমিক্রন উদ্বেগের মধ্যেই আশার আলো দেখাল ফাইজার। এই ওষুধ প্রস্তুতকারী সংস্থার দাবি, করোনার বিপজ্জনক ভ্যারিয়েন্টের বিরুদ্ধে কার্যকরী ভূমিকা নিতে পারে তাদের তৈরি অ্যান্টি কোভিড পিল।

সম্প্রতি মোট ২২৫০ জন পূর্ণবয়স্কের উপর এই ওষুধটি গবেষণামূলক প্রয়োগ করে সদর্থক ফল মিলেছে বলে সংস্থা সূত্রে খবর। ফাইজারের দাবি, তাদের তৈরি ওষুধটি প্রয়োগ করে ৮৯% কোভিড রোগীকে হাসপাতালে ভর্তি ও মৃত্যুর হাত থেকে বাঁচানো গেছে। ওষুধ প্রস্তুতকারী সংস্থাটির দাবি, আলাদা আলাদা ল্যাবরেটরিতে চালানো গবেষণায় দেখা গেছে, ওমিক্রনকে আটকাতেও কার্যকর ভূমিকা নিয়েছে কোভিড বিরোধী এই ওষুধটি।

Kanpur: করোনাজনিত অবসাদে স্ত্রী ও দুই সন্তানকে খুন করলেন এক চিকিৎসক

Doctor kills wife and children in Kanpur

নিউজ ডেস্ক, লখনউ: উত্তরপ্রদেশের কানপুরের (kanpur) এক বেসরকারি মেডিকেল কলেজের ফরেনসিক বিভাগের প্রধান চিকিৎসক সুশীল কুমার (shusil kumar)। করোনা আক্রান্তদের (corona infected) মৃত্যু দেখতে দেখতে মানসিক অবসাদগ্রস্ত হয়ে পড়েছিলেন এই প্রবীণ চিকিৎসক। মানসিক অবসাদের (mental depression ) কারণে মানসিক ভারসাম্য হারিয়ে নিজের স্ত্রী ও দুই সন্তানকে খুন করলেন তিনি। চাঞ্চল্যকর এই ঘটনা প্রকাশ্যে আসতেই রাজ্যের মানুষ চমকে উঠেছেন।

জানা গিয়েছে, চিকিৎসক হিসেবে হাসপাতলে যুক্ত থাকার কারণে বিগত দেড় বছর ধরে একের পর এক করোনা আক্রান্ত রোগীর মৃত্যু সামনে থেকে দেখেছেন তিনি। করোনার প্রথম ও দ্বিতীয় ঢেউ কিভাবে মৃত্যু মিছিলের কারণ হয়ে উঠেছিল তা সরাসরি প্রত্যক্ষ করেছিলেন সুশীল কুমার। সম্প্রতি করোনার নতুন প্রজাতি ওমিক্রনের খবর ছড়িয়ে পড়তেই সুশীল তাঁর মানসিক ভারসাম্য হারিয়ে ফেলেন। ওমিক্রনের হাত থেকে নিজের পরিবারকে রক্ষা করতে ওই চিকিৎসক নিজের হাতেই স্ত্রী চন্দ্রপ্রভা (৪৮) ও ছেলে শিখর (১৯) ও মেয়ে খুশিকে (১৬) হত্যা করেন। পুলিশ চিকিৎসকের স্ত্রী ও সন্তানদের দেহের কাছ থেকে একটি নোট উদ্ধার করেছে।

ওই নোটে সুশীল কুমার লিখেছেন, ‘আমি আর লাশ গুনতে চাই না’। স্ত্রী এক ছেলে ও এক মেয়েকে নিয়ে সুশীল কুমারের সংসার। তিনি কানপুরের ইন্দিরা নগরের বাসিন্দা। শুক্রবার সন্ধ্যায় হঠাৎই ওই চিকিৎসকের ভাইয়ের মোবাইলে একটি মেসেজ আসে। সেখানে সুশীলকুমার লিখেছিলেন, মানসিক অবসাদের কারণে তিনি নিজের ছেলে, মেয়ে ও স্ত্রীকে খুন করেছেন। এই মেসেজ পাওয়ার সঙ্গে সঙ্গেই সুশীলের ভাই বিষয়টি পুলিশকে জানান পুলিশ ঘটনাস্থলে এসে ওই চিকিৎসকের বাড়ি থেকে তাঁর স্ত্রী ও দুই সন্তানের নিথর দেহ উদ্ধার করে। মৃতদেহের পাশেই পড়েছিল একটি ভারী হাতুড়ি ও সুশীল কুমার এর লেখা ওই চিঠি।

চিঠিতে সুশীলকুমার লিখেছেন, তিনি নিজে এক দুরারোগ্য অসুখে ভুগছেন। তিনি তাঁর পরিবারকে কোনও রকম সমস্যায় ফেলতে চান না। ইতিমধ্যেই করোনায় বহু মানুষের মৃত্যু হয়েছে। নতুন প্রজাতি ওমিক্রনের কারণে আরও বহু মানুষ মারা যাবে। তাই নতুন করে তিনি আর মৃত্যু দেখতে পারছেন না। একই সঙ্গে ওই চিকিৎসক লিখেছেন, একটি ভুলের কারণে তিনি একই জায়গায় আটকে আছেন। সেখান থেকে বের হওয়া তাঁর পক্ষে দুঃসাধ্য। স্ত্রী, এক ছেলে ও মেয়েকে খুন করার পর অবশ্য সুশীল কুমার নিখোঁজ হয়ে গিয়েছেন। এই মুহূর্তে তিনি কোথায় আছেন তা জানতে পুলিশ তল্লাশি করছে। তবে এখনও পর্যন্ত তাঁর হদিশ মেলেনি। প্রাথমিক তদন্তে পুলিশের অনুমান, ভারি হাতুড়ি দিয়ে স্ত্রীকে খুন করেছেন সুশীল কুমার। ছেলে ও মেয়েকে শ্বাসরোধ করে খুন করেছেন। সম্ভবত শুক্রবার সকালের দিকেই এই খুনগুলি করেছেন তিনি।

UP Road Cracked Open: উদ্বোধনে নারকেল না ভাঙতেই রাস্তা ফাটল

Bijnor BJP MLA

নিউজ ডেস্ক, লখনউ: আগামী বছরের শুরুতেই উত্তরপ্রদেশ বিধানসভা নির্বাচন (up election)। নির্বাচনের আগে রাজ্যে একের পর এক প্রকল্পের উদ্বোধন করে চলেছে বিজেপি সরকার (bjp goverment)। উত্তরপ্রদেশের বিজনৌরে একটি রাস্তা উদ্বোধন করতে গিয়ে চরম লজ্জাজনক পরিস্থিতির সামনে পড়লেন বিজেপি বিধায়ক ঐশ্বর্য মৌসম চৌধুরী (mousam choudhury)।

৭ কিলোমিটার দীর্ঘ একটি রাস্তা তৈরি হয়েছে। যে রাস্তা তৈরিতে খরচ হয়েছে ১ কোটি ১৬ লক্ষ টাকা। সেই রাস্তার উদ্বোধনে আমন্ত্রিত ছিলেন এলাকার বিজেপি বিধায়ক। বিধায়ক ঐশ্বর্য নারকেল (coconut) ফাটিয়ে রাস্তা উদ্বোধন করতে যান। কিন্তু সকলকে অবাক করে দিয়ে দেখা যায় নারকেল তো ফাটলই না, বরং ফেটে গেল রাস্তা। এই দৃশ্যের ভিডিও ইতিমধ্যেই সোশ্যাল মিডিয়ায় ভাইরাল হয়েছে। স্বাভাবিকভাবেই এই ভিডিও চরম বিপাকে ফেলেছে বিজেপিকে।

রাস্তা উদ্বোধনের সময় এলাকায় সংবাদমাধ্যমের বহু সাংবাদিক উপস্থিত ছিলেন। তাঁদের ক্যামেরাতেই এই ছবি ধরা পড়েছে। ভাইরাল হওয়া ভিডিওতে দেখা গিয়েছে, সদ্য তৈরি হওয়া রাস্তা এমনই অপলকা যে সেখানে আছাড় মেরে একটা নারকেল ফাটানো যায় না। বরং নারকেলের ঘায়ে রাস্তাই ফেটে যায়।

রাস্তার উদ্বোধনে নারকেল না ফেটে রাস্তায় চিড় ধরায় চরম বিপাকে এলাকার বিজেপি বিধায়ক। নেটিজেনরা প্রশ্ন তুলেছেন, কেমন রাস্তা তৈরি হয়েছে যাতে সামান্য একটা নারকেল ফাটাতে গিয়ে রাস্তায় চিড় ধরে। সংবাদমাধ্যমের সামনে লজ্জাজনক পরিস্থিতিতে পড়ে বিধায়ক সঙ্গে সঙ্গেই ওই রাস্তা তৈরি করার দায়িত্বে থাকা সরকারি আধিকারিক এবং ঠিকাদারদের ডেকে পাঠান। কেন রাস্তার এই অবস্থা হল তা জানতে তদন্তের নির্দেশ দিয়েছেন বিধায়ক।

বিধায়ক স্পষ্ট জানিয়েছেন, রাস্তা তৈরির সামগ্রিতে কোনও ভেজাল ছিল কিনা তা জানতে অবিলম্বে নমুনা পরীক্ষা করা হবে। দ্রুত সেই রিপোর্ট দেখতে চান তিনি। তবে রিপোর্টে যাই আসুক না কেন ইতিমধ্যেই রাস্তার এই দৃশ্য দেখে বিজেপি সরকারকে নিয়ে হাসাহাসি চলছে নেট দুনিয়ায়।

গণধর্ষণ মামলায় উত্তরপ্রদেশের প্রাক্তন মন্ত্রী ও তার দুই সঙ্গীকে আজীবন কারাদণ্ড

Former Uttar Pradesh minister Gayatri Prajapati

নিউজ ডেস্ক: শেষ পর্যন্ত গণধর্ষণের মামলায় দোষী সাব্যস্ত উত্তরপ্রদেশের প্রাক্তন মন্ত্রী গায়ত্রী প্রজাপতিকে (Gayatri Prajapati) আজীবন কারাদণ্ডের নির্দেশ দিল আদালত। সমাজবাদী পার্টির এই নেতাকে কারাদণ্ডের পাশাপাশি দুই লক্ষ টাকা জরিমানার নির্দেশ দিয়েছেন বিচারক। প্রজাপতির দুই সঙ্গীকেও আজীবন কারাদণ্ড দেওয়া হয়েছে ।

আর কয়েক মাস পরেই উত্তর প্রদেশ বিধানসভা নির্বাচন। সমাজবাদী পার্টির একজন ডাকাবুকো নেতা হিসাবেই পরিচিত ছিলেন গায়ত্রী। তাই আদালতের এই নির্দেশ সমাজবাদী পার্টির (sp) পক্ষে ধাক্কা বলেই মনে করছে রাজনৈতিক মহল।

উল্লেখ্য, ২০০৭ সালে অখিলেশ যাদব মন্ত্রিসভার প্রভাবশালী সদস্য গায়ত্রীর বিরুদ্ধে চিত্রকূটের এক মহিলা গণধর্ষণের (gang rape) অভিযোগ দায়ের করেছিলেন। নির্যাতিতা মহিলা অভিযোগে বলেছিলেন, গায়ত্রী দুই সঙ্গীকে নিয়ে তাঁর মেয়েকে ধর্ষণ করেছেন। যদিও সে সময় গায়ত্রী এবং সমাজবাদী পার্টি এটাকে রাজনৈতিক উদ্দেশ্যপ্রণোদিত প্রচার বলে মন্তব্য করেছিল। দীর্ঘ টালবাহানার পর সুপ্রিম কোর্টের নির্দেশে শেষ পর্যন্ত গায়ত্রীকে গ্রেফতার করেছিল পুলিশ। উল্লেখ্য, এই মামলায় বুধবার গায়ত্রী ও তার দুই সঙ্গীকে দোষী সাব্যস্ত করেছিলেন বিচারক। শুক্রবার তাদের সাজা শোনানো হল

অন্যদিকে গোরক্ষপুরের হোটেলে পুলিশি অভিযানের সময় মৃত্যু হয়েছিল মণীশ গুপ্তা (manish gupta) নামে এক ব্যবসায়ীর। মণীশকে পিটিয়ে খুন করেছে পুলিশ, এমনই অভিযোগ করেছিল তাঁর পরিবার। ওই ঘটনায় ৬ পুলিশকর্মীকে সাসপেন্ড করেছিল যোগী আদিত্যনাথ (yogi adityanath) সরকার। কিন্তু ছয় পুলিশকে সাসপেন্ড করেও রেহাই পেল না যোগী সরকার।

এদিন মণীশ গুপ্ত খুনের মামলার তদন্তভার রাজ্য পুলিশের কাছ থেকে সিবিআইয়ের (cbi) কাছে হস্তান্তর করার নির্দেশ দিল সুপ্রিম কোর্ট। রাজনৈতিক মহল মনে করছে, উত্তরপ্রদেশ বিধানসভা নির্বাচনের আগে সুপ্রিম কোর্টের নির্দেশ যোগী সরকারকে বিপাকে ফেলবে। কারণ বিরোধীরা অভিযোগ করেছিল, মণীশ গুপ্তা হত্যা মামলায় অভিযুক্ত পুলিশ কর্মীদের আড়াল করছে যোগী সরকার।

Lakhimpur: অমিত শাহ ঘনিষ্ঠ মন্ত্রী-পুত্রের পিস্তল থেকে চলেছিল ‘গুলি’

video proved that the farmers were crushed to death by the wheel of the car

News Desk: উত্তর প্রদেশের লখিমপুর খেরিতে কৃষকদের গাড়ি চাপা দিয়ে মেরে ফেলার মামলায় বারবার অভিযোগ উঠেছে ওই দিন গুলিও চলানো হয়েছিল। ঘটনার তদন্তে উঠে আসছে একের পর এক চাঞ্চল্যকর তথ্য।

ফরেনসিক রিপোর্টে জানানো হয়েছে, ৩ অক্টোবর ঘটনার দিন কেন্দ্রীয় মন্ত্রী তথা বিজেপি নেতা অজয় মিশ্রর (ajay mishra) ছেলে আশিস মিশ্রর (ashis mishra) পিস্তল থেকেই গুলি চালানো হয়েছিল।

লখিমপুরের (lakhimpur) ঘটনার প্রত্যক্ষদর্শীরা দাবি করেছিলেন, কেন্দ্রের কৃষি আইনের প্রতিবাদে বিক্ষোভ চলাকালীন চার কৃষককে পিষে দেওয়ার পর বেশ কয়েকটি গুলির শব্দ শোনা গিয়েছিল। কোথা থেকে ওই গুলি চালানো হয়েছিল তা জানতে উত্তরপ্রদেশ পুলিশকে তদন্তের নির্দেশ দিয়েছিল আদালত।

তদন্তে জানা গিয়েছে, মন্ত্রীর ছেলে আশিস মিশ্র ও তার বন্ধুরা যে গাড়িতে ছিলেন সেই গাড়ির ভিতর থেকেই গুলি চালানো হয়েছিল। ফরেনসিক রিপোর্টের ভিত্তিতেই এই দাবি করেছে পুলিশ।

ঘটনার মূল অভিযুক্ত মন্ত্রীর ছেলের বিরুদ্ধে থানায় অভিযোগ দায়ের করেছিলেন জগজিৎ সিং (jagjit singh) নামে এক কৃষক। ওই কৃষক তাঁর অভিযোগে বলেন, ঘটনার সময়ে ওই এসইউভিতে ছিলেন আশিস। আশিসের গাড়ি কৃষকদের মধ্যে ঢুকে পড়ে ৪ জনকে পিষে দিয়ে চলে যায়। গাড়ির ধাক্কায় ছিটকে পড়ে অনেকেই গুরুতর জখম হন। এরপরই বেশ কয়েক রাউন্ড গুলির শব্দ শোনা যায়। গাড়ির ভেতর থেকে আশিস গুলি চালিয়েছিল। ঘটনার তদন্ত শুরু করে লখিমপুর থেকে ০.৩১৫ বোর বুলেট কুড়িয়ে পায় পুলিশ।

উল্লেখ্য, লখিমপুর খেলার ওই ঘটনায় এখনও পর্যন্ত কেন্দ্রীয় মন্ত্রী অজয়ের ছেলে আশিস-সহ আরও ১০ জনকে গ্রেফতার করা হয়েছে। ওই ঘটনায় স্বতপ্রণোদিত হয়ে একটি মামলা করেছে সুপ্রিম কোর্ট।

সোমবার ওই মামলার শুনানিতে উত্তরপ্রদেশে পুলিশের ভূমিকা নিয়ে তীব্র ক্ষোভ প্রকাশ করে দেশের প্রধান বিচারপতির নেতৃত্বাধীন তিন সদস্যের বেঞ্চ। শীর্ষ আদালতের বেঞ্চ স্পষ্ট জানায়, লখিমপুর তদন্তের গতি অত্যন্ত ধীরগতিতে চলছে। এভাবে তদন্তের কাজ চললে কবে এই মামলা শেষ হবে!

একই সঙ্গে বেঞ্চ যোগী আদিত্যনাথ (yogi adityanath) সরকারকে লখিমপুরের হিংসার ঘটনার পূর্ণাঙ্গ তদন্ত রিপোর্ট পেশ করার নির্দেশ দিয়েছে। আগামী শুক্রবার সুপ্রিম কোর্টে (supreme court)এই মামলার পরবর্তী শুনানি

UP: বারাণসী, হরিদ্বার সহ ৪৬ স্টেশনে লস্কর জঙ্গি নাশকতার হুমকি

commando in Urrar pradesh railway station

News Desk: প্রধানমন্ত্রী মোদীর সংসদীয় আসনের অন্তর্গত বারাণসী সহ উত্তর প্রদেশের ৪৬টি স্টেশনে নাশকতার হুমকি দিল জঙ্গি সংগঠন লস্কর ই তৈবা। হুমকির পরেই পুরো রাজ্য জুড়ে জারি হয়েছে সতর্কতা।

যে সব স্টেশন জঙ্গিদের লক্ষ্যবস্তু বলে চিহ্নিত সেখানে চলছে বিশেষ সতর্কতা। দীপাবলি উৎসবের আগেই লস্কর জঙ্গিদের হুঁশিয়ারিতে চিন্তিত উত্তর প্রদেশ সরকার ও রেল মন্ত্রক।

জানা গিয়েছে, লস্কর জঙ্গিদের নিশানায় আছে রাজধানী লখনউ, বারাণসী, কানপুর, প্রয়াগরাজ (এলাহাবাদ), কানপুর, হরিদ্বার, মুরাদাবাদ, অযোধ্যা সহ উত্তর প্রদেশের ৪৬টি স্টেশন বা জংশন।

সতর্কতা হিসেবে জিআরপি, আরপিএফকে বিশেষ নজরদারি চালানোর নির্দেশ দিয়েছে রেল মন্ত্রক। সেই মতো বিভিন্ন স্টেশনে চলছে তল্লাশি ও নজরদারি।

গোয়েন্দা বিভাগের জারি করা সতর্কতা মেনে সিসিটিভি নজরদারিতে বিশেষ জোর দেওয়া হচ্ছে। এছাড়াও কমান্ডো বাহিনী প্রস্তুত। যে কোনওরকম হামলা পরিস্থিতি রুখতে জঙ্গি দমন বিভাগ (এটিএস) তৈরি। উত্তর প্রদেশ রাজ্য পুলিশকে বিশেষ নজরদারি চালানোর নির্দেশ দেওয়া হয়েছে।

উত্তর প্রদেশে জঙ্গি হামলা হতে পারে এমন সতর্কতা আগেই দিয়েছে গোয়েন্দা বিভাগ। উৎসবের ভিড় বা বড় জমায়েতে থাকছে কড়া নজর।

রামরাজ্য: ডিগ্রি জালিয়াতির ঘটনায় জড়াল দুই উপাচার্যের নাম, তীব্র চাঞ্চল্য রাজ্যজুড়ে

Prof Rajneesh Kumar Shukla and Prof Gangadhar Panda

News Desk, New Delhi: যোগী আদিত্যনাথ সরকারের আমলে বেশ কয়েক হাজার প্রার্থী প্রাথমিক স্কুলে এবং অন্যান্য সরকারি অফিসে চাকরি পেয়েছেন। অভিযোগ ওঠে, ওই সমস্ত চাকরিপ্রার্থীদের অনেকেরই ডিগ্রি ছিল জাল। বিষয়টি নিয়ে রাজ্য রাজনীতিতে বিতর্ক তৈরি হয়।

বিতর্কের অবসান ঘটাতে বিষয়টি নিয়ে তদন্তের জন্য তৈরি হয়েছিল স্পেশাল ইনভেস্টিগেশন টিম বা সিট। প্রাথমিক তদন্তের পর সিট স্পষ্ট জানিয়েছে, জালিয়াতির ঘটনায় রাজ্যের দুই উপাচার্য জড়িত রয়েছেন। ওই দুই উপাচার্য ছাড়াও ডিগ্রী কেলেঙ্কারির ঘটনায় আরও ১৯ জন জড়িত আছেন বলে জানিয়েছে সিট।

যে দুই উপাচার্যের নাম সিটের তদন্তে উঠে এসেছে তাঁরা হলেন নরেন্দ্র মোদি বা কেন্দ্রীয় সরকার পরিচালিত মহাত্মা গান্ধী রাষ্ট্রীয় বিশ্ববিদ্যালয়ের উপাচার্য রজনীশ কুমার শুক্লা এবং কলহন বিশ্ববিদ্যালয়ের উপাচার্য গঙ্গাধর পাণ্ডা। যোগী সরকার ক্ষমতায় আসার পর ২০১৯ সালের এপ্রিল মাসে অধ্যাপক শুক্লাকে উপাচার্য পদে নিয়োগ করা হয়। অধ্যাপক পাণ্ডাকে নিয়োগ করা হয়েছে ২০২০ সালের মে মাসে। উত্তর প্রদেশের বিভিন্ন মহল থেকে অভিযোগ ওঠে, সম্প্রতি যে সমস্ত চাকরিপ্রার্থী চাকরি পেয়েছেন তাদের অনেকেরই ডিগ্রি জাল। শিক্ষাগত যোগ্যতার ভুয়ো শংসাপত্র দেখিয়ে চাকরি হাসিল করেছে তারা।

ওই অভিযোগের তদন্ত শুরু করে সিট। তদন্ত রিপোর্টে সিট স্পষ্ট জানিয়েছে, উপাচার্য রজনীশ শুক্লা এবং উপাচার্য গঙ্গারাম পান্ডা তাঁদের দায়িত্ব ঠিকভাবে পালন করেননি। চাকরির পরীক্ষা নিয়েও বড়মাপের দুর্নীতি হয়েছে।

বিধানসভা নির্বাচনের আগে ডিগ্রি কেলেঙ্কারি সামনে আসায় বেকায়দায় পড়েছে যোগী সরকার। ঘটনার জেরে স্বরাষ্ট্রমন্ত্রক সংশ্লিষ্ট দুই বিশ্ববিদ্যালয়কে চিঠি দিয়ে জানিয়েছে, সিটের তদন্তে অভিযুক্ত হিসেবে যাদের নাম উঠে এসেছে তাদের বিরুদ্ধে ব্যবস্থা নিতে হবে। রাজ্য স্বরাষ্ট্র মন্ত্রকের ওই নির্দেশের পরই অভিযুক্ত দুই উপাচার্যকে নোটিস দেওয়া হয়েছে। উপাচার্য শুক্লা অবশ্য সিটের ওই অভিযোগকে চ্যালেঞ্জ জানিয়েছেন।

অন্যদিকে রাজ্যের বিরোধী দলগুলি সরকারের বিরুদ্ধে এই নিয়োগ কেলেঙ্কারি নিয়ে সরব হয়েছে। বিরোধীদের অভিযোগ, বেছে বেছে বিজেপি কর্মী ও সমর্থকদের চাকরি পাইয়ে দিতেই জালিয়াতি করা হয়েছে। তাই এই ঘটনার উপযুক্ত তদন্ত হোক। তবে যোগী সরকারের তদন্তের উপর বিরোধীদের কোনও ভরসা নেই। সে কারণে তারা এই নিয়োগ কেলেঙ্কারির বিচার বিভাগীয় তদন্তের দাবি জানিয়েছেন। বিরোধীদের দাবি যারা এধরনের কেলেঙ্কারির সঙ্গে জড়িত তাদের খুঁজে বের করে উপযুক্ত শাস্তি দিতে হবে।

জানা গিয়েছে, উত্তরপ্রদেশ সরকার পরিচালিত বারাণসীর সম্পূর্ণানন্দ সংস্কৃত বিশ্ববিদ্যালয় এই ডিগ্রি কেলেঙ্কারির মূল কেন্দ্র। ডিগ্রী কেলেঙ্কারির তদন্ত শেষ করার পর ইতিমধ্যেই সিট ৯৯ পাতার একটি রিপোর্ট জমা দিয়েছে। ওই রিপোর্টে বলা হয়েছে, সম্পূর্ণানন্দ সংস্কৃত কলেজের দায়িত্বপ্রাপ্তরা নিজেদের কর্তব্য একাধিক গাফিলতি করেছেন।

স্কুলে দুষ্টুমি করায় দ্বিতীয় শ্রেণির ছাত্রকে তালিবানি শাস্তি দিলেন প্রধান শিক্ষক

mirzapur headmaster punished the second grade student

News Desk, New Delhi: দ্বিতীয় শ্রেণীর ছাত্র সোনু যাদব। বয়স মাত্র বছর ছয়। স্কুলে এসে বদমায়েশি করছিল সে। যে কারণে সবক শেখাতে দ্বিতীয় শ্রেণীর ওই ছাত্রকে তালিবানি কায়দায় দোতলার বারান্দা থেকে ঝুলিয়ে রেখে শাস্তি দিলেন স্কুলের প্রধান শিক্ষক মনোজ বিশ্বকর্মা।

ইতিমধ্যেই শাস্তি দেওয়ার ওই দৃশ্য সোশ্যাল মিডিয়ায় ভাইরাল হয়েছে। ইতিমধ্যেই নেটিজেনরা প্রধান শিক্ষকের এই আচরণের তীব্র সমালোচনা করেছেন। চাঞ্চল্যকর এই ঘটনাটি ঘটেছে যোগী আদিত্যনাথের উত্তরপ্রদেশের মির্জাপুর জেলায়।

জানা গিয়েছে মির্জাপুরের অহরাউড়া এলাকার সদ্ভাবনা শিক্ষণ সংস্থান জুনিয়র হাই স্কুলের ছাত্র সোনু। বেসরকারি এই স্কুলে প্রতিদিনের মতো বৃহস্পতিবারও করোনা বিধি মেনে চলছিল ক্লাস। টিফিনের সময় সোনু তার সহপাঠীদের সঙ্গে দুষ্টমি করতে থাকে। প্রধান শিক্ষক নিষেধ করলেও সে কোনও কথা শোনেনি। প্রধান শিক্ষক সোনুকে কয়েকবার দুষ্টমি বন্ধ করতে বলেন। কিন্তু অতটুকু বাচ্চা প্রধান শিক্ষকের সেই কথায় খুব একটা পাত্তা দেয়নি।

mirzapur headmaster punished the second grade student

এরপরই ওই দুধের শিশুকে সবক শেখাতে প্রধান শিক্ষক মনোজ সোনুর এক পা ধরে তাকে হিড়হিড় করে ঘর থেকে বারান্দায় টেনে আনেন। এরপর দোতালার বারান্দা থেকে সোনুকে এক পা ধরে নিচে ঝুলিয়ে রাখেন তিনি। প্রধান শিক্ষকের এই তালিবানি কায়দায় শাস্তি দেওয়া দেখতে বহু লোক জড়ো হয়ে যায়। ছাত্ররাও সে সময় ছুটে আসেন বারান্দায়। এ ঘটনায় অনেকেই আতঙ্কিত হয়ে পড়েন।

প্রধান শিক্ষকের হাতে ঝুলন্ত অবস্থায় তীব্র চিৎকার করতে থাকে সোনু। প্রধান শিক্ষককে বারবার বলতে থাকে সে আর কখনও বদমায়েশি করবে না। কিন্তু তাতে কর্ণপাত করেননি প্রধান শিক্ষক। ওই শিক্ষক সোনুকে বেশ কিছুক্ষণ দোতলা থেকে ঝুলিয়ে রাখেন। পথচলতি অনেকেই ঘটনাটি মোবাইলে রেকর্ড করেন। পরবর্তীকালে সেই ভিডিয়ো সোশ্যাল মিডিয়ায় ছড়িয়ে পড়ে।

নেটিজেন থেকে শুরু করে সাধারণ মানুষ সকলেই প্রধান শিক্ষকের উপযুক্ত শাস্তির দাবি জানান। ঘটনার জেরে নড়েচড়ে বসে মির্জাপুর জেলা প্রশাসন। ইতিমধ্যেই জেলাশাসক প্রবীণ কুমার লক্সর এই ঘটনায় তদন্তের নির্দেশ দিয়েছেন। জেলাশাসকের নির্দেশে অভিযুক্ত প্রধান শিক্ষকের বিরুদ্ধে পুলিশের কাছে অভিযোগ দায়ের করা হয়েছে। ঘটনার ২৪ ঘণ্টা পরেও প্রবল আতঙ্কে ভুগছে সোনু। সোনুর মা-বাবা ও স্কুলের অন্যান্য অভিভাবকরাও অভিযুক্ত প্রধান শিক্ষকের উপযুক্ত শাস্তির দাবি জানিয়েছেন।

UP: বিজেপিকে একটা ভোটও নয়, আবেদন কৃষক নেতা টিকায়েতের, বারানসী যাচ্ছেন মমতা

mamata-tikayat

News Desk: আর কয়েক মাসের মধ্যেই উত্তর প্রদেশ বিধানসভা নির্বাচন। এই নির্বাচনের আগে প্রবল চাপে রয়েছে রাজ্যের শাসক দল বিজেপি। এবার বিজেপির উৎকণ্ঠা আরও বাড়িয়ে কৃষক নেতা রাকেশ টিকায়েত আবেদন করলেন বিজেপিকে কেউ যেন একটি ভোটও না দেন।

সোমবার রাকেশ পুলিশি হেফাজতে মৃত অরুণ বাল্মীকির পরিবারের সঙ্গে দেখা করতে গিয়েছিলেন। সেখানে তিনি বিজেপিকে ভোট না দেওয়ার আবেদন জানান। সংযুক্ত কিষান মোর্চা ছাড়াও গো বলয়ের বৃহত্তম রাজ্যে এবার বিজেপির টক্কর নিতে পারে তৃণমূল কংগ্রেস। সোমবারই ললিতপতি ও রাজেশপতি ত্রিপাঠী কংগ্রেস ছেড়ে তৃণমূলে যোগ দিয়েছেন। এই দুই ভাই প্রয়াত কংগ্রেস নেতা ও রাজ্যের প্রাক্তন মুখ্যমন্ত্রী কমলাপতি ত্রিপাঠীর নাতি। এই দুইজন সোমবার শিলিগুড়িতে তৃণমূল নেত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায় ও অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়ের উপস্থিতিতে তৃণমূল কংগ্রেসে যোগ দেন।

মমতা বন্দ্যোপাধ্যায় এদিন জানিয়েছেন, ছট পুজোর পরেই তিনি সময় পেলে বারাণসীতে যাবেন। এদিনের সভায় অভিষেক বলেন, আগামী দিনে মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের নেতৃত্বে তৃণমূল কংগ্রেস বিজেপিকে দিল্লির ক্ষমতা থেকে সরাবে। মানুষ এখন বুঝে গিয়েছে, একমাত্র মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের নেতৃত্বেই গোটা দেশ নিরাপদ ও সুরক্ষিত থাকবে। তাই ২০২৪ লোকসভা নির্বাচনে তৃণমূল কংগ্রেসই বিজেপিকে সরিয়ে কেন্দ্রে ক্ষমতা দখল করবে। রাজনৈতিক মহল মনে করছে, বারানসী হল প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদির নির্বাচনী কেন্দ্র। মমতা মোদির ঘর থেকেই লড়াইটা শুরু করতে চান। সে কারণেই তিনি বারানসী থেকে উত্তরপ্রদেশ সফর শুরু করতে চাইছেন।

এদিকে অরুণের পরিবারের সঙ্গে দেখা করে বেরিয়ে এসে কৃষক নেতা টিকায়েত বলেন, মৃত অরুণের পরিবারকে ৪০ লক্ষ টাকা ক্ষতিপূরণ এবং একজনকে সরকারি চাকরি দিতে হবে। উত্তরপ্রদেশ সরকার ক্ষতিপূরণ দেওয়ার ক্ষেত্রেও বৈষম্য করছে। কানপুর ও লখিমপুরে মৃতদের পরিবারকে ৪০ লক্ষ টাকা ক্ষতিপূরণ দেওয়া হচ্ছে। কিন্তু আগ্রহ মৃতের পরিবারকে দেওয়া হচ্ছে মাত্র ১০ লক্ষ টাকা। টিকায়েত এদিন আগ্রায় বলেন, আসন্ন বিধানসভা নির্বাচনে সংযুক্ত মোর্চা বিজেপির বিরোধিতা করবে।

তাই সাধারণ মানুষের কাছে আমার আবেদন বিধানসভা ভোটে তাঁরা যেন বিজেপিকে ভোট না দেন। তবে বিজেপিকে ভোট না দেওয়ার আর্জি জানালেও অন্য রাজনৈতিক দলগুলির পক্ষেও কোনও ইতিবাচক বার্তা দেননি এই প্রবীণ নেতা। তিনি বলেছেন, বিধানসভা নির্বাচনে কিষান মোর্চা কোনও দলকেই সমর্থন করবে না। কৃষকদের একটাই দাবি, সেটা হল মোদি সরকারের তৈরি তিন কৃষি আইন বাতিল করতে হবে। ওই আইন বাতিল না হওয়া পর্যন্ত কৃষকরা আন্দোলনের পথ থেকে সরে আসবে না।

UP: বিজেপির উদ্বেগ বাড়িয়ে জোট বাঁধছে অখিলেশ-সুহেলদেব

Samajwadi Party, Suheldev Bharatiya Samaj Party all set to seal poll alliance

নিউজ ডেস্ক: আর কয়েক মাস পরেই উত্তর প্রদেশ বিধানসভা নির্বাচন। নির্বাচনের আগে গো-বলয়ের বৃহত্তম এই রাজ্যে যথেষ্টই চাপে রয়েছে ক্ষমতাসীন বিজেপি। রাজ্যে একের পর এক নারী নিগ্রহ, ধর্ষণের ঘটনা ছাড়াও সম্প্রতি কেন্দ্রীয় মন্ত্রী তথা বিজেপি নেতা অজয় মিশ্রর ছেলে আশিস মিশ্র গাড়িচাপা দিয়ে ৪ কৃষককে খুনের ঘটনায় জড়িয়েছেন।

গাড়িচাপা দিয়ে কৃষক হত্যার এই ঘটনায় বিজেপি ঘরে-বাইরে প্রবল চাপে পড়েছে। এরই মধ্যে ভোটের ঠিক আগে বিজেপির সঙ্গে জোট ছিন্ন করে সমাজবাদী পার্টির সঙ্গে জোট গড়ার কথা ঘোষণা করল ওমপ্রকাশ রাজভরের সুহেলদেব ভারতীয় সমাজ পার্টি।

উত্তরপ্রদেশে ভোটে আজও জাতপাতের অঙ্ক এক বড় বিষয়। নির্বাচনের আগে সুহেলদেব ভারতীয় সমাজ পার্টি সপার সঙ্গে যোগ দেওয়ায় রাজ্যের রাজনৈতিক সমীকরণ বদলে যেতে পারে বলে রাজনৈতিক মহলের ধারণা। এই দলটির মূলভিত্তি মূলত রাজভর সম্প্রদায়ের মধ্যে। রাজভরদের উপর বিশেষ প্রভাব রয়েছে এই দলের প্রধান ওমপ্রকাশ রাজ ভরের। রাজ্যের ১২ টি জেলায় রাজভরদের বেশ প্রভাব রয়েছে। ২০১৭ সালের বিধানসভা নির্বাচনে রাজভরদের সমর্থন পাওয়াতেই বিজেপি চমকপ্রদ ফল করেছিল।

কিন্তু এবার পরিস্থিতি একেবারেই পাল্টে গিয়েছে। রাজভর সম্প্রদায়ের ভোটকে নিজেদের কব্জায় আনতে বেশ কিছুদিন ধরেই সচেষ্ট হয়েছিলেন প্রাক্তন মুখ্যমন্ত্রী অখিলেশ যাদব। কিছুদিন আগে তিনি ওমপ্রকাশের সঙ্গে গোপন বৈঠক করেন। শেষ পর্যন্ত ওমপ্রকাশের দল সমাজবাদী পার্টির সঙ্গে জোট গড়ে বিধানসভা নির্বাচনে লড়ার সিদ্ধান্ত নিল।

অখিলেশ এবং ওমপ্রকাশ এক যৌথ বিবৃতিতে বলেছেন, আসন্ন বিধানসভা নির্বাচনে উত্তরপ্রদেশকে বিজেপি মুক্ত করতে সমাজবাদী পার্টি এবং সুহেলদেব ভারতীয় সমাজ পার্টি এক জোট হয়ে লড়াই করবে। তবে কোন শর্তে ওমপ্রকাশপর দলের সঙ্গে সমাজবাদী পার্টি জোট করল তা এখনো জানা যায়নি।

উল্লেখ্য, সমাজবাদী পার্টি আগেই জানিয়েছিল এবার তারা কংগ্রেস বা বিএসপির মত কোনও বড় দলের সঙ্গে জোট করবে না। বরং রাজ্যের ছোট ছোট কিন্তু আঞ্চলিক ক্ষেত্রে প্রভাবশালী দলের সঙ্গেই তারা জোট করবে। নির্বাচনের আগে নিষাদ পার্টিও যাতে সমাজবাদী পার্টির সঙ্গে যোগ দেয় সে ব্যাপারে অখিলেশ আলোচনা চালাচ্ছেন। তবে এ বিষয়ে এখনও কোনও চূড়ান্ত সিদ্ধান্ত নেইনি এই দল। উত্তরপ্রদেশে ছোট ছোট আঞ্চলিক দলগুলির কিন্তু বড় ধরনের প্রভাব ফেলে। তাই সমাজবাদী পার্টি যদি এভাবে ছোট ছোট দলগুলির সঙ্গে জোট করতে পারে তবে বিজেপি যথেষ্ট উদ্বেগে পড়বে বলে মনে করছে রাজনৈতিক মহল।

 

Priyanka Gandhi: মমতার পথে কংগ্রেসের ‘বড় দাবি’ সরকার গড়লেই ছাত্রীদের স্কুটি-স্মার্টফোন

Priyanka Gandhi

নিউজ ডেস্ক: উত্তর প্রদেশে কংগ্রেস ‘মৃত’। তেমন কিছু নেই আর অবশিষ্ট। অন্তত গত লোকসভা ও বিধানসভা নির্বাচন নিরিখে এমনই মত বিশেষজ্ঞদের। কিন্তু প্রিয়াঙ্কা গান্ধীকে(Priyanka Gandhi) নির্বাচনে নামিয়ে চমক দিতে শুরু করেছে কংগ্রেস।

রাজ্যে কংগ্রেস সরকার গড়লে ছাত্রীদের জন্য ঢালাও স্কুটি ও স্মার্টফোন দেওয়ার ঘোষণা করলেন কংগ্রেস নেত্রী প্রিয়াঙ্কা গান্ধী। রাজ্যে ৪০ শতাংশ প্রার্থী মহিলা হবেন এই ঘোষণার পরেই কিশোরী ও যুবতীদের জন্য বড়সড় দাবি করেছেন প্রিয়াঙ্কা।

প্রিয়াঙ্কা গান্ধী টুইটে লিখেছেন, কয়েকজন পড়ুয়ার সঙ্গে কথা বলেছি। তারা জানায় পড়ার জন্য স্মার্টফোন দরকারি। আমি খুশি যে ঘোষণা সমিতির সহমতিতে ইউপি কংগ্রেস সিদ্ধান্ত নিয়েছে এই রাজ্যে সরকার গড়লে ছাত্রীদের জন্য স্কুটি ও স্মার্টফোন দেওয়া হবে।

উত্তর প্রদেশে কংগ্রেসের এই নির্বাচনী প্রতিশ্রুতির সঙ্গে পশ্চিমবঙ্গের তৃ়ণমূল কংগ্রেস নেত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ে একের পর এক ঘোষণার মিল পাওয়া যাচ্ছে। তিনিও বিধানসভা ভোটের আগেই ঘোষণা করেছিলেন,রাজ্যের পড়ুয়াদের জন্য ট্যাব দেওয়া হবে। ট্যাব কেনার জন্য দ্বাদশ শ্রেণির ছাত্রছাত্রীদের অ্যাকাউন্টে টাকা ঢুকতে শুরু করেছে। তবে অনেক্ষেত্রে এসেছে অভিযোগ।

পশ্চিমবঙ্গে বিজেপির সরকার গড়া রুখে দিয়েছে তৃণমূল কংগ্রেস। এর পর থেকেই দেশে বিজেপি বিরোধী নেত্রী হিসেবে মমতা কে টি়এমসি তুলে ধরতে মরিয়া। যদিও নির্বাচন বিশ্লেষণ বলছে, কেরলে সিপিআইএমের মুখ্যমন্ত্রী বিজয়ন তাঁর রাজ্যে বিজেপিকে শূন্য করেছেন।

উত্তর প্রদেশ বিজেপির সর্বপেক্ষা শক্তিশালী ঘাঁটি। এই রাজ্যে তাদের সরকারকে ফেলতে ফের বিরোধীদের জোট হবে নাকি কংগ্রেস একলা চলবে সেটি আলোচিত। তবে প্রিয়াঙ্কা গান্ধী প্রচারে ঝড় তুলতে শুরু করেছেন।

lakhimpur Kheri: নিহত কৃষকদের শ্রদ্ধা জানাতে পরপর মিছিল, জমায়েতে কড়া নজর যোগীর

Lakhimpur violence

নিউজ ডেস্ক: লখিমপুর খেরিতে কৃষকদের গাড়ি চাপা দিয়ে ‘মেরে ফেলার’ ঘটনায় উত্তর প্রদেশের রাজনীতি প্রবল তপ্ত। মঙ্গলবার সংযুক্ত কৃষক মোর্চার আহ্বানে ‘শহিদ কিষাণ দিবস’ পালিত হবে। কৃষক মৃত্যুর কেন্দ্র লখিমপুর খেলার তিকোনিয়া গ্রামে কৃষক সংগঠনগুলি জমায়েত করছে।

জমায়েত উপলক্ষে লখিমপুর খেরির দিকে পরপর কৃষক মিছিল ঘিরে পরিস্থিতি রীতিমতো উত্তপ্ত। উত্তর প্রদেশের বিভিন্ন জেলা থেকে আসছে মিছিল। এছাড়াও পাঞ্জাব, হরিয়ানা থেকেও কৃষকদের মিছিল আসতে শুরু করেছে।

Lakhimpur violence

সংযুক্ত কিষাণ মোর্চা জানিয়েছে, মঙ্গলবার লক্ষাধিক কৃষক জমায়েত হবে।গনসমাবেশ থেকে কৃষকদের গাড়ি চাপা দিয়ে মেরে ফেলায় ধৃত আশিস মিশ্রর জেলের সাজা ও তার পিতা কেন্দ্রীয় মন্ত্রী অজয় মিশ্রকে বরখাস্ত করার দাবি তোলা হবে।

স্বরাষ্ট্র মন্ত্রকের রাষ্ট্রমন্ত্রী অজয় মিশ্রকে পদ থেকে সরানোর দাবি জানান সারা ভারত কৃষকসভার সাধারন সম্পাদক হান্নান মোল্লা। পশ্চিমবঙ্গের প্রাক্তন সিপিআইএম সাংসদের দাবির পরেই উত্তর প্রদেশের বিজেপি সরকারের বিরুদ্ধে কৃষক সংগঠনগুলি একযোগে আক্রমণ শুরু করেছে।

গত ৩ অক্টোবর মোদী সরকারের আনা নতুন কৃষি আইনের প্রতিবাদে লখিমপুর খেরিতে কৃষক সমাবেশ ছিল। অভিযোগ, সেই সমাবেশ থেকে কৃষকরা যখন ফিরছিলেন তখন তাদের উপর গাড়ি চালিয়ে দেওয়ার নির্দেশ দেন কেন্দ্রীয় মন্ত্রীর পুত্র আশিস। এই ঘটনায় মোট মৃত ৯ জন। এদের মধ্যে চার জন কৃষক।

Lakhimpur Kheri: কৃষকদের গাড়ি চাপা দিয়ে ‘খুন’ অভিযোগে গ্রেফতার কেন্দ্রীয় মন্ত্রী-পুত্র

ashis mishra-Lakhimpur Kheri

নিউজ ডেস্ক: কৃষকদের গাড়ি চাপা দিয়ে মেরে ফেলার অভিযোগে টানা ১২ ঘন্টার জেরা শেষে প্রত্যাশিতভাবেই গ্রেফতার কেন্দ্রীয় মন্ত্রীর পুত্র আশিস মিশ্র। ফলে আরও অস্বস্তিতে উত্তর প্রদেশ সরকার। রবিবার রাতেই আশিসকে পুলিশি ঘেরাটোপে রাখা হয়।

লখিমপুর খেরিতে (Lakhimpur kheri) কৃষক খুন মামলায় স্বরাষ্ট্র মন্ত্রকের রাষ্ট্রমন্ত্রী অজয় মিশ্রর পুত্র আশিস মূল অভিযুক্ত। গত ৩ অক্টোবর তার গাড়ি কৃষক জমায়েতের উপর প্রবল গতিতে ঢুকে পড়ে। অভিযোগ, কৃষকদের ইচ্ছাকৃত পিষে মারে আশিস ও তার সাগরেদরা। লখিমপুর খেরিতে এই রক্তাক্ত ঘটনার পর থেকেই অভিযুক্ত আশিস পলাতক ছিল।

Lakhimpur Kheri

আশিসকে গ্রেফতার করা হয়নি কেন? সুপ্রিম কোর্টের এই প্রশ্নে নাজেহাল হয় উত্তর প্রদেশের বিজেপি সরকার। পরে সুপ্রিম কোর্টের নির্দেশে আশিসকে ডেকে পাঠায় ক্রাইম ব্রাঞ্চ। শুক্রবার হাজিরা এড়িয়ে শনিবার আসে আশিস। জেরা চলে দিনভর।

লখিমপুর খেরি পুলিশ লাইনে জেরা শেষে ডিআইজি উপেন্দ্র আগরওয়াল জানান, অভিযুক্ত আশিসের বয়ানে বিস্তর অসঙ্গতি আছে। সে সব প্রশ্নের জবাব দিতে পারেনি। তাকে গ্রেফতার করা হলো।

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আশিস মিশ্রর পিতা নিজের প্রভাব খাটিয়ে পুত্রকে বাঁচাতে চাইছেন, এমন অভিযোগ করেছে কৃষক সংগঠনগুলি। কেন্দ্র সরকারের কৃষি নীতির প্রতিবাদে জমায়েতে আশিস মিশ্রর নির্দেশে গাড়ি নিয়ে হামলা হয় বলে অভিযোগ। এতে ৯ জনের মৃত্যু হয়েছে। চার জন কৃষক।

সারা ভারত কৃষকসভার সাধারণ সম্পাদক হান্নান মোল্লা দাবি করেছেন আশিস মিশ্রর কড়া শাস্তি হোক। আর কৃষক সংগঠনগুলি আশিসের গ্রেফতারির দাবিতে আগামী ১৮ অক্টোবর রেল রোকো ডাক দিয়েছে।

এই ঘটনার জেরে কংগ্রেস, সমাজবাদী পার্টি, বিএসপি একযোগে বিজেপিকে আক্রমণ করেছে। বিধানসভা ভোটের আগে রীতিমতো হাওয়া গরম পরিস্থিতি।