कोलकाता में दो सप्ताह में कम हो जाएंगी सब्जियों की बढ़ी कीमतें

कोलकाता : 10 दिनों में किसी भी हाल में सब्ज़ियों की महंगाई कम करने का मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने निर्देश दिया। बाज़ार कमिटियों की बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आलू,प्याज़  समेत अन्य सब्जियों की  क़ीमत पर भड़कीं।

सरकार अब हर हाल में सभी बाज़ारों पर नज़र रखेगी।  सरकारी टीम का काम होगा बाजार में नजर रखना और उसकी तह तक जाकर जांच करना।

बाजर में बड़ी किमतों पर नजर रखने के लिए एसटीएफ़ का दल, सीआईडी का दल समते आईबी के अधिकारी भी लगातार दौरा करते रहेंगे।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि आलू की जमाखोरी करने वाले कुछ गिरोह सक्रिय हैं। बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में सभी संभावित जगहों  समते वाहनों की भी जांच की जाएगी।

 

 

कोलकाता की ट्राम अब एसप्लानेट से खिदिरपुर की रुट पर चलेगी

कोलकाता : महानगर की धरोहर ऐतिहासिक ट्राम अब केवल एक रूट पर ही चलेगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा गैर संचालित ट्राम की पटरियों के लिये दिये गये निर्देश के बाद राज्य के परिवहन मंत्री स्नेहाशिष चक्रवर्ती ने बात की जानकारी दी ।

उन्होंने कहा कि ट्राम को लेकर कोर्ट में एक मामला दायर किया गया था जिसमें कोर्ट ने जानना चाहा था कि ट्राम को लेकर सरकार क्या चाहती है। हमने इस संबंध में निर्णय ले लिया है कि ट्राम को विरासत के तौर पर केवल एसप्लानेड से खिदिरपुर की रूट पर चलायी जायेगी। जल्द ही यह फैसला हम कोर्ट में बतायेंगे।

इसके बाद केवल उस रूट पर ही पटरियां रहेंगी और बाकी रूटों से पटरियों को हटा दिया जायेगा। इसका कारण है कि कोलकाता ट्रैफिक जाम मुक्त शहर के तौर पर जाना जाता है और उसकी पहचान हमें बरकरार रखनी होगी, इससे कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

परिवहन मंत्री ने कहा कि 100 साल पहले जब ट्राम शहर में आया था तो उस समय कोलकाता की आबादी इतनी नहीं थी और ना ही इतने प्रकार के वाहन थे। अब मेट्रो हर जगह हो गया है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक ह्वीकल से लेकर कई तरह के परिवहन के साधन आ गये हैं, लेकिन सड़क आज भी 7% ही है। ऐसे में आज के समय में ट्राम प्रासंगिक नहीं रहा है।

मारुति सुजुकी ने अपनी कारों पर बढ़ाई वारंटी, ग्राहकों की चिंता घटी

नई दिल्ली: मारुति सुजुकी ने मंगलवार को घोषणा करते हुए कहा है कि उसने देश में पेश किए जाने वाले अपने सभी कार मॉडलों पर वारंटी प्रोग्राम को बढ़ाया है। एरिना और नेक्सा रिटेल चेन दोनों के तहत पेश किए जाने वाले मॉडलों के लिए Owner Experience बढ़ाने के उद्देश्य से मारुति सुजुकी ने सूचित किया कि बेहतर वारंटी प्रोग्राम मंगलवार से खरीदारों को डिलीवर की जाने वाली कारों पर लागू होगा।

वारंटी प्रोग्राम वृद्धि के हिस्से के रूप में मारुति सुजुकी का कहना है कि उसकी कारों पर स्टैंडर्ड वारंटी बढ़ा दी गई है। पहले ये 2 साल या 40,000 किलोमीटर थी और अब इसे तीन साल या 100,000 किलोमीटर कर दिया गया है। कंपनी द्वारा बढ़ाई गई स्टैंडर्ड वारंटी में इंजन, ट्रांसमिशन, मैकेनिकल कंपोनेंट, इलेक्ट्रिकल और एयर कंडीशनिंग सिस्टम को उपभोग्य सामग्रियों को छोड़कर लंबे समय तक चलने वाला कवरेज प्रदान करती है।

एक्सटेंडेड वारंटी का विकल्प चुनने वाले ग्राहकों के लिए भी कुछ खास है। विस्तारित कवर के हिस्से के रूप में मारुति सुजुकी द्वारा पेश किए जाने वाले विभिन्न पैकेज अब वाहन के पहले छह साल या 1.60 लाख किलोमीटर तक हैं। कंपनी द्वारा अब तीन विस्तारित वारंटी पैकेज पेश किए जा रहे हैं।

इससे ग्राहकों को मानसिक शांति मिलेगी, क्योंकि उन्हें वारंटी अवधि के दौरान देश भर में मारुति सुजुकी के किसी भी अधिकृत सर्विस सेंटर पर मुफ्त मरम्मत की सुविधा मिलेगी।

मारुति सुजुकी ग्राहकों को कुल 3 एक्सटेंडेड वारंटी कार्यक्रम दे रही है-

प्लेटिनम पैकेज (चौथा साल या 1.20 लाख किलोमीटर)
रॉयल प्लेटिनम पैकेज (पांचवां साल या 1.40 लाख किलोमीटर)
सॉलिटेयर पैकेज (छठा साल या 1.60 लाख किलोमीटर)

अंबानी की शादी में बढ़ा होटल किराया, लाखों रुपये का मिल रहा कमरा

नई दिल्ली: अरबपति उद्योगपति मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी और उनकी मंगेतर राधिका मर्चेंट  की शादी होने ही वाली है। इससे पहले के जश्न के कारण मुंबई में फाईव स्टार होटलों के आक्यूपेंसी और टैरिफ में भारी वृद्धि हुई है। यात्रा और होटल वेबसाइटों की रिपोर्ट के अनुसार, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स  के मुख्य होटल, जहां शादी होने वाली है, पूरी तरह से बुक हैं। साथ ही आसपास के होटलों का किराया भी बढ़ गया है।

14 जुलाई को, एक होटल में कमरों की टैरिफ ₹91,350 प्रति नाइट है। इस होटल में आम दिनों में रूम टैरिफ पर नाइट ₹13,000 रहता है। उल्लेखनीय है कि अनंत अंबानी की शादी 12 जुलाई को मुंबई के बीकेसी में जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर  में होनी है। हालांकि मेहमानों को कहां ठहराया जाएगा, इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन, बीकेसी और आसपास के एरिया में होटल के रूम टैरिफ में काफी बढ़ोतरी हो गई है।

ट्रेवल बुकिंग वेबसाइट्स पर ट्राइडेंट बीकेसी  में रूम टैरिफ 9 जुलाई को प्रति रात्रि ₹10,250 प्लस टैक्स, 15 जुलाई को ₹16,750 प्लस टैक्स, और 16 जुलाई को ₹13,750 प्लस टैक्स। इस होटल में यिद आप 10 जुलाई से 14 जुलाई तक कोई रूम लेना चाहें तो बताया जा रहा है कि एक भी कमरा उपलब्ध नहीं है। होटल की वेबसाइट पर भी इन तिथियों के लिए ‘sold out’ बताया जा रहा है। अगर मीडिया रिपोर्टों पर विश्वास किया जाए, तो शादी 12 जुलाई को, शुभ आशीर्वाद 13 जुलाई को अंतिम कार्यक्रम, मंगल उत्सव या शादी का रिसेप्शन 14 जुलाई को होना है।

अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की हाई-प्रोफाइल शादी के कारण बीकेसी जाने वालों के लिए मुंबई पुलिस ने भी ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर की ओर जाने वाली कई सड़कों पर 12 से 15 जुलाई तक दोपहर 1 बजे से आधी रात के बीच प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। मुंबई पुलिस द्वारा पांच जुलाई को जारी एक प्रेस नोट में बताया गया है “5 जुलाई तथा 12 से 15 जुलाई को मुंबई के बांद्रा इलाके में जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर, बीकेसी में एक सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। लोगों को असुविधा से बचाने के लिए, जियो कन्वेंशन सेंटर की ओर जाने वाली सड़क पर वाहनों के यातायात को डायवर्ट करने की जरूरत है। ”

फोन की भी होती है Expiry डेट? डिब्बे पर लिखा होता है सीक्रेट कोड

मुंबई :  एक्सपायरी डेट खत्म होने का मतलब होता है कि अब वह सामान काम का नहीं रहा और वह इस्तेमाल करने लायक नहीं है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपक जिस फोन को इस्तेमाल कर रहे हैं, उसकी भी एक्सपायरी डेट हो सकती है। एक्सपायरी डेट से ये तय होता है कि सामान को कब तक इस्तेमाल किया जा सकता है। जैसे हर सामान की एक्सपायरी डेट होती है, उसी तरह फोन में भी कुछ ऐसे संकेत मिलने लगते हैं जिससे कि ये तय होता है कि अब आपको नया फोन ले लेना चाहिए।

ऑफिशियल तौर पर कभी फोन की कोई एक्सपायरी डेट नहीं तय की जाती है। लेकिन कुछ ऐसी चीज़ें होती है जिससे हमें ये मालूम चल जाता है कि अब फोन बदलने का समय आ गया है।

मोबाइल बनाने वाली कंपनियां 2-3 साल बाद स्मार्टफोन में सॉफ्टवेयर अपडेट देना बंद कर देती हैं। इससे पुराने स्मार्टफोन यूज करने लायक नहीं रहते हैं और आपको न चाहते हुए भी स्मार्टफोन बदलना पड़ता है। सॉफ्टवेयर अपडेट कितने साल तक मिलेगा ये उस दिन से नहीं शुरू होता है, जिस दिन से आपने फोन इस्तेमाल करना शुरू करते हैं। बल्कि उस दिन से शुरू होता है जो डेट फोन के बॉक्स पर मैनुफैक्चरिंग के तौर पर लिखी होती है।

आज स्मार्टफोन औसतन 2.5 साल की लाइफ के साथ आता है। हालांकि कुछ डिवाइस के लिए के लिए टाइम कम या ज्यादा हो सकता है। कहा जाता है कि एक आईफोन की लाइफ करीब 4 से 8 साल तक, सैमसंग फोन की लाइफ 3 से 6 साल तक और गूगल पिक्सल की लाइफ 3 से 5 साल तक हो सकती है। हालांकि ये इसपर भी निर्भर भी करता है कि आप अपने फोन का इस्तेमाल किस तरीके से करते हैं।

कुछ लोग होते हैं जो फोन को ऐसे प्यार और केयर करके इस्तेमाल करते हैं कि उनकी फोन की लाइफ बढ़ जाती है। वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो फोन पर उतना ध्यान नहीं देते हैं और चार्जिंग को लेकर भी सावधानियां नहीं बरतते हैं जिससे फोन समय से पहले ही खराब होने लगता है।

CNG-PNG के बढ़े दाम, 9 जुलाई से होंगे लागू

मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के निवासियों को महंगाई का झटका लगा है। दरअसल, मुंबई में गाड़ी चलाना और खाना पकाना महंगा होने जा रहा है। महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने सीएनजी (CNG) और घरेलू पाइपलाइन गैस (PNG) के दाम में बढ़ोत्तरी करने का ऐलान किया है. बढ़े हुए दाम 8 जुलाई की आधी रात यानी 9 जुलाई, 2024 से लागू होंगे।

दिल्ली के बाद मुंबई में सीएनजी के दाम 1.50 रुपये प्रति किलो बढ़ गए हैं जबकि पाइप के जरिए रसोई में पहुंचने वाली गैस (PNG) की कीमत एक रुपये बढ़ गई है। मुख्य रूप से कच्चे माल की लागत बढ़ने से दाम बढ़ाए गए हैं।

कंपनी ने बयान में कहा, ‘‘सीएनजी और पीएनजी की बढ़ती मात्रा को पूरा करने और घरेलू गैस आवंटन में कमी के कारण, एमजीएल अतिरिक्त बाजार मूल्य पर प्राकृतिक गैस  ले रही है। इसके चलते गैस की लागत बढ़ गई है।’’

बयान के अनुसार, गैस लागत में वृद्धि को आंशिक रूप से पूरा करने के लिए एमजीएल ने मुंबई और उसके आसपास सीएनजी की कीमत 1.50 रुपये प्रति किलोग्राम और घरेलू पीएनजी की कीमत एक रुपये प्रति मानक घन मीटर (SCM) बढ़ा दी है। इस वृद्धि के बाद सीएनजी की संशोधित कीमत सभी टैक्स सहित 75 रुपये प्रति किलोग्राम होगी। वहीं मुंबई तथा उसके आसपास घरेलू पीएनजी की कीमत 48 रुपये प्रति एससीएम होगी।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के शहरों के लिए इंद्रप्रस्थ गैस लि. ने 22 जून को दिल्ली में सीएनजी की कीमत एक रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ाकर 75.09 रुपये कर दी थी। हालांकि, कंपनी ने पीएनजी के दाम संशोधित नहीं किए और यह 48.59 रुपये प्रति एससीएम पर बनी हुई है।

पश्चिम बंगाल परिवहन विभाग के कामकाज से खफा ममता

कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के परिवहन विभाग के कामकाज पर असंतोष व्यक्त करते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया। सीएम की शिकायत है कि परिवहन विभाग बेहद निकम्मा है और वह कोई भी काम-काज ठीक से नहीं कर रहा है। किसी भी बात को गंभीरता से नहीं ले रहा है। इसकी रफ्तार इतनी धीमी हो गई है कि साइकिल सवार या फिर पैदल चलने वाले भी इससे आगे निकल जा रहे हैं। बता दें कि इससे पहले हॉकर्स के मामले में भी सीएम ने नगर निगम और नगर पालिकाओं की भूमिका पर बेहद नाराजगी जतायी थी।

राज्य सचिवालय नवान्न में सोमवार को उत्तर बंगाल में बाढ़ की स्थिति पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वह राज्य परिवहन विभाग के काम से बिलकुल संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कई सड़कें अवरुद्ध हैं, इसलिए ट्रैफिक जाम बहुत ज्यादा होता है। मैं देख रही हूं कि परिवहन विभाग बहुत धीमी गति से काम कर रहा है। आपको कार छोड़कर साइकिल चलानी चाहिए या 11 नंबर यानी पैर का इस्तेमाल करना चाहिए। वे उस स्थिति को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं जिसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कोलकाता शहर की निष्क्रिय ट्राम लाइन को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जाने चाहिए। दुर्घटनाएँ मानसून और सर्दियों के दौरान रात में सबसे अधिक होती हैं जब घना कोहरा होता है। उन्होंने कहा कि कालीघाट-हाजरा कनेक्टर के पास एक ट्राम लाइन है। लम्बे समय से वहां ट्राम नहीं चलती। ज्यादातर मामलों में, बाइक सवार और पैदल यात्री ट्राम लाइनों पर फिसल जाते हैं और दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं और हर साल लगभग औसतन सात से आठ लोगों की मौत हो जाती है।

उन्होंने कहा कि जब ट्राम नहीं चल रही है तो उसको रखकर क्या फायदा? परिवहन विभाग ने ठीक से काम नहीं किया। दरअसल, कोलकाता में दो ट्राम लाइनों का मामला लंबे समय से अदालत में चल रहा है। उस मुद्दे पर सीएम ने कहा, ‘मुझे अदालत का फैसला मत दिखाओ। यहां लोगों की जानें जा रही हैं। मैं इसलिए कह रही हूं, क्योंकि ये जानकारी मुझे है। इस पर शीघ्रता से ध्यान देने की आवश्यकता है।’

कोलकाता में टामटर सौ रुपये और बैंगन 100 पार

कोलकाता: कोलकाता के बाजारों में सब्जियों, अंडे और पॉल्ट्री मांस की खुदरा कीमतें ऊंची होने के कारण आम आदमी को परेशान है। शहर के कई बाजारों में टमाटर की कीमतें एक महीने पहले के 45-50 रुपये थी जो आज बढ़कर 80-100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई । 

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में टमाटर, बैंगन समेत हरी सब्जियों, अंडा और पॉल्ट्री उत्पाद की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। अंडा और मुर्गी के दाम आसमान छु रहे हैं। पिछले एक महीने के दौरान बैंगन की कीमत में 150 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। करेला, हरी मिर्च और लौकी जैसी दूसरी सब्जियों की कीमत में भी करीब 50 फीसदी तक बढ़ोतरी हो गई है

विक्रेताओं ने बताया कि टमाटर की कीमतें एक महीने पहले के 45-50 रुपये से बढ़कर 80-100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई हैं। बैंगन 110-140 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिक रहा है, जो जून की शुरुआत के दाम के मुकाबले करीब 150 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। करेला, हरी मिर्च और लौकी जैसी कई अन्य सब्जियों की कीमतों में भी औसतन 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। स्थानीय बाजारों में अंडे और पॉल्ट्री मांस की कीमतों में 20-30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

कृषि मंत्री सोभनदेव चट्टोपाध्याय ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से उर्वरकों और परिवहन सब्सिडी में किसानों के लिए सहायता कम करने के बाद लोगों को महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है, जबकि जलवायु परिस्थितियों ने भी स्थिति को और खराब कर दिया है। पश्चिम बंगाल विक्रेता संघ ने कहा कि अब बंगाल में टमाटर दूसरे राज्यों से आ रहा है। लू और भारी बारिश के कारण बेंगलुरु और हिमाचल प्रदेश से टमाटर की आपूर्ति कम हो गई है।

तृणमूल कांग्रेस के नेता सोभनदेव चट्टोपाध्याय ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार हमारे किसानों को लगातार मदद कर रही है. किसान कच्चे माल की लागत में वृद्धि से प्रभावित हैं। दूसरी ओर, केंद्र विभिन्न सब्सिडी में कटौती कर रहा है. इसलिए किसान और आम आदमी दोनों ही परेशान हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पास खुदरा वितरण नेटवर्क सुफल बांग्ला है, जिसकी दुकानों पर सब्जियां तथा खाद्य सामग्री उचित मूल्य पर बेची जाती है।

सोभनदेव चट्टोपाध्याय ने कहा कि सुफल बांग्ला में टमाटर की कीमत 65 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि खुदरा बाजार में इसकी कीमत न्यूनतम 80 रुपये है। करेला 72 रुपये प्रति किलोग्राम और बैंगन 102 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिक रहा है, जो 10-20 प्रतिशत सस्ता है। हम दुकानों की संख्या 484 से बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। वहीं, गृहिणी मानषी सान्याल ने कहा कि पिछले तीन सप्ताह में सब्जियों, अंडों और मांस के दामों में उछाल आया है। टमाटर के दाम दोगुने हो गए हैं और प्याज की कीमतें भी बढ़ती जा रही हैं। आवश्यक वस्तुओं की महंगाई हमें किसी न किसी तरह से परेशान कर रही है।

उपचुनाव : विधानसभा की चार सीटों पर 34 उम्मीदवार

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की चार विधानसभा सीटों पर 10 जुलाई को उपचुनाव होना है। मानिकतला, रायगंज, राणाघाट दक्षिण और बागदा विधानसभा सीट के लिए वोट डाले जायेंगे। चार सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव  में 34 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।

तृणमूल कांग्रेस ने मतुआ बहुल बागदा विधानसभा क्षेत्र से मतुआ ठाकुरबाड़ी की सदस्य मधुपर्णा ठाकुर को मैदान में उतारा है। कोलकाता के मानिकतला विधानसभा क्षेत्र से पार्टी ने दिवंगत तृणमूल विधायक व मंत्री साधन पांडे की पत्नी सुप्ति पांडे को मैदान में उतारा है।

भाजपा ने मानिकतला विधानसभा क्षेत्र से अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष कल्याण चौबे, रायगंज से मानस कुमार घोष, राणाघाट दक्षिण से मनोज कुमार विश्वास और बागदा से बिनय कुमार विश्वास को मैदान में उतारा है। वहीं, रायगंज सीट से कृष्ण कल्याणी तृणमूल के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. मुकुट मणि अधिकारी को तृणमूल ने राणाघाट से उम्मीदवार बनाया है।

बता दें कि इस उप चुनाव में राज्य की चार विधानसभा सीटों में से दो- उत्तर 24 परगना की बागदा और नदिया जिले की राणाघाट दक्षिण में सुरक्षित तरीके से चुनाव कराये जाने के लिए चुनाव आयोग विशेष रूप से नजर रख रहा है। राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी  के कार्यालय के अनुसार, इन इलाकों में सबसे अधिक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती पर जोर दिया जा रहा है. सीइओ कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि इस बार क्यूआरटी का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जायेगा.

चुनाव वाले दिन मतदान केंद्रों के बाहर व भीतर हिंसा को रोकने के लिए 70 कंपनी केंद्रीय पुलिस बल को तैनात किये जाने का निर्णय चुनाव आयोग ने लिया है। इससे पहले, 55 कंपनी तैनात किये जाने का निर्णय चुनाव आयोग ने लिया था। पर केंद्रीय पुलिस बल की संख्या बढ़ा दी गयी है। आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रायगंज में 16 कंपनी, राणाघाट में 19, बागदा में 20 और मानिकतला में 15 कंपनी केंद्रीय पुलिस बल उतारे जायेंगे। वहीं, इस उपचुनाव के लिए चार जनरल ऑब्जर्वर और चार पुलिस ऑब्जर्वर भी तैनात रहेंगे।

राज्य में होने वाले विधानसभा के उपचुनाव में चार सीट के लिए वोट डाले जायेंगे। इनमें उत्तर कोलकाता की मानिकतला, उत्तर दिनाजपुर की रायगंज, नदिया जिले की राणाघाट दक्षिण और उत्तर 24 परगना की बागदा विधानसभा सीट शामिल हैं। इस चुनाव में आयोग की नजर विशेष रूप से मानिकतला विधानसभा क्षेत्र पर है।

मानिकतला में तृणमूल कांग्रेस की अंदरूनी कलह से चुनाव आयोग भी वाकिफ है। इसलिए मतदान के दिन कानून व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए मानिकतला क्षेत्र पर अतिरिक्त बलों की तैनाती की जा जायेगी। इस विधानसभा केंद्र में बूथों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मानिकतला केंद्र में कुल 15 कंपनियां तैनात की जायेंगी।

चार विधाननसभा क्विक रिस्पांस टीम  की 144 टीमें तैनात रहेंगी। वहीं, आयोग सूत्रों के मुताबिक यह पहली बार है कि उपचुनाव में 100 फीसदी वेब कास्टिंग की जा रही है। मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे में धारा 144 लागू रहेगी।

उपचुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराये जाने के लिए सोमवार राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय के साथ संबंधित जिलों के डीएम एसपी के साथ बैठक हुई। बैठक में वेब कास्टिंग, इवीएम और केंद्रीय पुलिस बल की तैनाती और सक्रियता समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।

कठुआ में सेना की गाड़ी पर आतंकी हमला:5 जवान शहीद, 5 घायल

श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सोमवार को आतंकियों के हमले में जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) समेत 5 जवान शहीद हो गए। हमले में घायल 5 जवानों को कठुआ के बिलावर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से देर रात पठानकोट मिलिट्री हॉस्पिटल रेफर किया गया है।

सेना के सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षाबल कठुआ से करीब 123 किलोमीटर दूर लोहाई मल्हार ब्लॉक के माछेड़ी इलाके के बडनोटा में दोपहर 3.30 बजे पहाड़ी इलाके में पेट्रोलिंग के लिए निकले थे। रास्ता कच्चा था, गाड़ी की रफ्तार भी धीमी थी। एक तरफ ऊंची पहाड़ी और दूसरी तरफ खाई थी।

आतंकियों ने पहाड़ी से घात लगाकर सेना के ट्रक पर पहले ग्रेनेड फेंका, फिर स्नाइपर गन से फायरिंग की। सेना ने भी काउंटर फायरिंग की, लेकिन आतंकी जंगल में भाग गए। फिलहाल सेना, आतंकियों की तलाश में हेलिकॉप्टर, स्निफर डॉग्स, UAV और मेटल डिटेक्टर की मदद ले रही है।

जानकारी के मुताबिक, हमले में 3 से 4 आतंकियों के शामिल होने की बात सामने आ रही है। वे एडवांस हथियारों से लैस हैं। ये आतंकी हाल ही में सीमा पार से घुसपैठ करके आए हैं। आतंकियों को हमले में एक लोकल गाइड ने भी मदद पहुंचाई।

हमले की जिम्मेदारी कश्मीर टाइगर्स नाम के आतंकी संगठन ने ली है। यह संगठन प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की ही एक शाखा है। संगठन की ओर से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा गया कि यह हमला 26 जून को डोडा में मारे गए 3 आतंकियों की मौत का बदला है। साथ ही बताया कि आतंकियों ने हमला हैंड ग्रेनेड और स्नाइपर गन से किया।

KT-213 ने एक पोस्ट में लिखा- ‘कठुआ के बडनोटा में भारतीय सेना पर हैंड ग्रेनेड और स्नाइपर गन से हमला किया है। यह डोडा में मारे गए 3 मुजाहिदीन की मौत का बदला है। जल्द ही और ज्यादा हमले किए जाएंगे। ये लड़ाई कश्मीर की आजादी तक चलती रहेगी।’

सेना ने इस साल के अंत तक जम्मू रीजन से आतंक के सफाए का प्लान तैयार किया है। बीते दिनों गृह मंत्रालय में हुई बैठक के बाद पुंछ, राजौरी, रियासी, कठुआ में सक्रिय 30 आतंकियों की लिस्ट बनी है। तय हुआ है कि आतंकियों और इनके मददगारों के सफाए के लिए एनिमी एजेंट्स एक्ट अपने मूल रूप में फिर लागू किया जाएगा।

इस अधिनियम में मददगारों की संपत्ति जब्त करने से लेकर उम्र कैद और फांसी तक की सजा का प्रावधान है। इसे 1948 में विदेशी आतंकियों और घुसपैठियों के खात्मे के लिए बनाया गया था। बाद में इसे संशोधन कर कानूनी रूप दिया गया। सजा घटाकर 10 साल की गई। अभी UAPA भी लागू है, लेकिन एनिमी एक्ट इससे भी सख्त है।

यह 2 महीने में सेना के वाहन पर दूसरा आतंकी हमला है। इससे पहले 4 मई को पुंछ के शाहसितार इलाके में एयरफोर्स के काफिले पर हमला हुआ था, जिसमें कॉर्पोरल विक्की पहाड़े शहीद हो गए थे और 4 अन्य जवान घायल हो गए थे। आतंकियों ने सुरक्षाबलों के दो वाहनों पर भारी फायरिंग की। दोनों गाड़ियां सनाई टॉप जा रही थीं।

वहीं, दो दिन में यह सेना पर दूसरा हमला है। 7 जुलाई की सुबह आतंकियों ने राजौरी जिले के मंजाकोट इलाके में एक आर्मी कैंप पर हमला किया था। इसमें एक जवान घायल हो गया। जवानों की जवाबी कार्रवाई के बाद आतंकी घने जंगल में भाग गए। सेना और पुलिस सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।

पत्नी ने प्रेमी संग पति को घौंपी कैंची, पति की मौत

नोएडा: ग्रेटर नोएडा की बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने बिरोंडा गांव में 1 जुलाई को सुलभ शौचालय की छत पर मिले शव के मामले को सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने मृतक की बीवी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर कैंची से पति का कत्ल किया था। पुलिस ने कत्ल में इस्तेमाल की गई कैंची को भी बरामद कर लिया है. पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया है।

प्रेमी के प्यार में महेश की बीबी पूजा ऐसी अंधी हुई की अपने आशिक के साथ मिलकर खुद अपनी मांग उजाड़ ली। एडिशनल डीसीपी अशोक कुमार ने बताया कि मूल रूप से हमीरपुर निवासी महेश बिरोंडा गांव में किराए के मकान में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता था। वह गांव के पास सुलभ शौचालय में केयरटेकर का काम करता था।

1 जुलाई को महेश का शव सुलभ शौचालय की छत पर पड़ा मिला था। घटना के बाद से मृतक की पत्नी डेढ़ साल के बच्चे के साथ गायब थी। पुलिस ने बताया कि पूजा तीन बच्चों की मां है। एडिशनल डीसीपी ने बताया कि हत्या की जांच के दौरान पता चला कि पूजा तीन बच्चों की मां है।

पूजा और उसका प्रेमी प्रह्लाद एक ही गांव के रहने वाले हैं। पूजा की शादी से पहले ही दोनों का प्रेम प्रसंग चल रहा था। पूजा प्रह्लाद के संपर्क में थी और काम दिलाने के बहाने 23 जून को ग्रेटर नोएडा बुला लिया था। यहां पर प्रह्लाद सोसाइटी में सुरक्षाकर्मी की नौकरी करने लगा. मृतक महेश की रात की ड्यूटी थी. जब वह ड्यूटी जाता था तो प्रह्लाद पूजा के पास पहुंच जाता था।

31 जुलाई को महेश जल्दी घर आ गया और पूजा को प्रेमी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया था। दोनों के बीच हुई लड़ाई के दौरान पूजा ने प्रेमी प्रह्लाद के साथ मिलकर कैंची से पति की हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों मध्य प्रदेश में अपने एक परिचित के यहां पहुंच गए। वहां किराए पर कमरा लेकर रहने लगे। पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त कैंची बरामद की है।

भारत के बाद अब चीन जा रहीं शेख़ हसीना

ढाका : बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना इस महीने की चीन के आधिकारिक दौरे पर रहेंगी। लगातार चौथी बार सरकार के प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालने के बाद ये उनकी दूसरी विदेश यात्रा है.इससे पहले शेख़ हसीना द्विपक्षीय दौरे पर बीते महीने यानी जून 21-22 को भारत आई थीं।

भारत सरकार के साथ उन्होंने रेल यातायात समेत कई अलग-अलग मुद्दों पर क़रीब 10 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। भारत के दौरे के दो सप्ताह बाद शेख़ हसीना का चीन दौरा, बांग्लादेश के लिए कूटनीतिक और आर्थिक मायनों में काफ़ी अहम माना जा रहा है।

कहा जा रहा है कि इस यात्रा के ज़रिए अलग-अलग परियोजनाओं को पूरा करने के लिए देश को चीन से बड़ा कर्ज़ मिल सकता है. साथ ही इससे सरकार को नया बजट घाटा पूरा करने में भी चीन से मदद मिल सकती है। पिछले 15 सालों में चीन ने बांग्लादेश में कई मेगा-प्रोजेक्ट्स के लिए क़र्ज़ देने के साथ-साथ परियोजनाओं में भी अहम भूमिका निभाई है।

बहुचर्चित पद्मा ब्रिज के बुनियादी ढांचे के निर्माण और कर्णफुली सुरंग के निर्माण के बाद, चीन अब तीस्ता परियोजना में भी शामिल होना चाहता है. लेकिन सवाल यह है कि चीन, बांग्लादेश की विभिन्न विकास परियोजनाओं में इतनी दिलचस्पी क्यों दिखा रहा है? इनमें उसका क्या हित है?

बांग्लादेश के पूर्व विदेश मंत्री तौहीद हुसैन ने बताया, “इस पूरे मामले में बांग्लादेश का जितना हित है, चीन का हित उससे कम नहीं है। इसके अलावा, भू-राजनीतिक रणनीति के नज़रिए से देखा जाए तो चीन के लिए बांग्लादेश ख़ासी अहमियत रखता है।”

लेकिन असल में बांग्लादेश में चीन के कौन-से हित छिपे हैं और यहां अपनी मौजूदगी बढ़ाकर वो क्या हासिल करना चाहता है? बीते 15 सालों में बांग्लादेश ने एक दर्जन से अधिक बड़ी परियोजनाओं पर काम करना शुरू किया है। इनमें पद्मा ब्रिज पर रेलवे लाइन, कर्णफुली नदी के नीचे से गुज़रने वाली बंगबंधु शेख़ मुजीबुर्रहमान टनल, ढाका में बस रैपिड ट्रांज़िट परियोजना सहित कई बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए चीन ने क़र्ज़ देकर बांग्लादेश की आर्थिक मदद की है. दरअसल, चीन अब उन मुल्कों में शुमार हो गया है जिन्होंने बांग्लादेश को सबसे अधिक क़र्ज़ दिया है।

बांग्लादेश के वित्त मंत्रालय के आर्थिक संबंध विभाग (ईआरडी) के आंकड़ों के अनुसार बीते चार सालों में अकेले चीन ने बांग्लादेश को लगभग तीन अरब अमेरिकी डॉलर का क़र्ज़ दिया है. वहीं वॉशिंगटन में मौजूद शोध संस्थान ‘अमेरिकन एंटरप्राइज़ इंस्टीट्यूट’ (एआई) के अनुसार, 2023 तक बांग्लादेश में चीन का निवेश सात अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है।

 

कोलकाता पुलिस आयुक्त और डीसी के खिलाफ गृह मंत्रालय की कार्रवाई

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के कार्यालय को अफवाह फैलाकर कथित तौर पर बदनाम करने के लिए कोलकाता के पुलिस आयुक्त विनीत गोयल और एक डीसीपी के खिलाफ गृह मंत्रालय ने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की है। केंद्र सरकार के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस द्वारा कोलकाता पुलिस आयुक्त और कोलकाता पुलिस उपायुक्त (मध्य) इंदिरा मुखर्जी के संबंध में उस रिपोर्ट के सौंपे जाने के बाद शुरू की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि वे ‘इस तरह काम कर रहे हैं, जो एक लोक सेवक के लिए पूरी तरह से अनुचित है’।

उन्होंने कहा कि बोस ने जून के अंतिम सप्ताह में गृह मंत्री को सौंपी अपनी रिपोर्ट में इस मुद्दे को उठाया है कि कोलकाता पुलिस के अधिकारी चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ितों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दे रहे हैं, जबकि उन्होंने इसके लिए उन्हें जरूरी अनुमति दे दी थी। अधिकारी ने कहा ‘गृह मंत्रालय ने बंगाल के राज्यपाल बोस द्वारा प्रस्तुत विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की है’। उन्होंने बताया कि पत्र की प्रतियां 4 जुलाई को राज्य सरकार को भेज दी गई थीं।

अधिकारी ने बताया कि बंगाल के राज्यपाल ने राजभवन में तैनात अन्य पुलिस अधिकारियों पर अप्रैल-मई 2024 के दौरान एक महिला कर्मचारी द्वारा लगाए गए मनगढ़त आरोपों को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘इन आईपीएस अधिकारियों ने अपने कृत्यों से न केवल राज्यपाल के कार्यालय को कलंकित किया है, बल्कि इस तरह से काम किया है, जो एक लोक सेवक के लिए पूरी तरह से अनुचित है’। हालांकि ऐसे मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि पहले इस तरह के आरोपों को लेकर जांच होती है। इसके बाद राज्य सरकार से गृह मंत्रालय रिपोर्ट तलब कर सकता है।

पीरियड लीव की याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

 नई दिल्ली :  सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह याचिकाकर्ता को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में सचिव और एएसजी ऐश्वर्या भाटी के सामने अपनी बात रखने की छूट देते हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने सचिव से निवेदन करते हुए कहा कि वह नीतिगत स्तर पर इस मामले को देखें और सभी पक्षों से बात करके फैसला लेकर तय करें कि क्या इस मामले में एक आदर्श नीति बनाई जा सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं को पीरियड लीव देने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया है। यह याचिका केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पीरियड लीव देने के लिए नीति बनाने के लिए निर्देश देने के लिए दायर की गई थी। जिस पर विचार करने से कोर्ट ने मना कर दिया है। हालांकि इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस संबंध में एक मॉडल नीति तय करने के लिए सभी हितधारकों और राज्यों के साथ बातचीत करने को कहा है।

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने पीरियड लीव को लेकर कहा कि यह छुट्टी महिलाओं को वर्कफोर्स का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित करती है। ऐसे में इस लीव को जरूरी बनाने से महिलाएं वर्कफोर्स से दूर हो जाएंगी। चीफ जस्टिस ने कहा कि सरकारों को इस पर नीति बनाने की और बढ़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह मामला सरकार की नीति का पहलू है जिस पर कोर्ट को गौर नहीं करना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह याचिकाकर्ता को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में सचिव और एएसजी ऐश्वर्या भाटी के सामने अपनी बात रखने की छूट देते हैं. इसके साथ ही कोर्ट ने सचिव से निवेदन करते हुए कहा कि वह नीतिगत स्तर पर इस मामले को देखें और सभी पक्षों से बात करके फैसला लेकर तय करें कि क्या इस मामले में एक आदर्श नीति बनाई जा सकती है।

दरअसल याचिकाकर्ता वकील शैलेंद्रमणि त्रिपाठी ने सुप्रीम कोर्ट से महिलाओं के लिए पीरियड लीव के दौरान होने वाली समस्या के चलते राज्य सरकारों को छुट्टी के लिए नियम बनाने के लिए निर्देश जारी करने की मांग की थी। याचिका में मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 की धारा 14 को लागू करने के निर्देश देने की गई थी. जिसके तहत छात्राओं और महिला कर्मचारियों को पीरियड लीव दिए जाने की मांग की गई थी।

याचिकाकर्ता ने जनहित याचिका में बताया है मातृत्व लाभ अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के लिए निरीक्षकों की नियुक्ति भी सुनिश्चित की जाए. उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में बिहार ही एक अकेला ऐसा राज्य है जो 1992 की नीति के तहत विशेष मासिक धर्म दर्द अवकाश देता है।

12 घंटे की कारगील जंग की कहानी…टाइगर हिल पर तिरंगा फहराया, पाकिस्तान को हराया

नई दिल्ली : 4 जुलाई 1999 को उधर सूरज उग रहा था। इधर भारतीय सेना के टाइगर्स ने Tiger Hill पर तिरंगा लहरा दिया था। यही वो पल था जब पाकिस्तान के धोखे का करारा जवाब मिला था। खतरनाक जंग में कई जवान शहीद हुए लेकिन देश की एक इंच जमीन भी दुश्मन को नहीं ले जाने दिया। देश कारगिल विजय का सिल्वर जुबली मना रहा है।

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने अपने एक्स हैंडल (ट्विटर) पर उस जंग में फतह का एक वीडियो जारी किया है। जब 4 जुलाई 1999 को भारतीय सेना के बाघों ने टाइगर हिल को पाकिस्तानियों से मुक्त कराया था। यहीं से करगिल जंग की पूरी कहानी बदल गई थी।

हुआ यूं था कि 14 जुलाई 1999 को ही करगिल युद्ध में विजय हासिल हुई थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ‘ऑपरेशन विजय’ की घोषणा की थी। साथ ही पाकिस्तान की सराकर के साथ बात करने के लिए कुछ शर्तें रखी थीं।

83 दिन चले इस जंग में भारतीय सेना ने पाकिस्तानी घुसपैठियों को धूल चटा दी थी। लेकिन पाकिस्तान की कायरता की दास्तां तब शुरू हुई थी, जब 3 मई 1999 को सीमा पार से कुछ हथियारबंद घुसपैठिए करगिल जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में देखे गए थे। एक स्थानीय चरवाहे ने भारतीय सेना को इसकी सूचना दी थी।

भारतीय सेना की पेट्रोलिंग टुकड़ी को जांच करने भेजा। लेकिन पाकिस्तानी घुसपैठियों ने पांच जवानों बंधक बना लिया। 5 मई को सूचना मिली कि उन जवानों को घुसपैठियों ने मार डाला। सेना करारा जवाब देने की तैयारी में थी। 9 मई 1999 को पाकिस्तान की तरफ से ताबड़तोड़ गोले बरसाए गए। इससे करगिल में भारतीय सेना के हथियार डिपो बर्बाद हुए। कई सैनिक जख्मी हुए और  कुछ शहीद हो गए।

24 घंटे में द्रास, ककसर, मुस्कोह में और घुसपैठिए आए अगले 24 घंटे में सीमा पार से द्रास, ककसर और मुस्कोह कई घुसपैठिए आ गए। मई के मध्य में भारतीय सेना ने कश्मीर घाटी में मौजूद जवानों को करगिल की तरफ रवाना किया। 26 मई को भारतीय सेना की मदद के लिए वायु सेना ने दुश्मन के कब्जे वाले पोजिशन पर गोले गिराने शुरू किए।

पाकिस्तान ने अंजा मिसाइल से एक मिग-21 और मिग-27 को मार गिराया। फ्लाइट लेफ्टिनेंट के. नचिकेता को बंधक बनाया। इन्हें 3 जून 1999 को बतौर युद्धबंदी रिहा किया गया। 28 मई को पाकिस्तान ने वायुसेना के Mi-17 हेलिकॉप्टर को मार गिराया। उसमें मौजूद चार भारतीय जवान शहीद हो गए।

1 जून 1999 को पाकिस्तानी सेना के तोप के गोले लगातार NH-1 पर गिर रहे थे। इस शेलिंग से लद्दाख बाकी देश से कट गया था। इंडियन आर्मी के हथियार, मेडिकल सप्लाई और रसद लद्दाख तक नहीं पहुंच पा रहे थे। करगिल में इस राष्ट्रीय राजमार्ग की लंबाई करीब 217.4 km है।

यह सड़क श्रीनगर को लेह से जोड़ती है। इसमें दो ही लेन है। खराब भौगोलिक स्थिति और सड़क पतली होने की वजह से यहां पर ट्रैफिक धीमी रहती है। पाकिस्तानी फौजी हाइवे के सामने की तरफ ऊंची पहाड़ियों पर थे। वहां से गोलीबारी कर रहे थे। भारत सरकार के लिए इस हाइवे को बचाना बेहद जरूरी था।

NH-1 भारतीय सेना के लिए सबसे प्रमुख मार्ग है। पाकिस्तानी फौजी इस सड़क पर मोर्टार्स, आर्टिलरी और एंटी-एयरक्राफ्ट गन से हमला कर रहे थे। लेकिन भारतीय एयरफोर्स और सेना के जवानों ने जान की परवाह न करते हुए NH-1 के सामने के सभी पोस्ट को जून मध्य तक पाकिस्तानी घुसपैठियों से छुड़ा लिया था।

9 जून को बटालिक सेक्टर की दो चोटियां मुक्त हुईं 6 जून को भारतीय सेना ने भयानक हमला किया। 9 जून को बटालिक सेक्टर की दो महत्वपूर्ण चोटियां सेना के कब्जे में वापस आ गईं। भारतीय सेना ने बटालिक सेक्टर को दो महत्वपूर्ण पोजिशन पर फिर से कब्जा कर लिया था। 11 जून को परवेज मुशर्रफ और लेफ्टि. जनरल अजीज खान की बातचीत को सार्वजनिक किया गया।

13 जून को भारतीय सेनाओं ने द्रास में तोलोलिंग पर कब्जा जमा लिया। इसमें इंडियन आर्मी के कई जवान शहीद हुए लेकिन सबसे महत्वपूर्ण चोटी पर सेना का वापस कब्जा हो गया। सभी घुसपैठियों को मार गिराया था। दो दिन बाद अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से कहा कि वो तुरंत अपने सैनिकों और घुसपैठियों को वापस बुलाएं। 29 जून तक अंतरराष्ट्रीय दबाव बनता रहा।

3-4 जुलाई की रात भारतीय सेना ने टाइगर हिल पर हमला बोल दिया था। 4 जुलाई 1999 की सुबह भारतीय सेना के तीन रेजिमेंट (सिख, ग्रेनेडियर्स और नागा) ने टाइगर हिल पर पाकिस्तान के नॉर्दन लाइट इंफ्रेंट्री को धूल चटा दी। 12 घंटे चली लड़ाई के बाद टाइगर हिल पर वापस कब्जा किया गया।

अगले ही दिन नवाज शरीफ ने हार मानते हुए सेना वापस बुलाई 5 जुलाई 1999 को नवाज शरीफ ने हार मानते हुए अपनी सेना को वापस बुलाया। 7 को भारतीय सेना ने बटालिक के जुबार हिल पर अपना कब्जा वापस जमा लिया। पाकिस्तानी फौज और घुसपैठिये दुम दबाकर भाग चुके थे। 14 जुलाई 1999 को ‘ऑपरेशन विजय’ के पूरा होने की घोषणा की गई।

 

साउथ कोरिया में रोबोट ने की आत्महत्या, ज्यादा काम से था परेशान

साउथ कोरिया में रोबोट के आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। यहां रोबोट ने काम के दबाव में आत्महत्या कर ली है। ये रोबोट पब्लिक सर्विस में शामिल था और सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक काम करता था। साउथ कोरिया में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। क्योंकि यहां एक रोबोट ने आत्महत्या कर ली है। रोबोट ने सीढ़ी से कूदकर आत्महत्या कर ली है। रोबोट की खुदकुशी की कोशिश के बाद साइंटिस्‍ट अब इसे जांच और रिचर्स का विषय मान रहे हैं। रोबोट की खुदकुशी का मामला साउथ कोरिया का है, यहां सेंट्रल साउथ कोरिया की नगर पालिका ने जानकारी देते हुए कहा कि वह रोबोट की आत्महत्या के मामले की जांच करने वाली है।

रिपोर्ट की मानें तो रोबोट 9 से 6 बजे तक काम किया करता था। वह यहां पब्लिक सर्विस करता था और इसका कार्ड भी उसे मिला हुआ था। अन्य रोबोट के इसका काम था। क्योंकि इसे एलिवेटर ऑपरेशन का भी काम दिया हुआ था। यही वजह है कि लोगों का कहना है कि रोबोट ने इसके दबाव के कारण ये कदम उठाया है। साउथ कोरिया में मशीन्स से काम बहुत पहले करवाया जाता रहा है। यहां के बारे में कहा जाता है कि हर 10 आदमी पर यहां एक रोबोट पाया जाता है।

हालांकि अभी तक इस पर बहुत अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। लेकिन रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि रोबोट पर काम का बहुत ज्यादा दबाव था और वह इससे काफी परेशान हो गया था। वहीं सेंट्रल साउथ कोरिया नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि ये रोबोट बीते एक साल से गुमी शहर के शहवासियों के प्रशासनिक कामों में मदद करता था। सीढ़ी से कूदने से पहले रोबोट ने कुछ ऐसी हरकत की जिसे देखकर लोग इसे खुदकुशी मान रहे हैं।

UP में होने वाली है अग्निवीर भर्ती रैली, 12 जिलों से हजारों युवा लेंगे हिस्सा

आगरा: लंबे समय से आर्मी सेना भर्ती की तैयारी कर रहे अग्निवीरों के लिए काम की खबर है। आगरा सेना भर्ती कार्यालय की ओर से 14 जुलाई से 1 अगस्त तक अग्निवीर भर्ती रैली आयोजित की जा रही है। सदर बाजार स्थित एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में होने वाली इस भर्ती में 12 जिलों के 14000 युवा शामिल होंगे।

सेना भर्ती की प्रक्रिया 13 जुलाई की रात 12:00 बजे से शुरू हो जाएगी। हर दिन सुबह 4:00 से 9:00 बजे तक दौड़ होगी। इस अवधि में स्टेडियम के सामने की सड़क की एक लेने को बंद रखा जाएगा। वहीं रविवार से खिलाड़ियों के लिए एकलव्य स्टेडियम 7 अगस्त तक बंद रहेगा।

आगरा डीसीपी सिटी सूरज राय ने शनिवार को एकलव्य सपोर्ट स्टेडियम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया। सेना भर्ती कार्यालय आगरा की निदेशक कर्नल रिशमा सरीन ने पूरा प्लान बताया। हर दिन एक जिले के दो से तीन तहसीलों के युवा इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होंगे। वाहन आशा मैदान में खड़े होंगे।

स्टेडियम में प्रवेश के दौरान दस्तावेज की जांच की जाएगी। साथ ही युवाओं को चेस्ट नंबर भी दिया जाएगा। सुबह 4:00 से 9:00 तक दौड़ होगी। दौड़ के दौरान स्टेडियम के सामने की एक लेने को बंद कर दिया जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से एक लेने पर कोई वाहन नहीं चलेगा. साफ सफाई के लिए आगरा नगर निगम और पानी की व्यवस्था जलकल विभाग संभालेगा. साथ ही मौके 4 से 6 एंबुलेंस तैनात रहेंगी।

मंगल ग्रह पर इंसानों को बसाने की योजना शुरू, NASA के बने घर में 378 दिन रहकर लौटे चार वैज्ञानिक

नई दिल्ली : इंसानों को चांद पर पहुंचाने के बाद उनको अब मंगल ग्रह पर बसाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। अगर सब कुछ सही रहा तो अगले सात साल यानि 2030 तक लाल ग्रह पर इंसानों को भेजना शुरू हो जाएगा। मंगल ग्रह पर इंसान कैसे रह पाएंगे, इसी को लेकर एक ट्रायल किया गया जिसके लिए NASA ने चार लोगों को चुना जिनमें कनाडाई जीवविज्ञानी केली हेस्टन भी शामिल थीं। अब एक साल बाद नासा के अंतरिक्ष यात्री एक अनोखा अनुभव करके वापस आ चुके हैं। नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर के उप निदेशक स्टीव कोर्नर ने कहा, ‘हम लोगों को मंगल ग्रह पर भेजने की तैयारी कर रहे हैं।’

नासा के एक अंतरिक्ष यात्री ने एक दरवाजे के पीछे से तीन बार जोर से पूछा कि क्या आप बाहर आने के लिए तैयार हैं? उनका उत्तर तब साफ सुनाई देता है, जब दरवाजा खुलता है। दरअसल, नासा के चार वैज्ञानिक एक साल तक इंसानी संपर्क से दूर रहकर वापस लौट आए हैं। उनके आते ही तालियों की गड़गड़ाहट से माहौल गूंज उठता है। बता दें, नासा मंगल ग्रह पर मानव अन्वेषण की तैयारी कर रहा है। इसी के लिए एक खास कमरा बनाया गया था। ह्यूस्टन के जॉनसन स्पेस सेंटर में एक घर तैयार किया गया था। इसमें चार लोगों के रहने की व्यवस्था है। इस घर को मंगल ग्रह के हालात जैसा बनाया गया था। एंका सेलारियू, रॉस ब्रॉकवेल, नाथन जोन्स और टीम लीडर केली हेस्टन ने इस घर में करीब 378 दिन बिताए। इस दौरान इन लोगों ने सब्जियां उगाईं। वहीं मार्सवॉक भी किया।

इस एक साल में सबसे ज्यादा इन लोगों के लिए कठिन था अपने परिवार से इतने दिन दूर रहना। यह एक तरह से ऐसा अनुभव था, जब महामारी के तरह लॉकडाउन लगा था। चारों लोग जब शनिवार को इस घर से बाहर निकले तो उनके चेहरे पर मुस्कान थी। उनके बाल थोड़े अधिक बिखरे हुए थे। मगर उनकी खुशी साफ देखी जा सकती थी। केली हेस्टन ने हंसते हुए कहा, ‘हेलो, आप लोगों से फिर हेलो करना वाकई शानदार है।’

डॉक्टर जोन्स ने कहा, ‘मैं आशा करता हूं कि आप सभी के सामने यहां खड़े होकर रोऊंगा नहीं।’ उन्होंने भीड़ में अपनी पत्नी को देखा और वैसे ही उनको रोना आ गया। क्रू हेल्थ एंड परफॉर्मेंस एक्सप्लोरेशन एनालॉग  का मार्स ड्यून अल्फा ह्यूस्टन एक 3डी प्रिंटेड 1,700 वर्ग फुट का कक्ष है। इसका उद्देश्य मंगल ग्रह की सतह पर उनके आवास का अनुकरण करना है।इसमें चार बेडरूम हैं। इसके अलावा जिम, किचन, रिसर्च सेंटर बनाया गया है। इस घर को एयरलॉक द्वारा अलग किया गया। यहां पर चारों ने मार्स वॉक की भी प्रैक्टिस की।

बीच मैदान में पाकिस्तानी स्टार से मिलने पहुंच गए अजय देवगन

एजबेस्टन : वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स 2024 का एक मुकाबला शनिवार को इंडिया चैंपियंस और पाकिस्तान चैंपियंस के बीच बर्मिंघम में खेला गया। इस मैच में भी वैसे ही फैंस की मौजूदगी देखी गई, जैसी भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबले के दौरान देखी जाती है। मैच की रोमांचकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस हाई वोल्टेज मुकाबले को देखने के लिए भारत की तरफ से बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन भी पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बीच मैदान में जाकर विपक्षी टीम के स्टार ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी से खास मुलाकात की।

बता दें इंडिया चैंपियंस बनाम पाकिस्तान चैंपियंस मैच के लिए शाहिद अफरीदी पूरी तरह से फिट नहीं थे। इसके बावजूद उन्होंने भारत के खिलाफ मैदान में उतरने का फैसला लिया। यही नहीं उन्होंने ग्रीन टीम के लिए टीम इंडिया के लिए खिलाफ कुल 2 ओवरों की गेंदबाजी की। इस बीच उन्हें कोई सफलता तो हाथ नहीं लगी, लेकिन उन्होंने इस मैच में 4.50 की इकोनॉमी से महज 9 रन खर्च किए. जो टीम की जीत में अहम योगदान साबित हुआ।

बात करें मैच के बारे में तो बर्मिंघम में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान की टीम निर्धारित ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर 243 रन बनाने में कामयाब हुई थी। वहीं लक्ष्य का पीछा करते हुए पूरी भारतीय टीम 20 ओवरों में 9 विकेट के नुकसान पर 175 रन ही बना पाई. इस प्रकार पाकिस्तान चैंपियंस के सामने युवराज सिंह की सेना को 68 रन के बड़े अंतर से शिकस्त का सामना करना पड़ा।

प्राइवेट पार्ट के फोटो भी जरुरी, राजस्थान में इस सरकारी योजना में ‘मनमानी’

जयपुर: मुख्यमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत सरकारी अस्पतालों में या निजी अस्पतालों में इलाज कराने वालों के लिए बड़ी हैरान करने वाली खबर है। ऑपरेशन के दौरान मरीज के चेहरे के साथ उन अंगों की फोटो भी ली जा रही है जिनका ऑपरेशन किया गया। हैरानी की बात यह है कि महिलाओं के प्राइवेट पार्टी के फोटो भी लिए जाते हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है कि मरीज के चेहरे और ऑपरेशन किए जाने वाले अंग की फोटो इंश्योरेंस एजेंसी को भेजनी होती है। इन दस्तावेजों को अपलोड करने पर ही इंश्योरेंस कंपनी क्लेम जारी करती है। फोटो अपलोड नहीं करने पर क्लेम खारिज कर दिए जाते हैं।

आयुष्मान योजना के तहत बड़ी संख्या में महिला मरीज ब्रेस्ट, हिप्स और आंतरिक अंगों से जुड़ी बीमारियों का इलाज और ऑपरेशन कराती हैं। 5 लाख रुपए के मुफ्त इलाज वाली इस योजना के क्लेम के लिए अस्पतालों में मरीज के चेहरे और उन अंगों को फोटो ली जाती है जिनका ऑपरेशन होना है। फोटो लेने का काम डॉक्टर खुद नहीं करते बल्कि नॉन क्लीनिकल व्यक्ति यानी ठेका कर्मी ऑपरेशन थिएटर में जाता है और अपने मोबाइल से फोटो लेता है। बाद में वह फोटो टीपीए पर कार्य करने वाले कर्मचारी को भेजता है जो कि इन फोटोज को पोर्टल पर अपलोड करता है। क्लेम पास होने तक ये फोटो कई ठेका कर्मियों से होकर गुजरती है। इन फोटो के वायरल होने का भी डर है। यह महिलाओं की निजता का उल्लंघन है।

आयुष्मान योजना के तहत महिलाओं के प्राइवेट पार्ट की सर्जरी भी होती है। चेहरे के साथ प्राइवेट पार्ट की फोटो भी ली जाती है। इस तरह की फोटो पोर्टल पर अपलोड होने और क्लेम पास होने तक कई ठेका कर्मियों की कंप्यूटर स्क्रीन पर रहती है। इन फोटोज के लीक होने का खतरा हर संभव बना रहता है। डॉक्टरों का कहना है कि हालांकि जरूरी दस्तावेजों में इस तरह की कोई शर्त नहीं है लेकिन इसके अभाव में क्लेम खारिज कर दिया जाता है। इंट्रा ऑपरेटिव फोटो विद फेस की शर्त पहले केवल निजी अस्पतालों के लिए थी। इंश्योरेंस कंपनियों ने अब इसे सरकारी अस्पतालों के लिए भी लागू कर दिया है।