कमरे में पति-पत्नी कर रहे से …. तभी चोर ने बना ली वीडियो, किया ब्लैकमेल

दुर्ग: छत्तीसगढ़ की दुर्ग में शातिर चोर की करतूत सामने आई है। सिविल सेवा परीक्षा में असफलता हाथ लगी तो एक युवक ने चोरी को अपना पेशा बना लिया। एक रात पहले एक घर में चोरी के इरादे से घुस गया, लेकिन कुछ चोरी करने के बजाए उसने बिस्तर पर अंतरंग पल बिताते घर के मालिक-मालकिन का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और फिर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 10 लाख रुपये ऐंठने की कोशिश की। हालांकि, ब्लैकमेल से सहमे पति-पत्नी ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया है।

छत्तीसगढ़ की दुर्ग का यह पूरा मामला है। पुलिस ने बताया कि विनय कुमार साहू (28) ने सरकारी नौकरी पाने की कोशिश की थी और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CG PSC) परीक्षा में भी शामिल हुआ था, लेकिन हर बार असफल रहा। इससे नाखुश साहू ने अपना करियर बदलने का फैसला किया और अपने इलाके की सब्जी मंडी में आने वाले ग्राहकों के मोबाइल फोन चुराने लगा। साथ ही वह छोटी-मोटी चोरी करने लगा। खास बात यह है कि आरोपी अपने परिचित इलाके से आगे नहीं गया। वह बार-बार एक ही इलाके में चोरी करता था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दुर्ग के अहिवारा इलाके में आरोपी विनय साहू ने जिस कपल के अंतरंग पलों का वीडियो रिकॉर्ड किया, उनके घर में पहले भी दो बार चोरी की थी और उसे विश्वास था कि तीसरी बार भी वह खाली हाथ नहीं लौटेगा।

इसी के चलते बीती एक रात को घर में घुसा और चोरी करने के लिए कुछ ढूंढ रहा था, तभी उसकी नजर उस जोड़े पर पड़ी जो एक-दूसरे के साथ अंतरंग पल बिता रहे थे। तभी चोर खिड़की के पास छिपकर खड़ा हो गया और उसने पहले से चोरी किए गए फोन का इस्तेमाल करके वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।

अगली सुबह जब एक अनजान नंबर से वॉट्सएप पर एक वीडियो आया तो कपल हैरान रह गया। इसके बाद 10 लाख रुपए देने के लिए कॉल आया और मांग पूरी न करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई। कपल को इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उनके निजी पलों को कैसे रिकॉर्ड किया गया। उन्होंने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उस नंबर का जिक्र किया गया, जहां से वीडियो आया और फिरौती के लिए कॉल किया गया। आरोपी तक पहुंचने और उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की। साइबर सेल को मोबाइल नंबर ट्रैक करने के लिए कहा गया. इसके बाद पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस गिरफ्त में आने तक आरोपी अभी भी उसी मोबाइल और उसी नंबर का इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस ने उसके पास से चोरी के 3 मोबाइल सिम कार्ड और हैंडसेट जब्त किए। वहीं, कपल के अंतरंग पलों का वीडियो डिलीट कर दिया।

गिरिडीह से चार साइबर अपराधी गिरफ्तार, फर्जी बैंक अधिकारी बनकर गर्भवती महिलाओं से करते थे ठगी

रांची : गिरिडीह से चार साइबर अपराधी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं. इनके पास से पुलिस ने चार पहिया वाहन समेत अन्य सामान बरामद किए हैं। साइबर अपराधी फर्जी बैंक अधिकारी बनकर मातृत्व लाभ की राशि दिलाने के नाम पर गर्भवती महिलाओं से ठगी करते थे। प्रतिबिंब पोर्टल पर इसकी खबर मिलने के बाद छापेमारी की गयी और साइबर अपराधियों को दबोचा गया। गिरिडीह के एसपी दीपक कुमार शर्मा ने प्रेस वार्ता कर शुक्रवार को जानकारी दी।

गिरिडीह पुलिस ने जिन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, उनमें बेंगाबाद थाना क्षेत्र के रघाईडीह का सनफराज अंसारी, हीरोडीह थाना क्षेत्र के करमाटांड़ का कमरूद्धीन अंसारी, ताराटांड़ थाना क्षेत्र के जबरदाहा का रंजीत कुमार मंडल और प्रमेश्वर कुमार मंडल शामिल हैं. इन चारों साइबर अपराधियों के पास से पुलिस ने 6 मोबाइल, 8 सिमकार्ड, 1 पासबुक, 2 एटीएम कार्ड, एक मारुति सुजुकी स्विफ्ट डिजायर कार, 1 पैनकार्ड और 1 आधार कार्ड बरामद किया है।

गिरिडीह के एसपी ने बताया कि प्रतिबिंब पोर्टल के माध्यम से साइबर क्राइम की खबर मिली कि गिरिडीह के बेंगाबाद थाना क्षेत्र में कुछ साइबर अपराधी आम लोगों से ठगी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी आबिद खान के नेतृत्व में टीम गठित की गयी। इस टीम में पुनि रोहित कुमार महतो, पुअनि पुनित कुमार गौतम, सअनि गुंजन कुमार, संजय मुखियार, घनश्याम बिरुआ, मनोज कुमार शामिल किए गए. बेंगाबाद थाना क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर इन चारों शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।

साइबर अपराधियों से जब पूछताछ की गयी तो उन्होंने बताया कि अपने आप को बैंक अधिकारी बताकर मातृत्व लाभ की राशि दिलाने के नाम पर गर्भवती महिलाओं से ठगी करते थे। फर्जी सिमकार्ड और फर्जी बैंक खाता उपलब्ध कराने का भी काम करते थे। साइबर थाने में कांड सं-26/2024 दिनांक-27.06.2024 दर्ज कर सभी को जेल भेज दिया गया है. गिरफ्तार साइबर अपराधियों में एक पुराना शातिर साइबर अपराधी शामिल है, जिसका नाम प्रमेश्वर कुमार मंडल है। इसके खिलाफ ताराटांड़ थाना कांड सं. 24/2023, दिनांक-13.08.2023, धारा-411/413/ 419/420/467/468/471/120बी/34 भादवि एवं 66बी/66सी/66डी आईटी एक्ट 2000 में प्राथमिकी अभियुक्त है. इसके अलावा दिल्ली के स्पेशल सेल थाना कांड सं-221/2022 दर्ज है. दिल्ली स्पेशल सेल थाना कांड सं-254/2022 दर्ज है।

एसपी दीपक कुमार शर्मा ने बताया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ गिरिडीह पुलिस का अभियान जारी है। पिछले 9 माह में 242 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 587 मोबाइल, 770 सिमकार्ड, 268 एटीएम/पासबुक, 10 चेकबुक, 38 पैनकार्ड, 66 आधार कार्ड, 43 वाहन, 3 आईपैड, 4 लैपटॉप और 14,58,310 रुपये नकद जब्त किए जा चुके हैं।

राजभवन में शपथ लेने जाने से भी डर रही महिला विधायक

कोलकाता : हाल ही में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घबराए हुए लहजे में कहा था कि वह बुलाए जाने पर भी राजभवन नहीं जाएंगी। गुरुवार को उन्होंने राज्य सरकार के सचिवालय नवान्न से सवाल उठाया कि उनकी पार्टी के विधायक राजभवन क्यों जाएंगे?

खासकर तब जब राजभवन में हो रहे करतुत के बाद लड़कियों को वहां जाने से डर लग रहा है। मुख्यमंत्री के आदेश के बारे में पूछे जाने पर सयंतिका ने कहा, ”हमारी नेत्री ने हमें बताया है। इसके बारे में और कोई बात नहीं करना चाहती। राजभवन जाने का सवाल ही नहीं उठता। हम राज्यपाल के पद का सम्मान करते हैं। लेकिन इस संबंध में पार्टी नेता का आदेश अंतिम है।

बुजुर्गों का भी होगा आयुष्मान भारत के तहत मुफ्त इलाज

नई दिल्ली : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में आयुष्मान भारत योजना के बारे में बड़ी जानकारी दी। उन्होंने कहा, इस योजना के तहत मुफ्त इलाज का लाभ अब 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों को भी मिलेगा। उन्होंने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अपने अभिभाषण में कहा कि देश में 25 हजार जन औषधि केंद्रों को खोलने का काम भी तेजी से चल रहा है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, सरकार 55 करोड़ लाभार्थियों को आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध करवा रही है. उन्होंने कहा कि अब इस क्षेत्र में सरकार एक और निर्णय लेने जा रही है. उन्होंने कहा अब आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज का लाभ 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों को भी मिलेगा।

आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) दुनिया की सबसे बड़ी, सरकार द्वारा वित्तपोषित स्वास्थ्य बीमा योजना है जिसमें देश के 12 करोड़ निम्न आय वाले परिवारों को इलाज के लिए प्रति वर्ष प्रति परिवार पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाता है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत ‘आयुष’ (आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी) को बढ़ावा देकर एक स्वस्थ विश्व के निर्माण में मदद कर रहा है। पहली बार देश में करोड़ों गरीबों के लिए शौचालय बनाए गए।

गयाना में झमाझम बारिश, भारत- इंग्लैंड सेमीफाइनल मैच रद्द होने की संभावना 

गयाना: भारत और इंग्लैंड की टीमें टी20 वर्ल्ड कप 2024 के सेमीफाइनल में आमने सामने हैं। भारतीय टीम इस विश्व कप में अजेय रहते हुए सेमीफाइनल में पहुंची है। रोहित एंड कंपनी की नजर इंग्लैंड से 2 साल मिली हार का हिसाब बराबर करने पर है। इस मैच पर बारिश का खतरा मंडरा रहा है। मुकाबला भारतीय समय के मुताबिक रात 8:00 से खेल जाएगा। इस मुकाबले के लिए कोई रिजर्व डे नहीं रखा गया है। खबर ये है कि गयाना में फिर तेज बरसात शुरू हो चुकी है।

भारत और इंग्लैंड की क्रिकेट टीमें टी20 वर्ल्ड कप 2024 के दूसरे सेमीफाइनल में भिड़ रही हैं। यह मैच गयाना के प्रोविडेंस स्टेडियम में आज (27 जून) रात 8:00 बजे से खेला जाएगा। इस मुकाबले में बारिश खलल डाल सकती है। पिछले कुछ दिनों से यहां जमकर बरसात हो रही है। टीम इंडिया ने अजेय रहते हुए सेमीफाइनल का टिकट कटाया है। उसकी कोशिश इंग्लैंड से 2 साल पुरानी हिसाब बराबर करने की होगी। जोस बटलर एंड कंपनी ने 2022 टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में 10 विकेट से हराकर उसके फाइनल में पहुंचने का सपना तोड़ दिया था।

भारत टीम के हौसले बुलंद हैं और वह फाइनल में पहुंचने के लिए बेताब है। गयाना से अच्छी खबर ये आ रही है कि पिछले कुछ घंटों में वहां बारिश नहीं हुई है। हालांकि आसमान में बादलों का जमावड़ा है। ऐसे में मैच के दौरान बूंदाबांदी के आसार हैं।

टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत और इंग्लैंड (IND vs ENG) की टीमें 4 बार भिड़ चुकी हैं जहां दोनों को 2-2 मैचों में जीत नसीब हुई है। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में दोनों का आमना सामना 33 बार हुआ है जहां टीम इंडिया 12 मैच जीतने में सफल रही है वहीं इंग्लैंड 11 मैचों में विजयी रही है।

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा इस विश्व कप में 5 बार आउट हो चुकी हैं जिसमें 4 बार लेफ्ट आर्म पेसर ने उन्हें अपना शिकार बनाया है। सुपर 8 के आखिरी मैच में रोहित ने ऑस्ट्रेलिया के लिए दमदार पारी खेली थी। सेमीफाइनल में भी उनसे बड़ी पारी की उम्मीद है।

टीम इंडिया संभावित इलेवन: रोहित शर्मा (कप्तान), विराट कोहली, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), सूर्यकुमार यादव, शिवम दुबे, हार्दिक पंड्या, रवींद्र जड़ेजा, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव।

इंग्लैंड की संभावित XI: फिल साल्ट, जोस बटलर (कप्तान और विकेटकीपर), जॉनी बेयरस्टो, हैरी ब्रूक, मोइन अली, लियाम लिविंगस्टोन, सैम कुरेन, क्रिस जॉर्डन, जोफ्रा आर्चर, रीस टॉपले, आदिल राशिद।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कॉलेज में हिजाब बैन को बताया सही, कोर्ट ने कहा इस्लाम में यह जरूरी नहीं

मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट ने चेंबूर कॉलेज द्वारा छात्राओं के परिसर में बुर्का, हिजाब या नकाब पहनने पर लगाए गए प्रतिबंध को बरकरार रखा। जस्टिस ए एस चंदुरकर और राजेश पाटिल की बेंच ने मामले में सुनवाई की। कोर्ट ने कहा, “कॉलेज प्रशासन द्वारा ड्रेस कोड लागू करने के पीछे साफ उद्देश्य है। इरादा यह है कि किसी छात्र का धर्म उजागर नहीं होना चाहिए। यह छात्रों के हित में है।”

एन जी आचार्य और डी के मराठे कॉलेज के 9 छात्रों ने हिजाब पर लगाए गए बैन के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाई। इसमें हिजाब पर लगाए गए मनमाना, भेदभावपूर्ण और संविधान से मिले मौलिक अधिकारों व धर्म का उल्लंघन बताया गया था। कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया। इस दौरान कर्नाटक हाईकोर्ट के उस फैसले का हवाला दिया गया जिसमें कहा गया था कि हिजाब या नकाब पहनना इस्लाम को मानने वाली लड़कियों के लिए जरूरी नहीं है।

याचिका में कहा गया था कि कॉलेज द्वारा लागू किए गए ड्रेस कोड से छात्रों की पसंद और निजता के अधिकार प्रभावित होते हैं। हिजाब और नकाब पहनना मुसलमान महिलाओं के लिए अनिवार्य धार्मिक प्रथा है। इसपर कॉलेज की ओर से पेश हुए सीनियर वकील अनिल अंतुरकर ने इसी तरह के एक मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले का हवाला दिया। कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा था कि हिजाब या नकाब पहनना इस्लाम मानने वाली लड़कियों के लिए अनिवार्य प्रथा नहीं है।

याचिका पर सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट की पीठ ने कहा, “ड्रेस कोड छात्रों के बीच एकरूपता लाने के लिए लागू किया गया है, जिससे पता न चले कि कौन किस धर्म से है। अनुशासन बनाए रखने का कॉलेज का अधिकार एक शैक्षणिक संस्थान की स्थापना और प्रशासन के मान्यता प्राप्त मौलिक अधिकार से निकलता है। कॉलेज के निर्देश जाति, पंथ, धर्म या भाषा से परे सभी छात्रों पर लागू होते हैं।”

छह साल पहले Flipkart में किया था चप्पल ऑर्डर, डिलीवरी के अब आया Customer Care का Call

मुंबई : मुंबई के एक शख्स को ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट के कस्टमर केयर से उस ऑर्डर के लिए एक कॉल आया, जिसे उसने 6 साल पहले प्लेस किया था। शख्स ने सोशल मीडिया प्लैटफाॅर्म एक्स पर इसके बारे में बताया और देखते ही देखते इस पोस्ट ने सोशल मीडिया में समां बांध दिया।

भारत में जहां ई-कॉमर्स कंपनियां अपने यूजर्स तक उनका ऑर्डर किया हुआ सामान जल्द से जल्द डिलीवरी करने का वादा करती हैं, वहीं एक बड़ी ई-कॉमर्स का छह साल का पेंडिंग ऑर्डर सोशल मीडिया में बवाल काट रहा है. दरअसल, मुंबई के एक शख्स ने सोशल मीडिया प्लैटफाॅर्म एक्स पर एक पोस्ट कर एक ऐसे ऑर्डर के बारे में बताया है, जो बीते 6 साल से डिलीवर नहीं हो पाया है. यह पोस्ट इंटरनेट पर वायरल हो रहा है।

मुंबई में रहनेवाले एहसान खरबाई नाम के इस शख्स को ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट के कस्टमर केयर से उस ऑर्डर के लिए एक कॉल आया, जो उसने 6 साल पहले प्लेस किया था. एहसान ने सोशल मीडिया प्लैटफाॅर्म एक्स पर एक स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए यह बात कही। इस स्क्रीनशॉट में 16 मई 2018 का एक ऑर्डर देखा जा सकता है, जिसमें कस्टमर ने हवाई चप्पल मंगायी थी। उसके अगले दिन 19 मई 2018 को ऑर्डर शिप हो जाता है और उसका स्टेटस ‘ऑउट फॉर डिलीवरी’ यानी ऑर्डर डिलीवरी के लिए निकला दिखाई दे रहा है. वहीं, स्क्रीनशॉट में भी ऑर्डर डिलीवरी की एक्सपेक्टेड डेट 20 मई 2018 दिखाई दे रही है।

जानकारी के अनुसार, एहसान ने बताया कि 6 साल पहले मंगायी चप्पल आज तक आयी नहीं, लेकिन ऐप में हमेशा ऑर्डर ‘अराइविंग टुडे’ यानी आज आने का मैसेज आता था। आज तक ‘अराइविंग टुडे’ का मैसेज आता है। एहसान ने कहा कि जब उन्होंने 6 साल पुराने ऑर्डर के लिए कॉल किया तो मुझे आश्चर्य हुआ। एहसान की मानें, तो उनका यह ऑर्डर कैश ऑन डिलीवरी यानी डिलिवरी के बाद पेमेंट का था, तो उन्होंने इस ऑर्डर पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया।

एहसान खरबाई ने बताया है कि हाल ही में उन्होंने यह देखने के लिए इस ऑर्डर पर क्लिक किया कि क्या दिखाई देता है? और अगले दिन उन्हें फ्लिपकार्ट से एक कॉल आया जिसमें पूछा गया कि उन्हें उस ऑर्डर के साथ क्या दिक्कत आ रही है. जब एहसान ने अपनी समस्या बतायी, तो कस्टमर सर्विस रिप्रेजेंटेटिव ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें लॉजिस्टिक्स टीम से कोई कॉल आया था और यह कहते हुए कॉल पूरी हुई कि हमें इसके लिए खेद है. अब यह पोस्ट इंटरनेट पर वायरल हो रहा है।

विद्यासागर पुल पर वाहनों के जाम से निजात दिलाने के लिए कोलकाता पुलिस हुई सतर्क

कोलकाता : कोलकाता पहुंचने से पहले ही विद्यासागर सेतु पर वाहनों का तेल खत्म हो रहा है। इसलिए बीच सेतु पर वाहन खड़े हो जा रहे है। जिस कारण ट्रैफिक जाम लग रहा है। ऐसी परिस्थिति में पुलिस विद्यासागर सेतु पर यातायात को चालू रखने के लिए पेट्रोल और डीजल के बैरेल तैयार रख रही है। इसके साथ ही खराब वाहनों को तुरंत हटाने के लिए वहां पर रेकर भी तैनात किया जा रहा है। दूसरे हुगली ब्रिज या विद्यासागर ब्रिज पर ट्रैफिक जाम से बचने के लिए कोलकाता पुलिस के ट्रैफिक अधिकारी हावड़ा ट्रैफिक पुलिस के साथ लगातार संपर्क में हैं।

लालबाजार ने कहा कि मुख्यमंत्री का निर्देश मिलने के बाद ट्रैफिक पुलिस काफी सक्रिय हो गयी है। हाल ही में मुख्यमंत्री ने नवान्न के रास्ते में दूसरे हुगली ब्रिज पर ट्रैफिक जाम देखा । उन्होंने पुलिस कमिश्नर को फोन कर जाम का कारण जानना चाहा। मुख्यमंत्री के आह्वान के बाद पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल मंगलवार को पुलिस अधिकारियों के साथ पहले दौर की बैठक में बैठे। बुधवार को उन्होंने अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ एक और हुगली ब्रिज का दौरा किया। लालबाजार सूत्रों ने बताया कि पुलिस अधिकारियों ने इस बात की गहन जांच की कि दूसरे हुगली ब्रिज पर लगातार जाम क्यों लग रहा है।

जाम से बचने और पुल पर यातायात सुचारू करने के लिए पुलिस अधिकारियों ने भी कई निर्णय लिये। लालबाजार पुलिस मुख्यालय सूत्रों ने की माने तो जांच के बाद ट्रैफिक विभाग को पता चला कि दूसरे हुगली ब्रिज के दो लेन निर्माणाधीन हैं। इसलिए बाकी लेन पर दबाव है। यदि यातायात का दबाव अधिक होगा तो यातायात धीमा हो जाएगा। लेकिन पुल पर जाम लगने का मुख्य कारण वाहनों का अचानक खराब हो जाना है।

अक्सर देखा जाता है कि गाड़ियों के खराब होने के कारण वाहन पुल के बीच में ही रुक जाते हैं। धक्का देने पर भी कार स्टार्ट नहीं होगी। विद्यासागर सेतु ट्रैफिक गार्ड के कर्मी मौके पर पहुंचे और कार को सड़क के एक तरफ धकेल कर यातायात सुचारू करने का प्रयास किया।

लेकिन जब कोई बड़ा वाहन जैसे बस या मालवाहक वाहन पुल के बीच में खराब हो जाता है तो अन्य वाहनों को इधर-उधर जाने का मौका नहीं मिलता है। ऐसे में वाहन हटाने वाली गाड़ियां आने तक पुल पर जाम लगा रहता है। इस समस्या से बचने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने द्वितीय हुगली ब्रिज पर हर समय रेकर्स रखने का फैसला किया है। अगर कोई कार खराब हो जाए तो उसे तुरंत रेकर की मदद से हटा दिया जाएगा।

पुलिस के मुताबिक, यह भी देखा गया है कि दूर के जिलों या दूसरे राज्यों से कोलकाता आने के दौरान दूसरे हुगली ब्रिज का तेल खत्म हो गया है। कार में कोई अतिरिक्त तेल नहीं है, परिणामस्वरूप, कार अब नहीं चल सकती और इस वजह से ट्रैफिक जाम देखने को मिलता है। इन्हीं सब करणों से ट्रैफिक पुलिस ने पुल पर कई बैरल तेल जमा करने का फैसला किया है। पुलिस पेट्रोल और डीजल दोनों स्टॉक में रखेगी। अगर किसी गाड़ी में तेल खत्म भी हो जाए तो तुरंत तेल भरकर स्टार्ट करने की व्यवस्था की जा रही है। पुलिस ने कहा कि इस बीच, कोना एक्सप्रेसवे या हावड़ा में किसी अन्य सड़क पर ट्रैफिक जाम की स्थिति में, लालबाजार हर समय हावड़ा पुलिस के संपर्क में रहेगा ताकि इसका असर दूसरे हुगली ब्रिज परन पड़े।

गुरुवार को भी बंगाल के कई जिलों में अतिक्रमण जारी

कोलकाता: राज्य के कई हिस्सों में बीते दो दिनों से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज गुरुवार(27 जून) को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नवान्न सभा में बैठक की। इससे पहले आज सुबह से ही पूरे राज्य में अतिक्रमण विरोधी अभियान जारी रहा। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन ने कोलकाता से लेकर कूचबिहार तक पूरे बंगाल में फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान शुरू कर दिया है। 

गुरुवार को अभियान का तीसरा दिन है। गुरुवार सुबह से ही प्रशासन ने प्रदेश की विभिन्न नगर पालिकाओं में सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाए गए अवैध अस्थायी निर्माण को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसे लेकर कुछ स्थानों पर अस्थाई स्टॉल वालों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। रामपुरहाट में मारपीट की घटना भी हुई है। आज भवानीपुर के यदुबाबू बाजार में पुलिस अधिकारियों ने स्थायी व अस्थायी व्यापारियों से बात की। व्यापारियों को हिदायत दी गई है कि वे किसी भी तरह से अपनी दुकान का सामान फुटपाथ पर न रखें।

प्रशासन द्वारा मंगलवार से अतिक्रमण विरोधी अभियान शुरू किया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने सोमवार को नवान्न विधानसभा भवन में नगर पालिकाओं के अध्यक्षों, नगर निगमों के मेयरों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई। उन्होंने कहा कि वह विभिन्न नगर पालिकाओं के कामकाज से नाराज हैं। उन्होंने सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में किन नगर पालिकाओं ने अच्छा काम किया है और किन नगर पालिकाओं के काम में कमी रही है। तब से नगर पालिकाएं सक्रिय हैं।

सीएम के निर्देश के बाद कुछ जगहों पर सोमवार से कार्रवाई शुरू हो गयी। मंगलवार की सुबह से ही सक्रियता बढ़ गयी। बुधवार को भी ऐसी ही गतिविधि देखी गई। इसके बाद प्रशासन ने गुरुवार सुबह से अवैध सरकारी जमीन और फुटपाथ पर रेहड़ी-स्टॉल वालों को हटाने के लिए कदम उठाना शुरू कर दिया। आइए एक नजर डालते हैं कि आज गुरुवार सुबह से अतिक्रमण विरोधी अभियान को लेकर प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं।

कोलकाता नगर पालिका
अलीपुर में गुरुवार सुबह चिड़ियाघर के पास कई अस्थायी दुकानों पर बुलडोजर चला दिया गया। वहीं, यदुबाबू बाजार में नगर पालिका और पुलिस व्यापारियों से फुटपाथ खाली करने का अनुरोध करने के लिए माइक्रोफोन के माध्यम से अभियान चला रही है। संयोग से ये दोनों जगहें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर की हैं। बुधवार दोपहर से अलीपुर चिड़ियाघर के सामने कई अस्थायी दुकानें तोड़ दी गईं। गुरुवार सुबह तक कार्रवाई जारी रही। यदुबाबू बाजार में पुलिस एक दुकानदार को सड़क से सामान हटाने के लिए कहती नजर आई।

राजपुर-सोनारपुर नगर पालिका
प्रशासन ने पुलिस के साथ मिलकर गरिया और सोनारपुर इलाके में भी कार्रवाई की है। गरिया बाजार, काजी नजरूल मेट्रो स्टेशन क्षेत्र में कब्जे वाले क्षेत्रों से ‘कब्जाधारियों’ को हटा दिया गया है। फुटपाथ भी साफ कर दिए गए हैं। यह अभियान एनएससी बोस रोड पर गरिया से महामायातल्ला तक जारी रहेगा। उधर, प्रशासन ने सोनारपुर बाजार इलाके में भी कार्रवाई शुरू कर दी है। राजपुर-सोनारपुर नगर पालिका के मेयर पल्लब कुमार दास ने जमीन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का निरीक्षण किया। यहां सोनारपुर और नरेंद्रपुर थाने भी हैं। पल्लब ने कहा, ”पूरे इलाके को अतिक्रमण मुक्त कर दिया जाएगा।” लोगों को कोई असुविधा न हो इसका ख्याल रखा जाएगा। सरकारी जमीन पर जबरन कब्जा करने वालों को हटाया जा रहा है।” स्थायी निवासियों के एक वर्ग के अनुसार, यदि ‘कब्जाधारियों’ को हटा दिया जाता है, तो परिवहन में सुविधा होगी। हालांकि, प्रशासन के इस अभियान के चलते फुटपाथ पर व्यवसाय करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग 20 साल या उससे अधिक समय से व्यवसाय में थे। लॉकडाउन अवधि के बाद से कई लोगों ने फुटपाथ पर व्यवसाय शुरू कर दिया है। उनके मुताबिक वे फुटपाथ पर कारोबार कर अपना परिवार चला रहे थे।

कमरहाटी नगर पालिका
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन ने आज गुरुवार से डनलप में अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू कर दिया। प्रशासन ने अवैध कब्जाधारियों को हटाने के लिए पहले ही माइक से प्रचार कर दिया था। इसके बाद गुरुवार की सुबह प्रशासन ने डनलप से कमरहटी बीटी रोड के दोनों तरफ अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। हालांकि ‘निवर्तमान’ कारोबारियों का दावा है कि वे 30-40 साल से इसी तरह कारोबार कर रहे हैं। एक स्थानीय दुकानदार ने कहा, ”मुझे पता है कि सड़क पर लोगों के लिए यह मुश्किल है। हालांकि, पेट भरने के लिए काम तो करना ही पड़ता है। दीदी जरूर हमलोगों के लिए कुछ इंतजाम करेंगी।

रिसड़ा नगर पालिका
रिसड़ा नगर पालिका क्षेत्र में फुटपाथ पर कब्जा करने वाली दुकानों को हटाने के लिए प्रशासन ने माइक से अभियान चलाया। सरकारी परिसर में कब्जा जमाये अस्थायी दुकानदारों को सात दिनों के अंदर दुकानें खाली करने का आदेश दिया गया है। प्रशासन ने यह भी बताया है कि अगर सात दिन के अंदर दुकान नहीं हटी तो उसे तोड़ दिया जाएगा। हालांकि, गुरुवार को रिसड़ा मैत्री पथ, स्टेशन रोड, रामकृष्ण रोड, एनएस रोड इलाके में कार्रवाई की गयी और सड़क पर बने अस्थायी निर्माण टेंट को हटा दिया गया। रिसड़ा नगर पालिका की ओर से बताया गया है कि यह अभियान अभी हर दिन जारी रहेगा।

रामपुरहाट नगर पालिका
रामपुरहाट शहर में फुटपाथों पर अतिक्रमणकारियों’ को हटाने का अभियान गुरुवार की सुबह शुरू हुआ। रामपुरहाट के वार्ड नंबर 17 और नंबर 3 के अस्थायी व्यवसायियों की पुलिस से नोकझोंक हुई। दुकान तोड़े जाने के बाद कुछ व्यापारी फूट-फूटकर रोने लगे। उनका सवाल है कि पुलिस पहले से सूचना देकर बेदखली अभियान में क्यों नहीं आई? हालांकि प्रशासन का दावा है कि बुधवार को ही व्यापारियों को वहां से हटने का आदेश दे दिया गया था। उनके लिए माइक से प्रचार भी किया गया। लेकिन यह कदम इसलिए है क्योंकि वे हिलते नहीं हैं। गुरुवार को इस अतिक्रमण अभियान में रामपुरहाट के जिलाधिकारी सौरव पांडे, नगर पालिका अध्यक्ष सौमेन भकत और रामपुरहाट पुलिस स्टेशन आईसी मौजूद थे।

बोलपुर नगर निगम
रामपुरहाट नगर निगम के साथ-साथ बोलपुर नगर निगम ने भी गुरुवार को अवैध ‘अतिक्रमण’ को हटाने का अभियान शुरू किया। नगर पालिका ने बोलपुर हाई स्कूल और श्रीनिकेतन इलाके में जेसीबी से फुटपाथ तोड़ने का काम शुरू कर दिया है। नगर निगम के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। वहां बोलपुर थाने की पुलिस भी है।

 न्यू मार्केट के पुलिस ने रोक दिया अभियान, ममता ने हॉकर्स को दिया एक महीने का समय

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राजधानी कोलकाता सहित पूरे राज्य में फुटपाथ समेत अन्य सरकारी जमीनों पर जबरदस्ती कब्जे को हटाने के सख्त निर्देश दिए था। जिसके बाद पिछले तीन दिनों से पुलिस फुटपाथों को कब्जा मुक्त करने का लगातार अभियान चलाती रही है।

न्यू मार्केट, बेहाला, अलीपुर, एसएसकेएम अस्पताल के पास समेत महानगर के कई इलाकों में फुटपाथों पर बनी दुकानों को पुलिस ने बुलडोजर से तोड़ दिया है। जिसके बाद जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हुए, लोग रो रहे थे लेकिन पुलिस ने एक न सुनी। हालांकि राजधानी कोलकाता का दिल कहे जाने वाले धर्मतल्ला के सबसे पॉस इलाके ग्रैंड ओबेरॉय होटल के पूरे फुटपाथ को पिछले कई दशकों से कब्जा कर रखा गया है।

यहां 90 फ़ीसदी से अधिक मुस्लिम कारोबारी हैं। इसके पास ही ऐतिहासिक न्यू मार्केट और हॉग मार्केट के चारों ओर भी इसी तरह से स्थानीय अल्पसंख्यक कारोबारी की ओर से घेर कर जबरदस्ती दुकानें लगाई जाती रही हैं। बुधवार को यहां पुलिस की टीम खाली करवाने तो पहुंची थी लेकिन अचानक वापस चली गई। इसके बाद गुरुवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुबह-सुबह सचिवालय में इसे लेकर बैठक की और इस अभियान पर रोक लगा दी है।

ममता ने कहा कि हमें किसी का रोजी-रोटी छीनने का हक नहीं है। ममता ने हालांकि इस रोक पर पर्दा डालने के लिए कई बड़ी बातें की। उन्होंने कहा कि फुटपाथ पर कब्जे के लिए हॉकर दोषी नहीं हैं बल्कि हम लोग दोषी हैं। पुलिस प्रशासन का लोभ बहुत बढ़ गया है।

स्थानीय नेता फुटपाथ पर कब्जा करवाते हैं। उन्होंने कहा कि अब अगर कहीं फुटपाथ पर कब्जा होगा तो स्थानीय पार्षद की गिरफ्तारी होगी। इतना ही नहीं और बड़ी घोषणा करते हुए ममता ने कहा कि न्यू मार्केट और ग्रैंड ओबेरॉय होटल के पास जो लोग फुटपाथ पर बिजनेस करते हैं (अधिकतर अल्पसंख्यक समुदाय के हैं), उनके लिए अलग से मार्केट बनाया जाएगा जहां उन्हें बैठने की जगह दी जाएगी।

यहां दुकानें लगाने वाले लोग ग्रैंड ओबेरॉय होटल के सामने ही कारोबार पर अड़े हुए हैं। उनसे गुजारिश करते हुए ममता ने कहा कि आप लोगों को समझना होगा। यह सुरक्षा का मामला है। ग्रैंड ओबेरॉय होटल में देश विदेश से बड़े-बड़े लोग आते हैं जहां सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था होती है। कहीं कोई बात हो गई तो केंद्र सरकार जांच के लिए एनआईए को भेजने लगेगी।

इसके बाद ममता ने कहा कि फिलहाल एक महीने तक फुटपाथ पर कब्जे को हटाने के अभियान को बंद रखा जाएगा। इस समय के भीतर जो लोग भी फुटपाथ पर दुकान लगा रहे हैं, उन्हें कहीं और शिफ्ट हो जाना होगा। अपना सारा सामान हटा लेना होगा। उन्होंने कहा कि यह बहुत जरूरी है कि कोलकाता के फुटपाथ कब्जा मुक्त रहें और सरकारी जमीनों पर जबरदस्ती कब्जा ना हो।

TMC के ‘जय बांग्ला’ नारे पर BJP सांसद अभिजीत गांगुली का कटाक्ष

कोलकाता: तामलुक से BJP सांसद और कोलकाता हाईकोर्ट के पूर्व जज अभिजीत गंगोपाध्याय ने TMC के ‘जय बांग्ला’ नारे पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, ‘यह एक बीमारी का नाम है।’ 18वीं लोकसभा में मंगलवार को TMC के नवनिर्वाचित सांसदों ने शपथ ली।

शपथ पढ़ने के बाद ज्यादातर TMC सांसदों ने जय बांग्ला के नारे लगाये। इसके बाद सांसद गंगोपाध्याय ने TMC पर निशाना साधा। इस संदर्भ में अभिजीत ने कहा, ‘जय बांग्ला एक बीमारी का नाम है। जब हम छोटे थे तो आंखों की एक खास तरह की बीमारी होती थी, जिसे जय बांग्ला कहा जाता था। नेत्रों को निम्फल से स्थिर करना चाहिए। तभी जॉय बांग्ला नाम बनाया गया।

संसद में TMC सांसदों के जय बांग्ला के नारे सुनकर अभिजीत ने कटाक्ष किया ‘शायद उनकी आंखों से पानी गिरने का समय आ गया है इसलिए वे लोग जय बांग्ला, जय बांग्ला कह रहे हैं।’ साल 2021 में विधानसभा चुनाव के बाद से बंगाल में जय बांग्ला नारा लोकप्रिय हो गया। बीजेपी के जय श्रीराम नारे के खिलाफ TMC नेता जय बांग्ला के नारे लगाते दिखे।

पूर्वी मेदिनीपुर का तामलुक बंगाल के राजनीतिक क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण केंद्रों में से एक है। इस बार तामलुक में बीजेपी सांसद की जीत हुई। तामलुक शुरू से ही कांग्रेस का गढ़ था। पूर्वी मेदिनीपुर जिले के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक यहां पर कभी कांग्रेस का वर्चस्व था।

TMबाद में तामलुक पर पूरी तरह से वामपंथियों का वर्चस्व हो गया। 2009 में आज़ादी की लड़ाई से जुड़े तामलुक में वामपंथियों के खिलाफ आंदोलन से बड़ा बदलाव आया। उस साल लोकसभा चुनाव में पहली बार वहां टीएमसी को जीत मिली। शुभेंदु अधिकारी सांसद बने। अधिकारी परिवार की राजनीति की शुरुआत हुई।

सोने-चांदी के दाम हुए कम! सस्ते में खरीदने का सुनहरा मौका

नई दिल्ली: एचडीएफसी सिक्योरिटीज के अनुसार, वैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं के प्राइस घटने के बाद बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमत 250 रुपये कम होकर 72,300 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। वहीं, चांदी की कीमत भी 900 रुपये घटकर 90,600 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई।

पिछले सत्र में गोल्ड 72,550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी भी मंगलवार को 91,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। दिल्ली के बाजारों में हाजिर सोने (24 कैरेट) की कीमतें 72,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रही हैं, जो पिछले बंद भाव से 250 रुपये कम है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में, कॉमेक्स में हाजिर सोना 2,316 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से 8 डॉलर कम है। गांधी ने कहा कि फेडरल रिजर्व के नीति निर्माता की हालिया आक्रामक टिप्पणियों के बाद सोने पर दबाव आया, जिससे निवेशकों की मौद्रिक नीति में ढील की उम्मीदें धराशायी हो गईं।

इसके अलावा, चांदी भी 28.95 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई। पिछले सत्र में यह 29.40 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई थी। कमोडिटी बास्केट में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद सोने के वायदे एक सीमा में अटके हुए हैं, क्योंकि व्यापारी/निवेशक गुरुवार को अमेरिकी जीडीपी संख्या और शुक्रवार को महत्वपूर्ण पीसीई मुद्रास्फीति डेटा की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जो अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में कटौती के बारे में कुछ संकेत दे सकते हैं।वि

एलकेपी सिक्योरिटीज में कमोडिटी एंड करेंसी के वीपी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के अनुसार, बुधवार को सोने की कीमतें सीमित दायरे में रहीं। हाल के समापन स्तरों और डॉलर इंडेक्स के दबाव के कारण रुझान कमजोर दिखाई देता है।

कराची में 450 लोगों की मौत, शवों को रखने के लिए नहीं मिल रही जगह

कराची : पाकिस्तान के कराची में भीषण गर्मी का कहर जारी है। पिछले कुछ दिनों से कराची के लोग भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं। बीते चार दिनों में कराची में लू से 450 लोगों की मौत हो चुकी है। चिंताजनक बात यह है कि यह मौत बेघर और सड़क पर रहने वालों की हुई है जिसकी वजह से परिजनों से शवों की पहचान करवाने में काफी दिक्कत हो रही है।

पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में भीषण गर्मी के कारण पिछले चार दिनों में 450 लोगों की मौत हो गई है। एक प्रमुख एनजीओ ईधी फाउंडेशन ने बुधवार को यह दावा किया है। पाकिस्तान का बंदरगाह शहर कराची शनिवार से लू की चपेट में है। बुधवार को लगातार तीसरे दिन पारा 40 डिग्री के पार रहा, जो तटीय क्षेत्रों के लिए बहुत अधिक तापमान है। फाउंडेशन के प्रमुख फैसल ईधी ने कहा कि कराची में हमारे चार मुर्दाघर हैं। वहां शवों को रखने के लिए जगह नहीं बची है।

ज्यादातर शव बेघर लोगों और सड़कों पर नशा करने वालों के हैं। उन्होंने कहा कि मुर्दाघर में सोमवार को 128 और मंगलवार को 135 शव लाए गए थे। अधिकांश मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है, क्योंकि परिवार का कोई भी सदस्य दावा करने नहीं आया है।

मौत के लगातार मामले सामने आने के बाद सिंध की सरकार ने कराची में 77 हीट वेव राहत केंद्र स्थापित किए हैं। यह कदम पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग द्वारा देश के दक्षिणी क्षेत्रों में अत्यधिक तापमान को लेकर गंभीर चेतावनी के बीच उठाया गया है। कराची के अस्पतालों में हर दिन भारी संख्या में मरीज आ रहे हैं, जिससे शहर के चिकित्सा संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है।

भीषण गर्मी से दक्षिण बंगाल में हालत पस्त, लोग परेशान

कोलकाता: दक्षिण बंगाल में गर्मी से हाल बेहाल है। जून का महीना लगभग खत्म होने जा रहा है बावूजद दक्षिण बंगाल में तापमान में कोई परिवर्तन नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में अलीपुर मौसम विभाग ने थोड़ी राहत दी है। अगले बुधवार तक कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल में तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है। वहीं, उत्तर बंगाल के जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग के सूत्रों के मुताबिक आज से 2 जुलाई तक कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के सभी जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। कुछ जिलों में बारिश के साथ-साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। अधिकतम हवा की गति 50 किमी प्रति घंटा हो सकती है। वहीं, उत्तर बंगाल के जिलों में भी आंधी तूफान का पूर्वानुमान जारी किया गया है। बंगाल की खाड़ी में चक्रवात के कारण भारी बारिश की आशंका जताई गई है।

यहां भी दो जुलाई तक बारिश हो सकती है। गुरुवार को दार्जिलिंग, कलिम्पोंग जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूचबिहार में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। जिले के बाकी हिस्सों में छिटपुट बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने कहा कि अगले 5 दिनों तक पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में तापमान में कोई बदलाव नहीं होगा। अगले 5 दिनों में उत्तर बंगाल के जिलों में भी तापमान में कोई बदलाव नहीं होगा।

सियादह में जुलाई से सभी 1-5 प्लेटफॉर्म पर चलेंगी ट्रेनें

कोलकाता: सियालदह के प्लेटफॉर्म नंबर 3 और 4 से 12 कोच की ट्रेनें चलने लगीं हैं। प्लेटफार्म 1, 2 और 5 से भी ट्रेनों का संचालन शुरू हो चुका है। अब 12 डिब्बों वाली लोकल ट्रेनें 5 प्लेटफॉर्म से रवाना होगी। यानी सियालदह से खुलने वाली सभी लोकल ट्रेनें अब 12 कोच की होंगी। इसलिए यात्रियों को लोकल ट्रेन में यात्रा करने में पहले जैसी परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।

बताया गया कि जुलाई से सियालदह के प्लेटफॉर्म 1 से 5 तक 12 कोच वाली EMU लोकल चलेगी। लेकिन, उससे पहले ही 3-4 प्लेटफॉर्म से ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाने से यात्री खुश हैं। रेलवे के मुताबिक, यार्ड संशोधन और नॉन-इंटरलॉकिंग का काम 9 जून को पूरा हो गया था, लेकिन सियालदह प्लेटफॉर्म नंबर 3 और 4 के दमदम लाइन पर कुछ निर्माण कार्य बाकी था। उन कार्यों को यात्रियों को ध्यान में रखते हुए बिना किसी रुकावट के धीरे-धीरे पूरा किया गया है। इसलिए सियालदह के प्लेटफॉर्म नंबर 3 और 4 से 12 कोच वाली ईएमयू के साथ, 12 कोच की लोकल ट्रेनें अब सियालदह के 1 से 5 तक सभी प्लेटफॉर्म पर चल सकेंगी।

सियालदह डिवीजन पर प्रतिदिन लगभग 892 लोकल ट्रेनें चलती हैं। लेकिन, अब तक सियालदह सब अर्बन प्लेटफॉर्म की लंबाई कम होने के कारण सियालदह मेन और नॉर्थ ब्रांच पर सभी 12 कोच वाली ट्रेनों को चलाना मुश्किल था। अब वह समस्या दूर हो गई है, सियालदह मेन ब्रांच पर अधिक संख्या में 12 कोच वाली लोकल ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। 9 डिब्बों की बजाय 12 डिब्बों वाली यह लोकल ट्रेन प्रति यात्रा लगभग 1000 अतिरिक्त यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगी। सियालदह मेन और नॉर्थ ब्रांच के बिधाननगर, दमदम, बिड़ाटी, बारासात, सोदपुर, बराकपुर, नैहाटी आदि अत्यधिक आबादी वाले इलाकों की आबादी लगातार बढ़ रही है। 12 कोच वाली ट्रेन शुरू होने से यात्रियों को कई फायदे मिलेंगे।

सियालदह में 12 कोच वाली इस ट्रेन को चलाने से आम यात्री खुश हैं। क्योंकि, पहले वे भीड़भाड़ वाली ट्रेन में नहीं चढ़ पाते थे, अब आसानी से यात्रा कर सकते हैं। पूर्व रेलवे के जनसंपर्क प्रवक्ता श्री कौशिक मित्रा ने पहले कहा, ‘पूर्व रेलवे विश्वसनीय और यात्री-केंद्रित रेल सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्लेटफॉर्म पर 12 कोच वाली ट्रेन शुरू होने से यात्री अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा कर सकेंगे।’

भारतीय पर्वतारोहियों ने पीर पंजाल रेंज में गुप्त पर्वत को फतह किया

कोलकाता :पश्चिम बंगाल के नौ पर्वतारोहियों की एक टीम ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीति जिले के पीर पंजाल रेंज में 5,988 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एक चोटी ‘गुप्त पर्वत’ को फतह किया। इस चोटी पर इससे पहले कोई भी पर्वतारोही पहुंचने में सफल नहीं हुआ था। पर्वतारोहण टीम के क्लब ने यह जानकारी दी।

पर्वतारोहियों ने बताया कि इस पर्वत का नाम इसकी विशिष्ट भौगोलिक स्थिति के कारण पड़ा है। यह चोटी हिमालय पर्वतमाला की अन्य चोटियों के बीच अदृश्य है, जिसके कारण इसकी तस्वीर लेना भी लगभग असंभव है।

कोलकाता के दक्षिण में बाहरी इलाके सोनारपुर में स्थित पर्वतारोहियों के क्लब सोनारपुर आरोही द्वारा संचालित तथा पर्वतारोही रूद्र प्रसाद हलदर के नेतृत्व में टीम लगभग आठ घंटे की चढ़ाई के बाद सुबह करीब 8.45 बजे गुप्त पर्वत की चोटी पर पहुंची।

इस टीम में विश्व के सबसे युवा पर्वतारोही और प्रत्येक महाद्वीप की सात चोटियों तथा सात ज्वालामुखी चोटियों पर चढ़ने वाले भारत के पहले शख्स सत्यरूप सिद्धांत शामिल थे तथा इसमें एक महिला सदस्य दीपोश्री पॉल भी शामिल थीं।

यह टीम तीन जून को कोलकाता से माउंट शिकार बेह (6,200 मीटर) और गुप्त पर्वत की चोटी पर चढ़ने के दोहरे लक्ष्य के साथ रवाना हुई थी, लेकिन पता चला कि जब पर्वतारोही चोटी पर जाने के लिए रास्ता बनाने में सफल हो गए, तभी हिमस्खलन के कारण महत्वपूर्ण चढ़ाई उपकरण नष्ट हो गए, जिसके कारण उन्हें शिखर पर चढ़ने की उम्मीद छोड़नी पड़ी।

इसके बाद टीम ने गुप्त पर्वत को फतह करने पर ध्यान केंद्रित किया। पर्वतारोहण सहायता दल के सदस्य दीपांजन दास ने बताया, ‘‘टीम ने 5,285 मीटर की ऊंचाई पर शिविर स्थापित किया और पर्वत के पश्चिमी हिस्से के माध्यम से चोटी तक पहुंचने की योजना बनाई। पिछले तीन दिन से लगातार बर्फबारी के कारण पर्वतारोही चोटी तक पहुंचने के लिए समय का इंतजार कर रहे थे। आखिरकार उन्होंने 25 जून को तड़के एक बजे शिखर पर चढ़ने की योजना बनाई।’’

अंतिम सूचना मिलने तक, पर्वतारोही सफलतापूर्वक शिविर तक उतर चुके थे और आगे शिविर-एक की ओर जाने की योजना बना रहे थे।

सत्यरूप की मां गायत्री सिद्धांता (70) ने कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि मैं आज उन सबकी उपलब्धि से खुश हूं। लेकिन उससे भी अधिक, मुझे इस बात से बहुत राहत मिली है कि चोटियों पर कई मुश्किलों का सामना करने के बावजूद टीम के सभी सदस्य सुरक्षित हैं।’’

क्लब की वेबसाइट पर बताया गया है कि सोनारपुर आरोही क्लब के सदस्यों की उपलब्धियों में माउंट एवरेस्ट पर उसके उत्तर और दक्षिण दोनों तरफ से चढ़ाई, पूर्वी भारत में माउंट कंचनजंघा पर चढ़ाई से लेकर पश्चिमी क्षेत्र में कच्छ के रण, ट्रांस-हिमालयी साइकिलिंग अभियान और अफ्रीका में माउंट किलिमंजारो की चोटी तक साइकिलिंग अभियान शामिल हैं।

CBI गिरफ्तारी के बाद अरविंद केजरीवाल की शुगर लेवल डाउन, कोर्ट रुम में हुए अस्वस्थ 

नई दिल्ली : दिल्ली शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही है। हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज हाेने के बाद अब उन्‍हें राउज एवेन्‍यू कोर्ट में पेश किया गया था, यहां से सीबीआई ने उन्‍हें गिरफ्तार कर लिया है।

दिल्ली शराब नीति मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्‍हें आज राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया था। इस दौरान कोर्ट में ही केजरीवाल की तबीयत बिगड़ गई। बताया गया कि कोर्ट रूम में ही उन्‍हें घबराहट होने लगी और शुगर लेवल डाउन हो गया। इसके बाद केजरीवाल को पास के अन्‍य रूम में लाया गया।

गौरतलब है कि मंगलवार को सीबीआई ने तिहाड़ जेल में केजरीवाल से शराब नीति से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में पूछताछ की थी। बताया जाता है कि सीबीआई उनके जवाबों से संतुष्ट नहीं है।

अरविंद केजरीवाल की जमानत से जुड़ी याचिका पर भी आज सुनवाई होना है। दरअसल, राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल को जमानत दे दी थी, लेकिन ईडी इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंच गई। यहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने उनकी जमानत पर रोक लगा दी।

हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सर्वोच्‍च न्‍यायालय में 24 को मामला लिस्ट हुआ था, लेकिन अदालत ने हाईकोर्ट के ऑर्डर की कॉपी न मिलने का हवाला देकर 26 जून के लिए सुनवाई टाल दी थी।

 

ओम बिरला दूसरी बार बने लोकसभा स्पीकर

नई दिल्ली:18वीं लोकसभा के स्पीकर पद के लिए एनडीए ने ओम बिरला को उम्मीदवार बनाया है। उनका सामना कांग्रेस के के सुरेश से था। ओम बिरला बीजेपी के सीनियर नेता है और 17वीं लोकसभा में भी स्पीकर का पद संभाल चुके हैं। उस समय वह निर्विरोध चुने गए थे। एनडीए ने एक बार फिर से उनको उम्मीदवार बनाया है। वह राजस्थान की कोटा बूंदी सीट से तीसरी बार के सांसद हैं। अगर ओम बिरला लोकसभा स्पीकर का चुनाव जीत जाते हैं तो वह इतिहास बना देंगे। क्यों कि देश के इतिहास में अब तक कोई भी सांसद लगातार दो कार्यकाल में स्पीकर नहीं रहा है। लेकिन ओम बिरला का नाम एनडीए ने फिर से आगे किया है। हालांकि लोकसभा के संख्या बल के हिसाब से उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है।

ओम बिरला का ताल्लुक राजस्थान के कोटा से है। उन्होंने कोटा बूंदी लोकसभा सीट से तीसरी बार लोकसभा चुनाव जीता है। बीजेपी से बागी होकर कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजन को 41974 वोटों से शिकस्त देकर वह लगातार तीसरी बार संसद पहुंचे हैं। RSS का गढ़ माने जाने वाले कोटा के चुनावी मैदान में बीजेपी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला पर फिर से भरोसा जताया था। जो उन्होंने भी टूटने नहीं दिया। वह कोटा के इतिहास में वैद्य दाऊदयाल जोशी जी के बाद लगातार तीन बार विधानसभा और तीन बार लोकसभा चुनाव जीतने वाले पहले नेता हैं।

ओम बिरला साल 2003 अब तक कोई भी चुनाव हारे नहीं हैं। साल 2003 में उन्होंने कोटा से पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। साल 2008 में उन्होंने कोटा दक्षिण सीट से कांग्रेस नेता शांति धारीवाल को शिकस्त दी थी। साल 2013 में उन्होंने तीसरी बार कोटा दक्षिण सीट से चुनाव जीता था। हालांकि लोकसभा चुनाव उन्होंने पहली बार साल 2014 में लड़ा और विजयी भी हुए। तब से लेकर अब तक यानी कि 2019 और 2024 में उन्होंने जीत का ही स्वाद चखा है। साल 2019 में बीजेपी ने जब उनको स्पीकर बनाया, तो हर कोई हैरान रह गया। लंबा संसदीय अनुभव न होने के बाद भी ओम बिरला ने जिस तरह से सदन को चलाया, वह तारीफ-ए-काबिल रहा।

ओम बिरला का निजी जीवन
ओम बिरला का जन्म 23 नवंबर 1962 को राजस्थान के कोटा शहर में हुआ था। उनके पिता का नाम श्रीकृष्ण बिरला और माता का नाम श्रीमती शकुन्तला देवी था। 11 मार्च 1991 को उन्होंने डॉक्टर अमिता बिरला से शादी की। आकांक्षा और अंजलि बिरला नाम की उनकी दो बेटियां हैं। ओम बिरला की पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो उन्होंने साल 1986 में महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय से एम.कॉम. की डिग्री ली थी।

19 जून 2019 को वह सर्वसम्मति से 17वीं लोकसभा के अध्यक्ष निर्वाचित किए गए.साल 2019 में वह 17वीं लोकसभा में कोटा बूंदी लोकसभा क्षेत्र से सासंद चुने गए। साल 2014 में 16वीं लोकसभा में भी वह कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए। साल 2003, 2008 और 2013 में राजस्थान विधानसभा में वह कोटा और कोटा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार विधायक चुने गए। साल 2009-10 में वह राजकीय उपक्रम समिति के सदस्य और सामान्य प्रयोजनों संबधी समिति के सदस्य रहे। 1997-2003 तक वह भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे. 1993-1997 तक वह भारतीय जनता युवा मोर्चा राजस्थान प्रदेश के अध्यक्ष रहे। 1987-1991 तक वह भारतीय जनता युवा मोर्चा कोटा जिलाध्यक्ष रहे। 2002-2004 तक वह राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ लि. नई दिल्ली के उपाध्यक्ष रहे.।

1992-2004 तक वह राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ लि. नई दिल्ली के डायरेक्टर रहे। 1992-1995 तक वह राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ लि, जयपुर के अध्यक्ष रहे। 1987-1995 तक वह कोटा सहकारी उपभोक्ता होलसेल भण्डार लि., कोटा के अध्यक्ष रहे. 1978-1979 तक वह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, गुमानपुरा, कोटा के छात्र संघ अध्यक्ष रहे।

ओम बिरला ऐसे पहले लोकसभा स्पीकर हैं, जिनके नाम पर नए और पुराने दोनों संसद भवनों में काम करने का रिकॉर्ड है। 17वीं लोकसभा में उनका कार्यकाल काफी चर्चा में रहा। क्योंकि उनके अध्यक्ष रहते ही टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को संसद से निष्कासित किया गया। साथ ही बड़ी तादात में सांसदों को भी सस्पेंड किया गया था।

उनके ही कार्यकाल में अनुच्छेद 370 खत्म होने, नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू होने, तीन आपराधिक कानून लागू होने समेत अनेक अहम विधायी कामकाज हुए। ओम बिरला ऐसे इकलौते लोकसभा अध्यक्ष रहे, जिनके कार्यकाल में कोई भी लोकसभा उपाध्यक्ष नहीं चुना गया।

कोरोना महामारी के बीच आयोजित 17वीं लोकसभा के चौथे सत्र की उत्पादकता 167% रही, जो लोकसभा के इतिहास में सबसे ज्यादा है।
संसद के संचालन में वित्तीय अनुशासन को प्रोत्साहित कर 801 करोड़ की बचत की गई।
17वीं लोक सभा के दौरान 222 विधेयक कानून बने, जो पिछली तीन लोकसभा में सबसे ज्यादा है।
17वीं लोकसभा के दौरान विधेयकों पर कुल 440.54 घंटे चर्चा हुई, जो पिछली चार लोकसभा में सबसे ज्यादा है।
17वीं लोक सभा के दौरान विभिन्न विधेयकों पर कुल 2910 सदस्यों ने चर्चा की, जो पिछली चार लोकसभा में सबसे ज्यादा है।
ज्ञान के समृद्ध कोष संसद की लाइब्रेरी को 17 अगस्त 2022 से आमजन के लिए खोल दिया गया।

ओम बिरला ने कोटा शहर में IIT की स्थापना के लिए बड़े स्तर पर जनआंदोलन किया। बूंदी जिले को चंबल नदी का पानी उपलब्ध कराने के लिए भी उन्होंने आंदोलन किया। राजस्थान एटोमिक पावर प्लांट रावतभाटा में स्थानीय लोगों को रोजगार और क्षेत्र के विकास के लिए बड़े स्तर पर जन आंदोलन किया।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से युवाओं के जॉब रहेंगे सिक्योर

नई दिल्ली : AI या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारे आधुनिक युग के महान अविष्कारों में से एक है। AI की उन्नति ने स्वास्थ्य सेवा, व्यवसाय, शिक्षा और समाज जैसे विभिन्न क्षेत्रों में क्रांति ला दी है और वैश्विक स्तर पर इसका उपयोग लगातार बढ़ रहा है, जिससे कही न कही संभावित नौकरी छूटने की चिंता भी बढ़ रही है। युवा वर्ग तो इस बात से और भी डरा हुआ है, पर चिंता करने की बात नही है । AI किसी की नौकरी नहीं खाने वाला है, उल्टा नई नौकरियां लाने वाला है, ऐसा कहना है Deloitte के रोहित टंडन का।

इस विषय के ऊपर अनेक जानकारों के अलग अलग मत हैं। कुछ लोगो का अनुमान है कि AI भविष्य में कई नौकरियों को खत्म कर देगा, वहीं बहुत से लोगो का मत है कि ये नए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा। AI के पक्ष में बोलने वालों में अब डेलॉइट कंपनी के कार्यकारी रोहित टंडन का भी नाम जुड़ गया है . युवाओं को आने वाले समय में AI से डरने की जरूरत नहीं है, क्युकी कृत्रिम मेधा भविष्य में लोगो के लिए और नए नौकरी के अवसर लेके आ सकती है।

मीडिया से बातचीत के दौरान डेलॉइट एलएलपी के एआई प्रभाग के एमडी रोहित टंडन ने बताया कि एआई नौकरियों को खत्म नहीं करेगा, बल्कि कुछ सरल कार्यों का स्थान लेगा और नई नौकरियों के अवसर पैदा करेगा। टंडन ने बताया कि उन्हें भविष्य में ऐसा लगता है कि एआई इंसानों के साथ मिलकर काम करेगा, उन पर कब्ज़ा नही।

बंगाल में ममता की दवाई का असर, विधाननगर में बुलडोजर से कार्रवाई

कोलकाता: सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नवान्ना में एक बैठक की। बैठक के दौरान सीएम ने शहर के सड़कों पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ सख्त एक्शन लेने का निर्देश दिया। सीएम के आदेश पर आज कोलकाता पुलिस की अगुवाई में जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने साल्टलेक में अस्थायी दुकानदारों को मंगलवार सुबह फुटपाथ से हटने का निर्देश दिया। यह अभियान कॉलेज मोड़ से लेकर गोदरेज वाटर साइड तक चला। इसके बाद कई अस्थायी दुकानें फुटपाथ से हटा लीं गई।

स्थानीय व्यापारियों ने कहा कि सोमवार सुबह पुलिस ने उनसे कहा कि उन्हें कुछ घंटों के भीतर दुकान हटानी होगी। इसके बाद उन्हें दुकान तोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। नगर पालिका की ओर से बुलडोजर और क्रेन भी मंगाई गईं। हालांकि दुकानें हटाए जाने से रेहड़ी वाले चिंतित हैं।

उन्होंने शिकायत की कि उन्हें कुछ घंटों के भीतर दुकान उठाने के लिए कहा गया। यह उचित नहीं है। यह कुछ दिन पहले ही कहा जाना चाहिए था। एक किराना व्यापारी ने कहा, ‘हम यहां करीब 20 साल से दुकान चला रहे हैं। आज अचानक पुलिस आई और बोली कि दुकान हटाओ। अब हमें नहीं पता कि कहां जाएं, कैसे पेट पालें। स्थानीय प्रशासन को पता था कि यहां एक दुकान है. फिर अचानक उन्हें दुकान उठाने के लिए कहा गया।’

बता दें कि बीते दिन सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार CMO में बैठक कर नेताओं-मंत्रियों-पुलिस प्रशासन को फटकार लगाई। सीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि सरकारी जमीन पर कब्जा, फुटपाथ पर कब्जा समेत तमाम मामलों में नेता समर्थन कर रहे हैं और पैसे ले रहे हैं। ये गलत है। नेताओं की इन हरकतों से मुझे शर्म आती है। सीएम के सख्त रवैये के बाद अधिकारियों की नींद खुली और सोमवार सुबह से ही विधाननगर के कई इलाकों में पुलिस ने सड़क से अतिक्रमण हटाया है।