अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बीएम बिरला हार्ट हॉस्पिटल में मरीजों ने किया योग

कोलकाता: “सर्किल ऑफ़ होप” हृदय रोगियों को व्यापक सहायता प्रदान करने के लिए समर्पित है, जो उनके स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एक सुरक्षित और पोषण करने वाला वातावरण प्रदान करता है। बीएम बिरला हार्ट हॉस्पिटल का मानना ​​है कि रिकवरी और हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने की यात्रा में सिर्फ़ चिकित्सा उपचार ही शामिल नहीं है। इसके लिए समग्र देखभाल, भावनात्मक समर्थन और एक ऐसे समुदाय की आवश्यकता होती है जो हृदय रोगियों द्वारा सामना की जाने वाली अनूठी चुनौतियों को समझता हो।

सहायता समूह हृदय रोगियों की ज़रूरतों के हिसाब से विशेष रूप से तैयार किए गए कई आवश्यक विषयों को कवर करने वाली मासिक कार्यशालाओं की एक श्रृंखला पेश करेगा। मानसिक स्वास्थ्य और उचित पोषण से लेकर व्यायाम और जीवनशैली समायोजन तक, “सर्किल ऑफ़ होप” का उद्देश्य रोगियों को स्वस्थ और अधिक पूर्ण जीवन के लिए आवश्यक ज्ञान और उपकरणों से सशक्त बनाना है।

इस पहल के माध्यम से, अस्पताल एक ऐसा समुदाय बनाने की इच्छा रखता है जहाँ रोगी अपने अनुभव साझा कर सकें, प्रोत्साहन पा सकें और रिकवरी और स्वास्थ्य की दिशा में अपनी यात्रा में एक-दूसरे का समर्थन कर सकें। प्रत्येक सत्र हृदय स्वास्थ्य के प्रति जुनूनी विशेषज्ञों द्वारा निर्देशित, सीखने, बढ़ने और जुड़ने का अवसर होगा।

बीएम बिड़ला हार्ट हॉस्पिटल अपने रोगियों के स्वास्थ्य और खुशी के लिए गहराई से प्रतिबद्ध है और “सर्किल ऑफ होप” इस प्रतिबद्धता को पूरा करने में एक महत्वपूर्ण कदम है, इस विश्वास के साथ कि उपचार, लचीलापन और आशा का माहौल बनाया जा सकता है।

दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल को HC से नहीं मिली बेल, रहेंगे जेल

नई दिल्ली : शराब घोटाले मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका लगा है। हाईकोर्ट ने केजरीवाल को जमानत देने का निचली अदालत का फैसला रद्द कर दिया है। जस्टिस सुधीर कुमार जैन की पीठ ने राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले पर रोक बरकरार रखी है।

कोर्ट ने मामले की सुनवाई शुरू करते हुए कहा कि निचली अदालत की अवकाशकालीन पीठ ने केजरीवाल को जमानत देते समय अपने विवेक का इस्तेमाल नहीं किया। हाईकोर्ट ने कहा हमने दोनों पक्षों को सुना। लेकिन निचली अदालत ने ईडी के दस्तावेजों पर गौर नहीं किया। निचली अदालत ने पीएमएलए की धारा 45 की दोहरी शर्तों पर गौर नहीं किया।

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि ईडी की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल राजू ने मुद्दा उठाया कि निचली अदालत ने अपने आदेश में कहा था की इतने दस्तावेज पढ़ना संभव नहीं था। इस तरह की टिप्पणी पूरी तरह से अनुचित थी और ये दर्शाती है कि ट्रायल कोर्ट ने रिकॉर्ड पर अपना ध्यान नहीं दिया।

शादी की दावत में नहीं म‍िली गर्म रोटी, जमकर हुई मारपीट

 लखनऊ : बरेली के नवाबगंज में एक युवक की शादी की दावत में रोटी को लेकर बवाल हो गया। गर्म रोटी न मिलने से नाराज कुछ युवकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इसको लेकर युवकों और दूल्हे के घरवालों के बीच मारपीट तक हो गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर कुर्सियां फेंकनी शुरू कर दी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

नगर के मोहल्ला बंजारान निवासी मोहम्मद दानिश मोबाइल शॉप चलाता है। रविवार को उसकी शादी थी। उसने शनिवार की रात कस्बे के सरताज बरातघर में दावत दी थी। यहां पर कुछ देर बाद कुछ युवकों का गर्म रोटी को लेकर खाना खिला रहे दूल्हे के घरवालों से विवाद हो गया। दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को कुर्सियां फेंक कर मारी, जिसमें दर्जन भर कुर्सिया टूटने के साथ ही कई लोग चोटिल हो गए।

जैसे-तैसे लोगों ने बीच-बचाव कराया। इसी बीच वहां मौजूद लोगों ने इसका वीडियो बना ल‍िया। रविवार को उसकी बारात पीलीभीत गई थी। सोमवार को दूल्हा दुल्हन को विदा कराकर घर लाया, जिसके बाद किसी ने मारपीट की वीडियो को सोश्ल मीडिया पर वायरल कर दिया। सीओ हर्ष मोदी ने बताया कि बरातघर में मारपीट का एक वीडियो वायरल हो रहा है। अभी इस मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है। अगर कोई पक्ष तहरीर देता है तो कार्रवाई की जाएगी।

बिहार में अब किसी भी पुलिस थाने में करा सकेंगे FIR, जुलाई से बदलेंगे कानून

नई दिल्ली : कई आपराधिक मामले की प्राथमिकी दर्ज होने में महज इसलिए देर होती है कि घटनास्थल किस थाना क्षेत्र में है इसको लेकर विवाद हो जाता है। अब इस विवाद को खत्म कर दिया गया है। बिहार समेत पूरे देश में 1 जुलाई 2024 से आईपीसी और सीआरपीसी की छुट्टी हो जाएगी। नए आपराधिक कानून के अनुसार अब किसी इलाके में घटित घटना की प्राथमिकी (एफआईआर) किसी भी थाने में दर्ज कराई जा सकेगी।

इसे ‘जीरो एफआईआर’ के रूप में दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। जीरो एफआईआर को सीसीटीएनएस के माध्यम से संबंधित थाने में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके बाद संबंधित थाने में प्राथमिकी की संख्या दर्ज की जाएगी। दर्ज की गई प्राथमिकी की जांच और कार्रवाई की प्रगति को एफआईआर नंबर के माध्यम से ऑनलाइन देखा जा सकेगा।

एफआईआर से लेकर कोर्ट के निर्णय तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी,इलेक्ट्रॉ निक तरीके से शिकायत दायर करने के तीन दिन के भीतर एफआईआर दर्ज करने का प्रावधान, सात साल से अधिक सजा वाले मामलों में फॉरेसिंक जांच अनिवार्य, यौन उत्पीड़न के मामलों में सात दिन के भीतर जांच रिपोर्ट देनी होगी, पहली सुनवाई के 60 दिनों के भीतर आरोप तय करने का प्रावधान, आपराधिक मामलों में सुनवाई पूरी होने के 45 दिनों में फैसला होगा, भगोड़े अपराधियों की गैर-मौजूदगी के मामलों में 90 दिनों के भीतर केस दायर करने का प्रावधान, तीन साल के भीतर न्याय मिल सकेगा,थाने में आधे घंटे के अंदर सुनी जाएगी शिकायत, नहीं तो कार्रवाई,

तीन नये कानूनों के संबंध में आयोजित एक कार्यशाला में बिहार पुलिस अकादमी के निदेशक बी श्रीनिवासन ने कहा कि नए कानूनों में प्रावधान है कि पुलिस थाने में पहुंचे पीड़ित की शिकायत आधे घंटे के भीतर सुनी जाएगी. अगर ज्यादा देर तक उसे इंतजार करवाया गया और बात ऊपर के अधिकारियों तक पहुंची तो थाने के संबंधित पदाधिकारी पर कार्रवाई तय है। किसी भी पीड़ित को ज्यादा देर तक थाने पर बैठाना किसी भी कीमत पर उचित नहीं है।

सभी थानों में तैनात अलग-अलग केस के आईओ को लैपटॉप और एंड्रा यट मोबाइल दिया जाएगा। बिहार पुलिस जल्द ही डिजिटल पुलिस बनेगी। सभी आईओ को उनका अलग ई-मेल दिया जाएगा। इसके बाद सभी सीसीटीएनएस (अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क योजना) पर एक्टिव होंगे।

बी श्रीनिवासन ने कहा कि नये आपराधिक कानूनों से देश में एक ऐसी न्यायिक प्रणाली स्थापित होगी, जिसके जरिये तीन वर्षों के भीतर न्याय मिल सकेगा। इस सिलसिले में 26 हजार से अधिक एसआइ से लेकर डीएसपी रैक तक के अधिकारियों को हाइब्रीड मोड में प्रशिक्षण दिया गया है।

सीआइडी के आइजी पी.कन्नन ने कहा कि नये आपराधिक कानून दंड केंद्रित नहीं, न्याय केंद्रित है। यौन उत्पीड़न के मामलों में सात दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट देनी होगी। पहली सुनवाई के 60 दिनों के भीतर आरोप तय करने का प्रावधान किया है। भगोड़े अपराधियों की गैरमौजूदगी के मामलों में 90 दिनों के भीतर केस दायर करने का प्रावधान है. आपराधिक मामलों में सुनवाई पूरी होने के 45 दिनों के भीतर फैसला होगा।

चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ) फैजान मुस्तफा ने कहा कि ऐतिहासिक कानून के बनने के साथ ही भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में एक नये युग की शुरुआत हुई है। पुराने कानून हत्या और महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में कार्रवाई को प्राथमिकता देने के बजाय ब्रिटिश राज्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देते थे।

उन्होंने कहा कि नये आपराधिक कानूनों में कई प्रावधान किये गये हैं, जो स्वागतयोग्य हैं, इससे मानवीय पक्ष सामने आयेगा। नये आपराधिक कानून का उद्देश्य पीड़ितों को न्याय दिलाना है. ऐसे में जरूरी है कि जो कानूनी बदलाव हुए हैं, उसकी जानकारी जनता को हो. उन्होंने कहा कि 150 साल के कानून में जो नये बदलाव हुए हैं, उसे जन जन तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका अहम है।

देश में दूसरी बार लोकसभा अध्यक्ष के लिए चुनाव

नई दिल्ली :  18वीं लोकसभा के स्पीकर के चयन को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच आम सहमति नहीं बन पाई। अब स्पीकर का चयन चुनाव के माध्यम से होगा। देश के इतिहास में ऐसा दूसरी बार होने जा रहा है। लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए सरकार और विपक्ष के बीच सहमति नहीं बन पाई है। इसके बाद भाजपा सांसद ओम बिरला सरकार और कांग्रेस सांसद कोडिकुनिल सुरेश विपक्ष के उम्मीदवार होंगे। रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के नेता एनके प्रेमचंद्रन ने बताया कि सुरेश ने नामांकन दाखिल किया है। पिछली लोकसभा में निचले सदन के अध्यक्ष रहे बिरला ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया है।

कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल और द्रमुक नेता टीआर बालू लोकसभा अध्यक्ष के पद के लिए राजग उम्मीदवार का समर्थन करने से इनकार करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कार्यालय से बाहर आ गए। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार ने उपाध्यक्ष पद विपक्ष को देने की प्रतिबद्धता नहीं जताई। बता दें कि पिछली बार ओम बिरला ही लोकसभा के स्पीकर थे, जबकि के. सुरेश आठ बार के सांसद रह चुके हैं। केवल स्पीकर पद को लेकर ही नहीं इससे पहले प्रोटेम स्पीकर के पद को लेकर भी सरकार और विपक्ष के बीच विवाद देखा गया था। जब सरकार ने भर्तृहरि महताब को प्रोटेम स्पीकर बना दिया था। विपक्ष का आरोप था कि सरकार ने के. सुरेश की वरिष्ठता को नजरअंदाज किया है।

इसी के साथ देश में लंबे समय से चली आ रही परंपरा टूट गई। दरअसल, पहले लोकसभा सत्र को छोड़ दें तो अब तक निचले सदन में अध्यक्ष सर्वसम्मति से ही चुना जाता रहा है। पिछली बार भी ऐसा ही हुआ था। हालांकि, इस बार दोनों ओर से उम्मीदवारों के नामांकन के साथ ही सर्वसम्मति से इस पद पर होने वाली निर्वाचन की बीते 16 लोकसभा से जारी परंपरा टूट जाएगी।

बता दें कि 15 मई 1952 को पहली लोकसभा के अध्यक्ष का चुनाव हुआ था। इस चुनाव में सत्ता पक्ष के जीवी मावलंकर उमीदवार थे। उनका मुकाबला शंकर शांतराम मोरे से हुआ था। मावलंकर के पक्ष में 394 वोट, जबकि 55 वोट उनके खिलाफ पड़े थे। इस तरह मावलंकर आजादी से पहले देश के पहले लोकसभा स्पीकर बने थे।

आइए यहां जानते हैं कि लोकसभा स्पीकर का चुनाव कैसे होता है? आखिर क्यों महत्वपूर्ण होता है स्पीकर का पद? इस पद की भूमिका क्या है और अब तक किस-किसने स्पीकर का पोस्ट संभाला? अब तक किस-किस पार्टी के सदस्य लोकसभा अध्यक्ष बने हैं?

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 93 में लोकसभा के अध्यक्ष के चुनाव का जिक्र किया गया है। अनुच्छेद 93 के अनुसार, लोकसभा को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की भूमिका के लिए दो सदस्यों को चुनने का अधिकार है, जब भी ये पद खाली होते हैं। लोकसभा अध्यक्ष के पद का हमारे संसदीय लोकतंत्र में एक महत्वपूर्ण स्थान है। अध्यक्ष उस सदन की गरिमा और शक्ति का प्रतीक है जिसकी वह अध्यक्षता करता है। पद और वरीयता के संबंध में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, अपने-अपने राज्यों के राज्यपाल और पूर्व राष्ट्रपति, उप प्रधानमंत्री के बाद छठे स्थान पर भारत के मुख्य न्यायाधीश के साथ लोकसभा अध्यक्ष का पद आता है।

एक बार जब लोकसभा अध्यक्ष के चुनाव की तिथि राष्ट्रपति द्वारा अनुमोदित हो जाती है और लोकसभा सचिवालय द्वारा अधिसूचित हो जाती है, तो कोई भी सदस्य महासचिव को संबोधित करते हुए लिखित रूप में प्रस्ताव दे सकता है कि किसी अन्य सदस्य को सदन का अध्यक्ष चुना जाए।

लोकसभा में अध्यक्ष का चुनाव इसके सदस्यों में से सभा में मौजूद और मतदान करने वाले सदस्यों के साधारण बहुमत द्वारा किया जाता है। अध्यक्ष के चुनाव के लिए कोई विशेष योग्यता निर्धारित नहीं की गई है और संविधान में मात्र यह अपेक्षित है कि वह सभा का सदस्य होना चाहिए। सामान्यतः सत्तारूढ़ दल के सदस्य को ही अध्यक्ष निर्वाचित किया जाता है। उम्मीदवार के संबंध में एक बार निर्णय ले लिए जाने पर आमतौर पर प्रधानमंत्री और संसदीय कार्य मंत्री द्वारा उसके नाम का प्रस्ताव किया जाता है।

प्रस्तुत किए गए प्रस्तावों का आवश्यकता के अनुसार, सभा में मत विभाजन द्वारा फैसला किया जाता है। यदि कोई प्रस्ताव स्वीकृत हो जाता है तो पीठासीन अधिकारी घोषणा करेगा कि प्रस्तावित सदस्य को सभा का अध्यक्ष चुन लिया गया है। नतीजा घोषित किए जाने के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्ष को प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता द्वारा अध्यक्ष आसन तक ले जाया जाता है। इसके बाद सभा में सभी राजनैतिक दलों और समूहों के नेताओं द्वारा अध्यक्ष को बधाई दी जाती है और उसके जवाब में वह सभा में धन्यवाद भाषण देता है और इसके बाद नया अध्यक्ष अपना कार्यभार ग्रहण करता है।

भारत में लोकसभा अध्यक्ष सभा का संवैधानिक और औपचारिक प्रमुख होता है। वह सभा का प्रमुख प्रवक्ता होता है। लोकसभा की कार्यवाही के संचालन का उत्तरदायित्व अध्यक्ष पर ही होता है। लोकसभा अध्यक्ष को संसद के अपने कर्त्तव्यों के निर्वहन में आने वाली वास्तविक आवश्यकताओं और समस्याओं का समाधान करना पड़ता है। सदन का संचालन, प्रश्न और अभिलेख, ध्वनि मत, विभाजन, अविश्वास प्रस्ताव, मतदान और सदस्यों की अयोग्यता जैसे अहम मामले अध्यक्ष की शक्तियों में आते हैं।

गणेश वासुदेव मावलंकर लोकसभा के पहले अध्यक्ष थे। कांग्रेस के लोकसभा सांसद मावलंकर का कार्यकाल मई 1952 से फरवरी 1956 तक था। एम. अनन्तशयनम अय्यंगार देश के दूसरे लोकसभा अध्यक्ष बने। उन्होंने लोकसभा के प्रथम अध्यक्ष जी.वी. मावलंकर के आकस्मिक निधन के बाद अध्यक्ष पद का दायित्व ग्रहण किया था। कांग्रेस पार्टी के सांसद अय्यंगार के दो कार्यकाल रहे, जिसमें पहला मार्च 1956 से मई 1957 तक और दूसरा मई 1957 से अप्रैल 1962 तक रहा।

सरदार हुकम सिंह अप्रैल 1962 से मार्च 1967 के बीच लोकसभा के तीसरे स्पीकर थे। वर्ष 1962 के आम चुनावों में हुकम सिंह को कांग्रेस के टिकट पर पटियाला सीट से चुना गया था। डॉ. नीलम संजीव रेड्डी ने लोकसभा के चौथे अध्यक्ष के रूप में काम किया। रेड्डी के भी दो कार्यकाल रहे, जिसमें पहला मार्च 1967 से जुलाई 1669 तक और दूसरा मार्च 1977 से जुलाई 1977 तक रहा। रेड्डी चौथी लोकसभा के लिए आंध्र प्रदेश के हिन्दुपुर सीट से निर्वाचित हुए थे।

नीलम संजीव रेड्डी ऐसे एकमात्र अध्यक्ष हैं जिन्होंने अध्यक्ष पद का कार्यभार सम्भालने के बाद अपने दल से औपचारिक रूप से त्यागपत्र दे दिया था। अध्यक्ष पद पर चुने जाने के तुरन्त बाद उन्होंने कांग्रेस की अपनी 34 वर्ष पुरानी सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया। उनका यह मानना था कि अध्यक्ष का संबंध सम्पूर्ण सभा से होता है, वह सभी सदस्यों का प्रतिनिधित्व करता है और इसलिए उसे किसी दल से जुड़ा नहीं होना चाहिए या यों कहें कि उसका संबंध सभी दलों से होना चाहिए। वह ऐसे एकमात्र लोकसभा अध्यक्ष भी थे जिन्हें सर्वसम्मति से राष्ट्रपति चुने जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

नीलम संजीवा रेड्डी द्वारा राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने के लिए लोकसभा अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दिए जाने पर डॉ. गुरदयाल सिंह ढिल्लों को अगस्त 1969 में सर्वसम्मति से लोकसभा अध्यक्ष चुना गया। जब ढिल्लों इस पद के लिए निर्वाचित हुए तो वे उस समय तक लोकसभा के जितने अध्यक्ष हुए थे उनमें से सबसे कम उम्र के अध्यक्ष थे। कांग्रेस नेता ढिल्लों ने दो बार लोकसभा अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। पहला कार्यकाल अगस्त 1969 से मार्च 1971 तक और दूसरा मार्च 1971 से दिसंबर 1975 तक रहा।

ढिल्लों द्वारा अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दिए जाने के बाद रिक्त हुए पद पर जनवरी 1976 में बली राम भगत को पांचवीं लोकसभा के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित किया गया। कांग्रेस से आने वाले नेता का कार्यकाल मार्च 1977 को समाप्त हुआ था।

छठी लोकसभा के अध्यक्ष के रूप में कावदूर सदानन्द हेगड़े का चुनाव किया गया। केएस हेगड़े का कार्यकाल जुलाई 1977 से जनवरी 1980 तक रहा। यह भी दिलचस्प था कि हेगड़े 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर पहली बार निर्वाचित हुए और अपने प्रथम कार्यकाल के दौरान ही उन्हें लोकसभा अध्यक्ष का पद मिल गया।

डॉ. बलराम जाखड़ ने सातवीं लोकसभा के लिए अपने सर्वप्रथम निर्वाचन के तुरंत बाद अध्यक्ष पद हासिल किया। उन्हें लगातार दो बार लोकसभा अध्यक्ष चुना गया। कांग्रेस से आने वाले जाखड़ का पहला कार्यकाल जनवरी 1980 से जनवरी 1985 तक और जनवरी 1985 से दिसंबर 1989 तक रहा।

ओडिशा से आने वाले जनता दल के नेता रवि राय को दिसम्बर 1989 में नौवीं लोकसभा का अध्यक्ष चुना गया। हालांकि, रवि राय अध्यक्ष पद पर केवल करीब 15 महीने ही रहे। कांग्रेस नेता शिवराज विश्वनाथ पाटील 10वीं लोक सभा के अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। पाटील का कार्यकाल जुलाई 1991 से मई 1996 तक रहा।

वर्षों की भारतीय संसदीय परंपरा से हटकर 11वीं लोकसभा ने विपक्ष के एक सदस्य पूर्णो अगितोक संगमा को सर्वसम्मति से अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित किया। उस वक्त भारत के 50 वर्षों के संसदीय इतिहास में वह ऐसे पहले सदस्य थे जिन्होंने विपक्ष में रहते हुए अध्यक्ष का पद संभाला। उस वक्त कांग्रेस नेता संगमा का स्पीकर के रूप में पी.ए. संगमा का कार्यकाल मार्च 1996 से मार्च 1998 तक था।

गन्ती मोहन चन्द्र बालायोगी को 12वीं लोक सभा का अध्यक्ष निर्वाचित होने और सर्वसम्मति से 13वीं लोक सभा का अध्यक्ष पुनः निर्वाचित होने का गौरव हासिल है। तेलुगूदेशम पार्टी सांसद बालायोगी ने मार्च 1998 में देश के राजनैतिक इतिहास के अत्यंत नाजुक दौर में लोकसभा अध्यक्ष के महत्वपूर्ण पद के लिए निर्वाचित हुए। टीडीपी उस समय गठबंधन सरकार का बाहर से समर्थन कर रही थी। उस समय किसी भी पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत नहीं था। बालायोगी इस पद पर आसीन होने वाले आज तक के सबसे कम आयु के व्यक्ति थे।

एक हेलीकाप्टर दुर्घटना में तत्कालीन लोक सभा अध्यक्ष जीएमसी बालायोगी की दुखद मृत्यु के बाद मनोहर जोशी मई 2002 में लोकसभा अध्यक्ष बने थे। शिवसेना से ताल्लुक रखने वाले जोशी जून 2004 तक पद पर बने रहे।

जून 2004 में 14वीं लोकसभा के अध्यक्ष के रूप में सोमनाथ चटर्जी का सर्वसम्मति से निर्वाचन हुआ। यह पहली बार था जब सामयिक अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) का लोकसभा अध्यक्ष के रूप में निर्वाचन किया गया था। सोमनाथ चटर्जी माकपा से जुड़े थे।

उप-प्रधानमंत्री स्वर्गीय बाबू जगजीवन राम की पुत्री मीरा कुमार 2009 से 2014 तक लोकसभा की 15वीं अध्यक्ष रहीं। इस पद पर आसीन होने वाली वे पहली महिला थीं। मीरा कुमार कांग्रेस की सदस्य हैं। भाजपा की सुमित्रा महाजन 16वीं लोकसभा की अध्यक्ष थीं। वे इस पद पर आसीन होने वाली भारत की दूसरी महिला हैं। राजस्थान के कोटा से भाजपा के सांसद ओम बिड़ला 17वीं लोकसभा के अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे।

गलत तरीके से काजल लगाने पर आंखों को हो सकता है नुकसान

नई दिल्ली :  महिलाओं को आई मेकअप करने का बहुत शौक होता है और खासतौर पर काजल लगाने का। काजल ना केवल उनकी आंखों को परिभाषित करता है बल्कि उनकी खूबसूरती को भी बढ़ाता है। काजल से आंखें बड़ी और आकर्षक लगती हैं, जिससे महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ता है। यह एक सरल और प्रभावी तरीका है जिससे उनकी आंखों में चमक और गहराई आती है।

काजल का इस्तेमाल हर उम्र की महिलाएं लगाती है। और यह उनके मेकअप किट का एक जरूरी हिस्सा है। काजल लगाने से आंखें बड़ी, एक्सप्रेसिव और ब्राइट लगती हैं। हमारे देश में काजल को आंखों में लगाने के अलावा बुरी नजर से बचाने के लिए भी प्रयोग किया जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि काजल को ज्यादा लगाने से आंखों को नुकसान भी हो सकता है। ऐसे में काजल लगाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ये जानना जरूरी हो जाता है।

पारंपरिक काजल को नेचुरल सामग्री से बनाया जाता है, लेकिन मार्केट में मिलने वाले काजल में कई तरह के केमिकल मिलाए जाते हैं। इनमें लेड, प्रिजर्वेटिव्स जैसे पैराबेन्स, फेनॉक्सिथैनॉल आदि तत्व होते हैं, जो कि इसकी शेल्फ लाइफ को बढ़ाने के साथ ही माइक्रोबियल ग्रोथ को भी रोकते हैं। लेकिन इन प्रिजर्वेटिव्स के कुछ नुकसान भी होते हैं। इससे आपकी आंखों में जलन भी हो सकती है, तो वहीं रोजाना काजल लगाने वालों को ड्राई आई की समस्या, खुजली या जलन पैदा हो सकती है, इसलिए आपको अच्छी क्वालिटी का काजल खरीदना चाहिए और इसको सही तरीके से लगाना भी चाहिए।

आंखों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बेहतरीन क्वालिटी का काजल ही लगाना चाहिए। हमेशा काजल को खरीदने से पहले उसका पैकेट पर दिए गए एक्सपायरी डेट को देख लेना चाहिए। जब भी काजल को लगाएं तो अपने हाथों को अच्छी तरह से साफ कर लें। गंदी उगलियों से बैक्टीरिया बड़ी आसानी से आंखों में जा सकते हैं और इससे आपको इंफेक्शन हो सकता है।

आंखों की वॉटरलाइन में काजल लगाने से बचें, जो आखों में खुजली, जलन, ड्राई आइज का कारण बन जाता है. इसलिए आइलिड्स के बाहरी किनारों पर ही काजल लगाएं। रात में सोने से पहले आंखों से काजल अच्छी तरह से साफ कर लें. इससे आप इंफेक्शन, इर्रिटेशन जैसी समस्याओं से बचे रह सकते हैं। इसके अलावा अपने मेकअप प्रोडक्ट्स को किसी से भी शेयर करने से बचना चाहिए।

5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी आज, रिलायंस जियो-एयरटेल पर लोगों की नजरे

नई दिल्ली :  सरकार ने मंगलवार 25 जून 2024 से 96,000 रुपये से अधिक कीमत की 4जी और 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी शुरू कर दी है। मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर कंपनी रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया की इसकी रेडियो फ्रीक्वेंसी पर नजर बनी हुई है। संभावना जाहिर की जा रही है कि इसमें रिलायंस जियो टॉप बोलीदाता हो सकती है। सरकार अगस्त 2022 के बाद पहली बार 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी कर रही है। हालांकि, अगस्त 2022 में भी 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी की गई थी।

सरकार करीब 96,317 करोड़ रुपये के आधार मूल्य पर मोबाइल फोन सेवाओं के लिए आठ स्पेक्ट्रम बैंड की नीलामी करेगी। सरकार की ओर से जारी किए गए बयान के अनुसार, मौजूदा टेलिकॉम सर्विस को बढ़ाने और सर्विस की निरंतरता बनाए रखने के लिए सरकार मंगलवार 25 जून 2024 से स्पेक्ट्रम नीलामी शुरू हो चुकी है।

स्पेक्ट्रम के लिए हो रही नीलामी में 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2300 मेगाहर्ट्ज, 2500 मेगाहर्ट्ज, 3300 मेगाहर्ट्ज और 26 गीगाहर्ट्ज बैंड में उपलब्ध सभी स्पेक्ट्रम 10वीं नीलामी का हिस्सा हैं।

दूरसंचार विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने सामूहिक रूप से एडवांस रकम के रूप में करीब 4350 करोड़ रुपये जमा किए हैं। भारत की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी रिलायंस जिओ ने पूरे 300 करोड़ रुपये जमा किए हैं। भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया जैसी कंपनियों ने करीब 1050 करोड़ रुपये और 300 करोड़ रुपये जमा किए हैं. रिलायंस जियो जैसी कंपनी 800 मेगाहर्ट्ज बैंड में स्पेक्ट्रम जोड़ सकती है।

भारती एयरटेल कंपनी स्पेक्ट्रम नीलामी में कम से कम 3800 करोड़ रुपए खर्च करने पड़ सकते हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि कंपनी को 6 सर्किलों में 1800 मेगाहट्र्ज और 900 मेगाहर्ट्ज बैंड में 42 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम का नवीनीकरण करना होगा।

जैफरीज ने एक नोट में बताया है कि कंपनी को कुछ सर्किलों में अपनी होल्डिंग बढ़ाने के लिए 1800 मेगाहर्ट्ज या 800 मेगाहर्ट्ज बैंड में 10 से 15 मेगाहर्ट्ज तक की बोली लगानी होगी। वहीं 2300 बैंड में 400 मेगाहट्र्ज की बोली लगानी पड़ सकती है. जिससे कंपनी का कुल खर्च 12,300 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है. इसके साथ ही एयरटेल ग्रामीण कवरेज को बढ़ाने के लिए भी कई कदम उठा रहे हैं। कंपनी रिन्यूअल के अलावा महाराष्ट्र ,गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल और पश्चिम बंगाल में कम से कम 25000,नई 5G साइट्स लगाने की योजना बना रही है।

T20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंची अफगान‍िस्तान, ऑस्ट्रेल‍िया बाहर

नई दिल्ली: ICC मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2024 में सुपर 8 स्टेज के आखिरी मैच में बांग्लादेश और अफगानिस्तान की रोमांचक टक्कर हुई। दोनों टीमों के बीच यह मैच किंग्सटाउन के अर्नोस वेल ग्राउंड में खेला गया। मुकाबले में अफगानिस्तान टीम ने बांग्लादेश को 8 रन (DLS मैथड) से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। अफगान‍िस्तान अब सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका से त्र‍िन‍िदाद में 27 जून को खेलेगी। अफगान‍िस्तान की टीम 2010 से टी20 वर्ल्ड कप खेल रही है, उसने अब 2024 में जाकर पहली बार टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। जो उनका इस फॉर्मेट में फ‍िलहाल सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

इस मुकाबले में जीत के लिए बांग्लादेश को 114 (DLS) का लक्ष्य म‍िला था। लेकिन ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ नवीन उल हक ने हक ने लगातार 2 व‍िकेट लेकर मैच को अफगानी टीम के पाले में कर दिया। नवीन उल हक और राश‍िद खान ने 4-4 व‍िकेट लेकर अफगान‍िस्तान की जीत में अहम भूम‍िका न‍िभाई। वहीं बांग्लादेश की ओर से ओपनर बल्लेबाज ल‍िटन दास (54 नॉट आउट) अंत तक नाबाद रहे।

बांग्लादेश को आख‍िरी 2 ओवर में जीत के ल‍िए 12 रन चाह‍िए थे, उसके 8 व‍िकेट ग‍िर चुके थे। बांग्लादेश का स्कोर 102/8 था। नवीन उल हक 18वां ओवर करने आए थे। इस ओवर में तस्कीन अहमद को नवीन को क्लीन बोल्ड कर द‍िया। इसके बाद उन्होंने अगली ही गेंद पर मुस्ताफिजुर रहमान को आउट कर बांग्लादेश की उम्मीदें खत्म हो गईं।

बांग्लादेश को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए 116 रनों का लक्ष्य 12.1 ओवर में हासिल करना था। ऐसे में उनके ल‍िए उम्मीदें खत्म हो चुकी हैं। वहीं अफगान‍िस्तान के ल‍िए इस मैच में जीतना ही काफी था। वहीं इस मैच में अफगान‍िस्तान की जीत से ऑस्ट्रेल‍िया की टीम भी वर्ल्ड कप से बाहर हो गई है।

टारगेट का पीछा करने हुए बांग्लादेश की शुरुआत बेहद खराब रही। उसने दूसरे ओवर में ही फजलहक फारूकी की गेंद पर तंजीद हसन का विकेट खो दिया, जो खाता भी नहीं खोल पाए। फिर नवीन उल हक ने लगातार गेंदों पर नजमुल हुसैन शंतो (5) और अनुभवी खिलाड़ी शाकिब अल हसन (0) को चलता कर दिया। इसके बाद राश‍िद खान ने मैच के पहले ही ओवर में सौम्य सरकार (10) आउट को आउट क‍िया, जो बांग्लादेश के आउट होने वाले चौथे बल्लेबाज रहे, ज‍िनको राश‍िद खान ने अपनी गेंद पर क्लीन बोल्ड कर द‍िया। इसके बाद अपने अगले ओवर में राश‍िद खान ने तौहीद हृदोय (14) को इब्राह‍िम जादरान के हाथों कैच आउट करवाया। राश‍िद खान का मैज‍िक इसके बाद एक बार फिर चला, जब उन्होंने 80 के स्कोर पर लगातार महमूदुल्लाह (6) और र‍िशद खान (0) को आउट कर मैच में अपने चार व‍िकेट पूरे क‍िए। इसके बाद गुलबदीन नईब आए, उन्होंने तनजीम हसन (3) को मोहम्मद नबी के हाथों कैच आउट करवाकर बांग्लादेशी टीम को आठवां झटका द‍िया। आख‍िरी के दो व‍िकेट नवीन उल हक ने ल‍िए।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अफगानिस्तान ने पांच विकेट पर 115 रन बनाए। अफगान टीम की शुरुआत काफी धीमी रही। इब्राहिम जादरान और रहमानुल्लाह गुरबाज ने 10.4 ओवर्स में 54 रनों की पार्टनरशिप की. इस दौरान गुरबाज और जादरान पावरप्ले का फायदा नहीं उठा सके। लेग-स्पिनर रिशद हुसैन ने जादरान को आउट करके इस साझेदारी का अंत किया। ओपनिंग पार्टनरशिप के टूटने के बाद अफगानिस्तान ने लगातार अंतराल में विकेट खोए। अजमतुल्लाह उमरजई (10), गुलबदीन नायब (4) और मोहम्मद नबी (1) ने बल्ले से निराशाजनक प्रदर्शन किया।

‘कल्कि 2898 एडी’ की तेलुगु मार्केट में धूम, हिंदी वर्जन में पकड़ रही रफ्तार

 मुंबई : प्रभास की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ का दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। फिल्म का ट्रेलर रिलीज हो गया है और अब 27 जून को फिल्म भी थिएटर्स में आने के लिए तैयार है। रिलीज से पहले ‘कल्कि 2898 एडी’ की एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी है जिसमें फिल्म धमाकेदार कमाई कर रही है। अब तक प्रभास की फिल्म ने करीब 8 करोड़ रुपए कमा लिए हैं।

सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक ‘कल्कि 2898 एडी’ ने ओपनिंग डे के लिए भारत में ही 2.7 लाख टिकटों की बिक्री कर ली है। फिल्म को सबसे ज्यादा कमाई तेलुगु वर्जन से हो रही है। संडे को 2,73,054 टिकट बेचकर नाग अश्विन के डायरेक्शन में बनी ‘कल्कि 2898 एडी’ ने 7.97 करोड़ रुपए का कारोबार कर लिया है।

‘कल्कि 2898 एडी’ के 2डी वर्जन में 1.5 लाख टिकट बिके हैं। वहीं 3डी वर्जन में 1.03 लाख टिकट और आईमैक्स 3डी वर्जन में 1.01 लाख टिकट बेचे गए हैं। फिल्म की सबसे ज्यादा कमाई तेलुगु मार्केट में हुई है। वहीं तमिल वर्जन के लिए ‘कल्कि 2898 एडी’ ने दो हजार से ज्यादा टिकट बेचकर कुल 5,06,672 रुपए कमा लिए हैं।

प्रभास की फिल्म हिंदी बेल्ट में कम कमा रही है। लेकिन रिपोर्ट्स में इसके असर बढ़ने की उम्मीद की जा रही है। 2डी वर्जन के लिए संडे को फिल्म की 1687 टिकटें बिकीं, जबकि 3डी वर्जन में करीब 10,000 टिकटें बेचे गईं। IMAX 3D वर्जन ने 700 टिकट बेचकर 3.77 लाख रुपए से ज्यादा का बिजनेस किया।

‘कल्कि 2898 एडी’ एक साइंस फिक्शन-एक्शन फिल्म है, जिसमें प्रभास लीड रोल में हैं। उनके साथ अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और दिशा पाटनी भी अहम भूमिकाओं में दिखाई दिए हैं। इस फिल्म का बजट 600 करोड़ बताया जा रहा है और कहा जा रहा है कि ये भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी फिल्म है।

बागबानी करने से तनाव और एंग्जायटी से भी मिलती है मुक्ति

नई दिल्ली : बागबानी करना सिर्फ एक अच्छी हॉबी ही नहीं है बल्कि एक बेहद शानदार एक्सरसाइज भी है। इससे सेहत को कई चौंकाने वाले फायदे भी मिल सकते हैं। इसलिए दिन का कुछ समय निकालकर गार्डनिंग जरूर करनी चाहिए।  इससे एक्सरसाइज होती है, जिससे हमारी हड्डियां मजबूत बनती हैं। गार्डनिंग करने से आपकी मेंटल हेल्थ भी बेहतर रहती है। 

गार्डनिंग एक ऐसी एक्टिविटी है, जो आज भले ही हॉबी की तरह देखी जाती है, लेकिन एक जमाने में जीवनयापन के लिए यह एक जरूरी कला मानी जाती थी। पहले लोग अपने घरों में खुद ही सब्जियां, फल आदि उगाते थे और उन्हीं से अपना और अपने परिवार का पेट भरते थे।

इससे उन्हें न केवल ऑर्गेनिक फूड मिलते थे, बल्कि उनके स्वास्थ्य को भी कई लाभ मिलते थे। इसलिए आपको जब भी मौका मिले, आपको इस एक्टिविटी को जरूर करना चाहिए। इससे आपको कई ऐसे हैरान करने वाले फायदे मिल सकते हैं।

हमारे रोजमर्रा के जीवन में तनाव हमारा कॉनस्टेंट साथी बन चुका है। ऑफिस से लेकर घर की चिंताओं के कारण हम अक्सर ही तनाव से घिरे रहते हैं, जो हमारी मेंटल और फिजिकल, दोनों ही सेहत के लिए काफी नुकसानदेह होता है। ऐसे में गार्डनिंग की मदद से तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है। पौधों को पानी देना, खरपतवार हटाना या सिर्फ अपने गार्डन में थोड़ी देर बैठकर पौधों को देखने से भी आपका तनाव कम होगा। इससे आपका मूड अच्छा होता है और हैप्पी हार्मोन्स रिलीज होते हैं, जिनके कारण स्ट्रेस कम होता है। इससे आपकी दिमागी सेहत को भी बढ़ावा मिलता है और आपका फोकस बढ़ता है।

गार्डनिंग करने से आपके शरीर की एक्सरसाइज होती है। घास उखाड़ना, अलग-अलग औजारों से खुदाई करना, पानी देना, बार-बार उठने और बैठने से आपकी मांसपेशियों और हड्डियों की एक्सरसाइज होती है, जिससे वे मजबूत बनते हैं। इससे जोड़ों में दर्द की समस्या कम होती है और हड्डियों को मजबूती भी मिलती है।

गार्डनिंग करने के लिए आपको कुछ समय धूप में भी बिताना पड़ता है, जिससे विटामिन डी मिलता है। वैसे भी हम अब धूप में न के बराबर ही निकलना पसंद करते हैं, जिसके कारण विटामिन डी की कमी हो जाती है। इसकी वजह से आपकी सेहत को काफी नुकसान हो सकते हैं। इसलिए गार्डनिंग करने से इस समस्या से बचने में मदद मिलती है।

हमारी लाइफस्टाइल ऐसी हो चुकी है कि हम नेचर में काफी समय बिताते हैं। इसके कारण हमारी मेंटल पर सबसे अधिक दुष्प्रभाव पड़ता है। इसलिए गार्डनिंग करने से आपको पेड़-पौधों के साथ समय बिताने का मौका मिलता है और आपको प्रकृति के समीप रहने से फायदा मिलता है। इससे एंग्जायटी और स्ट्रेस कम होते हैं।

वड़ा पाव गर्ल की लव स्टोरी; खाने से शुरू हुई थी मोहब्बत, आज हर कदम पर साथ देते हैं पति

मुंबई : वड़ा पाव गर्ल यानी चंद्रिका दीक्षित का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे अपनी लव स्टोरी के बारे में बात करती नजर आ रही हैं। इस वीडियो में चंद्रिका बता रही हैं कि उनका पति उनके साथ कैसा व्यवहार रखता है।
वो मुझसे दो-तीन साल छोटा है, उसने मुझे पाला है।

बिग बॉस ओटीटी 3 अब शुरू हो गया है और इसी के साथ दर्शकों का मनोरंजन भी। शो में इस बार कई जाने-माने नाम हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुईं वड़ा पाव गर्ल भी बिग बॉस ओटीटी 3 का हिस्सा बनी हैं। अब तक तो शो पसंद किया जा रहा है और इससे जुड़े कई वीडियोज वायरल हो रहे हैं।

इसी क्रम में वड़ा पाव गर्ल यानी चंद्रिका दीक्षित का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे अपनी लव स्टोरी के बारे में बात करती नजर आ रही हैं। चंद्रिका दीक्षित यानी वड़ा पाव गर्ल को वीडियो में बोलते हुए सुना जा सकता है, “मेरी जिम्मेदारी नहीं है। मुझे पाला है उसने। ऊपर से दो या तीन साल छोटा है। वो कहता हैं उसकी पहली लाइफ की लड़की मैं हूं। उसने बाइक पर कभी किसी को नहीं बिठाया है, मुझे बिठाया है। वो कहते हैं न वन मैन वुमन। उसे सब कुछ मेरे साथ ही करना है। वो बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड जैसा जीना चाहता है मेरे साथ। मैं और वो बातें करते रहें बस”।

आपको बता दें कि हाल ही में चंद्रिका दीक्षित ने खुलासा किया था कि वड़ा पाव बेचकर वो दिन के 40 हजार कमा लेती हैं। चंद्रिका ने कहा, “उन्हें नहीं पसंद है कि मैं हर दिन 40 हजार रुपये कमाती हूं। अरे यार मैं तो मेहनत कर रही हूं ना यार। तुम भी करो। मत नेटफ्लिक्स चलाओ, मत रहो फोन पर, बाहर निकलो, छोड़ो अपने बाप के पैसे को”। ये जवाब चंद्रिका ने अपने हेटर्स को दिया था।

सेमीफाइनल में फिर हो सकती है भारत और इंग्लैंड की भिडंत

नई दिल्ली :  टी20 वर्ल्ड कप 2024 धीरे-धीरे सेमीफाइनल की तरफ बढ़ रहा है। टूर्नामेंट में इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के रूप में दो सेमीफाइनलिस्ट तय हो चुकी हैं। दोनों सेमीफाइनलिस्ट ग्रुप-2 से सामने आई हैं। अभी ग्रुप-1 से किसी भी टीम ने सेमीफाइनल के लिए क्वलीफाई नहीं किया है। 24 जून को ग्रुप-1 की भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुकाबला खेला जाएगा, जो भारतीय समय के अनुसार रात 8 बजे से शुरू होगा। अगर यह मैच बारिश में धुला तो टीम इंडिया सेमीफाइनल में तो पहुंच जाएगी, लेकिन वहां उनके सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो सकती है।

दरअसल, अगर आज भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जाने वाला मैच बारिश के कारण रद्द हो जाता है, तो फिर सेमीफाइनल में टीम इंडिया की भिड़ंत इंग्लैंड के खिलाफ होगी। इंग्लैंड ने 2022 के टी20 विश्व कप में टीम इंडिया को सेमीफाइनल में 10 विकेट से हराया था। ऐसे में इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल भारतीय फैंस के मन में सवाल और चिंताएं ज़रूर पैदा करेगा।

भारत और ऑस्ट्रेलिया का मुकाबला रद्द होने के बाद दोनों टीमों को 1-1 प्वाइंट दे दिया जाएगा. ऐसे में टीम इंडिया 5 प्वाइंट्स के साथ ग्रुप-1 के प्वाइंट्स टेबल में टॉप पर रहेगी। दूसरी तरफ, ग्रुप-2 में इंग्लैंड प्वाइंट्स में दूसरे नंबर पर रहकर सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर चुकी है। इस तरह भारत और इंग्लैंड के बीच सेमीफाइनल खेला जाएगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि भारत और ऑस्ट्रलिया के बीच मुकाबला पूरा हो पाता या फिर बारिश के कारण रद्द हो जाता है।

गौरतलब है कि रोहित शर्मा की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने 2022 के टी20 विश्व कप इंग्लैंड के खिलाफ 10 विकेट से हार झेली थी। मुकाबले में भारत ने पहले बैटिंग करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 168 रन बोर्ड पर लगाए थे। फिर लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने 16 ओवर में 170 रन बनाकर जीत अपने नाम कर ली थी।

जुलाई में होंगे 10वीं-12वीं के कंपार्टमेंट एग्जाम

नई दिल्ली : सीबीएसई 10वीं और 12वीं की कंपार्टमेंट परीक्षा की डेटशीट जारी हो गई है। यह परीक्षा 15 जुलाई से शुरू होंगी। छात्र cbse.gov.in से पूरा शेड्यूल डाउनलोड कर सकते हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानि कि सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं की कंपार्टमेंट परीक्षा की डेटशीट जारी कर दी है।

15 जुलाई से एग्जाम की शुरुआत होगी। 10वीं और 12वीं की कंपार्टमेंट परीक्षा 15 जुलाई से लेकर 22 जुलाई तक चलेंगी। यह पेपर एक ही शिफ्ट (सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक) में आयोजित होंगे। स्टूडेंट्स को सेंटर पर एग्जाम से 15 मिनट पहले पहुंचना होगा। सीबीएसई ने पूरी डेटशीट अपनी ऑफिशियल वेबसाइट cbse.gov.in पर जारी की है। स्टूडेंट्स इस वेबसाइट से पूरा शेड्यूल डाउनलोड कर सकते हैं।

जानकारी के मुताबिक, इस साल 10वीं की कंपार्टमेंट परीक्षा में कुल 1,32,337 और 12वीं में 1,22,170 छात्र बैठेंगे। यह वो स्टूडेंट्स हैं जो कम से कम दो सब्जेक्ट में फेल हुए हैं। उन्हें अपना रिजल्ट सुधारने का एक और मौका मिलेगा।

12वीं कक्षा की कंप्यूटर एप्लीकेशन और सूचना प्रौद्योगिकी की परीक्षा 22 जुली को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित होगी। इसके अलावा हिंदुस्तानी संगीत, चित्रकला, वाणिज्यिक कला, कथक-नृत्य, भरतनाट्यम-
नृत्य, ओडिसी-नृत्य, योग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की परीक्षाएं सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे के बीच होंगी।

18वीं लोकसभा की पहली बैठक शुरू, प्रधानमंत्री मोदी ने ली सांसद के तौर पर शपथ

नयी दिल्ली : अठारहवीं लोकसभा के पहले सत्र की पहली बैठक सोमवार को शुरू हुई। जिसमें सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सदन के सदस्य के रूप में शपथ ली।

प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब ने सदन की कार्यवाही शुरू कराई। प्रधानमंत्री मोदी हाल में संपन्न लोकसभा चुनाव के बाद लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटे हैं। मोदी और उनकी मंत्रिपरिषद ने 9 जून को शपथ ली थी। कार्यवाही शुरू होते ही सदन के नेता होने के नाते मोदी ने सबसे पहले शपथ ली।

उनके बाद कैबिनेट मंत्रियों राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान और मनोहर लाल ने 18वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली।

ट्रक की चपेट में आने से एक ही पर‍िवार के पांच लोगों की मौत

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सोमवार की सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। ट्रक की चपेट में आने से पांच लोगों की मौत हो गई है। हादसा सरायममरेज थाना क्षेत्र के रस्तीपुर गांव में हुआ है। पुल‍िस ने शवों को कब्‍जे में लेकर पोस्‍टमार्टम के ल‍िए भेजा है।

हादसा सरायममरेज थाना क्षेत्र के रस्तीपुर गांव में हुआ है। पुलिस ने ट्रक को कब्‍जे में लेते हुए ड्राइवर को ह‍िरासत में ले ल‍िया है।

हादसा देख राहगीर हैरान रह गए। हादसे की खबर पाकर सरायममरेज थाने की पुलिस मौके पर  पहुंची और छानबीन शुरू कर दी। हादसे में लिप्त रहने के आरोप में पुलिस ने ट्रक चालक को पकड़ लिया। थानाध्यक्ष योगेश प्रताप ने बताया कि मृतक मीरगंज जाैनपुर के निवासी थे। पुलिस मामले की जांच करने में लगी है। 

IRCTC में नया फीचर, टिकट कंफर्म होने पर देने होंगे पैसे

नई दिल्ली : ट्रेन से यात्रा करना आज भी बहुत लोगों की पहली चॉइस होती है। ज्यादातर छोटी यात्राओं के लिए लोग पहले से सीट आरक्षित किए बिना सामान्य बोगी में सफर करते हैं। लेकिन लंबी यात्राओं के लिए पहले से सीट बुक करना अच्छा माना जाता है, पर कभी-कभी सीट रिजर्वेशन की प्रक्रिया परेशानी भरी हो सकती है।

कई बार ऐसा होता है कि बुकिंग के समय आपको तुरंत कंफर्म सीट नहीं मिलती है। लंबी वेटिंग लिस्ट होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी होती है। यात्रियों की इन्हीं समस्या को ध्यान में रखते हुए IRCTC ने एक नई सुविधा की शुरुआत की है, जिसके तहत यदि आपका टिकट वेटिंग लिस्ट में है तो भी आपका पैसा नहीं कटने वाला।

रेलवे अब यात्रियों के लिए एक नई सुविधा लेकर आ रहा है। असल में, जब आप टिकट बुक करेंगे तो कन्फर्म होने तक आपसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। आईआरसीटीसी के इस नए फीचर का नाम iPay है। इस फीचर का इस्तेमाल करने के लिए आप IRCTC ऐप या IRCTC वेबसाइट जा सकते हैं। खास बात यह है कि आपके खाते से तुरंत पैसे काटने की बजाय, आपके टिकट की राशि तब तक रोक कर रखी जाएगी जब तक आपका टिकट कन्फर्म नहीं हो जाता और फिर भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार कि इस दशक के अंत तक वेटिंग लिस्ट से छुटकारा पाने का लक्ष्य है. रेलवे इसे पूरा करने के लिए कई पहल कर चुका है। जिसके तहत यात्रियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए नई ट्रेन खरीदने में 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश करना शामिल है। इस फंडिंग का इस्तेमाल रेलवे आधुनिकीकरण और समस्याओं को ठीक करने में किया जाएगा।

बंगाल में नए आतंकी मॉड्यूल ‘शहादत’ का खुलासा, कॉलेज का छात्र कैसे बना संदिग्ध आतंकी ?

कोलकाता: बीते दिन प्रतिबंधित इस्लामिक आतंकी संगठन अंसार अल इस्लाम से जुड़ा ‘शहादत’ मॉड्यूल का बंगाल पुलिस ने खुलासा किया था। इस मामले में पूर्वी बर्दवान के मानकर कॉलेज में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रहे लड़के को पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स टीम ने अरेस्ट किया था। कांकसर मीर पाड़ा के लोगों को यह विश्वास नहीं हो रहा। संदिग्ध आतंकी मोहम्मद हबीबुल्लाह पढ़ाई की आड़ में बंगाल में आतंकी संगठन से जुड़ा है। रविवार(23 जून) को पुलिस हबीबुल्लाह को कोर्ट ले गई। कोर्ट ने उसे 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

संदिग्ध आतंकी हबीबुल्लाह माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक में बेहतर परिणाम ला चुका है। लोग हबीबुल्लाह को  ‘अच्छे लड़के’ के रूप में जानते थे। घर पर पिता, मां और बहन के साथ रहता था। मानकर कॉलेज के कंप्यूटर साइंस विभाग के सेकेंड ईयर का छात्र हबीबुल्लाह को कॉलेज में हर कोई जानता है। एसटीएफ का मानना ​​है कि हबीबुल्लाह असल में बांग्लादेश के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन अंसार अल इस्लाम के ‘शहादत’ मॉड्यूल का पश्चिम बंगाल प्रभारी है।

शनिवार को कांकसा थाने की पुलिस एसटीएफ के साथ हबीबुल्लाह के मेरेपाड़ा स्थित घर पहुंची। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही कई दस्तावेज, हबीबुल्लाह का लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किया गया था। संदिग्ध आतंकी के खिलाफ UAPA समेत कई कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक हबीबुल्लाह घर बैठे ही प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन से संपर्क स्थापित करता था। उग्रवादी संगठन अपनी विचारधारा फैलाने के लिए हबीबुल्लाह को जो भी जानकारी देता था, उस जानकारी को पूरे बंगाल में फैलाने का काम मेरेपाड़ा के घर में बैठकर चल रहा था।

सूत्रों के मुताबिक, बांग्लादेश प्रशासन ने अलकायदा की विचारधारा को मानने वाले प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन अंसार अल इस्लाम के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए ‘शहादत’ मॉड्यूल से जुड़े सदस्यों की तलाश और अन्य गतिविधियां की जांच शुरू कर दी हैं।

एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, इस संगठन का मुख्य काम विभिन्न देशों में मुस्लिम समुदाय के लोगों पर हो रहे अत्याचार की जानकारी इकट्ठा कर धार्मिक गलत व्याख्या के जरिए देश के कानून और न्यायपालिका के प्रति लोगों में नफरत फैलाना था। कॉलेज का छात्र हबीबुल्लाह प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से संपर्क करने के लिए विशेष मोबाइल ऐप ‘बीआईपी’ और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करता था। रविवार को पुलिस उसे हिरासत में लेने के लिए दुर्गापुर सब-डिविजनल कोर्ट ले गई। कोर्ट ने हबीबुल्लाह को 14 दिनों तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया।

इधर हबीबुल्लाह के आतंकियों से संपर्क की खबर जैसे ही स्थानीय लोगों को चली तो लोग हैरान हो गए। मीडिया से बातचीत में श्यामल बाग नाम के एक स्थानीय निवासी ने कहा, “मुझे पहले कभी समझ नहीं आया! हालांकि, शनिवार को एसटीएफ तीन गाड़ियां लेकर आई और हबीबुल्लाह को उठा ले गई। उसके बाद मुझे पता चला कि उसके आतंकवादी संबंध हैं। इस बार मुझे डर लग रहा है।

ये टेरर मॉड्यूल गुप्त संदेश प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करता था। इसके आतंकी ‘BIP’ के जरिए आपस में बात करते थे। इनका मकसद भारत-बांग्लादेश के रिश्तों को बिगाड़ना था। इस मॉड्यूल के आतंकवादी भारत-बांग्लांदेश दोनों की संप्रभुता पर निशाना लगा रहे थे। यानी एक आतंकीं संगठन दो देशों के खिलाफ साजिश रच रहा है। अब ये क्या कांड करने वाले थे? ऐसे कई सवालों का जवाब अब इनसे निकलवाया जाएगा।

एजेंसियों की जांच में पता चला है कि मॉड्यूल का नाम ‘शहादत’ है। STF ने इस संगठन से जुड़े एक शख्स मोहम्मद हबीबुल्लाह को गिरफ्तार किया है। बर्धमान जिले में आरोपी के घर से उसे STF ने गिरफ्तार किया है। इसके तार प्रतिबंधित आतंकी संगठन “अंसार अल इस्लाम” जो बांग्लादेश का प्रतिबंधित संगठन है उससे जुड़े है।

‘भारतीय साहित्य में लोकतंत्र – एक संवाद’ भारतीय भाषा परिषद में आयोजित

कोलकाता : भारतीय भाषा परिषद में ‘भारतीय साहित्य में लोकतंत्र’ – विषय पर एक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन भारतीय भाषा परिषद और सदीनामा प्रकाशन के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय भाषा परिषद की अध्यक्ष डॉ. कुसुम खेमानी के वक्तव्य के साथ हुआ।

उन्होंने कहा कि आज के समय में लोकतंत्र को बचाने के लिए ऐसे लोकतांत्रिक कार्यक्रमों की बहुत ही ज्यादा जरूरत है। इस संवाद कार्यक्रम में शहर के बहुभाषी बुद्धिजीवियों ने शिरकत की। कार्यक्रम में हिंदी, उर्दू, बांग्ला,पंजाबी, गुजराती, राजस्थानी, मैथिली, उड़िया, नेपाली और मगही , दस भाषाओं के वक्ताओं ने अपनी बातें रखीं तदुपरान्त श्रोताओं ने भी उनसे खूब प्रश्न किये।

पंजाबी साहित्य पर बोलते हुए महेंद्र सिंह पुनिया ने कहा कि गुरुनानक, बुल्लेशाह से लेकर पाश तक पंजाबी में लोकतंत्र की लंबी परम्परा रही है। इस परंपरा को उन्होंने कवियों की कविताओं से उदाहरण देकर प्रमाणित किया। गुरदीप सिंह संघा ने पंजाबी में लोकतांत्रिक कविता सुनायी। हिंदी पर पर बोलीं अल्पना सिंह एवं जीतेंद्र जीतांशु।

अजय तिरहुतिया ने मैथिली भाषा पर बोलते हुए ज्योतिश्वर ठाकुर और विधापति के साहित्य से लोकतंत्र के उदाहरण दिए। मैथिली के एक और विद्वान अशोक झा ने कहा कि मैथिल प्रदेश में मनाया जाने वाला छठ पर्व लोकतंत्र का अद्भुत उदाहरण है क्योंकि बांस को काटने और उससे डोरी बनाने वाले लोग निम्न जाति के हैं। उनके हाथ का बना समान छठ करने वाले सभी जातियों (निम्न और उच्च) के लोगों द्वारा उपयोग किया जाता है। उन्होंने विधापति और नागार्जुन की कविताओं के माध्यम से दिखलाया कि किस तरह आज भी मिथिलांचल में लोकतंत्र मौजूद है।
राजस्थानी पर बात करते हुए हिंगलाज दान रतनू ने कहा कि राजस्थानी भाषा के अनेक रूप हैं लेकिन उनके बीच अद्भुद लोकतंत्र स्थापित है।

सौरभ गुप्ता ने ओड़िया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि यहाँ तो लोकतंत्र की इतनी सुंदर व्यवस्था है कि भगवान को भी बुखार लगता है और उनका इलाज भी कई दिनों तक चलता है। कुमार सुशान्त ने मगही भाषा पर बात रखते हुए कहा कि मगही भाषा में लोकतंत्र सदैव विद्यमान रहा है । उन्होंने मगही के कबीर मथुरा प्रसाद नवीन की कविताओं को सुनाते हुए कहा कि कवि को सूखा चना खाना पसंद है, लेकिन संघर्ष छोड़ना नहीं। कवि क्रांति के लिए संघर्ष लोकतंत्र को बचाने के लिए करता है। गुजराती भाषा पर बोलते हुए केयूर मजमुआदार ने कई आयाम खोले।

उर्दू भाषा पर अपनी बात रखते हुए शाहिद फिरोगी ने कहा कि उर्दू तो हमेशा से ही लोकतांत्रिक भाषा रही है। उन्होंने कुछ शेरों-शायरी का उदाहरण देकर अपनी बात को और पुष्ट किया। नेपाली भाषा में नीमा निष्कर्ष ने नेपाली लेखन पर लोकतांत्रिक चर्चा की ।

अंत में भारतीय भाषा परिषद की तरफ से धन्यवाद ज्ञापन अमृता चतुर्वेदी ने दिया और सदीनामा के मुख्य सम्पादक जितेंद्र जितांशु बुद्धिजीवियों को कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए शुक्रिया कहा। इस अवसर पर अनेक प्रतिष्ठित बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।

शिवकुमार लोहिया अखिल भारतीय मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष, प्रकाश किल्ला, प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन से जुड़े हुए, एजाज हसन, हलीम साबिर, शीन एजाज , परवेज, विनीत शर्मा, संपादक राजस्थान पत्रिका, विमला पोद्दार,जगमोहन सिंह खोखर , विनोद यादव, रंजीत भारती , सीताराम अग्रवाल, संजीव गुरुंग ,गोपाल भीत्रकोटि, रामायण धमला ,सुरेश शॉ, देवेंदर कौर ,दिव्या प्रसाद, अज्येंद्र नाथ त्रिवेदी, शकुन त्रिवेदी, अल्पना सिंह, केयूर मजूमुआदार, अहमद रशीद, शंकर जालान,प्रदीप कुमार धानुक, सीमा भावसिहंका, उषा जैन, सरोज झुनझुनवाला,डॉ विभा द्विवेदी, राम नारायण झा, राज जायसवाल, मीनाक्षी सांगानेरिया, सुशीलकांति, मीनाक्षी दत्ताराय आदि।

CBI ने दर्ज की पहली FIR, केंद्र ने NTA चीफ को हटाया

 नई दिल्ली : सीबीआई पेपर लीक मामले में एक अलग मामला दर्ज किया है। बिहार और गुजरात वाले मुकदमे को टेकओवर नहीं किया गया है। इन दोनों राज्यों की पुलिस अभी अपने स्तर पर जांच और गिरफ्तारियां कर रही हैं। इस मामले में पहला मामला 5 मई को सामने आया था। जिसके बाद अब तक कई गिरफ्तारियां हुईं और छात्रों ने देश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन किया।

शिक्षा मंत्रालय द्वारा NEET-UG 2024 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की व्यापक जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद एजेंसी ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर सीबीआई ने रविवार को एफआईआर दर्ज कर ली है। शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर सीबीआई ने आईपीसी की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

मामले की जांच के लिए सीबीआई ने विशेष टीमें गठित की हैं। सीबीआई की विशेष टीमें पटना और गोधरा भेजी जा रही हैं, जहां स्थानीय पुलिस ने मामले दर्ज किए हैं। इससे पहले केंद्र सरकार ने शनिवार को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक सुबोध सिंह को हटाकर कार्रवाई की। सरकार ने एनटीए के प्रमुख को हटा दिया। इसके अलावा एजेंसी के कामकाज की समीक्षा के लिए एक पैनल का गठन कर दिया।

सीबीआई पेपर लीक मामले में एक अलग मामला दर्ज किया है। बिहार और गुजरात वाले मुकदमे को टेकओवर नहीं किया गया है। इन दोनों राज्यों की पुलिस अभी अपने स्तर पर जांच और गिरफ्तारियां कर रही हैं। इस मामले में पहला मामला 5 मई को सामने आया था। जिसके बाद अब तक कई गिरफ्तारियां हुईं और छात्रों ने देश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन किया।

NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले में 10 बड़ी जानकारी 
1. NEET-UG 2024 परीक्षा में कथित तौर पर गड़बड़ी का मामला 5 मई को सामने आया था। इसमें 5 मई की रात से लेकर 6 मई की सुबह तक पुलिस ने पटना के अलग-अलग इलाकों से 9 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें पेपर लीक माफिया, सेंटर, कई छात्र और उनके अभिभावक भी शामिल थे।

2. 10 मई- अब तक मामला पटना के शास्त्री नगर पुलिस के पास था, लेकिन 10 मई को बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई यानी (ईओयू) ने शास्त्री नगर थाने में दर्ज नीट पेपर लीक मामले को टेकओवर कर लिया।

3. 19 मई- ईओयू ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए गिरफ्तार किए गए सभी 13 आरोपियों को रिमांड पर लिया।

4. 21 मई- पेपर लीक में पूछताछ से मिली जानकारी और सबूत मिलने के बाद ईओयू ने एनटीए के डीजी को लेटर लिखकर 11 अभ्यर्थियों की जानकारी और उनके प्रश्न पत्र-उत्तरपुस्तिका की मूल कॉपी मांगी।

5. 4 जून- नीट के रिजल्ट के 14 जून तक जारी होने की संभावना थी वो लोकसभा चुनाव नतीजों के दिन ही 4 जून को जारी हो गया।

6. 12 जून- 22 दिन बाद एनटीए ने ईओयू को 11 अभ्यर्थियों की डिटेल भेजी।

7. 16 जून- पेपर लीक मामले जब छात्रों ने देश के अलग-अलग शहरों में विरोध प्रदर्शन किया तो तो ईओयू की तरफ से जो पूछताछ आरोपियों से गई थी उसका कबूलनामा सामने आया। अपने बयान में आरोपियों ने पेपर लीक की बाद कबूल की।

8. 18 जून- नीट पेपर लीक का तार पहली बार संजीव मुखिया गिरोह से जुड़ा। संजीव मुखिया के बेटे डॉ. शिव कुमार समेत 10 आरोपियों को ईओयू ने रिमांड पर लिया। शिव बीपीएससी पेपर लीक मामले में पहले से जेल में बंद है।

9. 19 जून- 5 मई को गिरफ्तार किए गए पेपर लीक के मास्टरमाइंड और बिहार सरकार के जूनियर इंजीनियर सिकंदर यादवेंदु को सस्पेंड किया गया। पूछताछ के दूसरे दिन 2 अभ्यर्थी ईओयू ऑफिस पहुंचे।

10. 20 जून- ईओयू की टीम केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के बुलाने पर दिल्ली गई। आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी नैयर हसनैन खान सभी सबूतों के साथ पहुंचे, जहां मंत्रालय ने पेपर लीक से जुड़ी रिपोर्ट मांगी।

दिल्ली-NCR में बादला मौसम का मिजाज, कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश

नई दिल्ली: भीषण गर्मी और लू की मार झेल रही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पर मानसून आने से पहले ही मौसम काफी मेहरबान हो रही है। दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से निजाद मिली। IMD ने दिल्ली-एनसीआर में बारिश की संभावना जाहिर की थी। ऐसे में पूर्वी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में बरसात हुई।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मानसून इस महीने के आखिरी में दस्तक देगा। लेकिन इससे पहले ही दिल्ली में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। आईएमडी के मुताबिक, 23 से 29 जून क गरज चमक के साथ बारिश के आसार जताए गए हैं। इतना ही नहीं, 24 और 25 जून को भी हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।

14 साल में पहली बार दिल्ली का तापमान लगातार 40 दिनों तक 40 डिग्री से ऊपर रहा। इस दौरान 12 दिन तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंचा। इस साल दिल्ली में हीट स्ट्रोक से मौतों की खबरें आ रही हैं। पिछले 22 दिनों में हीट स्ट्रोक से करीब 30 लोगों की मौत हो चुकी है। हीट स्ट्रोक के मरीजों का सफदरजंग, राम मनोहर लोहिया और लोक नायक अस्पताल में इलाज चल रहा है। अच्छी बात यह है कि सभी मरीज अब स्थिर हैं और खतरे से बाहर हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत के राज्यों में मानसून का असर देखने को मिल रहा है। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और गुजरात में प्री-मानसून बारिश हो रही है। भारत के पूर्वोत्तर और दक्षिणी राज्यों में भारी मानसूनी बारिश देखने को मिल रही है। उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भी आज अच्छी बारिश हुई है। अगले 3-4 दिनों में मानसून के गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश में छा जाने की उम्मीद है।

देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस महीने के आखिर में मानसून दस्तक दे सकता है। हालांकि, मौसम विभाग ने अभी तक मॉनसून के आने की कोई ऑफिशियल डेट नहीं बताई है। लेकिन अंदाजा लगाया जा रहा है कि राजधानी में मॉनसून 30 जून को आ सकता है।