बंगाल में ममता राज में तालिबानी सजा, लक्ष्मीकांतपुर में बीच सड़क पर पुरुष और महिला की पिटाई

कोलकाता: बंगाल के उत्तर दिनाजपुर में ‘इंसाफ सभा’ के नाम पर खुलेआम तालिबानी सजा दी जा रही है। कूचबिहार में कुछ दिनों पहले एक महिला को निर्वस्त्र कर पिटाई की गई थी। इस घटना के अभी ज्यादा दिन नहीं हुए है कि फिर एक बड़ी घटना घटी। इस बार मामला उत्तर दिनाजपुर के चोपड़ा की है। जहां एक महिला और एक पुरुष को तालिबानी सजा दी गई। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। BJP नेता अमित मालवीय और CPIM नेता मोहम्मद सलीम ने वीडियो शेयर कर ममता सरकार पर हमला बोला है।

 

पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था को लेकर अब सवाल उठने लगा है। राज्य में गुंडे-उपद्रवियों की हिम्मत इस कदर बढ़ गई है कि पुलिस का कोई डर नहीं रह गया है। लोकसभा चुनाव का रिजल्ट जारी होने के बाद से बंगाल के अधिकांश जिलों में हिंसा की कई खबरें आई। अब ताजा मामला उत्तर दिनाजपुर का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एक महिला और एक पुरुष को एक व्यक्ति बेरहमी से लाठियों से पीट रहा है। आस-पास भीड़ मौजूद है लेकिन कोई लोग देख रहे हैं। इस तालिबानी सजा को इलाके में ‘इंसाफ सभा’ कहा जाता है। 

बीजेपी नेता अमित मालवीय ने इस घटना का वीडियो शेयर कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट किया है। मालवीय के मुताबिक आरोपी का संबंध लक्ष्मीकांतपुर चोपड़ा विधायक हमीदुर रहमान से है। हमीदुर TMC से विधायक हैं। आरोपी व्यक्ति हमीदुर का करीबी बताया जा रहा है। आरोपी का नाम तजमुल (इलाके में जेसीबी के नाम से मशहूर) है। लक्ष्मीकांतपुर के चोपड़ा इलाके में तजमुल तालिबानियों की तरह इंसाफ सभा चलाता है और लोगों को लाठियों से बेरहमी से पीटता है।

अपने ट्वीट में अमित मालवीय ने आगे लिखा कि देश को TMC द्वारा संचालित पश्चिम बंगाल में शरिया अदालतों की वास्तविकता से अवगत होना चाहिए। हर गांव में एक संदेशखाली है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी महिलाओं के लिए अभिशाप हैं। उन्होंने आगे लिखा कि बंगाल में कानून-व्यवस्था का नामोनिशान नहीं है। क्या ममता बनर्जी इस गुडे के खिलाफ कार्रवाई करेंगी या शेख शाहजहां की तरह उसका बचाव करेंगी?

 

IIT कानपुर के 57वें दीक्षांत समारोह में 2332 छात्रों को मिली डिग्रियां

कानपुर: आईआईटी कानपुर का 57वां दीक्षांत समारोह आज संपन्न हुआ। इस दौरान छात्र-छात्राओं में गजब का जोश और उत्साह देखने को मिला। छात्र-छात्राएं अपनी डिग्रियां और मेडल प्रकार खुशी से उछल पड़े। बता दें कि विभिन्न विषयों में 2332 स्नातकों की डिग्रियां कन्वोकेशन सेरेमनी में बच्चों को दी गई है। इस दौरान आईआईटी कानपुर की ही पूर्व छात्र और ओरेगन स्टेट यूनिवर्सिटी की अध्यक्ष प्रोफेसर ज्योति वाई मूर्ति विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंची थी।

आईआईटी कानपुर के 57वें दीक्षांत समारोह में 2332 स्नातक डिग्रियां बच्चों को दी गई। 882 बीटेक की डिग्री हासिल करने वाले छात्र-छात्राएं शामिल थे। इसके साथ ही अन्य प्रोग्राम में बच्चों को डिग्रियां दी गई हैं।

वहीं, एकेडमिक में सबसे बेहतर परफॉर्म करने वाले छात्रों को विशेष मेडल दिए गए, जिसमें आईआईटी कानपुर के सर्वश्रेष्ठ मेडल की बात की जाए तो प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर साइंस के छात्र कुंवर प्रीत सिंह को मिला है। इसके साथ ही विप्लव पटेल को डायरेक्ट गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया। वह इलेक्ट्रिकल व केमिकल इंजीनियरिंग में दोहरी डिग्री हासिल करने वाले छात्र हैं।

वहीं, प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले छात्र कुंवर प्रीत सिंह ने कहा कि आईआईटी कानपुर एक मैजिकल प्लेस है। यहां तनाव बिल्कुल नहीं है। हर छात्र के पास खुद की स्वतंत्रता है और बच्चे यहां पर खुलकर पढ़ सकते हैं. वह अपने जीवन और करियर को बेहतर बना सकते हैं।

वहीं, दीक्षांत समारोह में आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर मनिंद्र अग्रवाल ने कहा कि आईआईटी कानपुर से पढ़ाई करना ही विद्यार्थियों के लिए एक मील के पत्थर के समान है। उन्होंने कहा कि हमारे संस्थान के छात्र बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। देश-दुनिया में आईआईटी कानपुर के छात्रों को लोहा माना गया है।

फुल ट्रेंड ड्राइवर बनने की लिए आजमाएं ये 5 टिप्स

 नई दि्ल्ली :  कार चलाना सीखना बहुत से लोगों के लिए मुश्किल काम हो सकता है मगर यकीन मानिए ये मुश्किल काम करोड़ों लोगों के लिए बेहद आसान बना हुआ है क्योंकि वे ड्राइविंग में पारंगत हो चुके हैं, ऐसे ही कुछ खास टिप्स आज हम आपको बताने जा रहे हैं जिन्हे फॉलो करके आप एक फुल ट्रेंड ड्राइवर बन सकते हैं।

गाड़ी चलाना सीखने से पहले गाड़ी के डिवाइस को समझना सबसे ज़रूरी है। इंस्ट्रूमेंट पैनल के कार्यों को समझने से गाड़ी को सही तरीके से चलाने में मदद मिलती है और सुरक्षित ड्राइविंग का अनुभव मिलता है। तीन मुख्य पैडल – एक्सेलेरेटर, ब्रेक और क्लच को अच्छे से चलाना सीखना ज़रूरी है। इन्हें याद रखने के लिए “एबीसी” (एक्सेलेरेटर, ब्रेक, क्लच)। अंत में गाड़ी खड़ी होने पर गियर बदलने का अभ्यास करें और उनके स्थान को याद रखें, इससे गाड़ी चलाते समय गियर आसानी से बदले जा सकेंगे। यह बुनियादी ज्ञान आपको आत्मविश्वास के साथ गाड़ी चलाने के लिए सशक्त बनाता है।

गाड़ी चलाने से पहले, इंस्ट्रूमेंट पैनल को अच्छी तरह से समझना ज़रूरी है। विभिन्न बटन और उनके कार्यों से परिचित होने से गाड़ी के क्लाइमेट कंट्रोल, लाइटिंग सिस्टम और अन्य सुविधाओं का सुरक्षित और कुशलता से नियंत्रण किया जा सकता है। इसके अलावा, इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर के चिन्हों को समझना भी बहुत ज़रूरी है। नीले और हरे रंग के इंडिकेटर आमतौर पर सक्रिय सुविधाओं को दर्शाते हैं, जबकि नारंगी, लाल या पीली रोशनी चेतावनी के तौर पर काम करती हैं। ये कम तेल का , टायरों में हवा के दबाव में अंतर या गाड़ी में किसी खराबी की ओर इशारा कर सकती हैं। यह बुनियादी ज्ञान नए ड्राइवरों को गाड़ी की स्थिति को समझने और आत्मविश्वास के साथ सड़क पर चलने में मदद करता है।

सुरक्षित और आरामदायक ड्राइविंग के लिए गाड़ी को सही तरीके से सेट करना बहुत ज़रूरी है। नए ड्राइवर अक्सर सीट, मिरर और कभी-कभी स्टीयरिंग व्हील को आरामदायक स्थिति में एडजस्ट करने की क्षमता को नजरअंदाज कर देते हैं। सीट को एडजस्ट करके सुनिश्चित करें कि आप सभी नियंत्रणों (पेडल, स्टीयरिंग, गियर लीवर) को आराम से चला सकें। कुछ कारों में स्टीयरिंग व्हील के लिए रैक और रीच एडजस्टमेंट की सुविधा होती है।

सबसे महत्वपूर्ण बात, गाड़ी चलाने से पहले मिरर को एडजस्ट करें। आदर्श रूप से, आपकी कार को साइड मिरर में थोड़ी सी जगह ही लेनी चाहिए। बैठते समय दोनों साइड और रियरव्यू मिरर को एडजस्ट करके पीछे का नजारा साफ देखें. याद रखें, सुरक्षित ड्राइविंग का अनुभव एक आरामदायक और अच्छी तरह से एडजस्ट की गई स्थिति से शुरू होता है।

नए ड्राइवरों को दुर्घटनाओं को रोकने और जुर्माने से बचने के लिए यातायात नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। सुरक्षित गाड़ी चलाने के लिए सबसे पहले गाड़ी को संभालना सीखना जरूरी है। पहले जहां स्टीयरिंग व्हील को 10 और 2 बजे की पकड़ की सलाह दी जाती थी, वहीं अब एयरबैग वाली गाड़ियों के लिए 9 और 3 बजे की पकड़ को बेहतर माना जाता है।

धीमी गति से गाड़ी चलाने की आदत डालें. इससे कम गति पर गाड़ी चलाने का अनुभव होगा जो तेज रफ्तार में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए जरूरी है. सड़क पर दूसरी गाड़ियों के साथ संवाद के लिए टर्न सिग्नल और हॉर्न का इस्तेमाल करें। लेन बदलते समय या मुड़ते समय इनका इस्तेमाल करने से सड़क पर सुरक्षा बनी रहती है। आगे चल रही गाड़ी से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। इससे अचानक ब्रेक लगाने या गाड़ी के मोड़ लेने पर संभालने का समय मिलता है।

गाड़ी को संभालना सीखने में समय और अभ्यास लगता है। शुरुआत में स्टीयरिंग और एक्सेलिरेटर को धीरे से चलाना सीखें. तेज़ झटके गाड़ी पर से नियंत्रण खोने का कारण बन सकते हैं। याद रखें, हर कोई सीखता है – कोई भी ड्राइवर शुरू से पूर्ण नहीं होता है। अनुभव के साथ सतर्क और आत्मविश्वासी बने रहें। सड़क पर सुरक्षित रूप से चलने के लिए फोकस बनाए रखना बहुत जरूरी है। तनाव या परेशानी में गाड़ी न चलाएं और गाड़ी चलाते समय पूरी तरह से आराम करें। सड़क पर सुरक्षित और आत्मविश्वास के साथ चलने के लिए धैर्य और एकाग्रचित दिमाग जरूरी है।

‘मन की बात’ में PM मोदी ने की सूर्य कुमार यादव के कैच की तारीफ

नई दिल्ली :  प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मन की बात’ – मासिक रेडियो प्रसारण – रविवार, 30 जून को फिर से शुरू हुई। इस अवसर पर बोलते हुए, उन्होंने कहा, “आज, आखिरकार वह दिन आ गया है जिसका हम सभी इंतजार कर रहे थे फरवरी से मैं ‘मन की बात’ के माध्यम से एक बार फिर आपके बीच में हूं, अपने परिवार के सदस्यों के बीच में हूं, मैंने फरवरी में कहा था कि चुनाव नतीजों के बाद मैं फिर आपसे मिलूंगा और आज फिर मन की बात के साथ आपके बीच उपस्थित हूं। मानसून के आगमन ने आपका भी दिल खुश कर दिया है…”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय क्रिकेट टीम को टी 20 विश्व कप जीतने पर बधाई दी है और कहा कि क्रिकेटरों ने विश्व कप के साथ-साथ करोड़ों लोगों का दिल भी जीत लिया है। इस जीत के बाद प्रधानमंत्री ने रविवार को कॉल कर टीम इंडिया के खिलाड़ियों से व्यक्तिगत रूप से बात की और उन्हें बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने रोहित शर्मा को उनकी शानदार कप्तानी के लिए बधाई दी और उनके टी20 करियर की सराहना की। उन्होंने फाइनल में विराट कोहली की पारी और भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान की सराहना की। प्रधानमंत्री ने हार्दिक पांड्या के अंतिम ओवर और सूर्य कुमार यादव के कैच की भी तारीफ की और जसप्रीत बुमराह के योगदान को भी जमकर सराहा। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने भारतीय क्रिकेट में शानदार योगदान के लिए टीम के कोच राहुल द्रविड़ का भी आभार जताया।

इसके साथ ही इस बीच प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लोगों से मां के नाम पर पेड़ लगाने का भी आग्रह किया। “अगर मैं आपसे पूछूं कि दुनिया का सबसे अनमोल रिश्ता कौन सा है, तो आप जरूर कहेंगे- मां। हम सभी के जीवन में मां का दर्जा सबसे ऊंचा होता है। एक मां हर दर्द सहकर भी अपने बच्चे का पालन-पोषण करती है। हर मां हर तरह का स्नेह लुटाती है।” पीएम मोदी ने कहा, “जन्म देने वाली मां का ये प्यार हम सब पर कर्ज की तरह है, जिसे कोई नहीं चुका सकता।”

उन्होंने कहा, “हम धरती माँ को कुछ नहीं दे सकते, लेकिन क्या हम कुछ और कर सकते हैं? इसी विचार को ध्यान में रखते हुए, इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस पर एक विशेष अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान को ‘एक पेड़ माँ के नाम’ कहा जाता है। माँ का नाम) मैंने अपनी माँ के नाम पर एक पेड़ भी लगाया है। ”

सुनीता विलियम्स की वापसी पर बोले इसरो चीफ, स्पेस स्टेश लंबे सयम तक रहन के लिए सुरक्षित

नई दिल्ली : नासा यात्री सुनीता और बुच विलमोर 5 जून को स्पेस पर गए थे। उन्हें 13 जून को धरती पर लौटना था, लेकिन स्पेसक्राफ्ट में खराबी के चलते अब तक चार बार उनकी वापसी टाली गई है। 

इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन (ISRO) चीफ डॉ. एस सोमनाथ ने कहा है कि स्पेस स्टेशन से भारतवंशी सुनीता विलियम्स की वापसी में देरी चिंता की बात नहीं है। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) लंबे समय तक लोगों के रहने के लिए एक सुरक्षित जगह है।

इसरो चीफ ने निजी चैनेल को एक इंटरव्यू में कहा कि यह सिर्फ सुनीता विलियम्स या किसी अन्य अंतरिक्ष यात्री का मामला नहीं है। स्पेस स्टेशन में फंसना या अटक जाना कोई मुद्दा नहीं है, जिस पर चर्चा होनी चाहिए। अभी वहां नौ अंतरिक्ष यात्री हैं। उनमें से सभी फंसे हुए नहीं हैं।

एस सोमनाथ ने कहा- सभी अंतरिक्ष यात्री को किसी न किसी दिन वापस आना है। पूरा मामला बोइंग स्टारलाइनर नाम के नए क्रू मॉड्यूल की टेस्टिंग, उसके स्पेस तक ​​जाने और फिर सुरक्षित वापस आने की क्षमता से जुड़ा है। ग्राउंड लॉन्च प्रोवाइडर्स के पास उन्हें धरती पर लाने के लिए पर्याप्त क्षमता हैं।

डॉ सोमनाथ ने कहा- हम सभी को सुनीता पर गर्व है। उनके नाम कई मिशन हैं। किसी नए स्पेस व्हीकल की पहली फ्लाइट में यात्रा करना साहस की बात है। वह खुद इसके डिजाइन टीम का हिस्सा रही हैं। उन्होंने अपने एक्सपिरिएंस के इनपुट का इस्तेमाल किया है।

इसरो चीफ ने कहा- हम भी एक क्रू मॉड्यूल बना रहे हैं और इसलिए मैं समझ सकता हूं कि उनके साथ किस तरह की बातचीत हुई होगी। हमारे पास अनुभव है, लेकिन सुनीता के पास हमसे कहीं अधिक अनुभव है।

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 17 दिन से अंतरिक्ष में फंस गई हैं। सुनीता 5 जून 2024 को बोइंग स्टारलाइनर नाम के स्पेसक्राफ्ट में सवार होकर स्पेस मिशन पर गई थीं। ये अमेरिकी एयरक्राफ्ट कंपनी बोइंग और नासा का संयुक्त ‘क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन’ है।

इसमें सुनीता, स्पेसक्राफ्ट की पायलट हैं। उनके साथ गए बुश विलमोर इस मिशन के कमांडर हैं। दोनों को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में 8 दिन रुकने के बाद 13 जून को वापस पृथ्वी पर आना था, लेकिन स्पेसक्राफ्ट में तकनीकी दिक्कतों और हीलियम गैस के रिसाव के चलते अब तक ऐसा नहीं हो पाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि असली दिक्कत का पता नहीं चल पा रहा है। अगर यही स्पेसक्राफ्ट वापसी आता है तो इसमें आग लगने की आशंका है। नासा पर भी दिक्कतों की अनदेखी का आरोप लग रहा है।

नासा ने स्पेसक्राफ्ट में तकनीकी खराबी के कारण लगातार चार बार सुनीता की वापसी टाली है। पहली घोषणा 9 जून को की गई थी, जिसमें बताया गया था कि लैंडिंग को 18 जून तक आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके बाद वापसी को बढ़ाकर 22 जून किया गया।

फिर, वापसी की तारीख 26 जून कर दी गई। 24 जून को नासा ने कहा कि दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी पर लौटने में और समय लग सकता है। हालांकि, इनके वापस लौटने की कोई नई तारीख नहीं बताई गई है।

NASA ने बताया कि दोनों यात्री किसी खतरे में नहीं है। जिस स्पेसक्राफ्ट में उन्हें वापस आना था उसमें हीलियम लीकेज हो रहा है। खामी दूर करने के प्रयास चल रहे हैं।

बोइंग का स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट सिर्फ 45 दिन तक स्पेस स्टेशन में रुक सकता है। स्पेसक्राफ्ट को स्टेशन में डॉक करने के बाद करीब 22 दिन हो चुके हैं। स्टारलाइनर, स्पेस स्टेशन के हार्मनी नाम के जिस मॉड्यूल से जुड़ा है उसकी फ्यूल कैपेसिटी सीमित होती है। अब स्पेसक्राफ्ट के पास सिर्फ 24 दिन का ईंधन बाकी है।

इसलिए 45 दिन के बाद स्पेसक्राफ्ट को सुरक्षित तरीके से अन-डॉक नहीं किया जा सकता। इस समय-सीमा के पूरा होने के बाद सुनीता और विलमोर को दूसरे एयरक्राफ्ट से वापस लाने की व्यवस्था करनी होगी। ऐसे में स्पेसएक्स का क्रू-ड्रैगन और रूसी स्पेसक्राफ्ट सोयूज, दोनों एस्ट्रोनॉट्स को वापस धरती पर ला सकते हैं। इन्हें इस तरह डिजाइन किया गया है कि ये तय समय पर लॉन्च किए जा सकें।

सुनीता विलियम्स को अभी स्पेस स्टेशन पर और समय बिताना पड़ सकता है। नासा के अनुसार बोइंग स्टारलाइनर का मिशन अब 45 दिन से 90 दिन के लिए बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।

ऐसे में संभावना है कि सुनीता की वापसी का इंतजार और बढ़ सकता है। नासा ने फिलहाल स्टारलाइनर की वापसी की तारीख बताने से इनकार किया है।

सूर्यकुमार ने कैच नहीं टी20 विश्व कप की ट्रॉफी पकड़ा

बारबाडोस: आईसीसी टी20 विश्व कप 2024 के फाइनल में भारत ने साउथ अफ्रीका को 7 रन से हरा दिया। दोनों टीमों के बीच बारबाडोस के ब्रिजटाउन में खेले गया यह फाइनल रोमांच की सारी हदों को पार कर दी। मैच में 20 ओवर तक साउथ अफ्रीका और भारत ही टीमें बारबर बनी हुई थी, लेकिन सूर्यकुमार यादव के द्वारा बाउंड्री पर लपका गया डेविड का मिलर का चमत्कारिक कैच टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

पारी के 20वें ओवर में हार्दिक पंड्या की गेंद पर सूर्यकुमार यादव ने डेविड मिलर का हैरतअंगेज कैच लपका। सूर्यकुमार यादव के इस कैच के बदौलत ही साउथ अफ्रीका की टीम बैकफुट पर आ गई और इसके बाद हार्दिक ने फिर कोई मौका नहीं दिया।

अंतिम ओवर में साउथ अफ्रीका की टीम को 16 रन की जरूरत थी, लेकिन हार्दिक पांड्या ने सिर्फ 9 रन दिए जिससे भारत ने 7 रन से इस मैच को अपने नाम कर लिया।

वर्ल्ड कप जिताकर रोहित-विराट का टी-20 से रिटायरमेंट:कोहली प्लेयर ऑफ द फाइनल

नई दिल्ली :  16 साल, 9 महीने और 5 दिन बाद भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप जीतने का इंतजार खत्म कर दिया। यह संभव हुआ कप्तान रोहित शर्मा की ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड के खिलाफ अटैकिंग फिफ्टी और विराट कोहली की प्लेयर ऑफ द फाइनल परफॉर्मेंस से।

रोहित-विराट के साथ टीम के बाकी खिलाड़ी भी अहम रहे, लेकिन इंडियन क्रिकेट के इन 2 दिग्गजों ने भारत की वर्ल्ड कप भूख खत्म करते ही टी-20 से संन्यास ले लिया। इसलिए इनका क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में लेजेंडरी सफर तो जानना जरूरी हो गया है।

विराट कोहली ने  कहा : ‘यह मेरा आखिरी टी-20 वर्ल्ड कप था, हम यही अचीव करना चाहते थे। शानदार गेम। रोहित के साथ ओपनिंग पर जाते हुए मैंने उनसे कहा था, किसी दिन आपको लगता है कि अब रन नहीं बनेंगे, फिर आप बैटिंग करने जाते हैं और रन आने लग जाते हैं। भगवान महान हैं, मैं शुक्रगुजार हूं कि टीम को जब सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब मैं परफॉर्म कर सका।’

विराट ने आगे कहा, ‘यह मेरा आखिरी टी-20 मैच था। यह हमारा सपना था, हम ICC टूर्नामेंट जीतना ही चाहते थे, हम कप उठाना चाहते थे। मैंने सिचुएशन का सम्मान किया, फोकस रखा और अपनी टीम के हिसाब से खेला। सच कहूं तो मुझे यकीन नहीं हो रहा है कि ये कैसे हो गया, जितना खराब टूर्नामेंट मेरा जा रहा था, मैं फाइनल में परफॉर्म कर खुश हूं।

रोहित शर्मा ने कहा : ‘मेरा भी यह आखिरी टी-20 था। इस फॉर्मेट को अलविदा कहने का इससे बेहतर समय नहीं हो सकता। मैंने करियर का हर मोमेंट एंजॉय किया। मैंने अपना इंटरनेशनल करियर इसी फॉर्मेट से शुरू किया। मैं यही चाहता था, मैं कप जीतना चाहता था।

मेरे पास शब्द नहीं हैं। मेरे लिए यह बहुत इमोशनल मोमेंट है, मैं ICC ट्रॉफी किसी भी हाल में जीतना चाह रहा था। खुश हूं कि हमने फाइनली यह कर दिखाया।’

श्रीलंका के दिग्गज कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने की तरह ही विराट-रोहित ने टी-20 को अलविदा कहा। दोनों श्रीलंकाई दिग्गजों ने 2014 में मीरपुर के मैदान पर भारत को ही टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल हराकर ICC ट्रॉफी जीती। इसी के साथ दोनों दिग्गजों ने टी-20 फॉर्मेट को अलविदा कह दिया था।

2015 में फिर दोनों श्रीलंकाई दिग्गजों ने इंटरनेशनल क्रिकेट से भी रिटायरमेंट ले लिया। हालांकि, भारत के ICC ट्रॉफी के सूखे को खत्म करने के बाद अब विराट और रोहित के 2027 का वनडे वर्ल्ड कप खेलने की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं। तब रोहित 40 और विराट 38 साल के होंगे।

 

New Market में फुटपाथ पर कब्जा करने वालों ने किया स्थानीय दुकानदारों पर हमला

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के दिल कहे जाने वाले धर्मतल्ला में फुटपाथ पर कब्जा कर गुंडागर्दी करने वाले हॉकर्स ने शनिवार को स्थानीय दुकानदारों पर भी हमला कर दिया है। यहां ग्रैंड ओबेरॉय होटल के सामने से लेकर पूरे न्यू मार्केट के इलाके में फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले अमूमन खरीददारी के लिए आने वाले ग्राहकों से मारपीट करते ही रहते हैं।

इसके बाद फुटपाथ को खाली करने के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आदेश के बाद चले पुलिस के अभियान की वजह से नाराजगी पहले से ही बढ़ रही थी। हालांकि न्यू मार्केट में पुलिस के अभियान को ममता बनर्जी ने रोक दिया था और हॉकर्स को एक महीने का समय दिया था।

इस बीच शनिवार को अचानक न्यू मार्केट में फुटपाथ पर कब्जा कर दुकानदारी करने वाले हॉकर्स ने स्थानीय दुकानदारों पर हमला कर दिया है। इसके खिलाफ जब दुकानदारों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया तो फुटपाथ पर कब्जा करने वाले हॉकर्स ने सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस का झंडा लेकर उन दुकानदारों पर दोबारा हमला कर दिया।

उसके बाद दोनों तरफ से धर्मतल्ला के दो हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। शाम होते होते मामला कुछ हद तक शांत हो गया 

मुंबई में चला अवैध पब-बार और ड्रग्स बिक्री के खिलाफ बुलडोजर

मुंबई: विधानसभा चुनावों ओर बढ़ रहे महाराष्ट्र में बुलडोजर एक्शन से हड़कंप की स्थिति है। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में अवैध पब, बार और ड्रग्स बिक्री के चिन्हित किए स्थानों पर बुलडोजर एक्शन में अब तक काफी सारे निर्माण ध्वस्त किए जा चुके हैं। राज्य में बुलडोजर एक्शन पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने साफ कर दिया है कि यह एक्शन पूरे महाराष्ट्र में होगा। राज्य में जहां-जहां पर ड्रग्स बेचा जाता है उन सभी जगहों पर कार्रवाई करने को कहा गया है। शिंदे ने कहा कि हम युवा पीढ़ी को बर्बाद नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि जो गुनहगार हैं उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। उन्हें जेल में डाला जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सिर्फ पुणे में ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र में ये ड्रग्स जहां-जहां है वहां हम ड्रग मुक्त कर देंगे।

सीएम के निर्देश के बाद सबसे पहले ठाणे में दो दिन पहले बुलडोजर एक्शन देखने को मिला था। तब स्थानीय नगर निगम ने काफी सारे अवैध पब और बार को निशाना बनाया था। ठाणे के साथ मीरा रोड इलाके में भी मीरा भाईंदर नगर पालिका की तरफ से एक्शन लिया गया था। पुणे के दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने वहां दाेहराया कि बुलडोजर एक्शन जारी रहेगी। हम ड्रग माफिया को उखाड़ फेकेंगे। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अकेले मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में 12 अवैध बार को गिराया गया है। इतना ही नहीं 40 अन्य को नोटिस दिया गया है। महाराष्ट्र के हाल के सालों में पब और बार के साथ ड्रग्स के खिलाफ यह बड़ा एक्शन है।

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देश के बाद बीएमसी भी एक्शन में आ गई है। सीएम ने सभी अवैध पब और बार के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए है। सीएम ने स्कूलों और कॉलेजों के पास बनाए गए निर्माण पर खासतौर से सख्ती के निर्देश दिए हैं। सीएम के निर्देश के बाद बीएमसी ने मुंबई दक्षिण में आर्यन और स्टर्लिंग नाम के दो बार पर कार्रवाई की थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उन पब और बार पर भी कार्रवाई की जा रही है तो स्कूल और कॉलेजों के 100 मीटर के दायरे में आते हैं। ठाणे में अभी 9 पब-बार ध्वस्त किए गए हैं। मीरा भाईयंदर नगर निगम में अभी तक तीन अवैध निर्माण पर कार्रवाई की है।

केजरीवाल की CBI कस्टडी खत्म, कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत

नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। केजरीवाल की तीन दिन की रिमांड पूरी होने पर शनिवार को सीबीआई ने उन्हें राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। सीबीआई ने बुधवार को दिल्ली शराब नीति मामले में उन्हें गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी ने सबूतों के साथ सामना कराने के लिए पांच दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन उन्हें तीन दिन की रिमांड मिली। अदालत ने 12 जुलाई को केजरीवाल को कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है।

अदालत में वकील विक्रम चौधरी ने केजरीवाल की ओर से दायर आवेदन को पढ़ा, जिसमें केस डायरी सहित जमा की गई सभी सामग्री को रिकॉर्ड पर रखने के लिए सीबीआई को निर्देश देने की मांग की गई। अदालत ने कहा आप इन पहलुओं को अदालत पर विचार करने के लिए छोड़ सकते हैं। चौधरी ने कहा सुप्रीम कोर्ट में मेरे सह-आरोपी की जमानत याचिका में उन्होंने कहा कि वे 3 जुलाई तक जांच पूरी कर लेंगे।

कोर्ट ने कहा, निश्चित तारीख तक जांच पूरी करने के संबंध में उन्होंने जो भी बयान दिया है, भले ही उन प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं किया गया हो, इससे आपको जमानत लेने का आधार मिल जाएगा। आप यह नहीं कह सकते कि JC नहीं दी जा सकती।

चौधरी ने कहा, मैं प्रार्थना कर रहा हूं कि कृपया आईओ से कहें कि वे जो भी कह रहे हैं, उसका पालन करें। ताकि कल मैं किसी भी फोरम पर इस मुद्दे पर बहस कर सकूं… मैं विशेष रूप से कुछ कहना चाहता हूं। मैं सारा मामला अदालत पर छोड़ता हूं। कोई भी केस डायरी की कॉपी नहीं मांग सकता। मैं आपके आधिपत्य की निष्पक्ष रूप से सहायता करने के लिए यहां हूं। आपका आधिपत्य उनसे विशेष रूप से पूछ सकता है कि वह सामग्री कहाँ है।

उन्होंने आगे कहा, मैं कह रहा हूं कि यदि वे पहले तीन मामलों में आपके विवेक को संतुष्ट करने में असमर्थ हैं, तो आज रिमांड कार्यवाही अवैध है। यदि वे आपके आधिपत्य को संतुष्ट करने में असमर्थ हैं… कोर्ट ने कहा, आपका प्रार्थना खंड इसे स्पष्ट नहीं कर रहा है। जिस मैदान का आपने उल्लेख नहीं किया है।

चौधरी ने कहा, भले ही जज ने पीसी या जेसी की अनुमति दे दी हो, किसी भी स्थिति में न्यायिक हिरासत को बढ़ाने की मांग आती है, तो ऐसा नहीं है कि जज इसे बढ़ा देगा, यदि हिरासत ठोस आधार पर नहीं है… मेरा मुख्य जोर इस बात पर है कि अदालत ये सब कुछ रिकॉर्ड पर ले सकता है।

कोर्ट ने सीबीआई के वकील से कहा, मैं चाहूंगा कि आईओ केस डायरी, संबंधित पन्नों को चिह्नित करें।
केजरीवाल के वकील ने कहा, आरोपी की पत्नी और परिवार यहां है, यदि आप की इजाजत हो तो आदेश पारित होने तक आरोपी को उनसे मिलने की अनुमति दी जाए। अदालत ने कहा कि कोर्ट के भीतर अनुमति है। अदालत ने आदेश सुरक्षित रखा।

अरविंद केजरीवाल जांच में सहयोग नहीं दे रहे। रिमांड अवधि के दौरान वो जानबूझकर सवालो के सीधे सीधे जवाब देने से बच रहे है। उनके बयान सबूतों से मेल नहीं खाते। केजरीवाल का बड़ा राजनीतिक रसूख है। वो दिल्ली के मुख्यमंत्री है। वो गवाहो को प्रभावित कर सकते है। सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते है। जिन सम्भावित गवाहों के बयान अभी दर्ज होने है, उनको प्रभावित कर सकते है। जो अभी सबूत इकट्ठे होने बाकी है, उनसे छेड़छाड़ कर सकते है। इस तरीके से जांच को प्रभावित कर सकते है।

पूछताछ के दौरान अरविंद केजरीवाल का जब सबूतों से सामना कराया गया तो वो उनके मद्देनजर पूछे गए सवालों का कोई संतोषजनक जवाब उन्होंने नहीं दिया। केजरीवाल ने इसका कोई स्‍पष्‍टीकरण नहीं दिया कि नई आबकारी नीति मामले में आखिर होल सेल प्रॉफिट का मार्जिन 5 से 12 फीसदी बढ़ाने की जरूरत क्या थी। इस बारे में कोई अध्ययन / आधार के बिना ही ऐसा फैसला क्यों ले लिया गया।

जब कोविड की दूसरी लहर पूरी पीक थी तब ऐसी क्या जल्दबाज़ी थी कि संसोधित आबकारी नीति के लिए 1 दिन के अंदर ही सर्कुलेशन के ज़रिए कैबिनेट की मंजूरी हासिल की गई। यह तब हुआ जब साउथ लॉबी के लोग दिल्ली में ही मौजूद थे और विजय नायर के साथ मीटिंग कर रहे थे।

केजरीवाल से विजय नायर की शराब कारोबारियों के साथ मीटिंग और उसकी ओर से आबकारी नीति में मनमाफिक बदलाव की एवज में जब रिश्वत की मांग के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसका भी कोई सीधा जवाब नहीं दिया।
केजरीवाल ने मंगूटा रेड्डी, अर्जुन पांडे और मूथा गौतम के साथ अपनी मुलाकात को लेकर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।

गोवा में चुनाव प्रचार के दौरान AAP द्वारा 44.54 करोड़ के इस्तेमाल को लेकर पूछे गए सवाल को लेकर भी उन्होने कोई सीधा जवाब नहीं दिया। अभी जांच जारी है, जांच अहम मोड़ पर है। कुछ अहम गवाहों के बयान दर्ज होने है। कुछ अहम डिजिटल सबूत अभी इकट्ठा होने बाकी है। केजरीवाल का बड़ा राजनीतिक रसूख है। वो गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं ।सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं लिहाजा उन्हें ज्यूडिशल कस्टडी में भेजा जाएं।

सीबीआई का कहना है कि केजरीवाल की कस्टडी में रखने की जरूरत थी ताकि उन्हें मामले से संबंधित दस्तावेज दिखाए जा सकें। जांच एजेंसी ने ये आरोप लगाया कि केजरीवाल ने दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को फंसाया और शराब नीति के निजीकरण का ठीकरा उनके सिर फोड़ा। वहीं केजरीवाल ने अदालत में इन दावों का खंडन किया है, उन्होंने कहा कि वो और सिसोदिया दोनों ही निर्दोष हैं। केजरीवाल ने कहा, ‘मैं निर्दोष हूं, और अन्य आप नेता, जिसमें मनीष सिसोदिया भी शामिल हैं वो भी निर्दोष हैं।’

बारिश के मौसम में दोपहिया वाहन के टायरों का ऐसे रखें ख्याल

नई दिल्ली :  बारिश के मौसम में दोपहिया वाहन वालों को एक बड़ी परेशानी होती है कि जरा सा संतुलन बिगड़ने पर गाड़ी गिर जाती है। फिलहाल मानसून धीरे-धीरे अपना दायरा बढ़ा रहा है। ऐसे में बाइक से सफर करने वालों को एक चीज का खास ख्याल रखना होता है हम यहा पर बात कर रहे हैं बाइक के टायरों की जी हां, बहुत कम लोग पता है कि बारिश के मौसम में बाइक के टायरों का प्रेशर कितना होना चाहिए. अगर आप भी इस सवाल का जवाब नहीं जानते हैं तो आपको इस खबर को ध्यान से पढ़ना चाहिए।

बारिश के मौसम के दौरान बाइक के सभी पार्ट्स को नियमित तौर पर चेक करते रहना चाहिए. क्योंकि बाइक के टायर काफी महत्वपूर्ण होते हैं, ऐसे में बाइक के टायरों में सही मात्रा में एयर प्रेशर होना चाहिए.चेक करने के दौरान अगर लगे कि टायर के खांचे घिस गए हैं तो बारिश में बाइक फिसल सकती है। ऐसे में किसी भी हादसे से बचने के लिए नए टायरों को लगवाएं।

वहीं, अगर आपको पता चल जाएगा कि बाइक का टायर बदलना ही है तो बाइक के लिए अच्छी ग्रिप वाला टायर का चुनाव करें। इसके साथ ही रबड़ की गुणवत्ता भी अच्छी होनी चाहिए, ताकि सड़क पर बाइक के टायरों को सही पकड़ मिले। इसके अलावा बाइक में ट्यूबलैस टायर का इस्तेमाल करना चाहिए। यह टायर देर से सिकुड़ते हैं और इनकी लाइफ लंबी होती है.वहीं, ट्यूब वाले टायर बहुत तेजी से सिकुड़ते हैं।

बारिश के मौसम में बाइक चलाने के दौरान जब भी ब्रेक लगाए तो बहुत आराम से लगाएं। क्योंकि अचानक ब्रेक लगाने से टायर फिसलने की संभावना हो सकती है. इसलिए सामान्य ब्रेकिंग का इस्तेमाल करें। बारिश में हमेशा बाइक को धीमी गति से चलाएं. ज्यादा स्पीड में बाइक चलाने से टायरों का ग्रिप सड़क से कम हो सकता है, जिसकी वजह से हादसा होने का खतरा बढ़ जाता है।

मानसून में बारिश जमकर होती है जिसकी वजह से सड़के गीली रहती है इसलिए बाइक को फिसलने से रोकने के लिए टायरों की क्षमता अच्छी होनी चाहिए। कई बार देखा गया है कि बारिश के मौसम में भी टायरों को गर्म और ठंडा वातावरण झेलना पड़ता है। इससे टायरों में तापमान ऊपर-नीचे होता रहता है. ऐसे में बाइक के टायरों में 2 से 3 PSI स्तर का एयर प्रेशर होना चाहिए, ताकि सड़क पर बाइक की पकड़ अच्छी रहे।

दिल्ली और जबलपुर के बाद अब राजकोट में हवाई अड्डे का छत गिरा

गांधीनगर: दिल्ली और जबलपुर के बाद अब गुजरात के राजकोट में भी एयरपोर्ट की छत गिरने का मामला सामने आया है। फिलहाल घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. गनीमत रही कि राजकोट अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर दिल्ली एयरपोर्ट जैसी घटना होते-होते बच गई।

बता दें कि जुलाई 2023 में ही राजकोट एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का लोकार्पण पीएम मोदी ने किया था। 1400 करोड़ से ज्यादा की लागत से इस एयरपोर्ट का विस्तार हुआ था।

जानकारी सामने आ रही है कि गुजरात के कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है। राजकोट में भारी बारिश का दौर देखा जा रहा है। इस वजह से राजकोट अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के टर्मिनल के बाहर यात्री पिकअप और ड्रॉप क्षेत्र में एक साइड की छत गिर गई।

बता दें कि शुक्रवार को ही दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 की छत गिर गई थी, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई थी जबकि कई लोग घायल हो गए थे। शुक्रवार सुबह करीब 5.00 बजे ये हादसा हुआ था। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर डोमेस्टिक फ्लाइट के लिए पार्किंग एरिया में गाड़ियों की लाइन लगी थी। इस दौरान अचानक एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर छत का एक भारी भरकम हिस्सा नीचे गिर गया. वहां कार में बैठे एक ड्राइवर की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए।

मध्य प्रदेश के जबलपुर में भी नवनिर्मित डुमना एयरपोर्ट में गुरुवार (27 जून) को ड्रॉप एंड गो एरिया में टेंसाइल रूफ फटने से पानी का सैलाब आ गया था। इस सैलाब में एक कार चकनाचूर हो गई थी. इस घटना में आयकर विभाग के एक अधिकारी और उनका ड्राइवर बाल-बाल बच गया. यह एयरपोर्ट 450 करोड़ की लागत से बनाया गया था। 

NEET Paper लीक मामले में हजारीबाग से पत्रकार जमालुद्दीन गिरफ्तार

हजारीबाग : नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। शनिवार को सीबीआई की टीम ने झारखंड के हजारीबाग से एक पत्रकार को गिरफ्तार किया. उसे शुक्रवार को ही पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी थी।

नीट पेपर लीक केस में सीबीआई की ओर से झारखंड से की गई यह तीसरी गिरफ्तारी है. गिरफ्तार किए गए पत्रकार का नाम जमालुद्दीन है। इसके पहले सीबीआई की टीम ने हजारीबाग स्थित ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल को गिरफ्तार किया था। 2 लोग पटना से भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। नीट पेपर लीक के तार देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े हैं. सीबीआई की टीमें झारखंड, बिहार के साथ-साथ गुजरात में भी जांच कर रही है।

ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल एहसानुल हक और वाइस प्रिंसिपल इम्तियाज आलम का शनिवार को मेडिकल कराया गया। सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक, हजारीबाग के स्थानीय पत्रकार का भी मेडिकल कराया जाएगा। इम्तियाज आलम नीट के इम्तहान के लिए सिटी को-ऑर्डिनेटर भी थे। प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल को शुक्रवार को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही एक स्थानीय पत्रकार को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी। उसे आज गिरफ्तार कर लिया गया।

नीट-यूजी 2024 पेपर लीक केस में सीबीआई की टीम ने शुक्रवार को हजारीबाग जिले के चरही स्थित सीसीएल गेस्ट हाउस में 6 लोगों से पूछताछ की. शाम 4 बजे दो अलग-अलग कार में 3 लोगों को अपने साथ पटना ले गई। जिन लोगों को सीबीआई की टीम पटना ले गई, उसमें एनटीए के सिटी को-ऑर्डिनेटर और सेंटर के केंद्राधीक्षक और एक पत्रकार शामिल हैं।

नीट पेपर लीक मामले में CBI ने गुजरात में सात जगहों पर मारे छापे

नई दिल्ली :  सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि हजारीबाग स्थित ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल एहसानुल हक को 5 मई को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए हजारीबाग का सिटी-कोऑर्डिनेटर बनाया गया था। वहीं स्कूल के उप-प्रधानाचार्य इम्तियाज आलम को एनटीए का पर्यवेक्षक और ओएसिस स्कूल का केंद्र समन्वयक नियुक्त किया गया था।

नीट पेपर लीक मामले पर सीबीआई ने आज बड़ी कार्रवाई करते हुए गुजरात में सात जगहों पर छापेमारी की। सीबीआई ने गुजरात के चार जिलों आणंद, खेड़ा, अहमदाबाद और गोधरा में सात ठिकानों पर शनिवार सुबह छापा मारा। इससे पहले सीबीआई ने शुक्रवार को झारखंड में एक स्कूल पर छापा मारकर स्कूल के प्रधानाचार्य और उप-प्रधानाचार्य को भी गिरफ्तार किया था।

सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि हजारीबाग स्थित ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल एहसानुल हक को 5 मई को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए हजारीबाग का सिटी-कोऑर्डिनेटर बनाया गया था। वहीं स्कूल के उप-प्रधानाचार्य इम्तियाज आलम को एनटीए का पर्यवेक्षक और ओएसिस स्कूल का केंद्र समन्वयक नियुक्त किया गया था। नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने जिले के पांच और लोगों से भी पूछताछ की। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि पत्रकार जमालुद्दीन अंसारी को कथित तौर पर प्रधानाचार्य और उप-प्रधानाचार्य की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

सीबीआई ने नीट के कथित पेपर लीक मामले में छह एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें से एक एफआईआर सीबीआई ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर खुद दर्ज की है। वहीं पांच एफआईआर राज्य सरकारों ने दर्ज की थीं, जिनकी जांच भी अब सीबीआई द्वारा की जा रही है। सीबीआई ने नीट पेपर लीक से जुड़े बिहार, गुजरात के एक-एक मामले और राजस्थान के तीन मामलों की जांच कर रही है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा का आयोजन एनटीए द्वारा कराया जाता है। जिसके आधार पर सरकारी या निजी कॉलेजों में मेडिकल में एमबीबीएस, बीडीएस और आयुष संबंधी कोर्सों में दाखिला दिया जाता है।

इस साल 5 मई को देशभर के 571 शहरों में 4,750 केंद्रों पर नीट की परीक्षा का आयोजन किया गया था। 23 लाख से ज्यादा छात्रों ने यह परीक्षा दी थी, जिनमें 14 विदेशी छात्र भी शामिल हैं। नीट प्रवेश परीक्षा को लेकर पेपर लीक जैसे गंभीर आरोप लग रहे हैं। हालांकि सरकार इससे इनकार कर रही है। मामला सुप्रीम कोर्ट में भी गया, लेकिन सर्वोच्च अदालत ने भी काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। विपक्ष इस मुद्दे पर संसद में हंगामा कर रहा है और नीट पेपर लीक की जांच की मांग कर रहा है। बढ़ते विरोध के बाद सरकार ने बीती 23 जून को नीट पेपर लीक मामले में पहली एफआईआर दर्ज कराई।

कूचबिहार में भाजपा महिला कार्यकर्ता को नंगा कर पीटा, तृणमूल आरोप

कूचबिहार: BJP महिला कार्यकर्ता के साथ कूचबिहार में बर्बरता की हदें पार हो गई। आरोप है कि TMC के गुंडों ने BJP महिला कार्यकर्ता को निर्वस्त्र कर पिटाई कर दी। इस घटना पर पूरे जिले में सनसनी फैल गई है। बता दें कि बंगाल में लोकसभा चुनाव के दौरान शुरू हुई हिंसा रुक-रुककर हो रही है। कूचबिहार में हुई ये घटना मानवता को शर्मसार कर रही है। राज्य सरकार इस जघन्य घटना पर मौन है। पुलिस ऐसी हिंसक की घटनाओं को रोकने में फेल हो गई है।

बीजेपी के आईटी सेल अमित मालवीय ने इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर ट्वीट किया। इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग की ओर से बंगाल पुलिस को तीन दिन के अंदर कार्रवाई कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। घटना से स्थानीय निवासी सन्न हो गए हैं।

जिला पुलिस की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया गया है। पुलिस के मुताबिक, घास काटने को लेकर कुछ लोगों के बीच विवाद हुआ था और यहीं से मामले की शुरुआत हुई। पुलिस के मुताबिक पीड़िता का तीन महिलाओं से पहले भी विवाद हुआ था। इसके बाद आरोप है कि उसे निर्वस्त्र कर पीटा गया। पुलिस का दावा है कि इसमें कोई राजनीतिक कारण नहीं है।

इस मामले में पीड़ित महिला का बयान भी सामने आया है उसने कहा कि वह बीजेपी करतीहै। उन पर तृणमूल पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया। इसके बाद उन्हें जख्मी हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। महिला ने आगे कहा कि घटना के बाद स्थानीय BJP नेताओं ने महिला को शरण दी। वह डर के कारण घर नहीं जा पा रही हैं।

इस मामले में BJP नेता विराज बसु का बयान सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया, ”चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद से पीड़ित महिला एक तरह से घर में नजरबंद है। आरोपियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए। आरोपियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।” उधर, स्थानीय TMC नेता ने कहा, यह पूरी तरह से पारिवारिक विवाद है। BJP यहां राजनीति करने की कोशिश कर रही है। जैसा कि संदेशखाली में करने की कोशिश की।

रांची स्टेशन पर प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच में गिरी युवती

रांची : रांची रेलवे स्टेशन पर एक युवती चलती ट्रेन में चढ़ने के दौरान रेलगाड़ी और प्लेटफॉर्म के बीच में गिर गई। युवती धनबाद-अलप्पुझा एक्सप्रेस ट्रेन जब चल पड़ी थी, तब उसमें चढ़ने की कोशिश कर रही थी. कुछ दूर तक दौड़ लगाने के बाद ट्रेन पर चढ़ने के लिए छलांग लगाई, लेकिन वह चढ़ नहीं पाई। 1 मिनट 5 सेकेंड के वीडियो में देखें, इसके बाद क्या हुआ।

देखते ही देखते वह चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच में गिर गई। वहां मौजूद आरपीएफ के जवानों ने तुरंत गार्ड को इसकी सूचना दी। गार्ड ने ड्राइवर के साथ समन्वय बनाते हुए ट्रेन को स्टेशन पर ही रुकवा दिया। इसके बाद ट्रेन से नीचे गिरी युवती को उसमें से बाहर निकाला गया।

घटना शुक्रवार शाम में करीब 4 बजे रांची रेलवे स्टेशन पर हुई। जैसे ही युवती ट्रेन के नीचे गिरी ऑपरेशन सेवा के तहत आरपीएफ के कर्मचारी तत्काल उसकी मदद के लिए पहुंच गए। आरपीएफ के कर्मचारियों ने ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच रेलवे लाइन के किनारे गिरी युवती को किसी तरह खींचकर बाहर निकाला।

आरपीएफ के कर्मचारियों ने तत्काल इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को दी. स्टेशन मास्टर की पहल पर रेलवे के डॉक्टरों ने युवती का प्राथमिक उपचार किया. डॉक्टरों ने कहा कि उसके पैरों में मामूली खरोंचें आईं हैं। किसी तरह की कोई गंभीर चोट नहीं है. चिंता की भी बात नहीं है. इस बीच युवती के पिता को इस घटना की सूचना दे दी गई।

प्राथमिक चिकित्सा के बाद युवती को उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया। युवती ने अपना नाम मोनिका कुमारी बताया है। उसकी उम्र 21 वर्ष है। उसके पिता का नाम बिरसा उरांव है। युवती रांची जिले के चान्हो थाना क्षेत्र के डाकघर ताला गांव की रहने वाली है। उसे 13351 धनबाद-अलप्पुझा एक्सप्रेस से तमिलनाडु जाना था।

उसने बताया कि उसे तमिलनाडु जाना था। स्टेशन पहुंचने में देरी हो गई। जब तक वह स्टेशन पर पहुंची, ट्रेन खुल चुकी थी। उसे लगा कि वह भागकर ट्रेन पकड़ लेगी। इसी कोशिश के दौरान वह ट्रेन से गिर गई और रेलवे प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच में जा गिरी। अच्छा रहा  कि उसकी जान बच गई।

लद्दाख में LOC के पास टैंक अभ्यास के दौरान पांच जवान शहीद

लद्दाख :  केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख में भारतीय सेना के जवानों के साथ एक बड़ा हादसा हुआ है। सेना के जवान लद्दाख के दौलत बेग ओल्डी इलाके में नदी पार करने का टैंक अभ्यास कर रहे थे। इस दौरान अचानक से नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिसके चलते सेना के पांच जवान नदी में बह गए और उनकी जान चली गई। सभी जवानों के शव बरामद कर लिए गए हैं। भारतीय सेना के जवानों के साथ ये हादसा चीन के साथ लगने वाली सीमा यानी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास हुआ है. दौलत बेग ओल्डी कारकोरम रेंज में स्थित है, जहां सेना का बेस मौजूद है।

जानकारी के अनुसार अधिकारियों ने बताया है कि लद्दाख में एलएसी के पास अचानक आई बाढ़ में सेना के पांच जवान बह गए हैं। सेना का टैंक नदी के एक गहरे हिस्से को पार कर रहा था, तभी वह वहां पर फंस गया। इस दौरान अचानक बढ़े जलस्तर के चलते उसमें पानी भर गया, जिससे जवान बह गए और उनकी मौत हो गई। यहां ये बात स्पष्ट करना जरूरी है कि घटनास्थल पर कोई झड़प नहीं हुई है। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हादसे पर दुख जताया है।

रक्षा मंत्री राजनाथ ने कहा, “लद्दाख में एक नदी के पार टैंक ले जाते समय एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हमारे पांच बहादुर भारतीय सेना के जवानों की जान जाने पर गहरा दुख हुआ। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। दुख की इस घड़ी में देश उनके साथ मजबूती से खड़ा है।”

रक्षा अधिकारियों ने बताया है कि हादसे के समय टैंक में सेना के पांच जवान मौजूद थे। इसमें एक जेसीओ और चार जवान शामिल हैं। सभी 5 जवान शहीद हो गए। सभी के शवों को खोज निकाला गया है। दौलत बेग ओल्डी में हादसे का शिकार हुआ टैंक भारतीय सेना का टी-72 टैंक था। भारत के पास 2400 टी-72 टैंक हैं। भारतीय सेना इन टैंकों का इस्तेमाल लंबे समय से कर रही है। हादसे के समय वहां पर कई और भी टैंक मौजूद थे।

लद्दाख में ये हादसा ऐसे समय पर हुआ है, जब पिछले महीने ही सेना ने दौलत बेग ओल्डी में टैंक रिपेयर फैसिलिटी बनाई। पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ लगने वाली सीमा के करीब सैन्य तैयारियों को मजबूत करने के लिए दो टैंक रिपेयर फैसिलिटी स्थापित की गई थीं। इसमें से एक दौलत बेग ओल्डी में तो दूसरा एक न्योमा में बनाया गया। 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थापित ये दुनिया का सबसे ऊंचाई वाली टैंक रिपेयर फैसिलटी है। सेना ने यहां पर करीब 500 टैंक तैनात किए हुए हैं।

महाराष्ट्र सरकार ने खोला खजाना, महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 1500 रुपये

कोलकाता : महाराष्ट्र की एनडीए सरकार ने चुनावी सीजन में पेश बजट में बड़े ऐलान किए हैं। वित्त मंत्री अजित
पवार की ओर से पेश बजट में मध्य प्रदेश की लाडली बहना योजना तर्ज पर महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये देने का ऐलान किया है। इस स्कीम का फायदा 21 से 60 साल तक की उम्र की महिलाओं को मिलेगा। इस स्कीम का नाम ‘मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन योजना’ रखा गया है। इस स्कीम को 1 जुलाई से ही लागू कर दिया जाएगा। इसका अर्थ है कि अगले महीने से राज्य की महिलाओं को 1500 रुपये मिलने शुरू हो जाएंगे। इस स्कीम के लिए 46 हजार करोड़ रुपये का सालाना बजट तय किया गया है।

एकनाथ शिंदे सरकार ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के ठीक पहले यह फैसला लिया है। ऐसे में इसे चुनावी दांव के तौर पर भी देखा जा रहा है। मुंबई क्षेत्र में वैट में कटौती की गई है और इसके चलते पेट्रोल एवं डीजल के दामों में भी कमी आई है। एक और कल्याणकारी योजना का ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि 5 सदस्यों वाले परिवार को हर साल तीन सिलेंडर फ्री में दिए जाएंगे। इसे मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना का नाम दिया गया है। एकनाथ शिंदे सरकार ने किसानों को भी साधने की कोशिश करते हुए बकाया बिजली बिल माफ करने का ऐलान किया है। इससे 44 लाख किसानों को फायदा मिलेगा।

इन स्कीमों के अलावा वैट कम होने से पेट्रोल की कीमत में 65 पैसे की कमी आई है। इसके अलावा डीजल भी 2.07 रुपये कम हुआ है। बता दें कि यह कटौती पूरे राज्य नहीं बल्कि अकेले मुंबई क्षेत्र में ही लागू की जाएगी। डीजल की कीमत में कटौती करने से किसानों को भी फायदा होगा। राज्य सरकार के इस बजट से उम्मीद की जा रही थी कि कुछ कल्याणकारी योजनाओं का ऐलान होगा क्योंकि अगले कुछ महीनों में ही चुनाव होने हैं। एकनाथ शिंदे सरकार ने अपने बजट इन चर्चाओं को सही साबित किया है।

सुष्मिता सेन ने अपने इंस्टा Bio में क्यों बदली डेट ऑफ बर्थ? फैंस हो रहे कन्फ्यूज

नई दिल्ली : पूर्व मिस यूनिवर्स और एक्ट्रेस सुष्मिता सेन अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहती हैं। चाहे वह साल 2023 में दिल का दौरा पड़ने की खबर हो या फिर ललित मोदी और रोहमन शॉल के साथ उनके रिश्तों को लेकर हो। एक्ट्रेस हर समय चर्चा में बनी रहीं। हालांकि अभी किसी खास वजह से चर्चा में हैं और वो है उनकी डेट ऑफ बर्थ।

पूर्व मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन ने साल 1996 में फिल्म दस्तक से बॉलीवुड डेब्यू किया था। इसके बाद एक्ट्रेस ने कई हिट फिल्में दीं। सुष्मिता सेन की खूबसूरती के आज भी लोग दीवाने हैं। फैंस एक जमाने में उनकी एक झलक पाने को तरसते थे।

एक्ट्रेस इस समय दो बच्चियों की प्राउड सिंगल मदर हैं और बहुत अच्छे से उनका ख्याल भी रख रही हैं। हालांकि, एक्ट्रेस किसी अन्य वजह से चर्चा में हैं। दरअसल एक्ट्रेस ने अपने इंस्टाग्राम पर अपनी डेट ऑफ बर्थ बदल ली है जिसने उनके फैंस को चिंता में डाल दिया है।

सुष्मिता सेन का जन्म 19 नवंबर 1975 को हुआ था। लेकिन एक्ट्रेस के इंस्टा बायो में उनकी डेट ऑफ बर्थ 27 फरवरी 2023 लिखी है। एक्ट्रेस ने इसे सेकेंड डेट ऑफ बर्थ लिखा है। अब इसने फैंस के बीच कंफ्यूजन पैदा कर दी कि आखिर एक्ट्रेस ने ऐसा क्यों लिखा?

दरअसल ये वो डेट ऑफ बर्थ है जिस दिन सुष्मिता को हार्ट अटैक आया था। सुष्मिता जब आर्या 3 की शूटिंग कर रही थी तब उन्हें अचानक से दिक्कत महसूस हुई थी। उन्होंने ये बात भी स्वीकार की थी उन्होंने 6 महीने पहले ही मेडिकल टेस्ट कराया था तब उन्हें इस दिक्कत का जरा सा भी अहसास नहीं था। उनकी रिपोर्ट में सब कुछ ठीक था। स्ट्रेस टेस्ट भी ठीक था, फिर भी उन्हें हार्ट अटैक आया।

हाल में सुष्मिता वेब सीरीज ताली में दिखाई दी थीं। इस सीरीज में उन्होंने ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट गौरी सावंत का रोल निभाया है। इसके अलावा एक्ट्रेस अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी चर्चा में रहती हैं। पिछले दिनों खबर आई थी कि एक्ट्रेस रोहमन शॉल को डेट कर रही हैं। हालांकि बाद में उन्होंने जानकारी दी कि उनका ब्रेकअप हो चुका है।

हिना खान से पहले इन अभिनेत्रियों ने झेला है कैंसर का दर्द

मुंबई : टीवी एक्ट्रेस हिना खान ने खुलासा किया कि वह ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही हैं. उन्होंने कहा कि इलाज शुरू हो गया है, और वह इस चुनौती से उबरने और जल्द से जल्द ठीक होने की पूरी कोशिश कर रही हैं। हिना के अलावा कई और बॉलीवुड अभिनेत्रियां हैं, जिन्होंने कैंसर जैसी बीमारी को मात दिया और आज एक स्वस्थ जिंदगी जी रही हैं।

टीवी एक्ट्रेस हिना खान ने हाल ही में खुलासा किया है कि उन्हें स्टेज 3 ब्रेस्ट कैंसर का पता चला है. अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर फैंस के साथ एक इमोशनल नोट शेयर किया और सबसे दुआ करने की गुजारिश की. उन्होंने कहा कि वह इस बीमारी से लड़ेंगी और जल्द ठीक होने की पूरी कोशिश करेंगी।

किरण खेर
‘देवदास’ और ‘दोस्ताना’ जैसी फिल्मों में नजर आईं अभिनेत्री-राजनेता किरण खेर को 2021 में मल्टीपल मायलोमा, एक प्रकार का ब्लड कैंसर का पता चला था, लेकिन अभिनेत्री ने कभी हार नहीं मानी और अपने मजबूत जज्बे से इस बीमारी को मात दिया।

मनीषा कोइराला
मनीषा कोइराला हाल ही में ‘हीरामंडी: द डायमंड बाजार’ में मल्लिकाजान की भूमिका निभाती नजर आई. अपनी बेहतरीन अदाकारी को लेकर एक्ट्रेस फैंस के बीच एक हॉट टॉपिक बन गई हैं. मनीषा कोइराला को साल 2012 में स्टेज IV डिम्बग्रंथि के कैंसर का पता चला था।

छवि मित्तल
साल 2022 में, छवि मित्तल ने खुलासा किया कि उन्हें ब्रेस्ट कैंसर का पता चला था. उन्होंने एक पोस्ट शेयर कर कहा, “मैं भाग्यशाली महसूस कर रही हूं कि मुझे इसका जल्दी पता चल गया।

महिमा चौधरी
महिमा चौधरी को ‘परदेस’, ‘दिल क्या करे’ और ‘दिल है तुम्हारा’ जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है. एक्ट्रेस को साल 2022 में अपने ब्रेस्ट कैंसर के बारे में पता चला था। उन्होंने बताया था कि इस बीमारी में मैंने हर दिन खुद को मरते हुए देखा था। हालांकि डॉक्टर्स ने मुझे हिम्मत दी और मैं ठीक होने के लिए हिम्मत जुटा पाई।

सोनाली बेंद्रे
‘हम साथ-साथ हैं’, ‘सरफरोश’ और ‘दिलजले’ जैसी फिल्मों में काम करने वाली सोनाली बेंद्रे को साल 2018 में, स्टेज 4 मेटास्टेटिक ब्रेस्ट कैंसर का पता चला और उनके बचने की 30 प्रतिशत संभावना थी। अभिनेत्री ने थेरेपी ली और ठीक होकर दिखाया।

लिसा रे
लिसा रे ने अपने ब्लड कैंसर को लगभग एक साल तक सीक्रेट रखा था। वह छुप-छुपकर इलाज करवाती रही और एक्टिंग करना जारी रखा था। बाद में जब वह ठीक होने लगी थी तो उन्होंने अपनी जर्नी को फैंस के साथ शेयर किया था।