अभिषेक ने पंक्षियों को पकड़े बिना केंद्र की विफलता पर उठाया सवाल

Abhishek Banerjee

22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में घटी आतंकवादी घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। आतंकवादियों ने निर्दोष 26 लोगों की हत्या कर दी। इस हमले के बाद 55 दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक कोई आतंकवादी पकड़ा नहीं जा सका है। आतंकवादी कैसे भारत की सीमा में घुसे और उनकी योजना को खुफिया विभाग क्यों नहीं पकड़ सका, ये ऐसे सवाल हैं जो तृणमूल कांग्रेस के नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने केंद्र सरकार से उठाए हैं। उन्होंने इन सवालों के जरिए सुरक्षा, कूटनीतिक विफलता और सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़ा किया है।

1. आतंकवादी भारत की सीमा में कैसे घुसे?
अभिषेक ने पहला सवाल उठाया है – “आखिरकार आतंकवादी भारत में घुसे कैसे?” उनका कहना है कि इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद आतंकवादियों का सीमा पार करना और फिर हमला करके फरार होना, यह सुरक्षा तंत्र की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने लिखा है, “इस बड़ी सुरक्षा विफलता के लिए कौन जिम्मेदार है? इसकी जवाबदेही कौन लेगा?” इस सवाल से यह साफ है कि अभिषेक का मुख्य मुद्दा देश की सीमा पर हो रही सुरक्षा चूक है, जिसे लेकर सरकार से स्पष्टीकरण मांग रहे हैं।

2. क्या IB की विफलता को बढ़ावा दिया गया?
दूसरा सवाल अभिषेक ने खुफिया विभाग (IB) की विफलता को लेकर उठाया है। पहेलगाम हमले के एक महीने बाद, सरकार ने IB प्रमुख का कार्यकाल एक साल बढ़ा दिया। अभिषेक ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा, “क्या यह विफलता के बाद पुरस्कार देना है? इसकी वजह क्या है?” उन्होंने सरकार से पूछा कि अगर PEGASUS स्पाइवेयर का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और न्यायधीशों की निगरानी के लिए किया जा सकता है, तो आतंकवादियों और संदिग्धों पर इसका इस्तेमाल क्यों नहीं किया जाता?

3. आतंकवादी अब तक पकड़े क्यों नहीं गए?
अभिषेक का तीसरा सवाल यह है कि लगभग दो महीने बाद भी हमले में शामिल आतंकवादी कहां हैं? उन्होंने लिखा, “क्या वे मारे गए हैं, या जिंदा हैं? अगर वे मारे गए हैं, तो सरकार इस पर कोई बयान क्यों नहीं दे रही है? अगर वे जिंदा हैं, तो सरकार चुप क्यों है?” इस सवाल के जरिए अभिषेक ने सरकार की चुप्पी पर निशाना साधा है, खासकर तब जब सरकार को आतंकवादियों की तलाश में सक्रिय होना चाहिए था।

4. पाकिस्तान के साथ संवाद और PoK का मुद्दा
अभिषेक का चौथा सवाल पाकिस्तान के साथ भारत के रिश्तों और PoK (पाकिस्तानी अधिकृत कश्मीर) को लेकर है। तृणमूल नेता ने पाकिस्तान के प्रति भारत की नीति पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा, “भारत सरकार अब पाकिस्तान से केवल PoK पर बात क्यों नहीं करती?” उनके मुताबिक, भारत को पाकिस्तान के साथ सिर्फ PoK के पुनः अधिग्रहण पर बातचीत करनी चाहिए। इसके अलावा, अभिषेक ने यह भी कहा कि उन्होंने कई देशों के दौरे के दौरान पाकिस्तान के काले चेहरे को दुनिया के सामने रखा है और यह भी बताया है कि पाकिस्तान सीमा पार से आतंकवाद फैलाने का काम कर रहा है।

5. अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति और IMF का समर्थन
अंतिम सवाल अभिषेक ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और भारत की कूटनीतिक विफलता के संदर्भ में उठाया। उन्होंने पूछा, “भारत कश्मीर में आतंकवाद का शिकार होने के बावजूद पाकिस्तान को IMF से 1 बिलियन डॉलर और विश्व बैंक से 40 बिलियन डॉलर की मदद कैसे मिलती है?” उनका कहना है कि यह भारत की कूटनीतिक विफलता को दिखाता है, और उन्होंने यह भी सवाल किया कि आखिर भारत के विदेश मंत्रालय के द्वारा इतने पैसे खर्च किए जाने के बावजूद क्यों पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर समर्थन मिल रहा है।

सरकार से स्पष्टता की मांग
अभिषेक ने इन सवालों के माध्यम से केंद्र सरकार से साफ जवाब की मांग की है। उन्होंने लिखा, “देश के लोग इन सवालों का जवाब चाहते हैं।” उनके अनुसार, सरकार को न केवल अपनी नीतियों को स्पष्ट करना होगा, बल्कि उन सवालों के प्रति अपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही को भी समझना होगा। देश को सुरक्षा, कूटनीतिक सफलता और सही दिशा में नेतृत्व की जरूरत है, और यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इन सवालों का जवाब दे।

अंततः, अभिषेक का यह पत्र और सवालों का सिलसिला सरकार को घेरने का एक प्रयास है, जो यह दर्शाता है कि देश में सुरक्षा, कूटनीतिक नीति और सरकार की पारदर्शिता के मुद्दे पर एक गंभीर बहस की आवश्यकता है।

थ्रिलर फिल्म ‘Stolen’ ने भारत और विदेश में जीता व्यापक दर्शक वर्ग का दिल

Stolen Movie Earns Global Praise with Real-Life Inspired Story

बड़े बजट की फिल्मों पर केंद्रित सिनेमाई परिदृश्य के बीच, थ्रिलर फिल्म ‘स्टोलन’ (Stolen) ने चुपके से अपने दर्शकों को ढूंढ लिया है और भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी ध्यान आकर्षित किया है। अभिषेक बनर्जी अभिनीत इस फिल्म को लगातार दर्शक मिल रहे हैं और लोग इसके कथानक और अभिनय की सराहना कर रहे हैं। बिना बड़े सितारों या भारी प्रचार अभियानों के, ‘स्टोलन’ ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा पैदा की है, जहां दर्शक अपनी प्रतिक्रियाएं और सिफारिशें साझा कर रहे हैं।

इस फिल्म की सस्पेंस से भरी कहानी और संयमित प्रस्तुति उन दर्शकों के बीच लोकप्रिय हुई है जो वास्तविक कहानियों की तलाश में हैं। 2018 में असम के करबी आंग्लोंग लिंचिंग मामले से प्रेरित यह फिल्म एक बच्चे के अपहरण की घटना के इर्द-गिर्द घूमती है, जो दो भाइयों के जीवन को पूरी तरह बदल देती है। अभिषेक बनर्जी ने गौतम की भूमिका निभाई है, जो शुरू में इस घटना में शामिल होने से हिचकता है, लेकिन बाद में नैतिक जिम्मेदारी से प्रेरित होता है। शुभम वर्धन ने रमन और मिया मेल्जर ने झुंपा के किरदार में शानदार अभिनय किया है।

फिल्म की प्रतिक्रिया पर अभिषेक बनर्जी ने कहा, “हमने ‘स्टोलन’ को पूरी ईमानदारी से बनाया है, और अब तक का रिस्पॉन्स बहुत उत्साहजनक रहा है। जब कहानियां भाषा या क्षेत्र की सीमाओं को पार करके दर्शकों से जुड़ती हैं, तो यह वाकई अच्छा लगता है।” फिल्म की टीम के एक सदस्य ने कहा, “यह धारणा है कि केवल बड़े बजट की फिल्में ही चलती हैं। लेकिन ‘स्टोलन’ का अपनी जगह बनाना यह साबित करता है कि अलग तरह के सिनेमा के लिए भी जगह है। भारत और विदेश में इसका रिस्पॉन्स एकसमान रहा है और ज्यादातर यह मुंहजुबानी प्रचार से हुआ है।”

2023 में वेनिस फिल्म फेस्टिवल में अपने विश्व प्रीमियर के बाद से ‘स्टोलन’ ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रशंसा बटोरी है। इसने बीजिंग अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, सर्वश्रेष्ठ सिनेमटोग्राफी और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीता है। जापान के स्किप सिटी इंटरनेशनल डी-सिनेमा फेस्टिवल में इसे सर्वश्रेष्ठ फिल्म और सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार मिला। भारत में, जियो मामी मुंबई फिल्म फेस्टिवल और 28वें केरल अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में इसे सराहा गया।

प्राइम वीडियो पर 4 जून, 2025 से यह फिल्म विश्व स्तर पर 240 से अधिक देशों में स्ट्रीमिंग शुरू हुई है। फिल्म के निर्देशक करण तेजपाल ने कहा, “हम एक कच्ची और ईमानदार कहानी कहना चाहते थे। यह एक थ्रिलर है, लेकिन इसकी मानवीय गहराई दर्शकों पर लंबे समय तक प्रभाव छोड़ती है।” इस फिल्म को अनुराग कश्यप, किरण राव, निखिल आडवाणी और विक्रमादित्य मोटवाने जैसे प्रसिद्ध निर्माताओं ने समर्थन दिया है।

सोशल मीडिया पर दर्शकों ने इस फिल्म की साहसी कहानी और अभिषेक के अभिनय को ‘करियर का सर्वश्रेष्ठ’ बताया है। अभिनेत्री नुसरत भरुचा ने इसे “शानदार ढंग से बनाई गई” फिल्म कहा, जबकि अली फजल ने इसे “बेहद जरूरी फिल्म” करार दिया। रणवीर सिंह के साथ ‘राणा नायडू’ में काम कर चुके राणा दग्गुबाती और राजकुमार राव ने भी इसकी तारीफ की।

‘स्टोलन’ सिर्फ एक थ्रिलर नहीं है, यह भारत के सामाजिक असमानताओं, वर्ग भेद और फर्जी खबरों के प्रभाव पर चर्चा करती है। यह दर्शकों को सोचने के लिए प्रेरित करती है और साबित करती है कि छोटे बजट की फिल्में भी बड़ा प्रभाव डाल सकती हैं। इसके 90 मिनट का रनटाइम दर्शकों को एक तीव्र और भावनात्मक अनुभव देता है, जो खत्म होने के बाद भी मन में बना रहता है।

जैसे-जैसे यह फिल्म नए दर्शकों तक पहुंच रही है, ‘स्टोलन’ यह दिखा रही है कि स्पष्ट उद्देश्य और ईमानदार निर्माण के जरिए छोटे पैमाने की फिल्में भी महत्वपूर्ण चर्चा पैदा कर सकती हैं। यह दर्शकों की विभिन्न कहानियों को स्वीकार करने की इच्छा का एक अनुस्मारक है।

 

विनेश फोगाट को मिले भारत रत्न या राज्यसभा सांसद बनाया जाए’, केंद्र से TMC की मांग

कोलकाता : बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने बुधवार को दिग्गज पहलवान विनेश फोगाट के लिए भारत रत्न या राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत राज्यसभा का सदस्य बनाने की मांग की है, जिन्हें ओलिंपिक में स्वर्ण पदक के करीब पहुंचकर वजन ज्यादा होने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया।

टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सांसद भतीजे अभिषेक बनर्जी ने एक्स पर लिखा, सरकार और विपक्ष को आम सहमति बनाने का रास्ता खोजना चाहिए और या तो विनेश फोगाट को भारत रत्न से सम्मानित करना चाहिए या उनके द्वारा प्रदर्शित असाधारण साहस को स्वीकार करते हुए उन्हें राष्ट्रपति द्वारा नामित राज्यसभा सीट के लिए मनोनीत करना चाहिए।

उन्होंने आगे लिखा, उनके द्वारा प्रदर्शित असाधारण साहस को स्वीकार करते हुए हम कम से कम यह विनेश फोगाट के लिए कर सकते हैं, उन्होंने कितना संघर्ष किया है। कोई भी पदक उनकी असली क्षमता को पूरी तरह से नहीं दर्शा सकता है।

वहीं, टीएमसी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख व पूर्व भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में उनकी भूमिका को दिखाया गया है, जिन पर महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।

पार्टी ने लिखा, आपने दृढ़ इच्छाशक्ति और दृढ़ता के माध्यम से जो अविश्वसनीय उपलब्धि हासिल की है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। आपने 140 करोड़ भारतीयों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। आप एक सच्ची योद्धा हैं और हमेशा रहेंगी! हम आपके साथ खड़े हैं। पूरा देश आपके साथ खड़ा है।

 

अनंत अंबानी की शादी में आज मुंबई रवाना होंगी ममता बनर्जी

कोलकाता :  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज मुंबई जा रही हैं। ममता बनर्जी मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी की शादी समारोह में शामिल होंगी। वह गुरुवार दोपहर विशेष विमान से मुंबई के लिए उड़ान भरेंगी। नबन्ना के सूत्रों के मुताबिक, अनंत अंबानी के विवाह समारोह में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री को मुकेश अंबानी और उनके परिवार ने विशेष रूप से आमंत्रित किया है।

ममता बनर्जी शिष्टाचार के नाते इस निमंत्रण को स्वीकार करते हुए वह शादी समारोह का हिस्सा बनने जा रही है। वह शुक्रवार को शादी समारोह में शामिल होंगी। ममता बनर्जी के अलावा इस कार्यक्रम में देश के कई अन्य राजनेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।

अनंत अंबानी के विवाह समारोह में शामिल होने के अलावा, ममता बनर्जी के कई राजनीतिक कार्यक्रम भी हैं। शिवसेना के उद्धव गुट के प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ ममता बनर्जी के हमेशा अच्छे रिश्ते रहे हैं। सुनने में आ रहा है कि ममता बनर्जी मुंबई में उद्धव से मुलाकात कर सकती हैं। वह बैठक गुरुवार को हो सकती है। शुक्रवार को उनकी एनसीपी के पवार खेमे के प्रमुख शरद पवार से मुलाकात हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक, ममता 13 जुलाई की दोपहर कोलकाता लौटेंगी।

लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे आने के बाद अभिषेक बनर्जी ने मुंबई में उद्धव ठाकरे से मुलाकात की थी। हालांकि, मतदान के बाद तृणमूल नेता ने इंडिया अलायंस के सहयोगियों से मुलाकात नहीं की थी। ममता बनर्जी अपने तीन दिवसीय मुंबई दौरे के दौरान उस काम की शुरुआत कर सकती हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव भी सामने हैं। गठबंधन को बरकरार रखते हुए बीजेपी को कैसे हराया जाए, इस पर भी उद्धव अनुभवी ममता से सलाह ले सकते हैं।

अभिषेक बनर्जी का पार्टी कार्यकर्ताओं से अनुरोध, विनम्र और जिम्मेदार बनें

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक सह अभिनेता सोहम ने न्यूटाउन में एक रेस्टोरेंट मालिक को थप्पड़ मार दी थी। इस पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि किसी भी तरह की जीत मिलने पर विनम्र और जिम्मेदाराना व्यवहार करना चाहिए। बनर्जी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक संदेश में कहा कि टीएमसी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को राज्य के लोगों द्वारा पार्टी पर जताए गए विश्वास का सम्मान करने का प्रयास करना चाहिए।

टीएमसी सांसद और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक ने पोस्ट में कहा, “जीत मिलने पर विनम्रता और शालीन व्यवहार करना चाहिए। मैं टीएमसी के सभी नेताओं और सदस्यों से अनुरोध करता हूं कि वे पश्चिम बंगाल के लोगों द्वारा हम पर जताए गए भरोसे का सम्मान करने का प्रयास करें।”

बनर्जी ने किसी निर्वाचित प्रतिनिधि का नाम नहीं लिया और न ही किसी घटना का जिक्र किया। हालांकि उन्होंने यह संदेश दो दिन पहले कोलकाता के निकटन्यू टाउन में अभिनेता और तृणमूल कांग्रेस के विधायक सोहम चक्रवर्ती द्वारा एक रेस्तरां मालिक पर कथित तौर पर हमला किए जाने के बाद दिया है।

दक्षिण 24 परगना की हर सीट पर तृणमूल की जीत बरकरार

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना के अंतर्गत आने वाले सभी लोकसभा सीटों पर राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने जीत बरकरार रखा है. इसी जिले में डायमंड हार्बर सीट भी आता है, जिसपर तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने तीसरी बार जीत को कायम रखा है. दक्षिण (कोलकाता), जादवपुर, मथुरापुर और जयननगर (एससी) सीटों पर भी तृणमूल के उम्मीदवार ही विजयी रहे हैं।

राज्य में डायमंड हार्बर सीट पर हुए लोकसभा चुनाव के नतीजे पर भी एक तरह की सबकी निगाहें टिकी थीं. इसकी वजह यह भी बतायी जा रही है कि यहां तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी ने तीसरी बार भरोसा जताते हुए अपना उम्मीदवार बनाया। अभिषेक बनर्जी डायमंड हार्बर में तीसरे बार सांसद चुने गये हैं, जिनकी जीत का मार्जिन राज्य में ज्यादा रहा है. उन्होंने भाजपा के उम्मीदवार को शिकस्त दी है. यहां भाजपा ने अपना उम्मीदवार अभिजीत कुमार को बनाया था, जबकि माकपा ने प्रतिकुर रहमान को मैदान में उतारा था।

वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में तृणमूल नेता बनर्जी को 7,91,127 वोट मिले थे, जो कुल मतदान का लगभग 56.15 प्रतिशत था। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार नीलांजन राय को हराया था, जिन्हें 4,70,533 वोट मिले थे, जो कुल मतदान का लगभग 33.39 प्रतिशत था। गत लोकसभा चुनाव में माकपा के उम्मीदवार डॉ फुआद हलीम को 93,941 वोट मिले थे।

दक्षिण 24 परगना के अंतर्गत आने वाला कोलकाता (दक्षिण) सीट भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. उक्त संसदीय क्षेत्र में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद 1991 से वर्ष 2009 तक हुए लोकसभा चुनाव व लोकसभा उप-चुनाव में विजयी होती आयी हैं। वर्ष 2011 में तृणमूल के पश्चिम बंगाल के सत्ता में आने के बाद सुश्री बनर्जी ने सांसद पद से इस्तीफा दिया, जिसके बाद यहां हुए उपचुनाव में तृणमूल से सुब्रत बक्शी विजयी हुए, जो वर्ष 2014 में भी इस सीट से सांसद चुने गये। वर्ष 2019 में माला राय तृणमूल की उम्मीदवार के तौर पर उक्त सीट से विजयी हुईं। इस बार हुए लोकसभा चुनाव में तृणमूल ने फिर राय पर भरोसा जताया और यहां से उन्हें पार्टी की उम्मीदवार बनाया।

माला राय ने इस सीट पर तृणमूल की जीत को कायम रखा. उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को देबश्री चौधरी को शिकस्त दी है। यहां चुनाव के मैदान में माकपा की ओर से सायरा शाह हलीम भी थीं। गत लोकसभा चुनाव में माला राय को 5,73,119 वोट मिले थे, जो यहां हुए कुल मतदान का करीब 47.50 प्रतिशत था। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार चंद्र कुमार बोस को हराया था, जिन्हें 4,17,927 वोट मिले थे, जो कुल वोट का लगभग 34.64 प्रतिशत था। गत लोकसभा चुनाव में इस सीट पर माकपा उम्मीदवार नंदिनी मुखर्जी को 1,40,275 वोट मिले थे, जो कुल मतदान का लगभग 11.63 प्रतिशत था।

जयनगर (एससी) लोकसभा सीट पर तृणमूल कांग्रेस ने इस बार भी प्रतिमा मंडल को उम्मीदवार बनाया, जिन्होंने एक बार फिर भाजपा उम्मीदवार अशोक कंडारी के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन किया। गत लोकसभा चुनाव में भी इस सीट पर मंडल और भाजपा नेता कंडारी के बीच ही मुख्य मुकाबला था। इस बार आरएसपी ने अपना उम्मीदवार समरेंद्रनाथ मंडल को बनाया। गत लोकसभा चुनाव में मंडल को 7,61,206 वोट मिले थे, जो कुल मतदान का लगभग 56.13 प्रतिशत था। मंडल ने भाजपा उम्मीदवार अशोक कंडारी को हराया था, जिन्हें 4,44,427 वोट मिले थे, जो कुल मतदान का लगभग 32.77 प्रतिशत था।

उक्त लोकसभा सीट पर तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी की युवा इकाई की प्रदेश अध्यक्ष सायनी घोष को पहली बार देश के आम चुनाव में मौका दिया। उन्होंने अपने दल के विश्वास को टूटने नहीं देते हुए यहां से पार्टी की जीत को बरकरार रखा। सायनी घोष ने यहां भाजपा उम्मीदवार डॉ. अनिर्वाण गांगुली को हार का मुंह दिखाया। यहां पर माकपा ने अपना उम्मीदवार सृजन भट्टाचार्य को बनाया था। गत लोकसभा चुनाव में जादवपुर सीट पर तृणमूल उम्मीदवार मिमी चक्रवर्ती को 6,88,472 वोट मिले थे, जो यहां हुए कुल मतदान का करीब 47.91 प्रतिशत था. उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को अनुपम हाजरा को हराया था, जिन्हें 3,93,233 वोट मिले थे, जो कुल मतदान का लगभग 27.36 प्रतिशत था। गत लोकसभा चुनाव में माकपा उम्मीदवार विकास रंजन भट्टाचार्य को 3,02,264 वोट मिले थे, जो यहां हुए कुल मतदान का करीब 21.04 प्रतिशत था। इस बार हुए लोकसभा चुनाव में मिमी को तृणमूल ने उम्मीदवार नहीं बनाया।

राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल ने मथुरापुर सीट पर इस बार हुए लोकसभा चुनाव में भी बापी हालदार को उम्मीदवार बनाया और उन्होंने यहां पर अपनी पार्टी की जीत फिर बरकरार रखी। उन्होंने यहा भाजपा के उम्मीदवार अशोक पुरकाइत के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन किया। उक्त सीट पर माकपा ने अपना उम्मीदवार पिछले बार की तरह डॉ. शरद चंद्र हालदार को बनाया था। गत लोकसभा चुनाव यानी वर्ष 2019 में उक्त सीट पर तृणमूल के उम्मीदवार चौधरी मोहन जाटुआ थे, जिन्हें 7,26,828 वोट मिले थे, जो कुल मतदान का लगभग 51.84 प्रतिशत था। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार श्यामा प्रसाद हालदार को शिकस्त दी थी, जिन्हें 5,22,854 वोट मिले थे, जो कुल मतदान का लगभग 37.2 प्रतिशत था।

Abhishek Banerjee: अभिषेक की नजर 9 लोकसभा क्षेत्रों पर है

Abhishek Banerjee

संख्या की लड़ाई में. अभिषेक (Abhishek Banerjee) की नजर डायमंड हार्बर समेत नौ लोकसभा क्षेत्रों पर है। इन लोकसभा क्षेत्रों की विधानसभा सीटों पर अभिषेक बनर्जी का कब्जा था. उन्होंने डायमंड हार्बर के सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त बढ़ाने का कड़ा संदेश दिया.

अभिषेक बनर्जी ने बुधवार से संगठनात्मक बैठक शुरू की. 9 लोकसभा सीटों पर अभिषेक का खास फोकस. डायमंड हार्बर, दार्जिलिंग, कूच बिहार, मालदा नॉर्थ, मालदा साउथ, घाटल, बोलपुर, बीरभूम और झाड़ग्राम। इन उन्नीस लोकसभा चुनावों में से भाजपा ने चार सीटें जीतीं। तृणमूल4. और एक में कांग्रेस.

पिछले बुधवार को अभिषेक कौशली-वैथक ने डायमंड हार्बर सेंटर में अपना केंद्र शुरू किया। डायमंड हार्बर लोकसभा में 7 विधानसभा क्षेत्र हैं। इक्कीस में से सात केंद्रों पर तृणमूल को जीत मिली. बीजेपी खोखली है.

चौबीसवें वोट में क्या होगा? अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को डायमंड हार्बर के 2 विधानसभा क्षेत्रों के साथ बैठक की. उस बैठक में उन्होंने अपने लोकसभा क्षेत्र की सभी सात विधानसभाओं में बढ़त बढ़ाने का कड़ा संदेश दिया था. जानना चाहते हैं कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव में विपक्ष को कई बूथों पर बढ़त क्यों मिली? अभिषेक ने निर्देश दिया कि उन बूथों पर अधिक समय बिताया जाये जहां पहले कम वोट पड़े थे. डायमंड हार्बर में जो किया गया है उसे बढ़ावा दिया जाना चाहिए। विकास को एक उपकरण के रूप में किया जाना चाहिए।

डायमंड हार्बर के अलावा आठ अन्य विधानसभा क्षेत्रों पर अभिषेक की खास नजर है. इनमें दार्जिलिंग, कूचबिहार, झाड़ग्राम, मालदा उत्तर और मालदा दक्षिण की उन्नीस लोकसभा सीटें तृणमूल हार गयीं. इनमें दार्जिलिंग लोकसभा क्षेत्र की 7 सीटों में से 6 पर बीजेपी ने 20 वोटों से जीत हासिल की. जमीनी स्तर पर एक में. कूचबिहार की भी यही तस्वीर थी. बीजेपी छह. घास की जड़ एक है. अभिषेक बनर्जी इस फिल्म को बदलना चाहते हैं. वह सभी विधानसभा सीटों से नेतृत्व करना चाहते हैं.

‘6000 पन्नों के जवाब जमा हो चुके हैं’, एक घंटे के अंदर ईडी दफ्तर से निकले अभिषेक

Abhishek Banerjee

लंबी मैराथन पूछताछ नहीं. महज एक घंटे में अभिषेक बनर्जी ईडी दफ्तर से निकल गए. उस दिन सुबह 11 बजे अभिषेक बनर्जी सीजीओ कॉम्प्लेक्स पहुंचे. एक घंटे के अंदर अभिषेक सीजीओ से बाहर आ गए. सीजीओ से बाहर आने के बाद अभिषेक ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने आज 6 से 6500 पन्नों के दस्तावेज ईडी को सौंपे हैं. भविष्य में जब भी उन्हें बुलाया जाएगा वह फिर आएंगे. वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे.

अभिषेक ने कहा कि मुझे पहले भी समन मिला है, मैं आया हूं. मैंने जांच में सहयोग किया है. 2 दिन पहले मुझे जो आखिरी समन मिला था, वह बहुत छोटा था. मुझसे कुछ दस्तावेज मांगे गए थे. इससे पहले मैंने 10 तारीख को एक बार दस्तावेज जमा किए थे. आज कुछ और विशिष्ट दस्तावेज। मैंने जमा किए। मुझे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कहा गया था। मैं स्वयं आया था। मैंने 6000 पृष्ठों के दस्तावेज जमा किए। मुझे जहां भी बुलाया गया, मैं गया। कल बुलाए जाने पर मैं फिर आऊंगा। मेरे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है जांच। मैंने इसे कई बार कहा है, मैं इसे भविष्य में फिर से कहूंगा, मैंने जांच एजेंसी के साथ सहयोग किया है और मैं भविष्य में भी ऐसा करूंगा।

ईडी जब चाहें मुझे बुला सकते हैं। सारी बातें लोगों के सामने हैं : अभिषेक

तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल में कथित स्कूल नौकरियों घोटाले की जांच के संबंध में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश हुए। ईडी कार्यालय से बाहर आने के तुरंत बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने संवाददाताओं से कहा कि अगर जांच एजेंसी उन्हें दोबारा बुलाती है तो वह जांच एजेंसी के साथ सहयोग करेंगे। बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बनर्जी सुबह करीब 11.10 बजे कोलकाता में ईडी कार्यालय पहुंचे। मेरे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। ईडी जब चाहें मुझे बुला सकते हैं।

सारी बातें लोगों के सामने हैं ।अभिषेक बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा और कैश-फॉर-क्वेरी मामले में उनके खिलाफ आरोपों पर भी बात की। समझा जाता है कि मोइत्रा के खिलाफ कैश-फॉर-क्वेरी के आरोपों की जांच कर रही लोकसभा की आचार समिति ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रभाव डालने वाले अनैतिक आचरण के आधार पर उन्हें संसद के निचले सदन से निष्कासित करने की सिफारिश की है।

अमित शाह ने कहा था कि बंगाल में पूजा नहीं होती’, लेकिन पूजा उद्घाटन में शाह : अभिषेक

Abhishek Banerjee

भाजपा पर हमला करते हुए, तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जो लोग कभी दावा करते थे कि पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा समारोह की अनुमति नहीं है, वे अब पंडालों का उद्घाटन करने के लिए राज्य में दौड़ रहे हैं। अभिषेक बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के मुखपत्र ‘जागो बांग्ला’ के विशेष शरद अंक के उद्घाटन पर नजरूल मंच पर बोलते हुए उत्सव की शुरुआत से पांच दिन पहले 16 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पश्चिम बंगाल यात्रा की खबर का उल्लेख किया। पूजा भाजपा नेता और कोलकाता नगर पालिका सजल बोस के संरक्षण में आयोजित की गई थी। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जो लोग कभी पश्चिम बंगाल के मूल्यों और संस्कृति पर हमला करते थे और शिकायत करते थे कि दुर्गा पूजा समारोह की अनुमति नहीं दी गई थी, वे अब राज्य में आ रहे हैं। पंडालों का उद्घाटन करें. उन्होंने दुर्गा पूजा को धर्म, जाति और भाषा से परे लोगों की भागीदारी का त्योहार बताते हुए इस अवसर पर ‘राजनीतिक पहचान से परे’ सभी को शुभकामनाएं दीं।

ईडी ने अभिषेक बनर्जी के पीए को बुलाया

Abhishek Banerjee

ईडी ने अभिषेक बनर्जी के पीए (पर्सनल असिस्टेंस) को तलब किया. सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक भर्ती भ्रष्टाचार मामले में अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय ने ईडी के नोटिस को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. ईडी ने स्कूल भर्ती भ्रष्टाचार मामले में अभिषेक और उनकी पत्नी समेत उनके माता-पिता को समन भेजा था लेकिन अभिषेक बनर्जी ईडी के आखिरी समन में पेश नहीं हुए थे. हालांकि, हाई कोर्ट की चेतावनी के बाद अभिषेक बनर्जी, उनके पिता अमित बनर्जी और मां लता बनर्जी ने अपने दस्तावेज केंद्रीय एजेंसी को भेज दिए. वहीं अभिषेक की पत्नी रुजिरा बनर्जी ने शिरकत की. ईडी सूत्रों का दावा है, उन्होंने लीप्स एंड बाउंड्स के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए अभिषेक के पीए सुमित रॉय को भी बुलाया है। जिसके खिलाफ सुमित रॉय पहले ही हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं.

क्या पुलिस ने दी थी धरना-प्रदर्शन की इजाजत: आनंद बोस

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी गुरुवार (5 अक्टूबर) शाम से राजभवन के सामने मैराथन धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस के अधिकारी ने रविवार को राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा कि पुलिस प्रशासन राजभवन के सामने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन की अनुमति कैसे दे सकता है, जबकि परिसर के 150 मीटर क्षेत्र के दायरे में पूरे साल चौबीसों घंटे निषेधाज्ञा लागू रहती है. राज्यपाल कार्यालय से मुख्य सचिव एचके द्विवेदी को एक विज्ञप्ति भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है. राज्यपाल सीवी आनंद बोस इस समय दर्जिलिंग में हैं. उन्होंने अपना दौरा बीच में छोड़कर रविवार को कोलकाता लौटने का फैसला किया, तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने दावा किया है कि जब तक राज्यपाल कोलकाता वापस आकर तृणमूल प्रतिनिधिमंडल से नहीं मिलते और मनरेगा जैसी विभिन्न केंद्र-प्रायोजित योजनाओं के तहत पश्चिम बंगाल को केंद्रीय बकाया देने में केंद्र सरकार की अनिच्छा के मुद्दे पर चर्चा नहीं करते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

हालांकि राजभवन के सूत्रों ने राज्यपाल के रविवार (8 अक्टूबर) को शहर लौटने की पुष्टि की है, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि वह तृणमूल प्रतिनिधिमंडल से मिलेंगे या नहीं.मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में राज्यपाल कार्यालय ने तीन प्रश्नों पर स्पष्टीकरण मांगा है. पहला यह कि क्या कोलकाता पुलिस ने राजभवन के सामने अस्थायी मंच बनाकर धरना-प्रदर्शन करने की इजाजत दी थी?दूसरा सवाल, यदि शहर की पुलिस ने इसकी अनुमति दी थी तो यह किस कानूनी प्रावधान के तहत दी गयी थी? तीसरा सवाल, यदि उसने अनुमति नहीं दी थी तो पिछले तीन दिन से पुलिस की अनुमति के बिना धरना-प्रदर्शन किए जाने के मामले में नगर पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?

मुझे विश्वास है कि जनता की लड़ाई में बंगाल जीतेगा : अभिषेक

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रविवार को अभिषेक बनर्जी के धरने का तीसरा दिन है. तृणमूल कांग्रेस की अखिल भारतीय महासचिव छुट्टियों के दिनों में भी ग्रामीण लोगों के 100 दिनों के काम को इकट्ठा करने के लिए संघर्ष कर रही हैं। इसी तीसरे दिन अभिषेक बनर्जी ने आधी रात को एक ट्वीट किया. जिसे लेकर जोर लगना शुरू हो गया है. वहां उन्होंने अपना आत्मविश्वास व्यक्त किया कि बंगाल यह लड़ाई जीतेगा। उन्होंने अपने लिए दो घटनाओं पर प्रकाश डाला। और बंगाल के बीजेपी नेताओं की तुलना की. राज्य में कल कई घटनाएं हुईं. और डायमंड हार्बर के सांसद ने इसे उजागर करते हुए बीजेपी पर हमला बोला.

इस बीच, तृणमूल कांग्रेस धरना मंच पर आई और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी को सार्वजनिक बहस में भाग लेने के लिए बुलाया. राजभवन के सामने धरना मंच से तृणमूल के अखिल भारतीय महासचिव ने राज्यपाल सीवी आनंद बोस पर भी तंज कसा. शुवेंदु अधिकारी से अभिषेक का सवाल, जब वे तृणमूल कांग्रेस में थे तो विपक्ष के मौजूदा नेता ने आवास योजना और एकसा डे वर्क में भ्रष्टाचार पर सवाल क्यों नहीं उठाए? अभिषेक ने शुवेंदु और सुकांत को चुनौती देते हुए कहा कि मुझे बीजेपी को उनके मंच पर बताने का मौका दीजिए. मुझमें कोई अहंकार नहीं है.

फिरहाद, मदन के घर पर सीबीआई की तलाशी से अभिषेक खुश: सुकान्त

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भर्ती भ्रष्टाचार मामले में फिरहाद हकीम, मदन मित्रा के घरों पर सीबीआई की तलाशी से तृणमूल महासचिव अभिषेक बनर्जी खुश हैं. यह बात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने रविवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही. उन्होंने कहा कि अगर ममता बनर्जी के साथ राजनीति करने वालों को हटा दिया जाए तो अभिषेक बनर्जी पार्टी संभालने में खुश हैं. इस दिन सुकांत ने कहा कि मुझे खबर है कि अभिषेक बनर्जी फिरहाद के घर पर सीबीआई सर्च से खुश हैं. हकीम और मदन मित्रा. ये चीजें दिखाकर वह आसानी से टीम को मैदान से बाहर भेजकर उस पर नियंत्रण हासिल कर सकते हैं।

अब तृणमूल के अंदर 2 पार्टियां बन गयी हैं. एक गुट ममता बनर्जी के साथ राजनीति करने वालों के साथ है, दूसरा अभिषेक और उनके समर्थकों के साथ है. कोई भी अभिषेक को नेता के रूप में स्वीकार नहीं करेगा यदि वह करुणा के साथ राजनीतिकरण को दूर नहीं कर सकते। इसलिए पार्टी के पोस्टर बैनर से ममता बनर्जी की तस्वीर गायब है. यहां तक कि अभिषेक के धरना मंच पर ममता का पसंदीदा नीला और सफेद रंग भी छूट गया है. इस दिन सुकांत ने सवाल उठाया, सुबह से कई घंटे से मदन, फिरहाद के घर पर सीबीआई सर्च चल रही है. अभिषेक बनर्जी मंच पर हैं. उन्होंने अभी तक जवाब क्यों नहीं दिया? क्योंकि वह मन ही मन प्रसन्न है. नियुक्ति में हुए भ्रष्टाचार की जांच के लिए रविवार सुबह 9 बजे से सीबीआई फिरहाद और मदन के अलावा राज्य के कई नगर निगमों के घरों की तलाशी ले रही है। सीबीआई का दावा है कि 2014 से अब तक 68 नगर पालिकाओं में 6000 में से 5000 नियुक्तियां फर्जी हैं.

राज्यपाल सीवी आनंद मनरेगा से वंचित लोगों से मिलेंगे

राज्यपाल सीवी आनंद उत्तर बंगाल से लौटने के बाद मनरेगा से वंचित लोगों से मुलाकात करेंगे .राज्यपाल का रविवार शाम तक कोलकाता लौटने की संभावनाएं हैं. राज्यपाल आनंद बोस ने कलिम्पोंग में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मैं वंचितों से बात करूंगा और सीधे उनकी शिकायतें सुनूंगा. साथ ही उन्होंने कहा कि मैं न केवल केंद्र सरकार बल्कि हर उस संबंधित पक्षों से बात करूंगा, जो मनरेगा से जुड़े हैं.

राज्यपाल ने मुख्य सचिव एचके द्विवेदी को पत्र लिखा, जिसमें उनसे पूछा गया कि क्या राजभवन के बाहर टीएमसी के धरना प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी. बता दें दार्जिलिंग के दौरे पर गए राज्यपाल ने वहां तीन सदस्यीय टीएमसी प्रतिनिधिमंडल से शनिवार को मुलाकात की थी. इस दौरान राज्यपाल ने मनरेगा बकाए का मामला केंद्र के सामने उठाने का आश्वासन दिया. सूत्रों की माने तो राज्यपाल के रविवार शाम तक कोलकाता लौटने की संभावना है.

राज्यपाल ने अभिषेक को भविष्य का नेता बताया: कल्याण

लंबी खींचतान के बाद आखिरकार राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने दार्जिलिंग राजभवन में तृणमूल प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की. शनिवार शाम को तृणमूल के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने दार्जिलिंग राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की. पार्टी में राज्य के पंचायत मंत्री प्रदीप मजूमदार, सांसद कल्याण बनर्जी और 1 अन्य महिला सांसद शामिल थीं.

कल्याण ने बैठक के बाद कहा कि राज्यपाल ने अभिषेक बनर्जी की तारीफ की है. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि राज्य का दावा उचित था.इस दिन कल्याण ने कहा कि हमने राज्यपाल से कहा है कि हम शिष्टाचार मुलाकात के लिए आये हैं. राज्य के 21 लाख लोगों को 100 दिन काम करने के बाद भी पैसा नहीं मिला. हमारा मुख्य प्रतिनिधिमंडल अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में कोलकाता में है. 30 लोगों के उस समूह में पीड़ित भी शामिल हैं. वे आपसे मिलकर अपनी मांगें रखना चाहते हैं. वे आपको 50 लाख पत्र भी सौंपना चाहते हैं.’ कल्याणने दावा किया कि ‘राज्यपाल ने अभिषेक बनर्जी की तारीफ की है. उन्हें भविष्य का नेता बताया.

उन्होंने कहा, राज्यपाल ने हमसे कहा है कि वह जल्द ही कोलकाता लौटेंगे और तृणमूल प्रतिनिधियों से मिलेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की मांगों को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री और पंचायत मंत्री से बात की है. वह उनके स्पष्टीकरण से संतुष्ट हैं। वह इस संबंध में केंद्र से आवश्यक अनुरोध करेंगे. हालांकि, बकाए के भुगतान में कोई राजनीतिक बाधा आने पर वह अपनी जिद पर अड़े हैं.इस मुलाकात को लेकर राज्यपाल की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

मैं कोलकाता में तृणमूल के साथ बैठने को राजी हुआ: निरंजन

केंद्रीय सरकार के खिलाफ दिल्ली में हुए विरोध आंदोलन के बाद अभिषेक राजभवन के सामने धरने पर बैठे थे. लेकिन दिल्ली के बाद कोलकाता में भी तस्वीर वैसी ही है. राज्यपाल ने अभी तक तृणमूल प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात नहीं की है. उन्होंने दार्जिलिंग में उन्हें बताया. इस बीच अभिषेक ने कहा कि जब तक वह राज्यपाल से नहीं मिलेंगे तब तक धरना जारी रहेगा. इस गरमा गरम माहौल में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री निरंजन ज्योति कोलकाता आये. उन्होंने कहीं भी बैठकर तृणमूल से बात करने की भी पेशकश की.

साल्टलेक स्थित बीजेपी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि मैं सारी जानकारी लेकर आया हूं. कोलकाता में कहीं भी बैठकर तृणमूल से बात करने को तैयार हूं. यदि आवश्यक हो तो राज्य पंचायत कार्यालय में भी बैठक आयोजित की जा सकती है। लेकिन, मैं जानता हूं तृणमूल कांग्रेस के लोग बैठेंगे नहीं। वे बात भी नहीं करना चाहते. वे नाटक जारी रखना चाहते हैं.इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि वह पिछले मंगलवार को कृषि भवन से नहीं भागे थे. उन्होंने तृणमूल प्रतिनिधियों से मिलने के लिए ढाई घंटे तक इंतजार किया. लेकिन वे बात नहीं करना चाहते थे. इसके बजाय खेला.

अभिषेक के धरने के बीच राज्य में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री

केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति शनिवार सुबह कोलकाता पहुंचीं. सूत्रों के मुताबिक, वह शनिवार दोपहर विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सुकांत मजूमदार के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं. केंद्रीय राज्य मंत्री जब कोलकाता में थे तब अभिषेक बनर्जी केंद्रीय सुविधाओं की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं . जानकारी है कि वह सेक्टर 5 स्थित नए बीजेपी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं. कुछ दिन पहले 100 दिन के काम के पैसे और आवास योजना के पैसे की मांग को लेकर तृणमूल नेतृत्व दिल्ली में निरंजन ज्योति से मिलने गया था.

लेकिन मंत्री नहीं मिले , बल्कि पुलिस ने उन्हें कृषि भवन से बाहर खदेड़ दिया. इस घटना के विरोध में अभिषेक ने राजभवन अभियान बुलाया. अभिषेक ने शुक्रवार को धरना मंच से कहा, ‘बंगाल को वंचित रखना संभव नहीं है. दो दिन पहले उन्होंने हमें बाहर निकाल दिया, अब केंद्रीय राज्य मंत्री को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए बंगाल आना पड़ा है. संयोग से अभिषेक केंद्रीय अभाव को लेकर राज्यपाल सीवी आनंद बोस से भी मिलना चाहते थे. राज्यपाल दार्जिलिंग में मिलना चाहते हैं. शनिवार को तृणमूल की ओर से तीन सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल वहां भेजा गया है.

राज्यपाल नॉमिनेटेड हैं. हम चुने गए हैं. जमीन आसमान का अंतर : अभिषेक

Abhishek Banerjee

अभिषेक बनर्जी तब तक धरना जारी रखेंगे जब तक सीवी आनंद बोस कोलकाता लौटकर तृणमूल प्रतिनिधिमंडल से नहीं मिलेंगे. उन्होंने मंच से कहा कि राज्यपाल नॉमिनेटेड हैं. हम चुने गए हैं. जमीन आसमान का अंतर. तुम कहते हो घर मत घेरो. मैं किसके घर जाऊं, वह घर पर नहीं है. आवश्यकता पड़ने पर हम कुछ दार्जिलिंग भी भेज सकते हैं। उन्होंने शाम 5:30 बजे मिलने के लिए ईमेल किया. हम पद का सम्मान करते हैं, हम बंगाल का सम्मान करते हैं। चूंकि मैं बंगाल के अधिकारों के लिए लड़ रहा हूं, इसलिए मैं शनिवार 2-3 लोगों को भेजूंगा।अभिषेक बनर्जी ने राज्यपाल पर तंज कसते हुए कहा कि आपको 4 तारीख की रात को कोलकाता आना था. दिल्ली में कोई कार्यक्रम नहीं है. शायद आज सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतज़ार था? उसका चेहरा उतर गया.

सुप्रीम कोर्ट ने कुलपति की नियुक्ति का सुख छीन लिया. आप इतने सारे लोगों के आंसुओं को बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे. मकान मालिकों को भी नहीं मिलेगा. शुक्रवार का सुप्रीम कोर्ट का फैसला पहला कदम है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि जिन लोगों को अंतरिम कुलपति नियुक्त किया गया है, उन्हें कोई भत्ता या लाभ नहीं मिलेगा. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री और आचार्य को ‘कॉफी टेबल’ पर बैठकर राज्य में कुलपति की नियुक्ति पर चर्चा करने की भी सलाह दी. सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक मुकदमे के दौरान राज्यपाल कुलपति की नियुक्ति नहीं कर सकते. दरअसल, कुलपति नियुक्ति मामले में शुक्रवार को राज्यपाल पर गाज गिरी.

जमींदारों के खिलाफ लड़ाई और तेज है: अभिषेक

100 दिन के काम का पैसा नहीं देने के आरोप पर केंद्र सरकार के खिलाफ दो दिवसीय ‘मिशन दिल्ली’. फिर वह आंदोलन बंगाल में भी चल रहा है. अभिषेक बनर्जी ने राजभवन का दौरा किया. वह पूरी रात घर नहीं लौटा। उन्होंने घोषणा की कि जब तक राज्यपाल बोस तृणमूल प्रतिनिधिमंडल से नहीं मिलेंगे तब तक धरना जारी रहेगा. उन्होंने राजभवन के बाहर मंच के बगल में रात बितायी. आज प्रवास का दूसरा दिन है। 11 बजे से अभिषेक दोबारा मंच पर बैठ रहे हैं. शांतनु सेन, डेरेक ओ ब्रायन, कुणाल घोष, राजीव बनर्जी और तृणमूल की पहली पंक्ति के नेता हैं.

इस बीच स्टैंड-फोरम के दूसरे दिन ‘जमीदारी’ मुद्दे पर सरब तृणमूल के अखिल भारतीय महासचिव मो. उन्होंने फेसबुक पर ‘संकोचर बिहबल्टा’ गाने का एक हिस्सा पोस्ट किया। लिखा कि संकोच की व्याकुलता स्वयं को प्रदत्त है, संकट की कल्पना में मैरीमैन मत बनो। साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि जमींदारों के खिलाफ हमारी लड़ाई पहले से भी ज्यादा तीव्र है. शुक्रवार हमारे प्रवास का दूसरा दिन है। जब तक राज्यपाल हमारे प्रतिनिधिमंडल से नहीं मिलेंगे, हम अपना धरना जारी रखेंगे। कठिन सवालों से बचने के दिन खत्म हो गए हैं, अब सामने आकर जवाब देने का समय है.” त्रियांकुर्स की तरह ही तृणमूल की नई पीढ़ी के कई चेहरे राजभवन के सामने मंच पर हैं. अभिषेक स्टेज के बिल्कुल पीछे बैठे हैं. और तृणमूल के तमाम नेता उनके इर्द-गिर्द बैठे हैं. दूसरे दिन के धरने की सुबह मंच पर तृणमूल की युवा पीढ़ी के प्रतिनिधियों ने गिटार भी बजाया और गाना भी गाया. तृणमूल के विजेता बैंड के सदस्यों ने मंच पर ‘ओ अमर देश माटी’ समेत कुछ अन्य गाने गाए.