बेंगलुरु में 29 साल की लड़की के 30 टुकड़े; फ्रिज में मिली लाश

बेंगलुरु : बेंगलुरु के मल्लेस्वरम में एक सिंगल बेडरूम फ्लैट के फ्रिज में 29 साल की महिला महालक्ष्मी का शव 30 टुकड़ों में मिला। महालक्ष्मी इस फ्लैट में अकेली रह रही थी। पुलिस को संदेह है कि एक सप्ताह पहले महिला की हत्या हुई है।

मल्लेस्वरम में रहने वाली महालक्ष्मी एक माल में काम करती थी और उसके पति शहर से दूर एक आश्रम में काम करते हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद वह भी पहुंचे।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (पश्चिमी क्षेत्र) एन सतीश कुमार ने कहा कि व्यालिकावल थाना क्षेत्र के एक घर में फ्रिज से महिला के शव के टुकड़े मिले। फोरेंसिक विशेषज्ञ ने जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में रह रही महिला मूल रूप से दूसरे राज्य की निवासी थी। अपार्टमेंट में पहुंची पुलिस टीम ने सबसे पहले 165-लीटर, सिंगल-डोर फ्रिज को चालू देखा और पाया शरीर में कीड़े पड़ गए थे।

इस घटना ने 18 मई, 2022 को दिल्ली के महरौली में श्रद्धा वाकर की उनके लिव-इन पार्टनर आफताब पूनावाला की तरफ से की गई नृशंस हत्या की याद दिला दी है। आफताब ने श्रद्धा का गला घोंटकर हत्या करने के बाद उसके शव के 35 टुकड़े कर दिए थे। शहर के अलग-अलग भागों में फेंकने से पहले लगभग तीन हफ्ते तक उसने शव के टुकड़ों को अपने आवास में फ्रिज में रखा था।

 

कोलकाता रेप मर्डर केस में CBI जांच से सुप्रीम कोर्ट संतुष्ट

कोलकाता : आरजी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया, जिसके बाद आज भी इस मामले की फिर से सुनवाई हुई. इस याचिका पर चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जज मनोज मिश्रा की बेंच सुनवाई कर रही है।

वहीं कोलकाता रेप-मर्डर केस को लेकर जूनियर डॉक्टर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में डॉक्टर्स से कहा था कि वो काम पर वापस चले जाए। साथ ही कोर्ट ने सीबीआई से केस को लेकर नई रिपोर्ट भी मांगी थी। बेंच ने पश्चिम बंगाल पुलिस से ऑटोप्सी के दस्तावेज भी मांगे थे।

सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में सीबीआई से इस केस को लेकर नई रिपोर्ट मांगी थी, जिसके चलते आज सीबीआई कोर्ट में सीलकवर में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी। सीबीआई ने स्टेटस रिपोर्ट सीजेआई की बेंच के सामने पेश की। सीजेआई ने सीबीआई की पेश की हुई रिपोर्ट पर संतोष जताया। कोर्ट ने कहा, सीबीआई जो जांच कर रही है उसका आज खुलासा करने से प्रक्रिया खतरे में पड़ जाएगी। सीबीआई ने जो लाइन अपनाई है वह सच्चाई सामने लाने के लिए है। एसएचओ को खुद ही गिरफ्तार कर लिया गया है। हमने स्टेटस रिपोर्ट देखी है। हमारे द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी गई, जिसमें शामिल है कि क्या चालान दिया गया था, पोस्ट मार्टम की प्रक्रिया क्या थी? क्या सबूत नष्ट कर दिए गए थे? क्या किसी अन्य व्यक्ति की कोई मिलीभगत थी ?

एसजी ने कहा कि मेरी चिंता यह है कि खुलासे आदि से आरोपी व्यक्तियों को मदद नहीं मिलेगी, आरोप पत्र में भी हम बहुत सावधान हैं. कुछ भी हो, उसका लाभ आरोपी व्यक्तियों को नहीं जाना चाहिए।

वहीं पश्चिम बंगाल सरकार के वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग बंद करने की मांग की है। सिब्बल ने कहा कि मेरे मुवक्किल और मेरी साख को खराब किया जा रहा है। उन्होंने कहा, मैं सुनवाई के दौरान कब हंस रहा था, सीजेआई ने कहा कि हम देखेंगे। सिब्बल ने कहा, मेरी 50 साल में कमाई इज्जत धूमिल की जा रही है, जैसे मैं पश्चिम बंगाल सरकार नहीं, बल्कि गुनाहगारों की पैरवी कर रहा हूं। सोशल मीडिया पर साख को तबाह किया जा रहा है। सीजेआई ने कहा कि हम ऐसे लाइव स्ट्रीमिंग नहीं रोक सकते।

वकीोल इंदिरा जयसिंह ने कहा, मैं जूनियर डॉक्टरों की ओर से पेश हुई हूं, हमारे पास ऐसे लोगों के नाम हैं जो घटना स्थल पर थे, जबकि उनका वहां होना जरूरी नहीं था। हम सीलबंद लिफाफे में नाम सीबीआई को सौंप सकते हैं, अदालत ने जो चिंता सामने रखी हैं, उसके तहत मैं इन नामों को सामने नहीं रख रही हूं।

सीजेआई ने कहा कि मृतक के पिता ने उन सुरागों पर कुछ सुझाव दिए हैं जिन्हें जांच लिया जाना चाहिए। हम इसे सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं, हम कहेंगे कि ये मूल्यवान इनपुट हैं और सीबीआई को इस पर गौर करना चाहिए, 5 दिन की देरी के चलते सीबीआई खुद हैंडीकैप्ट है।

वकील वृंदा ग्रोवर ने कहा कि माता-पिता जांच करने के लिए सीबीआई के साथ आए थे, बहुत सारी जानकारी सब जगह घूम रही है, उन्हें नहीं पता कि किस पर विश्वास किया जाए। एसजी ने कहा कि मैं सुझाव स्वीकार करता हूं और उन्हें सूचित किया जाना चाहिए, यह न्यूनतम मांग है जो एक जांच एजेंसी को उस लड़की के लिए करना चाहिए, जिसका बलात्कार और हत्या कर दी गई है।

एसजी ने कहा कि विकिपीडिया में पीड़िता की फोटो और नाम अभी भी है, सीजेआई ने कहा कि हम पहले आदेश दे चुके हैं, हम इस पर आदेश देंगे। सीनियर एडवोकेट गुरुस्वामी ने कहा कि विकिपीडिया ने कहा था कि हम सेंसर होने से इनकार करते हैं। सीजेआई, लेकिन यह कानून द्वारा अनिवार्य है, हम अपने आदेश में उल्लेख करेंगे। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िता की पहचान से संबंधित सभी फोटोग्राफ को सोशल मीडिया से हटाने का आदेश दिया।

एक वकील ने बेंच से कहा कि कोलकाता पुलिस ने 27 मिनट की फुटेज दी, अब क्या उन्होंने किसी उपकरण को ब्लॉक करने के लिए किसी उपकरण का इस्तेमाल किया, ताकि हैश वैल्यू में बदलाव न हो और पीड़िता की जींस आदि को पोस्टमार्टम के दौरान क्यों नहीं भेजा गया?

सीजेआई ने कहा कि सीबीआई ने स्टेटस रिपोर्ट में जो खुलासा किया है, वह काफी दुखद है, हमने जो पढ़ा है उससे हम खुद परेशान हैं, सीबीआई ने खुद हमें बताया है।

सीजेआई ने कहा कि एसजी क्या आप कोलकाता पुलिस को नहीं बुला सकते और फुटेज प्राप्त नहीं कर सकते और आपको यह देखने की ज़रूरत है कि हैश वैल्यू बदल गई है या नहीं। सीबीआई को यह सुनिश्चित करना होगा, आपके जांच अधिकारी को यह सुनिश्चित करना होगा। वकील ने कहा कि यह देखना होगा कि फुटेज को ओवरराइट किया गया है या नहीं, सेमिनार रूम की एंट्री पर कैमरा भी नहीं लगाया गया था, हो सकता है कि कोई दूसरी तरफ से जाकर चला गया हो।

सीजेआई ने कहा कि कृपया एक संदेश भेजें कि हम कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं कर रहे हैं ताकि इससे किसी ऐसे व्यक्ति पर असर न पड़े जो संदेह में है और खुद की रक्षा कर रहा है, कृपया आश्वस्त रहें कि सीबीआई ने स्टेटस रिपोर्ट में यह सब चिह्नित कर दिया है।

सिब्बल ने कहा कि डीवीआर सौंपे जाने का वीडियो है. सीजेआई ने कहा कि वे कहते हैं कि इसमें केवल 27 मिनट हैं, सिब्बल ने कहा कि सील करके दे दिया, सीजेआई ने कहा कि कोई यह नहीं कह रहा कि सीबीआई ने सबूत नष्ट कर दिए. सिब्बल ने कहा लेकिन, ये गलत है, पूरी बात बता दी गई थी. वकील गुरुस्वामी ने कहा कि स्पॉट मैप, मांग पर्ची, सब जांच एजेंसी को सौंप दिया गया।

सीजेआई ने कहा कि एक तलाशी और जब्ती का वीडियो फुटेज है और सेमिनार रूम के सामने सीसीटीवी का कैमरा फुटेज है, क्या वह डीवीआर सौंपा गया है? सीबीआई का कहना है कि 27 मिनट की तलाशी और जब्ती दी गई। सिब्बल ने कहा कि पेनड्राइव 32 जीबी सौंपा गया है. एसजी ने कहा कि यह सेमिनार रूम के बारे में है,सिब्बल ने कहा कि मुझे बाकी पढ़ने की इजाजत दीजिए. सिब्बल ने कहा कि एक और 32 जीबी पेनड्राइव दी गई जिसमें फुटेज थे। सीजेआई ने कहा, क्या यहआपका बयान है कि कलकत्ता पुलिस के पास कोई और फुटेज नहीं है, सिब्बल ने कहा जी हां, बिल्कुल नहीं, सभी कैमरे के फुटेज दे दिए गए हैं।

पश्चिम बंगाल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ 9 अगस्त को हुए दुष्कर्म के बाद से ही जूनियर डॉक्टर्स काम पर नहीं जा रहे हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसके चलते अब तक राज्य में 9 सितंबर तक 23 मरीजों की मौत हो गई हैं। इसी के चलते सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों को राज्य सरकार की कार्रवाई से बचने के लिए 10 सितंबर को शाम पांच बजे तक काम पर लौटने का निर्देश दिया था, लेकिन कोर्ट के निर्देश के बाद भी डॉक्टर काम पर नहीं लौटे और उनका विरोध-प्रदर्शन जारी है।

पुष्पेंद्र हत्याकांड में सभी नौ दोषियों को आजीवन कारावास

लखनऊ : मुरादाबाद के चर्चित पुष्पेंद्र हत्याकांड मामले में कोर्ट ने सभी नौ आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं प्रत्येक पर दो-दो लाख रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया गया है। मामले को लेकर विशेष लोक अभियोजक मुनीश भटनागर ने बताया,”पुष्पेंद्र महिला कल्याण विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था।

वहां पर चुन्नी लाल और मुकुट लाल बाबू थे। दोनों बाबू कुछ गलत काम करते थे, जिसकी जानकारी पुष्पेंद्र को थी। महिपाल नाम के व्यक्ति ने जन सूचना के तहत कुछ सूचना मांगी। चुन्नी लाल और मुकुट लाल को इसका शक पुष्पेंद्र पर था। उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर तीन लाख की सुपारी देकर 21 सितंबर 2015 को दिन में 12 बजे पुष्पेंद्र की हत्या करा दी।”

उन्होंने बताया, “न्यायालय ने सभी नौ आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक को दो-दो लाख रुपए का आर्थिक दंड लगाया।”

बता दें कि नौ साल पहले पुष्पेंद्र को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था। मृतक के पिता ने पुलिस में अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी थी। नौ साल बाद सोमवार को एडीजे तीन सरोज कुमार यादव ने हत्या में शामिल नौ आरोपियों को दोषी करार दिया।

पत्नी ने प्रेमी संग पति को घौंपी कैंची, पति की मौत

नोएडा: ग्रेटर नोएडा की बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने बिरोंडा गांव में 1 जुलाई को सुलभ शौचालय की छत पर मिले शव के मामले को सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने मृतक की बीवी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर कैंची से पति का कत्ल किया था। पुलिस ने कत्ल में इस्तेमाल की गई कैंची को भी बरामद कर लिया है. पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया है।

प्रेमी के प्यार में महेश की बीबी पूजा ऐसी अंधी हुई की अपने आशिक के साथ मिलकर खुद अपनी मांग उजाड़ ली। एडिशनल डीसीपी अशोक कुमार ने बताया कि मूल रूप से हमीरपुर निवासी महेश बिरोंडा गांव में किराए के मकान में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता था। वह गांव के पास सुलभ शौचालय में केयरटेकर का काम करता था।

1 जुलाई को महेश का शव सुलभ शौचालय की छत पर पड़ा मिला था। घटना के बाद से मृतक की पत्नी डेढ़ साल के बच्चे के साथ गायब थी। पुलिस ने बताया कि पूजा तीन बच्चों की मां है। एडिशनल डीसीपी ने बताया कि हत्या की जांच के दौरान पता चला कि पूजा तीन बच्चों की मां है।

पूजा और उसका प्रेमी प्रह्लाद एक ही गांव के रहने वाले हैं। पूजा की शादी से पहले ही दोनों का प्रेम प्रसंग चल रहा था। पूजा प्रह्लाद के संपर्क में थी और काम दिलाने के बहाने 23 जून को ग्रेटर नोएडा बुला लिया था। यहां पर प्रह्लाद सोसाइटी में सुरक्षाकर्मी की नौकरी करने लगा. मृतक महेश की रात की ड्यूटी थी. जब वह ड्यूटी जाता था तो प्रह्लाद पूजा के पास पहुंच जाता था।

31 जुलाई को महेश जल्दी घर आ गया और पूजा को प्रेमी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया था। दोनों के बीच हुई लड़ाई के दौरान पूजा ने प्रेमी प्रह्लाद के साथ मिलकर कैंची से पति की हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों मध्य प्रदेश में अपने एक परिचित के यहां पहुंच गए। वहां किराए पर कमरा लेकर रहने लगे। पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त कैंची बरामद की है।

तृणमूल पंचायत प्रधान की हत्या के आरोप में एक गिरफ्तार, तीन हिरासत में

west bengla police

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा के ताजा मामले में शुक्रवार को उत्तर 24 परगना जिले में तृणमूल कांग्रेस के पंचायत प्रधान की हत्या कर दी गई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमलावरों ने गुरुवार शाम करीब सात बजे कामदेवपुर हाट में हमला किया। अमदंगा के टीएमसी पंचायत प्रधान रूपचंद मंडल को निशाना बनाकर बम उस समय फेंके गए, जब वह अपने मोबाइल फोन पर बात कर रहे थे।बैरकपुर के भाजपा सांसद अर्जुन सिंह ने क्षेत्र का दौरा किया और क्षेत्र में अशांति फैलाने के लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि यह एक सुनियोजित हत्या लगती है। पुलिस को अपराधियों का पता लगाना चाहिए।

तृणमूल प्रवक्ता जॉयप्रकाश मजूमदार ने संवाददाताओं से कहा कि भाजपा और सीपीआई (एम) अगले साल लोकसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल के ग्रामीण इलाकों में आतंक का राज कायम कर रही हैं।वे चुनाव से पहले टीएमसी की ताकत को कम करने के एकमात्र उद्देश्य से हमारे लोकप्रिय नेताओं को निशाना बना रहे हैं। विपक्ष का गेमप्लान सफल नहीं होगा। दूसरी तरफ बीजेपी सांसद दिलीप घोष ने दावा किया कि हत्या में सत्तारूढ़ टीएमसी के दो गुट शामिल थे।

Manipur: প্রকাশ্যে গুলি করে খুন মন্ত্রীর দুই সহচরকে

মনিপুর (Manipur) জ্বলছে। ভোট ঘোষণা হতেই নির্বাচনী সংঘর্ষ বড় আকার নিল। প্রকাশ্যে গুলি করে খুন করা হলো রাজ্যের কৃষিমন্ত্রীর দুই সহচরকে। পরিস্থিতি তীব্র উত্তেজনাপূর্ণ।

বিধানসভা ভোট ঘোষণা হওয়ার পর মনিপুরে ক্রমে উত্তপ্ত হয়ে উঠছে। রাজ্যে শাসকল বিজেপির গোষ্ঠীদ্বন্দ্ব আরও বড় হচ্ছে। বিশেষ করে শরিকদলগুলির সঙ্গে বিজেপির দূরত্ব বাড়তে থাকায় একাধিক আসনে হবে প্রতিদ্বন্দ্ব্বিতা।

রাজনৈতিক গোষ্ঠী সংঘর্ষে শনিবার রাত থেকেই উত্তপ্ত পূর্ব ইম্ফল জেলা। এখানে রাজ্যের কৃষিমন্ত্রী ও লুকো়ইয়ের গোষ্ঠীর দুই ব্যক্তিকে প্রকাশ্যে গুলি করা হয়। ঘটনাস্থলেই মৃত্যু হয় একজনের। জখম আর একজনের মৃত্যু হয় হাসপাতালে।

দুই সহচরের মৃত্যুর সংবাদ পেয়ে তাদের আত্মীয়দের সমবেদনা জানাম কৃষিমন্ত্রী। একইসঙ্গে মুখ্যমন্ত্রী এন বীরেন সিং শোক জানিয়েছেন।

রবিবার সকাল থেকে পরিস্থিতি আরও উত্তপ্ত হতে শুরু করেছে। খুনিদের গ্রেফতারের দাবিতে বিক্ষোভকারীরা সড়ক অবরোধ করেন। উত্তেজিতরা আগুন ধরান। পরে পুলিশ গিয়ে তাদের শান্ত করে।

উত্তরপূর্বাঞ্চলে মনিপুর ভোট পূর্ববর্তী সংঘর্ষে আরও মৃত্যুর আশঙ্কা করা হচ্ছে। তেমলই জঙ্গি হামলার আশঙ্কায় প্রবল। রাজ্যে জারি থাকা সশস্ত্র বাহিনীর বিশেষ নিরাপত্তা আইন বা আফস্পা প্রত্যাহারের দাবি জানাচ্ছেন জনগণের বড় অংশ। নাগাল্যান্ডের মন জেলায় অসম রাইফেলসের গুলিতে ১৪ জনের মৃত্যু হয়েছে গত ডিসেম্বর মাসে। এর পরেই আফস্পা বাতিলের দাবিতে সরব বিভিন্ন রাজ্যের সরকার।

Night Curfew: কারফিউয়ের কারণে বন্ধ রেস্তোরাঁ, হোটেল মালিককে খুন

করোনার সংক্রমণ ঠেকাতে ইতিমধ্যেই দেশের প্রায় বেশিরভাগ রাজ্যেই জারি হয়েছে একাধিক বিধিনিষেধ। চলছে নাইট কারফিউ (Night Curfew) । নির্দিষ্ট সময় পেরিয়ে যাওয়ার পর বন্ধ হয়ে গিয়েছিল একটি রেস্তোরাঁ। রেস্তোরাঁ (resturant) বন্ধ হয়ে যাওয়ায় এক ক্রেতা খারার কিনতে এলে তাঁকে খাবার দিতে অস্বীকার করেন ওই রেস্তোরাঁর মালিক। এ ঘটনায় প্রবল ক্ষুব্ধ ওই ক্রেতা গুলি করে খুন করল রেস্তারাঁ মালিককে। শনিবার রাতে চাঞ্চল্যকর এই ঘটনাটি ঘটেছে উত্তরপ্রদেশের (utterpradesh) নয়ডায়।

পুলিশ জানিয়েছে, উত্তরপ্রদেশে প্রতিদিন রাত ১১টা থেকে ভোট ৫টা পর্যন্ত নাইট কারফিউ জারি থাকছে। তাই নিয়ম মেনেই রাতে হোটেল বন্ধ করে দিয়েছিলেন কপিল (kapil)। প্রায় মাঝ রাতে দুই যুবক এসে ওই হোটেলে পরোটা খেতে চায়। কিন্তু হোটেল মালিক কপিল জানিয়ে দেন, এত রাতে পরোটা করে দেওয়া সম্ভব নয়।

বিষয়টি নিয়ে ওই দুই যুবকের সঙ্গে হোটেল মালিকের তুমুল তর্কাতর্কি চলে। শেষ পর্যন্ত হাল ছেড়ে দিয়ে ওই দুই যুবক চলে যায়। কিন্তু রাত সাড়ে তিনটে নাগাদ ওই দুই যুবক ফিরে আসে। ফের তারা ডেকে তোলে কপিলকে। এরপর এক যুবক আচমকাই কপিলকে লক্ষ্য করে গুলি চালায়।

খবর পাওয়ার সঙ্গে সঙ্গেই ঘটনাস্থলে আসে পুলিশ। সঙ্গে সঙ্গেই হোটেল মালিককে হাসপাতালে নিয়ে যাওয়া হলেও তাঁকে বাঁচানো যায়নি। তবে পুলিশ অভিযুক্ত দুই যুবক আকাশ ও যোগেন্দ্রকে গ্রেফতার করেছে। কেন তারা এভাবে কপিলকে খুন করল তা জানতে চলছে জেরা।

জেরায় ওই দুই যুবক জানিয়েছে, তারা কপিলের হোটেলে নিয়মিত খেতে আসত। কিন্তু দীর্ঘ দিনের পরিচয় সত্ত্বেও হোটেল মালিক তাদের খাবার না দেওয়ায় তারা প্রবল ক্ষুব্ধ হয়েছিল। সে কারণেই তারা কপিলকে খুন করেছে।

Murder of Renjith: বাইকে লেগে থাকা রক্তের দাগ ধরিয়ে দিল বিজেপি নেতার খুনিদের

Murder of Renjith

নিউজ ডেস্ক: শেষ পর্যন্ত বাইকে লেগে থাকা রক্তের (blood) দাগ ধরিয়ে দিল খুনিদের। গত শনিবার রাতে কেরলে (keral) কুপিয়ে খুন করা হয়েছিল এসডিপিআই (sdpi leader) নেতা কে এস শানকে। ওই ঘটনার কয়েক ঘণ্টা পরেই রবিবার ভোরে নিজের বাড়িতে খুন হন বিজেপি নেতা রঞ্জিত শ্রীনিবাসন (Murder of Renjith)। ওই বিজেপি নেতা খুনের ঘটনায় মঙ্গলবার চার এসডিপিআই কর্মীকে গ্রেফতার করল পুলিশ। প্রাথমিক জিজ্ঞাসাবাদে পুলিশ জানতে পেরেছে, রাজনৈতিক প্রতিশোধ নিতেই বিজেপি নেতাকে খুন করেছে এসডিপিআই কর্মীরা।

আলাপ্পুঝা জেলা পুলিশের পক্ষ থেকে জানানো হয়েছে, বিজেপি নেতা রঞ্জিত শ্রীনিবাসনের খুনের সঙ্গে ওই চারজন যুক্ত ছিল। অভিযুক্তদের বাইকে রক্তের দাগ লেগে ছিল। ওই রক্তের দাগই অভিযুক্তদের চিহ্নিত করতে সাহায্য করেছে। বিজেপি নেতা খুনের ঘটনায় অপর অভিযুক্তদের ধরতে সিসিটিভির ফুটেজ খতিয়ে দেখা হচ্ছে বলে পুলিশ জানিয়েছে।

উল্লেখ্য, শনিবার রাতে কাজ সেরে বাড়ি ফেরার পথে সোশ্যাল ডেমোক্রেটিক পার্টি অফ ইন্ডিয়ার রাজ্য সভাপতি শানের উপর চড়াও হয় একদল দুষ্কৃতী। ধারালো অস্ত্রের কোপে দুষ্কৃতীরা শানকে গুরুতর জখম করে। হাসপাতালে ভর্তি করা হলেও রবিবার ভোরেই তাঁর মৃত্যু হয়। শানের উপর আক্রমণের ঘটনার খবর পাওয়ার পরেই দলের সভাপতি এমকে ফইজি দাবি করেন, এই ঘটনার সঙ্গে আরএসএস কর্মীরা জড়িত। কয়েক ঘন্টা পরেই রবিবার ভোরে বিজেপি নেতা রঞ্জিত যখন প্রাতঃভ্রমণে যাওয়ার জন্য বাড়ি থেকে বের হচ্ছিলেন সে সময় বাড়িতেই তাঁকে খুন করে দুষ্কৃতীরা।

সিসি টিভির ফুটেজে দেখা যায়, ৬টি বাইকে করে ১২ জন দুষ্কৃতী এসেছিল রঞ্জিতের বাড়ির সামনে। সিসিটিভির ফুটেজে কয়েকটি বাইকের নম্বর প্লেট ধরা পড়ে। সেই নম্বর প্লেট ধরেই শুরু হয় তল্লাশি। খোঁজ মেলে বাইকগুলির। শুধু তাই নয়, দেখা যায় ওই বাইকগুলিতে রক্তের দাগ লেগে আছে। যে সমস্ত ব্যক্তিদের বাইকে রক্তের দাগ লেগেছিল তাদের প্রথমে আটক করে পুলিশ। জিজ্ঞাসাবাদে তারা রঞ্জিতকে খুনের কথা স্বীকার করলে তাদের গ্রেফতার করে পুলিশ।

কে এস শানকে খুনের ঘটনায় গ্রেফতার ২ সংঘ কর্মী

murder of KS Shan

নিউজ ডেস্ক: শনিবার রাতে কাজ সেরে বাড়ি ফেরার পথে দুষ্কৃতীদের হাতে আক্রান্ত হয়েছিলেন সোশ্যাল ডেমোক্র্যাটিক পার্টি অফ ইন্ডিয়ার (এসডিপিআই) রাজ্য সম্পাদক কে এস শান (k s shan)। দুষ্কৃতীদের এলোপাথাড়ি অস্ত্রের আঘাতে গুরুতর জখম শানকে হাসপাতালে ভর্তি করা হলেও রবিবার সকালে তাঁর মৃত্যু (death) হয়। শানের হত্যার ঘটনায় যুক্ত থাকার অভিযোগে সোমবার কেরল পুলিশ দুই আরএসএস (rss) কর্মীকে গ্রেফতার করেছে।

শানের জখম হওয়ার খবর ছড়িয়ে পড়তেই রবিবার সকালে বিজেপি ওবিসি মোর্চার রাজ্য সম্পাদক রঞ্জিত শ্রীনিবাসনের (ranjit shrinibasan) উপর চড়াও হয় কয়েকজন দুষ্কৃতী। দুষ্কৃতীদের ছুরির আঘাতে নিজের বাড়িতেই প্রাণ হারান বিজেপির এই নেতা। একই দিনে জোড়াখুনের এই ঘটনায় কেরলের আলাপ্পুঝা জেলায় তীব্র উত্তেজনা ছড়ায়। পরিস্থিতি সামাল দিতে দু’দিনের জন্য ১৪৪ ধারা জারি করা হয় জেলায়।

পুলিশ এই জোড়া খুনের তদন্ত শুরু করে সোমবার রথিশ ও প্রসাদ নামে দুই সঙ্ঘ কর্মীকে গ্রেফতার করে। আলাপ্পুঝার পুলিশ সুপার জি জয়দেব জানিয়েছেন, শান যে গ্রামে থাকতেন ধৃত দুই ব্যক্তি সেই গ্রামেরই লোক। শানের হত্যার ষড়যন্ত্রে এই দুইজন জড়িত ছিল বলে মনে করা হচ্ছে। তবে পুরো বিষয়টি জানতে ধৃতদের জেরা করা হচ্ছে। তবে ধৃতরা সরাসরি শানের খুনের সঙ্গে যুক্ত নয়। শানের উপর হামলা চালাতে দুষ্কৃতীরা যে গাড়ি ব্যবহার করেছিল সেই গাড়ির ব্যবস্থা করে দিয়েছিল এই দুই সঙ্ঘ কর্মী। তবে শানকে খুনের ঘটনায় জড়িতরা এখনও সকলেই পলাতক।

অন্যদিকে বিজেপি নেতা শ্রীনিবাসনকে খুনের ঘটনাতেও অভিযুক্তরা কেউই ধরা পড়েনি। রঞ্জিতের বাড়ির সামনের সিসিটিভি ফুটেজে দেখা গিয়েছে, ছটি মোটরবাইকে করে ১২ জন যুবক এসেছিল। তাদের সকলের মুখই ছিল ঢাকা।

জোড়াখুনের এই ঘটনায় পুলিশ গোটা রাজ্য জুড়ে জোরদার তল্লাশি অভিযান চালাচ্ছে। প্রতিটি গাড়িতেও তল্লাশি চলছে। ইতিমধ্যেই সব ধরনের জমায়েতে, সভা ও মিছিলে নিষেধাজ্ঞা আরোপ করা হয়েছে। সোমবার আলাপ্পুঝায় গ্রামের বাড়িতে রঞ্জিতের শেষকৃত্য সম্পন্ন হয়। সোমবার কেন্দ্রীয় স্বরাষ্ট্র প্রতিমন্ত্রী নিত্যানন্দ রাইয়ের নেতৃত্বে বিজেপির এক প্রতিনিধি দল শ্রীনিবাসনের শেষকৃত্যে উপস্থিত ছিলেন।

জোড়া খুনের ঘটনা সকলের সঙ্গে কথা বলতে সোমবার মুখ্যমন্ত্রী পিনারাই বিজয়ন একটি সর্বদলীয় বৈঠক ডেকেছিলেন। তবে বিজেপির প্রতিবাদে শেষ পর্যন্ত ওই বৈঠক বাতিল হয়। জানা গিয়েছে এই বৈঠক হবে মঙ্গলবার। বিজেপির অভিযোগ, সোমবার সর্বদলীয় বৈঠক ডেকে মৃতদের প্রতি অসম্মান প্রকাশ করেছে বিজয়ন সরকার।

Hyderabad: রেস্তোরাঁ কর্মীদের মারধরে মৃত্যু পরিযায়ী শ্রমিকের

Hyderabad

নিউজ ডেস্ক: উড়িশার পরিযায়ী শ্রমিক রাজেশ (rajesh)। হায়দরাবাদের (Hyderabad) বাছুপল্লিতে নির্মাণ শ্রমিকের কাজ করতেন তিনি। থাকতেন মাধাপুরের (madhapur) ইজ্জতনগরে। স্ত্রী ও দুই বাচ্চাকে নিয়ে ছিল সংসার। কাজের কারণে বুধবার বাড়ি ফিরতে অনেক রাত হয়ে গিয়েছিল রাজেশের। স্ত্রী ও ছেলে মেয়েদের কথা দিয়েছিলেন আসার পথে কিছু খাবার কিনে নিয়ে আসবেন। কিন্তু কাজ সেরে বাড়ি ফিরতে রাত এতটাই বেশি হয়ে গিয়েছিল যে এলাকার বেশিরভাগ খাবারের দোকান বন্ধ হয়ে গিয়েছিল। শেষ পর্যন্ত কেপিএইটবি (kp-8b)এলাকায় একটি বিরিয়ানির (biriyani )দোকান খোলা দেখে সেখানেই ঢুকে পড়েন রাজেশ।

সে সময় অবশ্য দোকানের কোন কর্মচারীকে তিনি সামনে দেখতে পাননি। সে কারণে দোকানের কর্মীদের খুঁজতে কার্যত বেসমেন্টে নেমে গিয়েছিলেন রাজেশ। সে সময় কয়েকজন যুবক বেসমেন্টে বসে মদ্যপান করছিল। পুলিশ জানিয়েছে, বুধবার ছিল ওই রেস্তোরাঁ মালিকের জন্মদিন। রেস্তোরাঁর কর্মীরা সেই জন্মদিন সেলিব্রেট করছিলেন। রাজেশ রেস্তোরাঁ কর্মীদের কাছে কোনও খাবার আছে কিনা জানতে চান। এমনকী, যদি কোন খাবার বেঁচেবর্তে থাকে সেই খাবার কিনে নেওয়ার কথাও জানান। কিন্তু মদ্যপ ব্যক্তিরা রাজেশকে চোর সন্দেহে মারতে থাকে। প্রবল মারের চোটে সংজ্ঞাহীন অবস্থায় রাজেশ বেসমেন্টেই লুটিয়ে পড়েন। মদ্যপরা যে যার বাড়ি ফিরে যায়। পরের দিন সকাল ১১টা নাগাদ রেস্তোরাঁ কর্মীরা রাজেশকে অচেতন অবস্থায় পড়ে থাকতে দেখেন।

রাজেশের পকেট থেকে ফোন নম্বর পেয়ে তাঁর স্ত্রী সত্যভামাকে খবর দেওয়া হয়। স্ত্রী এসে রাজেশকে বাড়ি নিয়ে যান। কিন্তু অত্যধিক মারধরের কারণে এবং দীর্ঘক্ষণ পড়ে থাকায় রাজেশের অবস্থার অবনতি হয়। বৃহস্পতিবার সকালে হাসপাতালে ভর্তি করার আগেই রাজেশের মৃত্যু হয়।

রাজেশের স্ত্রী সত্যভামা এ ঘটনায় মাধাপুর থানায় অভিযোগ দায়ের করতে যান। কিন্তু থানা থেকে জানানো হয়, ঘটনাস্থলটি তাদের এলাকার মধ্যে পড়ে না। শেষ পর্যন্ত অবশ্য পুলিশ রেস্তোরাঁ কর্মীদের বিরুদ্ধে খুনের মামলা দায়ের করে তদন্ত শুরু করেছে। ইতিমধ্যেই জিজ্ঞাসাবাদের জন্য রেস্তোরাঁর চার কর্মীকে আটক করেছে পুলিশ। স্ত্রী ও সন্তানদের জন্য খাবার কিনতে গিয়ে যেভাবে রাজেশকে মদ্যপদের শিকার হতে হয়েছে গোটা রাজ্য জুড়ে তার তীব্র নিন্দা করা হয়েছে। বিভিন্ন মহল থেকে ঘটনায় অভিযুক্তদের দৃষ্টান্তমূলক শাস্তির দাবি জানানো হয়েছে।

Tripura: ভয়াবহ, ফল প্রকাশের আগেই ত্রিপুরায় পুলিশ অফিসার খুন, মৃত ৫

Tripura Police

নিউজ ডেস্ক, আগরতলা: ত্রিপুরায় (Tripura) পুরভোটের ফল বের হওয়ার আগেই ভয়াবহ হামলায় খুন পুলিশ অফিসার সহ ৫ জন। ঘটনার জেরে শিহরিত ত্রিপুরাবাসী। 

ঘটনাস্থল খোয়াই। এখানকার লালটিলার নৃশংস ঘটনা।। খুন হয়েছে পাঁচজন। খোয়াই থানার সেকেন্ড অফিসার সত্যজিৎ মল্লিক মৃত। নিহতরা হলেন মন্দিরা দেব রায়, অদিতি দেবরায়, কৃষ্ণ দাস, সত্যজিত মল্লিক, অমলেশ দেবরায়। শাবল দিয়ে থেঁতলে খুন করা হয়েছে৷ মৃত দুই শিশুকন্যা।

রাজ্যে পুর ও নগর পরিষদ ভোট ঘিরে তীব্র রাজনৈতিক পরিবেশ। সরকার বিরোধী বাম ও অন্যান্য দলগুলির সমর্থকরা আক্রান্ত। ভোট সন্ত্রাস চরমে। এর মাঝে হল এই নৃশংস ঘটনা। প্রশাসন নিয়েই বাড়ছে ক্ষোভ।

Delhi riots: রীতিমতো পরিকল্পনা করেই দিল্লিতে হামলা চালানো হয়েছিল, বলল আদালত

Delhi riots

নিউজ ডেস্ক, নয়াদিল্লি: রীতিমতো পরিকল্পনা করেই দিল্লিতে দাঙ্গা (Delhi riots) ছড়ানো হয়েছিল। এমনটাই বলল আদালত। ২০২০ সালের ফেব্রুয়ারি মাসে নাগরিকত্ব সংশোধনী আইনকে কেন্দ্র করে গোটা দিল্লিজুড়ে দাঙ্গা ছড়িয়ে ছিল। ওই দাঙ্গায় দীপক (deepak) নামে এক ব্যক্তির মৃত্যুর প্রেক্ষিতে চার অভিযুক্তের বিরুদ্ধে মামলা চলছিল। শুক্রবার ওই দাঙ্গার মামলায় অভিযুক্ত চারজনের বিরুদ্ধে খুন, দাঙ্গা ও অপরাধমূলক চক্রান্তের মামলা দায়ের করার নির্দেশ দিল আদালত।

২০২০ সালের ২৫ ফেব্রুয়ারি দীপক নামে এক ব্যক্তিকে পিটিয়ে খুন করেছিল চারজন। ওই চারজনের নাম হল কাশিম, শাহরুখ, খালিদ ও আনওয়ার হুসেন। ঘটনার দিন আম্বেদকর (ambedkar) কলেজের সামনে দীপককে পিটিয়ে খুন করেছিল ওই চারজন। ময়নাতদন্তের (postmortem) রিপোর্টে জানা যায়, অতিরিক্ত আঘাতে রক্তক্ষরণের কারণেই ওই ব্যক্তির মৃত্যু হয়েছিল।

ওই চারজন এদিন নিজেদের নিরাপরাধ বলে দাবি করে। কিন্তু বিচারক অমিতাভ রাওয়াত (amitava rawat) চার অভিযুক্তের সেই দাবি খারিজ করে দেন। বিচারক বলেন, অভিযুক্তদের আচরণ থেকে এটা স্পষ্ট যে, তারা রীতিমতো পরিকল্পনা করেই দাঙ্গা ছড়িয়ে ছিল। একজনকে পিটিয়ে খুন করেছিল। তাই এটা এক বড়সড় চক্রান্ত।

বিচারক আরও বলেন, প্রত্যক্ষদর্শীদের বয়ানে এটা প্রশ্নাতীতভাবে প্রমাণ হয়েছে যে, দীপককে খুন করার উদ্দেশ্য নিয়েই ওই হামলা করা হয়েছিল। এক প্রত্যক্ষদর্শী জানান, তিনি গোটা ঘটনাটির আড়াল থেকে লুকিয়ে দেখেছিলেন। এমনকী, আদালতের কাছে অভিযুক্ত চার যুবকের নামও জানান তিনি। উল্লেখ্য, ২০২০-র নাগরিকত্ব সংশোধনী আইনকে কেন্দ্র করে দিল্লির (delhi) দাঙ্গায় কমপক্ষে ৫৫ জনের মৃত্যু হয়েছিল। জখম হয়েছিলেন ৭০০-রও বেশি মানুষ।

ধর্ষণ, খুনের মতো অপরাধ করলেও কম বয়সীদের মৃত্যুদণ্ড নয়, জানাল সুপ্রিম কোর্ট

Supreme Court

News Desk, New Delhi: খুন ধর্ষণের মতো মারাত্মক অপরাধ করলেও কম বয়সিদের মৃত্যুদণ্ড দেওয়া যাবে না। অল্পবয়সীদের ক্ষেত্রে সর্বোচ্চ শাস্তি হবে যাবজ্জীবন কারাদণ্ড। অপরাধ যতই গুরুতর হোক না কেন, শাস্তি দেওয়ার সময় অপরাধীদের বয়সের কথাটা মাথায় রাখতে হবে। একটি মামলার প্রেক্ষিতে নিজেদের এই মতামত ব্যক্ত করল সুপ্রিম কোর্ট (Supreme Court)।

কর্নাটকের বাসিন্দা ইরাপ্পা সিদাপ্পা (Irapp Sidappa) মরগাুন্নাভার নামে এক ব্যক্তি পাঁচ বছরের নাবালিকাকে ধর্ষণের পর নির্মমভাবে খুন করেছিল। ইরাপ্পা যখন ওই অপরাধ করে তখন তার বয়স ছিল ২৩। দোষী সাব্যস্ত ইরাপ্পাকে মৃত্যুদণ্ড দিয়েছিল কর্নাটক হাইকোর্ট। হাইকোর্টের ওই রায়কে চ্যালেঞ্জ করে সুপ্রিম কোর্টে আবেদন করেন ইরাপ্পা। সেই আবেদনের শুনানিতে নিজেদের এই মতামত প্রকাশ করেছে শীর্ষ আদালত।

বিচারপতি সঞ্জীব খান্না (Sanjib Khanna), বিচারপতি এল নাগেশ্বর রাও (L Nageswar Rao) এবং বিচারপতি আর গাভাইয়ের (R Gavai) বেঞ্চ এই মামলার শুনানিতে বলেন, অপরাধীদের শাস্তি বিধানের আগে তাদের বয়সের কথাটা মাথায় রাখা দরকার। কর্নাটকের (Karnatak) বাসিন্দা ইরাপ্পা যা করেছে তা অত্যন্ত জঘন্য অপরাধ। কিন্তু এক্ষেত্রে যাবজ্জীবন কারাদণ্ডই তার উপযুক্ত শাস্তি। কারণ এতে কৃতকর্মের জন্য ওই যুবক অনুতপ্ত হওয়ার সুযোগ পাবে। সুযোগ পাবে নিজেকে শুধরে নেওয়ার। আমাদের মনে রাখতে হবে, রায়দানের সময় সব কিছুই মাথায় রাখা দরকার। আমরা জানতে পেরেছি অত্যন্ত গরীব ঘরের সন্তান ইরাপ্পা। তাই তার মধ্যে শিক্ষাদীক্ষার অভাব ছিল।

তিন বিচারপতির বেঞ্চ আরও বলে, গত ৪০ বছরে সুপ্রিম কোর্ট এ ধরনের ৬৭ টি মামলার রায় দিয়েছে। এই মামলাগুলির রায় ঘোষণা করতে গিয়ে অপরাধীর বয়সকেও মাথায় রাখা হয়েছিল। অন্তত পরিসংখ্যান থেকে সেটাই বলা যেতে পারে। কারণ এই ৬৭টি মামলায় দোষী সাব্যস্তরা অত্যন্ত গুরুতর অপরাধ করেছিল। সেক্ষেত্রে এই ৬৭ টি মামলাতেই অপরাধীদের মৃত্যুদণ্ড দেওয়া উচিত ছিল, কিন্তু তা হয়নি। এই ৬৭ টি মামলার মধ্যে ৫১টিতে অপরাধীদের বয়স ছিল ১২ বছরের কম। ৫১ টি মামলার মধ্যে মাত্র ১২ টি মামলায় মৃত্যুদণ্ড দেওয়া হয়েছিল। পরবর্তী ক্ষেত্রে এই ১২ টির মধ্যে তিনটি মামলার রায় বদল হয়েছিল। মৃত্যুদণ্ডের পরিবর্তে তাদের যাবজ্জীবন কারাদণ্ড দেওয়া হয়েছিল। তাই অপরাধীদের সাজা ঘোষণার ক্ষেত্রে অবশ্যই তাদের বয়সের কথাটা মাথায় রাখতে হবে।

Birbhum: ‘তৃণমূলীরাই খুন করেছে’ অভিযোগ মৃত CPIM সমর্থক বাদল শেখের স্ত্রীর

TMC

News Desk: তৃণমূল কংগ্রেসের কয়েকজন এসে ডেকে নিয়ে মারধর করেছিল। হাসপাতালে চিকিৎসা করাতে দেয়নি। তৃণমূলীরাই খুনের জন্য দায়ি। এমনই অভিযোগ করলেন নানুরে খুন হওয়া সিপিআইএম সমর্থক বাদল শেখের স্ত্রী জরিনা বিবি।

বাদল শেখ খুনের ঘটনায় বীরভূম জেলা সিপিআইএমের তরফে তীব্র ক্ষোভ জানানো হয়েছে। দলের রাজ্য সম্পাদক সূর্যকান্ত মিশ্র বলেছেন, নভেম্বর বিপ্লবের বার্ষিকীতে রক্তপতাকা তুলেছিল বলে বাদল শেখকে খুন করা হলো। এই হত্যাকাণ্ডের প্রতিবাদ হবে রাজ্যের সর্বত্র।

উল্লেখ্য বীরভূমের নানুর বিধানসভাটি এবার তৃণমূল কংগ্রেসের দখলে। পরাজিত হন গতবারের বিধায়ক সিপিআইএমের শ্যামলী প্রধান। নির্বাচনী প্রচারে প্রকাশ্যে নির্বাচন কমিশনের ক্যামেরার সামনেই শ্যামলী প্রধানের হাত কেটে নেওয়ার হুমকি দেয় স্থানীয় তৃণমূল কংগ্রেস নেতা। সেই ঘটনায় রাজ্য জুড়ে প্রবল আলোড়ন পড়েছিল। টিএমসি জেলা সভাপতি অনুব্রত মণ্ডল নানুর জয় করতে মরিয়া ছিলেন। জানিয়েছিলেন নানুর তাঁর প্রেস্টিজ আসন। ভোটে বামেরা রাজ্যে শূন্য হয়ে গিয়েছে।

ভোটে পরাজয় হলেও বীরভূম জুড়ে ক্ষেতমজুর সংগঠনের মাধ্যমে কেন্দ্রের বিজেপি সরকারের কৃষি আইনের বিরোধিতা করে আন্দোলন চালাচ্ছে সিপিআইএম। রাজনৈতিক সংঘর্ষ কবলিত নানুর বারবার উত্তপ্ত হয়েছে।

নিহত বাদল শেখ নানুরের পরিচিত বাম সমর্থক। জানা গিয়েছে তিনি প্রতিবছর ১ নভেম্বর নিজের বাড়িতে নভেম্বর বিপ্লব দিবসে দলীয় পতাকা তুলতেন। তাঁর স্ত্রী জরিনা বিবির অভিযোগ, দিনটি পালন না করার হুমকি দিয়েছিল তৃণমূলীরা। সেকথা শোনেনি তার স্বামী।

অভিযোগ, সোমবার সকালে নানুরের বালিগুনি বাসস্ট্যান্ডে বাদল শেখকে ঘিরে নেয় স্থানীয় তৃণমূল কংগ্রেস সমর্থকরা। তারা কৈফিয়ত চায়, কেন বাড়িতে সিপিএমের পতাকা তোলা হয়েছে। বাদল শেখের সঙ্গে শুরু হয় বচসা ও হাতাহাতি। মারধরে অসুস্থ হয়ে পড়েন বাদল শেখ।

জরিনা বিবির আরও অভিযোগ, অসুস্থ স্বামীকে হাসপাতালে নিয়ে যেতে দেয়নি তৃ়ণমূলীরা। বিনা চিকিৎসায় তার মৃত্যু হয়েছে। অভিযোগের জবাবে নিরুত্তর জেলা তৃণমূল কংগ্রেস নেতারা।

উত্তরপ্রদেশে ব্যবসায়ীর মৃত্যুর ঘটনায় ৬ পুলিশ কর্মীর বিরুদ্ধে খুনের অভিযোগ দায়ের সিবিআইয়ের

UP-Police

News Desk: সেপ্টেম্বর মাসে উত্তরপ্রদেশের গোরক্ষপুরের হোটেলে মণীশ গুপ্তা নামে এক ব্যবসায়ীর অস্বাভাবিক মৃত্যু হয়েছিল। অভিযোগ ওঠে, ওই ব্যবসায়ীকে উত্তরপ্রদেশ পুলিশের কয়েকজন কর্মী পিটিয়ে খুন করেছে। ব্যবসায়ী মণীশ গুপ্তার মৃত্যু নিয়ে রাজ্য রাজনীতিতে তোলপাড় শুরু হয়। এরপরেই অভিযুক্ত ৬ পুলিশকর্মীকে সাসপেন্ড করেছিলেন মুখ্যমন্ত্রী যোগী আদিত্যনাথ। সেই ছয় পুলিশ কর্মীর বিরুদ্ধে এবার খুনের মামলা দায়ের করল কেন্দ্রীয় গোয়েন্দা সংস্থা সিবিআই।

রাজ্য জুড়ে প্রবল সমালোচনার মুখে পড়ে যোগী সরকার মণীশ গুপ্তা হত্যা মামলার তদন্তের ভার সিবিআইয়ের হাতে তুলে দিয়েছিল। প্রাথমিক তদন্তের পর সিবিআই ওই ছয় পুলিশ কর্মীর বিরুদ্ধে খুনের মামলা দায়ের করায় বিষয়টি চাঞ্চল্যকর মোড় নিল বলেই মনে করা হচ্ছে।

ওই ব্যবসায়ী খুনের পর বিরোধীরা অভিযোগ করেছিল, মুখ্যমন্ত্রী যোগী দোষীদের আড়াল করছেন। মৃতের পরিবার স্পষ্ট জানায়, ৬ পুলিশ কর্মী মণীশকে পিটিয়ে খুন করেছে। এমনকী, গুরুতর জখম মণীশকে ঠিক সময়ে তারা হাসপাতালেও নিয়ে যায়নি। ময়নাতদন্তের রিপোর্টেও মাণীশের শরীরে একাধিক আঘাতের চিহ্ন মেলে।

ওই ঘটনার কিছুদিন পরেই আম আদমি পার্টির রাজ্যসভার সাংসদ সঞ্জয় সিং একটি ভিডিওয়ো পোস্ট করেছিলেন । ওই ভিডিয়োয় দেখা গিয়েছিল, গোরক্ষপুরের জেলাশাসক বিজয়কিরণ আনন্দ মৃত ব্যবসায়ীর পরিবারকে মামলা না করার জন্য অনুরোধ করছেন। শুধু জেলাশাসক নন, জেলার পুলিশ সুপারও মৃতের স্ত্রীকে একইভাবে মামলা তুলে নেওয়ার কথা বলছেন ওই ভিডিওটি প্রকাশ্যে আসতেই যোগী সরকারের ওপর আরও চাপ বাড়ে।

ওই ব্যবসায়ীর পরিবারের চাপ বিরোধীদের হই হট্টগোলের কারণে অভিযুক্ত পুলিশকর্মীকে সাসপেন্ড করেছিল যোগী সরকার। আর কয়েক মাস পরেই রাজ্যের বিধানসভা নির্বাচন। বিরোধীদের মুখ বন্ধ করতে যোগী সরকার তড়িঘড়ি ৬ পুলিশকর্মী সাসপেন্ড করে। কিন্তু তাতেও বিরোধীদের মুখ বন্ধ না হওয়ায় ওই খুনের মামলার তদন্তভার সিবিআইকে দেন যোগী। মণীশ গুপ্তা খুনের তদন্তভার হাতে নিয়ে প্রাথমিক তদন্তের পরই সিবিআই ছয় পুলিশ কর্মীর বিরুদ্ধে খুনের মামলা দায়ের করল।

দীর্ঘ দুই দশক পর খুনের মামলায় যাবজ্জীবন কারাদণ্ড রামরহিমকে

Gurmeet Ram Rahim

নিউজ ডেস্ক: ডেরা সাচা সৌদার প্রধান গুরমিত রামরহিম সিং-সহ ৫ জনকে যাবজ্জীবন কারাদণ্ডে দণ্ডিত করল বিশেষ সিবিআই আদালত। প্রায় দুই দশক আগে ম্যানেজার রঞ্জিত সিংকে খুনের ঘটনায় এই সাজা ঘোষণা করা হল। গুরমিত ছাড়াও আর যে চারজনের যাবজ্জীবন হয়েছে তারা হলেন যশবীর সিং, অবতার সিং, কিষানলাল এবং সবদিল।

উল্লেখ্য, ২০০২ সালের ১০ জুলাই খুন হয়েছিলেন রঞ্জিত সিং। ডেরা সাচা সৌদার প্রধান গুরমিত রামরহিমের অত্যন্ত ঘনিষ্ঠ ছিলেন রঞ্জিত। কিন্তু পরবর্তীকালে রাম রহিমের সঙ্গে তাঁর সম্পর্কের চূড়ান্ত অবনতি হয়। রামরহিম মহিলাদের উপর যৌন নির্যাতন চালাতেন। সেই বিষয়টি প্রকাশ্যে এনেছিলেন রঞ্জিত। রামরহিমের বিরুদ্ধে মহিলাদের উপর যৌন নির্যাতনের অভিযোগ করে বহু বেনামি চিঠি সে সময় ছড়িয়ে পড়েছিল। অনুমান করা হয়, ওই কাজ ছিল রঞ্জিতের। সে কারণেই রঞ্জিতকে গুলি করে খুন করা হয়।

সিবিআই চার্জশিটে জানিয়েছে, ডেরা সাচা সৌদার প্রধান গুরমিত রামরহিমের সন্দেহ ছিল, বেনামি চিঠিগুলি ছড়িয়ে দিয়েছিলেন রঞ্জিত। সে কারণেই তাঁকে খুনের চক্রান্ত করা হয়। দীর্ঘ উনিশ বছর মামলা চলার পর শেষ পর্যন্ত সোমবার সেই মামলার নিষ্পত্তি হল।

বিশেষ আদালতের বিচারক এ দিন তাঁর রায় ঘোষণা করতে গিয়ে বলেন, যাবজ্জীবন কারাদণ্ড ছাড়াও রাম রহিমকে ৩১ লক্ষ টাকা জরিমানা দিতে হবে। বাকি সাজাপ্রাপ্তদের জরিমানার অঙ্ক অবশ্য আলাদা। বাকি চারজনকে ৭এ হাজার টাকা থেকে শুরু করে দেড় লক্ষ টাকা জরিমানা দিতে হবে। উল্লেখ্য পঞ্চকুলার বিশেষ সিবিআই আদালত রঞ্জিত সিং হত্যা মামলায় গুরমিত রাম রহিম সিং-সহ ৫ অভিযুক্তকে ভারতীয় দণ্ডবিধির ৩০২ ধারায় আগেই দোষী সাব্যস্ত করেছিল।

সোমবার বিচারক শুধু সাজা ঘোষণা করেলেন। দীর্ঘ ১৯ বছর ধরে মামলা চলার কারণে একসময় হতাশ হয়ে পড়েছিলেন রঞ্জিত সিংয়ের ছেলে জগবীর সিং। একসময় জগবীর এই মামলা পাঞ্জাব, হরিয়ানা, চণ্ডীগড়ের কোনও সিবিআই আদালতে সরিয়ে নিয়ে যাওয়ার আবেদন করেছিলেন। কিন্তু হরিয়ানা হাইকোর্ট সেই আর্জি খারিজ করে দিয়েছিল। শেষ পর্যন্ত অবশ্য বিচার পেলেন রঞ্জিত সিংয়ের ছেলে। সাজা হল রামরহিমের।

Uttar Dinajpur: গুলি করে খুন করা হল বিজেপি যুব নেতাকে

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নিউজ ডেস্ক: উপনির্বাচনের পরিস্থিতি গরম হতে চলেছে। খুন করা হয়েছে উত্তর দিনাজপুর জেলার এক বিজেপি যুব নেতাকে। রবিবার গভীর রাতে তাঁকে গুলি করা হয়। মৃতের মিঠুন ঘোষ। তিনি জেলা যুব মোর্চার সহ সভাপতি।

রবিবার গভীর রাতে ইটাহার থানার রাজগ্রাম এলাকায় গুলিবিদ্ধ হন মিঠুন ঘোষ। পরিবারের অভিযোগ, এলাকার তৃণমূল আশ্রিত দুষ্কৃতীরা গুলি চালায়। বিজেপি নেতাদের অভিযোগ, এলাকার তৃণমূল কর্মী কাশেম আলির দল মিঠুনকে খুনের হুমকি দিত। বিজেপি যুব নেতার খুনের ঘটনায় উত্তেজনা ছড়িয়েছে ইটাহারে।

জানা গিয়েছে,রবিবার রাত সাড়ে নয়টা নাগাদ মিঠুন ঘোষ বাড়ির বাইরে আসেন। তখনই দুষ্কৃতীরা তাকে লক্ষ্য করে গুলি চালায়। গুরুতর জখম বিজেপি নেতাকে রায়গঞ্জ গভর্মেন্ট মেডিকেল কলেজ ও হাসপাতালে নিয়ে যাওয়া হয় সেখানে চিকিৎসকেরা  তাঁকে মৃত বলে ঘোষণা করেন।

সোমবার পরিস্থিতি থমথমে ইটাহারের রাজগ্রামে। সেই সঙ্গে ছড়িয়েছে ক্ষোভ। অভিযুক্তদের কেন গ্রেফতার করা হচ্ছেনা উঠছে সেই প্রশ্ন। তবে তৃ়ণমূল কংগ্রেসের তরফে সব অভিযোগ অস্বীকার করা হয়।জেলা বিজেপি নেতৃত্ব প্রতিবাদ কর্মসূচি পালন করছেন।

Kolkata: খুনের হুমকি সংগীত শিল্পী রশিদ খানকে, ধৃত ২

music artist Rashid Khan

বায়োস্কোপ ডেস্ক: সংগীত শিল্পী রশিদ খানকে খুন করার হুমকি দেওয়ার অভিযোগ ওঠে দুই ব্যক্তির বিরুদ্ধে। সংগীতশিল্পীর বাড়ির সামনে স্নাইপার গান তাক করে তাকে খুন করার চেষ্টা করা হয় বলেও জানা গিয়েছে।

ওস্তাদ রশিদ খানের মেয়েকে ফোন করে ৫৯ লক্ষ টাকা চেয়ে হুমকি দেওয়ার অভিযোগ করা হয়। হুমকি দেওয়া হয় বাড়ীর বাইরে পা রাখলেই তাকে গুলি করা হবে বলে। অভিযোগ অনুসারে তদন্তে নেমে ২ অভিযুক্তকে গ্রেফতার করে পুলিশ। জেরা করার পর অভিযুক্তরা অপরাধের কথা স্বীকার করে নিয়েছে।

গত ৯ অক্টোবর সমস্ত প্রমান সহ নেতাজি নগর থানায় লিখিত অভিযোগ দায়ের করেন প্রখ্যাত সঙ্গীতশিল্পী ওস্তাদ রশিদ খান। তদন্তে নেমে মোবাইল টাওয়ারের লোকেশন ট্র্যাক করে শেষমেষ অপরাধীদের গ্রেপ্তার করে পুলিশ। সূত্র মাধ্যমে জানা যায়, প্রথমে ৫০ লক্ষ টাকার দাবি করা হলেও পরবর্তীকালে তা কমিয়ে ২০ লক্ষ টাকা করা হয়।

দাবি করা হয় টাকা না দেওয়া হলে তাকে মেরে ফেলা হবে। মোবাইল ট্র্যাক করে তদন্তে নেমে অপরাধীদের খুঁজতে উত্তরপ্রদেশে পৌঁছে যায় পুলিশ। শেষ পর্যন্ত লখনৌ থেকে গ্রেপ্তার করা হয় দুই অভিযুক্তকে। দুই অপরাধী আগে থেকেই ওস্তাদ রশিদ খানের পরিচিত ছিলেন বলে জানা গিয়েছে। সঙ্গীত শিল্পীর প্রাক্তন অফিস অ্যাসিস্ট্যান্ট ও গাড়িচালককে গ্রেফতার করেছে পুলিশ।

সূত্রের খবর, মাস কয়েক আগে চাকরি থেকে তাদের বরখাস্ত করেন রশিদ খান। অভিযুক্তদের জেরা করা হলে জানা যায়, ওই ঘটনার পর অপমানিত বোধ করে রশিদ খানকে খুনের হুমকি দেয় দুই অভিযুক্ত।

এই ঘটনার সাথে আরো কোন বড় অপরাধের যোগসুত্র রয়েছে কিনা খতিয়ে দেখছে পুলিশ। প্রসঙ্গত, ধ্রুপদী সংগীত শিল্পী সংগীত নাটক অ্যাকাডেমী পুরস্কার ও পদ্মশ্রী পুরস্কারে ভূষিত হয়েছিলেন। আপাতত সংগীতশিল্পী ও তার পরিবারের সুরক্ষার্থে পুলিশি সুরক্ষা প্রদান করা হয়েছে বলে জানা গিয়েছে।

Eangland: লন্ডনে প্রকাশ্যে খুন ব্রিটিশ সাংসদ, রক্তাক্ত ছুরি নিয়ে সূত্র খুঁজছে পুলিশ

British MP murderared at a church near london

নিউজ ডেস্ক: খুন করা হয়েছে ইংল্যান্ডের (England) ক্ষমতাসীন দল কনজারভেটিভ পার্টির সাংসদ স্যার ডেভিড অ্যামেসকে। তাঁকে খুন করার পর আততায়ী যে রক্তাক্ত ছুরি ফেলে গেছে সেটি উদ্ধারের পর সূত্র খুঁজছে লন্ডন পুলিশ।

বিবিসি জানাচ্ছে,লন্ডনের লে অন সি এলাকায় একটি গির্জায় তার ওপর হামলা হয়। ডেভিড অ্যামেস তাঁর সংসদীয় এলাকায় একটি মিটিং করছিলেন। সেই সময় ছুরি দিয়ে তাকে আঘাত করে আততায়ী। এই খুনে জড়িত সন্দেহে পুলিশ ২৫ বছর বয়সী এক যুবককে আটক করেছে।

অ্যামেস কনজারভেটিভ পার্টির হয়ে গত চার দশক ধরে এমপি। বয়স হয়েছিল ৬৯ বছর। যখন তাঁর ওপর হামলা চালানো হয় তখন তিনি নির্বাচনী এলাকার অফিসে মিটিং করছিলেন।

পুলিশ বলছে, হামলার সংবাদে ঘটনাস্থলে গিয়ে সাংসদ স্যার অ্যামেসকে রক্তাক্ত অবস্থায় পড়ে থাকতে দেখা যায়। তাকে জরুরি চিকিৎসা দেওয়া হয়। তবে ঘটনাস্থলেই তিনি মারা যান। খুনের পিছনে কী কারণ থাকতে পারে এবিষয়ে পুলিশের পক্ষ থেকে এখনও কিছু বলা হয়নি।

বিবিসি জানাচ্ছে, ইংল্যান্ডে গত পাঁচ বছরে দু’জন সাংসদকে খুন করা হলো। ২০১৬ সালে লেবার পার্টির একজন সাংসদ জো কক্সকে খুূন করা হয়েছিল।

Bangladesh: রাতেই জোড়া ফাঁসি, মৃত্যুভয়ে কাঁপছে ধর্ষক-খুনিরা

Bangladesh approves death penalty for rape

নিউজ ডেস্ক: ধর্ষণ ও খুনে দোষী প্রমাণিত দুই আসামীর মৃত্যুদণ্ড কার্যকর করতে চলেছে বাংলাদেশ সরকার। সোমবার রাতেই হবে ফাঁসি। সময় যত এগিয়ে আসছে তত মৃত্যু ভয়ে কাঁপছে ধর্ষকরা। ফাঁসি হবে আজিজুল ও কাল্টুর। দুজনের বয়স ৫০ বছর। যশোর কেন্দ্রীয় কারাগারের ফাঁসি হবে তাদের।

২০০৩ সালের কমেলা খাতুন ও তার বান্ধবী ফিঙ্গে বেগমকে খুন করা হয়। খুনের আগে তাদের দুজনকে ধর্ষণ করা হয়। এই মামলায় ২০০৭ সালে নারী ও শিশু নির্যাতন দমন ট্রাইব্যুনাল চার আসামীকে মৃত্যুদণ্ড দেয়। পরে আপিল বিভাগ একজনের শাস্তি কমিয়েছে। এক আসামী মৃত। বাকি দুজন আজিজুল ও কাল্টুর ফাঁসির সাজা বহাল রাখেন রাষ্ট্রপতি।

যশোর কেন্দ্রীয় কারাগারের জেলার তুহিন কান্তি খান বলেন, দুই আসামির ফাঁসির রায় কার্যকর করার আইনি প্রক্রিয়া সম্পন্ন। সব প্রস্তুতি গ্রহণ করা হয়েছে। ফাঁসি দিতে পাঁচ জল্লাদ প্রস্তুত রাখা হয়েছে। জেলা প্রশাসন, পুলিশ প্রশাসন ও সিভিল সার্জনের প্রতিনিধিরা উপস্থিত থাকবেন। আসামীদের পরিবারের পক্ষ থেকে শেষ দেখা করে গেছেন অনেকেই।