तृणमूल कांग्रेस के सांसद हरियाणा में आंदोलनकारी किसानों से मिलेंगे

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के सांसदों का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार को हरियाणा का दौरा करेगा और किसानों से मुलाकात करेगा। ये किसान अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी शामिल है।

पार्टी ने सोमवार को एक बयान में कहा, “दीदी (टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी) का संदेश उन्हें देंगे कि हम आपके साथ हैं और केंद्र में मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को उनकी मांगें पूरी करनी चाहिए।”

टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन, मोहम्मद नदीमुल हक, डोला सेन, सागरिका घोष और साकेत गोखले की पांच सदस्यीय टीम हरियाणा और पंजाब की सीमा पर खनौरी के पास आंदोलनकारी किसानों से मिलने की संभावना है।
सुरक्षा बलों ने 13 फरवरी को खनौरी में किसानों को उनके आंदोलन के तहत दिल्ली की ओर मार्च करने से रोक दिया था। उसके बाद यहां फिर से नए सारा से प्रदर्शन शुरू हुए हैं।

अभिषेक बनर्जी का पार्टी कार्यकर्ताओं से अनुरोध, विनम्र और जिम्मेदार बनें

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक सह अभिनेता सोहम ने न्यूटाउन में एक रेस्टोरेंट मालिक को थप्पड़ मार दी थी। इस पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि किसी भी तरह की जीत मिलने पर विनम्र और जिम्मेदाराना व्यवहार करना चाहिए। बनर्जी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक संदेश में कहा कि टीएमसी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को राज्य के लोगों द्वारा पार्टी पर जताए गए विश्वास का सम्मान करने का प्रयास करना चाहिए।

टीएमसी सांसद और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक ने पोस्ट में कहा, “जीत मिलने पर विनम्रता और शालीन व्यवहार करना चाहिए। मैं टीएमसी के सभी नेताओं और सदस्यों से अनुरोध करता हूं कि वे पश्चिम बंगाल के लोगों द्वारा हम पर जताए गए भरोसे का सम्मान करने का प्रयास करें।”

बनर्जी ने किसी निर्वाचित प्रतिनिधि का नाम नहीं लिया और न ही किसी घटना का जिक्र किया। हालांकि उन्होंने यह संदेश दो दिन पहले कोलकाता के निकटन्यू टाउन में अभिनेता और तृणमूल कांग्रेस के विधायक सोहम चक्रवर्ती द्वारा एक रेस्तरां मालिक पर कथित तौर पर हमला किए जाने के बाद दिया है।

मैं नरेंद्र दामोदरदास मोदी…आज से मोदी 3.0 का आगाज, लगातार तीसरी बार ली प्रधानमंत्री पद की शपथ

नई दिल्ली : नरेंद्र मोदी की अगुआई में लगातार तीसरी बार NDA की सरकार बनी है। रविवार शाम को मोदी ने बतौर प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। जिसके बाद उनके साथ कई मंत्री भी पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। मोदी 3.0 में कई नई चेहरों को भी जगह दी गई है।

इसके साथ ही पुराने चेहरों को भी नई कैबिनेट में जगह दी गई है। कई विदेशी राष्‍ट्राध्‍यक्ष और मेहमान भी मोदी 3.0 के शपथ ग्रहण समारोह के गवाह बने।

मोदी 3.0 कैबिनेट में शामिल होने वाले अधिकांश सांसदों को पहले ही फोन आने शुरू हो गए थे। सूत्रों के अनुसार, मंत्रिपरिषद की सूची में एक दर्जन से अधिक भाजपा सांसदों के नाम हैं। इसमें सहयोगी दलों के सांसदों के नाम हैं। सूत्रों के अनुसार, लखनऊ लोकसभा सीट से जीतने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता राजनाथ सिंह के केंद्रीय रक्षा मंत्री बने रहने की संभावना है। वहीं अमित शाह के पास ही गृह मंत्रालय का जिम्मा रह सकता है।

शपथ ग्रहण समारोह के बाद दिल्ली जाएगी ममता बनर्जी

कोलकाता : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण करने के बाद सीएम ममता बनर्जी एक दिन के दिल्ली दौरे पर जाएंगी। हालांकि उनके दिल्ली दौरे की तारीख तय नहीं है। सीएम ममता बनर्जी ने शनिवार को कालीघाट स्थित अपने आवास पर पार्टी सांसदों और शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक के बाद पत्रकारों के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मैं अभी दिल्ली नहीं जा रही हूं लेकिन अपने सांसदों के शपथ ग्रहण के बाद मैं उन्हें कुछ जरूरी निर्देश और सलाह देने के लिए एक दिन के लिए भी दिल्ली जा सकती हूं। फिलहाल उनके दिल्ली जाने की तारीख तय नहीं हुई है। हालाँकि, मुख्यमंत्री ने इंडिया एलायंस के प्रतिनिधियों को कोलकाता आमंत्रित किया।

सीएम ने कहा कि हमारे दरवाजे हमेशा सबके लिए खुले हुए हैं। मैं इंडिया गठबंधन को कोलकाता में आमंत्रित करती हूं। दरअसल मुख्यमंत्री संसद सत्र चालू रहने के दौरन दिल्ली जाना पसंद करती हैं। सूत्रों का मानना ​​है आनेवाले मानसून सत्र में भी वे एक दो दिन के लिए दिल्ली जा सकती हैं। ममता बनर्जी को सर्वसम्मति से संसदीय समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया, जिसके लिए उन्होंने सभी को धन्यवाद दिया। नामों का ऐलान करने के साथ ही पार्टी सुप्रीमो ममता ने संसद की रणनीति भी तय की। उन्होंने कहा, हम संसद में बैठने नहीं जा रहे हैं। हम सीएए, एनआरसी को रद्द करने की मांग को लेकर मुखर रहेंगे।

हम अपना बकाया भुगतान की मांग करेंगे, इसे पूरा करना ही होगा। ममता ने कहा कि हम चाहते हैं कि राज्य का जो भी बकाया है, वह पहले चुकाया जाए। इस बार हमारे पास ज्यादा ताकत है। संसद में पार्टी को दो तीन जरूरी काम करने होंगे। पहल यह कि डेरेक-डोला-नदीमुल-सागरिका किशन परिवार से मिलने हरियाणा जाएंगे। वे अपनी दैनिक मजदूरी की मांग संसद में उठाएंगे। दूसरा यह कि शेयर बाजार इतना कैसे बढ़ गया? जरूर दाल में कुछ काला है। मतदान के दिन, नतीजे के दिन जो कुछ भी हुआ, वह एक बड़ा घोटाला है। हम इसकी जांच की मांग करंगे। राजनीतिक दलों को तोड़ने के लिए भी ममता बनर्जी ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि मैं सभी सांसदों से कहूंगी कि आप अपनी पार्टी को मजबूत करें। बीजेपी ने फिर से पार्टी को तोड़ने की कोशिश शुरू कर दी है। उन्हें समझना होगा कि पार्टी को तोड़ना ठीक नहीं है। अगर आप ऐसे ही चलते रहे तो, आपकी अपनी पार्टी टूट जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मैं अलोकतांत्रिक, गैरकानूनी तरीके से बनी इस सरकार को बधाई नहीं दे सकती, मुझे खेद है।

गंगासागर जाना अब आसान होगा जाना आगर मुड़ीगंगा ब्रिज के डीपीआर तेजी से रहा जारी

कोलकाता : सीएम ममता बनर्जी की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक मुड़ीगंगा पर ब्रिज बनाना है। यह ब्रिज न केवल बंगाल के लिए अहम है ब​ल्कि गंगासागर में हर साल मकर संक्रांति पर पुण्य स्नान करने के लिए देश दुनिया से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए भी अहम है। सागर द्वीप पर लॉट 8 और कचुबेरिया को जोड़ने वाला यह ब्रिज न केवल बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, बल्कि इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस ब्रिज को तैयार करने के लिए राज्य व केंद्र में कथित तौर पर लंबे समय तक तनातनी रही। आखिरकार जब कोई बात नहीं बन पायी तो इस बार गंगासागर दौरे के दौरान सीएम ने राज्य सरकार द्वारा इस ब्रिज को बनाने की घोषणा कर दी। पीडब्ल्यूडी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी की माने तो इस ब्रिज निर्माण के लिए डीपीआर का काम लगभग अंतिम चरण में है। जल्द ही इसका काम शुरू होने जा रहा है। हम आशा करते हैं कि इसी साल इसका काम शुरू हो जायेगा।

उल्लेखनीय है कि सीएम ममता ने कहा था कि केंद्र को कई बार पत्र दिया गया लेकिन पत्र का जवाब नहीं मिला। अब ऐसे में राज्य सरकार खुद इस ब्रिज को तैयार करेगी। सीएम की इस घोषणा के बाद ही से विभागीय अधिकारी इस दिशा में तेजी आगे बढ़े हैं।

इस योजना पर फिलहाल 1,200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत है। मुड़ीगंगा नदी पर 3.1 किलोमीटर लंबा ब्रिज होगा। अगले 3 वर्षों के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले वर्ष में 200 करोड़ रुपये का प्रारंभिक आवंटन प्राप्त होगा। प्रस्तावित ब्रिज का उद्देश्य वार्षिक गंगासागर मेला तीर्थयात्रा के दौरान परिवहन चुनौतियों को कम करना, जहाज सेवाओं, श्रद्धालुओं द्वारा यातायात के लिए लंबे इंतजार को दूर करना मुख्य रूप से शामिल है। गंगासागर मेले में श्रद्धालुओं के लिए जलमार्गों पर अधिक निर्भर रहना पड़ता है। हर साला लाखों श्रद्धालु आते हैं और उन्हें घंटों प्रतीक्षा करनी पड़ती है। मुड़ीगंगा नदी पर पुल निर्माण की मांग लंबे समय से चल रही है। राज्य सरकार ने अब गंगासागर तीर्थयात्रियों के लिए ब्रिज के निर्माण की प्रक्रिया में ते​जी ला दी है।

सागर से विधायक और सुंदरवन विकास मंत्री बंकिम हाजरा ने कहा कि 2011 में सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सबसे पहले मुड़ीगंगा नदी पर पुल बनाने की योजना बनायी। वित्तीय सहायता के लिए केंद्र सरकार को कई पत्र भेजे गए हैं लेकिन आश्वासन के बावजूद केंद्र ने मदद नहीं मिली। मुख्यमंत्री ने सागर द्वीप के निवासियों के साथ-साथ गंगासागर आने वाले तीर्थयात्रियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इस पुल के निर्माण का निर्णय लिया है।

रानीगंज में सोने की दुकान पर लूटपाट, पहुंची पुलिस तो जमकर हुई गोलीबारी

रानीगंज : पश्चिम बंगाल के आसनसोल में बड़ी घटना देखने को मिली है। यहां रानीगंज इलाके में स्थित एक प्रतिष्ठित सोने की कंपनी के शोरूम में डकैती की गई। भारी हथियारों से लैस बदमाश बैंक में घुसे और हथियार लहराने लगे। इस दौरान घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस बल भी पहुंच गई। इसके बाद शोरूम में मौजूद बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने भी फायरिंग शुरू कर दी। दोनों तरफ से खूब फायरिंग हुई। हालांकि मौके का फायदा उठाते हुए बदमाश बाइक पर सवार होकर वहां से भाग निकलने में सफल हो गए।

स्थानीय लोगों की मानें तो इस गोलीबारी में एक डकैत को गोली भी लगी है। सूत्रों की मानें तो डकैत सोने की दुकान से कुछ जेवरात भी ले जाने में सफल हो गए हैं। घटना के बाद भारी संख्या में पुलिस अधिकारी और आम लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। पुलिस ने चारों और नाकाबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

हालांकि अबतक बदमाशों का कुछ पता नहीं चल सका है। स्थानीय लोगों की मानें तो करीब सात लोग डकैती के इरादे से शोरूम में घुसे थे। इस दौरान शोरूम पर तैनात सुरक्षाकर्मी की उन्होंने बंदूक तक छीन ली।लोगों ने बताया कि सुरक्षाकर्मी की बंदूक छीनकर सभी बदमाश शो रूम के अंदर घुसे। इसके बाद बदमाश वहां काफी समय तक रहे और लूटपाट की। घटना को लेकर पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई है।

पुलिस इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगालने में जुटी हुई है। वीडियो को देखकर साफ पता चलता है कि करीब 7 लोग चेहरे पर मास्क लगाकर शोरूम के अंदर घुसे। इसके बाद उन्होंने तमंचा लहराना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस की टीम वहां पहुंची तो गोलीबारी शुरू हो गई और फिर वहां मौके पर भारी पुलिस बल पहुंच गई और स्थानी लोगों को भीड़ भी पहुंच गई।

छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्यों के समन्वय से नक्सल विरोधी अभियान को मिलेगा बूस्टर डोज

छत्तीसगढ़ :ओडिशा में भाजपा सरकार बनने और आंध प्रदेश में तेलुगु देसम पार्टी (टीडीपी) की सत्ता में वापसी से नक्सलियों के विरुद्ध चल रहे अभियान को छत्तीसगढ़ में बूस्टर डोज मिलने वाला है। विशेषज्ञों के अनुसार नक्सल विरोधी अभियान में राज्यों के मध्य समन्वय बढ़ेगा, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में नक्सलियों के विरुद्ध अभियान में प्रभावकारी बढ़त मिल सकती है।

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले की सीमा ओडिशा प्रांत से सटी हुई है। आंध्रप्रदेश से सटे नक्सलियों के सबसे ताकतवर क्षेत्र बीजापुर व सुकमा जिले में भी पिछले पांच माह में सुरक्षा बल के कैंप स्थापित कर वहां से अभियान शुरू किए गए हैं। आंध्रप्रदेश में एनडीए के घटक दल तेलुगु देसम पार्टी के मुखिया चंद्रबाबू नायडू नक्सलवाद के प्रखर विरोधी माने जाते हैं। नक्सलियों ने उन पर तिरुपति के पास हमला भी किया था।

हरियाणा के सूरजकुंड में वर्ष 2022 में नक्सल प्रभावित राज्यों की बैठक हुई। इसमें आपसी समन्वय से नक्सलियों के विरुद्ध रणनीति तैयार की गई थी। तब प्रदेश में भाजपा सरकार नहीं होने से नक्सलियों के विरुद्ध अभियान धीमा ही रहा। अब जबकि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है, पिछले पांच माह में नक्सलियों के विरुद्ध अभियान तेज हुआ है।

केंद्रीय नेतृत्व की मंशा के अनुसार राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा लगातार नक्सलवाद के खात्मे के लिए संकल्पित दिखाई दिए हैं। राज्य में शांति स्थापना के उद्देश्य से नक्सलियों से वार्ता का रास्ता भी खुला रखा हुआ है। आत्सममर्पण पर जोर देने के साथ ही संवेदनशील क्षेत्र के विकास के लिए ‘नियद नेल्ला नार’ योजना शुरू की गई है, ताकि सुरक्षा कैंपों के आसपास के क्षेत्र में आधारभूत विकास कार्य भी शुरू किए जा सके।

समानांतर नेतृत्व का नक्सल अभियान पर दिखेगा असर
नक्सल मामलों पर लंबा अनुभव रखने वाले छत्तीसगढ़ के पूर्व पुलिस महानिदेशक आरके विज बताते हैं कि नक्सल संगठन दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी, महाराष्ट्र- मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ जोनल कमेटी व तेलंगाना स्टेट कमेटी के प्रभाव वाले क्षेत्र एक- दूसरे राज्य तक विस्तारित हैं।

राज्यों का समन्वय नक्सल विरोधी अभियान में महत्वपूर्ण हो जाता है। छत्तीसगढ़ के पड़ोसी मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र व ओडिशा में भाजपा की सरकार है। वहीं आंध्रप्रदेश में तेलुगु देसम पार्टी को सत्ता मिली है। इस स्थिति में सीमा क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान में बेहतर समन्वय आने वाले दिनों में देखने को मिल सकता है।

इंदौर में ट्रेन की सीट के नीचे बैग में मिला महिला का क्षत-विक्षत शव

इंदौर : मध्य प्रदेश के इंदौर में ट्रेन की बोगी में सीट के नीचे दो बैग में महिला का क्षत-विक्षत शव मिला है। इंदौर रेलवे स्‍टेशन पर उस समय सनसनी फैल गई जब यार्ड में खड़ी ट्रेन में महिला का शव मिला। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार महिला का शव इंदौर-महू-नागदा के मध्‍य चलने वाले पैसेंजर ट्रेन में अलग-अलग टुकड़े कर रख दिया गया था।

शव के टुकड़े रेगजीन के ट्रॉली बैग और बोरे में बंद कर रखा गया था। टीआई संजय शुक्‍ला ने बताया कि पुलिस को रेल में किसी महिला का शव होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।

उन्‍होंने बताया कि रात करीब 12 बजे एक सफाईकर्मी को सफाई के दौरान यार्ड में खड़ी ट्रेन के अंदर एक बोरे के साथ रेगजीन के बैग में महिला का शव मिला। बैग में महिला के बिना अंग का कुछ शरीर और दूसरे बोरे में हाथ और नीचे का धड़ रखा हुआ था।

इसके बाद उसने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्‍जे में लिया और शव को पोस्‍टमार्टम के लिए अस्‍पताल भिजवाया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रेन महू से रात 8 बजे चलकर रात लगभग दस बजे इंदौर पहुंचकर यार्ड में खड़ी कर दी जाती है। यह गाड़ी सुबह आठ बजे नागदा के लिए रवाना होती है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्‍य माध्‍यमों की जांच कर रही है।

आशंका जताई जा रही है कि महिला के शव को टुकड़े-टुकड़े कर अलग-अलग जगह फेंका गया है। अभी महिला की पहचान नहीं हो पाई है।

महिला को जिंदा निगल गया अजगर, पेट काटा गया तो अंदर मिली पूरी बॉडी

जकार्ता: इंडोनेशिया में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक महिला को अजगर ने समूचा निगल लिया। महिला का शव अजगर के पेट के अंदर पाया गया। स्थानीय अधिकारियों ने शनिवार को इस बारे में जानकारी दी है। जानकारी के अनुसार दक्षिण सुलावेसी प्रांत के कलेमपांग गांव की 45 वर्षीय महिला को उसके पति और दूसरे ग्रामीणों ने शुक्रवार को अजगर के पेट के अंदर पाया था। गांव के मुखिया सुआर्डी रोसी ने बताया कि चार बच्चों की मां फरीदा गुरुवार रात लापता हो गई थी और घर नहीं लौटी, जिसके बाद गांव के लोगों ने उसकी तलाशी के लिए अभियान चलाया।

तलाशी के दौरान महिला के पति को उसका कुछ सामान मिला जिसके चलते उसे अनहोनी का शक हुआ। ग्रामीणों ने इलाके की खोजबीन शुरू की तो एक अजगर दिखाई दिया, जिसका पेट बहुत अधिक फूला हुआ था। सुआर्डी ने कहा कि इसके बाद ग्रामीण अजगर का पेट काटने के लिए सहमत हो गई। जैसे ही उन्होंने पेट काटना शुरू किया उन्हें सबसे पहले फरीदा का सिर दिखाई थी। इसके बाद अजगर के पेट के अंदर फरीदा पूरी तरह कपड़ों में पाई गई।

अजगर द्वारा इंसानों को निगले जाने की घटनाएं बहुत दुर्लभ मानी जाती हैं लेकिन हाल के वर्षों में इंडोनेशिया में कई लोगों की मौत इस तरह से हुई है। पिछले साल दक्षिणपूर्व सुलावेसी के तिनंगगिया जिले के निवासियों ने आठ मीटर के अजगर को मार डाला था, जब उसने गांव में एक किसान को मारकर निगल लिया था। साल 2018 में दक्षिणपूर्व सुलावेसी के मुना शहर में एक 54 वर्षीय महिला को अजगर ने अपना शिकार बना लिया था। महिला का शव सात मीटर लंबे अजगर के पेट के अंदर पाया गया था।

स्मृति ईरानी, मीनाक्षी लेखी…मोदी 3.0 में इन 20 मंत्रियों का कटा पत्ता, कैबिनेट से हो गई छुट्टी

नई दिल्ली : नरेंद्र मोदी रविवार (9 जून) को लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ले रहे हैं । जिस तरह से नरेंद्र मोदी की चर्चा हो रही है, उसी तरह उनकी नई कैबिनेट को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गरम है। हर तरफ लोग यही बात कर रहे हैं कि इस बार किन चेहरों को मोदी 3.0 सरकार में शामिल किया जाएगा. मिली जानकारी के मुताबिक, मोदी के साथ 65 नेता मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।

इस बार बीजेपी को बहुमत हासिल नहीं हुआ है और वह एनडीए के सहयोगियों के दम पर तीसरी बार सरकार बना रही है। ऐसे में एनडीए के सहयोगी दलों को भी कैबिनेट में जगह दी जा रही है। यही वजह है कि इस बार कुछ बड़े बीजेपी नेताओं की कैबिनेट से छुट्टी होने वाली है, जिसमें स्मृति ईरानी से लेकर राजीव चंद्रशेखर तक जैसे नेताओं के नाम हैं। ऐसे में आइए उन नेताओं के बारे में जानते हैं, जिन्हें मोदी कैबिनेट में जगह नहीं मिलने वाली है।

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में स्मृति ईरानी से लेकर राजीव चंद्रशेखर सरीखे नेताओं को अहम मंत्रालयों का जिम्मा दिया गया था। इसी तरह से अनुराग ठाकुर भी खेल मंत्रालय संभाल रहे थे. हालांकि, मोदी 3.0 में अब कुल मिलाकर 20 नेताओं की एंट्री नहीं होने वाली है, क्योंकि पीएम आवास पर संभावित मंत्रियों की बैठक हो चुकी है, जिसमें ये नेता नहीं पहुंचे हैं। इससे ये साफ हो गया कि इन्हें इस बार मोदी कैबिनेट में शामिल नहीं किया जाएगा।

जिन नेताओं को कैबिनेट में शामिल नहीं किया जाएगा। उसमें स्मृति ईरानी, अनुराग ठाकुर, राजीव चंद्रशेखर, अजय मिश्रा टेनी, जनरल वीके सिंह, अश्विनी चौबे और नारायण राणे का नाम शामिल है। इसी तरह से अजय भट्ट, साध्वी निरंजन ज्योति, मीनाक्षी लेखी, राजकुमार रंजन सिंह, आरके सिंह, अर्जुन मुंडा, निशीथ प्रमाणिक, सुभाष सरकार, जॉन बारला, भारती पंवार, रावसाहेब दानवे, कपिल पाटिल, नारायण राणे और भगवत कराड को भी कैबिनेट में जगह नहीं मिली है।

हालांकि, इनमें से कुछ नेता ऐसे हैं, जिन्हें चुनावी हार मिली है, जबकि कुछ को इस बार बीजेपी ने लोकसभा का टिकट भी नहीं दिया था। इसके अलावा कुछ नेता ऐसे भी हैं, जिन्हें टिकट भी मिला और वह चुनाव भी जीते, लेकिन कैबिनेट से उन्हें दूर रखा गया है।

जीतने वाले नेता: अजय भट्ट, अनुराग ठाकुर और नारायण राणे ऐसे नेता हैं, जो अपनी-अपनी सीटों से भारी मतों से जीतकर आए हैं. इसके बाद भी उन्हें कैबिनेट में नहीं रखा गया है ।

हारने वाले नेता: साध्वी निरंजन, आर के सिंह, अर्जुन मुंडा, स्मृति ईरानी, राजीव चंद्रशेखर, निशीथ प्रमाणिक, अजय मिश्र टेनी, सुभाष सरकार, भारती पंवार, राव साहेब दानवे और कपिल पाटिल को इस बार चुनाव में हार मिली।

टिकट कटा: मीनाक्षी लेखी, राजकुमार रंजन सिंह, जनरल वीके सिंह, जॉन बारला और अश्विनी चौबे को इस बार टिकट नहीं दिया गया था।

बिहार में बालू लदा ट्रेक्टर रोकने पर सिपाही को कुचला, मौके पर मौत

औरंगाबाद : औरंगाबाद के दाउदनगर थाना क्षेत्र के मुसेपुर खैरा गांव के पास रविवार की सुबह अवैध बालू लदे ट्रैक्टर
ने एक सिपाही को कुचल दिया, जिससे उसकी मौत घटनास्थल पर ही हो गई। पुलिस की डायल 112
की टीम ने उन्हें दाउदनगर के निजी हॉस्पिटल में पहुंचाया, जहां के चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित
कर दिया।

जानकारी के अनुसार 29 वर्षीय दीपक सिंह जिला पुलिस बल के जवान थे। और दाउदनगर थाना में खनन में पदस्थापित थे। मृतक सिपाही भोजपुर जिले के आरा के सरैया थाना क्षेत्र के कुदरिया गांव के निवासी बताए जाते हैं।

उनकी ड्यूटी सिपहां चेक पोस्ट से नहर वाले रास्ते में अवैध खनन को रोकने के लिए लगी हुई थी। इसी
दौरान अवैध बालू लदे ट्रैक्टर को खदेड़ने के क्रम में मूसेपुर खैरा के पास यह घटना घटी है। बताया जाता
है पुलिस ने अवैध बालू लदे ट्रैक्टर का पीछा किया। मूसेपुर खैरा के पास सिपाही ने वाहन से उतरकर
ट्रैक्टर को रोकने का प्रयास किया।

इस दौरान ट्रैक्टर ने धक्का मार दिया, जिससे वो जख्मी होकर गिर पड़े। अवैध बालू लदे ट्रैक्टर को
खदेड़ने के क्रम में यह दुर्घटना हुई है। एसडीपीओ कुमार ऋषिराज, पुलिस इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार,
थानाध्यक्ष फहीम आजाद खान समेत अन्य पुलिस पदाधिकारियों ने अस्पताल में पहुंचकर घटना की
जानकारी ली। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया।

जिस व्यक्ति के ट्रैक्टर से यह घटना हुई है, उसकी पहचान कर ली गई है। एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। ट्रैक्टर को भी जब्त करने का प्रयास किया जा रहा है।

पहली बार भारत पहुंचे मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू; मेहमानों की सुरक्षा में 2500 जवान तैनात

नई दिल्ली :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री बनेंगे। शाम 7:15 बजे राष्ट्रपति भवन में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस समारोह में शामिल होने के लिए भारत के 7 पड़ोसी देशों के लीडर्स को न्योता दिया गया है।

शपथ ग्रहण के लिए महमानों के आने का सिलसिला शुरू हो चुका है। रविवार सुबह मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू पहली बार भारत पहुंचे। उनके ठीक बाद मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जुगनॉथ भी दिल्ली आए।

दोपहर करीब 12 बजे भूटान के PM दाशो शेरिंग तोबगे और फिर श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे। नेपाल के PM प्रचंड भी कुछ देर में भारत आने वाले हैं। वहीं बांग्लादेश की PM शेख हसीना औरसेशेल्स के उपराष्ट्रपति अहमद अफीफ एक दिन पहले शनिवार दोपहर ही भारत आ गए थे।

भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ पॉलिसी और ‘सागर’ मिशन के तहत इन देशों को समारोह में बुलाया गया है। विदेशी मेहमानों के ठहरने की व्यवस्था दिल्ली के सबसे बड़े होटलों में की गई है। इनमें ITC मौर्या, ताज होटल, ओबेरॉय, क्लैरिजेस और लीला होटल शामिल हैं। इनकी सुरक्षा के लिए पैरामिलिट्री और दिल्ली की आर्म्ड पुलिस के 2500 जवानों को तैनात किया गया है।

इसके अलावा इलाके में स्नाइपर और पुलिसबल भी मौजूद रहेगा। विदेशी लीडर्स के एयरपोर्ट से होटल और वेन्यू तक के रास्ते की ड्रोन्स के जरिए निगरानी की जाएगी। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना इस कार्यक्रम के लिए शनिवार को ही भारत पहुंच गई थीं। हालांकि, सभी विदेशी महमानों में सबसे ज्यादा नजर मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के दौरे पर रहेगी।

शनिवार को शपथ ग्रहण समारोह का आमंत्रण स्वीकार करते हुए मुइज्जू ने कहा था, “इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होना मेरे लिए सम्मान की बात है। मैं PM मोदी के साथ मिलकर मालदीव-भारत के रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए काम करता रहूंगा।”

दरअसल, पिछले साल नवंबर में मुइज्जू के राष्ट्रपति बनने के बाद से मालदीव और भारत के बीच तनाव रहा है। अपने चुनाव कैंपेन के दौरान भारत के 88 सैनिकों को मालदीव से निकालने के लिए मुइज्जू ने ‘इंडिया आउट’ का नारा दिया था। राष्ट्रपति बनने के बाद वे सबसे चीन के दौरे पर गए, जबकि आमतौर पर मालदीव के प्रेसिडेंट पद संभालने के बाद पहले भारत की यात्रा करते हैं।

‘नेबरहुड फर्स्ट’ पॉलिसी भारत की विदेश नीति का मूल हिस्सा है। इसका खाका 2008 में तैयार किया गया था। 2014 में सत्ता में आने से पहले ही मोदी ने कहा था कि वे पड़ोसी देशों को अपनी विदेश नीति में सबसे ऊपर रखेंगे। नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी का मकसद भारत के पड़ोसी देशों के साथ फिजिकल, डिजिटल, ट्रेड रिलेशन्स और लोगों से लोगों के जुड़ाव को मजबूत करना है।

ORF की रिपोर्ट के मुताबिक, नेबरहुड फर्स्ट अप्रोच का मकसद इंडियन सबकॉन्टीनेंट में स्थिरता और विकास को बढ़ावा देना है। विदेश मामलों के विशेषज्ञों के मुताबिक, क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के मकसद से भी इस पॉलिसी की शुरुआत की गई थी।

नरेंद्र मोदी के साथ अमित शाह, ललन सिंह, मोहन नायडू, सहित ये मंत्री लेंगे शपथ

नई दिल्ली :  नरेंद्र मोदी आज शाम 7:15 बजे प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. उनके साथ उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी भी शपथ लेंगे। शपथ लेने वाले मंत्रियों की संभावित सूची जारी हो गई है। वहीं टीडीपी के नेता जयदेव गल्ला ने ट्‌वीट करके यह बताया है कि उनकी पार्टी के नेता राम मोहन नायडू मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेंगे जबकि पार्टी के एक अन्य सांसद चंद्रशेखर पेम्मासानी राज्य मंत्री के रूप में शपथ लेंगे।

जानकारी के अनुसार संभावित मंत्री शपथ लेने से पहले प्रधानमंत्री के साथ चाय पीने पहुंचे हैं। सूत्रों के हवाले से जो जानकारी सामने आ रही है उसके अनुसार बीजेपी गृह, वित्त, रक्षा और विदेश मंत्रालय अपने पास रखेगी, जबकि सहयोगियों को अन्य विभागों की जिम्मेदारी दी जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह राजघाट गए और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उसके बाद वे बीजेपी और सहयोगी दलों के दिग्गज नेताओं से मुलाकात की । उनके आवास पर पहुंचने वाले नेताओं में अमित शाह, शिवराज सिंह चौहान, राजनाथ सिंह, किरन रिजिजू, ज्योतिरादित्य सिंधिया, मनोहरलाल खट्टर, जयंत चौधरी जैसे नेता शामिल रहे।

सूत्रों के हवाले से यह बताया जा रहा है कि जिन्हें आज शपथ लेना है, उन्हें फोन आना शुरू हो गया थे। जेडीयू से ललन सिंह, जीतनराम मांझी, लोजपा से चिराग पासवान जैसे नेताओं का नाम संभावित मंत्रियों की सूची में शामिल है।

मंत्रियों की सूची

अमित शाह बीजेपी
राजनाथ सिंह बीजेपी
नितिन गडकरी बीजेपी
पीयूष गोयल बीजेपी
ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी
रक्षा खडसे बीजेपी
जितेंद्र सिंह बीजेपी
सर्बानंद सोनोवाल बीजेपी
शिवराज सिंह चौहान बीजेपी
एस जयशंकर बीजेपी
किरन रिजिजू बीजेपी
जी किशन रेड्डी बीजेपी
राजीव रंजन सिंह जेडीयू
रामनाथ ठाकुर जडीयू
जीतन राम मांझी हम
चिराग पासवान लोजपा
मोहन नायडू टीडीपी
चंद्रशेखर पेम्मासानी टीडीपी
राव इंद्रजीत सिंह बीजेपी
अनुप्रिया पटेल अपना दल
अन्नपूर्णा देवी बीजेपी
अश्विनी वैष्णव बीजेपी
प्रताप राव जाधव शिवसेना
रामदास अठावले बीजेपी
मनसुख मांडविया बीजेपी

नरेंद्र मोदी तीसरी बार लेंगे प्रधानमंत्री पद की शपथ

नई दिल्ली :  लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों में बहुमत हासिल करने और एनडीए का नेता चुने जाने के बाद देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद की शपथ के लिए आमंत्रित किया है। आज, यानी 9 जून की शाम नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे।

देश के निवर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, यानी 9 जून को तीसरी बार देश की सत्ता संभालने जा रहे हैं। 9 जून को प्रधानमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ लेने के साथ ही वह पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद ऐसा करनेवाले देश के दूसरे प्रधानमंत्री होंगे। इस ऐतिहासिक समारोह का गवाह बनने के लिए विदेश से भी प्रतिनिधि आ रहे हैं। इनमें मालदीव, श्रीलंका, बांग्लादेश सहित कई देशों के शीर्ष नेता शामिल हैं. ऐसे में हम आपको बताते हैं कि आप इस ऐतिहासिक पल के कैसे साक्षी बन सकते हैं।

लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों में एनडीए को बहुमत मिलने और एनडीए का नेता चुने जाने के बाद देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के लिए आमंत्रित कर दिया है। इस बार पीएम मोदी की कैबिनेट में एनडीए गठबंधन दलों के नेताओं को भी वरीयता मिलेगी। इस गठबंधन में बीजेपी के अलावा टीडीपी, जेडीयू, एनसीपी, शिवसेना, एलजेपी रामविलास, समेत अन्य पार्टी और निर्दलीय सांसद भी शामिल हैं। सबने मिलकर नरेंद्र मोदी को अपना नेता चुना है. नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण की तारीख 9 जून की रखी गई है।

बता दें कि लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में तीसरी बार नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनने जा रही है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज, यानी 9 जून को शाम 7.15 बजे राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगी। पीएम मोदी लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए ऐतिहासिक शपथ लेने वाले हैं।

 

लीची लदे ट्रक की हाइजैकिंग के मामले में तीन दोषी करार, 13 को मिलेगी सजा

कोलकाता : एक दशक पहले पश्चिम बंगाल के मालदा से धनबाद जा रहे 84 हजार लीचियों से भरे एक ट्रक को आसनसोल के सालानपुर थाना क्षेत्र के मेलेकोला के पास हाइजैक कर लिया गया था। आसनसोल जिला अदालत ने केस पर 11 साल की लंबी सुनवाई के बाद मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों में से तीन आरोपियों अमित राउत, रामकुमार साव, अजय साव को दोषी करार दिया।

तीनों को न्यायिक हिरासत में फिलहाल जेल भेज दिया गया है। सरकारी अधिवक्ता स्वराज चटर्जी उर्फ बच्चू ने बताया कि न्यायाधीश 13 जून को तीनों दोषियों को सजा सुनायेंगे। आपको बतादें कि 23 मई 2013 को मालदा से 84 हजार लीची लेकर एक ट्रक धनबाद जा रहा था। उस ट्रक के सामने एक कार व एक मोटरसाइकिल आ गई और रास्ता रोक दिया।

उस कार व बाइक में सवार लोगों ने ट्रक ड्राइवर व खलासी के साथ मारपीट की और बदमाशों ने ट्रक लूट लिया और उनके मोबाइल फोन, पैसे समेत सब कुछ लेकर भाग गये। ट्रक चालक व खलासी ने सबसे पहले मामले की सूचना पास के कुल्टी थाना चौरंगी चौकी को दी।

लेकिन घटनास्थल सालानपुर थाने का होने के कारण चौरंगी फांड़ी से मामले की सूचना सालानपुर थाने को दी गयी। तभी आसनसोल ने दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस नियंत्रण कक्ष को चौरंगी फांड़ी की पुलिस ने ट्रक हाइजैकिंग में आरटी संदेश भेजा। उसी दिन शिकायत के आधार पर सालानपुर थाने में कई धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।

उस मैसेज के मिलने के बाद आसनसोल और संबंधित पुलिस स्टेशनों को अलर्ट कर दिया गया। इस बीच सालानपुर के थानेदार प्रसनजीत राय ने श्यामल विश्वास से बात करने के बाद इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज करायी। उसे पता चला कि बदमाश ट्रक को पुरुलिया की ओर ले जा रहे हैं। पुरुलिया पुलिस को इसकी सूचना दी गयी।

जिसके बाद पुरुलिया पुलिस ने लीची से भरे ट्रक को जब्त कर लिया। सालानपुर थाना प्रभारी प्रसेनजीत राय लीची लदे ट्रक के साथ तीनों आराेपियों को सालानपुर ले आये। फिर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। बाद में ट्रक चालक व खलासी ने टीआइ परेड के जरिये अपराधियों की पहचान की. इस बीच, तीनों बदमाशों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर सालानपुर पुलिस को पता चला कि अपहरण कांड में गिरफ्तार अमित राउत के अलावा रामकुमार साव, अजय राम, घनश्याम यादव और सतीश महतो उर्फ बिट्टू भी शामिल थे। पुलिस ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया है।

चाय पार्टी में शामिल होने के लिए नरेंद्र मोदी के आवास पहुंचे बीजेपी के दिग्गज नेता

नई दिल्ली :  नरेंद्र मोदी गठबंधन सरकार के प्रमुख के रूप में लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री पद की शपथ आज शाम लेने वाले हैं जिसको लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई है। बीजेपी को पूर्ण बहुमत वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के दो पूर्ण कार्यकालों के बाद इस बार चुनावों में अपने दम पर पूर्ण बहुमत नहीं मिला है।

शपथ ग्रहण से पहले नरेंद्र मोदी ने आज सुबह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी।बीजेपी नेता अमित शाह, जेपी नड्डा, बीएल वर्मा, पंकज चौधरी, शिवराज सिंह चौहान, अन्नपूर्णा देवी, अर्जुन राम मेघवाल चाय पार्टी में शामिल होने के लिए नरेंद्र मोदी के आवास 7, एलकेएम पहुंचे।

आपको बता दें कि नरेंद्र मोदी आज शाम 7.15 बजे लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे।

जमाई षष्ठी पर ममता ने जमाईयों को दी छुट्टी

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में 12 जून यानी बुधवार को जमाई षष्ठी का त्यौहार है. परंपरानुसार इस दिन जमाइयों के आदर-सत्कार करने की परंपरा है. जमाई षष्ठी पर्व के मद्देनजर ममता बनर्जी की सरकार ने राज्य सरकार के सभी कार्यालय, शहरी और ग्रामीण निकाय, निगम और शैक्षिणक संस्थानाओं और पश्चिम बंगाल सरकार के नियंत्रण वाले संस्थानों में बुधवार को आधे समय से अवकाश की घोषणा की है.

राज्य सरकार 12 जून यानि जमाई षष्ठी को आधे दिन की छुट्टी दे रही है. इसके चलते सरकारी स्कूलों, दफ्तरों में ‘आधी छुट्टी’ हो जाएगी. ऐसे में बता दें कि सरकार ने 2021 में जमाई षष्ठी के मौके पर पूरे दिन की छुट्टी दी थी. लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है. इस बार राज्य सरकार ने आधे दिन की छुट्टी की घोषणा की है.

अक्षया तृतीया के बाद जमाई षष्ठी मनाई जाती है. सास दामाद की आवभगत में व्यस्त हो गई. इस दिन जमाई की सेवा और खातिरदारी की जाती है. परंपरा के अनुसार सास सुबह जल्दी नहाकर षष्ठी देवी की पूजा करती हैं और दामाद के लिये खाना बनाती है. लेकिन अगर दामाद को ऑफिस से छुट्टी न मिले तो सारी व्यवस्था चौपट हो जाती है. इसलिए दामाद को पहले ही छुट्टी लेनी पड़ती है. अन्यथा ‘आपातकाल’ का हवाला देकर छुट्टी लेनी पड़ेगी. इसके चलते कार्यालय में सार्वजनिक अवकाश की स्थिति है.राज्य सरकार ने ‘जमाईयों’ के बारे में सोचकर नया फैसला लिया है. सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी ‘आधी’ छुट्टी तो प्राइवेट नौकरी करने वाले दामादों का क्या होगा?

गर्मी से तप रहा है कोलकाता, पांच जिलों में आ सकती है आंधी

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के दक्षिण बंगाल में छिटपुट बारिश की संभावना है लेकिन गर्मी अभी कम नहीं हो रही है. कई दिनों तक मौसम की असहजता बनी रहेगी। वहीं, मौसम विभाग ने शनिवार को दक्षिण बंगाल के तीन जिलों में लू की चेतावनी जारी की है। उन तीन जिलों के अलावा दक्षिण बंगाल के अन्य जिलों में भी तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने का अनुमान है।

मानसून में अभी देर है। उससे पहले बंगाल के लोगों को एक बार और गर्मी में झुलसना पड़ सकता है। कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के सभी जिलों में पिछले कुछ दिनों से लोगों को उमस के कारण गर्मी और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि छिटपुट बारिश हुई, लेकिन गर्मी से कोई राहत नहीं मिली। ऐसे में मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में हालात बदलने की कोई उम्मीद नहीं है। इसके उल्ट अगले कुछ दिनों में तापमान कुछ और बढ़ सकता है. हालांकि छिटपुट बारिश की भी संभावना है।

अलीपुर ने बताया कि पश्चिम बर्दवान, पश्चिम मेदिनीपुर और बांकुड़ा जिलों के कुछ स्थानों पर लू की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। परिणामस्वरूप,यह क्षेत्र अत्यधिक गर्म रहेगा। पूरे दक्षिण बंगाल में पारा बढ़ेगा। अलीपुर मौसम विभाग ने कहा कि दक्षिण 24 परगना, मेदनीपुर, बीरभूम और मुर्शिदाबाद में भी शनिवार की दोपहर के बाद हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

ध्यान दें कि दक्षिण बंगाल में शुक्रवार से तापमान में बढ़ोतरी महसूस की जा रही है। दक्षिण बंगाल गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। हवा में नमी भी परेशानी का कारण बन रही है। शनिवार को भी यही स्थिति रही। कोलकत्ता भी गर्मी में तप रहा है। शनिवार को कोलकाता में अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 37.1 डिग्री सेल्सियस और 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक है।

भुवनेश्वर से कोलकाता जा रही बस दुर्घटनाग्रस्त, 15 घायल

कोलकाता : भुवनेश्वर से कोलकाता जा रही एक निजी बस पश्चिम मेदिनीपुर जिले के नारायणनगर
इलाके में अनियंत्रित होकर पलट गई। इस घटना में करीब 15 यात्री घायल हुए हैं।

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, यह हादसा शनिवार सुबह खड़गपुर-बालेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग 60 पर हंडला राजगढ़ इलाके में हुआ। घटना की सूचना नारायणनगर थाने की पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर नारायणगढ़ पुलिस और राष्ट्रीय
राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी मौके पर पहुंचे।

घायलों का मकरमपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज चल रहा है। उधर, हादसे से राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लग गया। पुलिस के प्रयास से स्थिति सामान्य हुई।

मणिपुर में फिर भड़की हिंसा,जिरिबाम के राहत शिविर पहुंचे 200 से ज्यादा लोग

इंफाल : मणिपुर में फिर हिंसा भड़कने के बाद जिरिबाम से 30 किलोमीटर दूर गांवों के राहत शिविरों में रह रहे 200 से अधिक लोगों को जिरिबाम के राहत शिविर में लाया गया है। मणिपुर पुलिस ने शनिवार को बताया कि जिरिबाम जिले के बाहरी गांवों लमताई खुनौ, बेगरा, नूनखाल, दिबोंग खुनौ आदि में रह रहे लोगों के घरों को ग्रामीणों ने जला दिया था। मणिपुर पुलिस इन शिविरों की सुरक्षा के लिए कमांडो पुलिस को तैनात किया है।

उल्लेखनीय है कि गुरुवार को सोइबाम शरत कुमार सिंह (59) नामक एक व्यक्ति की अज्ञात हमलावरों द्वारा की गई हत्या के बाद जिरिबाम में हिंसा भड़क गई थी। वहां आसपास के गांवों में खाली पड़े घरों को जला दिया गया। हालांकि, इन घरों में रहने वाले लोग पहले से ही शरणार्थी शिविरों में विस्थापित थे।

इधर, मणिपुर में आत्मरक्षा के लिए लाइसेंसी हथियार रखने वाले लोगों ने हथियार वापस दिए जाने के लिए प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इनका कहना है कि चुनाव के मौके पर जमा कराये गये हथियार वापस दिए जाने में विलंब किया जा रहा है। इसके कारण उनकी जान-माल को खतरा उत्पन्न हो गया है।

उल्लेखनीय है कि जिरिबाम मणिपुर का एक ऐसा स्थान है, जहां नगा, कूकी, गैर-मणिपुरी, मणिपुरी, मैतेई और मुस्लिम आदि सभी समुदाय के लोग रहते हैं। बीते एक वर्ष से चल रही हिंसा का असर जिरिबाम में नहीं देखा गया था। हालांकि, सरकार द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने की हर संभव कोशिश की जा रही है।