पार्क स्ट्रीट के रेस्तरां में भयावह आग, 15 दमकल मौके पर पहुंची

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के एलन पार्क के बगल में पार्क स्ट्रीट पर एक रेस्तरां में भयावह आग लग गई। मौके पर दमकल की कई गाड़ियां पहुंचीं है। रेस्तरां के आस-पास बहुमंजिली इमारत और कई कार्यालय हैं। एक-एक कर गैस सिलेंडर बाहर निकाला जा रहा हैं। हालांकि आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है। आग तेजी से फैलते जा रहा है और लोगों में दहशत का माहौल है।

मंगलवार सुबह व्यस्त समय के दौरान जब यह हादसा हुआ तो 5 इंजन मौके पर पहुंचे. लेकिन आग काबू में नहीं होने पर बाद में और इंजन बुलाये गये। आखिर में दमकल की 15 गाड़ियों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर तक आग पर काबू पाया।

अग्निशमन मंत्री सुजीत बसु भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आग पर नियंत्रण के लिये पुलिस और अग्निशमन अधिकारियों से बात की। सुजीत बोस ने कहा आग क्यों लगी इसके कारणों का पता भी लगाया जाएगा। फिलहाल आग को पूरी तरह से बुझाकर क्षेत्र को सुरक्षित करने पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। वहीं, सुजीत ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि फायर ब्रिगेड ने अच्छा काम किया है और आग पर जल्द काबू पा लिया है। उन्होंने स्थानीय लाेगों से बात की और आश्वासन दिया कि आग पर जल्द काबू कर लिया जाएगा।

अस्थायी एस्बेस्टस छत और विभिन्न ज्वलनशील सामग्रियों के कारण रेस्तरां में आग तेजी से फैल गई। रेस्तरां के अंदर कई ज्वलनशील पदार्थों के अलावा गैस सिलेंडर भी थे। हालांकि सिलेंडर फटने से पहले ही फायर ब्रिगेड ने तुरंत सिलेंडर को हटाने का इंतजाम कर लिया।

स्थानीय निवासियों का मानना ​​है कि अन्यथा आग और भी गंभीर रूप ले सकती थी। लेकिन आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि रेस्तरां की अस्थायी छत टूटकर नीचे गिरने लगी। दूसरी ओर, रेस्तरां के अंदर फंसे लोगों को भी कथित तौर पर बचाया गया। अग्निशमन विभाग के मुताबिक तीन-चार लोग अंदर फंसे हुए थे। उन्हें पहले ही अंदर से बाहर निकाला जा चुका था। इसके बाद आग बुझाने की कोशिशें जोरों से शुरू हो गईं।

कोलकाता के मौलाली में चलती बस का गेट टूटा, सड़क पर गिरे यात्री

कोलकाता :  कोलकाता में चलती बस का दरवाजा अचानक टूट गया। कई यात्री सड़क पर गिर गये। यह घटना मंगलवार सुबह कोलकाता के मौलाली में घटी। 6 घायल यात्रियों को नीलरतन सरकार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इलाज जारी है। पुलिस ने बस ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना के बाद पुलिस की ओर से लगातार तेज चलने वाली बसों पर निगरानी रखने का निर्देश जारी किया गया है।

कोलकाता में प्रतिदिन हजारों बसें चलती हैं। अन्य दिनों की तरह मंगलवार की सुबह रूट 24ए/1 की एक बस हावड़ा से मुकुंदपुर जा रही थी। बस का पिछला दरवाजा खुला था। सामने का हिस्सा बंद था। घटना मौलाली की है। अचानक, सामने का बंद दरवाजा सड़क पर जा गिरा। बस तेज थी। इससे 6 यात्री सड़क पर गिर गये। स्थानीय मदद के लिए दौड़े। पुलिस भी घटनास्थल पहुंची । घायलों को तुरंत उद्धार कर एनआरएस अस्पताल पहुंचाया।

बस ड्राइवर और कंडक्टर को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि कार्यालय जाने के समय में बस अतिरिक्त यात्रियों को लेकर चल रही थी। इस बीच, सामने का बंद दरवाजा हिल गया। यही इस हादसे का कारण है। वैसे, कभी स्पीड के कारण तो कभी प्रतिस्पर्धा के कारण अक्सर यात्रियों को बस की वजह से खतरा होता है। एक के बाद एक कई लोग बस में सफर करते वक्त डर का शिकार हो रहे हैं।

जयशंकर ने विदेश, अश्विनी वैष्णव ने रेलवे और गिरिराज सिंह सहित बाकी मंत्रियों ने संभाला पदभार

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। नई सरकार में चार हाई- प्रोफ़ाइल मंत्रालय – गृह, रक्षा, वित्त और विदेश का प्रभार क्रमशः अमित शाह, राजनाथ सिंह, निर्मला सीतारमण और एस जयशंकर को दिया गया हैं।

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में सोमवार शाम को मंत्रियों के बीच मंत्रालयों का बंटवारा हो जाने के अगले दिन मंगलवार से मंत्रियों ने अपने-अपने मंत्रालय का कार्यभार संभालना शुरू कर दिया है।

अपने-अपने मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद मोदी सरकार के इन मंत्रियों ने जिम्मेदारी देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद कहते हुए अपने-अपने मंत्रालय की चुनौतियों और प्राथमिकताओं के बारे में भी बताया।

राजनयिक से नेता बने एस. जयशंकर ने मंगलवार को लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए विदेश मंत्री के रूप में पदभार संभाला। जयशंकर (69) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उन वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं, जिन्हें पिछली सरकार में संभाले गए मंत्रालयों की ही जिम्मेदारी दी गई है। जयशंकर ने ‘एक्स’ पर कहा, ”विदेश मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। मुझे यह जिम्मेदारी सौंपने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद।” विदेश मंत्री के रूप में वर्ष 2019 से कार्यभार संभालने वाले जयशंकर ने वैश्विक मंच पर कई जटिल मुद्दों को लेकर भारत के रुख को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने की अपनी क्षमता का आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया है।

भूपेंद्र यादव ने संभाला कार्यभार: पीएम मोदी कैबिनेट के मंत्री भूपेन्द्र यादव ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री का पदभार संभाला। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में इस मंत्रालय द्वारा पिछले कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। पीएम मोदी ने एक पेड़ मां के नाम अभियान की शुरुआत की है। सरकार पर्यावरण और विकास को साथ-साथ लेकर आगे बढ़ रही हैं।

राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने संभाला अपना कार्यभार: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने संभाला कार्यभार और बोले, “पीएम नरेंद्र मोदी ने मुझे बड़ी जिम्मेदारी दी है। इस जिम्मेदारी को सर्वोत्तम संभव तरीके से निभाऊंगा…”

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक बार फिर से रेल मंत्रालय का कार्यभार संभाल लिया है। कार्यभार संभालते ही वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेल हमारे देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ की हड्डी है। दस वर्षों में रेलवे में बहुत बड़े सुधार हुए हैं, रेलवे के साथ पीएम मोदी का बहुत भावनात्मक संबंध है, रेलवे पर उनका खास फोकस है और उन्हें फिर से रेलवे की जिम्मेदारी देने के लिए वह प्रधानमंत्री के प्रति आभारी हैं।

अश्विनी वैष्णव ने सूचना और प्रसारण (I&B) मंत्री के रूप में भी कार्यभार संभाला। सूचना और प्रसारण (I&B) मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद, अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार गरीबों के लिए समर्पित है। आपने देखा कि कल प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकाल के पहले ही दिन गरीबों और किसानों को समर्पित फैसले लिए हैं। युवाओं और नारी शक्ति के लिए और ज्यादा काम करेंगे।

कैबिनेट मंत्री जितेंद्र सिंह के शेड्यूल में हुआ बदलाव: कैबिनेट मंत्री जितेंद्र सिंह के शेड्यूल में थोड़ा बदलाव किया गया है। डॉ. जितेन्द्र सिंह 11.30 बजे के बजाय सुबह 10 बजे कार्यभार ग्रहण करेंगे। उन्हें कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग दिया गया है।

जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने संभाला कार्यभार: मोदी की नई कैबिनेट में जहाजरानी मंत्री बनाए गए सर्बानंद सोनोवाल ने अपना कार्यभार संभाल लिया है।

गिरिराज सिंह ने संभाला टेक्सटाइल मिनिस्टर का कार्यभार: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने टेक्सटाइल मिनिस्टर के रूप में अपना पदभार संभाल लिया है। गिरिराज सिंह ने कहा, “टेक्सटाइल ऐसा सेक्टर है जहां सबसे ज्यादा नौकरी आती है। आज दुनिया में भी हमारा निर्यात का अच्छा शेयर है। टेक्सटाइल आने वालों दिनों में देश के आकांक्षाओं के अनुरूप आगे जाएगा।”

हरदीप पुरी ने संभाला अपने मंत्रालय का कार्यभार: हरदीप पुरी ने अपने मंत्रालय का कार्यभार संभाल लिया है। सुरेश गोपी ने संभाला पदभार, कही दी ये बड़ी बात: केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के राज्य मंत्री का पदभार संभाला लिया है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी उपस्थित रहें। केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने कहा, “यह मंत्रालय मेरे लिए नया है, मुझे इस मंत्रालय की उम्मीद नहीं थी, इसलिए यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। मुझे निश्चित रूप से उन संभावनाओं पर गौर करना होगा, जिस पर प्रधानमंत्री मुझसे आशा कर रहे हैं…”

मनोहर लाल खट्टर ने संभाला बिजली मंत्री का पदभार: केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बिजली मंत्री का पदभार संभाल लिया है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने नए मंत्रिमंडल में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री का कार्यभार संभाला। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, “प्रधानमंत्री ने जो जिम्मेदारी दी है उसे इमानदारी से निभाने के संकल्प के साथ यहां आया हूं। फूड प्रोसेसिंग एक बड़ी जिम्मेदारी है, आने वाला समय फूड प्रोसेसिंग का ही है… मैं, मेरे पिता राम विलास पासवान से सीखते हुए उनकी सोच को आगे बढ़ाते हुए और प्रधानमंत्री के विकसित देश के संकल्प को पूरा करने के उद्देश्य से इस विभाग की एक अहम भूमिका देखता हूं।”

इनके अलावा एल. मुरुगन ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में राज्य मंत्री का कार्यभार संभाला। तो संजय सेठ ने रक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री का पदभार संभाला और किरेन रिजिजू ने संसदीय कार्य मंत्री का कार्यभार संभाल लिया है।

मोदी कैबिनेट में विभागों का बंटवारा

नई दिल्ली : मोदी सरकार का तीसरा कार्यकाल शुरू हो गया है। रविवार शाम को नरेंद्र मोदी ने कुल 71 मंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके 24 घंटे बाद सोमवार को मंत्रियों को विभागों का बंटवारा किया गया है। इस कैबिनेट की खास बात ये होगी कि कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) मंत्रालयों में यथास्थिति रखी गई है।

CCS या केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा संबंधी समिति में गृह, रक्षा, वित्त और विदेश मंत्रालय शामिल होते हैं। यह सुरक्षा संबंधी मामलों पर फैसला लेने वाली देश की सर्वोच्च समिति होती है। इस कार्यकाल में भी गृह मंत्रालय का कार्यभार अमित शाह संभालेंगे। इनके अलावा राजनाथ सिंह ही रक्षा मंत्री रहेंगे और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर को ही बनाया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पास कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग; सभी महत्वपूर्ण नीतिगत मुद्दे; और अन्य सभी विभाग जो किसी भी मंत्री को आवंटित नहीं किए गए हैं, वो अपने पास ही रखी है।

मंत्रालय और मंत्रियों की लिस्ट
राजनाथ सिंह- रक्षा मंत्री।
अमित शाह- गृह मंत्री तथा सहकारिता मंत्री।
नितिन जयराम गडकरी- सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री।
जगत प्रकाश नड्डा- स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री तथा रसायन और उर्वरक मंत्री।
शिवराज सिंह चौहान- कृषि और किसान कल्याण मंत्री तथा ग्रामीण विकास मंत्री।
निर्मला सीतारमण- वित्त मंत्री तथा कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री।
डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर- विदेश मंत्री।
मनोहर लाल- आवास और शहरी मामलों के मंत्री तथा बिजली मंत्री।
एच. डी. कुमारस्वामी- भारी उद्योग मंत्री तथा इस्पात मंत्री।
पीयूष गोयल- वाणिज्य और उद्योग मंत्री।
धर्मेंद्र प्रधान- शिक्षा मंत्री।
जीतन राम मांझी- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री।
राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह- पंचायती राज मंत्री तथा मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री।
सर्बानंद सोनोवाल बंदरगाह- जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री।
डॉ. वीरेंद्र कुमार- सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री।
किंजरापु राममोहन नायडू- नागरिक उड्डयन मंत्री।
प्रहलाद जोशी- उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री।
जुएल ओराम- जनजातीय मामलों के मंत्री।
गिरिराज सिंह- कपड़ा मंत्री।
अश्विनी वैष्णव- रेल मंत्री सूचना और प्रसारण मंत्री तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री।
ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया- संचार मंत्री तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री।
भूपेंद्र यादव- पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री।
गजेंद्र सिंह शेखावत- संस्कृति मंत्री तथा पर्यटन मंत्री।
अन्नपूर्णा देवी- महिला और बाल विकास मंत्री
किरेन रिजिजू- संसदीय मामलों के मंत्री तथा अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री।
हरदीप सिंह पुरी- पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री श्रम और रोजगार मंत्री और युवा मामले एवं खेल मंत्री।
जी. किशन रेड्डी- कोयला मंत्री और खान मंत्री।
चिराग पासवान- खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री।
सी.आर. पाटिल- जल शक्ति मंत्री।

कैबिनेट गठन के बाद बंगाल को भी मिला हजारों करोड़ रुपये

कोलकाता: मोदी कैबिनेट का गठन हो चुका है। अब केंद्र सरकार की ओर से राज्य के लिए बड़ी खुशखबरी है। नई कैबिनेट के गठन के बाद पहली ही बैठक में केन्द्र मोदी सरकार ने बंगाल के लिए 10 हजार करोड़ रुपये जारी कर दिये। केंद्र सरकार राज्य सरकार को कर हस्तांतरण या अग्रिम किस्तें देती हैं।

केन्द्रीय बजट के अनुसर वर्ष 2024-25 के मद्देनजर राज्य सरकारों को कुल केंद्रीय बजट के अनुसर वर्ष 2024-25 के बजट में राज्य को कुल 1,39,750.92 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। संयोग से, केंद्र यह पैसा राज्य के सामाजिक और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए देता है।

बंगाल को मिला 10,513.46 करोड़ रुपये

सर्वाधिक आवंटन उत्तर प्रदेश के लिए है, हमेशा की तरह योगी आदित्यनाथ के राज्य को 25,069.88 करोड़ रुपये मिले हैं। अगला नंबर है बिहार का है और नीतीश सरकार को 14,056.12 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं जबकि मध्य प्रदेश को 10,970.44 करोड़ रुपये और पश्चिम बंगाल को मिला है 10,513.46 करोड़ रुपये।

संयोग से प्रत्येक वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार के कर राजस्व का 41 प्रतिशत राज्य सरकारों को 14 किस्तों में भुगतान किया जाता है। 2024-25 के बजट के मुताबिक केंद्र सरकार राज्य सरकारों को कुल 12,19,783 करोड़ रुपये देगी। इस आवंटन के साथ, 10 जून 2024 तक राज्यों को हस्तांतरित किये गये कुल राशि (वित्त वर्ष 2024- 25 के लिए) रु. 2,79,500 करोड़ रुपये हैं।

भीषण गर्मी की चपेट में दक्षिण बंगाल, कुछ हिस्सों में हो रही बारिश

कोलकाता: बंगाल के एक कोने में जमकर बारिश हो रही है जबकि दूसरे कोने में लोग बारिश के लिए तरस रहे हैं। दक्षिण बंगाल में गर्मी के साथ उमस से लोगों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। साथ ही कहीं-कहीं फिर से लू चलने की भी आशंका है। ऐसे में बारिश को लेकर मौसम विभाग ने ताजा अपडेट दिया है।

मौसम विभाग सूत्रों के अनुसार मंगलवार(11 जून) को भी दक्षिण बंगाल के कुछ जिलों में लू चलने की संभावना है। हालांकि, सभी जिलों में भीषण गर्मी और असहज जैसी स्थिति बनी रहेगी। अगले 48 घंटों में दक्षिण बंगाल के मौसम में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।

अलीपुर मौसम विभाग ने कहा कि दक्षिण बंगाल के छह जिलों में मंगलवार को लू चलने की संभावना है। हुगली, पश्चिमी मिदनापुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया, बांकुरा और बीरभूम में लू चलने का खतरा है। हालांकि, इन छह जिलों में से बांकुरा और पश्चिमी मिदनापुर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा दक्षिण बंगाल के बाकी जिलों में भी तापमान बढ़ेगा। साथ ही उमस से परेशानी भी बनी रहेगी।

मौसम कार्यालय सूत्रों के अनुसार गुरुवार से दक्षिण बंगाल में मौसम बदल सकता है। ऐसे में इन दिनों दक्षिणी जिलों में गरज के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। शुक्रवार से बारिश की मात्रा बढ़ सकती है। लेकिन दक्षिण बंगाल के लोगों को अभी गर्मी से बहुत ज्यादा राहत मिलने की संभावना है।

मंगलवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। वहीं न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। सोमवार को कोलकाता में अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस था। जो सामान्य से 3.1 डिग्री सेल्सियस अधिक है। न्यूनतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस रहा। जो सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक है।

मालगाड़ी की चपेट में आने से 2 बच्चियों की मौत

गया :बिहार के गया जिले में दर्दनाक हादसा सामने आया है। जब रेल ट्रैक पार कर रहीं दो मासूम बच्चियां मालगाड़ी की चपेट में आ गई और मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। हालांकि अभी तक दोनों की पहचान नहीं हो सकी है। बच्चियों की उम्र 7 साल और 5 साल बताई जा रही है।

घटना गया जंक्शन के बेस्ट केबिन के पास आज सुबह करीब 7 बजे घटी। अभी तक दोनों बच्चियों की शिनाख्त नहीं हो सकी है और न ही उनके परिजनों का पता चल सका है। फिलहाल पुलिस परिजनों और घटना से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच में जुटी है।

रेल ट्रैक पर दो बच्चियों की मौत की खबर मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को उठवाया। इस घटना के बाद जंक्शन पर हड़कंप मच गया। घटना जब घटी तो बच्चियां ट्रैक पार कर रहीं थी और मालगाड़ी को आते देख नहीं सकी। जिसके चलते चपेट में आ गई। दोनों बच्चियां नाबालिग है. मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस और प्रशासन को घटना की सूचना दी।

मदन मित्रा और शोभन चटर्जी की हुई अदलत में पेशी

कोलकाता: नारद स्टिंग मामले में विधायक मदन मित्रा और शोभन चटर्जी कोलकाता के सिटी सेशन कोर्ट की विशेष इडी अदालत में जज प्रशांत मुखोपाध्याय के चेंबर में सुनवाई के लिए पेश हुए।

इस मामले की सुनवाई के दौरान इस मामले की जांच की प्रगति पर बचाव पक्ष की तरफ से वकील श्यामल घोष ने सवाल उठाया है।

वहीं इडी की ओर से वकील अभिजीत भद्रा ने भी अपना पक्ष रखा. दोनों पक्ष की बातों को सुनने के बाद अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 28 अगस्त तय की है।

मंत्रालय बंटवारे पर बोले- बिहार को मिला झुनझुना : तेजस्वी यादव

पटना: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बड़ी आशंका जतायी है. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं, लेकिन इस बार वो देश के सबसे कमजोर प्रधानमंत्री होंगे। उन्होंने कहा कि इस बार की जो सरकार है, वह बैसाखी पर है। वहीं मंत्रिमंडल में विभाग के बंटवारे पर बिहार को लेकर उन्होंने कहा कि यहां के लोगों को झुनझुना दे दिया गया है। वैसे मेरा मानना है मंत्रालय किसी को भी मिले काम होना चाहिए। तेजस्वी ने एक्स पर प्रतिक्रिया जाहिर की. साथ ही केंद्रीय मंत्रिमंडल के नवनियुक्त सदस्यों को शुभकामनाएं भी दीं।

तेजस्वी यादव ने जेडीयू भाजपा और एनडीए सहयोगियों को विभाग आवंटन को ‘झुनझुना’ बताया है और कहा है कि बिहार के नए मंत्रियों को दिए गए विभाग उतने महत्वपूर्ण नहीं थे जितना कि राज्य की भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के गठन में सहयोगी दल अहम विभागों पर सौदेबाजी कर सकते थे। मुझे लगता है कि बिहार के मंत्रियों को सिर्फ झुनझुना दिया गया है। नई सरकार के गठन में बिहार ने बड़ी भूमिका निभाई है। बेशक, विभागों का बंटवारा करना प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है।

बिहार में महागठबंधन का नेतृत्व करनेवाले राजद नेता तेजस्वी ने कहा कि लोकसभा नतीजों के बाद विपक्ष मजबूत हो गया है, क्योंकि भाजपा संसद में बहुमत से पीछे रह गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली यह सरकार संकट में है क्योंकि भाजपा अपने दम पर बहुमत हासिल करने में विफल रही है। यह तीसरी बार पीएम मोदी के नेतृत्व वाली एक कमजोर सरकार है। तेजस्वी ने कहा कि जेडीयू जो 12 सांसदों के साथ एनडीए में एक प्रमुख सहयोगी है, उसे बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए आगे आना चाहिए।

तेजस्वी यादव ने एक बार फिर बिहार के विशेष दर्जे की मांग उठाई और कहा, बिहार इस बार मजबूत स्थिति में इसलिए मोदी जी से विशेष राज्य का दर्जा जैसे मुद्दे पर बात करनी चाहिए। तेजस्वी यादव ने देश में जाति गणना की मांग भी की। तेजस्वी ने कहा कि नरेंद्र मोदी 2019 के पहले बार-बार यह वादा करते रहे हैं। हालांकि इस चुनाव में उन्होंने एक बार भी इस मुद्दे पर कोई बात नहीं की, लेकिन बिहार इस बार मजबूत स्थिति में है, उसे केंद्र सरकार से इस मसले पर बात जरूर करनी चाहिए।

पार्टी और गठबंधन के लोकसभा चुनाव में प्रदर्शन पर तेजस्वी यादव ने कहा कि पिछले बार हमें जीरो सीट आया था। इस बार बढ़कर आया है और अगली बार चार गुना सीट बढ़ेगा। 2019 के चुनाव में बिहार से विपक्ष का मात्र एक सांसद था, लेकिन इस बार बिहार में 9-9 सांसद विपक्ष को दिए हैं। हम भी राज्य में विपक्षी दलों में सबसे बड़ी पार्टी हैं। उन्होंने कहा कि इस बार विपक्ष बहुत मजबूत है और सरकार को निष्पक्ष रहना पड़ेगा, नहीं तो पार्लियामेंट में इस बार ईंट से ईंट बजेगा।

चकाई-देवघर मार्ग पर भीषण सड़क हादसा,तीन लोगों की मौत

जमुई:  बिहार के जमुई जिले के चंद्रमंडीह थाना क्षेत्र के चकाई-देवघर मुख्य मार्ग पर चंद्रमंडीह थाना क्षेत्र के अंडीडीह गांव के समीप मंगलवार की अहले सुबह एक अनियंत्रित कार के सड़क किनारे पलट जाने से उसपर सवार सभी तीन लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। सभी मृतक पटना के गर्दनीबाग मुहल्ले के निवासी बताए जाते हैं।

वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद चंद्रमंडीह पुलिस मौके पर पहुंची एवं तीनों को कार से बाहर निकालकर चकाई रेफरल अस्पताल लेकर आई। जहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। इधर, पुलिस द्वारा घटना की जानकारी मोबाइल के माध्यम से परिजनों को दी गई है।

पिछले माह भी इस मार्ग पर ऐसा ही एक भीषण हादसा हुआ था। बसबुटिया गांव के पास एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से बुरी तरह से टकरा गई थी। इस हादसे में कार में सवार दो जुड़वा भाई-बहन और एक बुजुर्ग महिला सहित तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का चकाई और देवघर अस्पताल में इलाज हुआ। मृतकों की पहचान आरा जिला के चरपोखरी थाना क्षेत्र के नवादा गांव निवासी नरेंद्र कुमार के बेटे अभिनंदन कुमार (5) और बेटी नंदनी कुमारी (5) के रूप में हुई, जबकि घायलों में मृत बच्चों की मां नेहा कुमारी, कार चालक रोहित कुमार, मीना कुमारी, आनंद कुमार ग्राम मानिनी थाना चरवापुरी जिला आरा और रोहतास की बभनी देवी पति रामप्रवेश यादव के रूप में हुई।

इस हादसे का चश्मदीद राधा कृष्ण ढाबा के संचालक जामुन यादव ने बताया कि वह अपने होटल के सामने सड़क किनारे सोए हुए थे। तभी अचानक तेज आवाज हुई तो देखा कि यूकेलिप्टस (सफेदा) के पेड़ से एक कार टकरा गई है और उस पर सवार लोग अंदर फंसकर चीख-चिल्ला रहे हैं। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई और स्थानीय लोगों के सहयोग से कार में फंसे घायलों को निकाला गया। इसमें एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बच्चे और एक महिला की देवघर सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। सभी मुंडन में शामिल होकर लौट रहे थे।

महाराष्ट्र के ठाणे में फैक्ट्री में लगी भीषण आग

मुंबई : महाराष्ट्र के ठाणे के भिवंडी तालुका के सरावली MIDC में एक फैक्ट्री में आग लग गई है। मौके पर दमकल की गाड़ियां पहुंच गई हैं। आग की खबर सुनते ही लोग इधर-उधर अपनी जान बचाकर भागने लगे. आग लगने की घटना एक वीडियो भी सामने आया है। आग की खबर सुनते ही लोग इधर-उधर अपनी जान बचाकर भागने लगे। 

एक नगर निगम अधिकारी ने बताया, जिले के भिवंडी इलाके में एक सैनिटरी नैपकिन फैक्ट्री में मंगलवार तड़के आग लग गई, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। भिवंडी-निजामपुर नगर निगम आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के अधिकारी राजू वारलीकर ने बताया कि सरावली औद्योगिक क्षेत्र में स्थित फैक्ट्री में आग तड़के करीब तीन बजे लगी।

उन्होंने बताया कि बीएनएमसी की दमकल टीमों के साथ-साथ ठाणे और कल्याण-डोंबिवली की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और सुबह साढ़े आठ बजे आग पर काबू पा लिया गया। उन्होंने बताया कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन फैक्ट्री में रखा कच्चा माल जल गया। उन्होंने बताया कि कूलिंग ऑपरेशन चल रहा है. आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि बीते शुक्रवार तड़के महाराष्ट्र के पुणे शहर के शनिपार इलाके में एक पांच मंजिला इमारत में आग लगने से एक चौकीदार की मौत हो गई और 40 से अधिक छात्राओं को बचा लिया गया. पुलिस के अनुसार, आग संस्थान की पहली मंजिल और दूसरी मंजिल पर लगी थी. पुणे नगर निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र पोटफोडे ने पीटीआई को बताया कि यह घटना देर रात करीब डेढ़ बजे हुई।

बलौदा बाजार में बड़ा बवाल, कलेक्टर ऑफिस फूंका, पुलिस और लोगों के बीच झड़प

छत्तीसगढ़ : छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में सतनामी समाज के लोग विरोध प्रदर्शन करने के लिए कलेक्टर ऑफिस पहुंचे थे। इस दौरान अचाकन प्रदर्शन उग्र हो गया है जिसके बाद हजारों लोगों ने कलेक्टर ऑफिस को घेर लिया और आग के हवाले कर दिया।

छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार के कलेक्टर ऑफिस को हजारों सतनामी समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए घेर लिया. सतनामी समाज का विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया जिसके बाद बेकाबू भीड़ ने कलेक्टर कार्यालय को ही आग के हवाले कर दिया।

इस दौरान कलेक्टर ऑफिस, जिला पंचायत भवन और तहसील ऑफिस में आगजनी की गई है. पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की तो उन्हें पुलिस के साथ ही मारपीट की है। इस मारपीट में कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

पहाड़ी में छिपे हैं रियासी आतंकी, ड्रोन की मदद से जंगल खंगाल रही सेना

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर आतंकवादियों के हमले के बाद सुरक्षा बलों ने सोमवार सुबह बड़े पैमाने पर तलाश अभियान शुरू कर लिया है। सुरक्षा टीम को इनपुट मिले हैं कि आतंकी रियासी की पहाड़ी में छिपे हैं। सेना की टीम पूरा जंगल खंगाल रही है। सेना की टीम ड्रोन की भी मदद ले रही है। इससे पहले यह जानकारी सामने आई थी कि इस आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर का हाथ है। आतंकियों ने हमले का समय जानबूझकर पीएम मोदी के शपथ ग्रहण के दौरान का रखा था।

रविवार शाम को शिव खोरी मंदिर से कटरा की ओर जा रही एक बस पर रविवार शाम को आतंकवादियों ने हमला कर दिया जिससे बस के रनसू के पास कांडा मोड़ पर एक खाई में गिर जाने से 10 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई और 33 घायल हो गए। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को कहा कि रियासी में आतंकवादियों के खिलाफ एक संयुक्त अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि बस हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारतीय सेना, पुलिस और विशेष अभियान समूह की संयुक्त टीम ने सूरज उगने के साथ ही आतंकवादियों का पता लगाने के लिए घटनास्थल और आसपास के इलाकों में तलाश अभियान शुरू कर दिया है। ऐसी जानकारी हाथ लगी है कि आतंकी रियासी की पहाड़ियों में छिपे हैं। उनकी खोजबीन के लिए जंगलों में ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हमले की निंदा की और इसके पीछे के लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति का जायजा लिया और मुझसे स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा है। इस जघन्य कृत्य के पीछे के सभी लोगों को जल्द ही दंडित किया जाएगा। पीएम मोदी ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी घायलों को सर्वोत्तम संभवृ चिकित्सा देखभाल और सहायता प्रदान की जाए।”

उपराज्यपाल सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के डीजीपी अपनी टीम के साथ मौके पर हैं। “पहली प्राथमिकता घायलों को बचाना है। मैंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से बात की है और मैं लोगों को आश्रस्त करता हूं कि हमले के लिए जो भी जिम्मेदार है, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रियासी आतंकवादी हमले में मारे गए तीर्थयात्रियों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की मंजूरी दी। सिन्हा ने ऐलान किया कि घायलों को 50-50 हजारॉ रुपये दिये जाएंगे।

दूसरी तरफ एनआईए की एक टीम ने जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में पहुंचकर बस पर हुए आतंकवादी हमले की जांच शुरू कर दी है। एनआईए की टीम स्थानीय पुलिस के साथ जांच कर रही है।

 

राशन कार्ड का जल्द करा लें ई-केवाईसी, वर्ना हो जाएगा नुकसान

नई दिल्ली : आपने अपना राशन कार्ड की ई-केवाईसी करा लिया है? अगर नहीं कराया है, तो यह काम जल्द ही करा लीजिए। कहीं ऐसा न हो कि बिना ई-केवाईसी के आपको अपने राशन कार्ड से चावल-दाल लेने में परेशानी झेलनी पड़े। राशन कार्ड आपकी रसोई में राशन लाने के लिए जितना जरूरी है, उससे कहीं अधिक यह एक दस्तावेज के तौर पर भी महत्वपूर्ण है। सरकार की ओर से दिए गए निर्देश के अनुसार, इसे किसी भी हाल में 30 जून तक ई-केवाईसी करवा कर अपडेट कर लेना है।

राशन कार्ड केवल एक खाने के लिए अनाज हासिल करने का जरिया भर नहीं है, बल्कि भारतीय नागरिक के तौर पर आपका पहचान पत्र भी है। गरीबों के लिए यह राशन कार्ड संजीवनी की तरह काम करता है। सरकार गरीब कल्याण योजना के तहत देश के गरीबों को मुफ्त में राशन उपलब्ध कराती है। इसके अलावा, आम आदमी को भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकानों से सस्ती दरों पर अनाज उपलब्ध कराया जाता है।

राशन कार्ड की शुरुआत 1940 में हुई थी। राशन कार्ड को राज्य सरकार की तरफ से जारी किया जाता है और इसका इस्तेमाल पहचान पत्र के रूप में भी किया जाता है। जिस तरह आधार कार्ड और पैन कार्ड का केवाईसी करना अनिवार्य कर दिया गया है उसी प्रकार अब राशन कार्ड का केवाईसी करना भी महत्वपूर्ण हो गया है।

भारत सरकार के नई नियम के तहत सभी राशन कार्ड उपभोगताओं को 30जून से पहले केवाईसी करना अनिवार्य है, वरना वह अपने राशन कार्ड का लाभ नहीं उठा पाएंगे। सरकार ने यह कदम राशन कार्ड के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया गया है। भारत सरकार राशन कार्ड गरीबों के ज़िंदगी को आसान करने के लिए शुरु किया गया था लेकिन भारत में ऐसे बहुत से लोग है जो इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। इसलिए सभी राशन कार्ड होल्डर को इ- केवाईसी कराने के लिए केवल अपनी राशन के दुकान पर जाना हैं जहां से आप हर महीने सरकारी राशन प्राप्त करते हैं।

राशन कार्ड की केवाईसी कराने के लिए धारक के पास राशन कार्ड नंबर होना अनिवार्य है. साथ ही राशन कार्ड में जिन सदस्यों का नाम है उन सभी का आधार कार्ड भी होना जरुरी है। आधार कार्ड के माध्यम से सभी सदस्यों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन किया जाएगा। राशन कार्ड में दर्ज परिवार के प्रत्येक सदस्यों को अपने कोटेदार के पास जाकर अंगूठा लगाकर कर बायोमेट्रिक करानी होगी।

राशन मिलना हो सकता है बंद: यदि राशन कार्ड धारक अपने राशन कार्ड का ई-केवाईसी समय पर नहीं करवाते हैं, तो वह राशन प्राप्त करने से वंचित रह सकते हैं। इसके साथ ही कुछ राज्यों में, राशन कार्ड को निष्क्रिय करने की तारीख 30 जून 2024 निर्धारित की गई है।

हो सकते है अन्य योजनाओं से वंचित: ई-केवाईसी न होने पर राशन कार्ड धारकों को सब्सिडी, छात्रवृत्ति, पेंशन जैसी अन्य सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ भी नहीं मिल पाएगा।

बढ़ सकता है दुरुपयोग का खतरा: यदि कार्ड धारकों का ई-केवाईसी अपडेट नहीं है, तो उनके राशन कार्ड के दुरुपयोग होने का खतरा बढ़ जाता है।

कैसे करवाएं ई-केवाईसी
ई केवाईवी करवाना बहुत ही आसान है। राशन कार्ड धारक ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीके से अपने राशन कार्ड का ई-केवाईसी करवा सकते हैं।

ऑनलाइन ई-केवाईसी करने का तरीका
अपने राज्य के खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग की वेबसाइट पर जाएं।
“ई-केवाईसी” विकल्प को चुन कर सारी आवश्यक जानकारी को भरे।
अपना आधार कार्ड विवरण डाले और फिर ओटीपी के मदद से वेरिफिकेशन करें।
फिर अपनी राशन कार्ड की जानकारी डाल कर सबमिट करें।

ऑफलाइन ई-केवाईसी
अपने नजदीकी राशन दुकान पर जाएं जिससे आप हर महीने राशन प्राप्त करते हैं।
ई-केवाईसी फॉर्म को भरे और सारे आवश्यक दस्तावेज जमा करें।
फिर अधिकारी आपके दस्तावेजों को वेरिफाई करेगा और और आपकी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

शपथ ग्रहण करते ही एक्शन मोड में पीएम मोदी, दिल्ली छोड़कर नहीं जाएंगे कोई भी मंत्री

नई दिल्ली : नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं। उनके साथ 71 मंत्रियों ने शपथ ली। इनमें 11 सहयोगी दलों के हैं। शपथ लेने के बाद सोमवार को PM मोदी ने प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंचकर कार्यभार संभाला। इस बीच उन्होंने सभी मंत्रियों को गुरुवार तक अपना ऑफिस छोड़कर दिल्ली से बाहर नहीं जाने के लिए कहा है

उन्होंने इस बार सबसे बड़ी टीम चुनी है। इस 30 कैबिनेट मंत्री, 5 स्वतंत्र प्रभार मंत्री और 36 राज्यमंत्री शामिल हैं। 43 मंत्री ऐसे हैं जो कम से कम तीन बार सांसद रह चुके हैं। 39 मंत्री ऐसे हैं जो मोदी सरकार में पहले भी काम कर चुके हैं। 6 मंत्री ऐसे हैं जो मुख्यमंत्र चुके हैं। शिवराज चौहान जैसे अनुभवी दिग्गज और चिराग पासवान जैसे युवा भी इस बार मोदी टीम में शामि हैं। इस बीच सभी नए मंत्रियों को इस हफ्ते के गुरुवार तक दिल्ली नहीं छोड़ने के लिए कहा गया है। यानी सभ मंत्री अपने दफ्तर में रहेंगे।

कैबिनेट मंत्री बनाए गए जीतनराम मांझी ने कहा कि इस बार पहले से कठिन कदम उठाना है। पीएम का दृढ़ संकल्प है कि अगले पांच सालों में भारत को दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था में लाना है इसके लिए मंत्रियों को
टास्क दिया गया है। वहीं आज (10 जून) शाम पांच बजे PM आवास, लोक कल्याण मार्ग, पर कैबिनेट की पह बेहक होगी। इसके बाद सभी मंत्री जेपी नडा की ओर ये दिए गए डिनर में शामिल होंगे।

मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह के सुरक्षा काफिले पर उग्रवादियों का हमला, दो जवान घायल

इम्फाल : मणिपुर के जिरिबाम जिले में 6 जून के बाद तनाव बढ़ा हुआ है। ऐसे में सीएम एन बीरेन सिंह इलाके का दौरा
करने वाले थे। इससे पहले ही उनके सुरक्षा काफिले पर उग्रवादियों ने हमला कर दिया। मणिपुर में हिंसा अभी पूरी तरह थमी नहीं है। इन दिनों जिरिबाम जिले में स्थिति तनावपूर्ण है।

मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह हिंसाग्रस्त इलाकों के दौरे पर जाने वाले थे। उससे पहले मुख्यमंत्री का सुरक्षा काफिला जिरिबाम पहुंचा था लेकिन यहां उग्रवादियों ने घात लगाकर काफिले पर हमला कर दिया। इस हमले में कम से कम दो जवान बुरी तरह घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक सुरक्षा काफिले पर गोलीबारी की गई। यह हमला नेशनल हाइवे 53 पर कोटलेन गांव के पास हुआ।

जानकारी के मुताबिक हमले में सीआईडी राज्य पुलिस का एक जवान और सीआईएसएफ का एक जवान घायल हुआ है। घायलों को तुरंत इलाज के लिए इंफाल भेज दिया गया। दरअसल जिरिबाम में 6 जून को अज्ञात लोगों ने एक शख्स का सिर कलम कर दिया था। इसके बाद जिरिबाम का माहौल बिगड़ गया। घटना के बाद कई घरों, वाहनों और सरकारी कार्यालयों को आग लगा दी गई। सैकड़ो लोग इलाका छोड़कर चले गए। मुख्यमंत्री इसी इलाके के हालात का जायजा लेने जाने वाले थे।

जिरिबाम इंफाल से 220 किलोमीटर दूर है और यह असम की सीमा से छुआ हुआ है। यहां पहाड़ियों में कुकियों की आबादी ज्यादा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा काफिला जिरिबाम की ओर जा रहा था। तभी अचानक झाड़ियों से गोलीबारी होने लगी। सुरक्षाबलों ने हमलावरों को जवाब भी दिया। वहीं दो सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। पुलिस कमांडो और असम राइफल्स इलाके में तलाशी अभियान चला रही है।

मणिपुर में हिंसा भड़के एक साल से ज्यादा वक्त हो चुका है। बीते साल 3 मई को यहां मैतेई समुदाय की अुसूचित जाति दर्जे की मांग के विरोध में पहाड़ी कुकी समुदाय ने मार्च निकालला था। इसके बाद हिंसा शुरू हो गई और पूरे प्रदेश में सैकड़ों लोगों की जान चली गई। बता दें कि राज्य में मैतेई समुदाय की संख्या करीब 53 फीसदी है। वहीं कुकी समुदाय की आबादी 40 प्रतिशत के करीब है।

कांग्रेस ने बीजेपी आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय को पद से हटाने की मांग की

नई दिल्ली : बीजेपी के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने आरएसएस के नेता शांतनु सिन्हा को यौन शोषण का आरोप लगाने पर लिगल नोटिस भेजा है। इस बीच कांग्रेस ने बीजेपी और आरएसएस पर जमकर निशाना साधा और अमित मालवीय को पद से हटाने की मांग कर दी।

जानकारी के अनुसार आरएसएस नेता शांतनु सिन्हा ने बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय पर महिला के यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया है।

भाजपा के सोशल मीडिया प्रभारी अमित मालवीय की कानूनी टीम ने 8 जून को RSS सदस्य शांतनु सिन्हा को कानूनी नोटिस भेजा। पत्र में लिखा है, आरोपों की प्रकृति बेहद आपत्तिजनक है, क्योंकि वे मेरे मुवक्किल द्वारा कथित तौर पर किए गए यौन दुराचार का झूठा आरोप लगाते हैं। यह मेरे मुवक्किल की गरिमा और प्रतिष्ठा के लिए घातक है, जो अपने पेशेवर प्रोफाइल के आधार पर एक सार्वजनिक व्यक्ति हैं।

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, भाजपा नेता राहुल सिन्हा के संबंधी RSS सदस्य शांतनु सिन्हा ने कहा है कि भाजपा IT सेल के प्रमुख अमित मालवीय घृणित गतिविधियों में लिप्त हैं। वह महिलाओं के यौन शोषण में लिप्त हैं। सिर्फ 5 सितारा होटलों में ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल के भाजपा कार्यालयों में भी। हम भाजपा से केवल यही चाहते हैं कि महिलाओं को न्याय मिले।

हकीकत यह है कि पीएम मोदी के शपथ ग्रहण के 24 घंटे से भी कम समय में भाजपा के एक बहुत ही प्रमुख पदाधिकारी, इसके आईटी सेल के प्रमुख के खिलाफ यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आज हम अमित मालवीय को उनके पद से तत्काल हटाने की मांग करते हैं. यह एक अत्यंत प्रभावशाली पद है. यह शक्तिशाली पद है और इसकी कोई स्वतंत्र जांच नहीं हो सकती। कोई स्वतंत्र जांच नहीं हो सकती। जब तक उन्हें उनके पद से नहीं हटाया जाता, न्याय नहीं हो सकता।

पकड़ौआ विवाह के लिए होमगार्ड जवान का अपहरण

भागलपुर: बिहार में पकड़ौआ विवाह का एक और मामला प्रकाश में आया है। भागलपुर जिले में एक होमगार्ड जवान को अगवा कर जबरन शादी कर दी गयी है। सोमवार सुबह नवादा के पास से होमगार्ड जवान का अपहरण कर लिया गया। अपहृत होमगार्ड जवान का नाम सुमित कुमार है। अपहृत जवान के भाई वीरेंद्र कुमार के बयान पर नवगछिया थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई। 

नवगछिया थानाध्यक्ष रवि शंकर सिंह ने बताया कि होमगार्ड जवान का पकड़ौआ विवाह के लिए अपहरण हुआ था, उसे कदवा रोड से 4 घंटे के अंदर बरामद कर लिया गया है। नवगछिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कर तीन को नामजद व अज्ञात को आरोपित बनाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

बताया जा रहा है कि सुमित कुमार चचेरे भाई प्रभाष कुमार के साथ बाइक से अपने मामा गौतम यादव के घर जगतपुर गया था। वह मामा के पास बकाया एक लाख रुपये लेने गया था। मामा ने एक लाख रूपये, दो मुर्गा और एक केला का खानी घर ले जाने के लिए दिया था।

वह चचेरे भाई के साथ मामा घर से वापस लौट रहा था। नवादा में मुर्गा बनाने के लिए मसाला खरीदने लगा। इस दौरान धोबिनिया के गोपाल यादव ने अपनी पुत्री के साथ पकड़ौआ विवाह के लिए सुमित कुमार का स्कॉर्पियों से अपहरण कर लिया। सुमित यादव व उसके चचेरे भाई के साथ इस दौरान मारपीट भी की।

सुमित यादव को पूर्णिया जिला के किसी मंदिर में जबरन शादी करवा दी। सुमित के परिजनों ने घटना की जानकारी नवगछिया थाना की पुलिस को दी। नवगछिया थाना की पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर धोबिनिया के रोहित कुमार यादव, भीली कुमार, अश्विनी कुमार सहित चार अज्ञात को आरोपित बनाया है।

पुलिस अनुसंधान में सुमित कुमार को कदवा स्थित रोड से बरामद कर लिया गया। सुमित का मेडिकल अनुमंडल अस्पताल नवगछिया में करवाया गया। उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान है। सुमित होमगार्ड जवान का प्रशिक्षण कर लिया है। नवगछिया थाना में सोमवार को योगदान देना था।

जम्मू-कश्मीर के रियासी में बस पर आतंकवादी हमला, 9 लोगों की मौत, कई जख्मी

श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस पर हुए घातक आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले नौ लोगों की सोमवार को अधिकारियों ने पहचान कर ली। हमले में जान गंवाने वाले लोगों में से चार राजस्थान के निवासी थे, जिनमें दो वर्ष का एक बच्चा भी शामिल है जबकि तीन लोग उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे।

अधिकारियों ने बताया कि हमले में घायल हुए 41 तीर्थयात्रियों में से 10 लोगों को गोली लगी है। उन्होंने बताया कि घायलों में अधिकतर उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। अधिकारियों के मुताबिक, घायलों का उपचार जम्मू और रियासी जिलों के तीन अस्पतालों में किया जा रहा है।

आतंकवादियों ने रविवार शाम करीब छह बजकर 10 मिनट पर रियासी जिले में तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर गोलियां बरसाईं, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गयी और कई लोग घायल हो गए। बस शिव खोड़ी मंदिर से कटरा स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर जा रही थी और इसी दौरान पोनी इलाके के तेरयाथ गांव के पास हमला किया गया और 53 सीट वाली बस गोलीबारी के बाद गहरी खाई में गिर गई।

पुलिस उपायुक्त (रियासी) विशेष पाल महाजन ने बताया कि बस के चालक और कंडक्टर समेत सभी नौ मृतकों की पहचान कर ली गयी। उन्होंने बताया कि बस चालक विजय कुमार दसानू राजबाग का रहने वाला था जबकि कंडक्टर अरुण कुमार कटरा के कान्देरा गांव का रहने वाला था। दोनों ही रियासी जिले के रहने वाले थे।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले अन्य लोगों में राजिंदर प्रसाद पांडे साहनी, ममता साहनी, पूजा साहनी और उसका दो वर्षीय बेटा टीटू साहनी शामिल हैं। ये चारों राजस्थान के जयपुर के रहने वाले थे। उन्होंने बताया कि हमले में मारे गए तीन अन्य लोग शिवम गुप्ता, रूबी और 14 वर्षीय अनुराग वर्मा उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे। महाजन ने बताया कि जिला प्रशासन शवों को उनके संबंधित राज्यों में भेज रहा है।

उन्होंने बताया कि हमले में तीन से 50 वर्ष की आयु के 41 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 10 को गोली लगी है और सर्जरी के बाद उनकी हालत स्थिर है। महाजन ने बताया कि 18 घायलों का जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज में, 14 का नारायणा अस्पताल में और नौ का रियासी के जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि घायलों में 34 उत्तर प्रदेश, पांच दिल्ली और दो राजस्थान के रहने वाले हैं।

ममता ने जम्मू-कश्मीर में तीर्थयात्रियों की बस पर हुए आतंकवादी हमले की जांच की मांग की

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को जम्मू-कश्मीर में तीर्थयात्रियों से भरी बस पर आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में नौ लोगों की मौत पर दुख जताया और घटना की जांच की मांग की।

एक्स पर एक पोस्ट में बनर्जी ने कहा, “मुझे पता चला है कि जम्मू-कश्मीर में कुछ तीर्थयात्रियों पर हमले की घटना हुई है और इसके परिणामस्वरूप नौ लोगों की मौत हो गई है। मामले की तुरंत जांच होनी चाहिए। मैं पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं।”

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में रविवार शाम आतंकवादियों ने उत्तर प्रदेश के तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस पर हमला कर दिया, जिसमें नौ लोग मारे गए और 33 घायल हो गए।
यह हमला पोनी के तेरयाथ गांव के पास कटरा में शिव खोरी मंदिर से माता वैष्णो देवी मंदिर जा रही बस पर हुआ।
शाम करीब 6:15 बजे गोलीबारी के बाद 53 सीटों वाली बस सड़क से उतरकर गहरी खाई में जा गिरी।