जुलाई में पूर्ण बजट पेश करेंगी निर्मला सीतारमण, उद्योग जगत से मांगीं राय

नई दिल्ली :  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जुलाई 2024 में पूर्ण बजट पेश कर सकती हैं। इसके लिए उन्होंने उद्योग जगत से राय मांगी है। हाल ही में संपन्न लोकसभा के लिए चुनाव के बाद मोदी 3.0 सरकार का पहला पूर्ण बजट होगा। वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2024-25 के पूर्ण बजट के लिए व्यापार एवं उद्योग संघों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों और उनका अनुपालन बोझ कम करने के लिए कानूनों में बदलाव के संबंध में सुझाव आमंत्रित किए हैं। व्यापार एवं उद्योग संघों को अपने सुझाव 17 जून तक मंत्रालय को भेजने हैं।

वित्त वर्ष 2024-25 का पूर्ण बजट जुलाई के अंत में संसद में पेश किए जाने की उम्मीद है। इस साल चुनावी साल होने से फरवरी में अंतरिम बजट ही पेश किया गया था। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, इन सुझावों में शुल्क संरचना, कर दरों में परिवर्तन और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष करों पर कर आधार को व्यापक बनाने के विचार शामिल हो सकते हैं, ताकि इसके लिए आर्थिक औचित्य दिया जा सके। सीमा शुल्क एवं उत्पाद शुल्क में परिवर्तन के लिए व्यापार और उद्योग जगत को उत्पादन, कीमतों और सुझाए गए बदलावों के राजस्व निहितार्थ के बारे में प्रासंगिक सांख्यिकीय जानकारी के साथ अपनी मांगों को उचित ठहराना होगा।

इसके साथ ही, उलटे शुल्क ढांचे में सुधार के अनुरोध को उत्पाद के विनिर्माण के प्रत्येक चरण में मूल्य संवर्धन से समर्थित करना होगा। उलटे शुल्क ढांचे में तैयार वस्तु पर लगने वाले शुल्क से अधिक शुल्क कच्चे माल पर लगता है। प्रत्यक्ष करों के संबंध में मंत्रालय ने कहा कि सुझाव अनुपालन कम करने, कर निश्चितता प्रदान करने और मुकदमेबाजी कम करने पर भी हो सकते हैं। इसमें कहा गया कि मध्यम अवधि में सरकार की नीति कर प्रोत्साहन, कटौतियों तथा छूटों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने तथा साथ ही कर दरों को युक्तिसंगत बनाने की है।

बम धमाकों से फिर गूंजा धनबाद

रांची : धनबाद के लोयाबाद थाना क्षेत्र के बांसजोड़ा साकार मास आउटसोर्सिंग स्थल गोली-बम के धमाकों से दहल उठा। घटना गुरूवार की रात करीब एक बजे की बताई जा रही है। अपराधियों ने आउटसोर्सिंग के व्यू प्यांट पर गोली-बम चलाकर दहशत फैलाया। आउटसोर्सिंग स्थल बम के धमाको से गूंज उठा।

घटना की जानकारी मिलने के बाद लोयाबाद पुलिस रात में ही घटनास्थल पर पहुंची और छानबीन किया। घटनास्थल से एक जिंदा गोली, एक खोखा और बम की सुतली बरामद हुई है। घटना के बाद सुबह आउटसोर्सिंग के मजदूरो ने सुरक्षा की मांग को लेकर काम बंद कर दिया और घटना के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। पुलिस और आउटसोर्सिंग प्रबंधन के आश्वासन के बाद मजदूर काम पर लौटे।

बांसजोड़ा साकार मास आउटसोर्सिंग कंपनी जो कि अभी डेको आउटसोर्सिंग द्वारा पेटी कांट्रेक्ट पर चलाया जा रहा है। तृतीय पाली मे रात्री करीब एक बजे चार मोटरसाइकिल पर सवार नकाबपोश नौ अपराधी आउटसोर्सिंग के व्यू प्यांट पर पहुंचे और बम पटकना शुरू कर दिया। अपराधियों ने करीब एक दर्जन बम विस्फोट किए और जाते-जाते गोलीबारी भी की। बम के धमाके और गोलियों की तड़तड़ाहत सुन वहां पर अफरा तफरी मच गई। कर्मी अपनी-अपनी हाइवा लेकर इधर-उधर भागने लगे।

मामले मे साकार मास आउटसोर्सिंग कंपनी के कर्मी जयशंकर शर्मा ने लोयाबाद पुलिस से 9 अपराधियो के खिलाफ माइंस के व्यू प्यांट मे 8-10 बम विस्फोट करने और दो राउंड गोली चलाकर कंपनी का काम बंद करवाने की लिखित शिकायत की है। अपनी शिकायत मे उन्होने बताया है कि घटना मे तृतीय पाली के शिफ्ट इंचार्ज गौतम महतो बाल बाल बचे और जाते-जाते कंपनी को मैनेज करने की बात बोले और न करने पर बुरा अंजाम भुगतने की धमकी दी। उन्होंने बताया कि इसके पहले भी कंपनी मे तोड़ फोड़ और मारपीट की घटना हुई है। घटना की निंदा करते हुए डेको के जीएम मधु सिंह ने कहा कि पुलिस से सुरक्षा की मांग की गई है। लोयाबाद थाना प्रभारी सत्यजीत कुमार ने कहा कि सूचना पर रात मे पुलिस वहां गई थी। जांच पड़ताल की जा रही है।

इस घटना के बाद चारों तरफ दहशत का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही लोयाबाद थाना प्रभारी सत्यजीत कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। इस घटना से मजदूरों में भय पैदा हो गया है। इसलिए शुक्रवार की सुबह सुरक्षा की मांग को लेकर मजदूरों ने काम बंद कर दिया और प्रदर्शन करने लगे। मजदूरों का कहना था कि कंपनी प्रबंधन और पुलिस उन्हें सुरक्षा मुहैया कराए तब काम होगा। कुछ देर बाद पुलिस और प्रबंधन के आश्वासन के बाद मजदूरो ने काम शुरू किया।

कोलकाता के शॉपिंग मॉल में लगी भीषण आग

कोलकाता: राजधानी कोलकाता के एक शॉपिंग मॉल में भीषण आग लग गई। मॉल में शॉपिंग करने के लिए पहुंचे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल दिया गया है। दमकलकर्मी आग बुझाने के लिए पहुंच गए हैं। मॉल के शीशे को तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। शुरू में यह पता ही नहीं चल पा रहा था कि आग कहां लगी. चारों ओर सिर्फ धुआं ही धुआं था।

आग बुझाने के लिए 15 दमकल इंजन भेजे गए। मॉल के आसपास के इलाके में धुआं भर गया। कसबा के एक्रोपीलिश मॉल में दिन के 12 बजे के आसपास आग लग गई। आग लगते ही मॉल में अफरा-तफरी मच गई। उस समय शॉपिंग कर रहे लोगों को इमरजेंसी गेट से बाहर निकालने का काम शुरू किया गया। दमकल विभाग को आग लगने की सूचना दी गई।

दमकल विभाग ने आग बुझाने के लिए 15 दमकल इंजन को भेजा। दमकलकर्मियों ने सबसे पहले यह पता लगाया कि आग कहां लगी है। पता चला कि आग मॉल के चौथे तल्ले पर लगी थी। कोलकाता के कसबा स्थित इस मॉल के बाहरी हिस्से में लगे कांच को तोड़ने का काम शुरू किया गया, ताकि मॉल के अंदर का धुआं बाहर निकल जाए और अंदर मौजूद लोगों का दम न घुटे।

हालांकि, दमघोंटू धुआं के कारण कुछ लोगों के बीमार होने की खबर है। सूचना मिलते ही पश्चिम बंगाल के दमकल मंत्री सुजीत बोस खुद वहां पहुंचे और स्थिति की निगरानी शुरू कर दी। इलाके में इस घटना के बाद से अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। आग बुझाने के लिए हाइड्रॉलिक सीढ़ियां मंगाई गईं थी 

उत्तर बंगाल में हाल बेहाल, दक्षिण बंगाल में आज से होगी मूसलाधार बारिश

कोलकाता: आज 14 जून है। कैलेंडर के मुताबिक मॉनसून आ चुका है, लेकिन मौसम में अभी कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा है। कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल में पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही है। कई जिलों में लू जैसी स्थिति है। तापमान 40 डिग्री के पार जा रहा है। ऐसे समय में, मौसम विभाग ने दक्षिण बंगाल में बारिश से राहत की उम्मीद जताई है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार(14 जून) से दक्षिण के कई इलाकों में बारिश की संभावना है।

अलीपुर मौसम विभाग के अनुसार कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के सभी जिलों में आज बारिश होने की संभावना है। साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा भी चल सकती है। हवा की गति 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है। लेकिन गर्मी से राहत पाने में अभी दो दिन और लगेंगे। क्योंकि, शुक्रवार को सात जिलों में बारिश के साथ-साथ लू चलने की भी आशंका है। पश्चिमी मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया, बांकुरा, पूर्वी बर्दवान, पश्चिमी बर्दवान और बीरभूम में लू चल सकती है। इनमें से कुछ जिलों में शनिवार को भी लू चल सकती है।

हालांकि, मौसम विभाग ने कहा कि दिन में लू चलने के बावजूद कुछ जगहों पर तेज हवाएं चलने और बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि शनिवार के बाद राज्य में कहीं और लू चलने की संभावना नहीं है। जबकि रविवार से उमस और गर्मी से राहत मिल सकती है।

एक तरफ दक्षिण बंगाल जहां गर्मी से बेहाल है, वहीं उत्तर बंगाल में बारिश से इलाके सराबोर हैं। वहां मॉनसून प्रवेश कर चुका है। उत्तरी जिलों में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है। कई जगहों पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने की भी आशंका है।

भारी बारिश के कारण पहाड़ों में भूस्खलन हुआ है। सिक्किम में कई पर्यटकों के तेज बारिश में फंसने की खबर आ रही है। तीस्ता नदी उफान पर है। इस बीच, मौसम विभाग के मुताबिक आज शुक्रवार को भी अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी और कलिम्पोंग में भारी बारिश होने की संभावना है। इन तीनों जिलों में बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।

इसके अलावा दार्जिलिंग और कूचबिहार में भी भारी बारिश का अनुमान है। अगले मंगलवार तक उत्तर बंगाल के इन पांच पहाड़ी जिलों में बारिश जारी रहेगी। हालांकि कई जिलों में 7 से 20 सेमी तक बारिश हो सकती है। ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने को कहा है।

वायुसेना का विमान 45 भारतीयों का शव लेकर पहुंचा कोच्चि एयरपोर्ट

नई दिल्ली: कुवैत में हुए अग्निकांड में मारे गए 45 भारतीयों के शव लेकर भारतीय वायुसेना का विमान केरल के कोच्चि एयरपोर्ट पर लैंड हो चुका है। बता दें कि कुवैत के मंगाफ शहर में बहुमंजिला बिल्डिंग में लगी भीषण आग में कुल 45 भारतीयों की मौत हो गई थी।

जान गंवाने वाले भारतीयों के शवों को देश लाने के लिए भारतीय वायुसेना का सी-130जे सुपर हरक्यूलिस विमान रवाना हुआ था, जो कोच्चि में लैंड हो चुका है। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन खुद कोच्चि इंटरनेशनल हवाई अड्डे पर मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे हैं। यहां कुछ शवों को उतारकर प्लेन शाम 4 बजे के आसपास दिल्ली पहुंचेगा।

कुवैत अग्निकांड में मारे गए लोगों में से सबसे ज्यादा लोग (23) केरल के नागरिक हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर तमिलनाडु (7) है। इसके अलावा 3-3 नागरिक उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश के भी मारे गए हैं। ओडिशा के भी दो लोग इस अग्निकांड की वजह से मौत के मुंह में समा गए। इसके अलावा महाराष्ट्र, कर्नाटक, बिहार, झारखंड, बंगाल, पंजाब और हरियाणा के भी एक-एक नागरिक की मौत हुई है।

किस राज्य के कितने लोग मारे गए

1. केरल 23
2. तमिलनाडु 7
3. आंध्र प्रदेश 3
4. उत्तर प्रदेश 3
5. ओडिशा 2
6. महाराष्ट्र 1
7. कर्नाटक 1
8. बिहार 1
9. झारखंड 1
10. बंगाल 1
11. पंजाब 1
12. हरियाणा 1

कुवैत के मीडिया के मुताबिक आग रसोई में लगी थी, अधिकांश मौतें धुएं के कारण हुईं। 12 जून की सुबह 4.30 बजे अल-अहमदी गवर्नरेट के अधिकारियों ने हादसे की सूचना दी थी। इसका मतलब आग सुबह लगी थी, जिस वक्त लोग नींद में थे। कुवैती मीडिया के मुताबिक निर्माण कंपनी NBTC ग्रुप ने 195 से ज्यादा श्रमिकों के रहने के लिए बिल्डिंग किराए पर ली थी, जिनमें रहने वाले अधिकांश श्रमिक केरल, तमिलनाडु और उत्तरी राज्यों के थे।

नारायणा हेल्थ, कोलकाता – दो दशकों से पश्चिम बंगाल की देखभाल कर रहा है

कोलकाता : वर्ष 2000 में, कोलकाता के व्यस्त शहर में, डॉ. देवी शेट्टी ने एक ऐसे मिशन की शुरुआत की, जो पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य सेवा परिदृश्य को बदल देगा। करुणा से भरे दिल और विश्व स्तरीय चिकित्सा सेवा प्रदान करने की दृष्टि से, उन्होंने नारायणा हेल्थ ग्रुप के प्रमुख अस्पताल – आरएन टैगोर अस्पताल की स्थापना की। सपना सरल लेकिन गहरा था: उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना जो हर बंगाली के लिए सस्ती और सुलभ हो, चाहे उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति कुछ भी हो।

दो दशक पहले एक अस्पताल से शुरू हुई यह यात्रा तब से कोलकाता में चार अस्पतालों के नेटवर्क में विकसित हो गई है, जिनमें से प्रत्येक उपचार और आशा का एक अभयारण्य है। सबसे शुरुआती मील के पत्थरों में से एक गंभीर हृदय रोग से पीड़ित एक दिन के बच्चे का उपचार था। जीवन के लिए संघर्ष कर रहे इस छोटे से मरीज को नारायणा हेल्थ की दीवारों के भीतर सांत्वना और उपचार मिला। यह क्षण केवल एक चिकित्सा विजय नहीं था; यह उस चिकित्सा विशेषज्ञता और परिवर्तनकारी देखभाल का प्रमाण था जिसे डॉ. शेट्टी और उनकी टीम पश्चिम बंगाल के लोगों तक पहुंचाना चाहती थी।

पिछले दो दशकों में, नारायणा हेल्थ – कोलकाता पश्चिम बंगाल की संस्कृति का अभिन्न अंग बन गया है, जिसने 5.2 मिलियन से ज़्यादा लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। चाहे वह 13 साल के एक लड़के की कहानी हो, जिसने इस क्षेत्र में सबसे कम उम्र में हृदय प्रत्यारोपण करवाया हो या 87 साल के एक बिस्तर पर पड़े मरीज़ की कहानी हो, जो अब एक उन्नत रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की वजह से फिर से चलने में सक्षम है, अस्पताल समूह ने अनगिनत लोगों के जीवन को छुआ है और उन्हें नई उम्मीद और फिर से जीने का मौका दिया है।

दो दशक पहले, पश्चिम बंगाल के लोगों को अक्सर उच्च-स्तरीय चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए भारत के दूसरे हिस्सों में जाना पड़ता था। सभी विशिष्टताओं में नवीनतम तकनीक पेश करके और कुछ बेहतरीन चिकित्सा पेशेवरों को आकर्षित करके, नारायणा हेल्थ – कोलकाता ने पश्चिम बंगाल में एक परिवर्तनकारी युग की शुरुआत की। आज, पश्चिम बंगाल उन्नत चिकित्सा उपचार के केंद्र के रूप में खड़ा है, जो उच्च-गुणवत्ता वाली देखभाल की तलाश में पड़ोसी राज्यों और देशों से रोगियों को आकर्षित करता है।

कोविड-19 महामारी के दौरान, अस्पताल समूह और बंगाल के लोगों ने लचीलापन और दृढ़ संकल्प के असाधारण प्रदर्शन में एकजुटता दिखाई। अस्पतालों के समर्पित कर्मचारियों और डॉक्टरों ने हजारों मरीजों को बचाने के लिए, अक्सर अपनी जान जोखिम में डालकर, अथक परिश्रम किया। उनके अथक प्रयास, करुणा और विशेषज्ञता ने संकट से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे अनगिनत बंगाली परिवारों को उम्मीद और उपचार मिला।

आज, जब नारायणा हेल्थ – कोलकाता अपनी यात्रा पर नज़र डालता है, तो यह न केवल अस्पतालों के एक नेटवर्क के रूप में, बल्कि पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए आशा और विश्वास की किरण के रूप में भी खड़ा है। यह विश्वास केवल उन्नत चिकित्सा प्रक्रियाओं या अत्याधुनिक तकनीक पर नहीं, बल्कि हर मरीज को मिलने वाली निरंतर, दयालु देखभाल और पूरी कीमत पारदर्शिता पर आधारित है।

नारायणा हेल्थ के ग्रुप सीओओ आर वेंकटेश ने कहा, “पिछले दो दशकों में हमारी यात्रा पश्चिम बंगाल के लोगों की सेवा करने और समुदाय के साथ मजबूत संबंध बनाने में गहराई से निहित रही है।” “हमें अपने मरीजों द्वारा हम पर रखे गए भरोसे पर बेहद गर्व है और हम स्वास्थ्य सेवा मानकों को आगे बढ़ाने और सभी को दयालु देखभाल प्रदान करने के लिए समर्पित हैं।

अपनी साधारण शुरुआत से लेकर हर बंगाली के जीवन में एक जाना-पहचाना नाम बनने तक, नारायणा हेल्थ की विरासत अनगिनत मुस्कुराहटों, दिलों को ठीक करने और जीवन बचाने पर आधारित है। यह एक ऐसी विरासत है जो करुणा, नवाचार और अटूट समर्पण के उन्हीं सिद्धांतों द्वारा निर्देशित होकर आगे बढ़ती रहेगी, जिसकी कल्पना डॉ. देवी शेट्टी ने दो दशक पहले की थी।

अजीत डोभाल तीसरी बार NSA नियुक्त, पीके मिश्रा बने रहेंगे पीएम के प्रधान सचिव

नई दिल्ली : अजीत डोभाल को लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया. डोभाल पीएम मोदी के कार्यकाल के अंत तक एनएसए के पोस्ट पर बने रहेंगे. जबकि डॉ पीके मिश्रा को भी फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रधान सचीव नियुक्त कर लिया गया है।

कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने 10.06.2024 से प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव के रूप में डॉ पीके मिश्रा, आईएएस (सेवानिवृत्त) की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. उनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री के कार्यकाल के साथ या अगले आदेश तक जो भी पहले हो, तक रहेगी। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्हें वरीयता तालिका में कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जाएगा।

अमित खरे और तरुण कपूर को प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रधानमंत्री के सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया है, उन्हें भारत सरकार के सचिव के पद और वेतनमान में 10.06.2024 से दो वर्ष की अवधि के लिए या अगले आदेशों तक, जो भी पहले हो, नियुक्त किया गया है।

अजीत कुमार डोभाल आईपीएस अधिकारी रहे हैं। 30 मई 2014 से वो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद पर हैं। डोभाल भारत के पांचवे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं। इससे पहले शिवशंकर मेनन भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार थे। अजित डोभाल का जन्म उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में 1945 में हुआ था। उनका जन्म एक गढ़वाली परिवार में हुआ। उन्होंने अजमेर के मिलिट्री स्कूल से अपनी प्रारम्भिक शिक्षा ली। उसके बाद आगरा से इकोनॉमिक्स में एमए की डिग्री हासिल की। पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने आईपीएस की तैयारी की और 1968 में केरल कैडर से आईपीएस बने। उसके बाद 2005 में आईबी के चीफ पद से रिटायर हुए। वो मिजोरम, पंजाब और कश्मीर में उग्रवाद विरोधी अभियान में लगे रहे। डोभाल ने 1972 में अरुणी डोभाल के साथ शादी की। उनके दो बेटे हैं, शौर्य डोभाल और विवेक डोभाल।

ऑपरेशन ब्लैक थंडर से अजीत डोभाल की पहचान और बढ़ गई। बताया जाता है कि जब चरमपंथी स्वर्ण मंदिर के अंदर घुसे हुए थे, तब डोभाल भी वहां घुस गए थे। 1988 में स्वर्ण मंदिर के आस-पास रहने वाले लोगों और खालिस्तानियों ने एक रिक्शावाले को देखा था। उस रिक्शावाले ने सभी को विश्वास दिलाया कि वह आईएसआई का सदस्य है और उसे उनकी मदद के लिए भेजा गया है। बाद में रिक्शावाला स्वर्ण मंदिर के अंदर गया और पूरी जानकारी लेकर बाहर निकला। बाद में पता चला की रिक्शा वाला कोई और नहीं अजीत डोभाल ही थे।

नागपुर में विस्फोटक पदार्थ बनाने वाली फैक्ट्री में ब्लास्ट, 4 महिलाओं समेत 5 की मौत

नागपुर :  नागपुर में विस्फोटक पदार्थ बनाने वाली एक फैक्ट्री में आज अचानक ब्लास्ट हो गया, इसमें 5 लोगों की मौत हो गई जबकि कुछ अन्य घायल हैं। मृतकों में 4 महिलाएं शामिल हैं। दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच कर आग पर नियंत्रण किया। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है।

नागपुर से लगभग 25 किलोमीटर दूर हिंगना पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत धमना इलाके में स्थित चामुंडी एक्सप्लोसिव प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में यह धमाका हुआ है। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आस-पास के कई इलाकों तक इसकी गूंज सुनाई दी।

ब्लास्ट के बाद फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। धमाके की आवाज सुनकर लोग फैक्ट्री की तरफ दौड़े और स्थानीय प्रशासन को ब्लास्ट की सूचना दी। जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड के कर्मचारी कई दमकल गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में लग गए। इस दौरान फैक्ट्री के अंदर फंसे हुए लोगों को भी बाहर निकालने का काम शुरू किया गया। जिस समय फैक्ट्री में ब्लास्ट हुआ वहां लोग काम रहे थे जिसमें महिलाएं भी शामिल थीं। हालांकि अभी तक ब्लास्ट के कारणों का सही पता नहीं चल सका है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 नागपुर के पुलिस कमिश्नर रविंदर सिंघल ने बताया कि 5 लोगों की मौत हुई है जिसमें 4 महिलाएं शामिल हैं। राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है। पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर मौजूद है और पड़ताल कर रही है। जांच के बाद जो भी चीजें निकलकर सामने आएंगी उनका खुलासा किया जाएगा। वहीं घटना की जानकारी मिलते ही शरद पवार गुट वाली एनसीपी के नेता अनिल देशमुख मौके पहुंचे और उन्होंने पुलिस अधिकारियों से हालात का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने घायलों से भी मुलाकात की।

केंद्रीय बजट 2024-25 की तैयारी शुरू, मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का होगा पहला बजट

नई दिल्ली : पीएम मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। अपने पहले कैबिनेट मीटिंग में किसानों और आम आदमी को बड़ी सौगात देने के बाद अब बहुत जल्द पूरे देश के लिए अपना पिटारा खोलने वाले हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जुलाई के तीसरे हफ्ते में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश कर सकती है।

केंद्रीय बजट 2024-25 की तैयारी शुरू हो गई है। कल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभाला और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। वित्त मंत्री ने सावधानीपूर्वक योजना और व्यापक विश्लेषण की आवश्यकता पर बल देते हुए अधिकारियों को बजट तैयारी प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।

इसके अलावा, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में वस्तु एवं सेवा कर  परिषद की बैठक 22 जून को राष्ट्रीय राजधानी में होने वाली है। अक्टूबर 2023 में हुई पिछली बैठक के बाद परिषद की यह पहली ऐसी बैठक है। जीएसटी परिषद के आधिकारिक एक्स हैंडल ने गुरुवार को लिखा, जीएसटी परिषद की 53वीं बैठक 22 जून, 2024 को नई दिल्ली में होगी।

NEET रिजल्ट को लेकर कोलकाता में AIDSO का प्रदर्शन

कोलकाता: मेडिकल कोर्सेज में दाखिले के लिए होने वाले एंट्रेंस एग्जाम नीट में धांधली और पेपर लीक का आरोप लगा है। इसे लेकर ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन के सदस्यों ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में विकास भवन के सामने विरोध प्रदर्शन किया है। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया है। इस बीच केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि नीट एग्जाम में पेपर लीक को लेकर उसे कोई सबूत नहीं मिला है।

नीट एग्जाम के कथित पेपर लीक को लेकर विपक्ष लगातार सरकार से सवाल कर रहा है और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बकायदा इसे लेकर प्रदर्शन भी किया है। मामला सुप्रीम कोर्ट में भी गया है, जहां अदालत ने फिलहाल पेपर रद्द करने इनकार किया है। नीट एग्जाम का आयोजन 5 मई को हुआ था और नतीजों का ऐलान 4 जून को किया गया। इसेक बाद से ही रिजल्ट को लेकर सवाल उठना शुरू हो गए हैं। छात्रों का कहना है कि एक ही सेंटर के कई छात्रों के एक समान नंबर आए हैं।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार  को कहा कि नीट-यूजी में क्वेश्चन पेपर लीक होने का कोई सबूत नहीं है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी  में भ्रष्टाचार के आरोप बेबुनियाद हैं। यह बहुत ही प्रामाणिक संस्था है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट मामले में सुनवाई कर रहा है और हम उसके फैसले का पालन करेंगे। हम सुनिश्चित करेंगे कि किसी छात्र को नुकसान नहीं उठाना पड़े। नीट यूजी पेपर लीक का मुद्दा जबरदस्त तरीके से गरमाया हुआ है।

वहीं, केंद्र सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि नीट-यूजी के 1563 छात्रों को ग्रेस मार्क दिए गए गए थे। अब इस फैसले को निरस्त कर दिया गया है। इन छात्रों के पास 23 जून को फिर से एग्जाम देने का ऑप्शन है। उनके पास ग्रेस मार्क छोड़कर नई रैंक हासिल करने का भी विकल्प है। सराकर ने कहा कि अगर इन 1,563 छात्रों में से कोई परीक्षार्थी दोबारा एग्जाम नहीं देना चाहता तो रिजल्ट में उसके मूल अंकों को शामिल किया जाएगा जिसमें ग्रेस मार्क्स जुड़े नहीं होंगे।

सूत्रों ने बताया है कि शिक्षा मंत्रालय ने एक एंपावर्ड कमेटी बनाई थी, जिसकी जांच के आधार पर 1563 बच्चों के लिए ग्रेस मार्क का प्रावधान किया गया था। उन बच्चों के लिए रिटेस्ट का भी प्रावधान था। अब जो बच्चे दोबारा से परीक्षा में शामिल होंगे, उनके नए मार्क्स के आधार पर कॉलेज अलॉट किया जाएगा। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक 1563 बच्चों का समय का नुकसान हुआ था। उसे ध्यान में रखते हुए ही ग्रेस मार्क दिया गया था।

दरअसल, इस बार नीट एग्जाम में औसतन ज्यादा बच्चे सफल हुए हैं। सरकार ने कहा है कि गड़बड़ी की जो बातें सामने आई हैं, उन्हें भी ठीक किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा बच्चे ग्रामीण परिवेश से आएं। सरकारी स्कूलों के बच्चों को भी मौका मिले। सूत्रों ने बताया कि सरकार चाहती है कि स्टेट बोर्ड के बच्चे भी नीट एग्जाम में पास हों।

बिस्क फार्म ने ‘ईट फिट डाइजेस्टिव’ और ‘ईट फिट आटा मेरी’ बिस्किट लॉन्च कर किया

कोलकाता : बिस्क फार्म देश के अग्रणी बिस्किट और बेकरी ब्रांड ने दो नई पेशकश – ‘ईट फिट डाइजेस्टिव’ और ‘ईट फिट आटा मेरी’ लॉन्च कर अपने ‘ईट फिट’ पोर्टफोलियो का विस्तार किया है। ये नए उत्पाद, स्वास्थ्य के प्रति जागरूक शहरी उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं, जो पौष्टिक और अपने लिए सोच-समझकर विकल्प चुनना पसंद करते हैं।

बिस्क फार्म प्राकृतिक सामग्री, बिना चीनी और पोषक तत्वों से भरपूर विकल्पों पर ज़ोर देते हुए, बाज़ार में स्वास्थ्यवर्धक विकल्पों की बढ़ती मांग को पूरा कर रहा है। इन बिस्किट में फाइबर, विटामिन और खनिज होता है, ये पाचन के लिहाज़ से अच्छे होते हैं और ये निरंतर ऊर्जा प्रदान कर सकते हैं।

‘ईट फिट डाइजेस्टिव’ बिस्किट अपनी उच्च डाइटरी फाइबर सामग्री के लिए जाने जाते हैं और पूरी तरह से 100% आटे (गेहूं के आटे) से बने होते हैं, जिसमें कोई अतिरिक्त चीनी नहीं होती और ट्रांस-फैट बिलकुल नहीं होता है। ये बिस्किट ग्राहकों को संतुष्टि और चिंता-मुक्त होकर खाने का अनुभव प्रदान करते हैं।

नए ‘ईट फिट आटा मेरी’ बिस्किट भी गेहूं के आटे से बने हैं, जो कुरकुरे और स्वादिष्ट दोनों हैं। ये बिस्किट हल्के-फुल्के नाश्ते जैसे हैं और उन आधुनिक उपभोक्ताओं के चाय-नाश्ते के लिए उपयुक्त हैं, जो अपने दैनिक आहार में स्वस्थ विकल्पों को प्राथमिकता देते हैं।

बिस्क फार्म के प्रबंध निदेशक, विजय कुमार सिंह ने इस लॉन्च पर अपनी टिप्पणी में कहा, “बिस्क फार्म में, हम अपने उपभोक्ताओं को उनके स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती की आकांक्षाओं के अनुरूप संपूर्ण और पौष्टिक विकल्प प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ‘ईट फिट डाइजेस्टिव बिस्किट’ और ‘ईट फिट आटा मेरी बिस्किट’ के लॉन्च के साथ, हमारा लक्ष्य है, स्वस्थ नाश्ते के विकल्पों की बढ़ती मांग को पूरा करना और साथ ही वही बढ़िया स्वाद और गुणवत्ता प्रदान करना जिसके लिए बिस्क फार्म मशहूर है।”

नए ‘ईट फिट आटा मेरी’ बिस्किट 300 ग्राम के पैक में उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत 45 रुपये है, जबकि ‘ईट फिट डाइजेस्टिव’ बिस्किट 175 ग्राम और 59 ग्राम के पैक में उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत क्रमशः 30 रुपये और 10 रुपये है। ये उत्पाद अब सभी प्रमुख खुदरा स्टोर पर उपलब्ध हैं।

दिल्ली में जानवरों के बाड़े में लगेंगे CCTV कैमरे, चिंकारी की मौत के बाद लिया गया फैसला

नई दिल्ली :  गर्मी की छुट्टियों में दिल्ली के चिड़ियाघर में पर्यटकों की संख्या भी कुछ बढ़ गई है। हालांकि गर्मी के कारण संख्या में उतनी बढ़ोतरी नहीं हुई है फिर भी सैलानी यहां बच्चों को लेकर चिड़ियाघर दिखाने आ रहे हैं। लेकिन बीते एक जून को दिल्ली के जू में दो जानवरों के बीच हिंसक भिड़ंत हो गई। घटना में एक पशु की मौत हो गई। इसके बाद चिड़ियाघर प्रशासन ने पशु बाड़ों में और अधिक सीसीटीवी कैमरे में लगाए जाने के साथ सर्विलांस बढ़ाने का निर्णय लिया है।

अक्सर चिड़ियाघरों या जंगल के एरिया की बात ही करें तो कई बार जानवरों के बीच वर्चस्व को लेकर दो जानवरों के बीच हिंसक झड़प हो जाती है। ऐसे में कई बार झड़प बढ़ने पर गंभीर परिणाम देखने को मिलते हैं। दिल्ली के चिड़ियाघर में बीते एक जून को कुछ ऐसा ही हुआ था। यहां दो चिंकारा आपस में भिड़ गए थे। वर्चस्व को लेकर हुई इस जंग में दोनों चिंकारा एक दूसरे पर हमले करने लगे जिसमें एक के पेट में सींग लगने से उसकी आंत में गहरे घाव हो गए। उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन कुछ देर के बाद उसने दम तोड़ दिया।

जीवित चिंकारा को भी इस लड़ाई में मामूली चोटें आई हैं, हालांकि प्राथमिक उपचार के बाद वह ठीक है। उसे अन्य जानवरों के साथ बाड़ें में शिफ्ट कर दिया गया है। इसी बाड़े में पिछले माह जन्मा नन्हा चिंकारा भी है। वहीं घटना के बाद जानवरों की सिक्योरिटी और सर्विलांस को लेकर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। सीसीटीवी कैमरे के साथ गार्ड्स को भी अलर्ट किया गया है।

आइसक्रीम कोन में मिली कटी हुई उंगली, कंपनी के खिलाफ केस दर्ज

मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां आइसक्रीम में कटी हुए इंसानी उंगली मिली है। जानकारी के के मुताबिक मलाड में रहने वाले डॉक्टर ओरलेम ब्रैंडन सेराओ ने युम्मो आइसक्रीम से ऑनलाइन कोन आइसक्रीम मंगवाई थी। जब ही वह आइसक्रीम खा रहे थे, तभी उन्हें कोन में कुछ असामान्य चीज महसूस हुई।

उन्होंने देखा कि आइसक्रीम में इंसानी उंगली है। यह देखकर वह हैरान रह गए और उसकी फोटो क्लिक करके सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी। ऑनलाइन शेयर की गई तस्वीर में कोन आइसक्रीम में एक इंसानी उंगली देखी जा सकती है। डॉ. सेरा-ओ ने अपने भयावह अनुभव को शेयर करते हुए कहा कि पहले तो उन्हें लगा कि यह कोई अखरोट हो सकता है, लेकिन सौभाग्य से उन्होंने इसे निगला नहीं।

उन्होंने एक वीडियो में कहा, “मैंने एक ऐप से तीन कोन आइसक्रीम ऑर्डर की थीं. उनमें से एक यम्मो ब्रांड की बटरस्कॉच आइसक्रीम थी। इसका आधा हिस्सा खाने के बाद, मुझे लगा कि मेरे मुंह में एक ठोस टुकड़ा है। मुझे लगा कि यह कोई अखरोट या चॉकलेट का टुकड़ा हो सकता है, लेकिन फिर भी मैंने यह जांचने के लिए इसे थूक दिया कि आखिर यह है क्या?

उन्होंने आगे कहा, ‘मैं ठोस टुकड़े की जांच करने के बाद सदमे में आ गया। मैं एक डॉक्टर हूं इसलिए मुझे पता है कि शरीर के अंग कैसे दिखते हैं। जब मैंने ध्यान से इसकी जांच की, तो मैंने इसके नीचे नाखून और उंगलियों के निशान देखे. यह अंगूठे जैसा दिख रहा था. मैं सदमे में हूं।’

डॉक्टर ने तुरंत इसे आइस पैक में डाल दिया, ताकि वह इसे पुलिस को दिखा सकें और मलाड पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने यम्मो ब्रांड के खिलाफ खाद्य पदार्थों में मिलावट और मानव जीवन को खतरे में डालने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने उंगली को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस ने कहा कि खाद्य पदार्थ में शरीर के अंग की मौजूदगी से साजिश का संदेह पैदा होता है। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।

NEET मामले में NTA ने ग्रेस मार्क्स किया खत्म, दोबारा होगी 1563 छात्रों की परिक्षा

नई दिल्ली: नीट UG धांधली मामले में आज छात्रों की बड़ी जीत हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने नीट परीक्षा परिणाम में अनियमितता को देखते हुए NTA को ग्रेस मार्क्स रद्द करके फिर से नीट एग्जाम आयोजित करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की बेंच ने मामले की सुनवाई की।

67 छात्रों को 720 में से 720 मार्क्स मिलने पर जब NTA से सवाल पूछा गया था तो NTA इसके पीछे की वजह ग्रेस मार्क्स बताया था। NTA ने अपनी सफाई में कहा था कि कुछ एग्जाम सेंटर्स पर लॉस ऑफ टाइम की वजह से कुल 1563 छात्रों को ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं जिसकी वजह से 44 छात्रों के मार्क्स 720 हुए। हालांकि आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद NTA को ग्रेस मार्क्स रद्द करने का निर्देश दिया गया।

NEET रिजल्ट के बाद दाखिल की गई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि ग्रेस मार्क्स पाने वाले 1563 छात्रों का ही री-एग्जाम कराया जाएगा। इससे पहले एनटीए ने कहा था करीब 24 लाख छात्रों में से केवल 1563 छात्रों के परीक्षा परिणाम तक समस्या सीमित है। बाकी स्टूडेंट्स को कोई परेशानी नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने आज फिर दोहराया है कि NEET UG की काउंसलिंग पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी। स्टूडेंट्स काउंसलिंग राउंड में शामिल हो सकते हैं। 23 जून को दोबार नीट एग्जाम होगा और 30 जून को इसका रिजल्ट घोषित होने की उम्मीद है। ताकि जुलाई में नीट की काउंसलिंग शुरू हो सके। NTA की तरफ से कहा गया कि छात्रों का डर दूर करने के लिए यह निर्णय लिया जा रहा है। जिन स्टूडेंट्स को NTA की तरफ से ग्रेस मार्क्स दिए गिए हैं उनको एनटीए ने दो ऑप्शन दिए हैं। यह छात्र री-एग्जाम में बैठ सकते हैं या फिर अपने पुराने स्कोर के साथ ही काउंसलिंग की तरफ आगे बढ़ सकते हैं लेकिन उनके स्कोरकार्ड से ग्रेस मार्क्स हटा दिए जाएंगे। जिन कैंडिडेट को कॉन्फिडेंस है कि वे दोबारा परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं तो वे री-एग्जाम में शामिल होने का फैसला ले सकते हैं।

दरअसल, 5 मई को देशभर में हुई नीट परीक्षा कराने वाली NTA ने 4 जून को जब रिजल्ट जारी किया तो देश भर में हंगामा खड़ा हो गया। वजह 67 बच्चों को जहां 720 में 720 नंबर मिले थे, वहीं इससे भी ज्यादा 1563 बच्चों को ग्रेस मार्किंग दी गई थी। यह ग्रेस मार्किंग 10, 20 या 30 नंबर की नहीं 100 से 150 नंबर तक की दी गई थी, जिसकी वजह से कई बच्चे जो मेरिट में बाहर थे वो मेरिट में आ गए और जो मेरिट वाले बच्चे थे उनके लिए गवर्नमेंट कॉलेज में एडमिशन पाना मुश्किल हो गया।

शाहजहां के घर पर मौजूद थे हथियार, दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए हुआ था ED पर हुआ था हमला

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में पांच जनवरी को उत्तर 24 परगना के संदेशखाली  में प्रवर्तन निदेशालय  की टीम पर हुए हमले के सिलसिले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो तृणमूल कांग्रेस के निलंबित नेता शेख शाहजहां और छह अन्य के खिलाफ पहली चार्जशीट स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पहले ही दायर कर चुकी है।

सूत्रों की माने, तो केंद्रीय जांच एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में यह आरोप लगाया है कि शाहजहां के आवास में हथियारों का जखीरा छिपाकर कर रखा गया था। इसी बीच ईडी ने वहां अभियान चलाया और सीबीआई को अंदेशा है कि हथियारों को दूसरी जगह शिफ्ट करने के इरादे से केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों पर हमला व लूटपाट की घटना को अंजाम दिया गया।

आरोप यह भी है कि शाहजहां के भाई शेख आलमगीर व उसके साथियों ने हथियार अबू तालेब नामक शख्स के ठिकाने पर रखवाया था। वह भी शाहजहां के करीबी माने जाने वालों में से एक है। उक्त मामले को लेकर सीबीआई की जांच जारी है। सीबीआई ने अप्रैल में संदेशखाली के सड़बेड़िया में अलग-अलग जगहों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। छापेमारी में विदेश निर्मित पिस्तौल सहित कई हथियार, बम और गोला-बारूद बरामद किये गये। शाहजहां के करीबी माने जाने वाले हफीजुल खान के रिश्तेदारों के ठिकानों पर भी अभियान चलाया गया था।

इनमें अबू तालेब मोल्ला के ठिकानों से तीन विदेशी रिवॉल्वर, एक देशी आग्नेयास्त्र, एक सरकारी रिवॉल्वर, एक विदेशी पिस्तौल, एक देशी पिस्तौल, 9 एमएम के 120 कारतूस, .45 कैलिबर के 50 कारतूस, 9 एमएम कैलिबर के 120 कारतूस, .380 कैलिबर के 50 कारतूस, .32 कैलिबर के आठ कारतूस जब्त किये गये। साथ ही शेख शाहजहां से संबंधित कुछ दस्तावेज व अन्य सामान भी बरामद हुए थे. इडी की टीम पर पांच जनवरी को संदेशखाली में उस समय हमला किया गया था, जब वह कथित राशन घोटाले के सिलसिले में शाहजहां के परिसर पर छापा मारने गयी थी। उस दिन करीब एक हजार लोगों की भीड़ ने टीम पर हमला कर दिया था, जिसमें इडी के तीन अधिकारी घायल हो गये थे।

राम मंदिर की सुरक्षा होगी दुरुस्त, अयोध्या में बनेगा NSG सेंटर

अयोध्या: राम मंदिर के चलते देश-दुनिया में अयोध्या का अपना अलग स्थान है। ऐसे में इसकी सुरक्षा के लिए तमाम तरह के प्रबंध किए गए हैं। इसी कड़ी में अब रामनगरी में एनएसजी हब बनेगा। आतंकी खतरे और उससे निपटने को लेकर केंद्र सरकार ने ये फैसला लिया है। एनएसजी के ब्लैक कैट कमांडो अयोध्या में बनने वाले NSG हब में तैनात होंगे।

गृह मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, NSG को अयोध्या में आतंकवाद विरोधी और अपहरण रोधी अभियानों का विशिष्ट दायित्व सौंपा जाएगा, जिसका काम NSG बखूबी कर रही है। सरकार अयोध्या में एनएसजी हब बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। वहीं, इस मामले में यूपी कांग्रेस चीफ अजय राय ने कहा कि अयोध्या भगवान का पवित्र स्थान है। इसकी पवित्रता बरकरार रखिए। अयोध्या के लोगों ने आपका (बीजेपी) साथ छोड़ दिया। आप वहां केवल मार्केटिंग और इवेंट करना चाहते हैं।

अयोध्या स्थित राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और चाक चौबंद करने की तैयारी की जा रही है। ऐसे में अब NSG की यूनिट अयोध्या में तैनात की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि अयोध्या की सुरक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए ब्लैक कैट कमांडो तैनात किए जाएंगे। मालूम हो कि अभी तक राम मंदिर की सुरक्षा में तैनात PAC के जवानों को हर दो महीने में बदल दिया जाता है। राम मंदिर की सुरक्षा में पीएसी की 8 कंपनी यूपी एसएसएफ को दी गई हैं। एटीएस (ATS) की यूनिट भी अयोध्या में मौजूद रहती है।

कुवैत की आग में 41 की मौत, पीएम मोदी ने जताया शोक, संभवत: सभी मृतक भारतीय

कुवैत : कुवैत की एक बिल्डिंग में आग लगने से 41 लोगों के मारे जाने की सूचना है।आग बुधवार को कुवैत के दक्षिणी इलाके मंगाफ में लगी। जानकारी के अनुसार यह मजदूरों की बिल्डिंग थी और यहां श्रमिक वर्ग के लोग ही रहते थे। दुर्घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक जताया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखा है और बताया है कि भारतीय दूतावास मदद के लिए पहुंच चुका है. मरने वालों में अधिकतर भारतीय हैं। आग लगने की घटना पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शोक जताया है और हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया है।

उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया है कि इतने लोगों के मारे जाने की सूचना से सदमे में हूं। 40 लोगों की मौत हुई है और 50 से अधिक घायल हैं. हम विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं और मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं.

जानकारी के अनुसार यह इमारत भारतीय मजदूरों की थी और मरने वाले सभी भारतीय हैं। कुवैत टाइम्स की खबरों के अनुसार भारतीय दूतावास ने बताया कि कुवैत में भारतीय राजदूत आदर्श स्वाइका ने अल-अदान अस्पताल का दौरा किया, जहां आग लगने की घटना में घायल हुए 30 से अधिक भारतीय श्रमिकों को भर्ती कराया गया है। राजदूत ने कई मरीजों से मुलाकात की और उन्हें दूतावास से पूरी सहायता का आश्वासन दिया। बताया जा रहा है कि अस्पताल में भरती पीड़ितों की हालत स्थिर है.

कुवैत के अधिकारियों की ओर से जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार आग पर काबू पा लिया गया है. आग लगने की यह घटना भारतीय समयानुसार सुबह छह बजे के आसपास की है। अधिकतर लोगों की मौत दम घुटने से हुुई है. घायलों को अस्पताल में भरती कराया गया है और इमारत के मालिक को गिरफ्तार करने का आदेश दे दिया है। घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। कुवैत के मंत्री फवाद ने बताया कि वे घटनास्थल पर गए थे और घटना के कारणों का पता लगाने के आदेश दिए हैं। शुरुआती जांच में ये नियमों के उल्लंघन का मामला प्रतीत होता है।

बंगाल में बर्ड फ्लू से 4 साल का बच्चा पीड़ित, WHO ने जताई चिंता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में अब बर्ड फ्लू ने दस्तक दी है। 4 साल के बच्चे के शरीर में H9N2 बर्ड फ्लू का वायरस पाया गया है। जिसके चलते बच्चे को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। खुद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यह जानकारी सार्वजनिक कर चिंता जताई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बच्चे को सांस लेने में तेज तकलीफ, बुखार और पेट दर्द के कारण पिछले फरवरी में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद पता चला कि बच्चा बर्ड फ्लू से पीड़ित है।

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, मरीज के घर पर पोल्ट्री फार्म था। शायद वहीं से बच्चा बर्ड फ्लू वायरस से संक्रमित हुआ होगा। गंभीर रूप से बीमार होने के बाद बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। करीब 3 महीने के इलाज के बाद बच्चा ठीक हो गया। हालांकि, यह बताया गया है कि बच्चे के परिवार के किसी अन्य सदस्य में बीमारी के कोई लक्षण नहीं दिखे। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) इस बात से इनकार नहीं कर रहा है कि मामला काफी चिंताजनक है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट सामने आने के बाद यह दूसरी बार है जब भारत में H9N2 बर्ड फ्लू वायरस का मानव संक्रमण पाया गया है। इससे पहले 2019 में एक भारतीय के शरीर में इस बर्ड फ्लू वायरस का संक्रमण देखा गया था। पहली बार मामला सामने आते ही पूरे देश में सनसनी फैल गई थी। 5 साल बाद इस घटना के फिर से सामने आने की चिंता बढ़ रही है।

बता दें कि इसी महीने मेक्सिको में बर्ड फ्लू से पहली मौत हुई थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, 59 वर्षीय व्यक्ति को पिछले अप्रैल में बुखार हुआ था। कुछ ही दिनों में दस्त, सांस लेने में तकलीफ और उल्टी होने लगी थी, तीन सप्ताह तक गंभीर रूप से बीमार रहने के बाद 24 अप्रैल को वृद्ध की मृत्यु हो गई।

चौथी बार बने आंध्र प्रदेश के सीएम , पवन कल्याण बने डिप्टी सीएम

अमरीवती : तेलुगु देशम पार्टी चीफ एन चंद्रबाबू नायडू बुधवार को चौथी बार आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा समेत कई और केंद्रीय मंत्री, मंत्री और नेता शामिल हुए। जनसेना प्रमुख सह अभिनेता पवन कल्याण, चंद्रबाबू नायडू के बेटे नारा लोकेश समेत अन्य ने भी मंत्री पद की शपथ ली। आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस अब्दुल नजीर ने चंद्रबाबू नायडू समेत अन्य को शपथ दिलाई।

टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू विजयवाड़ा के बाहरी इलाके केसरपल्ली में गन्नावरम हवाई अड्डे के सामने मेधा आईटी पार्क के पास शपथ ली। चंद्रबाबू नायडू के शपथ ग्रहण समारोह के लिए केसरपल्ली आईटी पार्क को अच्छे से सजयाया गया। वहीं चंद्रबाबू नायडू के बाद जनसेना प्रमुख पवन कल्याण ने आंध्र प्रदेश के मंत्री के रूप में शपथ ली। पवन कल्याण प्रदेश के डिप्टी सीएम बने हैं। पवन कल्याण के नेतृत्व वाली पार्टी को कैबिनेट में तीन और भाजपा को एक मंत्री पद मिला है।

चंद्रबाबू नायडू के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत समेत कई और एनडीए नेता मौजूद थे। शपथ ग्रहण के बाद पीएम मोदी ने चंद्रबाबू का अभिवादन किया। उन्होंने गले मिलकर नायडू को बधाई दी।

चंद्रबाबू नायडू ने विजयवाड़ा के बाहरी इलाके केसरपल्ली में गन्नावरम एयरपोर्ट के सामने मेधा आईटी पार्क में शपथ ली। वही पवन कल्याण डिप्टी सीए बने हैं। चंद्रबाबू नायडू के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के दौरान पीएम मोदी जन सेना प्रमुख पवन कल्याण, अभिनेता और पद्म विभूषण पुरस्कार विजेता कोनिडेला चिरंजीवी, अभिनेता रजनीकांत, अभिनेता-राजनेता नंदमुरी बालकृष्ण और अन्य केंद्रीय मंत्रियों और टीडीपी नेताओं से मुलाकात की।

आंध्र प्रदेश विधानसभा की सदस्य संख्या 175 हैं इसके मुताबिक, मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित 26 मंत्री हो सकते हैं। बता दें, आंध्र प्रदेश में एनडीए में टीडीपी, बीजेपी और जनसेना शामिल हैं। आंध्र प्रदेश में हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में कुल 175 विधानसभा सीट में से एनडीए ने 164 सीट पर जीत दर्ज कर बहुमत हासिल किया है।

मोहन चरण माझी बनेंगे ओडिशा के 15वें मुख्यमंत्री, पत्नी सहित पूरा परिवार आश्चर्यचकित

ओडिशा :  मोहन चरण माझी ओडिशा के 15वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। माझी के परिवार के सदस्यों के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं है, क्योंकि उनमें से किसी ने कभी नहीं सोचा था कि वह ओडिशा के मुख्यमंत्री बनेंगे। मोहन की मां, पत्नी और दो बेटे भुवनेश्वर में सरकारी आवास में रहते हैं।

मंगलवार को जब माझी को नया मुख्यमंत्री घोषित किया गया तो उनका परिवार आश्चर्यचकित रह गया। उन्हें सबसे पहले स्थानीय समाचार चैनलों से उनके मुख्यमंत्री के रूप में चुने जाने की जानकारी मिली। उस क्षण तक वे पूरी तरह से इस निर्णय से अनजान थे।

आवाज में अविश्वास और गर्व के मिलेजुले भाव के साथ मोहन की पत्नी प्रियंका ने कहा, मैंने कभी नहीं सोचा था कि वो (मोहन) मुख्यमंत्री बनेंगे. मुझे ये तो उम्मीद थी कि उन्हें नए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मंत्रिमंडल में मंत्री पद मिलेगा। लेकिन यह मेरे और मेरे परिवार के लिए एक चौंका देने वाला था।

प्रियंका ने कहा कि वह अपने परिवार के साथ टीवी पर समाचार देख रहे थे, तभी उन्हें इस घटनाक्रम के बारे में पता चला। उन्होंने भरोसा जताया कि उनके पति ओडिशा के लोगों और अपने निर्वाचन क्षेत्र क्योंझर के लिए अच्छा काम करेंगे। मोहन माझी की मां बाले माझी ने कहा कि उन्हें बहुत खुशी है कि उनका बेटा मुख्यमंत्री बन गया. उन्होंने कहा, वह कम उम्र में ही लोगों की सेवा करने के लिए आगे आया. पहले वह सरपंच बना, फिर विधायक और अब मुख्यमंत्री.
माझी के बेटे कृष्ण केंद्रीय विद्यालय में कक्षा आठ में पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मुझे बड़ी हैरानी हुई कि मेरे पिता मुख्यमंत्री बन गए. मेरे दोस्त मुझसे पार्टी मांग रहे हैं।