रक्षा मंत्रालय के लिए बजट में 6,21,940 करोड़ रुपये का प्रावधान

नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को लोकसभा में आम बजट पेश किया। इस आम बजट में कई बड़े ऐलान के साथ तमाम मंत्रालयों के लिए धन का आवंटन किया गया है। इसी कड़ी में राजनाथ सिंह ने रक्षा मंत्रालय को आवंटित बजट के लिए मोदी सरकार का आभार जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “जहां तक ​​रक्षा मंत्रालय के आवंटन का सवाल है, मैं 6,21,940.85 करोड़ रुपये का उच्चतम आवंटन देने के लिए वित्त मंत्री को धन्यवाद देता हूं, जो वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भारत सरकार के कुल बजट का 12.9 प्रतिशत है। 1,72,000 करोड़ रुपये का पूंजीगत परिव्यय सशस्त्र बलों की क्षमताओं को और मजबूत करेगा। घरेलू पूंजीगत खरीद के लिए 1,05,518.43 करोड़ रुपये निर्धारित करने से आत्मनिभर्रता को और गति मिलेगी।

उन्होंने आगे लिखा, “मुझे खुशी है कि सीमा सड़कों को पूंजीगत मद के तहत पिछले बजट की तुलना में आवंटन में 30 प्रतिशत की वृद्धि दी गई है। बीआरओ को 6,500 करोड़ रुपये का यह आवंटन हमारे बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर को और गति देगा। रक्षा उद्योगों में स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए, स्टार्टअप्स, एमएसएमई और इनोवेटर्स द्वारा दिए गए तकनीकी समाधानों को वित्तपोषित करने के लिए आईडीईएक्स योजना के लिए 518 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।”

उन्होंने आगे लिखा, “वित्त वर्ष 2024-25 बजट पेश करने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई। यह बजट एक समृद्ध और आत्मनिर्भर ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। समावेशी और तेज गति वाले विकास की दृष्टि से यह बजट भारत के आर्थिक परिवर्तन को गति देगा। यह बजट कई मायनों में अद्वितीय है और सर्वांगीण और समावेशी विकास के लिए एनडीए सरकार की 9 प्रमुख प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है।”

उन्होंने आगे लिखा, “यह बजट 2027 तक भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। भारत के किसानों, युवाओं, महिलाओं और समाज के अन्य कमजोर वर्गों के समर्थन के लिए कई नीतियों और कार्यक्रमों की भी घोषणा की गई है। बुनियादी ढांचे, कृषि, बैंकिंग, ऊर्जा, उद्योग, अनुसंधान एवं विकास, एमएसएमई और रक्षा जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है।”

DRDO ने किलर मिसाइल Rudram II का किया सफल परीक्षण

नई दिल्ली :  रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने बुधवार को 11:30 बजे ओडिशा तक पर अपने नए लड़ाकू मिसाइल रूद्रम-II का सफल परीक्षण कर दिया है। ये एंटी रेडिएशन मिसाइल हवा से जमीन पर वार करने के लिए बनाई गई एक ऐसी मिसाइल पलक झपकते दुश्मन पर तेजी से वार करने में सक्षम है।

मिसाइल लॉन्च होने की जानकारी डीआरडीओ ने मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर शेयर कर दी है। डीआरडीओ ने अपने पोस्ट में लिखा है कि इस उड़ान परीक्षण में परीक्षण के सारे उद्देश्य पूरे हुए हैं।

मिसाइल के लॉन्च होने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बयान आया है, उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा है, “इस परीक्षण से भारतीय सशस्त्र बलों की ताकत कई गुणा बढ़ जाएगी। उन्होंने वायु सेना, डीआरडीओ समेत उद्योग जगत को बधाई दी है.”

155 किग्रा वजनी इस मिसाइल की लंबाई 18 फुट है, यह पलक झपकते तेज रफ्तार से दुश्मन के पूरे इलाके को ध्वस्त कर सकती है, ये मिसाइल आवाज की स्पीड से 5 गुना तेजी से उड़ान भरने में सक्षम है।

बता दें 15 किमी तक की ऊंचाई तक जानेवाली इस मिसाइल की रेंज 300 किमी है। ये मिसाइल 6791.4 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दुश्मन पर वार करने में सक्षम है इसलिए इसे हाइपर सोनिक मिसाइल की कैटेगरी में रखा गया है।

डीआरडीओ के साथ इस मिसाइल को डिजाइन करने और बनाने में भारत इलेक्ट्रानिक्स डायनेमिक्स लिमिटेड के साथ अदाणी डिफेन्स एंड एयरोस्पेस का भी योगदान रहा है। इससे पहले रुद्रम 1 का परीक्षण आज से चार साल पहले फाइटर जेट सुखोई-30 एमकेआई द्वारा किया गया था।

हमलावरों को हम सागरतल से भी ढूंढ निकालेंगे: राजनाथ

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अरब सागर में व्यापारी जहाज एमवी केम प्लूटो पर उस समय हमला करने वालों का पता लगाने की कसम खाई, जब वह न्यू मैंगलोर बंदरगाह की ओर जा रहा था। राजनाथ सिंह ने कहा कि वह व्यापारी जहाज पर हमला करने वालों को ‘समुद्र की गहराई से भी’ ढूंढ निकालेंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना ने समुद्र में निगरानी बढ़ा दी है। अपने बयान में उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना ने समंदर की निगरानी बढ़ा दी है। जिन्होंने भी इस हमले को अंजाम दिया है, उन्हें हम सागरतल से भी ढूँढ निकालेंगे और उनके ख़िलाफ़ कठोर कारवाई की जायेगी।उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान के पैदा किए अन्न को खाकर फौजी युद्ध लड़ने जा रहे हैं और जंग जीत रहे हैं, तो यह जीत देश के किसानों की भी होती है। यदि कोई मजदूर लोहा या स्टील ढाल रहा है, उस लोहे या स्टील से आगे चलकर कोई हथियार बन रहा है, जिससे सैनिक विजय हासिल कर रहा है, तो वह विजय मजदूर की भी होती है।राजनाथ ने दावा किया कि कहा कि कुछ देश भारत के विकास से नाराज हैं। उन्होंने कहा कि आजकल समंदर में हलचल कुछ ज़्यादा ही बढ़ गई है। भारत की बढ़ती आर्थिक और सामरिक ताक़त ने कुछ ताक़तों को ईर्ष्या और द्वेष से भर दिया है। अरब सागर में हाल में हुए ‘एमवी केम प्लूटो’ पर ड्रोन हमले और कुछ दिन पहले लाल सागर में ‘एमवी साई बाबा’ पर हुए हमले को भारत सरकार ने बहुत गंभीरता से लिया है।

राजनाथ ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया हवाई सर्वेक्षण

Rajnath Singh

मंगलवार को आंध्र प्रदेश में दस्तक देने के बाद चक्रवात मिचौंग लगातार कमजोर हो रहा है, कई तटीय राज्य, विशेष रूप से तमिलनाडु और ओडिशा, अभी भी इसके प्रभाव से जूझ रहे हैं। चक्रवात के कारण हुई बारिश के कारण तमिलनाडु में भयंकर बाढ़ आ गई है, जिसके कारण तमिलनाडु के कम से कम चार राज्यों में स्कूल और कॉलेज बंद हो गए हैं। चेन्नई से आने या जाने वाली 15 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और ओडिशा में फसलों को नुकसान हुआ है।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को बाढ़ प्रभावित उत्तरी तमिलनाडु का हवाई सर्वेक्षण किया और चक्रवात मिचौंग के कारण हुए नुकसान पर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के साथ चर्चा की।

मूसलाधार बारिश और बाढ़ से प्रभावित चेन्नई और आसपास के इलाकों का सर्वेक्षण करने के बाद, केंद्रीय मंत्री ने सचिवालय में एमके स्टालिन से मुलाकात की और उन्हें चक्रवात, इससे हुए नुकसान और केंद्र से आवश्यक राहत के बारे में जानकारी दी गई।गृह मंत्री ने कहा कि वह प्रभावित सभी लोगों की सुरक्षा और भलाई के लिए प्रार्थना करते हैं और सरकार इस महत्वपूर्ण घड़ी में उनके साथ खड़ी है और यह सुनिश्चित करेगी कि स्थिति जल्द से जल्द सामान्य हो जाए।उन्होंने कहा कि भीषण चक्रवाती तूफान मिचौंग ने तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश को प्रभावित किया है। हालाँकि क्षति की सीमा अलग-अलग है, इन राज्यों के कई क्षेत्र जलमग्न हैं, जिससे खड़ी फसलें प्रभावित हो रही हैं।

वायुसेना का ट्रेनर विमान दुर्घटनाग्रस्त, राजनाथ सिंह ने जताया दुख

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पुष्टि की कि सोमवार को हैदराबाद के पास वायु सेना अकादमी में पिलाटस पीसी 7 एमके II विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से भारतीय वायु सेना के दो पायलटों की मौत हो गई। सिंह ने पायलटों के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स का सहारा लिया। उन्होंने कहा कि हैदराबाद के पास हुए इस हादसे से दुखी हूं। यह बेहद दुखद है कि दो पायलटों की जान चली गई। इस दुखद घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। स्थानीय पुलिस के मुताबिक, यह घटना तेलंगाना के मेडक जिले के तूप्रान मंडल में हुई। पहले कहा गया था कि दो पायलटों की मौत हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि पायलटों में एक प्रशिक्षक और एक कैडेट शामिल हैं।

भारतीय वायुसेना ने दुर्घटना के कारण का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दिया है।वायुसेना ने दुर्घटना का कारण पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं। भारतीय वायु सेना ने ट्वीट कर कहा कि पिलाटस पीसी 7 एमके II विमान आज सुबह एएफए, हैदराबाद से नियमित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह बेहद अफसोस के साथ है कि भारतीय वायुसेना पुष्टि करती है कि विमान में सवार दोनों पायलटों को घातक चोटें आईं।

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में वामपंथी उग्रवाद बढ़ा है : राजनाथ

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस के शासन में छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। राजनाथ सिंह ने सीतापुर विधानसभा क्षेत्र में एक रैली में आरोप लगाया कि मानव तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ में बढ़ी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में वामपंथी उग्रवाद बढ़ा है। अगर भाजपा सत्ता में आई तो इसे तीन-चार वर्ष में समाप्त कर दिया जाएगा।

राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि 2018 में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति ध्वस्त हो गई। उन्होंने कहा कि हत्या जैसे अपराध आम बात हो गए हैं। कई परिवारों की बेटियां गायब हो गई हैं जो एक बड़ी चुनौती है। मानव तस्करी और नशीली दवाओं का व्यापार बढ़ रहा है। प्रदेश से कांग्रेस को उखाड़ फेंकना जरूरी हो गया है। श्री सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने राज्य में एक भी विकास कार्य नहीं किया है। अगर जनता से इस सरकार का रिपोर्ट कार्ड मांगा जाए तो रिपोर्ट कार्ड में ‘जीरो बटे सन्नाटा’ होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर भाजपा छत्तीसगढ़ में सत्ता में आई तो धर्मांतरण (जबरन) पर रोक लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री बनने के बाद क्या हुआ वो आप जानते हैं।ऐसी भूखी और भ्रष्ट सरकार आपने कभी नहीं देखी होगी।

कांग्रेस के लिए परिवार ही सबकुछ : राजनाथ

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मध्य प्रदेश के ग्वालियर में प्रचार करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। राजनाथ ने दावा किया कि जहां-जहां कांग्रेस की सरकारें हैं, वहां सरकारी कर्मचारियों को समय से वेतन मिलना मुश्किल हो जाता है।राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस की जितनी भी केंद्र में सरकारें रही हैं उन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। उन्होंने कहा कि भारत क्या दुनिया में कोई नहीं कह सकता कि हमारे किसी भी मंत्री ने भ्रष्टाचार किया है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां किसी पर भ्रष्टाचार का आरोप लग जाएगा तो हम सीधे निकाल बाहर करेंगे।उन्होंने कहा कि जो काम कांग्रेस पचास-पचपन साल में नहीं कर पाई वह हमारी सरकारों ने कुछ वर्षों में करके दिखाया है।

कांग्रेस की वजह से राजनीति में गहराया विश्वास का संकट : राजनाथ

केंद्रीय रक्षा मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह राजस्थान के राजसमंद में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस की वजह से राजनीति में विश्वास का संकट गहराया है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने राजनीति में विश्वसनीयता का संकट समाप्त किया है। उन्होंने कहा कि जयपुर में एक रोडरेज की घटना पर सम्प्रदाय विशेष के हंगामें के बाद मृतक के परिवार को 50 लाख रूपये, सरकारी नौकरी और डेयरी बूथ आंवटित किया जाता है, परन्त तापडिया, बाल्मिकी, जाटव, सैनी, सोनी की हत्या पर सरकार मुंह में दही जम कर बैठ जाती है।

उन्होंने कहा कि चुनाव नज़दीक आते देख कर राजस्थान की सरकार लोगों को ख़रीदना चाहती है। राजस्थान की जनता को बख़्शीश देने की कोशिश की जा रही है।

दिल्ली राजनीतिक राजधानी है, तो बंगलूरू देश की टेक्नोलॉजी की राजधानी है : राजनाथ

बंगलूरू में ‘इंडिया मैन्युफैक्चरिंग शो-2023’ के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर दिल्ली राजनीतिक राजधानी है, तो बंगलूरू देश की टेक्नोलॉजी की राजधानी है।उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के दृष्टिकोण से अगर दक्षिण भारत को देश का ‘सांस्कृतिक किला’ कहूं तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ के अनुसार, उत्तर भारत ने सीधे आक्रमणकारियों का सामना किया। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत भारतीय संस्कृति का सुरक्षित घर है।उन्होंने कहा कि अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण आक्रमणकारियों के लिए दक्षिण भारत काफी दूर रहा है।

हम सहयोग करते हैं तो हमारे क्षेत्र का भविष्य बहुत बड़ा है : राजनाथ

गोवा के तत्वावधान में भारतीय नौसेना 29 से 31 अक्टूबर तक गोवा मैरीटाइम कॉन्क्लेव-2023 का चौथा संस्करण आयोजित कर रही है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गोवा दौरे पर पहुंचे। उन्होंने गोवा मैरीटाइम कॉन्क्लेव में अपने संबोधन में कहा कि समुद्र प्राचीन काल से हमारे इतिहास को आकार दे रहा है। उन्होंने कहा कि आज भी समुद्र हमारे जीवन को प्रभावित कर रहा है और भविष्य में भी यह हमारे भाग्य को आकार देगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि मुझे यह कहने में कोई झिझक नहीं है कि यदि हम सहयोग करते हैं तो हमारे क्षेत्र का भविष्य बहुत बड़ा है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में देशों के सामने चुनौती ऐसे समाधान खोजने की है जो सहयोग को बढ़ावा दें, विश्वास बहाल करें और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में कैदी की दुविधा से जुड़े जोखिमों को कम करें।उन्होंने कहा कि देशों को रणनीतिक निर्णय लेने की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने पर दें ध्यान : राजनाथ

देश में पहली बार आयोजित दो दिवसीय वायुसेना कमांडर्स कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को भारतीय वायुसेना के कमांडरों से बात की। इस दौरान उन्होंने वायुसेना से तेजी से बदलती भू-राजनीतिक स्थिति को देखते हुए एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने पर जोर दिया। राजनाथ ने इस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मौजूदा वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में कई नई चुनौतियां उभर रही हैं। हमें हमेशा इनसे निपटने के लिए तैयार रहना होगा।राजनाथ ने कहा कि अधिकारियों को भारत के हवाई रक्षा प्रणालियों को मजबूत करने और ड्रोन्स के इस्तेमाल पर केंद्रित होना चाहिए।इस बैठक में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी की तरफ से भारत के पाकिस्तान और चीन से लगते बॉर्डर पर हवाई सुरक्षा के मुद्दे का भी विश्लेषण किया गया।

राजनाथ सिंह ने अरूणाचल प्रदेश में की शस्त्र पूजा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विजयादशमी पर अरुणाचल प्रदेश के तवांग में शस्त्र पूजा की और सैनिकों के साथ दशहरा पर्व मनाया। उन्होंने सीमा पर तैनात जवानों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आपने सीमाओं को सुरक्षित रखा है, इसीलिए दुनिया के सामने भारत का कद तेजी से बढ़ रहा है। अगर आपने देश की सीमा को सुरक्षित नहीं रखा होता, तो यह कद संभव नहीं होता।रक्षा मंत्री हर साल सैनिकों के साथ दशहरा पर्व मनाने और शस्त्र पूजा करने के लिए देश की किसी न किसी सीमा पर जाते हैं।

उन्होंने कहा कि अगर भारत का कद बढ़ा है और भारत ने आर्थिक विकास किया है, तो यह वास्तव में महत्वपूर्ण है। अगर आपने देश की सीमा को सुरक्षित नहीं रखा होता, तो यह कद संभव नहीं होता। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि जिस कठिन परिस्थिति में आप देश की सीमाओं की रक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, उसकी जितनी सराहना की जाए, उतनी कम है। मैं आपको बताना चाहूंगा कि देशवासियों को आप पर गर्व है।

अनिश्चितताओं के लिए हमेशा तैयार रहे सेना: राजनाथ

defence minister rajnath singh

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना की अभियान संबंधी तैयारियों के उच्च मानकों के लिए उसकी तारीफ की और कहा कि सेना को हमेशा अनिश्चितताओं के लिए तैयार रहना चाहिए। सेना के शीर्ष कमांडरों को बुधवार को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने पूर्वी लद्दाख (एलएसी) के हालात का जिक्र किया और कहा कि विवाद के शांतिपूर्ण समाधान के लिए दोनों पक्षों के बीच वार्ता सभी स्तरों पर जारी रहेगी।दिल्ली में सोमवार से शुरू हुए पांच दिवसीय सैन्य कमांडर सम्मेलन में चीन के साथ लगी सीमाओं समेत अन्य मोर्चों पर संभावित राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर विचार करते हुए सेना की समग्र लड़ाकू क्षमताओं को मजबूत करने पर बातचीत की जा रही है।

केसीआर परिवार के भ्रष्टाचार की चर्चाएं दिल्ली तक : राजनाथ

तेलंगाना में भाजपा विधायक एटाला राजेंदर के हुजूराबाद निर्वाचन क्षेत्र के जम्मीकुंटा में भाजपा की एक रैली आयोजित हुई। जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शिरकत की। रैली को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने तेलंगाना सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव के शासन में सत्ता का भरपूर दुरुपयोग हो रहा है। इनके शासनकाल में भ्रष्टाचार तेजी से बढ़ रहा है। इनके भ्रष्टाचार की चर्चा न केवल तेलंगाना तक बल्कि दिल्ली तक हो रही है।

राजनाथ सिंह ने दावा किया कि जब गुजरात और देश के अन्य राज्य नौ से दस सालों में विकास कर लेते हैं, तो तेलंगाना का विकास क्यों नहीं हुआ है। जबकि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ रही है। राजनाथ सिंह ने दावा करते हुए कहा कि मोदी शासन में महिलाओं को अवसर मिल रहे हैं, उन्होंने कहा कि हाल ही में संसद में पारित महिला आरक्षण विधेयक 2029 या 2026 तक लागू हो सकता है।

रणनीतिक साझेदारी को ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी: राजनाथ

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह फ्रांस के दौरे पर हैं। पेरिस में पांचवें वार्षिक भारत-फ्रांस रक्षा संवाद में रक्षा औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर व्यापक बातचीत हुई। इस दौरान फ्रांस के सशस्त्र बलों के मंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू भी मौजूद रहे।रक्षा मंत्री ने गुरुवार को कहा, दोनों देशों के मंत्रियों ने रक्षा औद्योगिक सहयोग, क्षेत्रीय स्थिति के आकलन समेत की मुद्दों पर चर्चा की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और फ्रांस ने साइबर स्पेस और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसे खास क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की। साथ ही उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी आज पहले से कही अधिक प्रासंगिक है।

Rajnath Singh: করোনায় আক্রান্ত প্রতিরক্ষা মন্ত্রী রাজনাথ সিং

Today the air defence missile (MRSAM) System was handed to Indian Air Force at an induction ceremony in Jaisalmer

আবারও করোনার হানা রাজনৈতিক জগতে। এবার করোনায় আক্রান্ত হলেন খোদ দেশের প্রতিরক্ষা মন্ত্রী রাজনাথ সিং। নিজেই টুইট করে সে খবর সকলকে জানিয়েছেন মন্ত্রী ।

এদিন রাজনাথ সিং টুইট করে জানান, ‘আজ আমার করোনা ধরা পড়েছে, সেইসঙ্গে হালকা উপসর্গ রয়েছে। আমি আপাতত হোম কোয়ারেন্টাইনে রয়েছি। সাম্প্রতিক সময়ে যারাই আমার সংস্পর্শে এসেছেন তাঁদের প্রতি অনুরোধ যে তাঁরাও যেন নিজেদের টেস্ট করিয়ে নেন।’

প্রসঙ্গত, চলমান করোনার তৃতীয় ঢেউ ও ওমিক্রনের আবহে দিল্লির মুখ্যমন্ত্রী সহ অনেক নেতা মন্ত্রী করোনার কবলে পড়েছেন।

উল্লেখ্য, গত ৮ জানুয়ারি ভারতের প্রতিরক্ষা মন্ত্রী একটি ওয়েবিনারে ভাষণ দিয়েছিলেন যেখানে ১০০টি নতুন সৈনিক স্কুলকে মেয়েদের সশস্ত্র বাহিনীতে যোগদানের সুযোগ দেওয়া হয়েছিল।

এদিকে সোমবার কেন্দ্রীয় স্বাস্থ্য মন্ত্রকের তরফ থেকে দেওয়া তথ্য অনুযায়ী, বিগত ২৪ ঘন্টায় দেশে করোনায় আক্রান্ত হয়েছেন ১ লক্ষ ৭৯ হাজার ৭২৩ জন। একদিনে করোনায় আক্রান্ত হয়ে মৃত্যু হয়েছে ১৪৬ জনের। গতকাল সেখানে মৃত্যু সংখ্যা ছিল ৩২৭ জন। এর ফলে এক ধাক্কায় বাড়ল সক্রিয় রোগীর সংখ্যা। দেশে বর্তমানে সক্রিয় করোনা রোগীর সংখ্যা হল ৭ লক্ষ ২৩ হাজার ৬১৯ জন।

Rajnath Singh: সেনাবাহিনীতে মেয়েদের অবদানও অপরিহার্য

বড় ঘোষণা করলেন কেন্দ্রীয় প্রতিরক্ষা মন্ত্রী রাজনাথ সিং। এক ভিডিও কনফারেন্সিং-এর মাধ্যমে প্রতিরক্ষামন্ত্রী বলেন, ১০০টি নতুন সৈনিক স্কুল স্থাপন করবে সরকার। আর সরকারের এই সিদ্ধান্ত মেয়েদের সশস্ত্র বাহিনীতে যোগ দেওয়ার এবং জাতীয় নিরাপত্তায় অবদান রাখার সুযোগ করে দেবে।

সরকার সশস্ত্র বাহিনীতে নারীদের ভূমিকা বাড়ানোর জন্য এবং সৈনিক বিদ্যালয়ে ভর্তির পথ পরিষ্কার করা এবং স্থায়ী কমিশন প্রদানসহ বেশ কয়েকটি পদক্ষেপ নেওয়া হয়েছে। তিনি আশ্বাস দেন, নতুন সৈনিক স্কুল স্থাপনের সিদ্ধান্ত মেয়েদের দেশের সেবা করার স্বপ্ন বাস্তবায়িত করতে উৎসাহিত করবে।কেন্দ্রীয় প্রতিরক্ষা মন্ত্রী পরামর্শ দেন যে, প্রতিরক্ষা বিভাগ এবং সৈনিক স্কুল সোসাইটির সমস্ত সৈনিক স্কুলকে তাদের কর্মক্ষমতা এবং নিরীক্ষার ভিত্তিতে র‍্যাঙ্কিংয়ের জন্য একটি প্রক্রিয়া তৈরি করা উচিত। আর এর ফলে স্কুলগুলির মধ্যে স্বাস্থ্যকর প্রতিযোগিতা গড়ে উঠবে, পাশাপাশি উদ্ভাবনী পদক্ষেপ চালু করার ক্ষেত্রেও উৎসাহ দেওয়া হবে। স্কুলে পাঠ্যক্রমের পাশাপাশি শিশুদের দেশপ্রেম ও জাতির প্রতি আনুগত্যের সম্মুখীন হতে হবে কারণ এটি তাদের চরিত্র গঠনে এবং দেশের উপকারের জন্য দরকার।

প্রসঙ্গত, ২০২১ সালের অক্টোবর মাসে কেন্দ্রীয় মন্ত্রিসভা ২০২২-২৩ শিক্ষাবর্ষ থেকে ১০০টি স্কুলকে প্রতিরক্ষা মন্ত্রকের অধীনে সৈনিক স্কুল সোসাইটির সঙ্গে সরকারি ও বেসরকারি খাতে যুক্ত করার অনুমোদন দেয়। রাজনাথ সিং বলেন, ‘সৈনিক’ ঐক্য, শৃঙ্খলা এবং ভক্তিকে সূচিত করে, ‘স্কুল’ হল শিক্ষার কেন্দ্র, তাই সৈনিক স্কুলগুলি শিশুদের সক্ষম নাগরিক করতে গুরুত্বপূর্ণ ভূমিকা পালন করছে এবং আগামী দিনেও করবে।

তিনি আরও বলেন, “সর্বশিক্ষা অভিযান এবং রাষ্ট্রীয় মাধ্যমিক শিক্ষা অভিযানের মতো বেশ কয়েকটি প্রকল্প চালানো হচ্ছে। ১০০টি নতুন সৈনিক স্কুল স্থাপন সেই দিকে আরেকটি গুরুত্বপূর্ণ পদক্ষেপ।”

Rajnath Singh: দেশকে ভবিষ্যতের যুদ্ধের জন্য তৈরি করছে ডিআরডিও

Rajnath Singh

নিউজ ডেস্ক, নয়াদিল্লি: হলিউডের বিভিন্ন ছবি এবং কল্পবিজ্ঞানের গল্পে ভবিষ্যতের যুদ্ধের (future war)চেহারাটা কেমন হতে পারে বারেবারেই তার একটা ইঙ্গিত দেওয়া হয়েছে। গোটা দুনিয়ায় যেভাবে প্রযুক্তির উন্নয়ন হচ্ছে তাতে আগামী দিনে যুদ্ধের গতিপ্রকৃতিও যে একেবারেই পাল্টে যাবে সেটা মেনে নিয়েছেন বিশেষজ্ঞরা। এহেন পরিস্থিতিতে মঙ্গলবার এক অনুষ্ঠানে প্রতিরক্ষামন্ত্রী রাজনাথ সিং (Rajnath Singh) বলেন, দেশের নিরাপত্তাকে সর্বোচ্চ অগ্রাধিকার দিয়ে ভবিষ্যতের যুদ্ধের জন্য তৈরি হচ্ছে আমাদের প্রতিরক্ষা গবেষণা ও উন্নয়ন সংস্থা ডিআরডিও (drdo)।

মঙ্গলবার ডিআরডিও আয়োজিত ‘প্রিপেয়ারিং ফর ফিউচার’ (preoareing for future) শীর্ষক এক অনুষ্ঠানে রাজনাথ (rajnath sing) বলেন, বর্তমানে এবং আগত দিনে দেশ যে সমস্ত সম্ভাব্য বিপদের মুখে পড়তে পারে কিভাবে তার মোকাবিলা করা হবে সে ব্যাপারে প্রস্তুতি শুরু করে দিয়েছে ডিআরডিও। আগামী দিনে জীবনের প্রতিটি ক্ষেত্রে প্রযুক্তির ব্যবহার বহুগুণ বাড়বে। প্রযুক্তির ব্যবহার বাড়বে যুদ্ধক্ষেত্রেও। সে কথা মাথায় রেখেই প্রতিরক্ষা ক্ষেত্রেও কৃত্রিম বুদ্ধিমত্তা, তথ্যপ্রযুক্তি ও রোবটিক্স সংক্রান্ত বিষয় নতুন করে সংযোজন করা হয়েছে। এরই মধ্যে আরও একটি নতুন বিষয় নিয়ে কাজ শুরু করেছে এই প্রতিরক্ষা গবেষণা প্রতিষ্ঠান।

বিভিন্ন বেসরকারি সংস্থাও যাতে প্রতিরক্ষা সংক্রান্ত গবেষণা ও উন্নয়নের কাজ কাজ করতে পারে তার জন্য অনুমোদন দেওয়ার সিদ্ধান্ত নিয়েছে ডিআরডিও। আগামী দিনে দেশের এই উল্লেখযোগ্য প্রতিষ্ঠানের বিজ্ঞানীরা প্রতিরক্ষা ব্যবস্থাকে আরও মজবুত ও অত্যাধুনিক করে তুলবেন। ভবিষ্যতের প্রতিরক্ষা ব্যবস্থাকে আরও তথ্য প্রযুক্তি নির্ভর করে তুলবেন, পাল্টে দেবেন আজকের চেহারা।

উল্লেখ্য, ডিআরডিও সম্প্রতি একাধিক অত্যাধুনিক যুদ্ধাস্ত্রের সফল পরীক্ষা চালিয়েছে। দেশের প্রতিরক্ষা ব্যবস্থাকে আরও শক্তিশালী করে তোলার পিছনে ডিআরডিও অবদান অনস্বীকার্য। মাস দুয়েক আগেই অগ্নি-৫ মিসাইলের সফল উৎক্ষেপণ করেছে। গত সপ্তাহে রকেট লঞ্চার সিস্টেম পিনাকা এবং অত্যাধুনিক টর্পেডো বহনকারী স্মার্ট মিসাইলেরও সফল উৎক্ষেপণ চালিয়েছে ডিআরডিও। যদিও প্রতিরক্ষা মন্ত্রক এবং ডিআরডিও স্পষ্টভাবে জানিয়ে দিয়েছে, আগামী দিনের যুদ্ধে কোনভাবেই ভারত পারমাণবিক অস্ত্র ব্যবহার করবে না।

Defence: সেনা ও তার পরিবারের উন্নতির প্রতি সমাজের দায়বদ্ধতা আছে: রাজনাথ সিং

defence minister rajnath singh

নিউজ ডেস্ক, নয়াদিল্লি: সেনাবাহিনীর সদস্যরা গোটা দেশের সুরক্ষা ও নিরাপত্তা নিশ্চিত করছেন। সেনা জওয়ানরা আছেন বলেই দেশের মানুষ নিরাপদে রাতে ঘুমোতে পারেন। সেনারা যেমন দেশের সেবা করছেন তেমনই সেনা ও তাঁদের পরিবারের উন্নতির প্রতি সমাজেরও একটা দায়বদ্ধতা রয়েছে। যে সকল বীর জওয়ান দেশের জন্য আত্মবলিদান দিয়েছেন তাঁদের পরিবারকে ভাল রাখার নৈতিক দায়িত্ব সমাজের প্রতিটি মানুষের উপরেই বর্তায়। কারণ আমাদের মনে রাখা উচিত, দেশবাসীকে সুরক্ষা দিতে গিয়েই জওয়ানরা শহিদ হয়েছেন।দিল্লিতে সশস্ত্র জওয়ানদের এক অনুষ্ঠানে এই মন্তব্য করেছেন কেন্দ্রীয় প্রতিরক্ষামন্ত্রী রাজনাথ সিং (Defence Minister Rajnath Singh)।

ওই অনুষ্ঠানে রাজনাথ স্পষ্ট বলেন, যেভাবে সেনা জওয়ানরা দেশের প্রতিটি মানুষের জীবনে নিরাপত্তা ও সুরক্ষা দেন একই রকমভাবে আমাদেরও তাঁদের কিছু ফিরিয়ে দেওয়া উচিত। আমাদেরকে সুরক্ষা দিতে গিয়েই প্রতিবছর বহু জওয়ান শহিদ হন। এই শহিদ জওয়ানদের পরিবারকে ভাল রাখার দায়িত্ব আমার-আপনার সকলের। আমাদের মনে রাখা উচিত, জওয়ানরা যদি আমাদের নিরাপত্তার দিকটি না ভাবতেন তাহলে কিন্তু তাঁরা কখনওই শহিদ হতেন না। তাঁরা অনায়াসেই আত্মরক্ষা করতে পারতেন। কিন্তু তাঁরা সেটা না করে নির্ভয়ে মৃত্যুর দিকে এগিয়ে গিয়েছেন। সেনা জওয়ানদের এই অবদান আমরা কোনওভাবেই ভুলতে পারি না। কৃতজ্ঞতাবশতই এই সমস্ত জওয়ানদের পরিবারের পাশে থাকা দরকার। মৃত জওয়ানদের পরিবারের সুখ-স্বাচ্ছন্দ ও নিরাপত্তা সুনিশ্চিত করতে প্রতিবেশীদের এগিয়ে আসা উচিত।

ওই অনুষ্ঠানে রাজনাথ সরাসরি পাকিস্তানের নাম না করে বলেন, আমাদের কিছু প্রতিবেশী দেশ নিজেদের উন্নয়নের কথা ভাবে না। সে দেশের মানুষ অনাহারে, অপুষ্টিতে দিন কাটালেও তাঁদের জীবনযাত্রার মানোন্নয়ন নিয়ে কোনও ভাবনাচিন্তা করে না। তাদের একমাত্র লক্ষ্য হল জঙ্গিদের মদত জুগিয়ে চলা। আসলে এই প্রতিবেশী দেশটি আমাদের দেখে হিংসায় জ্বলে যাচ্ছে। স্বাধীনতার ৭৫ বছরে ভারত যখন গোটা বিশ্বের সামনে নিজেদেরকে মেলে ধরেছে, গোটা বিশ্বকে বাধ্য করেছে ভারতকে সমীহ করতে তখন সেই দেশ ক্রমশ পিছিয়ে চলেছে। শুধু তাই নয়, বিভিন্ন আন্তর্জাতিক মঞ্চে ভারতের গায়ে কালি ছেটাতে গিয়ে তারা আরও বেশি করে একঘরে হয়ে পড়েছে কিন্তু তাতেও ওই দেশের কোন শিক্ষা নেই। লজ্জা বোধ নেই।

রাজনাথ পাকিস্তানকে কটাক্ষ করে আরও বলেন, আমাদের প্রতিবেশী দেশের হিংসা ও উস্কানিমূলক আচরণের জন্যই আমাদের অস্ত্রশস্ত্র বাবদ বিপুল খরচ করতে হয়। কিন্তু প্রতিবেশী দেশটি যদি অস্ত্রের পিছনে না ছুটে জঙ্গিদের হাতে অর্থ তুলে দিতে গিয়ে অর্থের অপচয় না করত তবে সেই অর্থ দিয়ে তারা দেশের উন্নয়ন করতে পারত। একই কথা প্রযোজ্য আমাদের ক্ষেত্রেও। কারণ আমরাও প্রতিবছর অস্ত্র কিনতে বিপুল টাকা খরচ করি। তবে আমরা কিন্তু শখ করে এই কাজ করি না। আমরা নিজেদের আত্মরক্ষার্থেই অস্ত্র কিনে থাকি। কিন্তু আমরা যে টাকা দিয়ে প্রতিবছর অস্ত্র কিনি সেই টাকা দেশের উন্নয়নের পিছনে খরচ করা গেলে আমরা আরও অনেক এগিয়ে যেতে পারতাম।

Rajnath Singh: পাকিস্তান না শোধরালে সীমান্ত অতিক্রম করে জবাব দেবে ভারত: প্রতিরক্ষা মন্ত্রী

Rajnath Singh

News Desk, New Delhi: এর আগেও একাধিকবার পাকিস্তানকে অনুরোধ করা হয়েছে তারা যেন জঙ্গিদের মদত না দেয়। কিন্তু তারা কোন কথা শোনেনি। বরং কাশ্মীর নিয়ে তারা আন্তর্জাতিক মঞ্চে দৌড়ে বেরিয়েছে। তাতেও তাদের লাভের লাভ কিছু হয়নি। সব দিক থেকে ব্যর্থ হয়ে পাকিস্তান কাশ্মীরে জঙ্গি অনুপ্রবেশ সব ধরনের সাহায্য করছে।

কিন্তু পাকিস্তান যদি তাদের এই ভুল অবিলম্বে শুধরে না নেয় তবে ভারত নীরব দর্শক হয়ে বসে থাকবে না। প্রয়োজনে সীমান্ত পেরিয়ে সন্ত্রাসবাদের বিরুদ্ধে যথাযথ ব্যবস্থা নেবে। পাকিস্তানকে কড়া ভাষায় এই হুমকি দিলেন দেশের প্রতিরক্ষা মন্ত্রী রাজনাথ সিং (Rajnath Singh)।

শনিবার এক অনুষ্ঠানে রাজনাথ বলেন, ২০১৯ সালের ৫ অগাস্ট কাশ্মীর থেকে ৩৭০ ধারা প্রত্যাহার করার পর ভূস্বর্গের পরিস্থিতি অনেকটাই শান্ত। ৩৭০ ধারা তুলে নেওয়ার পর সন্ত্রাসবাদীরা বিপাকে পড়েছে। কিন্তু পাকিস্তানের এটা সহ্য হচ্ছে না। ইমরান খান সরকারের আমলে সেদেশে মুদ্রাস্ফীতির হার ও নিত্যপ্রয়োজনীয় জিনিসের মূল্য বৃদ্ধি ৭০ বছরের রেকর্ড ভেঙে দিয়েছে। নিত্য প্রয়োজনীয় জিনিসপত্র সাধারণ মানুষের আয়ত্বের বাইরে চলে গিয়েছে।

এই মুহূর্তে পাকিস্তানে যা পরিস্থিতি তাতে বলা যায় সে দেশের গরিব মানুষ দু’বেলা পেটপুরে খেতে পাচ্ছে না। কিন্তু সেই সমস্যার সমাধান না করে পাকিস্তান ভারতের বিরুদ্ধে ছায়াযুদ্ধ চালিয়ে যাচ্ছে। তারা জঙ্গিদের সব ধরনের সাহায্য করছে। তবে পাকিস্তান যদি আমাদের ভদ্রতাকে দুর্বলতা ভেবে নেয় তাহলে তারা ভুল করবে। প্রয়োজনে আমরা সীমান্ত অতিক্রম করে সন্ত্রাসবাদের ঘাঁটি গুঁড়িয়ে দিতে দ্বিতীয়বার ভাববো না। আমরা যে কি করতে পারি সে অভিজ্ঞতা পাকিস্তানের আছে তাই তাদের উচিত বুঝেশুনে পথ চলা।

ইসলামাবাদের বিরুদ্ধে বিষোদগার করে রাজনাথ আরও বলেন, কাশ্মীর নিয়ে পাকিস্তান তো সব ধরনের আন্তর্জাতিক মঞ্চে বহু ছুটোছুটি করেছে। কিন্তু কোনও দেশকেই তারা পাশে পায়নি। বরং কাশ্মীর ইস্যুতে আন্তর্জাতিক মঞ্চে বারবার মুখ পুড়িয়েছে ইমরান সরকার। কিন্তু তাতেও তাদের শিক্ষা হয়নি। পাকিস্তানের মনে রাখা উচিত, কেন্দ্রে এখন আর কংগ্রেস সরকার নেই।

কংগ্রেস সরকার জঙ্গিদের বিরুদ্ধে নরম মনোভাব দেখাত। কিন্তু প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদি শক্ত ধাতের মানুষ। তিনি জঙ্গিদের উপযুক্ত জবাব দেওয়ার জন্য সেনা বাহিনীকে নির্দেশ দিয়ে রেখেছেন। সন্ত্রাসবাদীরা যেন মনে রাখে তারা যদি সীমান্তের এপারে একজন মানুষকেও খুন করে থাকে তবে তাদেরও পাল্টা রক্ত দেওয়ার জন্য প্রস্তুত থাকতে হবে।